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Question 221

REET 2022• Hindi - II

विनेटका शिक्षण पद्धति के बारे में सही कथन है :

  1. AOption (a)

    इस पद्धति का प्रयोग कार्लटन वाशबर्न ने किया।

  2. BOption (b)

    इसका नामकरण अमेरिका के विनेटका शहर में प्रयोग होने से हुआ।

  3. COption (c)

    यह पद्धति प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर प्रयुक्त की गई।

  4. DOption (d)

    उपर्युक्त सभी कथन सही है।

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Correct answer

Answer: (d)D.

उपर्युक्त सभी कथन सही है।

Why this answer is correct

विनेटिका शिक्षण पद्धति-

  • डा. कार्लटन वाशबर्न ने विनेटिका प्रणाली का प्रतिपादन किया।
  • इसकी उत्पत्ति अमेरिका के विनेट नामक शहर से हुयी है।
  • इसका नाम अमेरिका के शहर विनेट नाम से विनेटिका रखा गया।
  • यह पद्धति प्राथमिक शिक्षा के स्तर पर प्रयुक्त की गई।
  • बालक को कार्य करने की पूर्ण स्वतंत्रता रहती है। इसमें पूरी पाठ्यक्रम को छोटी-छोटी कार्यों में बांटा जाता है।
  • छात्र एक इकाई का सफलता पूर्ण अध्ययन करने के बाद दूसरी इकाई का अध्ययन करते हैं।
  • छात्र अपनी गति से सीखकर स्वयं अपनी परीक्षा लेता है।
  • यह बच्चे के सामाजिक विकास पर जोर देता है।

अतः यह निष्कर्ष निकलता है कि विनेटका शिक्षण पद्धति के बारे में उपर्युक्त सभी कथन सही है।

Question 222

REET 2022• Hindi - II

संरचनात्मक उपागम का अन्य नाम है

  1. AOption (a)

    ध्वनि निर्माण उपागम।

  2. BOption (b)

    अक्षर गठन उपागम।

  3. COption (c)

    वाक्य गठन उपागम।

  4. DOption (d)

    वाक्य पठन उपागम।

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Correct answer

Answer: (c)C.

वाक्य गठन उपागम।

Why this answer is correct

संरचनात्मक उपागम- यह विधि नई पद्धति तथा श्रव्य-मौखिक पद्धति के रूप में जानी जाती है।  इस पद्धति में संरचना का समावेश होता है और ये संरचना या शब्दों का चुनाव तथा वर्गीकरण के अनुसार सिखाये जाते हैं।

  • संरचनात्मक उपागम में भाषा की संरचना महत्वपूर्ण होते है।
  • संरचनात्मक उपागम का अन्य नाम वाक्य गठन उपागम है, क्योकि इस उपागम में वाक्यों के ढांचे या गठन/पैटर्न पर बल देता है जो वाक्य निर्माण में मदद करता है।
  • इसमें छात्रों को भाषा सीखायी जाती है, अध्यापक इसमें भाषा के अर्थपूर्ण शब्दों का चयन करना सिखाते हैं।​
  • भाषा के अर्थपूर्ण शब्दों के चयन सीखने के बाद शिक्षिका एक विशेष क्रम में शब्दों की विभिन्न व्यवस्थाओं के प्रयोग का ज्ञान देती है।
  • शब्दों के चयन और शब्दों की विभिन्न व्यवस्थाओं के प्रयोग का अभ्यास भी शिक्षिका कराती है।
  • इसमें नाटकीय रूपांतरण के द्वारा अर्थपूर्ण स्थितियाँ भाषा कौशल को पढ़ाने के लिए बनायी जाती है।
  • इस उपागम में पढ़ाई जाने वाली सामग्री का चयन और ग्रेडिंग शामिल है।

अतः यह निष्कर्ष निकलता है कि संरचनात्मक उपागम का अन्य नाम वाक्य गठन उपागम है।

Question 223

REET 2022• Hindi - II

जेट कॉक विधि किस भाषायी दक्षता के विकास में प्रयुक्त होती है?

  1. AOption (a)

    पठन दक्षता।

  2. BOption (b)

    वादन दक्षता।

  3. COption (c)

    वाचन दक्षता।

  4. DOption (d)

    लेखन दक्षता।

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Correct answer

Answer: (d)D.

लेखन दक्षता।

Why this answer is correct

जेट कॉक विधि- इसमें शिक्षक बालकों द्वारा पढ़े वाक्यों को स्वयं लिखकर छात्रों को लिखने के लिए दे देता है। छात्र एक-एक शब्द लिखकर अध्यापक द्वारा लिखित शब्दों से मिलाते हुए स्वयं संसोधन करते हुए चलते हैं और पूरा वाक्य लिखने के पश्चात शिक्षक मूल वाक्य को देखे बिना अन्हें लिखने को कहता है। इस प्रकार छात्र स्वयं बिना देखे लिखते हैं।

Key Points

लेखन के प्रकार- लेखन तीन प्रकार का होता है।

  • अनुलेख- किसी आदर्श लिखावट का जैसा का तैसा अनुकरण, अनुलेख कहलाता है।
  • प्रतिलेख- प्रतिलेख में छात्र स्वतंत्र रूप से किसी पुस्तक या पत्र-पत्रिका के किसी भाग का अनुकरण करके अपनी काॅपी में लिखता है।
  • श्रुतिलेख- श्रुतिलेख सुना हुआ लेख है। इसमें अध्यापक बोलता जाता है और छात्र सुनकर बोली हुई सामग्री लिखता है।

अतः निष्कर्ष निकलता है कि जेट कॉक विधि लेखन दक्षता के विकास में प्रयुक्त होती है।

Question 224

REET 2022• Hindi - II

सस्वर वाचन के संबंध में त्रुटिपूर्ण कथन है :

  1. AOption (a)

    यह बोलकर किया जाता है।

  2. BOption (b)

    इससे कक्षा का वातावरण स्वरमय हो जाता है।

  3. COption (c)

    यह विषयवस्तु को गंभीरता से ग्रहण करने के लिए किया जाता है।

  4. DOption (d)

    यह छोटी कक्षाओं 4 से 8 के लिए अधिक उपयोगी है।

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Correct answer

Answer: (c)C.

यह विषयवस्तु को गंभीरता से ग्रहण करने के लिए किया जाता है।

Why this answer is correct

सस्वर वाचन- सस्वर वाचन पठन का एक प्रकार है जो बच्चों द्वारा पाठ को स्वर सहित पढ़ते हुए अर्थ ग्रहण करने से सम्बन्धित है।

Key Points

  • यह बच्चों में वाचन कौशल का विकास करता है जिससे बच्चे उचित हावभाव के साथ पाठ का वाचन करना सीखते हैं।
  • सस्वर वाचन, वाचन की प्रारम्भिक अवस्था होती है।
  • इससे कक्षा का वातावरण स्वरमय हो जाता है।
  • यह बोलकर किया जाता है।
  • यह छोटी कक्षाओं के लिए अधिक उपयोगी है, क्योकि सस्वर वाचन में पढ़ाने से बच्चे जल्दी सीखते है।
  • सस्वर वाचन में बच्चे उचित बल और विराम का प्रयोग करते है।
  • सस्वर वाचन में बच्चे उचित लय व गति का प्रयोग करते है।

​अतः ​यह निष्कर्ष निकलता है कि सस्वर वाचन के संबंध में त्रुटिपूर्ण कथन है- यह विषयवस्तु को गंभीरता से ग्रहण करने के लिए किया जाता है।

Hint

  • विषयवस्तु को गंभीरता से ग्रहण करने के लिए मौन वाचन किया जाता है।

Question 225

REET 2022• Hindi - II

पाठ्य-पुस्तक का उद्देश्य नहीं है

  1. AOption (a)

    विद्यार्थियों की कल्पना शक्ति को विकसित करना।

  2. BOption (b)

    विद्यार्थियों द्वारा विषय विविधता और शैली विभिन्नता के दर्शन कराना।

  3. COption (c)

    विद्यार्थियों के ज्ञान की सीमा को सीमित करना।

  4. DOption (d)

    विद्यार्थियों में स्वाध्याय के प्रति रुचि उत्पन्न करना।

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Correct answer

Answer: (c)C.

विद्यार्थियों के ज्ञान की सीमा को सीमित करना।

Why this answer is correct

पाठ्य पुस्तक- एक पाठ्यपुस्तक शिक्षण प्रक्रिया में प्रभावी शिक्षण की सुविधा के लिए उपयोग किया जाने वाला एक आवश्यक उपकरण है। पाठ्य पुस्तक एक विशेष आयु वर्ग के छात्रों के लिए एक निर्धारित पुस्तक है। पाठ्य पुस्तक को मुद्रित शिक्षक कहा जाता है। 

Key Points

पाठ्य-पुस्तक का उद्देश्य- पाठ्य-पुस्तक का उद्देश्य निम्नलिखित है-

  • पाठ्यपुस्तक में सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य पाठों का उद्देश्यपूर्ण चयन करना होता है।
  • पाठ्यपुस्तक में पाठों या पाठ्य विषयवस्तु का चयन पाठ्यपुस्तक की रचना का प्रथम सोपान है।
  • पाठ्यपुस्तक के अध्ययन से बालकों के ज्ञान की सीमा का विस्तार होता है।
  • विद्यार्थियों द्वारा विषय विविधता और शैली विभिन्नता के दर्शन कराना।
  • विद्यार्थियों में स्वाध्याय के प्रति रुचि उत्पन्न होती है।
  • पाठ्यपुस्तक में वर्णित विविध प्रकार के कथा - कहांनियों के माध्यम से व्यवहारिक ज्ञान की प्रेरणा प्राप्त होती है।
  • छात्रों की कल्पना शक्ति का विकास होता है तथा उनमें सर्जनशीलता और रचनात्मक क्षमता का विकास होता है।

अतः यह निष्कर्ष निकलता है कि विद्यार्थियों के ज्ञान की सीमा को सीमित करना,पाठ्य-पुस्तक का उद्देश्य नहीं है।

Question 226

REET 2022• Hindi - II

भाषा शिक्षण के किस संसाधन द्वारा शुद्ध उच्चारण, वाक्य संरचना पाठ तथा वार्तालाप रिकार्डों के माध्यम से सिखाया जाता है?

  1. AOption (a)

    ग्रामोफोन।

  2. BOption (b)

    रेडियो।

  3. COption (c)

    मात्रा खिड़की।

  4. DOption (d)

    लिंग्वाफोन।

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Correct answer

Answer: (a)A.

ग्रामोफोन।

Why this answer is correct

ग्रामोफोन- एक ग्रामोफोन, जिसे फोनोग्राफ या रिकॉर्ड प्लेयर भी कहा जाता है, वह ध्वनि है जो ध्वनि को पुन: उत्पन्न करने के लिए उपयोग किया जाता है। 

  • यह श्रव्य साधनों का पुराना उदाहरण हैं।
  • इसके माध्यम से किसी घटना, विवरण, गीत, कहानी, वार्तालाप आदि सुना जा सकता है।
  • इसके द्वारा शुद्ध उच्चारण, वाक्य संरचना पाठ तथा वार्तालाप रिकार्डों के माध्यम से सिखाया जाता है।

अतः निष्कर्ष निकलता है कि भाषा शिक्षण में ग्रामोफोन द्वारा शुद्ध उच्चारण, वाक्य संरचना पाठ तथा वार्तालाप रिकार्डों के माध्यम से सिखाया जाता है।

Additional Information

रेडियो- रेडियो एक औपचारिक तथा अनौपचारिक दोनों प्रकार के शिक्षा के लिए एक सस्ता और सर्वसुलभ उपकरण है परंतु रेडियो की एक सीमा यह है कि इसके प्रयोग द्वारा विद्यार्थी अगर किसी सूचना को एकबार में नहीं सुन और समझ पाता है तो उसे तुरंत फिर से आकाशवाणी केंद्र से प्रसारित नहीं करवाया जा सकता है।

लिंग्वाफोन- यह शिक्षण प्रक्रिया में प्रयोग होने वाला एक ऐसा श्रव्य उपकरण है जिसके माध्यम से बच्चों को आदर्श वाचन द्वारा शुद्ध उच्चारण की शिक्षा दी जाती है।

Question 227

REET 2022• Hindi - II

हिन्दी शिक्षण में विद्यार्थी की साहित्यिक अभिरुचि को बढ़ाने वाली क्रियाओं में निम्नलिखित में से कौन सी सम्मिलित नहीं है?

  1. AOption (a)

    कवि दरबार।

  2. BOption (b)

    भाषण।

  3. COption (c)

    नाटक अभिनय।

  4. DOption (d)

    क्रीड़ा-व्यायाम।

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Correct answer

Answer: (d)D.

क्रीड़ा-व्यायाम।

Why this answer is correct

अभिरुचि शब्द का प्रयोग संकुचित अर्थ में किया जाता है। लोग अभिरुचि को मनोरंजक का पर्याय समझ लेते हैं। यह ठीक है कि जिस वस्तु में हमारी अभिरुचि है, वह हमें अच्छी लगती है। किन्तु यह आवश्यक नहीं है कि जिस वस्तु में हमारी अभिरुचि है, वह हमारे लिए मनोरंजक भी हो। 

  • अभिरुचि एक आंतरिक प्रेरक शक्ति है, जो हमें ध्यान देने के लिए किसी वस्तु, व्यक्ति या क्रिया की ओर प्रेरित करती है। अभिरुचि एक मानसिक संरचना है। जिसके द्वारा व्यक्ति किसी वस्तु से अपना लगाव या सम्बन्ध प्रकट करता है।

Key Points

हिन्दी शिक्षण में विद्यार्थी की साहित्यिक अभिरुचि को बढ़ाने वाली क्रियाओं में निम्नलिखित को सम्मिलित किया जा सकता है- 

  • कवि दरबार- विद्यालयों में कवि दरबार आयोजित करने चाहिए। इसमें छात्र किसी युग विशेष के कवियों की वेशभूषा में सुसज्जित होकर भाव और अभिनय के साथ उनकी रचनाओं को पढ़कर सुनाते हैं। जो हिन्दी शिक्षण में विद्यार्थी की साहित्यिक अभिरुचि को बढ़ाने में सहायक होती है। प्राचीन को वर्तमान में उपस्थित करने का यह सरल उपाय है।
  • भाषण- भाषण एक सार्वजनिक प्रस्तुति है। इसमें छात्रों को एक हिंदी शिक्षण से सम्बंधित कोई विषय जैसे- किसी कवि की रचना दे दिया जाता है और छात्र दिए गए कवि की रचना को अपनी भाषा में सुनाते हैं। भाषण में विद्यार्थी स्वतंत्र अभिव्यक्ति करते है जिससे विद्यार्थी की साहित्य से सम्बन्धी रूचि भी बढ़ती है।
  • नाटक अभिनय- नाटक अभिनय एक ऐसी विधा है, जिसमें छात्र अधिक रुचि प्रकट करते हैं। इस विधा के द्वारा छात्रों के कला कौशल एवं अभिनय कौशल एवं साहित्यिक अभिरुचि का विकास किया जाता है। नाटक अभिनय काव्य का एक रूप है, जो श्रवण द्वारा ही नहीं अपितु दृष्टि द्वारा भी दर्शकों के हृदय में रसानुभूति के साथ साथ संस्कृति तथा संस्कारों का भी ज्ञान कराता है।

अतः यह निष्कर्ष निकलता है कि क्रीड़ा-व्यायाम हिन्दी शिक्षण में विद्यार्थी की साहित्यिक अभिरुचि को बढ़ाने वाली क्रियाओं में सम्मिलित नहीं है। 

Additional Information

  • क्रीड़ा-व्यायाम- क्रीड़ा-व्यायाम बच्चो के शारीरिक विकास को सक्रीय करता है। क्रीड़ा-व्यायाम बच्चे को तन्दुरुस्त रखने और बीमारियों से लड़ने के लिए विकास और वृद्धि के शारीरिक सिद्धांत को बढ़ावा देता है।

Question 228

REET 2022• Hindi - II

“मूल्यांकन की प्रक्रिया की व्यापकता छात्र के समस्त व्यक्तित्व पर अपने प्रसार का उल्लेख करती है, न कि उसकी केवल बौद्धिक उपलब्धि का।” मूल्यांकन के संबंध में उक्त कथन किसका है?

  1. AOption (a)

    रुथ स्ट्रांग।

  2. BOption (b)

    ए.पी. सुखिया।

  3. COption (c)

    रेमर्स व गेज।

  4. DOption (d)

    गुड और हैट।

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Correct answer

Answer: (c)C.

रेमर्स व गेज।

Why this answer is correct

मूल्यांकन- मूल्यांकन किसी निर्दिष्ट क्षेत्र में किसी के प्रदर्शन का आकलन या मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है। यह शिक्षा में मूल्यांकन का एक घटक है। शिक्षक विश्लेषण करने के लिए और छात्र की उपलब्धि का पता लगाने के लिए छात्र के प्रदर्शन का मूल्यांकन करता है। जब मूल्यांकन से हमें विद्यार्थियों में योग्यताओं और अभिरुचियों का पता लगाने में मदद मिलती है तो उद्देश्य पूरा होता है।

मूल्यांकन की परिभाषा-

  • ब्रेडफील्ड के अनुसार,"मूल्यांकन किसी वस्तु अथवा क्रिया के महत्व को कुछ सामाजिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक मानदंडों के आधार पर चिह्न विशेषों में प्रकट करने की प्रक्रिया है।"
  • रेमर्स व गेज के अनुसार,"मूल्यांकन की प्रक्रिया की व्यापकता छात्र के समस्त व्यक्तित्व पर अपने प्रसार का उल्लेख करती है, न कि उसकी केवल बौद्धिक उपलब्धि का।"
  • एन. एम. डांडेकर के अनुसार,"मूल्यांकन को छात्रों द्वारा शैक्षिक उद्देश्यों को प्राप्त करने की सीमा ज्ञात करने की क्रमबद्ध प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।"

अतः यह निष्कर्ष निकलता है कि "मूल्यांकन की प्रक्रिया की व्यापकता छात्र के समस्त व्यक्तित्व पर अपने प्रसार का उल्लेख करती है, न कि उसकी केवल बौद्धिक उपलब्धि का।" मूल्यांकन के संबंध में यह कथन रेमर्स व गेज का है।

Question 229

REET 2022• Hindi - II

किस परीक्षण के अंतर्गत विद्यार्थी की रुचियों, अभिवृत्तियों तथा समायोजन क्षमताओं का अध्ययन किया जाता है?

  1. AOption (a)

    बुद्धि परीक्षण में।

  2. BOption (b)

    उपलब्धि परीक्षण में।

  3. COption (c)

    व्यक्तित्व परीक्षण में।

  4. DOption (d)

    इनमें से कोई नहीं

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Correct answer

Answer: (c)C.

व्यक्तित्व परीक्षण में।

Why this answer is correct

व्यक्तित्व-  "व्यक्तित्व" लैटिन शब्द "पर्सोना" से लिया गया है, जिसका अर्थ मंच पर एक चरित्र का प्रदर्शन करते समय एक अभिनेता द्वारा पहना जाने वाला मुखौटा है।

  • ऑलपोर्ट (1961) के अनुसार व्यक्तित्व "उन मनो-भौतिक प्रणालियों के व्यक्ति के भीतर गतिशील संगठन है जो उनके पर्यावरण के लिए उनके अद्वितीय समायोजन को निर्धारित करता है" इसका मतलब है कि व्यक्तित्व व्यक्ति के भीतर "निवास" करता है और इन प्रणालियों को एक संगठन में बुना जाता है।
  • व्यक्तित्व किसी व्यक्ति के चरित्र के विभिन्न पहलुओं जैसे कि उसकी रुचि, व्यवहार, अनुभूति आदि को संदर्भित करता है।
  • व्यक्तित्व परीक्षण के लिए चलन में विभिन्न प्रकार की तकनीक या उपकरण हैं,जो निम्नलिखित है-

व्यक्तित्व परीक्षण की विधियां- व्यक्तित्व के परीक्षण को तीन प्रकार की विधियों में बाँटा जा सकता है जो निम्नलिखित है-

  1. आत्मनिष्ठ विधि या व्यक्तिगत विधि- इन विधियों के माध्यम से हम किसी विद्यार्थी सम्बन्धी सूचना उसी विद्यार्थी से या उसके मित्रो अथवा सम्बन्धियों से प्राप्त कर लेते है। इस विधि के अंतर्गत विद्यार्थी के लक्षण,अनुभव,उद्देश्य,आवश्यकता, रुचियाँ, अभिवृत्तियों तथा समायोजन क्षमताओं का अध्ययन किया जाता है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित प्रविधियां आती है-
  • ​​​आत्मकथा
  • साक्षात्कार
  • व्यक्तिवृति इतिहास
  • प्रश्नावली विधि
  1. वस्तुनिष्ठ विधि- इन विधियों में व्यक्ति के बाह्य आचरण का अध्ययन किया जाता है।
  2. प्रक्षेपण विधि- इन विधियों के माध्यम से विद्यार्थी अपने विचारो को आंतरिक लक्षणों, भावदशाओं, अभिवृतियों एवं कल्पनाओं को कहानी के रूप में प्रस्तुत करता है। इसके अनुसार विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का मूल्यांकन आसानी से कर लिया जाता है।

​​अतः यह निष्कर्ष निकलता है कि व्यक्तित्व परीक्षण में विद्यार्थी की रुचियों, अभिवृत्तियों तथा समायोजन क्षमताओं का अध्ययन किया जाता है।

Question 230

REET 2022• Hindi - II

उपचारात्मक शिक्षण हेतु पहले आवश्यक है

  1. AOption (a)

    उपचारात्मक शिक्षण हेतु निश्चित प्रक्रिया।

  2. BOption (b)

    निदानात्मक परीक्षण।

  3. COption (c)

    विशिष्ट उपचारात्मक शिक्षण।

  4. DOption (d)

    इनमें से कोई नहीं

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Correct answer

Answer: (b)B.

निदानात्मक परीक्षण।

Why this answer is correct

निदानात्मक परीक्षण का अर्थ है बालक की अधिगम संबंधी कठिनाईयों को पहचानना। कठिनाईयों को पहचानने के बाद इन कठिनाईयों को दूर करने के लिए उपचारात्मक शिक्षण किया जाता है।

Important Points 

शिक्षण प्रक्रिया में निदानात्मक परीक्षण तथा उपचारात्मक शिक्षण अंतः संबंधित होकर कार्य करते हैं- 

  • निदानात्मक परीक्षण का कार्य है अनुत्तीर्ण बालक की कठिनाईयों को पहचानना और उपचारात्मक शिक्षण द्वारा उन्हे दूर करने का हर संभव प्रयास करना होता है।
  • निदानात्मक परीक्षण का कार्य अनुत्तीर्ण बालक की कमीयों का पता लगाना तथा उपचारात्मक शिक्षण का कार्य अनुत्तीर्ण बालक की संख्या में कमी लाना होता है।
  • निदानात्मक परीक्षण का उद्देश्य ऐसे तत्वों व गलतियों को खोजना है, जो विद्यार्थी की विषय विशेष की प्रगति में रूकावट डालती है तथा उपचारात्मक शिक्षण का उद्देश्य इन रूकावटों को दूर करना होता है।
  • शिक्षण प्रक्रिया में निदानात्मक परीक्षण तथा उपचारात्मक शिक्षण अंतः संबंधित व ये दोनों शिक्षण प्रक्रिया का अभिन्न अंग है।
  • उपचारात्मक शिक्षण से पहले निदानात्मक परीक्षण अनिवार्य है।

अतः हम कह सकते है कि उपचारात्मक शिक्षण हेतु पहले निदानात्मक परीक्षण आवश्यक है।