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Question 111

REET 2022• Hindi - II

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न के उत्तर दीजिए :

क्रोध शांति भंग करने वाला मनोविकार है। एक का क्रोध दूसरे में भी क्रोध का संचार करता है। जिसके प्रति क्रोध प्रदर्शन होता है वह तत्काल अपमान का अनुभव करता है और इस दुःख पर उसकी भी त्योरी चढ़ जाती है। यह विचार करने वाले बहुत थोड़े निकलते हैं कि हम पर जो क्रोध प्रकट किया जा रहा है वह उचित या अनुचित । इसी से धर्म, नीति और शिष्टाचार तीनों में क्रोध के निरोध का उपदेश पाया जाता है। संत लोग तो खलों के वचन सहते ही हैं, दुनियादार लोग भी न जाने कितनी ऊँची-नीची पचाते रहते हैं। सभ्यता के व्यवहार में भी क्रोध नहीं, क्रोध के चिह्न दबाये जाते हैं । इस प्रकार का प्रतिबंध समाज की सुख-शांति के लिए बहुत आवश्यक है । पर इस प्रतिबंध की भी सीमा है। यह परपीड़कोन्मुख क्रोध तक नहीं पहुँचता। क्रोध के निरोध का उपदेश अर्थपरायण और धर्मपरायण दोनों देते हैं । पर दोनों में जिसे अति से अधिक सावधान रहना चाहिए वही कुछ भी नहीं रहता। बाकी रुपया वसूल करने का ढंग बताने वाला चाहे कड़े पड़ने की शिक्षा दे भी दे, पर धज के साथ धर्म की ध्वजा लेकर चलने वाला धोखे में भी क्रोध को पाप का रूप ही कहेगा । क्रोध रोकने का अभ्यास ठगों और स्वार्थियों को सिद्धों और साधकों से कम नहीं होता।

'खल' शब्द का अर्थ है:

  1. AOption (a)

    साधु

  2. BOption (b)

    दुष्ट

  3. COption (c)

    चालाक

  4. DOption (d)

    सज्जन

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Correct answer

Answer: (b)B.

दुष्ट

Why this answer is correct

'खल' शब्द का अर्थ है- 'दुष्ट'

  • 'खल' शब्द का अन्य अर्थ है- शठ, धूर्त, दुर्जन, कुटिल, नालायक, अधम। 
  • विलोम शब्द - 'सज्जन'

Key Pointsसाधु:- 

  • अर्थ: योगी, सज्जन, भद्र, संत, सभ्य, शिष्ट, कुलीन, महात्मा, संन्यासी, तपस्वी।
  • ​विलोम शब्द - 'असाधु'

चालाक:-

  • अर्थ: चतुर, छलिया, पटु, होशियार, चालबाज, फुरतीला, दक्ष, प्रवीण, निपुण।
  • ​विलोम शब्द -'बुद्धू'

Question 112

REET 2022• Hindi - II

निम्नलिखित पद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

दुर्योधन वह भी दे न सका, आशिष समाज की ले न सका,

उलटे, हरि को बाँधने चला, जो था असाध्य, साधने चला।

जब नाश मनुज पर छाता है

पहले विवेक मर जाता है

हरि ने भीषण हुँकार किया, अपना स्वरूप विस्तार किया,

डगमग-डगमग दिग्गज ���ोले, भगवान कुपित होकर बोले ।

“जंजीर बढ़ाकर साध मुझे,

हाँ-हाँ दुर्योधन ! बाँध मुझे

यह देख गगन मुझमें लय है, यह देख पवन मुझमें लय है,

मुझमें विलीन झंकार सकल, मुझमें लय है संसार सकल ।

सब जन्म मुझी से पाते हैं -

फिर लौट मुझी में आते हैं। "

दुर्योधन क्या असाध्य कार्य करना चाह रहा था ?

  1. AOption (a)

    अपनी सम्पत्ति में से सब कुछ न्योछावर कर देने का।

  2. BOption (b)

    समाज से आशीर्वाद लेने का।

  3. COption (c)

    हरि को बाँधने का।

  4. DOption (d)

    विवेक को जाग्रत करने का।

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Correct answer

Answer: (c)C.

हरि को बाँधने का।

Why this answer is correct

दुर्योधन हरि को बाँधने का असाध्य कार्य करना चाह रहा था।

  • पद्यांश के अनुसार:-
  • ​दुर्योधन हरि को बाँधने का असाध्य कार्य करना चाह रहा था, जो कार्य उसकी सामर्थ्य से बाहर था, वह उसी को करने लगा, श्रीकृष्ण को बन्धन में बाँधना दुर्योधन के वश की बात न थी।

Key Points

  • हरि - विष्णु, ईश्वर, सूर्य, भगवान, सिंह, हरा, इंद्र, शेर, अधिकमास, विष्णु, नारायण।

Additional Informationन्योछावर:-

  • अर्थ: कुर्बान, समर्पित, अर्पित।

आशीर्वाद:-

  • आशीः + वाद = आशीर्वाद
  • इसमें शब्द में विसर्ग संधि है।
  • अर्थ: शुभ वचन, असीस।
  • विलोम शब्द 'अभिशाप'

विवेक: - 

  • अर्थ: मेधा, बुद्धि, शक्ति, समझ, अक्ल, मति,  स्मृति, चतुराई, अक्लमंद।
  • विलोम शब्द - 'अविवेक'

जाग्रत:-

  • अर्थ: वह अवस्था जिसमें समस्त तथ्यों या बातों का ज्ञान हो।
  • विलोम शब्द -'सुप्त'
  • विशेषण शब्द

Question 113

REET 2022• Hindi - II

निम्नलिखित पद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

दुर्योधन वह भी दे न सका, आशिष समाज की ले न सका,

उलटे, हरि को बाँधने चला, जो था असाध्य, साधने चला।

जब नाश मनुज पर छाता है

पहले विवेक मर जाता है

हरि ने भीषण हुँकार किया, अपना स्वरूप विस्तार किया,

डगमग-डगमग दिग्गज डोले, भगवान कुपित होकर बोले ।

“जंजीर बढ़ाकर साध मुझे,

हाँ-हाँ दुर्योधन ! बाँध मुझे

यह देख गगन मुझमें लय है, यह देख पवन मुझमें लय है,

मुझमें विलीन झंकार सकल, मुझमें लय है संसार सकल ।

सब जन्म मुझी से पाते हैं -

फिर लौट मुझी में आते हैं। "

मनुष्य पर नाश के छाने का क्या प्रभाव पड़ता है ?

  1. AOption (a)

    मनुष्य की मेधा प्रखर हो जाती है।

  2. BOption (b)

    मनुष्य सरल और सहज स्वभाव का हो जाता है।

  3. COption (c)

    मनुष्य सही कर्म की तरफ उद्यत हो जाता है।

  4. DOption (d)

    मनुष्य का विवेक मर जाता है।

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Correct answer

Answer: (d)D.

मनुष्य का विवेक मर जाता है।

Why this answer is correct

मनुष्य पर नाश के छाने का प्रभाव पड़ता है- मनुष्य का विवेक मर जाता है।

  • पद्यांश के अनुसार:-
  • ​जब मनुष्य के बुरे दिन आते हैं तो उचित और अनुचित क्या है, यह विचार करने की मनुष्य की शक्ति नष्ट हो जाती है।

Key Points

  • विवेक - मेधा, बुद्धि, शक्ति, समझ, अक्ल, मति,  स्मृति, चतुराई, अक्लमंद।
  • विलोम शब्द - 'अविवेक'

Additional Informationप्रखर:-

  • अर्थ: तेज, बुद्धिमत्तापूर्ण, तीक्ष्ण, प्रचंड, उग्र। 
  • विलोम शब्द - 'मन्द'
  • विशेषण शब्द

​सहज:-

  • अर्थ: स्वाभाविक, सरल, साधारण, सामान्य। 
  • विलोम शब्द - 'कठिन'
  • विशेषण शब्द

उद्यत:-

  • उत् + हत = उद्यत (व्यंजन संधि)
  • अर्थ: तैयार, तत्पर, मुस्तैद, प्रस्तुत, आमादा। 
  • विलोम शब्द -'अनुद्यत'
  • विशेषण शब्द

Question 114

REET 2022• Hindi - II

निम्नलिखित पद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

दुर्योधन वह भी दे न सका, आशिष समाज की ले न सका,

उलटे, हरि को बाँधने चला, जो था असाध्य, साधने चला।

जब नाश मनुज पर छाता है

पहले विवेक मर जाता है

हरि ने भीषण हुँकार किया, अपना स्वरूप विस्तार किया,

डगमग-डगमग दिग्गज डोले, भगवान कुपित होकर बोले ।

“जंजीर बढ़ाकर साध मुझे,

हाँ-हाँ दुर्योधन ! बाँध मुझे

यह देख गगन मुझमें लय है, यह देख पवन मुझमें लय है,

मुझमें विलीन झंकार सकल, मुझमें लय है संसार सकल ।

सब जन्म मुझी से पाते हैं -

फिर लौट मुझी में आते हैं। "

निम्नलिखित पंक्तियों में से किस पंक्ति में नाद सौंदर्य है ?

  1. AOption (a)

    दुर्योधन वह भी दे न सका।

  2. BOption (b)

    डगमग-डगमग दिग्गज डोले।

  3. COption (c)

    भगवान कुपित होकर बोले।

  4. DOption (d)

    फिर लौट मुझी में आते हैं।

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Correct answer

Answer: (b)B.

डगमग-डगमग दिग्गज डोले।

Why this answer is correct

उपरोक्त पंक्तियों में से नाद सौंदर्य है- डगमग-डगमग दिग्गज डोले।

  • पद्यांश के अनुसार:-
  • डगमग-डगमग दिग्गज डोले।​
  • अर्थात श्रीकृष्ण ने अपना विराट स्वरूप दिखाया। इससे दिग्गज यानि महान व्यक्ति डगमगाने लगे।

Key Points

  • शब्दों का ऐसा प्रयोग जिससे कविता के किसी खास भाव या दृश्य में ध्वन्यात्मक प्रभाव पैदा हो, नाद सौंदर्य कहलाता है।

Additional Informationदिग्गज:-  

  • दिक् + गज (क् + ग = ग्ग) = दिग्गज।
  • 'दिग्गज' शब्द व्यंजन संधि का उदाहरण है।
  • अर्थ: बहुत बड़ा (आदमी)।

डगमग:-

  • अर्थ: जो बहुत अधिक हिल-डुल रहा हो, अस्थिर।

कुपित:-

  • अर्थ: जो कोप से युक्त हो; जो क्रोध से भरा हो, क्रुद्ध, खफ़ा, नाराज़, अप्रसन्न।

दुर्योधन:-

  • अर्थ: जिसके साथ लड़ाई बेहद मुश्किल है।

Question 115

REET 2022• Hindi - II

निम्नलिखित पद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

दुर्योधन वह भी दे न सका, आशिष समाज की ले न सका,

उलटे, हरि को बाँधने चला, जो था असाध्य, साधने चला।

जब नाश मनुज पर छाता है

पहले विवेक मर जाता है

हरि ने भीषण हुँकार किया, अपना स्वरूप विस्तार किया,

डगमग-डगमग दिग्गज डोले, भगवान कुपित होकर बोले ।

“जंजीर बढ़ाकर साध मुझे,

हाँ-हाँ दुर्योधन ! बाँध मुझे

यह देख गगन मुझमें लय है, यह देख पवन मुझमें लय है,

मुझमें विलीन झंकार सकल, मुझमें लय है संसार सकल ।

सब जन्म मुझी से पाते हैं -

फिर लौट मुझी में आते हैं। "

उपर्युक्त पद्यांश की भाषा है :

  1. AOption (a)

    संस्कृतनिष्ठ हिन्दी।

  2. BOption (b)

    तद्भवनिष्ठ हिन्दी।

  3. COption (c)

    आम बोलचाल की हिन्दी।

  4. DOption (d)

    देशज शब्दप्रधान हिन्दी।

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Correct answer

Answer: (a)A.

संस्कृतनिष्ठ हिन्दी।

Why this answer is correct

उपर्युक्त पद्यांश की भाषा है- संस्कृतनिष्ठ हिन्दी।

  • जिस हिन्‍दी को हम अपनी राष्‍ट्रभाषा बनाने के इच्‍छुक हैं, वह ‘हिन्‍दी अर्थात हिन्‍दुस्‍तानी’ नहीं !
  • यदि राष्‍ट्रभाषा हिन्‍दी को अन्‍य विकसित विदेशी भाषाओं के समान ही शब्‍दसंपन्‍न एवं विचारप्रदर्शन योग्‍य करना है, तो उसे संस्‍कृतनिष्‍ठता पर ही निर्भर रहना अनिवार्य है।

Key Points

  • तत्सम शब्द संस्कृत भाषा के दो शब्दों, तत् + सम् से मिलकर बना है।
  • तत् का अर्थ है – उसके, तथा सम् का अर्थ है – समान। अर्थात – ज्यों का त्यों।
  • जिन शब्दों को संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के ले लिया जाता है, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं।
  • जैसे- हरिद्रा, मुख, ग्राम, दुग्ध, पक्षी, कृषक आदि।

Additional Informationतद्भव:-

  • तत्सम शब्दों में समय और परिस्थितियों के कारण कुछ परिवर्तन होने से जो शब्द बने हैं उन्हें तद्भव कहते हैं।
  • तद्भव का शाब्दिक अर्थ है – उससे बने (तत् + भव = उससे उत्पन्न), अर्थात जो उससे (संस्कृत से) उत्पन्न हुए हैं।
  • यहाँ पर तत् शब्द भी संस्कृत भाषा की ओर इंगित करता है।
  • जैसे- हल्दी, मुँह, गाँव, दूध, पंछी, किसान आदि।

देशज शब्द:-

  • वे शब्द जिनकी उत्पत्ति के मूल का पता न हो परन्तु वे प्रचलन में हों। ऐसे शब्द देशज शब्द कहलाते हैं। 
  • जैसे - लोटा, कटोरा, डोंगा, डिबिया, खिचड़ी, खिड़की, पगड़ी, अंटा, चसक, चिड़िया, जूता, ठेठ, ठुमरी, तेंदुआ, फुनगी, कलाई आदि। ​

Question 116

REET 2022• Hindi - II

निम्नलिखित पद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

दुर्योधन वह भी दे न सका, आशिष समाज की ले न सका,

उलटे, हरि को बाँधने चला, जो था असाध्य, साधने चला।

जब नाश मनुज पर छाता है

पहले विवेक मर जाता है

हरि ने भीषण हुँकार किया, अपना स्वरूप विस्तार किया,

डगमग-डगमग दिग्गज डोले, भगवान कुपित होकर बोले ।

“जंजीर बढ़ाकर साध मुझे,

हाँ-हाँ दुर्योधन ! बाँध मुझे

यह देख गगन मुझमें लय है, यह देख पवन मुझमें लय है,

मुझमें विलीन झंकार सकल, मुझमें लय है संसार सकल ।

सब जन्म मुझी से पाते हैं -

फिर लौट मुझी में आते हैं। "

इस पद्यांश में मुख्यतः वर्णित है

  1. AOption (a)

    कृष्ण का प्रेम।

  2. BOption (b)

    दुर्योधन का विनय।

  3. COption (c)

    प्रकृति चित्रण।

  4. DOption (d)

    हरि की विराट शक्ति।

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Correct answer

Answer: (d)D.

हरि की विराट शक्ति।

Why this answer is correct

इस पद्यांश में मुख्यतः वर्णित है- हरि की विराट शक्ति।

  • पद्यांश के अनुसार:-
  • ​कविता में मुख्यतः श्री कृष्ण की लीला अर्थात हरि की विराट शक्ति का वर्णन किया गया है।

Key Points

  • विराट - बड़ा, विशाल, विस्तृत, विकराल, विश्वरूप।
  • विलोम शब्द - 'सूक्ष्म, क्षुद्र'
  • शक्ति - पराक्रम, बल, ताकत, योग्यता, सामर्थ्य, क्षमता, जोर।
  • ​विलोम शब्द - 'क्षीणता'
  • हरि - विष्णु, ईश्वर, सूर्य, भगवान, सिंह, हरा, इंद्र, शेर, अधिकमास, विष्णु, नारायण।

Additional Informationप्रेम:-

  • अर्थ: प्यार मोहब्बत, इश्क, अनुराग, प्रणय, स्नेह, अनुरक्ति।
  • ​विलोम शब्द - 'घृणा'

विनय:-

  • अर्थ: निवेदन, अनुनय, विनती, प्रार्थना, गुजारिश, इल्तजा।
  • विलोम शब्द - ​**'अविनय'**

प्रकृति:-

  • प्र + कृति = प्रकृति
  • 'प्र' (आगे) उपसर्ग और 'कृति' (रचना) मूलशब्द
  • अर्थ: कुदरत, स्वभाव, शील, तासीर, मिजाज।
  • विलोम शब्द - 'कृत्रिम'

चित्रण:-

  • अर्थ: कथन, व्याख्या, विवरण, उल्लेख, जिक्र, चर्चा।

Question 117

REET 2022• Hindi - II

आश्रित उपवाक्य का भेद नहीं है :

  1. AOption (a)

    संज्ञा उपवाक्य

  2. BOption (b)

    क्रिया-विशेषण उपवाक्य

  3. COption (c)

    विशेषण उपवाक्य

  4. DOption (d)

    प्रधान उपवाक्य

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Correct answer

Answer: (d)D.

प्रधान उपवाक्य

Why this answer is correct

सही उत्तर 'प्रधान उपवाक्य' है।

  • प्रधान उपवाक्य आश्रित उपवाक्य का भेद नहीं है।
  • जिस वाक्य में जो उपवाक्य किसी पर आश्रित न हो अर्थात् स्वतंत्र हो और उसकी क्रिया मुख्य हो, उसे मुख्य या प्रधान उपवाक्य कहते हैं।
  • उदाहरण: जब वह कोलकाता पहुँचा तब प्रधानमंत्री जा चुके थे।
  • उपरोक्त वाक्य में 'जब वह कोलकाता पहुँचा' आश्रित उपवाक्य और 'तब प्रधानमंत्री जा चुके थे' प्रधान उपवाक्य है।

Key Points

आश्रित उपवाक्यपरिभाषा
संज्ञा उपवाक्यजो आश्रित उपवाक्य प्रधान वाक्य की क्रिया  के करता, कर्म  अथवा पूरक के रूप में प्रयुक्त हों उन्हें संज्ञा  उपवाक्य कहते हैं।; जैसे मैं जानता हूँ कि वह बहुत अच्छा  है। उसका विचार है कि विनय सच्चा आदमी है। सीमा ने कहा कि उसका भाई दिल्ली गया है। इन वाक्यों में मोटे अक्षरों वाले अंश संज्ञा उपवाक्य हैं।
विशेषण उपवाक्यजब कोई आश्रित उपवाक्य प्रधान वाक्य की संज्ञा पद की विशेषता बताते हैं, उन्हें विशेषण उपवाक्य कहते हैं, जैसे-उसने  एक व्यक्ति को देखा जो बहुत पतला था। वे फल कहाँ है जिन को आप लाए थे। इन वाक्यों में मोटे अक्षरों वाले अंश विशेषण उपवाक्य हैं। विशेषण उपवाक्य का प्रारंभ जो अथवा इसके किसी रूप से होता है।
क्रियाविशेषण उपवाक्यजब कोई आश्रित उपवाक्य प्रधान वाक्य की क्रिया की विशेषता बताए, उसे क्रियाविशेषण उपवाक्य कहते हैं। ये प्राय: क्रिया का काल, स्थान, रीति, परिमाण, कारण आदि के सूचक क्रियाविशेषणों के द्वारा प्रधान वाक्य से जुड़े रहते हैं; जैसे जब वर्षा हो रही थी तब मैं कमरे में था। जहाँ-जहाँ वे गए, उनका स्वागत हुआ। मैं वैसे ही जाता हूँ, जैसे रमेश जाता है। यदि मैंने परिश्रम किया होता तो अवश्य सफल होता। इन वाक्यों में मोटे अक्षरों वाले अंश क्रियाविशेषण उपवाक्य हैं।

Question 118

REET 2022• Hindi - II

निम्नलिखित में से मिश्र वाक्य है :

  1. AOption (a)

    मेरा भाई रोहन खेल पुस्तकें अधिक पढ़ता है।

  2. BOption (b)

    नाथद्वारा का श्रीनाथ मंदिर दर्शनीय है।

  3. COption (c)

    नंदिनी ने कहा कि मैं जयपुर नहीं जाऊँगी।

  4. DOption (d)

    सुबह हुई और भौर गुनगुनाने लगे।

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Correct answer

Answer: (c)C.

नंदिनी ने कहा कि मैं जयपुर नहीं जाऊँगी।

Why this answer is correct

नंदिनी ने कहा कि मैं जयपुर नहीं जाऊँगी।​ मिश्र वाक्य का उदाहरण है, शेष विकल्प असंगत हैं। अतः विकल्प 3 सही है।

Key Points

  • 'नंदिनी ने कहा कि मैं जयपुर नहीं जाऊँगी।' मिश्र वाक्‍य है क्योंकि इसमें एक प्रधान और एक आश्रित वाक्य है।
  • मिश्र वाक्य में एक से अधिक वाक्य मिले हों, किन्तु एक प्रधान उपवाक्य तथा शेष आश्रित उपवाक्य होते हैं।

अन्य विकल्प–

  • मेरा भाई रोहन खेल पुस्तकें अधिक पढ़ता है। - सरल वाक्य
  • नाथद्वारा का श्रीनाथ मंदिर दर्शनीय है। - सरल वाक्य
  • सुबह हुई और भौर गुनगुनाने लगे। - संयुक्त वाक्य

Additional Information

  • ​रचना की दृष्टि से वाक्य के तीन प्रमुख भेद किये जाते हैं:
वाक्यदो या दो से अधिक शब्दों के सार्थक समूह को कहते हैं। मुख्य रूप से इसके तीन प्रकार माने गए हैं -
परिभाषाउदाहरण
सरलऐसे वाक्य जिनमें एक ही क्रिया एवं एक ही कर्ता होता है या जिस वाक्य में एक ही उद्देश्य एवं एक ही विधेय होता है, वे वाक्य सरल वाक्य कहलाते हैं। इसमें कर्ता एक से अधिक हो सकते हैं लेकिन मुख्य क्रिया एक ही होगी।राकेश पढ़ता है। कमला और विमला मंदिर जाती हैं।
संयुक्तजिस वाक्य में दो या दो से अधिक उपवाक्य मिले हों, परन्तु सभी वाक्य प्रधान हो तो ऐसे वाक्य को संयुक्त वाक्य कहते है। संयोजक शब्द जैसे: और, एवं, फिर, या,अथवा, परंतु, इसलिए, तथा, तो, नहीं तो, भी, किंतु।वह सुबह आगरा गया और शाम को लौट आया।
मिश्रजिस वाक्य में एक से अधिक वाक्य मिले हों, किन्तु एक प्रधान उपवाक्य तथा शेष आश्रित उपवाक्य हों, मिश्रित वाक्य कहलाता है। मिश्र वाक्य के निर्माण में संयोजक अव्यय जैसे: आपस में, कि, जो, क्योंकि, जितना, उतना, जैसा, वैसा, जब, तब, जहाँ, वहाँ, जिधर, उधर, यद्यपि, यदि, अगर, तो इत्यादि।वह औरत जो पार्क में बैठी हैं मेरी मौसी हैं।

Question 119

REET 2022• Hindi - II

 “शालिनी घर से आती है।" वाक्य में कारक है :

  1. AOption (a)

    करण कारक

  2. BOption (b)

    अपादान कारक

  3. COption (c)

    अधिकरण कारक

  4. DOption (d)

    सम्प्रदान कारक

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Correct answer

Answer: (b)B.

अपादान कारक

Why this answer is correct

सही उत्तर 'अपादान कारक' है।

  • “शालिनी घर से आती है।" वाक्य में अपादान कारक है।
  • दिए गए वाक्य में ‘से’ विभक्ति चिन्ह का प्रयोग किया गया है।
  • वाक्य में शालिनी के घर से अलग हो जाने की बात कही जा रही है।
  • जब दो चीजें अलग होती है तो वह वाक्य अपादान कारक के अंतर्गत आता है।

Key Points

कारककारक का अर्थ होता है किसी कार्य को करने वाला। यानी जो भी क्रिया को करने में भूमिका निभाता है, वह कारक कहलाता है। इसके निम्न भेद हैं -वह रोज़ सुबह गंगा किनारे जाता है।
भेदपरिभाषाविभक्ति
कर्ता कारकजो वाक्य में कार्य को करता है, वह कर्ता कहलाता है। कर्ता वाक्य का वह रूप होता अहि जिसमे कार्य को करने वाले का पता चलता है।ने
कर्म कारकवह वस्तु या व्यक्ति जिस पर वाक्य में की गयी क्रिया का प्रभाव पड़ता है वह कर्म कहलाता है।को
करण कारकवह साधन जिससे क्रिया होती है, वह करण कहलाता है। यानि, जिसकी सहायता से किसी काम को अंजाम दिया जाता वह करण कारक कहलाता है।से, के द्वारा
सम्प्रदान कारकजब वाक्य में किसी को कुछ दिया जाए या किसी के लिए कुछ किया जाए तो वहां पर सम्प्रदान कारक होता है।के लिए
अपादान कारकजब संज्ञा या सर्वनाम के किसी रूप से किन्हीं दो वस्तुओं के अलग होने का बोध होता है, तब वहां अपादान कारक होता है।से (अलग होना)
संबंध कारकसंज्ञा या सर्वनाम का वह रूप जो हमें किन्हीं दो वस्तुओं के बीच संबंध का बोध कराता है, वह संबंध कारक कहलाता है।का, के, की
अधिकरण कारकसंज्ञा का वह रूप जिससे क्रिया के आधार का बोध हो उसे अधिकरण कारक कहते हैं।में, पर
संबोधन कारकसंज्ञा या सर्वनाम का वह रूप जिससे किसी को बुलाने, पुकारने या बोलने का बोध होता है, तो वह सम्बोधन कारक कहलाता है।हे!, अरे!

Question 120

REET 2022• Hindi - II

'थोथा चना बाजे घना' लोकोक्ति का अर्थ है:

  1. AOption (a)

    छोटा आदमी बड़े पद पर पहुँचकर इतराकर चलता है।

  2. BOption (b)

    मूर्ख को गुण की परख नहीं होती।

  3. COption (c)

    गुणहीन व्यक्ति अधिक आडम्बर करता है।

  4. DOption (d)

    सीधेपन से कोई कार्य नहीं होता।

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Correct answer

Answer: (c)C.

गुणहीन व्यक्ति अधिक आडम्बर करता है।

Why this answer is correct

सही उत्तर 'गुणहीन व्यक्ति अधिक आडम्बर करता है।' हैं।

  • 'थोथा चना बाजे घना' लोकोक्ति का अर्थ है: 'गुणहीन व्यक्ति अधिक आडम्बर करता हैं।'
  • वाक्य प्रयोग- हाईस्कूल में दो बार फेल हो चुका रामू बात कर रहा था कि उसे सब कुछ याद है और वह इंटर के छात्रों को भी पढ़ा सकता है। ये तो वही बात हुई – ‘थोथा चना, बाजे घना’।

Key Points

अन्य विकल्पों का विश्लेषण:

लोकोक्तिअर्थवाक्य
बन्दर क्या जाने अदरक का स्वादमूर्ख को गुण की परख नहीं होती।जो कार्य करता है उसी को उस काम की महत्ता का पता होता है बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद।
प्यादे से फरजी भयो टेढ़ो-टेढ़ो जायछोटा आदमी बड़े पद पर पहुँचकर इतराकर चलता है।रमेश जब मामूली सिपाही था तब बहुत ही सीधी-सादी चाल का आदमी था, पर अब थानेदार बनने के बाद तो वह अपनों से भी टेढ़ा चलने लगा है। उसकी चर्चा होने पर परिचितों के बाद यह कहावत चल निकली है कि प्यादे सों फरजी भयो, टेढ़ो टेढ़ो जाय।
सीधी ऊँगली से घी नहीं निकलतासीधेपन से कोई कार्य नहीं होता।हमने राजी – वाजी से काम निकालना चाहा, पर ठीक ही कहते हैं – ‘सीधी ऊँगली से घी नहीं निकलता’।

Additional Information 

लोकोक्ति परिभाषाउदाहरण
लोकोक्ति का शाब्दिक अर्थ ‘लोक में प्रचलित उक्ति’ है। जब कोई पूर्य कथन किसी प्रसंग विशेष में उद्धृत किया जाता है तो उसे लोकोक्ति कहते हैं।अपनी करनी पर उतरनी अर्थात किए का फल भोगना। वाक्य- एक छोटी सी चोरी के कारण वह आज तक जेल में पश्चचाताप कर रहा है, अपनी करनी पार उतरनी।