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Question 191

Rajasthan Police SI 2021• Test

इनमें कौन सा संधि-शब्द सही नहीं है?

  1. AOption (a)

    वात + अयन = वातायन

  2. BOption (b)

    दक्षिण + अयन = दक्षिणायन

  3. COption (c)

    उत्तर + अयन = उत्तरायन

  4. DOption (d)

    कृष्ण + अयन = कृष्णायन

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Correct answer

Answer: (c)C.

उत्तर + अयन = उत्तरायन

Why this answer is correct

सही उत्तर है - उत्तर + अयन = उत्तरायन

Key Points

  • उत्तर + अयन = उत्तरायण में दीर्घ स्वर संधि है।
  • यहाँ 'उत्तर' का अंतिम 'अ' और 'अयन' का प्रारंभिक 'अ' मिलकर 'आ' बन जाते हैं ।
  • साथ ही, संस्कृत के 'र' के प्रभाव के कारण 'अयन' का 'न', 'ण' में बदल जाता है (उत्तरायण)।

अन्य विकल्प -

संधि विच्छेदशुद्ध संधि शब्दसंधिस्थिति
वात + अयनवातायनदीर्घसही
दक्षिण + अयनदक्षिणायनदीर्घसही
कृष्ण + अयनकृष्णायनदीर्घसही

Additional Informationदीर्घ संधि:-

  • जब दो शब्दों की संधि करते समय (अ, आ) के साथ (अ, आ) हो तो ‘आ‘ बनता है,
  • जब (इ, ई) के साथ (इ, ई) हो तो ‘ई‘ बनता है,
  • जब (उ, ऊ) के साथ (उ, ऊ) हो तो ‘ऊ‘ बनता है, तो उसे दीर्घ संधि कहते है।

उदाहरण-

  • दया + आनंद = दयानंद (आ + आ = आ)
  • रजनी + ईश = रजनीश (ई + ई = ई)
  • लघु + उत्तर = लघूत्तर (उ + उ = ऊ)

Question 192

Rajasthan Police SI 2021• Test

इनमें कौन सा संधि-शब्द सही है?

  1. AOption (a)

    नदी + अर्पण = नद्यार्पण

  2. BOption (b)

    सत् + नारी = सन्नारी

  3. COption (c)

    त्रि + अंबक = त्रयम्बक

  4. DOption (d)

    प्रति + ईक्षा = प्रतिक्षा

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Correct answer

Answer: (b)B.

सत् + नारी = सन्नारी

Why this answer is correct

संधि-शब्द सही है- सत् + नारी = सन्नारी

Key Points

  • सत् + नारी = सन्नारी (त्, न् में बदल गया) बिल्कुल सही है। यह एक व्यंजन संधि का उदाहरण है।
  • व्यंजन संधि का नियम : 
  • अगर किसी वर्ग के पहले वर्ण (क्, च्, ट्, त्, प्) का मिलन न या म वर्ण ( ङ,ञ ज, ण, न, म) के साथ हो
  • तो क् का ङ्, च् का ज्, ट् का ण्, त् का न्, तथा प् का म् में परिवर्तन हो जाता है।
  • ​उदाहरण- 
  • ​उत् + मूलन = उन्मूलन, उत् + नति = उन्नति, वाक् + मय = वाङ्मय, षट् + मूर्ति : षण्मूर्ति।

अन्य विकल्प -

संधि विच्छेदअशुद्ध रूप (प्रश्न में)शुद्ध रूपकारण (नियम)
नदी + अर्पणनद्यार्पणनद्यर्पणयण संधि (ई + अ = य)
त्रि + अंबकत्रयम्बकत्र्यम्बकयण संधि: इ + अ = य (य आधा होगा)
प्रति + ईक्षाप्रतिक्षाप्रतीक्षादीर्घ संधि (इ + ई = ई)

Important Points 

व्यंजन संधि-

  • जब संधि करते समय व्यंजन के साथ स्वर या कोई व्यंजन के मिलने से जो रूप में परिवर्तन होता है, उसे ही व्यंजन संधि कहते हैं।

उदहारण-

  • वाक् + मय = वाङ्मय
  • उत् + शिष्ट = उच्छिष्ट
  • दिक + अंबर = दिगंबर

Additional Informationयण संधि:-

  • जब संधि करते समय (इ, ई) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘य्' बन जाता है,
  • जब (उ, ऊ) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘व्' बन जाता है,
  • जब (ऋ) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘र्' बनता है, तो उसे यण संधि कहते है।
  • उदाहरण-
  • इति + आदि = इत्यादि (इ + आ = या )
  • अनु + इत = अन्वित (उ + इ = वि)
  • पितृ + आनंद = पित्रानंद (ऋ + आ = रा)

दीर्घ संधि:-

  • जब दो शब्दों की संधि करते समय (अ, आ) के साथ (अ, आ) हो तो ‘आ‘ बनता है,
  • जब (इ, ई) के साथ (इ, ई) हो तो ‘ई‘ बनता है,
  • जब (उ, ऊ) के साथ (उ, ऊ) हो तो ‘ऊ‘ बनता है, तो उसे दीर्घ संधि कहते है।
  • उदाहरण-
  • विद्या + आलय = विद्यालय (अ + आ = आ)
  • मुनि + ईश = मुनीश (इ + ई = ई)
  • वधू + ऊर्जा = वधूर्जा (उ + ऊ = ऊ)

Question 193

Rajasthan Police SI 2021• Test

इनमें से किस शब्द में 'इयल' प्रत्यय नहीं है?

  1. AOption (a)

    नारियल

  2. BOption (b)

    अड़ियल

  3. COption (c)

    मरियल

  4. DOption (d)

    सड़ियल

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Correct answer

Answer: (a)A.

नारियल

Why this answer is correct

'इयल' प्रत्यय नहीं है- नारियल

Key Points

  • ​'नारियल' में 'इयल' प्रत्यय नहीं है।
  • 'इयल' प्रत्यय से बने शब्दों के उदाहरण 'मरियल' (मर+इयल) और 'अड़ियल' (अड़+इयल) हैं।
  • नारियल एक रूढ़ शब्द माना जा सकता है, जिसमें इयल प्रत्यय का योग नहीं है।
  • प्रत्यय - जो शब्दांश, शब्दों के अंत में जुड़कर अर्थ में परिवर्तन लाये, प्रत्यय शब्द कहलाते है।

अन्य विकल्प -

शब्दविच्छेद (मूल शब्द + प्रत्यय)शब्द का प्रकार
नारियलनारियल (मूल शब्द)संज्ञा (Noun) - प्रत्यय रहित
अड़ियलअड़ + इयलविशेषण (अड़ना क्रिया से बना)
मरियलमर + इयलविशेषण (मरना क्रिया से बना)
सड़ियलसड़ + इयलविशेषण (सड़ना क्रिया से बना)

Additional Information 

 कुछ महत्वपूर्ण प्रत्यय शब्द -​

  • इयल - दढ़ियल, हरियल, खपड़ियल, फुड़ियाल, सठियल।
  • कार - कलाकार, सलाहकार, चित्रकार, साहित्यकार।
  • ईला - रसीला, रंगीला, जहरीला, पथरीला, कंकरीला।
  • अक - पाठक, गायक, लेखक, नायक, धावक।
  • आस - मिठास, खटास, भड़ास, बिंदास।
  • ईय - भारतीय, राजकीय, तरकीय, जातीय।
  • उक - भिक्षुक, भावुक, कामुक, नाजुक।
  • अन - चिंतन, मनन, भवन, मरण, करण।
  • अक्कड़ - पियक्कड़, भुलक्कड़, घुमक्कड़।
  • आई - पढ़ाई, लिखाई, बुनाई, सिलाई।

Question 194

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस शब्द में 'आवट' प्रत्यय नहीं है?

  1. AOption (a)

    मिलावट

  2. BOption (b)

    बनावट

  3. COption (c)

    महावट

  4. DOption (d)

    सजावट

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Correct answer

Answer: (c)C.

महावट

Why this answer is correct

सही उत्तर है - महावट

Key Points

  • 'महावट' शब्द में 'आवट' प्रत्यय नहीं है।
  • इसमें 'महा' (बड़ा) उपसर्ग या मूल शब्द के साथ 'वट' का योग हो सकता है,
  • लेकिन 'आवट' प्रत्यय वाले अन्य शब्दों की तरह इसमें "आवट" का प्रत्यय-रूप नहीं है।​
  • प्रत्यय - जो शब्दांश, शब्दों के अंत में जुड़कर अर्थ में परिवर्तन लाये, प्रत्यय शब्द कहलाते है।

अन्य विकल्प -

शब्दविच्छेद (मूल शब्द + प्रत्यय)प्रकार
मिलावटमिल (क्रिया) + आवटप्रत्यय युक्त
बनावटबन (क्रिया) + आवटप्रत्यय युक्त
सजावटसज (क्रिया) + आवटप्रत्यय युक्त

Additional Information

 कुछ महत्वपूर्ण प्रत्यय शब्द -​​

  • आवट - लिखावट, रुकावट, थकावट, घिनावट, बुनावट।
  • अक - पाठक, गायक, लेखक, नायक, धावक।
  • आस - मिठास, खटास, भड़ास, बिंदास।
  • ईय - भारतीय, राजकीय, तरकीय, जातीय।
  • उक - भिक्षुक, भावुक, कामुक, नाजुक।
  • अन - चिंतन, मनन, भवन, मरण, करण।
  • आई - पढ़ाई, लिखाई, बुनाई, सिलाई।

Question 195

Rajasthan Police SI 2021• Test

'उच्छिष्ट' शब्द का संधि-विच्छेद है:

  1. AOption (a)

    उद + शिष्ट

  2. BOption (b)

    उत् + शिष्ट

  3. COption (c)

    उत: + इष्ट

  4. DOption (d)

    उत + शिष्ट

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Correct answer

Answer: (b)B.

उत् + शिष्ट

Why this answer is correct

'उच्छिष्ट' शब्द का संधि-विच्छेद है : उत् + शिष्ट

Key Points

  • 'उच्छिष्ट' शब्द का सही संधि-विच्छेद - उत् + शिष्ट है। यह व्यंजन संधि का एक उदाहरण है,
  • जिसमें 'त्' के बाद 'श्' आने पर 'त्' का 'च्' और 'श्' का 'छ' हो जाता है (त् + श् = च्छ)।
  • व्यंजन संधि का नियम : 
  • जब त् का मिलन अगर श् से हो तो त् को च् और श् को छ् में बदल दिया जाता है।
  • जब त् या द् के साथ च या छ का मिलन होता है तो त् या द् की जगह पर च् बन जाता है।
  • उदाहरण:
  • शरत् + चन्द्र : शरच्चन्द्र
  • उत् + छिन्न : उच्छिन्न
  • उत् + चारण : उच्चारण

Additional Information 

संधि- - संधि के भेद हैं - 1. स्वर, 2. व्यंजन और 3. विसर्ग। - दो या दो से अधिक वर्णों (स्वर या व्यंजन) के मिलने से उत्पन्न विकार (परिवर्तन) को संधि कहते हैं। - जैसे - रवि + इंद्र = रवींद्र (इ + इ = ई)।
संधिपरिभाषाउदाहरण
स्वरदो स्वरों के मेल से उत्पन्न होने वाले विकार को स्वर संधि कहते हैं। इसके इसके पाँच भेद हैं- दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण, अयादि।देव + आलय = देवालय (​अ + आ = आ)
व्यंजनव्यंजन के बाद किसी स्वर या व्यंजन के आने से उस व्यंजन में जो परिवर्तन होता है, वह व्यंजन संधि कहलाता है।उत् + नयन = उन्नयन(त् + न = न् )।
विसर्गविसर्ग के साथ स्वर अथवा व्यंजन के मिलने से जो विकार उत्पन्न होता है, उसे विसर्ग संधि कहते हैं।मनः + बल = मनोबल

Question 196

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस शब्द में केवल एक उपसर्ग जुड़ा हुआ है?

  1. AOption (a)

    सुप्रसिद्ध

  2. BOption (b)

    प्रतिनियुक्ति

  3. COption (c)

    पर्यवेक्षक

  4. DOption (d)

    अभिभावक

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Correct answer

Answer: (d)D.

अभिभावक

Why this answer is correct

केवल एक उपसर्ग जुड़ा हुआ है- अभिभावक

Key Points

  • अभि + भावक = अभिभावक
  • 'अभि' उपसर्ग और 'भावक' मूल शब्द
  • 'अभिभावक' का अर्थ - अभिभूत करनेवाला।

अन्य विकल्प -

शब्दविच्छेदउपसर्गों की संख्या
सुप्रसिद्धसु + प्र + सिद्ध2 (सु, प्र)
प्रतिनियुक्तिप्रति + नि + युक्ति2 (प्रति, नि)
पर्यवेक्षकपरि + अवि + ईक्षक2 (परि, अव)

Important Points

  • उपसर्ग शब्द के शुरू में जुड़ता है।

Additional Information कुछ महत्वपूर्ण उपसर्ग शब्द:-​​​

  • सु (अच्छा) - सुपुत्र, सुगम, सुलभ, सुयश, सुवास, सुशिक्षित, सुविचार।
  • अभि (सामने, पास) - अभियान, अभिज्ञान, अभिशाप, अभिनय, अभिनन्दन।
  • नि (बिना) - निडर, निगम, निवास, निषेध, निबन्ध, निषिद्ध।
  • प्रति (प्रत्येक) - प्रतिदिन, प्रतिकूल, प्रतिरोध, प्रत्यारोपण, प्रतिस्पर्धा।
  • परि (चारों ओर) - परिक्रमा, परिवार, परिपूर्ण, परिश्रम, परीक्षा, पर्याप्त।
  • अव (नीचे, बुरा) - अवनति, अवतार, अवसान, अवशेष, अवरोध, अवकाश।
  • अनु (पीछे) - अनुचर, अनुकरण, अनुकूल, अनुनाद, अनुभव।
  • निर् (बिना) - निराकार, निरादर, नीरोग, नीरस, निरीह, निरक्षर।
  • उप (सहायक) - उपभोग, उपवन, उपमन्त्री, उपयोग, उपनाम, उपहार।
  • सम् (अच्छी तरह) - सन्तोष, संगठन,संलग्न, संकल्प, संशय, संरक्षा।

Question 197

Rajasthan Police SI 2021• Test

निम्नलिखित में उपसर्ग रहित शब्द है:

  1. AOption (a)

    परास्त

  2. BOption (b)

    अद्यतन

  3. COption (c)

    व्याधि

  4. DOption (d)

    प्रत्येक

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Correct answer

Answer: (b)B.

अद्यतन

Why this answer is correct

उपसर्ग रहित शब्द है: अद्यतन

Key Points

  • 'अद्यतन' में अद्य+तन नहीं, बल्कि यह अद्य (आज) + तन (प्रत्यय) से बना है,
  • इसलिए यह एक उपसर्ग-रहित शब्द है। 'अद्यतन' का अर्थ "आज तक का" या "नवीनतम"​

अन्य विकल्प -

शब्दविश्लेषणस्थिति
परास्तपरा + अस्त (संधि युक्त मूल शब्द)उपसर्ग युक्त (परा)
व्याधिवि + आधिउपसर्ग युक्त ('वि')
प्रत्येकप्रति + एकउपसर्ग युक्त ('प्रति')

Important Points 

 

  • उपसर्ग शब्द के शुरू में जुड़ता है।

Additional Information 

 कुछ महत्वपूर्ण उपसर्ग शब्द:-​​

  • अध (आधा/अधूरा) - अधपका, अधखिला, अधमरा, अधजला, अधकच्चा।
  • परा (विपरीत) - पराभव, पराक्रम, परामर्श, परावर्तन, पराविद्या।
  • वि (भिन्न, विशेष) - विशेष, विकास, विज्ञान, विजय, विदेश, विभाग, ।
  • प्रति (प्रत्येक) - प्रतिदिन, प्रत्येक, प्रतिकूल, प्रतिहिंसा, प्रतिरूप।
  • अनु (पीछे) - अनुचर, अनुकरण, अनुकूल, अनुनाद, अनुभव।
  • उप (सहायक) - उपभोग, उपवन, उपमन्त्री, उपयोग, उपनाम, उपहार।
  • सम् (अच्छी तरह) - सन्तोष, संगठन,संलग्न, संकल्प, संशय, संरक्षा।
  • अनु (पीछे) - अनुचर, अनुकरण, अनुकूल, अनुनाद, अनुभव।

Question 198

Rajasthan Police SI 2021• Test

इनमें से किस विकल्प में गलत संधि है?

  1. AOption (a)

    मधु + आलय = मध्वालय

  2. BOption (b)

    अति + ऊष्म = अत्यूष्म

  3. COption (c)

    गुरु + औदार्य = गुर्वोदार्य

  4. DOption (d)

    पितृ + आदेश = पित्रादेश

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Correct answer

Answer: (c)C.

गुरु + औदार्य = गुर्वोदार्य

Why this answer is correct

सही उत्तर है - गुरु + औदार्य = गुर्वोदार्य

Key Points

  • गुरु + औदार्य = गुर्वौदार्य (उ + औ = व् + ौ = वौ) यण संधि
  • सही शब्द 'गुर्वौदार्य' होना चाहिए, न कि 'गुर्वोदार्य'।

अन्य विकल्प -

संधि विच्छेदसही संधिस्थिति
मधु + आलयमध्वालय (उ + आ = व् + ा = वा) ​यण संधिसही
अति + ऊष्मअत्यूष्म (इ + ऊ = य् + ू = यू) ​यण संधिसही
पितृ + आदेशपित्रादेश (ऋ + आ = र् + ा = रा) ​यण संधिसही

Additional Informationयण संधि:-

  • जब संधि करते समय (इ, ई) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘य' बन जाता है,
  • जब (उ, ऊ) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘व' बन जाता है,
  • जब (ऋ) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘र्' बनता है, तो उसे यण संधि कहते है।

उदाहरण-

  • प्रति + एक = प्रत्येक (इ + ए = ये)
  • सु + आगत = स्वागत (उ + आ = वा)
  • पितृ + आज्ञा =पित्राज्ञा (ऋ + आ = रा)

Question 199

Rajasthan Police SI 2021• Test

इनमें से किस शब्द का सन्धि-विच्छेद सही नहीं है?

  1. AOption (a)

    वयोवृद्ध = वय: + वृद्ध

  2. BOption (b)

    अंततोगत्वा = अन्तत: + गत्वा

  3. COption (c)

    पुनरुक्ति = पुन: + उक्ति

  4. DOption (d)

    निरीक्षण = नि: + इक्षण

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Correct answer

Answer: (d)D.

निरीक्षण = नि: + इक्षण

Why this answer is correct

सन्धि-विच्छेद सही नहीं है- निरीक्षण = नि: + इक्षण

Key Points

  • 'निरीक्षण' शब्द का संधि-विच्छेद 'नि: + इक्षण' गलत है।
  • इसका सही संधि-विच्छेद- नि: + ईक्षण (निः + ईक्षण = निरीक्षण) होता है,  यह विसर्ग संधि का उदाहरण है।
  • अगर संधि के समय विसर्ग से पहले अ या आ को छोड़कर कोई अन्य स्वर हो तथा बाद में कोई घोष वर्ण हो तो विसर्ग के स्थान र आ जाता है।
  • उदाहरण :
  • निः + गुण : निर्गुण
  • दु: + उपयोग : दुरूपयोग

अन्य विकल्प-

  • वयोवृद्ध = वयः + वृद्ध (सही): यह विसर्ग संधि है। विसर्ग से पहले 'अ' और बाद में घोष वर्ण (व्) होने पर विसर्ग का 'ओ' हो जाता है।
  • अंततोगत्वा = अन्ततः + गत्वा (सही): यहाँ भी विसर्ग का 'ओ' हो गया है। यह भी विसर्ग संधि का उदाहरण है।
  • पुनरुक्ति = पुनः + उक्ति (सही): विसर्ग का 'र्' हुआ और उसमें 'उ' जुड़ने से 'रु' बना। यह बिल्कुल सही विच्छेद है।

Additional Informationविसर्ग संधि-

  • जब संधि करते समय  विसर्ग के बाद स्वर या व्यंजन वर्ण के आने से जो विकार उत्पन्न होता है, हम उसे विसर्ग संधि कहते हैं।
  • जैसे:
  • अंतः + ध्यान : अंतर्ध्यान
  • नि: + तार : निस्तार
  • मनः + भाव : मनोभाव
  • अंतर् + करण : अंतःकरण

Question 200

Rajasthan Police SI 2021• Test

इनमें से किस विकल्प के सभी शब्द कर्मधारय समास के हैं?

  1. AOption (a)

    पनभरा, छुटभैया

  2. BOption (b)

    शुभागमन, चरण-कमल

  3. COption (c)

    गृहस्थ, देशभक्ति

  4. DOption (d)

    निशाचर, हुक्मनामा

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Correct answer

Answer: (b)B.

शुभागमन, चरण-कमल

Why this answer is correct

सभी शब्द कर्मधारय समास के हैं- शुभागमन, चरण-कमल

Key Points

शब्दसमास विग्रहव्याख्या
शुभागमनशुभ है जो आगमन'शुभ' (विशेषण) + 'आगमन' (विशेष्य)।
चरण-कमलकमल के समान चरण'कमल' (उपमान) और 'चरण' (उपमेय) के बीच तुलना।

अन्य विकल्प -

  • पनभरा, छुटभैया:
  • पनभरा: पानी को भरने वाला (तत्पुरुष समास - कर्म तत्पुरुष)।
  • छुटभैया: छोटा है जो भैया (यह कर्मधारय हो सकता है, लेकिन 'पनभरा' तत्पुरुष है)।
  • गृहस्थ, देशभक्ति:
  • गृहस्थ: गृह में स्थित (तत्पुरुष समास - अधिकरण तत्पुरुष)।
  • देशभक्ति: देश के लिए भक्ति (तत्पुरुष समास - संप्रदान तत्पुरुष)।
  • निशाचर, हुक्मनामा:
  • निशाचर: निशा में विचरण करने वाला (बहुव्रीहि समास - राक्षस के लिए प्रयुक्त)।
  • हुक्मनामा: हुक्म का नामा (तत्पुरुष समास - संबंध तत्पुरुष)।

Important Points 

समास के भेद-

  1. तत्पुरुष समास
  2. कर्मधारय समास
  3. द्विगु समास
  4. द्वंद्व समास
  5. बहुव्रीहि समास
  6. अव्ययीभाव समास​

Additional Information

 

समासपरिभाषाउदाहरण
कर्मधारयजिस समास के दोनों शब्दों के बीच विशेषण-विशेष्य अथवा उपमान-उपमेय का सम्बन्ध हो, उसे कर्मधारय समास कहलाता है। पहचान: विग्रह करने पर दोनों पद के मध्य में ‘रुपी’ , 'है जो', 'के समान' आदि आते हैं।चंद्रमुख = चंद्रमा के समान मुख महात्मा = महान है जो आत्मा नरसिंह = नर रूपी सिंह
तत्पुरुषतत्पुरुष समास वह होता है, जिसमें उत्तरपद प्रधान होता है, अर्थात प्रथम पद गौण होता है एवं उत्तर पद की प्रधानता होती है व समास करते वक़्त बीच की विभक्ति का लोप हो जाता है। इस समास में आने वाले कारक चिन्हों को, से, के लिए, से, का/के/की, में, पर आदि का लोप होता है।करुणापूर्ण = करुणा से पूर्ण हवनसामग्री = हवन के लिए सामग्री
बहुव्रीहिजिस समास में प्रथम पद एवं द्वितीय पद दोनों की प्रधानता न हो बल्कि कोई तीसरा पद की प्रधानता हो, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।चक्रधर = चक्र को धारण करने वाला अर्थात् विष्णु त्रिलोचन = तीन हैं लोचन जिसके अर्थात् शिव