पाश्चात्य काव्यशास्त्र के संदर्भ में निम्नलिखित में से सही कथन कौन सा/से है हैं?
A. अरस्तू ने त्रासदी के 6 अनिवार्य अंग स्वीकार किए कथानक, चरित्र, पदावली, विचार, गीत, संगीत व्यवस्था।
B. कॉलरिज ने कल्पना के 2 भेद माने मुख्य कल्पना तथा गौण कल्पना। दोनों में अंतर परिणाम एवं कार्यप्रणाली के स्तर पर होता है।
C. इलियट ने परंपरा और व्यक्ति प्रज्ञा निबंध में घोषणा की 'कविता कवि व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति नहीं, व्यक्तित्व से पलायन है।
D. आई. ए. रिचर्ड्स ने वृत्तियों को दो वर्गों में बाँटा - अनुकूल एषणा एवं आनुपातिक एषणा।
E. प्रेक्टिकल क्रिटिसिज्म में अर्थ विचार करते हुए रिचर्ड्स ने चार प्रकार के अर्थों का उल्लेख किया - वाच्यार्थ, भावना, बोधय के प्रति अभिवृत्ति, अभिप्राय।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
- AOption (a)
केवल B, C एवं E
- BOption (b)
केवल B, D एवं E
- COption (c)
केवल A, B एवं C
- DOption (d)
केवल C, D एवं E
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Correct answer
केवल B, C एवं E
Why this answer is correct
सही उत्तर है - केवल B, C एवं E
Key Pointsपाश्चात्य काव्यशास्त्र के संदर्भ में सही कथन -
- B. कॉलरिज ने कल्पना के 2 भेद माने मुख्य कल्पना तथा गौण कल्पना। दोनों में अंतर परिणाम एवं कार्यप्रणाली के स्तर पर होता है।
- C. इलियट ने परंपरा और व्यक्ति प्रज्ञा निबंध में घोषणा की 'कविता कवि व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति नहीं, व्यक्तित्व से पलायन है।
- E. प्रेक्टिकल क्रिटिसिज्म में अर्थ विचार करते हुए रिचर्ड्स ने चार प्रकार के अर्थों का उल्लेख किया - वाच्यार्थ, भावना, बोधय के प्रति अभिवृत्ति, अभिप्राय।
त्रुटि रहित वाक्य -
- A. अरस्तू ने त्रासदी के प्रमुख छः अंग बतायें हैं- कथानक, चरित्र-चित्रण, पद रचना, विचार तत्व, संगीत और दृश्य विधान।
- D. आई. ए. रिचर्ड्स के अनुसार साहित्य का उद्देश्य मनुष्य की वृत्तियों में सन्तुलन स्थापित करना है।
- वृत्तियों के जिस सामंजस्य और संतुलन को रिचर्ड्स ने. मूल्य माना है, उसमें आनंद की भूमिका नहीं है।
Additional Informationपाश्चात्य काव्यशास्त्र के बारे -
- यूनान पाश्चात्य काव्यशास्त्र और दर्शन का स्रोत माना जाता है
- और प्लेटो को पाश्चात्य काव्यशास्त्रीय परंपरा का आरंभिक दार्शनिक।
- पाश्चात्य काव्यशास्त्र का जन्म यूनान में, विशेष रूप से एथेन्स में हुआ।
- जहाँ सुकरात, प्लेटो और अरस्तू निवास करते थे।
- काव्यशास्त्र ही नहीं, वरन् पाश्चात्य दर्शन, साहित्य, गणित,
- जीव विज्ञान, भौतिक विज्ञान का जन्म भी यूनान में ही हुआ।