किस वाक्य में 'भाववाच्य' नहीं है?
- AOption (a)
मुझसे सुबह जल्दी नहीं उठा जाता।
- BOption (b)
वह प्रतिदिन स्कूल नहीं जाता है।
- COption (c)
छोटे बच्चों से सीढ़ियाँ नहीं चढ़ीं जातीं।
- DOption (d)
कमजोरी के कारण लड़के से चला नहीं जाता।
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Correct answer
वह प्रतिदिन स्कूल नहीं जाता है।
Why this answer is correct
वाक्य में 'भाववाच्य' नहीं है- वह प्रतिदिन स्कूल नहीं जाता है।
Key Points
- "वह प्रतिदिन स्कूल नहीं जाता है।" — यह एक कर्तृवाच्य वाक्य है।
- यहाँ क्रिया 'जाता है' का सीधा संबंध कर्ता 'वह' से है।
- इसमें कर्ता को हटाया नहीं जा सकता और न ही यह असमर्थता का भाव दर्शा रहा है।
अन्य विकल्प -
| वाक्य | भाववाच्य |
|---|---|
| मुझसे सुबह जल्दी नहीं उठा जाता। | इसमें 'उठना' क्रिया अकर्मक है और यहाँ असमर्थता का भाव है। |
| छोटे बच्चों से सीढ़ियाँ नहीं चढ़ीं जातीं। | यह असमर्थता प्रकट कर रहा है (भले ही सीढ़��याँ कर्म है, पर यहाँ जोर चढ़ने की क्रिया/असमर्थता पर है)। |
| कमजोरी के कारण लड़के से चला नहीं जाता। | इसमें 'चलना' अकर्मक क्रिया है और 'चला नहीं जाता' भाव प्रधान है। |
Additional Information
| वाच्य:- - क्रिया के जिस रूपान्तर से यह ज्ञात हो कि वाक्य में प्रयुक्त क्रिया का प्रधान विषय कर्ता, कर्म अथवा भाव है, उसे वाच्य कहते हैं। वाच्य के तीन भेद हैं- - कर्तृवाच्य - कर्मवाच्य - भाववाच्य |
|---|
| वाच्य | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| कर्तृवाच्य | जिस वाक्य में कर्ता मुख्य हो और क्रिया कर्ता के लिंग, वचन एवं पुरूष के अनुसार हो, उसे कर्तृवाच्य कहते है। | रमेश केला खाता है। |
| कर्मवाच्य | जिस वाक्य में कर्म मुख्य हो तथा इसकी सकर्मक क्रिया के लिंग, वचन व पुरूष कर्म के अनुसार हो, उसे कर्मवाच्य कहते हैं। | कवियों द्वारा कविताएँ लिखी गई। |
| भाववाच्य | जब वाक्य में न तो कर्ता की प्रधानता होती है और न कर्म की, बल्कि क्रिया का भाव प्रधान होता है, उसे भाववाच्य कहते हैं। | मोहन से टहला भी नहीं जाता। |