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Question 221

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस वाक्य में सार्वनामिक विशेषण प्रयुक्त हुआ है?

  1. AOption (a)

    वे कल जा रहे हैं।

  2. BOption (b)

    आप तो महान हैं।

  3. COption (c)

    कोई आदमी आया था।

  4. DOption (d)

    वह पुस्तक पढ़ रहा है।

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Correct answer

Answer: (c)C.

कोई आदमी आया था।

Why this answer is correct

सार्वनामिक विशेषण प्रयुक्त होने वाले वाक्य का सही उत्तर है- कोई आदमी आया था।

Key Points

  • 'कोई आदमी आया था' वाक्य में 'कोई' शब्द 'आदमी' (संज्ञा) से पहले आकर उसकी विशेषता या अनिश्चितता की ओर संकेत कर रहा है।
  • जब कोई सर्वनाम शब्द संज्ञा से पहले आकर उसकी विशेषता बताता है या उसकी ओर संकेत करता है, तो उसे सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।
  • अन्य उदाहरण: यह घर मेरा है, वह लड़का चालाक है।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
वे कल जा रहे हैं।यहाँ 'वे' शब्द व्यक्तियों के स्थान पर प्रयुक्त हुआ है।अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम
आप तो महान हैं।यहाँ 'आप' शब्द सुनने वाले (श्रोता) के लिए आदरसूचक शब्द है।मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम
वह पुस्तक पढ़ रहा है।यहाँ 'वह' शब्द कर्ता के रूप में प्रयुक्त है, जो पुस्तक पढ़ रहा है।अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम

Important Points 

 विशेषण के मुख्य भेद-

  1. गुणवाचक विशेषण
  2. संख्यावाचक विशेषण
  3. परिमाणवाचक विशेषण
  4. सार्वनामिक विशेषण

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
पुरुषवाचक सर्वनाम​वे शब्द हैं जो बोलने वाले (उत्तम पुरुष), सुनने वाले (मध्यम पुरुष) या किसी अन्य व्यक्ति (अन्य पुरुष) के लिए प्रयोग किए जाते हैं, जैसे- मैं, हम (वक्ता द्वारा खुद के लिए), तुम और आप (सुनने वाले के लिए) और यह, वह, ये, वे (किसी और के बारे में बात करने के लिए) आदि।मैं बाज़ार जाऊंगा। तुम क्या कर रहे हो? वह स्कूल जाता है।

Question 222

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस वाक्य में निपात का प्रयोग नहीं हुआ है?

  1. AOption (a)

    शहर भर में यह बात फैल गई।

  2. BOption (b)

    वह तो घर पर नहीं है।

  3. COption (c)

    मैं भी आपके साथ चलूंगा।

  4. DOption (d)

    मैं घर जा रहा हूँ ताकि आराम कर सकूँ।

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Correct answer

Answer: (d)D.

मैं घर जा रहा हूँ ताकि आराम कर सकूँ।

Why this answer is correct

दिए गए वाक्यों में से 'निपात का प्रयोग नहीं हुआ है' का सही उत्तर है- मैं घर जा रहा हूँ ताकि आराम कर सकूँ।

Key Points

  • वाक्य "मैं घर जा रहा हूँ ताकि आराम कर सकूँ" में 'ताकि' शब्द का प्रयोग हुआ है, जो कि एक समुच्चयबोधक अव्यय (Conjunction) है, न कि निपात।
  • निपात उन सहायक पदों को कहते हैं जो किसी शब्द या पद के बाद लगकर उसके अर्थ में विशेष बल या जोर पैदा करते हैं।
  • इन्हें 'अव्यय' भी कहा जाता है, लेकिन ये शुद्ध अव्यय नहीं होते।
  • निपात के अन्य उदाहरण:
  • तुम्हें आज रुकना ही पड़ेगा।
  • मेरे पास मात्र दस रुपये हैं।

अन्य विकल्प -

वाक्यनिपात शब्दविवरण
शहर भर में यह बात फैल गई।भरसीमाबोधक निपात
वह तो घर पर नहीं है।तोबलदायक निपात
मैं भी आपके साथ चलूंगा।भीबलदायक निपात

Important Points 

 निपात के मुख्य भेद-

  1. स्वीकार्य निपात (हाँ, जी, जी हाँ)
  2. नकारात्मक निपात (नहीं, जी नहीं)
  3. निषेधात्मक निपात (मत)
  4. प्रश्नबोधक निपात (क्या)
  5. विस्मयादिबोधक निपात (क्या, काश)
  6. बलदायक/सीमाबोधक निपात (ही, भी, तो, तक, भर, केवल, मात्र)

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
समुच्चयबोधक अव्ययदो शब्दों, वाक्यांशों या वाक्यों को परस्पर जोड़ने वाले शब्द समुच्चयबोधक कहलाते हैं। ​प्रमुख समुच्चयबोधक शब्द हैं: और, तथा, एवं, या, अथवा, लेकिन, किंतु, परंतु, क्योंकि, ताकि, इसलिए, अन्यथा आदि।राम और श्याम पढ़ रहे हैं। जल्दी चलो ताकि समय पर पहुँच सकें।
निपातवाक्य में किसी शब्द पर विशेष बल देने के लिए प्रयोग किए जाने वाले अव्यय। जैसे- ही, भी, तो, तक, केवल, मात्र, सिर्फ।राम ने ही रावण को मारा। उसे तक यह बात पता नहीं।

Question 223

Rajasthan Police SI 2021• Test

निम्नलिखित में ‘पवन’ का पर्यायवाची नहीं है:

  1. AOption (a)

    वात

  2. BOption (b)

    मारुति

  3. COption (c)

    अनिल

  4. DOption (d)

    समीर

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Correct answer

Answer: (b)B.

मारुति

Why this answer is correct

दिए गए विकल्पों में 'पवन' का पर्यायवाची नहीं होने का सही उत्तर है- मारुति

Key Points

  • 'पवन' का अर्थ 'वायु' या 'हवा' होता है, जबकि 'मारुति' का अर्थ 'हनुमान' या 'पवनपुत्र' होता है।
  • जिन शब्दों के अर्थ में समानता होती है, उन्हें पर्यायवाची शब्द या समानार्थी शब्द कहते हैं।
  • पवन के अन्य मुख्य पर्यायवाची शब्द हैं: वायु, समीर, अनिल, वात, मरुत, बयार आदि।
  • मारुति के अन्य पर्यायवाची शब्द हैं: हनुमान, अंजनीपुत्र, पवनपुत्र, केसरीनंदन, बजरंगबली आदि।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
वातइसका अर्थ है बहती हुई हवा या वायु।पवन का पर्यायवाची
अनिलइसका अर्थ वायु होता है (ध्यान दें: अनल का अर्थ आग होता है)।पवन का पर्यायवाची
समीरइसका अर्थ मंद और शीतल हवा होता है।पवन का पर्यायवाची

Important Points 

 पर्यायवाची शब्द के भेद-

  1. पूर्ण पर्याय: जब एक शब्द के स्थान पर दूसरा शब्द रखा जाए और अर्थ में कोई अंतर न आए।
  2. पूर्णापूर्ण पर्याय: जो शब्द एक प्रसंग में पूर्ण पर्याय हों किंतु दूसरे प्रसंग में समान न रह सकें।
  3. अपूर्ण पर्याय: जिनमें सूक्ष्म अर्थ-भेद विद्यमान होता है।

Additional Information

शब्दप्रमुख पर्यायवाची
अमृतपीयूष, सुधा, सोम, अमिय, सुरभोग।
कमलजलज, पंकज, सरोज, राजीव, अरविन्द, पद्म।
गंगाभगीरथी, मंदाकिनी, सुरसरि, देवनदी, विष्णुपदी।
पृथ्वीभू, भूमि, धरा, अचल, वसुधा, वसुंधरा।
बादलमेघ, घन, जलधर, वारिद, नीरद, पयोधर।
रातरात्रि, निशा, रजनी, यामिनी, विभावरी, रैन।
सूर्यरवि, दिनकर, सूरज, भास्कर, मार्तण्ड, प्रभाकर।
हाथीगज, कुंजर, हस्ती, मतंग, द्विरद, नाग।

Question 224

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस विकल्प में सभी शब्द 'घर' के पर्यायवाची हैं?

  1. AOption (a)

    निकेत, निलय

  2. BOption (b)

    सदन, साकेत

  3. COption (c)

    आलय, निकुंज

  4. DOption (d)

    गृह, भुवन

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Correct answer

Answer: (a)A.

निकेत, निलय

Why this answer is correct

'घर' के पर्यायवाची शब्दों वाले विकल्प का सही उत्तर है- निकेत, निलय

Key Points

  • 'निकेत' और 'निलय' दोनों ही शब्द 'घर' के अर्थ को प्रकट करते हैं, इसलिए यह सही उत्तर है।
  • समान अर्थ प्रकट करने वाले शब्दों को पर्यायवाची शब्द या समानार्थी शब्द कहा जाता है।
  • 'घर' के अन्य महत्वपूर्ण पर्यायवाची: गृह, सदन, आवास, आलय, निकेतन, गेह, शाला, ओक, धाम आदि।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
सदन, साकेतसदन का अर्थ घर है, जबकि साकेत का अर्थ अयोध्या या स्वर्ग होता है।अशुद्ध युग्म
आलय, निकुंजआलय का अर्थ घर है, किंतु निकुंज का अर्थ लताओं से घिरा स्थान (कुंज) है।अशुद्ध युग्म
गृह, भुवनगृह का अर्थ घर है, लेकिन भुवन का अर्थ स���सार या लोक होता है।अशुद्ध युग्म

Important Points 

 पर्यायवाची शब्द के भेद-

  1. पूर्ण पर्याय: जो शब्द एक-दूसरे के स्थान पर पूरी तरह फिट बैठते हैं।
  2. पूर्णापूर्ण पर्याय: जो शब्द एक संदर्भ में तो समान होते हैं पर दूसरे में नहीं।
  3. अपूर्ण पर्याय: जिनका अर्थ समान होते हुए भी सूक्ष्म अंतर रखता है।

Additional Information

शब्दप्रमुख पर्यायवाची
अतिथिमेहमान, पाहुना, अभ्यागत, आगंतुक।
ईश्वरप्रभु, परमेश्वर, जगदीश, विधाता, अगम, अनादि।
कपड़ावस्त्र, पट, वसन, अंबर, चीर।
गणेशलंबोदर, एकदंत, विनायक, गजानन, मोदकप्रिय।
घरगृह, सदन, आवास, निकेतन, भवन, निलय।
तलवारअसि, कृपाण, करवाल, खड्ग, चन्द्रहास।
नदीसरिता, तटिनी, तरंगिणी, निर्झरिणी, आपगा।
पुष्पफूल, कुसुम, सुमन, प्रसून, पुहुप।

Question 225

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस विकल्प में परस्पर पर्यायवाची शब्द नहीं है?

  1. AOption (a)

    समुद्र, उदधि

  2. BOption (b)

    चपला, बिजली

  3. COption (c)

    चंद्रमा, शशांक

  4. DOption (d)

    भास्कर, निशाकर

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Correct answer

Answer: (d)D.

भास्कर, निशाकर

Why this answer is correct

दिए गए विकल्पों में से 'पर्यायवाची शब्द नहीं है' का सही उत्तर है- भास्कर, निशाकर

Key Points

  • विकल्प 'D' में दिए गए शब्द 'भास्कर' और 'निशाकर' परस्पर पर्यायवाची नहीं हैं।
  • भास्कर शब्द 'सूर्य' का बोध कराता है, जबकि निशाकर शब्द 'चंद्रमा' का बोध कराता है।
  • भाषा में जिन शब्दों के अर्थ समान होते हैं, उन्हें पर्यायवाची शब्द या समानार्थी शब्द कहा जाता है।
  • सूर्य के अन्य पर्यायवाची: रवि, दिनकर, भानु, आदित्य।
  • चंद्रमा के अन्य पर्यायवाची: शशि, मयंक, सुधांशु, राकेश।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
समुद्र, उदधिये दोनों शब्द सागर के लिए प्रयुक्त होते हैं।समानार्थी (पर्यायवाची)
चपला, बिजलीये दोनों शब्द तड़ित या दामिनी के लिए प्रयुक्त होते हैं।समानार्थी (पर्यायवाची)
चंद्रमा, शशांकये दोनों शब्द चाँद या रजनीश के लिए प्रयुक्त होते हैं।समानार्थी (पर्यायवाची)

Important Points 

 पर्यायवाची शब्द के भेद-

  1. पूर्ण पर्यायवाची (जो शब्द एक-दूसरे के स्थान पर पूरी तरह फिट बैठें)
  2. पूर्णापूर्ण पर्यायवाची (जो एक प्रसंग में तो समान हों पर दूसरे में नहीं)
  3. अपूर्ण पर्यायवाची (जिनके अर्थ में सूक्ष्म अंतर हो)

Additional Information

शब्दप्रमुख पर्यायवाची
कोयलपिक, कोकिला, श्याम, मदनशलाका, कलघोष।
चाँदनीचंद्रिका, कौमुदी, ज्योत्स्ना, चन्द्रमरीचि, अमृतकणिका।
जंगलविपिन, कानन, आरण्य, कांतार, अटवी।
तालाबजलाशय, सर, तड़ाग, पुष्कर, सरोवर, हृद।
पक्षीखग, विहंग, पखेरू, द्विज, अंडज, शकुनि।
बाणशर, तीर, सायक, विशिख, शिलीमुख, इषु।
बिजलीचपला, चंचला, दामिनी, तड़ित, सौदामिनी।
यमराजधर्मराज, कीनाश, शमन, दण्डधर, जिजीविषु।
सरस्वतीभारती, शारदा, वीणापाणि, वागीशा, महाश्वेता।

Question 226

Rajasthan Police SI 2021• Test

विस्मयबोधक अव्ययों के संबंध में कौन सा तथ्य सही नहीं है?

  1. AOption (a)

    ये वक्ता के हर्ष, शोक आदि मनोभावों को व्यक्त करते हैं।

  2. BOption (b)

    इनके आगे विस्मयबोधक चिह्न लगाया जाता है।

  3. COption (c)

    एक ही विस्मयबोधक शब्द से सभी मनोभावों को सूचित किया जा सकता है।

  4. DOption (d)

    ये वाक्य से स्वतंत्र होते हैं ।

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Correct answer

Answer: (c)C.

एक ही विस्मयबोधक शब्द से सभी मनोभावों को सूचित किया जा सकता है।

Why this answer is correct

विस्मयबोधक अव्ययों के संबंध में गलत तथ्य का सही उत्तर है- एक ही विस्मयबोधक शब्द से सभी मनोभावों को सूचित किया जा सकता है।

Key Points

  • विस्मयबोधक अव्यय वे शब्द होते हैं जिनसे आश्चर्य, हर्ष, शोक, घृणा आदि के भाव प्रकट होते हैं।
  • यह तथ्य गलत है कि एक ही शब्द से सभी भाव व्यक्त हो सकते हैं, क्योंकि प्रत्येक भाव के लिए विशिष्ट शब्दों का प्रयोग किया जाता है।
  • जिन अव्ययों से हर्ष, शोक, विस्मय, तिरस्कार, सम्बोधन आदि का बोध होता है, उन्हें विस्मयबोधक अव्यय कहते हैं।
  • इनका वाक्य के अन्य पदों से कोई व्याकरणिक संबंध नहीं होता और इनके आगे विस्मयबोधक चिह्न (!) लगाया जाता है।
  • उदाहरण: वाह! कितना सुंदर दृश्य है। (हर्षबोधक)
  • उदाहरण: हाय! अब मैं क्या करूँ? (शोकबोधक)

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
हर्ष, शोक आदि मनोभावये वक्ता के हृदय के आंतरिक भावों को तीव्र रूप में व्यक्त करते हैं।भावबोधक विशेषता
विस्मयबोधक चिह्न (!)विस्मयबोधक शब्दों के ठीक बाद प्रयुक्त होने वाला चिह्न।विराम चिह्न विधान
वाक्य से स्वतंत्रइनका वाक्य की मुख्य क्रिया या कर्ता से प्रत्यक्ष संबंध नहीं होता।व्याकरणिक विशेषता

Important Points 

 विस्मयबोधक अव्यय के भेद-

  1. हर्षबोधक (आहा!, वाह-वाह! आदि)
  2. शोकबोधक (हाय!, उफ़!, हा-हा! आदि)
  3. विस्मयबोधक (ओह!, क्या!, अरे! आदि)
  4. तिरस्कार/घृणाबोधक (छि!, धिक्!, हट! आदि)
  5. स्वीकृतिबोधक (हाँ!, अच्छा!, जी हाँ! आदि)

Additional Informationअव्यय के मुख्य भेद-

  1. क्रिया-विशेषण
  2. संबंधबोधक
  3. समुच्चयबोधक
  4. विस्मयादिबोधक
  5. निपात

Question 227

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस विकल्प में परस्पर विलोम शब्द नहीं हैं?

  1. AOption (a)

    निषिद्ध - विहित

  2. BOption (b)

    मसृण - रूक्ष

  3. COption (c)

    श्रांत - क्लांत

  4. DOption (d)

    वैमनस्य - सौमनस्य

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Correct answer

Answer: (c)C.

श्रांत - क्लांत

Why this answer is correct

किस विकल्प में परस्पर विलोम शब्द नहीं हैं? का सही उत्तर है- श्रांत - क्लांत

Key Points

  • 'श्रांत' और 'क्लांत' परस्पर विलोम न होकर पर्यायवाची शब्द हैं।
  • 'श्रांत' का अर्थ 'थका हुआ' होता है और 'क्लांत' का अर्थ भी 'थका हुआ या थका-माँदा' होता है।
  • जो शब्द एक-दूसरे का विपरीत अर्थ प्रकट करते हैं, उन्हें विलोम शब्द कहते हैं।
  • विलोम शब्द हमेशा उसी व्याकरणिक कोटि का होना चाहिए जिसका वह शब्द है।
  • विलोम शब्द के अन्य उदाहरण: सार्थक - निरर्थक, अमृत - विष।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
निषिद्ध - विहित'निषिद्ध' का अर्थ है रोका हुआ और 'विहित' का अर्थ है विधि द्वारा स्वीकृत।विलोम शब्द
मसृण - रूक्ष'मसृण' का अर्थ है चिकना या कोमल और 'रूक्ष' का अर्थ है खुरदरा या सूखा।विलोम शब्द
वैमनस्य - सौमनस्य'वैमनस्य' का अर्थ है शत्रुता का भाव और 'सौमनस्य' का अर्थ है मित्रता या प्रसन्नता।विलोम शब्द

Important Points 

 विलोम शब्द बनाने के भेद-

  1. उपसर्ग जोड़कर (जैसे: मान - अपमान)
  2. उपसर्ग बदलकर (जैसे: अनुकूल - प्रतिकूल)
  3. लिंग परिवर्तन द्वारा (जैसे: राजा - रानी)
  4. नञ् समास के पद बनाकर (जैसे: सार्थक - निरर्थक)

Additional Information

शब्दविलोम
प्रकाश��न्धकार
अभिज्ञअनभिज्ञ
विकर्षणआकर्षण
इहलोकपरलोक
उत्थानपतन
जंगमस्थावर
निर्मलमलिन
प्रसारणसंकुचन
मूकवाचाल

Question 228

Rajasthan Police SI 2021• Test

'इति-ईति' का सही अर्थ भेद है

  1. AOption (a)

    पूर्णता - इच्छा

  2. BOption (b)

    पीड़ा - समापन

  3. COption (c)

    प्रारंभ - विश्वास

  4. DOption (d)

    समाप्ति - दुःख

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Correct answer

Answer: (d)D.

समाप्ति - दुःख

Why this answer is correct

'इति-ईति' शब्द युग्म का सही अर्थ भेद है- समाप्ति - दुःख

Key Points

  • दिए गए शब्द युग्म 'इति-ईति' में 'इति' का अर्थ 'समाप्ति' या 'अंत' होता है, जबकि 'ईति' का अर्थ 'दैवीय प्रकोप', 'विघ्न' या 'फसल को पहुँचाने वाला दुःख/कष्ट' होता है।
  • हिंदी व्याकरण में ऐसे शब्द जो सुनने और पढ़ने में समान प्रतीत होते हैं किन्तु उनके अर्थ भिन्न होते हैं, उन्हें श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द या 'शब्द-युग्म' कहा जाता है।
  • अन्य उदाहरण:
  • अंश - अंस: अंश का अर्थ 'भाग' और अंस का अर्थ 'कंधा' होता है।
  • अनल - अनिल: अनल का अर्थ 'आग' और अनिल का अर्थ 'हवा' होता है।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
प्रारंभ - विश्वास'प्रारंभ' के लिए अथ शब्द प्रयुक्त होता है और विश्वास के लिए प्रत्यय।भिन्नार्थक शब्द
पीड़ा - समापनयदि क्रम 'ईति-इति' होता, तो अर्थ पीड़ा - समापन होता।क्रम विपर्यय
पूर्णता - इच्छापूर्णता का अर्थ संपन्नता और इच्छा का अर्थ इष या ईप्सा होता है।भिन्नार्थक शब्द

Important Points 

 श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्दों के भेद-

  1. मात्रा भेद वाले शब्द: जैसे- अवधि (समय) और अवधी (भाषा)।
  2. वर्ण भेद वाले शब्द: जैसे- चरण (पैर) और चारण (भाट)।
  3. व्यंजन द्वित्व वाले शब्द: जैसे- पता (ठिकाना) और पत्ता (पर्ण)।

Additional Information​प्रमुख श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द उदाहरण-

  • अवधि (समय सीमा) - अवधी (एक भाषा)
  • प्रणाम (नमस्कार) - प्रमाण (सबूत)
  • कुल (वंश/सब) - कूल (किनारा)
  • गृह (घर) - ग्रह (आकाशीय पिंड)
  • सुत (बेटा) - सूत (धागा/सारथी)
  • अम्बुज (कमल) - अम्बुधि (सागर)
  • नियत (निश्चित) - नीयत (इरादा)
  • तरणि (सूर्य) - तरणी (नाव)
  • अं��ना (स्त्री) - अंगना (घर का आँगन)

Question 229

Rajasthan Police SI 2021• Test

किन समश्रुत भिन्नार्थक शब्दों का अर्थ भेद सुसंगत नहीं है?

  1. AOption (a)

    आसन - आसन्न = समीपस्थ - बैठने की विधि

  2. BOption (b)

    पट - पटु = वस्त्र - निपुण

  3. COption (c)

    पृष्ट - पृष्ठ = पूछा हुआ - पीठ

  4. DOption (d)

    गौड़ - गौण = ब्राह्मणों की एक जाति - जो प्रधान न हो

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Correct answer

Answer: (a)A.

आसन - आसन्न = समीपस्थ - बैठने की विधि

Why this answer is correct

दिए गए विकल्पों में 'आसन - आसन्न' का अर्थ भेद सुसंगत नहीं है, अतः इस प्रश्न का सही उत्तर है- आसन - आसन्न = समीपस्थ - बैठने की विधि

Key Points

  • 'आसन - आसन्न' का सही अर्थ भेद क्रमशः 'बैठने की विधि/वस्तु' और 'निकट/समीप' होता है, जबकि विकल्प में इसे उल्टा (समीपस्थ - बैठने की विधि) दिया गया है।
  • हिंदी व्याकरण में ऐसे शब्द जो सुनने या पढ़ने में लगभग समान लगते हैं, लेकिन उनके अर्थ भिन्न होते हैं, उन्हें समश्रुत भिन्नार्थक शब्द (युग्म शब्द) कहा जाता है।
  • उदाहरण: 'अनल' का अर्थ आग है, जबकि 'अनिल' का अर्थ हवा होता है।
  • उदाहरण: 'कुल' का अर्थ वंश/सब है, जबकि 'कूला' का अर्थ किनारा होता है।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
पट - पटुपट का अर्थ वस्त्र और पटु का अर्थ निपुण/कुशल होता है।समश्रुत भिन्नार्थक
पृष्ट - पृष्ठपृष्ट का अर्थ पूछा हुआ और पृष्ठ का अर्थ पीठ या पन्ना होता है।समश्रुत भिन्नार्थक
गौड़ - गौणगौड़ ब्राह्मणों की एक जाति है और गौण का अर्थ जो प्रधान न हो होता है।समश्रुत भिन्नार्थक

Important Points 

 अर्थ के आधार पर शब्द के भेद-

  1. एकार्थी शब्द
  2. अनेकार्थी शब्द
  3. पर्यायवाची शब्द
  4. विलोम शब्द
  5. समश्रुत भिन्नार्थक शब्द

Additional Information​प्रमुख श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द उदाहरण-

  • लक्ष (लाख) - लक्ष्य (निशाना)
  • प्रसाद (कृपा/भोग) - प्रासाद (महल)
  • अली (भौंरा) - आली (सखी)
  • दारु (लकड़ी) - दारू (शराब)
  • सकल (संपूर्ण) - शकल (टुकड़ा)
  • अँगना (आँगन) - अंगना (स्त्री)
  • अणु (कण) - अनु (पीछे/उपसर्ग)
  • कृति (रचना) - कृती (पुण्यात्मा)

Question 230

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस विकल्प में समश्रुत भिन्नार्थक शब्दों का अर्थ भेद सुसंगत है?

  1. AOption (a)

    कोर-कौर = ग्रास-किनारा

  2. BOption (b)

    निश्चल-निश्छल = सीधा-स्थिर

  3. COption (c)

    सुधि-सुधी = विद्वान-चेतना

  4. DOption (d)

    परुष-पुरुष = कठोर-नर

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Correct answer

Answer: (d)D.

परुष-पुरुष = कठोर-नर

Why this answer is correct

दिए गए विकल्पों में समश्रुत भिन्नार्थक शब्दों का सुसंगत अर्थ भेद है- परुष-पुरुष = कठोर-नर

Key Points

  • विकल्प 'D' में दिए गए शब्दों का अर्थ पूर्णतः सही है। 'परुष' शब्द का अर्थ कठोर या रूखा होता है, जबकि 'पुरुष' शब्द का अर्थ नर, आदमी या व्यक्ति होता है।
  • हिंदी व्याकरण में ऐसे शब्द जो सुनने और पढ़ने में लगभग समान प्रतीत होते हैं, परंतु उनके अर्थ भिन्न होते हैं, उन्हें समश्रुत भिन्नार्थक शब्द या शब्द-युग्म कहा जाता है।
  • अन्य उदाहरण: अनल (आग) और अनिल (हवा)।
  • अन्य उदाहरण: अंश (कंधा) और अंशु (किरण)।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
कोर-कौरकोर का अर्थ किनारा और कौर का अर्थ ग्रास होता है।शब्द युग्म
निश्चल-निश्छलनिश्चल का अर्थ स्थिर और निश्छल का अर्थ कपट रहित (सीधा) होता है।शब्द युग्म
सुधि-सुधीसुधि का अर्थ चेतना/स्मरण और सुधी का अर्थ विद्वान होता है।शब्द युग्म

Important Points 

 समश्रुत भिन्नार्थक शब्दों के अन्य महत्वपूर्ण उदाहरण-

  1. अविराम (लगातार) - अभिराम (सुन्दर)
  2. तरणि (सूर्य) - तरणी (नाव)
  3. उपल (पत्थर) - उत्पल (कमल)
  4. पानी (जल) - पाणि (हाथ)
  5. बली (वीर, शक्तिशाली) - बलि (बलिदान, भेंट)
  6. मूल (जड़) - मूल्य (कीमत
  7. शंकर (शिव) - संकर (मिश्रित जाति)
  8. श्रम (मेहनत) - सम (बराबर)