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Question 41

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस वाक्य में ‘मध्यमपुरुष’ का प्रयोग नहीं हुआ है ?

  1. AOption (a)

    आपको यही उचित लगता है, तो ठीक है।

  2. BOption (b)

    यह बात आप ही कह दीजिए।

  3. COption (c)

    हम अपने आपको भूल गए।

  4. DOption (d)

    इस विषय में आपकी क्या राय है ?

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Correct answer

Answer: (c)C.

हम अपने आपको भूल गए।

Why this answer is correct

वाक्य में ‘मध्यमपुरुष’ का प्रयोग नहीं हुआ है- हम अपने आपको भूल गए।

Key Points

  • यहाँ 'अपने आपको' शब्द 'निजवाचक सर्वनाम' के अंतर्गत आता है, न कि मध्यम पुरुष। इसमें वक्ता स्वयं (खुद) के बारे में बात कर रहा है।
  • जिन शब्दों का प्रयोग वक्ता स्वयं के लिए करता है, वे निजवाचक सर्वनाम कहलाते हैं। इसके अंतर्गत आप, स्वयं, खुद, स्वतः आदि।
  • उदाहरण - मैं अपना काम स्वयं कर लूँगा। वह अपने आप घर चला गया।

अन्य विकल्प:

  • (आपको): यहाँ 'आपको' (सामने वाले व्यक्ति) का संबोधन है। (मध्यम पुरुष)
  • (आप ही): यहाँ 'आप' का प्रयोग सामने वाले व्यक्ति को कोई कार्य करने के लिए कहा जा रहा है। (मध्यम पुरुष)
  • (आपकी): यहाँ 'आपकी' का प्रयोग सामने वाले व्यक्ति की राय जानने के लिए हुआ है। (मध्यम पुरुष)

Additional Information पुरुषवाचक सर्वनाम-

  • जिन सर्वनामों का प्रयोग कहने, सुनने वाले के स्थान पर किया जाता है, उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम से जाना जाता है।
  • पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन भेद हैं-
  • उत्तमपुरुष- मैं, हम, मुझे, मेरा, हमारा, हमें।
  • मध्यमपुरुष- तू, तुम, तुझे, तुम्हें, तेरा, आप, आपका, आपको।
  • अन्यपुरुष- वह, वे, यह, ये, उन्हें, उसे, इसे, उसका, इसका।

Question 42

Rajasthan Police SI 2021• Test

‘हिमालय से अनेक नदियाँ निकलती हैं।’ इस वाक्य में किस कारक के परसर्ग का प्रयोग हुआ है ?

  1. AOption (a)

    संबंध कारक

  2. BOption (b)

    अधिकरण कारक

  3. COption (c)

    अपादान कारक

  4. DOption (d)

    करण कारक

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Correct answer

Answer: (c)C.

अपादान कारक

Why this answer is correct

सही उत्तर है - अपादान कारक

Key Points

  • वाक्य: "हिमालय से अनेक नदियाँ निकलती हैं।"
  • यहाँ नदियों का हिमालय से अलग होने या उत्पन्न होकर दूर जाने का बोध हो रहा है, इसलिए यहाँ अपादान कारक है।
  • जब संज्ञा या सर्वनाम के किसी रूप से किन्हीं दो वस्तुओं के अलग होने का बोध होता है, तब वहां अपादान कारक होता है।
  • अपादान कारक का भी विभक्ति चिन्ह से होता है। 
  • उदाहरण - दूल्हा घोड़े से गिर पड़ा। चूहा बिल से बाहर निकला।

Important Pointsहिन्दी में आठ कारक’ हैं -

कारकविभक्तियाँ
कर्ताने
कर्मको
करणसे, द्वारा
सम्प्रदानको, के लिये, हेतु
अपादानसे (अलग होने के अर्थ में)
सम्बन्धका, की, के, रा, री, रे
अधिकरणमें, पर
सम्बोधनहे! अरे! ऐ! ओ! हाय!

Additional Information 

 

संबंध कारक:- - संज्ञा या सर्वनाम का वह रूप जो हमें किन्हीं दो वस्तुओं के बीच संबंध का बोध कराता है, वह संबंध कारक कहलाता है। - सम्बन्ध कारक के विभक्ति चिन्ह का, के, की, ना, ने, नो, रा, रे, री आदि हैं। जैसे - - बच्चे का सिर दुःख रहा है। - यह सुनील की किताब है। अधिकरण कारक:- - अधिकरण का अर्थ होता है – आश्रय। संज्ञा का वह रूप जिससे क्रिया के आधार का बोध हो उसे अधिकरण कारक कहते हैं। - इसकी विभक्ति में और पर होती है। भीतर, अंदर, ऊपर, बीच आदि शब्दों का प्रयोग इस कारक में किया जाता है। उदाहरण - - फ्रिज में सेब रखा है। - पुस्तक मेज पर है। करण कारक:- - वह साधन जिससे क्रिया होती है, वह करण कहलाता है। यानि, जिसकी सहायता से किसी काम को अंजाम दिया जाता, वह करण कारक कहलाता है। - करण कारक के दो विभक्ति चिन्ह होते है- से और के द्वारा। उदाहरण - - बच्चे मिट्टी से खेल रहे हैं। - रजत के द्वारा वह काम इतनी जल्दी हुआ।

Question 43

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस विकल्प में 'समश्रुत भिन्नार्थक' शब्दों के अर्थ सुमेलित हैं?

  1. AOption (a)

    अश्व-अश्म = घोड़ा-खच्चर

  2. BOption (b)

    जलद-जलज = कमल-बादल

  3. COption (c)

    सर्वथा-सर्वदा = सब तरह से-सदैव/हमेशा

  4. DOption (d)

    अनिल-अनल = आग-हवा

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Correct answer

Answer: (c)C.

सर्वथा-सर्वदा = सब तरह से-सदैव/हमेशा

Why this answer is correct

सही उत्तर है - सर्वथा-सर्वदा = सब तरह से-सदैव/हमेशा

Key Points

  • ​'समश्रुत भिन्नार्थक' शब्दों के अर्थ सुमेलित -
  • सर्वथा : सब तरह से
  • सर्वदा : सदैव/हमेशा
  • यहाँ दोनों शब्दों के अर्थ उनके क्रमानुसार बिल्कुल सही हैं।
  • ऐसे शब्द जो पढ़ने और सुनने में लगभग एक-से लगते हैं, परंतु अर्थ की दृष्टि से भिन्न्न होते हैं, समभिन्नार्थक शब्द कहलाते हैं।

अन्य विकल्प -

शब्द-युग्मसही अर्थ (क्रमशः)क्यों गलत है?
अश्व-अश्मघोड़ा-पत्थरविकल्प में 'खच्चर' दिया है, जबकि 'अश्म' का अर्थ 'पत्थर' होता है।
जलद-जलजबादल-कमलयहाँ अर्थों का क्रम उलट दिया गया है (जलद=बादल, जलज=कमल)।
अनिल-अनलहवा-आगयहाँ भी अर्थों का क्रम उलट दिया गया है (अनिल=हवा, अनल=आग)।

Additional Information

शब्द-युग्मअर्थ भेद (क्रमशः)
अवलंब - अविलंबसहारा - तुरंत (बिना देरी के)
उदार - उधारदयालु - ऋण (कर्ज)
कठिन - कठीनमुश्किल - कठोर (सख्त)
कली - कलिफूल की अधखिली अवस्था - कलियुग
गृह - ग्रहघर - नक्षत्र (जैसे: मंगल)
चरम - चरमअंतिम - चमड़ा
पाणि - पानीहाथ - जल
मूल - मूल्यजड़ - कीमत
शक - शकसंदेह - एक प्राचीन जाति

Question 44

Rajasthan Police SI 2021• Test

'निश्चयार्थ वृत्ति' का प्रयोग किस वाक्य में हुआ है?

  1. AOption (a)

    हमें सदैव सच बोलना चाहिए।

  2. BOption (b)

    बच्चे ने पुस्तक पढ़ ली है।

  3. COption (c)

    भगवान सबका भला करे।

  4. DOption (d)

    शायद वह आज आ जाए।

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Correct answer

Answer: (b)B.

बच्चे ने पुस्तक पढ़ ली है।

Why this answer is correct

'निश्चयार्थ वृत्ति' का प्रयोग वाक्य में हुआ है- बच्चे ने पुस्तक पढ़ ली है।

Key Points

  • "बच्चे ने पुस्तक पढ़ ली है।" — यहाँ क्रिया के होने की पूर्णता और वास्तविकता प्रकट हो रही है।
  • यह एक निश्चित तथ्य है, इसलिए यह निश्चयार्थ वृत्ति है।

अन्य विकल्प -

वाक्यवृत्ति का प्रकारक्यों?
हमें सदैव सच बोलना चाहिए।आज्ञार्थकयह एक उपदेश है।
भगवान सबका भला करे।इच्छार्थकयहाँ वक्ता की इच्छा प्रकट हो रही है।
शायद वह आज आ जाए।संभाव्यर्थकयहाँ कार्य के होने की संभावना है।

Important Pointsवृत्ति -

  • क्रिया के उस रूप को कहते हैं
  • जो वक्ता (बोलने वाले) के मनोभावों, इच्छाओं, आज्ञा या संभावना को प्रकट करता है।
  • मुख्य रूप से वृत्ति के 5 भेद माने जाते हैं: निश्चयार्थ, आज्ञार्थ, संभावना/संभावनार्थ, संकेतार्थ, और सामर्थ्यार्थ।

Additional Information

वृत्ति का नामपरिभाषाउदाहरण
निश्चयार्थककार्य के होने या न होने का सामान्य बोध।वह पढ़ता है।
संकेतार्थकएक कार्य का होना दूसरे पर निर्भर हो।यदि वर्षा होती, तो फसल अच्छी होती।
आज्ञार्थकआज्ञा, प्रार्थना या उपदेश का बोध।तुम घर जाओ। / कृपया मदद करें।
संदेहार्थककार्य में अनिश्चितता या संदेह हो।शायद वह आ रहा होगा।
संभाव्यर्थककार्य के होने की संभावना का बोध।शायद आज धूप निकले।

Question 45

Rajasthan Police SI 2021• Test

'आवृत्तिमूलक पक्ष' से संबंधित वाक्य है -

  1. AOption (a)

    मोहन अध्यापक है।

  2. BOption (b)

    बालक पुस्तक पढ़ रहा है।

  3. COption (c)

    बच्ची सो चुकी है।

  4. DOption (d)

    वह स्कूल जाता है।

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Correct answer

Answer: (d)D.

वह स्कूल जाता है।

Why this answer is correct

'आवृत्तिमूलक पक्ष' से संबंधित वाक्य है - वह स्कूल जाता है।

Key Points

  • "वह स्कूल जाता है।" - यह क्रिया उसकी दिनचर्या या आदत को दर्शाती है,
  • जो बार-बार दोहराई जाती है। इसलिए यह आवृत्तिमूलक पक्ष का उदाहरण है।

अन्य विकल्प -

वाक्यपक्ष का प्रकार
मोहन अध्यापक है।स्थितिबोधक - यह केवल अवस्था बताता है।
बालक पुस्तक पढ़ रहा है।सातत्यबोधक- कार्य जारी है।
बच्ची सो चुकी है।पूर्णताबोधक - कार्य समाप्त हो चुका है।

Important Pointsपक्ष-

  • क्रिया के कार्य की अवस्था या रूप को व्यक्त करने वाले भेद को ‘पक्ष’ कहा जाता है।

Additional Informationहिंदी में मुख्य रूप से 7 पक्ष माने जाते हैं:

पक्ष का नामपरिभाषाउदाहरण
नित्यताबोधककार्य का हमेशा होना।सूर्य पूर्व में उगता है।
सातत्यबोधककार्य का लगातार जारी रहना।वह पढ़ रहा है।
प्रगतिबोधककार्य का धीरे-धीरे आगे बढ़ना।वह बड़ा होता जा रहा है।
पूर्णताबोधककार्य का समाप्त हो जाना।मैंने पत्र लिख लिया है।
आवृत्तिमूलककार्य का बार-बार या आदत के रूप में होना।वह रोज टहलने जाता है।
आसन्नबोधककार्य के तुरंत होने का बोध।वह अभी-अभी सोया है।
सन्निकटबोधककार्य के शुरू होने ही वाला होने का बोध।वह जाने ही वाला है।

Question 46

Rajasthan Police SI 2021• Test

'कर्तृवाच्य' से संबंधित वाक्य है -

  1. AOption (a)

    चोर पकड़ा गया है।

  2. BOption (b)

    यह बात उससे पता चली।

  3. COption (c)

    लड़का पढ़ रहा है।

  4. DOption (d)

    किसान द्वारा फसल काट ली गई।

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Correct answer

Answer: (c)C.

लड़का पढ़ रहा है।

Why this answer is correct

'कर्तृवाच्य' से संबंधित वाक्य है - लड़का पढ़ रहा है।

Key Points

  • "लड़का पढ़ रहा है।" - यहाँ क्रिया 'पढ़ रहा है' सीधे 'लड़का' (कर्ता) के अनुसार है। यदि कर्ता 'लड़की' होता, तो क्रिया 'पढ़ रही है' हो जाती।

अन्य विकल्प -

वाक्यवाच्य का प्रकारक्यों?
चोर पकड़ा गया है।कर्मवाच्ययहाँ क्रिया 'पकड़ा गया' कर्म (चोर) के अनुसार है।
यह बात उससे पता चली।कर्मवाच्य/भावयहाँ क्रिया का सीधा संबंध कर्ता से नहीं है।
किसान द्वारा फसल काट ली गई।कर्मवाच्य'द्वारा' का प्रयोग और क्रिया का कर्म (फसल) के साथ संबंध कर्मवाच्य दर्शाता है।

Additional Information

वाच्य:- - क्रिया के जिस रूपान्तर से यह ज्ञात हो कि वाक्य में प्रयुक्त क्रिया का प्रधान विषय कर्ता, कर्म अथवा भाव है, उसे वाच्य कहते हैं। वाच्य के तीन भेद हैं- - कर्तृवाच्य - कर्मवाच्य - भाववाच्य
वाच्यपरिभाषाउदाहरण
​कर्तृवाच्यजिस वाक्य में कर्ता मुख्य हो और क्रिया कर्ता के लिंग, वचन एवं पुरूष के अनुसार हो, उसे कर्तृवाच्य कहते है।सीता पुस्तक पढ़ती है।
कर्मवाच्यजिस वाक्य में कर्म मुख्य हो तथा इसकी सकर्मक क्रिया के लिंग, वचन व पुरूष कर्म के अनुसार हो, उसे कर्मवाच्य कहते हैं।चित्रकार द्वारा चित्र बनाया गया।
भाववाच्यजब वाक्य में न तो कर्ता की प्रधानता होती है और न कर्म की, बल्कि क्रिया का भाव प्रधान होता है, उसे भाववाच्य कहते हैं।​धूप में बैठा नहीं जाता।

Question 47

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस विकल्प में 'समश्रुत भिन्नार्थक' शब्दों के अर्थ सुमेलित नहीं हैं?

  1. AOption (a)

    पथ-पथ्य = मार्ग/रास्ता - बीमार को दिया जाने वाला हितकर भोजन आदि

  2. BOption (b)

    जठर-जरठ = ज्येष्ठ/बड़ा - बूढ़ा

  3. COption (c)

    निर्माण-निर्वाण = रचना-मोक्ष

  4. DOption (d)

    तर्क-तक्र = बहस-छाछ

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Correct answer

Answer: (b)B.

जठर-जरठ = ज्येष्ठ/बड़ा - बूढ़ा

Why this answer is correct

'समश्रुत भिन्नार्थक' शब्दों के अर्थ सुमेलित नहीं हैं- जठर-जरठ = ज्येष्ठ/बड़ा - बूढ़ा

Key Points

  • यह विकल्प गलत सुमेलित है, क्योंकि यहाँ 'जठर' का अर्थ गलत दिया गया है।
  • जठर : इसका सही अर्थ 'पेट' होता है (जैसे- जठराग्नि = पेट की आग)।
  • जरठ : इसका सही अर्थ 'बूढ़ा' होता है।
  • अतः, 'जठर-जरठ' का सही अर्थ भेद 'पेट-बूढ़ा' होगा।
  • ऐसे शब्द जो पढ़ने और सुनने में लगभग एक-से लगते हैं, परंतु अर्थ की दृष्टि से भिन्न्न होते हैं, समभिन्नार्थक शब्द कहलाते हैं।

अन्य विकल्प -

शब्द-युग्मअर्थ भेद
पथ - पथ्यमार्ग - बीमार का भोजन (हितकर)
निर्माण - निर्वाणरचना - मोक्ष
तर्क - तक्रबहस - छाछ

Additional Information

शब्द-युग्मअर्थ भेद (क्रमशः)
अनल - अनिलआग - हवा
कुल - कूलवंश/सब - किनारा
अतुल - अतलजिसकी तुलना न हो - जिसका तल न हो (गहरा)
दवा - दवातऔषधि - स्याही रखने का पात्र
प्रसाद - प्रासादकृपा/भोग - महल
सूत - सूतधागा - सारथी (पुत्र)
बली - बलिशक्तिशाली - बलिदान/भेंट
तरणी - तरुणीसूर्य - युवती
अवधि - अवधीसमय की सीमा - अवध (लखनऊ) की भाषा

Question 48

Rajasthan Police SI 2021• Test

कौन सा कथन सही नहीं है?

  1. AOption (a)

    प्रेरणार्थक क्रियाएँ सदैव सकर्मक ही होती हैं।

  2. BOption (b)

    'भाववाच्य' केवल अकर्मक क्रियाओं में ही होता है।

  3. COption (c)

    'कर्मवाच्य' अकर्मक और सकर्मक दोनों क्रियाओं में होता है।

  4. DOption (d)

    'कर्तृवाच्य' भी अकर्मक और सकर्मक दोनों क्रियाओं में होता है।

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Correct answer

Answer: (c)C.

'कर्मवाच्य' अकर्मक और सकर्मक दोनों क्रियाओं में होता है।

Why this answer is correct

कथन सही नहीं है- 'कर्मवाच्य' अकर्मक और सकर्मक दोनों क्रियाओं में होता है।

Key Points

  • (गलत कथन): 'कर्मवाच्य' अकर्मक और सकर्मक दोनों में होता है।
  • तथ्य: कर्मवाच्य में क्रिया का लिंग और वचन कर्म के अनुसार बदलता है। यदि कर्म ही नहीं होगा (अकर्मक), तो कर्मवाच्य बन ही नहीं सकता।
  • सकर्मक उदाहरण: "राम के द्वारा आम (कर्म) खाया गया।" (सही)
  • अकर्मक स्थिति: "राम के द्वारा सोया गया।" (यह अकर्मक है, इसलिए इसे कर्मवाच्य न कहकर भाववाच्य कहा जाता है)।

Additional Information(सही कथन): प्रेरणार्थक क्रियाएँ सदैव सकर्मक ही होती हैं।

  • तथ्य: जब कर्ता स्वयं कार्य न करके किसी दूसरे को कार्य करने की प्रेरणा देता है, तो कार्य किसी न किसी पर (कर्म पर) घटित ��ोता है।
  • उदाहरण: मूल क्रिया: 'हँसना' (अकर्मक)
  • प्रेरणार्थक: 'हँसाना' (सकर्मक - जैसे: जोकर बच्चों को हँसाता है।)

(सही कथन): 'भाववाच्य' केवल अकर्मक क्रियाओं में ही होता है।

  • तथ्य: भाववाच्य में क्रिया का अर्थ (भाव) प्रधान होता है, कर्ता या कर्म नहीं। यह प्रायः निषेधात्मक (नहीं) वाक्यों में आता है।
  • उदाहरण: "अब चला नहीं जाता।" (यहाँ 'चलना' अकर्मक क्रिया है)।

(सही कथन): 'कर्तृवाच्य' अकर्मक और सकर्मक दोनों में होता है।

  • तथ्य: इसमें कर्ता प्रधान होता है, चाहे क्रिया के साथ कर्म हो या न हो।
  • सकर्मक उदाहरण: "लड़का किताब पढ़ता है।"
  • अकर्मक उदाहरण: "लड़का सोता है।"

Question 49

Rajasthan Police SI 2021• Test

कौन सा कथन गलत है?

  1. AOption (a)

    रचना की दृष्टि से वाक्य के तीन प्रमुख भेद किये जाते हैं : 1. साधारण, 2. मिश्र और 3. संयुक्त वाक्य।

  2. BOption (b)

    वाक्य में प्रयुक्त क्रिया को 'उद्देश्य' और कर्ता को 'विधेय' कहते हैं।

  3. COption (c)

    साधारण वाक्य में एक उद्देश्य और एक विधेय होता है।

  4. DOption (d)

    मिश्रवाक्य में मुख्य उपवाक्य एक ही रहता है, लेकिन आश्रित उपवाक्य एक से अधिक हो सकते हैं।

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Correct answer

Answer: (b)B.

वाक्य में प्रयुक्त क्रिया को 'उद्देश्य' और कर्ता को 'विधेय' कहते हैं।

Why this answer is correct

कथन गलत है- वाक्य में प्रयुक्त क्रिया को 'उद्देश्य' और कर्ता को 'विधेय' कहते हैं।

Key Points

  • यह कथन व्याकरण की दृष्टि से गलत है क्योंकि इसमें 'उद्देश्य' और 'विधेय' की परिभाषा को आपस में बदल दिया गया है।
  • वाक्य में जिसके बारे में कुछ कहा जाता है, उसे 'उद्देश्य' (Subject) कहते हैं (अर्थात कर्ता)।
  • उद्देश्य के बारे में जो कुछ कहा जाता है, उसे 'विधेय' (Predicate) कहते हैं (अर्थात क्रिया और उसका विस्तार)।

उदाहरण-

वाक्यउद्देश्यविधेय
राम पत्र लिखता है।रामपत्र लिखता है।
सफेद घोड़ा तेज दौड़ता है।सफेद घोड़ातेज दौड़ता है।
परिश्रमी व्यक्ति सफल होते हैं।परिश्रमी व्यक्तिसफल होते हैं।
हिमालय भारत का गौरव है।हिमालयभारत का गौरव है।

Additional Informationरचना के आधार पर वाक्य के तीन भेद- 

  • रचना के आधार पर वाक्य को उसकी बनावट के अनुसार बाँटा जाता है:
  • साधारण (सरल) वाक्य: "राम स्कूल जाता है।" (एक ही क्रिया)
  • संयुक्त वाक्य: "राम स्कूल गया और वह वापस आ गया।" (दो स्वतंत्र वाक्य 'और' से जुड़े हैं)
  • मिश्र वाक्य: "शिक्षक ने कहा कि कल छुट्टी है।" (एक मुख्य और एक आश्रित वाक्य)

साधारण वाक्य: एक उद्देश्य और एक विधेय-

  • किसी भी सरल वाक्य में एक ही कर्ता (उद्देश्य) और उसके द्वारा की गई एक ही मुख्य क्रिया (विधेय) होती है।
  • उदाहरण: "परिश्रमी बालक (उद्देश्य) सदा सफल होते हैं (विधेय)।"
  • यहाँ 'परिश्रमी बालक' के बारे में बात हो रही है, इसलिए यह उद्देश्य है। उनके बारे में जो कहा गया (सफल होना), वह विधेय है।

मिश्र वाक्य: मुख्य और आश्रित उपवाक्य -

  • मिश्र वाक्य में एक प्रधान वाक्य होता है और दूसरा उस पर निर्भर (आश्रित)।
  • उदाहरण: "वही बच्चा पास होगा (मुख्य), जिसने कड़ी मेहनत की है (आश्रित)।"
  • यहाँ 'वही बच्चा पास होगा' अपने आप में मुख्य बात है, लेकिन 'जिसने कड़ी मेहनत की है' उस पर टिका हुआ है।
  • एक मिश्र वाक्य में एक से अधिक आश्रित वाक्य भी हो सकते हैं।
  • उदाहरण: "यदि वर्षा अच्छी होती (आश्रित 1) और खाद समय पर मिलती (आश्रित 2), तो फसल बहुत अच्छी होती (मुख्य)।"

Question 50

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस विकल्प में सभी शब्द शुद्ध हैं?

  1. AOption (a)

    मध्येनजर, चारागाह, तंदुरुस्त

  2. BOption (b)

    तंदुरुस्त, मद्देनजर, चरागाह

  3. COption (c)

    चरागाह, तंदुरस्त, मध्येनजर

  4. DOption (d)

    मद्देनजर, चारागाह, तंदुरस्त

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Correct answer

Answer: (b)B.

तंदुरुस्त, मद्देनजर, चरागाह

Why this answer is correct

सभी शब्द शुद्ध हैं- तंदुरुस्त, मद्देनजर, चरागाह

Key Points

  • शुद्ध शब्द - 'तंदुरुस्त, मद्देनजर, चरागाह'
  • तंदुरुस्त (अर्थ : जिसको कोई रोग न हो)।
  • मद्देनजर (अर्थ : ध्यान में रखते हुए)।
  • चरागाह (अर्थ :वह स्थान जहाँ पशु चरते हैं)।
  • अन्य सभी विकल्प वर्तनी की दृष्टि से अशुद्ध है।
  • वर्तनी - भाषा के किसी शब्द को को लिखने में प्रयुक्त वर्णों के सही क्रम को वर्तनी कहते हैं।

Additional Information 

अशुद्ध रूपशुद्ध रूप
अशिर्वाद / आर्शिवादआशीर्वाद
उज्वल / उजवलउज्ज्वल
कवयत्रीकवयित्री
त्यौहारत्योहार
सन्यासीसंन्यासी
श्रृंगारशृंगार
प्रज्जवलितप्रज्वलित
अनुग्रहितअनुगृहीत
निरोगनीरोग
अगामीआगामी