किण्डरगार्टन शिक्षण विधि के संबंध में सत्य कथन है :
- AOption (a)
यह एक अमनोवैज्ञानिक प्रणाली है।
- BOption (b)
यह उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए अधिक उपयोगी है।
- COption (c)
कुक महोदय ने इस विधि को निश्चित रूप प्रदान किया।
- DOption (d)
भाषा के व्याकरण एवं साहित्य की शिक्षा इस विधि से नहीं दी जा सकती।
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Correct answer
भाषा के व्याकरण एवं साहित्य की शिक्षा इस विधि से नहीं दी जा सकती।
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किण्डरगार्टन शिक्षण विधि- शिक्षक बच्चों के लिए गतिविधियों के लिए कई विकल्प प्रस्तुत करते हैं, जो उनकी आयु और प्रारंभिक शिक्षण के लिए उपयुक्त होते हैं, इसके लिए समस्याओं का हल किया जाता है, उनके पठन, भाषा, गणित आदि पर ध्यान दिया जाता है। यह योजना आमतौर पर तब बनायीं जाती है जब बच्चे क्लासरूम में जाते हैं। इसके बाद वे इस गतिविधि को "करते" हैं।
- यहाँ बच्चे भाषा सीखने के लिए प्रेरित होते हैं, शब्दों को पढ़ना सीखते हैं, अर्थग्रहण करते हैं।
- यहां पर उन्हें पहली बार नियमित रूप से खेलने का और बच्चों के एक ही समूह के साथ बातचीत करने का मौका मिलता है, जिससे उनकी अभिव्यक्ति का विकास होता है।
Key Points
- किंडरगार्टन शिक्षण विधि में भाषा शिक्षण के उद्देश्य, अर्थग्रहण, अभिव्यक्ति तथा सृजन शक्ति तीनों का साथ-साथ विकास होता है।
- 'फ्रेडरिक फ्रोबेल' एक जर्मन शिक्षाविद् थे, जिन्हें सबसे पहले 'किंडरगार्टन सिस्टम' के प्रवर्तक के रूप में जाना जाता है। जर्मन भाषा में किंडरगार्टन का शाब्दिक अर्थ है "बच्चों का बगीचा" (बालवाड़ी)।
- किंडरगार्टन की गतिविधियों को इस विचार के आधार पर तैयार किया गया था कि बच्चे खेल के माध्यम से सबसे अच्छी तरह से सीखते हैं।
- छोटे बच्चों के शिक्षण के लिए यह एक मनोवैज्ञानिक प्रणाली है।
- यह उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के लिए उपयोगी नहीं है, क्योंकि भाषा के व्याकरण एवं साहित्य की शिक्षा इस विधि से नहीं दी जा सकती।
अतः निष्कर्ष निकलता है कि भाषा के व्याकरण एवं साहित्य की शिक्षा इस विधि से नहीं दी जा सकती। किण्डरगार्टन शिक्षण विधि के संबंध में सत्य कथन है।