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Question 361

REET 2022• Hindi - II

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

हाथी से हाथी जूझ पड़े, भिड़ गये सवार सवारों से।

घोड़े पर घोड़े टूट पड़े, तलवार लड़ी तलवारों से।

हय रुण्ड गिरे, गज मुण्ड गिरे, कट कट अवनी पर शुण्ड गिरे।

लड़ते लड़ते अरि झुण्ड गिरे, भू पर हय विकल वितुण्ड गिरे।

मेवाड़ केसरी देख रहा, केवल रण का न तमाशा था।

वह दौड़ दौड़ करता था रण, वह मान रक्त का प्यासा था।

चढ़कर चेतक पर घूम-घूम, करता सेना रखवाली था।

ले महामृत्यु को साथ-साथ, मानो साक्षात कपाली था।

रण-बीच चौकड़ी भर-भर कर, चेतक बन गया निराला था।

राणा प्रताप के घोड़े से, पड़ गया हवा का पाला था।

गिरता न कभी चेतक तन पर, राणा प्रताप का कोड़ा था।

वह दौड़ रहा अरिमस्तक पर, या आसमान पर घोड़ा था ।

महाराणा प्रताप किसके रक्त के प्यासे थे?

  1. AOption (a)

    स्वाभिमान के संरक्षक के।

  2. BOption (b)

    सम्मान के आकांक्षी के।

  3. COption (c)

    मुगल सेनानायक मान सिंह के।

  4. DOption (d)

    अपमान से पीड़ित के।

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Correct answer

Answer: (c)C.

मुगल सेनानायक मान सिंह के।

Why this answer is correct

महाराणा प्रताप मुगल सेनानायक मान सिंह के रक्त के प्यासे थे।

  • पद्यांश के अनुसार:-
  • कविता में पंक्ति ​'वह मान रक्त का प्यासा था।' अर्थात महाराणा प्रताप मुगल सेनानायक मान सिंह के रक्त के प्यासे थे।

Key Pointsस्वाभिमान:-

  • अर्थ: स्वयं की प्रतिष्ठा या अभिमान, आत्मगौरव, निज गौरव, आत्मसम्मान।

संरक्षक:-

  • अर्थ: वह जो भरण-पोषण, देख-रेख आदि करता हो।

​सम्मान:- 

  • अर्थ: प्रतिष्ठा, मान, रुतबा, आदर, गौरव।
  • विलोम शब्द - 'अपमान'

आकांक्षी:-

  • इच्छा रखनेवाला, अपेक्षा रखनेवाला, खोजी।

Question 362

REET 2022• Hindi - II

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

हाथी से हाथी जूझ पड़े, भिड़ गये सवार सवारों से।

घोड़े पर घोड़े टूट पड़े, तलवार लड़ी तलवारों से।

हय रुण्ड गिरे, गज मुण्ड गिरे, कट कट अवनी पर शुण्ड गिरे।

लड़ते लड़ते अरि झुण्ड गिरे, भू पर हय विकल वितुण्ड गिरे।

मेवाड़ केसरी देख रहा, केवल रण का न तमाशा था।

वह दौड़ दौड़ करता था रण, वह मान रक्त का प्यासा था।

चढ़कर चेतक पर घूम-घूम, करता सेना रखवाली था।

ले महामृत्यु को साथ-साथ, मानो साक्षात कपाली था।

रण-बीच चौकड़ी भर-भर कर, चेतक बन गया निराला था।

राणा प्रताप के घोड़े से, पड़ गया हवा का पाला था।

गिरता न कभी चेतक तन पर, राणा प्रताप का कोड़ा था।

वह दौड़ रहा अरिमस्तक पर, या आसमान पर घोड़ा था ।

घोड़े का हवा से पाला पड़ने का आशय है

  1. AOption (a)

    बहुत तेज़ तूफान आना।

  2. BOption (b)

    तेज हवा की वजह से घोड़ा दौड़ नहीं पा रहा था।

  3. COption (c)

    हवा का रुक जाना।

  4. DOption (d)

    चेतक घोड़ा हवा के प्रबल वेग के समान तेज़ी से दौड़ रहा था।

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Correct answer

Answer: (d)D.

चेतक घोड़ा हवा के प्रबल वेग के समान तेज़ी से दौड़ रहा था।

Why this answer is correct

घोड़े का हवा से पाला पड़ने का आशय है- चेतक घोड़ा हवा के प्रबल वेग के समान तेज़ी से दौड़ रहा था।

  • पद्यांश के अनुसार:-
  • ​कविता में महाराणा प्रताप का चेतक घोड़ा हवा के प्रबल वेग के समान तेज़ी से दौड़ रहा था।

Key Points

  • प्रबल- शक्तिशाली, बलवान, ताकतवर, तेज, भारी, प्रचंड। 
  • विलोम शब्द - 'निर्बल'

Additional Informationहवा:- 

  • अर्थ: पवन, अनिल, समीर, वायु, बयार, पवमान, प्रभंजन, मातरिश्वा, समीरण।

घोड़ा:-

  • अर्थ: अश्व, घोटक, तुरंग, तुरग, बाजि, वाजि, सैंधव, हय।

Question 363

REET 2022• Hindi - II

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

हाथी से हाथी जूझ पड़े, भिड़ गये सवार सवारों से।

घोड़े पर घोड़े टूट पड़े, तलवार लड़ी तलवारों से।

हय रुण्ड गिरे, गज मुण्ड गिरे, कट कट अवनी पर शुण्ड गिरे।

लड़ते लड़ते अरि झुण्ड गिरे, भू पर हय विकल वितुण्ड गिरे।

मेवाड़ केसरी देख रहा, केवल रण का न तमाशा था।

वह दौड़ दौड़ करता था रण, वह मान रक्त का प्यासा था।

चढ़कर चेतक पर घूम-घूम, करता सेना रखवाली था।

ले महामृत्यु को साथ-साथ, मानो साक्षात कपाली था।

रण-बीच चौकड़ी भर-भर कर, चेतक बन गया निराला था।

राणा प्रताप के घोड़े से, पड़ गया हवा का पाला था।

गिरता न कभी चेतक तन पर, राणा प्रताप का कोड़ा था।

वह दौड़ रहा अरिमस्तक पर, या आसमान पर घोड़ा था ।

निम्नलिखित में से किस पंक्ति में नाद सौंदर्य है?

  1. AOption (a)

    मेवाड़ केसरी देख रहा, केवल रण का न तमाशा था।

  2. BOption (b)

    गिरता न कभी चेतक तन पर, राणा प्रताप का कोड़ा था।

  3. COption (c)

    राणा प्रताप के घोड़े से, पड़ गया हवा का पाला था।

  4. DOption (d)

    हय रुण्ड गिरे, गज मुण्ड गिरे, कट कट अवनी पर शुण्ड गिरे।

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Correct answer

Answer: (d)D.

हय रुण्ड गिरे, गज मुण्ड गिरे, कट कट अवनी पर शुण्ड गिरे।

Why this answer is correct

उपर्युक्त में से पंक्ति में नाद सौंदर्य है - हय रुण्ड गिरे, गज मुण्ड गिरे, कट कट अवनी पर शुण्ड गिरे।

  • पद्यांश के अनुसार:-
  • घोड़े का धड़, हाथी का मस्तक,हाथी के नाक (शुण्ड) कटकर भूमि पर गिरने का वर्णन किया गया है अर्थात इस पंक्ति में संगीतमय ध्वनि उत्पन्न हो रहा है।

Key Points

  • संगीत में उपयोग की जानेवाली मधुर ध्वनि को नाद कहा जाता है।

Additional Informationकेसरी:- 

  • अर्थ: शेर, स��ंह, नाहर, वनराज, मृगराज, मृगेंद्र।

रण:-

  • अर्थ: युद्ध, लड़ाई, जंग, गति, शब्द।

तमाशा:-

  • अर्थ: मन को प्रसन्न करने वाला दृश्य, मनोरंजक दृश्य।

घोड़ा:-

  • अर्थ: अश्व, घोटक, तुरंग, तुरग, बाजि, वाजि, सैंधव, हय।

Question 364

REET 2022• Hindi - II

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

हाथी से हाथी जूझ पड़े, भिड़ गये सवार सवारों से।

घोड़े पर घोड़े टूट पड़े, तलवार लड़ी तलवारों से।

हय रुण्ड गिरे, गज मुण्ड गिरे, कट कट अवनी पर शुण्ड गिरे।

लड़ते लड़ते अरि झुण्ड गिरे, भू पर हय विकल वितुण्ड गिरे।

मेवाड़ केसरी देख रहा, केवल रण का न तमाशा था।

वह दौड़ दौड़ करता था रण, वह मान रक्त का प्यासा था।

चढ़कर चेतक पर घूम-घूम, करता सेना रखवाली था।

ले महामृत्यु को साथ-साथ, मानो साक्षात कपाली था।

रण-बीच चौकड़ी भर-भर कर, चेतक बन गया निराला था।

राणा प्रताप के घोड़े से, पड़ गया हवा का पाला था।

गिरता न कभी चेतक तन पर, राणा प्रताप का कोड़ा था।

वह दौड़ रहा अरिमस्तक पर, या आसमान पर घोड़ा था ।

उपर्युक्त पद्यांश की भाषा है -

  1. AOption (a)

    आम बोलचाल की हिन्दी।

  2. BOption (b)

    देशज शब्द प्रधान हिन्दी।

  3. COption (c)

    विदेशी शब्द प्रधान हिन्दी।

  4. DOption (d)

    तत्सम शब्द प्रधान हिन्दी।

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Correct answer

Answer: (d)D.

तत्सम शब्द प्रधान हिन्दी।

Why this answer is correct

उपर्युक्त पद्यांश की भाषा है- तत्सम शब्द प्रधान हिन्दी।

Key Pointsतत्सम:-

  • तत्सम शब्द संस्कृत भाषा के दो शब्दों, तत् + सम् से मिलकर बना है। तत् का अर्थ है – उसके, तथा सम् का अर्थ है – समान। अर्थात – ज्यों का त्यों।
  • जिन शब्दों को संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के ले लिया जाता है, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं।

जैसे-

  • अग्नि, आम्र, मुख, ग्राम, दुग्ध, भ्रातृ, अमूल्य, क्षेत्र, अज्ञान, अन्धकार आदि।

Additional Information

देशज:- - वे शब्द जिनकी उत्पत्ति के मूल का पता न हो, परन्तु वे प्रचलन में हों। - ऐसे शब्द देशज शब्द कहलाते हैं। ये शब्द आम तौर पर क्षेत्रीय भाषा में प्रयोग किये जाते हैं। जैसे- - लोटा, कटोरा, डोंगा, डिबिया, खिचड़ी, खिड़की, पगड़ी, अंटा, चसक, चिड़िया, जूता, ठेठ, ठुमरी, तेंदुआ, फुनगी, कलाई आदि। विदेशी शब्द:- - विदेशी भाषाओं से हिंदी में आये शब्दों को विदेशी शब्द कहा जाता है। - इन विदेशी भाषाओं में मुख्यतः अरबी, फारसी, तुर्की, अंग्रेजी व पुर्तगाली शामिल है। ​जैसे - - आदत, आदमी, इनाम, इज्जत, ईमारत,  उम्र, एहसान, आवाज, आफत, आईना, उम्मीद, कबूतर, काबू, कालीन, कैंची, कुली, कुर्की, चेचक, चमचा, तोप, डॉक्टर, लालटेन, सिलेट, अस्पताल, टिकस, कप्तान, बाल्टी, चाबी, फीता, तम्बाकू, आया, इस्पात, इस्तिरी, कमीज आद।

Question 365

REET 2022• Hindi - II

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

हाथी से हाथी जूझ पड़े, भिड़ गये सवार सवारों से।

घोड़े पर घोड़े टूट पड़े, तलवार लड़ी तलवारों से।

हय रुण्ड गिरे, गज मुण्ड गिरे, कट कट अवनी पर शुण्ड गिरे।

लड़ते लड़ते अरि झुण्ड गिरे, भू पर हय विकल वितुण्ड गिरे।

मेवाड़ केसरी देख रहा, केवल रण का न तमाशा था।

वह दौड़ दौड़ करता था रण, वह मान रक्त का प्यासा था।

चढ़कर चेतक पर घूम-घूम, करता सेना रखवाली था।

ले महामृत्यु को साथ-साथ, मानो साक्षात कपाली था।

रण-बीच चौकड़ी भर-भर कर, चेतक बन गया निराला था।

राणा प्रताप के घोड़े से, पड़ गया हवा का पाला था।

गिरता न कभी चेतक तन पर, राणा प्रताप का कोड़ा था।

वह दौड़ रहा अरिमस्तक पर, या आसमान पर घोड़ा था ।

पद्यांश में मूलत: वर्णित है -

  1. AOption (a)

    मातृभूमि की रक्षार्थ युद्धकर्म एवं युद्धक्षेत्र का दृश्य।

  2. BOption (b)

    मान सिंह द्वारा महाराणा प्रताप का अपमान।

  3. COption (c)

    चेतक की शिथिलता।

  4. DOption (d)

    मान सिंह का अनुनय।

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Answer: (a)A.

मातृभूमि की रक्षार्थ युद्धकर्म एवं युद्धक्षेत्र का दृश्य।

Why this answer is correct

पद्यांश में मूलत: वर्णित है - मातृभूमि की रक्षार्थ युद्धकर्म एवं युद्धक्षेत्र का दृश्य।

  • पद्यांश के अनुसार:-
  • कविता में ​मातृभूमि की रक्षा, युद्धकर्म एवं युद्धक्षेत्र की दृश्यता का वर्णन किया गया है।

Key Points

  • दृश्य- जो देखने में आ सके या दिखाई दे सके।

Additional Informationअपमान:-

  • अर्थ: मान भंग, बेइज्जती, तिरस्कार, निरादर।
  • विलोम शब्द - 'सम्मान'

शिथिलता:-

  • अर्थ: कसे या जकड़े न रहने का भाव, ढीलापन।
  • विलोम शब्द - ​**'गतिशीलता'**

अनुनय:-

  • अर्थ: विनय, प्रार्थना, ख़ुशामद, चिरौरी। 
  • विलोम शब्द - ​​**'अन्य'**

Question 366

REET 2022• Hindi - II

'शायद आज धूप निकले।' वाक्य है

  1. AOption (a)

    संकेतार्थक वाक्य।

  2. BOption (b)

    इच्छार्थक वाक्य।

  3. COption (c)

    विधानवाचक वाक्य।

  4. DOption (d)

    संभावनार्थक वाक्य।

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Correct answer

Answer: (d)D.

संभावनार्थक वाक्य।

Why this answer is correct

सही उत्तर 'संभावनार्थक वाक्य' है।

  • 'शायद आज धूप निकले।' संभावनार्थक वाक्य है।
  • संभावनार्थक वाक्य : जिन वाक्यों में कार्य के होने में सन्देह अथवा सम्भावना का बोध हो, उन्हें संभावनार्थक वाक्य कहते हैं।

Key Points

अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद

अर्थ के आधार पर आठ प्रकार के वाक्य होते हैं –

  • विधानवाचक वाक्य - वह वाक्य जिससे किसी प्रकार की जानकारी प्राप्त होती है, वह विधानवाचक वाक्य कहलाता है।
  • उदाहरण -भारत एक देश है।
  • निषेधवाचक वाक्य : जिन वाक्यों से कार्य न होने का भाव प्रकट होता है, उन्हें निषेधवाचक वाक्य कहते हैं।
  • जैसे-मैंने दूध नहीं पिया।
  • प्रश्नवाचक वाक्य - वह वाक्य जिसके द्वारा किसी प्रकार प्रश्न किया जाता है, वह प्रश्नवाचक वाक्य कहलाता है।
  • उदाहरण -भारत क्या है?
  • आज्ञावाचक वाक्य - वह वाक्य जिसके द्वारा किसी प्रकार की आज्ञा दी जाती है या प्रार्थना किया जाता है, वह आज्ञावाचक वाक्य कहलाता हैं।
  • उदाहरण -कृपया शांति बनाये रखें।
  • विस्मयादिबोधक वाक्य - वह वाक्य जिससे किसी प्रकार की गहरी अनुभूति का प्रदर्शन किया जाता है, वह विस्मयादिबोधक वाक्य कहलाता हैं।
  • उदाहरण -अहा! कितना सुन्दर उपवन है।
  • इच्छावाचक वाक्य - जिन वाक्यों में किसी इच्छा, आकांक्षा या आशीर्वाद का बोध होता है, उन्हें इच्छावाचक वाक्य कहते हैं।
  • उदाहरण- भगवान तुम्हे दीर्घायु करे।
  • संकेतवाचक वाक्य- जिन वाक्यों में किसी संकेत का बोध होता है, उन्हें संकेतवाचक वाक्य कहते हैं।
  • उदाहरण-राम का मकान उधर है।
  • संदेहवाचक वाक्य - जिन वाक्यों में संदेह का बोध होता है, उन्हें संदेहवाचक वाक्य कहते हैं।
  • उदाहरण-क्या वह यहाँ आ गया ?

Question 367

REET 2022• Hindi - II

'कतर ब्योंत करना' मुहावरे का अर्थ है :

  1. AOption (a)

    आँख बचाकर निकलना।

  2. BOption (b)

    चतुराई दिखाना।

  3. COption (c)

    काट-छाँट करना।

  4. DOption (d)

    चुगली करना।

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Correct answer

Answer: (c)C.

काट-छाँट करना।

Why this answer is correct

सही उत्तर 'काट-छाँट करना' है।

  • 'कतर ब्योंत करना' मुहावरे का सही अर्थ: काट-छाँट करना; विभिन्न मदों में धन कम खर्च करना
  • वाक्य: यदि अलमारी लेनी है तो और खर्चों में कतर-ब्योंत करनी होगी।

Key Points

अन्य विकल्पों का विश्लेषण:

  • कन्नी काटना –(आँख बचाकर निकलना)
  • वाक्य: मंत्री जी चुनाव जीतने के बाद अपने वादे पूरे न करने पर जनता से कन्नी काट रहे हैं।
  • कान कतरना –(चतुराई दिखाना)
  • वाक्य: अब तो अब्दुल मैकेनिक इतना होशियार हो गया है कि अपने उस्ताद के भी कान कतरने लगा है।
  • चुगली करना: पीछे-पीछे निंदा करना
  • वाक्य – जो लोग पीछे-पीछे दूसरों की चुगली लगाते/खाते हैं उनकी पोल जल्दी ही खुल जाती है।

Additional Information

मुहावरा परिभाषाउदाहरण
मुहावरा का शाब्दिक अर्थ ‘अभ्यास’ है। मुहावरा शब्द अरबी भाषा का शब्द है। हिन्दी में ऐसे वाक्यांशों को मुहावरा कहा जाता है, जो अपने साधारण अर्थ को छोड़कर  विशेष अर्थ को व्यक्त करते हैं।अंक भरना- स्नेह से लिपटा लेना वाक्य-माँ ने स्नेह से अपने पुत्र को अंक में भर लिया।

Question 368

REET 2022• Hindi - II

'कर्ता कारक' के संबंध में असत्य कथन है

  1. AOption (a)

    कर्ता कारक का चिह्न ने होता है।

  2. BOption (b)

    क्रिया करने वाले को व्याकरण में कर्ता कारक कहते हैं।

  3. COption (c)

    कर्ता कारक में विभक्ति का प्रयोग सकर्मक क्रिया के साथ भूतकाल में ही होता है।

  4. DOption (d)

    कर्ता का शाब्दिक अर्थ है साधन।

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Correct answer

Answer: (d)D.

कर्ता का शाब्दिक अर्थ है साधन।

Why this answer is correct

'कर्ता कारक' के संबंध में असत्य कथन 'कर्ता का शाब्दिक अर्थ है साधन' है।

  • कर्ता का शाब्दिक अर्थ है करने वाला – क्रिया का करने वाला ‘कर्ता’ कहलाता है।
  • वाक्य के जिस रूप से क्रिया को करने वाले का पता चले, उसे कर्ता कहते हैं।

Key Pointsअन्य विकल्पों का विश्लेषण: 

  • कर्ता के साथ 'ने' कारक चिह्न युक्त वाक्य में 'क्रिया सदैव भूतकाल की होती है'।
  • जैसे - पंकज ने पतंग उड़ाई।
  • इस वाक्य में 'ने' कर्ता कारक परसर्ग है और यह वाक्य भूतकाल में है।
  • करण का शाब्दिक अर्थ ‘साधन’ या ‘माध्यम’ होता है।

Additional Information 

कारककारक का अर्थ होता है किसी कार्य को करने वाला। यानी जो भी क्रिया को करने में भूमिका निभाता है, वह कारक कहलाता है। इसके निम्न भेद हैं -वह रोज़ सुबह गंगा किनारे जाता है।
भेदपरिभाषाविभक्ति
कर्ता कारकजो वाक्य में कार्य को करता है, वह कर्ता कहलाता है। कर्ता वाक्य का वह रूप होता है, जिसमे कार्य को करने वाले का पता चलता है।ने
कर्म कारकवह वस्तु या व्यक्ति जिस पर वाक्य में की गयी क्रिया का प्रभाव पड़ता है वह कर्म कहलाता है।को
करण कारकवह साधन जिससे क्रिया होती है, वह करण कहलाता है। यानि, जिसकी सहायता से किसी काम को अंजाम दिया जाता वह करण कारक कहलाता है।से, के द्वारा
सम्प्रदान कारकजब वाक्य में किसी को कुछ दिया जाए या किसी के लिए कुछ किया जाए तो वहां पर सम्प्रदान कारक होता है।के लिए
अपादान कारकजब संज्ञा या सर्वनाम के किसी रूप से किन्हीं दो वस्तुओं के अलग होने का बोध होता है, तब वहां अपादान कारक होता है।से (अलग होना)
��ंबंध कारकसंज्ञा या सर्वनाम का वह रूप जो हमें किन्हीं दो वस्तुओं के बीच संबंध का बोध कराता है, वह संबंध कारक कहलाता है।का, के, की
अधिकरण कारकसंज्ञा का वह रूप जिससे क्रिया के आधार का बोध हो उसे अधिकरण कारक कहते हैं।में, पर
संबोधन कारकसंज्ञा या सर्वनाम का वह रूप जिससे किसी को बुलाने, पुकारने या बोलने का बोध होता है, तो वह सम्बोधन कारक कहलाता है।हे!, अरे!

Question 369

REET 2022• Hindi - II

निम्नलिखित में अर्ध विराम के लिए प्रयुक्त चिह्न है :

  1. AOption (a)

    !

  2. BOption (b)

    ,

  3. COption (c)

    ;

  4. DOption (d)

    ।

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Correct answer

Answer: (c)C.

;

Why this answer is correct

सही उत्तर '(;)' है।

  • उपरोक्त विकल्पों में '(;)' अर्द्धविराम का चिह्न है।
  • अर्द्ध विराम का अर्थ है, बीच में हल्का सा विराम लेना हो पर वाक्य को खत्म न किया जाये तो वहाँ पर अर्द्ध विराम (;) चिन्ह का प्रयोग किया जाता है।
  • उदाहरण: राकेश, मोहन, शीतल और पंकज ने यह चित्र बनाया है।

Key Points

विराम चिन्ह – भाषा के लिखित रूप में विशेष स्थानों पर रुकने का संकेत करने वाले चिन्हों को विराम चिन्ह कहते हैं। विराम चिन्ह के भेद –
विराम चिन्ह का नामउदाहरणविराम  - चिन्ह
पूर्ण विरामबाजार खुल गया।।
अर्द्ध विराम चिन्हमुख्य अतिथि आ गए हैं; वह शीघ्र चले जाएंगे।;
अल्प विराम चिह्नराकेश, मोहन, शीतल और पंकज ने यह चित्र बनाया है।,
प्रश्न सूचक चिन्हतुम्हारी माताजी का नाम क्या है ??
विस्मय सूचक या आश्चर्य चिह्नवाह ! कितना सुंदर दृश्य है।!
संयोजक या योजक चिन्हमैं दिन–रात यही सोचता रहा।-
निर्देशक चिन्हश्री जितेंद्र जी ��े कहा _ सत्य के मार्ग पर चलना चाहिए।_
अवतरण चिन्ह या उद्धरण चिन्हगांधी जी ने कहाँ था "अहिंसा परम धर्म है”‘….’ “…”
कोष्ठक चिन्हदशहरे के दिन दशानन (रावण) का दहन किया जाता है।[ {()} ]
उप विराम (अपूर्ण विराम)विज्ञान: वरदान या अभिशाप:
विवरण चिन्हनिम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दीजिये :-:-
पुनरुक्ति सूचक चिन्ह„ „
लाघव चिन्हडॉक्टर – डॉ०, प्रोफेसर – प्रो००
हंसपद या त्रुटिपूरक चिन्हआगरा राम कल ^  जायेगा।^
लोप चिन्हमैं पास तो आ जाऊँगा…… लेकिन साथ नहीं चलूँगा।……
दीर्घ उच्चारण चिन्हS
तुल्यता सूचक चिन्ह4 + 4 = 8=
समाप्ति सूचक चिन्ह- , o

Question 370

REET 2022• Hindi - II

'जींवती माखी गिटणी' राजस्थानी मुहावरे का सही अर्थ है :

  1. AOption (a)

    अत्यधिक कंजूस होना।

  2. BOption (b)

    स्वार्थी होना

  3. COption (c)

    बिना सोच विचार के काम करना।

  4. DOption (d)

    अन्याय सहन करना।

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Correct answer

Answer: (c)C.

बिना सोच विचार के काम करना।

Why this answer is correct

सही उत्तर 'बिना सोच विचार के काम करना' है।

  • 'जींवती माखी गिटणी' राजस्थानी मुहावरे का सही अर्थ : 'बिना सोच विचार के काम करना'।
  • वाक्य: रामू का बेटा अस्पताल में पड़ा हुआ था। उसका ऑपरेशन होना था, लेकिन पैसे का जुगाड़ ना हो ना हो पाने के कारण उसने गुंडों की समूह में बिना सोच विचार के काम करने लगा।

Key Points

अन्य विकल्पों का विश्लेषण:

  • चमड़ी जाय पर दमड़ी न जाय- अत्यधिक कंजूस होना
  • वाक्य - दादी के पैसे में चाहे दीमक लग जाए पर खुद पर खर्च नहीं कर सकती। उनका तो वही हाल है 'चमड़ी जाय पर दमड़ी न जाए।
  • अपनी खिचड़ी अलग पकाना - स्वार्थी होना
  • वाक्य -यदि सभी अपनी खिचड़ी अलग पकाने लगें, तो देश और समाज की उत्रति होने से रही।
  • जहर का घूँट पीना - अन्याय सहन करना
  • वाक्य-अपने बड़े भाई की जली-कटी बाते सुनकर भूषण ने ज़हर का घूँट पी लिया।

Additional Information

मुहावरा परिभाषाउदाहरण
मुहावरा का शाब्दिक अर्थ ‘अभ्यास’ है। मुहावरा शब्द अरबी भाषा का शब्द है। हिन्दी में ऐसे वाक्यांशों को मुहावरा कहा जाता है, जो अपने साधारण अर्थ को छोड़कर  विशेष अर्थ को व्यक्त करते हैं।अंक भरना- स्नेह से लिपटा लेना वाक्य-माँ ने स्नेह से अपने पुत्र को अंक में भर लिया।