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Question 51

UPSSSC Stenographer 2025• Full Test

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।

आज हिंदी भाषा जिस रूप में बोली और समझी जाती है वह खड़ी बोली का ही साहित्यिक भाषा रूप है, जिसका विकास मुख्यत: उन्नीसवीं शताब्दी में हुआ । खड़ी बोली का प्राचीन रूप दसवीं शताब्दी से मिलता है किन्तु चौदहवीं शताब्दी के प्रारंभ में अमीर खुसरो ने पहली बार खड़ी बोली में कविता की रचना की । मध्यकाल तक खड़ी बोली मुख्यतः बोलचाल की भाषा के रूप में ही प्रचलित थी । उस युग में ब्रजभाषा और अवधी काव्य की भाषा थी । ब्रजभाषा को सूरदास ने, अवधी को तुलसीदास ने और मैथिली को विद्यापति ने सिंचित और पल्लवित किया । उस समय फारसी राजदरबार में राजकाज की भाषा हुआ करती थी । अत: इन्हीं कारणों से खड़ी बोली उपेक्षित-सी रही, लेकिन समस्त उत्तर भारत में जनसंपर्क की यही एकमात्र सशक्त भाषा थी ।

19 वीं और 20 वीं शताब्दी में जब ज्ञान-विज्ञान का प्रसार हुआ तो खड़ी बोली सहज रूप से सर्वग्राह्य भाषा के रूप में तथा जनसंपर्क की भाषा के रूप में उभर कर सामने आई क्योंकि यही सबसे अधिक व्यापक थी ।

संसार में अंग्रेजी व चीनी भाषा के बाद हिंदी बोलने वालों की संख्या सर्वाधिक है । मुद्रण के आविष्कार, भारत में अंग्रेजी गद्य साहित्य के प्रसार, राजनीतिक जागरूकता के उद्भव, पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन, जनसाधारण तक पहुँचने की आवश्यकता आदि कारणों ने खड़ी बोली से विकसित हिंदी को सम्पूर्ण भारत की सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली जनसम्पर्क की भाषा के रूप में स्थापित कर दिया । इसी अवधि में भारतेन्दु हरिश्चंद्र महावीर प्रसाद द्विवेदी और प्रेमचन्द आदि ने हिंदी गद्य को निखारने व परिष्कृत करने में योगदान दिया । जन समुदायों को संबोधित करने के लिए गाँधी, तिलक, दयानन्द सरस्वती आदि राजनैतिक और धार्मिक नेताओं ने हिंदी का प्रयोग किया ।

सन् 1949 ई. में संविधान में देश की राजभाषा के रूप में स्वीकृत होने के पश्चात् इसने अब एक राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्थान प्राप्त कर लिया है । देश के अधिकतर राज्यों में शासन और शिक्षा की भाषा हिंदी है। पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र ने इसे द्वितीय भाषा के रूप में मान्यता दी है ।

संसार में अंग्रेजी व _______ भाषा के बाद हिन्दी बोलने वालों की संख्या सर्वाधिक है ।

  1. AOption (a)

    ग्रीक

  2. BOption (b)

    रुसी

  3. COption (c)

    फ्रेंच

  4. DOption (d)

    चीनी

  5. EOption (e)

    उपर्युक्त में से कोई नहीं

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (d)D.

चीनी

Why this answer is correct

सही उत्तर- चीनी

Key Points

  • गद्यांश में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि संसार में अंग्रेजी व चीनी भाषा के बाद हिंदी बोलने वालों की संख्या सर्वाधिक है।
  • अतः रिक्त स्थान में चीनी शब्द उपयुक्त है।
  • इसलिए सही उत्तर विकल्प 4 (चीनी) है।

अन्य विकल्प:

  • ग्रीक: गद्यांश में इसका उल्लेख नहीं है।
  • रूसी: यह भी गद्यांश के अनुसार सही नहीं है।
  • फ्रेंच: इसका भी संदर्भ नहीं दिया गया है।
  • उपर्युक्त में से कोई नहीं: यह विकल्प गलत है क्योंकि सही उत्तर उपलब्ध है।

Question 52

UPSSSC Stenographer 2025• Full Test

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।

आज हिंदी भाषा जिस रूप में बोली और समझी जाती है वह खड़ी बोली का ही साहित्यिक भाषा रूप है, जिसका विकास मुख्यत: उन्नीसवीं शताब्दी में हुआ । खड़ी बोली का प्राचीन रूप दसवीं शताब्दी से मिलता है किन्तु चौदहवीं शताब्दी के प्रारंभ में अमीर खुसरो ने पहली बार खड़ी बोली में कविता की रचना की । मध्यकाल तक खड़ी बोली मुख्यतः बोलचाल की भाषा के रूप में ही प्रचलित थी । उस युग में ब्रजभाषा और अवधी काव्य की भाषा थी । ब्रजभाषा को सूरदास ने, अवधी को तुलसीदास ने और मैथिली को विद्यापति ने सिंचित और पल्लवित किया । उस समय फारसी राजदरबार में राजकाज की भाषा हुआ करती थी । अत: इन्हीं कारणों से खड़ी बोली उपेक्षित-सी रही, लेकिन समस्त उत्तर भारत में जनसंपर्क की यही एकमात्र सशक्त भाषा थी ।

19 वीं और 20 वीं शताब्दी में जब ज्ञान-विज्ञान का प्रसार हुआ तो खड़ी बोली सहज रूप से सर्वग्राह्य भाषा के रूप में तथा जनसंपर्क की भाषा के रूप में उभर कर सामने आई क्योंकि यही सबसे अधिक व्यापक थी ।

संसार में अंग्रेजी व चीनी भाषा के बाद हिंदी बोलने वालों की संख्या सर्वाधिक है । मुद्रण के आविष्कार, भारत में अंग्रेजी गद्य साहित्य के प्रसार, राजनीतिक जागरूकता के उद्भव, पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन, जनसाधारण तक पहुँचने की आवश्यकता आदि कारणों ने खड़ी बोली से विकसित हिंदी को सम्पूर्ण भारत की सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली जनसम्पर्क की भाषा के रूप में स्थापित कर दिया । इसी अवधि में भारतेन्दु हरिश्चंद्र महावीर प्रसाद द्विवेदी और प्रेमचन्द आदि ने हिंदी गद्य को निखारने व परिष्कृत करने में योगदान दिया । जन समुदायों को संबोधित करने के लिए गाँधी, तिलक, दयानन्द सरस्वती आदि राजनैतिक और धार्मिक नेताओं ने हिंदी का प्रयोग किया ।

सन् 1949 ई. में संविधान में देश की राजभाषा के रूप में स्वीकृत होने के पश्चात् इसने अब एक राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्थान प्राप्त कर लिया है । देश के अधिकतर राज्यों में शासन और शिक्षा की भाषा हिंदी है। पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र ने इसे द्वितीय भाषा के रूप में मान्यता दी है ।

मुख्यतः खड़ी बोली का विकास किस शताब्दी में हुआ ?

  1. AOption (a)

    चौदहवीं

  2. BOption (b)

    पंद्रहवीं

  3. COption (c)

    उन्नीसवीं

  4. DOption (d)

    आठरहवीं

  5. EOption (e)

    उपर्युक्त में से कोई नहीं

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (c)C.

उन्नीसवीं

Why this answer is correct

सही उत्तर- उन्नीसवीं

Key Points

  • गद्यांश में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि खड़ी बोली का साहित्यिक भाषा रूप का विकास मुख्यतः उन्नीसवीं शताब्दी में हुआ।
  • यद्यपि इसका प्राचीन रूप दसवीं शताब्दी से मिलता है, परन्तु व्यापक विकास उन्नीसवीं शताब्दी में हुआ।
  • अतः सही उत्तर विकल्प 3 (उन्नीसवीं) है।

अन्य विकल्प:

  • चौदहवीं: इस शताब्दी में अमीर खुसरो ने रचना की, पर विकास मुख्यतः नहीं हुआ।
  • पंद्रहवीं: गद्यांश में इसका उल्लेख नहीं है।
  • आठरहवीं: यह भी सही नहीं है।
  • उपर्युक्त में से कोई नहीं: यह विकल्प गलत है क्योंकि सही उत्तर उपलब्ध है।

Question 53

UPSSSC Stenographer 2025• Full Test

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।

आज हिंदी भाषा जिस रूप में बोली और समझी जाती है वह खड़ी बोली का ही साहित्यिक भाषा रूप है, जिसका विकास मुख्यत: उन्नीसवीं शताब्दी में हुआ । खड़ी बोली का प्राचीन रूप दसवीं शताब्दी से मिलता है किन्तु चौदहवीं शताब्दी के प्रारंभ में अमीर खुसरो ने पहली बार खड़ी बोली में कविता की रचना की । मध्यकाल तक खड़ी बोली मुख्यतः बोलचाल की भाषा के रूप में ही प्रचलित थी । उस युग में ब्रजभाषा और अवधी काव्य की भाषा थी । ब्रजभाषा को सूरदास ने, अवधी को तुलसीदास ने और मैथिली को विद्यापति ने सिंचित और पल्लवित किया । उस समय फारसी राजदरबार में राजकाज की भाषा हुआ करती थी । अत: इन्हीं कारणों से खड़ी बोली उपेक्षित-सी रही, लेकिन समस्त उत्तर भारत में जनसंपर्क की यही एकमात्र सशक्त भाषा थी ।

19 वीं और 20 वीं शताब्दी में ���ब ज्ञान-विज्ञान का प्रसार हुआ तो खड़ी बोली सहज रूप से सर्वग्राह्य भाषा के रूप में तथा जनसंपर्क की भाषा के रूप में उभर कर सामने आई क्योंकि यही सबसे अधिक व्यापक थी ।

संसार में अंग्रेजी व चीनी भाषा के बाद हिंदी बोलने वालों की संख्या सर्वाधिक है । मुद्रण के आविष्कार, भारत में अंग्रेजी गद्य साहित्य के प्रसार, राजनीतिक जागरूकता के उद्भव, पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन, जनसाधारण तक पहुँचने की आवश्यकता आदि कारणों ने खड़ी बोली से विकसित हिंदी को सम्पूर्ण भारत की सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली जनसम्पर्क की भाषा के रूप में स्थापित कर दिया । इसी अवधि में भारतेन्दु हरिश्चंद्र महावीर प्रसाद द्विवेदी और प्रेमचन्द आदि ने हिंदी गद्य को निखारने व परिष्कृत करने में योगदान दिया । जन समुदायों को संबोधित करने के लिए गाँधी, तिलक, दयानन्द सरस्वती आदि राजनैतिक और धार्मिक नेताओं ने हिंदी का प्रयोग किया ।

सन् 1949 ई. में संविधान में देश की राजभाषा के रूप में स्वीकृत होने के पश्चात् इसने अब एक राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्थान प्राप्त कर लिया है । देश के अधिकतर राज्यों में शासन और शिक्षा की भाषा हिंदी है। पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र ने इसे द्वितीय भाषा के रूप में मान्यता दी है ।

ब्रजभाषा को सूरदास जी ने, अवधी को तुलसीदास जी ने और मैथिली को किसने सिंचित और पल्लवित किया ?

  1. AOption (a)

    घनानंद

  2. BOption (b)

    विद्यापति

  3. COption (c)

    सरला दास

  4. DOption (d)

    रसखान

  5. EOption (e)

    उपर्युक्त में से कोई नहीं

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (b)B.

विद्यापति

Why this answer is correct

सही उत्तर- विद्यापति

Key Points

  • गद्यांश में स्पष्ट उल्लेख है कि ब्रजभाषा को सूरदास ने, अवधी को तुलसीदास ने और मैथिली को विद्यापति ने सिंचित और पल्लवित किया।
  • अतः दिए गए विकल्पों में सही उत्तर विकल्प 2 (विद्यापति) है।

अन्य विकल्प:

  • घनानंद: गद्यांश में इनका उल्लेख इस संदर्भ में नहीं है।
  • सरला दास: यह उत्तर गद्यांश के अनुसार सही नहीं है।
  • रसखान: इनका भी उल्लेख इस संदर्भ में नहीं किया गया है।
  • उपर्युक्त में से कोई नहीं: यह विकल्प गलत है क्योंकि सही उत्तर उपलब्ध है।

Question 54

UPSSSC Stenographer 2025• Full Test

निर्देश : निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।

आज हिंदी भाषा जिस रूप में बोली और समझी जाती है वह खड़ी बोली का ही साहित्यिक भाषा रूप है, जिसका विकास मुख्यत: उन्नीसवीं शताब्दी में हुआ । खड़ी बोली का प्राचीन रूप दसवीं शताब्दी से मिलता है किन्तु चौदहवीं शताब्दी के प्रारंभ में अमीर खुसरो ने पहली बार खड़ी बोली में कविता की रचना की । मध्यकाल तक खड़ी बोली मुख्यतः बोलचाल की भाषा के रूप में ही प्रचलित थी । उस युग में ब्रजभाषा और अवधी काव्य की भाषा थी । ब्रजभाषा को सूरदास ने, अवधी को तुलसीदास ने और मैथिली को विद्यापति ने सिंचित और पल्लवित किया । उस समय फारसी राजदरबार में राजकाज की भाषा हुआ करती थी । अत: इन्हीं कारणों से खड़ी बोली उपेक्षित-सी रही, लेकिन समस्त उत्तर भारत में जनसंपर्क की यही एकमात्र सशक्त भाषा थी ।

19 वीं और 20 वीं शताब्दी में जब ज्ञान-विज्ञान का प्रसार हुआ तो खड़ी बोली सहज रूप से सर्वग्राह्य भाषा के रूप में तथा जनसंपर्क की भाषा के रूप में उभर कर सामने आई क्योंकि यही सबसे अधिक व्यापक थी ।

संसार में अंग्रेजी व चीनी भाषा के बाद हिंदी बोलने वालों की संख्या सर्वाधिक है । मुद्रण के आविष्कार, भारत में अंग्रेजी गद्य साहित्य के प्रसार, राजनीतिक जागरूकता के उद्भव, पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन, जनसाधारण तक पहुँचने की आवश्यकता आदि कारणों ने खड़ी बोली से विकसित हिंदी को सम्पूर्ण भारत की सर्वाधिक प्रयोग की जाने वाली जनसम्पर्क की भाषा के रूप में स्थापित कर दिया । इसी अवधि में भारतेन्दु हरिश्चंद्र महावीर प्रसाद द्विवेदी और प्रेमचन्द आदि ने हिंदी गद्य को निखारने व परिष्कृत करने में योगदान दिया । जन समुदायों को संबोधित करने के लिए गाँधी, तिलक, दयानन्द सरस्वती आदि राजनैतिक और धार्मिक नेताओं ने हिंदी का प्रयोग किया ।

सन् 1949 ई. में संविधान में देश की राजभाषा के रूप में स्वीकृत होने के पश्चात् इसने अब एक राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्थान प्राप्त कर लिया ह��� । देश के अधिकतर राज्यों में शासन और शिक्षा की भाषा हिंदी है। पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र ने इसे द्वितीय भाषा के रूप में मान्यता दी है ।

किस कवि ने चौदहवीं शताब्दी के प्रारंभ में खड़ी बोली में कविता की रचना की ?

  1. AOption (a)

    अमीर खुसरो

  2. BOption (b)

    सरला दास

  3. COption (c)

    विध्यति

  4. DOption (d)

    दूर्जट

  5. EOption (e)

    उपर्युक्त में से कोई नहीं

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Correct answer

Answer: (a)A.

अमीर खुसरो

Why this answer is correct

सही उत्तर- अमीर खुसरो

Key Points

  • गद्यांश में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि चौदहवीं शताब्दी के प्रारंभ में अमीर खुसरो ने पहली बार खड़ी बोली में कविता की रचना की।
  • अतः सही उत्तर विकल्प 1 (अमीर खुसरो) है।

अन्य विकल्प:

  • सरला दास: गद्यांश के अनुसार सही नहीं है।
  • विद्यापति: इन्होंने मैथिली को सिंचित और पल्लवित किया, खड़ी बोली में प्रारंभिक रचना नहीं की।
  • दूर्जट: इनका उल्लेख इस संदर्भ में नहीं है।
  • उपर्युक्त में से कोई नहीं: यह विकल्प गलत है क्योंकि सही उत्तर उपलब्ध है।

Question 55

UPSSSC Stenographer 2025• Full Test

'नाच' तद्भव शब्द है, उसका तत्सम शब्द _______ है |

  1. AOption (a)

    दस

  2. BOption (b)

    नव

  3. COption (c)

    नृत्य

  4. DOption (d)

    नेह

  5. EOption (e)

    उपर्युक्त में से कोई नहीं

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Correct answer

Answer: (c)C.

नृत्य

Why this answer is correct

सही उत्तर है**- नृत्य**। 

Key Points

  • तत्सम (तत् + सम = उसके समान) आधुनिक भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त ऐसे शब्द जिनको संस्कृत से बिना कोई रूप बदले ले लिया गया है।
  • तद्भव शब्द वे शब्द जो संस्कृत से हिन्दी में आये परन्तु धीरे-धीरे परिवर्तित हो गये।
  • जैसे - दधि से दही क्षेत्र से खेत हस्ती से हाथी कंटक से काँटा सर्प से साँप आदि।

अन्य विकल्प :

तत्सम  शब्दतद्भव शब्द
दशदस
नवनौ
स्नेहनेह

Additional Informationअन्य उदाहरण:

तत्सम  शब्दतद्भव शब्द
अनार्यअनाड़ी
अगम्यअचरज
अक्षरअच्छर
अग्निआग
आमलकआँवला
अमूल्यअमोल
आश्विनआसोज

Question 56

UPSSSC Stenographer 2025• Full Test

'जो अनुकरण करने योग्य हो' उसे ______ कहते हैं ।

  1. AOption (a)

    अनुकरणीय

  2. BOption (b)

    अकथनीय

  3. COption (c)

    अज्ञेय

  4. DOption (d)

    अभूतपूर्व

  5. EOption (e)

    उपर्युक्त में से कोई नहीं

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Correct answer

Answer: (a)A.

अनुकरणीय

Why this answer is correct

सही उत्तर है**- अनुकरणीय**।

Key Points

  • अनुकरणीय' का अर्थ है - नकल करने योग्य।
  • वाक्यांश शब्दों का वह समूह है जो वाक्य का हिस्सा तो होता हैलेकिन अपने आप में पूर्ण अर्थ नहीं देता।
  • इसमें कर्ता और क्रिया का अभाव होता है और यह संज्ञाविशेषण या क्रियाविशेषण की तरह कार्य करता है।

अन्य विकल्प :

वाक्यांशशब्द
जिसे शब्दों में न कहा जा सकेअकथनीय
जिसे जाना न जा सकेअज्ञेय
जो पहले घटित न हुआ हो"अभूतपूर्व

  

Additional Informationवाक्यांश के अन्य उदहारण :

वाक्यांशशब्द
जो पढ़ा-लिखा न होअनपढ़
जिसका कोई शत्रु न होअजातशत्रु
जो कम जानता होअल्पज्ञ
जो बहुत बोलता होवाचाल
जो सब कुछ जानता होसर्वज्ञ
जो कभी न मरेअमर

Question 57

UPSSSC Stenographer 2025• Full Test

'इंटरनेट क्रांति' निबंध में इंटरनेट के बारे में चर्चा की है, इंटरनेट का अर्थ _______ है ।

  1. AOption (a)

    संबंध

  2. BOption (b)

    नजरिया

  3. COption (c)

    अंतर्जाल

  4. DOption (d)

    जानकारी

  5. EOption (e)

    उपर्युक्त में से कोई नहीं

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (c)C.

अंतर्जाल

Why this answer is correct

सही उत्तर है - अंतर्जाल

Key Points

  • इंटरनेट दुनिया भर के कंप्यूटरों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का एक विशाल वैश्विक नेटवर्क है, जो उन्हें आपस में जोड़ता है
  • जो उन्हें आपस में जोड़ता है और सूचनाओं (जैसे टेक्स्ट, इमेज, वीडियो) और सेवाओं के आदान-प्रदान की सुविधा देता है
  • अंतरजाल का अर्थ - भिन्न भिन्न कंप्यूटर से बना हुआ एक बहुत बड़ा सम्बंध है।
  • इसमें दुनिया के अलग अलग कोने में स्थित कम्प्यूटर www के माध्यम से जुड़े रहते हैं।

Additional Informationअन्य विकल्पं :

  • संबंध का अर्थ - है दो या अधिक व्यक्तियोंवस्तुओंया विचारों के बीच का एक ऐसा अटूट बंधनरिश्ताया जुड़ाव जो उन्हें परस्पर जोड़ता है।
  • नजरिया का अर्थ - किसी व्यक्तिवस्तु या परिस्थिति को देखने का विशेष दृष्टिकोणसोचविचारधारा या दृष्टिकोण है।
  • जानकारी का अर्थ - किसी तथ्य वस्तु घटना या व्यक्ति के संबंध में डेटा (आँकड़ों) के प्रसंस्करण और व्यवस्था के बाद प्राप्त अर्थपूर्ण ज्ञान है।

Question 58

UPSSSC Stenographer 2025• Full Test

'अविष्कार' एक अशुद्ध शब्द है, निम्नलिखित शब्दों में से सही शब्द का चयन कीजिए ।

  1. AOption (a)

    आविष्कार 

  2. BOption (b)

    अविश्कार

  3. COption (c)

    अवीष्कार

  4. DOption (d)

    आविष्कर

  5. EOption (e)

    उपर्युक्त में से कोई नहीं

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Correct answer

Answer: (a)A.

आविष्कार 

Why this answer is correct

सही उत्तर है - आविष्कार 

Key Points

  • आविष्कार काअर्थ - किसी नई जानकारी के पाये जाने या पता करने की क्रिया का नाम है।
  • इस क्रिया में कुछ ऐसी जानकारी प्राप्त होती है जिसको रचनात्मक अन्तर्दृष्टि देकर उपयोगी बना दिया जाता है।

अन्य शुद्ध अशुद्ध शब्द :

अशुद्ध शब्दशुद्ध शब्द
कृप्याकृपया
कवियत्रीकवयित्री
गीनतीगिनती
जितेन्द्रियजितेंद्रिय
दिपावलीदीपावली
पत्निपत्नी
प्रर्दशनप्रदर्शन

Question 59

UPSSSC Stenographer 2025• Full Test

'अभिनेता' पुल्लिंग शब्द है, उसका स्त्रीलिंग रूप _______ है |

  1. AOption (a)

    अबिनेत्री

  2. BOption (b)

    अभिनय

  3. COption (c)

    अभिनेत्री 

  4. DOption (d)

    अभिनेती

  5. EOption (e)

    उपर्युक्त में से कोई नहीं

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Correct answer

Answer: (c)C.

अभिनेत्री 

Why this answer is correct

सही उत्तर है - अभिनेत्री। 

Key Points

  • हिंदी में "लिंग" शब्द का अर्थ संदर्भ के अनुसार अलग-अलग होता है। व्याकरण में, संज्ञा के जिस रूप से स्त्री या पुरुष जाति का पता चले, उसे लिंग कहते हैं।
  • जिसके मुख्य दो भेद हैं:  पुल्लिंग, स्त्रीलिंग।
  • संस्कृत में तीन लिंग होते हैं ।

लिंग के अन्य उदाहरण :

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
दादादादी
गायकगायिका
पितामाता
नरनारी
मोरमोरनी
नौकरनौकरानी
वरवधू
बैलगाय
बेटाबेटी

Question 60

UPSSSC Stenographer 2025• Full Test

______ writ is issued when the court finds that a particular office holder is not doing legal duty and thereby is infringing on the right of an individual.

  1. AOption (a)

    Quo Warranto

  2. BOption (b)

    Habeas corpus

  3. COption (c)

    Certiorari

  4. DOption (d)

    Mandamus

  5. EOption (e)

    None of the above

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (d)D.

Mandamus

Why this answer is correct

The correct answer is Mandamus.

Key Points

  • Mandamus is a Latin term that translates to "We Command" and is one of the five writs issued by the courts in India.
  • This writ is issued by a higher court (Supreme Court or High Court) to a lower court, tribunal, or public authority to perform its public duty or to rectify an action that violates legal rights.
  • The writ of Mandamus is primarily used to ensure that public officials or authorities perform their legal duties and do not infringe upon the rights of individuals.
  • It cannot be issued against private individuals or organizations; it is applicable only to public offices, institutions, or statutory bodies.
  • The purpose of Mandamus is to enforce the rule of law and ensure accountability in governance.

Additional Information

  • Quo Warranto:
  • This writ is issued to inquire into the legality of a claim made by a person to a public office.
  • It aims to prevent an unauthorized person from holding a public office and ensures that the office is occupied by someone legally entitled to it.
  • The court verifies whether the person has the legal authority to hold the position, and if not, they are removed.
  • Habeas Corpus:
  • Habeas Corpus translates to "You may have the body" and is issued to ensure the protection of personal liberty.
  • This writ is used when a person is unlawfully detained, and the court orders the authority to produce the detained person and justify the detention.
  • It safeguards individual freedom and prevents arbitrary arrests or wrongful imprisonment.
  • Certiorari:
  • Certiorari means "To be certified" and is issued by a higher court to a lower court or tribunal to transfer a case or quash an order.
  • This writ is invoked when a lower court or tribunal exceeds its jurisdiction or violates the principles of natural justice.
  • The objective is to correct errors in the lower court's decision-making process.