दिए गए अनुच्छेद से उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दें:
भारत का भूगर्भीय स्वरूप अत्यंत जटिल, बहुरूपी और वैज्ञानिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है। इस देश की भौगोलिक रचना में पर्वत, पठार, मैदान, मरुस्थल और तटीय क्षेत्र सम्मिलित हैं, जो इसे प्रकृति की दृष्टि से एक समृद्ध राष्ट्र बनाते हैं। देश की कुल भूमि का लगभग 43% भाग पठारी है, जिनमें विंध्य, सतपुड़ा और दक्कन पठार जैसे क्षेत्र प्रमुख हैं। ये पठारी क्षेत्र खनिज संपदा के लिए जाने जाते हैं। दूसरी ओर, 23% भूमि मैदानी क्षेत्र है जो मुख्यतः गंगा और ब्रह्मपुत्र जैसी नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ निक्षेप से बनी है और अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है। भारत का 10.7% भूभाग वनाच्छादित है, जो न केवल पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने में सहायक है बल्कि जैव विविधता और मानसून नियंत्रण में भी भूमिका निभाता है। मध्य प्रदेश वन क्षेत्र की दृष्टि से देश में अग्रणी है, जहाँ सघन जंगल और राष्ट्रीय उद्यान स्थित हैं। गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र और गोदावरी जैसी नदियाँ भारत की कृषि व्यवस्था की रीढ़ हैं। ये नदियाँ न केवल सिंचाई के लिए जल प्रदान करती हैं, बल्कि जनसंख्या की जलापूर्ति और जलविद्युत उत्पादन में भी सहायक हैं। जलवायु, कृषि, जीवनशैली और लोकसंस्कृति—इन सभी पर इन नदियों का गहरा प्रभाव पड़ता है। भारतीय उपमहाद्वीप को तीन प्रमुख भूगर्भिय खंडों में बाँटा गया है— हिमालय पर्वतीय क्षेत्र: यह भारत के उत्तर में स्थित है और बर्फ से आच्छादित श्रृंखलाएँ तथा जलवायु नियंत्रण की प्रमुख भूमिका निभाता है। उत्तरी मैदानी क्षेत्र: यह गंगा और ब्रह्मपुत्र के जलोढ़ मैदान हैं, जो कृषि के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं। दक्कन का पठार: यह प्राचीन चट्टानों से बना दक्षिण भारत का हिस्सा है, जो खनिज, ऊर्जा और वन संपदा से भरपूर है। इन भूगर्भिय संरचनाओं का भारत की जलवायु, कृषि व्यवस्था और जैव विविधता पर गहरा प्रभाव पड़ता है। उदाहरण के लिए, हिमालय पर्वत उत्तर दिशा से आने वाली ठंडी शीत हवाओं को रोकता है, जिससे भारत की जलवायु अपेक्षाकृत सम बनी रहती है — न ही अत्यधिक ठंड और न ही अत्यधिक गर्मी का प्रभाव पूरे देश में होता है। इसी प्रकार, पठारी और मैदानी क्षेत्रों का मिश्रण भारत को जल, खनिज, ऊर्जा और कृषि की दृष्टि से विविद्यतापूर्ण संसाधन प्रदान करता है।
निम्न में से कौन-से तीन प्रमुख भूगर्भीय खंड भारत में पाए जाते हैं?
- AOption (a)
गंगा, गोदाव��ी, यमुना
- BOption (b)
मैदान, तट, द्वीप
- COption (c)
हिमालय, उत्तरी मैदान, दक्कन पठार
- DOption (d)
विंध्य, सतपुड़ा, गारो
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Correct answer
हिमालय, उत्तरी मैदान, दक्कन पठार
Why this answer is correct
भारत में पाए जाने वाले तीन प्रमुख भूगर्भीय खंड हिमालय, उत्तरी मैदान और दक्कन पठार हैं।
Key Points
- दिए गए अनुच्छेद के अनुसार, भारतीय उपमहाद्वीप को तीन प्रमुख भूगर्भीय खंडों में बाँटा गया है।
- ये खंड निम्नलिखित हैं:
- हिमालय पर्वतीय क्षेत्र: यह भारत के उत्तर में स्थित है और जलवायु नियंत्रण में प्रमुख भूमिका निभाता है।
- उत्तरी मैदानी क्षेत्र: यह गंगा और ब्रह्मपुत्र के जलोढ़ मैदान हैं, जो कृषि के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं।
- दक्कन का पठार: यह प्राचीन चट्टानों से बना दक्षिण भारत का हिस्सा है, जो खनिज और ऊर्जा संपदा से भरपूर है।
अन्य विकल्पों का विश्लेषण -
- गंगा, गोदावरी, यमुना - ये भारत की प्रमुख नदियाँ हैं, न कि भूगर्भीय खंड।
- मैदान, तट, द्वीप - ये भौगोलिक आकृतियाँ हैं, लेकिन अनुच्छेद में बताए गए तीन विशिष्ट खंडों का सही समूह नहीं हैं।
- विंध्य, सतपुड़ा, गारो - ये पर्वत श्रृंखलाएँ और पहाड़ियाँ हैं जो पठारी और अन्य क्षेत्रों का हिस्सा हैं।
Important Points
- भारत की भौगोलिक रचना में 43% भाग पठारी है।
- मैदानी क्षेत्र जलोढ़ निक्षेप से बना है जो अत्यंत उपजाऊ होता है।
- हिमालय पर्वत उत्तर से आने वाली ठंडी शीत हवाओं को रोककर भारत की जलवायु को सम बनाए रखता है।
Additional Information
| भूगर्भीय खंड | प्रमुख विशेषता | महत्त्व |
|---|---|---|
| हिमालय | बर्फ से आच्छादित श्रृंखलाएँ | जलवायु नियंत्रण और नदियों का स्रोत। |
| उत्तरी मैदान | गंगा-ब्रह्मपुत्र का जलोढ़ क्षेत्र | कृषि व्यवस्था की रीढ़ और उपजाऊ भूमि। |
| दक्कन पठार | प्राचीन चट्टानी संरचना | खनिज, ऊर्जा और वन संपदा का भंडार। |