निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न के उत्तर दीजिए :
वस्तुतः रचना जब सामयिक प्रसंग पर आधारित होती है तो लेखक पर एक ओर समय की मांग, आदर्श के आग्रह, रूढ़ हो रहे समकालीन प्रयोगों की ललक और लोकप्रियता के लोभ का दबाव रहता है तो दूसरी ओर रचनात्मकता का दबाव रहता है। जितना अधिक वह रचनाधर्मी होगा, उतना ही अधिक वह इतर दबावों का प्रतिरोध करते हुए रचेगा, रचना उतनी ही अधिक सफल होगी। इसके अनुसार यहाँ पर एक बात यह भी समझनी चाहिए कि जब रचनाकार विचार को संवेदित करेगा, तब यह आवश्यक नहीं रहेगा कि प्रसूत रचना केवल उतनी ही और वैसी ही रहे जैसी कि रचने से पूर्व की रूपरेखा में कल्पित की गई थी। कारण यह है कि संवेदित होने की प्रक्रिया में ही उस पर अवचेतन का दबाव भी आयेगा। अब यह दबाव उसे कितना और कैसे बदल जायेगा, यह जान लिए जाने का कोई साधन नहीं होता। यह तो रचने के बाद ही जाना जाता है कि क्या रचा गया है। प्रायः हर कलाकृति में ऐसे निहितार्थ रहते हैं, और उसमें ऐसी व्यंजनाएँ भी होती हैं, जिनके प्रति स्वयं रचनाकार सजग हो ही, यह आवश्यक नहीं। यह जो कहा जाता है कि ऐसा कोई नियम नहीं है कि रचना वही और उतना ही बोले जितना लेखक ने चाहा है, वह कुछ कम या अधिक भी बोल सकती है और कभी-कभार विपरीत भी बोल सकती है, उसका रहस्य यही है। याने अवचेतन का दबाव इस श्रेणी की रचनाओं पर भी अपने प्रभाव डालता है। तुलसी जो कहते हैं कि “लिखत सुधाकर, लिखिया राहू" वह यही है। राष्ट्रीय फलक की समस्या उठाये जाने के बाद भी, भीष्म साहनी के अनजाने ही 'तमस' पंजाब की भीषण ट्रेजडी बनकर रह गया।
निम्नलिखित शब्दों में से अव्यय नहीं है :
- AOption (a)
अधिक
- BOption (b)
जब
- COption (c)
पूर्व
- DOption (d)
रचना
View answer & explanationHide answer & explanation
Correct answer
रचना
Why this answer is correct
उपर्युक्त शब्दों में से अव्यय नहीं है- 'रचना'
- अव्यय शब्द - 'अधिक, जब, पूर्व'
Key Pointsअव्यय:-
- ऐसे शब्द जिसमें लिंग, वचन, पुरुष, कारक आदि के कारण कोई विकार उत्पन्न नहीं होता, वह शब्द अव्यय कहलाते हैं।
- अव्यय सदैव अपरिवर्तित, अविकारी रहते हैं।
- जैसे- जब, तब, अभी, उधर, वहाँ, इधर, कब, क्यों, वाह, आह, ठीक, अरे, और, तथा, एवं, किन्तु, परन्तु, बल्कि, इसलिए, अतः, अतएव, चूँकि, अवश्य इत्यादि।
उदाहरण-
- वे यहाँ से चले गये।
- घोडा तेज दौड़ता है।
- अब खाना बंद करो।
- बच्चे धीरे-धीरे चल रहे थे।
- रोहन प्रतिदिन खेलने जाता है।