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Question 151

Rajasthan Police SI 2021• Test

इनमें से 'कर्मवाच्य' किस वाक्य में हैं?

  1. AOption (a)

    राम बचपन में नानी से कहानियाँ सुनता था।

  2. BOption (b)

    गर्मियों में लोग नदी किनारे नहाने जाते हैं।

  3. COption (c)

    पहले लोग सिनेमा हॉल में फिल्में देखने जाते थे।

  4. DOption (d)

    'रामायण' सीरियल का निर्माण रामानन्द सागर द्वारा किया गया था।

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Correct answer

Answer: (d)D.

'रामायण' सीरियल का निर्माण रामानन्द सागर द्वारा किया गया था।

Why this answer is correct

'कर्मवाच्य' वाक्य में हैं- 'रामायण' सीरियल का निर्माण रामानन्द सागर द्वारा किया गया था।

Key Points

  • इस वाक्य में 'निर्माण' (कर्म) मुख्य है और कर्ता (रामानन्द सागर) के साथ 'द्वारा' लगा है।
  • क्रिया ('किया गया था') भी कर्म के लिंग-वचन के अनुसार है। अतः यह कर्मवाच्य है।

अन्य विकल्प -

वाक्यवाच्यकारण
राम बचपन में नानी से कहानियाँ सुनता था।कर्तृवाच्यक्रिया सीधे कर्ता (राम) पर निर्भर है।
गर्मियों में लोग नदी किनारे नहाने जाते हैं।कर्तृवाच्यक्रिया सीधे कर्ता (लोग) पर निर्भर है।
पहले लोग सिनेमा हॉल में फिल्में देखने जाते थे।कर्तृवाच्यक्रिया सीधे कर्ता (लोग) पर निर्भर है।

Additional Information

वाच्य:- - क्रिया के जिस रूपान्तर से यह ज्ञात हो कि वाक्य में प्रयुक्त क्रिया का प्रधान विषय कर्ता, कर्म अथवा भाव है, उसे वाच्य कहते हैं। वाच्य के तीन भेद हैं- - कर्तृवाच्य - कर्मवाच्य - भाववाच्य
वाच्यपरिभाषाउदाहरण
​कर्तृवाच्यजिस वाक्य में कर्ता मुख्य हो और क्रिया कर्ता के लिंग, वचन एवं पुरूष के अनुसार हो, उसे कर्तृवाच्य कहते है।सीता पत्र लिखती है।
कर्मवाच्यजिस वाक्य में कर्म मुख्य हो तथा इसकी सकर्मक क्रिया के लिंग, वचन व पुरूष कर्म के अनुसार हो, उसे कर्मवाच्य कहते हैं।सीता के द्वारा पत्र लिखा जाता है।
भाववाच्यजब वाक्य में न तो कर्ता की प्रधानता होती है और न कर्म की, बल्कि क्रिया का भाव प्रधान होता है, उसे भाववाच्य कहते हैं।सीता से बैठा नहीं जाता।

Question 152

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस विकल्प के सभी शब्द पुल्लिंग हैं?

  1. AOption (a)

    कौआ, खरगोश, मंडल

  2. BOption (b)

    हीरा, मोती, मणि

  3. COption (c)

    नथ, मूँगा, पन्ना

  4. DOption (d)

    हार, पायल, पुखराज

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Correct answer

Answer: (a)A.

कौआ, खरगोश, मंडल

Why this answer is correct

सभी शब्द पुल्लिंग हैं- कौआ, खरगोश, मंडल

Key Points

  • इस विकल्प के तीनों शब्द व्याकरणिक दृष्टि से पुल्लिंग हैं।
  • कौआ: नित्य पुल्लिंग।
  • खरगोश: नित्य पुल्लिंग।
  • मंडल: पुल्लिंग शब्द।
  • निष्कर्ष: तीनों पुल्लिंग हैं।

अन्य विकल्प -

  • 'हीरा' और 'मोती' पुल्लिंग हैं, लेकिन 'मणि' शब्द स्त्रीलिंग होता है (जैसे- "बहुमूल्य मणि खो गई")।
  • 'मूँगा' और 'पन्ना' पुल्लिंग हैं, लेकिन 'नथ' शब्द स्त्रीलिंग होता है (जैसे- "सुंदर नथ पहनी है")।
  • 'पुखराज' पुल्लिंग है, लेकिन 'हार' और 'पायल' शब्द स्त्रीलिंग की तरह प्रयुक्त होते हैं (जैसे- "सुंदर पायल पहनी")।

Additional Informationलिंग दो प्रकार के होते हैं-

  • पुल्लिंग - शब्द के जिस रूप से पुरुष जाति का बोध होता है, उसे पुल्लिंग कहते हैं।
  • ​जैसे- बकरा, घोड़ा, लड़का, आदमी, शेर, बन्दर, बालक, शिशु, राजा, राजकुमार आदि।
  • स्त्रीलिंग - शब्द के जिस रूप से व्यक्ति या वस्तु की स्त्री जाति का बोध होता है, उसे स्त्रीलिंग कहते हैं।
  • जैसे - माता, लड़की, भेड़, गाय, बंदरिया, शेरनी, नारी, रानी, राजकुमारी, बहन आदि।

Question 153

Rajasthan Police SI 2021• Test

वर्तनी की दृष्टि से किस विकल्प के सभी शब्द अशुद्ध हैं?

  1. AOption (a)

    बाहुल्यता, इकट्ठा

  2. BOption (b)

    धोका, धंधा

  3. COption (c)

    भूक, झूट

  4. DOption (d)

    ब्राम्हण, आशीर्वाद

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Correct answer

Answer: (c)C.

भूक, झूट

Why this answer is correct

सही उत्तर है - भूक, झूट

Key Points

  • यहाँ दोनों शब्द अशुद्ध हैं। सही शब्द 'भूख' (बड़े 'ऊ' की मात्रा) और 'झूठ' (बड़े 'ऊ' की मात्रा) होते हैं।
  • वर्तनी - भाषा के किसी शब्द को को लिखने में प्रयुक्त वर्णों के सही क्रम को वर्तनी कहते हैं।

अन्य विकल्प -

शब्दस्थितिशुद्ध रूप
बाहुल्यता, इकट्ठाअशुद्धबहुलता, इकट्ठा
धोका, धंधाअशुद्धधोखा, धंधा
ब्राम्हण, आशीर्वादअशुद्धब्राह्मण, आशीर्वाद

Additional Informationकुछ अशुद्ध शब्द और शुद्ध शब्द -

अशुद्धशुद्ध
आशिर्वादआशीर्वाद
उज्जवलउज्ज्वल
कवियत्रीकवयित्री
ईमारतइमारत
कृत्यकृत्यकृतकृत्य
गृहणीगृहिणी
ज्योत्सनाज्योत्स्ना
दृष्टव्यद्रष्टव्य

Question 154

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस विकल्प में वर्तनी की दृष्टि से सभी शब्द शुद्ध हैं?

  1. AOption (a)

    प्रतिद्वन्द्वी, महती

  2. BOption (b)

    रचइता, एक्य

  3. COption (c)

    धुरंदर, बजार

  4. DOption (d)

    सतत्, सरोजनी

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Correct answer

Answer: (a)A.

प्रतिद्वन्द्वी, महती

Why this answer is correct

सही उत्तर है - प्रतिद्वन्द्वी, महती

Key Points

  • वर्तनी की दृष्टि से 'प्रतिद्वन्द्वी' और 'महती' दोनों शब्द पूर्णतः शुद्ध हैं।
  • 'प्रतिद्वंद्वी' का अर्थ है - बराबरी का विरोधी, मुकाबला करने वाला, प्रतिस्पर्धी या शत्रु।
  • 'महती' का अर्थ है - ​बड़ी, महान, विशाल, उत्कृष्ट या महत्वपूर्ण होता है।
  • वर्तनी - भाषा के किसी शब्द को को लिखने में प्रयुक्त वर्णों के सही क्रम को वर्तनी कहते हैं।

अन्य विकल्प -

शब्दस्थितिशुद्ध रूप / व्याख्या
रचइता, एक्यअशुद्ध'रचइता' गलत है, शुद्ध शब्द 'रचयिता' है। ('एक्य' शुद्ध है)।
धुरंदर, बजारअशुद्ध'धुरंदर' और 'बजार' दोनों गलत हैं। शुद्ध रूप 'धुरंधर' और 'बाज़ार' हैं।
सतत्, सरोजनीअशुद्ध'सतत्' में हलंत नहीं आता (सतत) और 'सरोजनी' का शुद्ध रूप 'सरोजिनी' है।

Additional Informationकुछ अशुद्ध शब्द और शुद्ध शब्द -

अशुद्धशुद्ध
प्रदर्शिनीप्रदर्शनी
सन्यासीसंन्यासी
पुज्यनीयपूजनीय
अनाधिकारअनधिकार
प्रकृतिकप्राकृतिक
शमशानश्मशान
विरहणीविरहिणी
तत्कालिकतात्कालिक

Question 155

Rajasthan Police SI 2021• Test

'बहता पानी, रमता जोगी' लोकोक्ति का भावार्थ है

  1. AOption (a)

    बहते पानी की तरह जोगी की भी निरंतर गतिशीलता बनी रहती है।

  2. BOption (b)

    घुमक्कड़ व्यक्ति कभी एक जगह नहीं रुकता।

  3. COption (c)

    ठहरा हुआ पानी और एक स्थान पर रुका हुआ योगी अपनी सार्थकता खो देते हैं।

  4. DOption (d)

    बहता हुआ पानी और निरंतर विचरण करता हुआ योगी समाज को गतिशील रहने का संदेश देते हैं।

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Correct answer

Answer: (b)B.

घुमक्कड़ व्यक्ति कभी एक जगह नहीं रुकता।

Why this answer is correct

'बहता पानी, रमता जोगी' लोकोक्ति का भावार्थ है - घुमक्कड़ व्यक्ति कभी एक जगह नहीं रुकता।

Key Points

  • 'बहता पानी, रमता जोगी' का अर्थ - घुमक्कड़ व्यक्ति कभी एक जगह नहीं रुकता।
  • वाक्य प्रयोग- उस लेखक ने जीवन भर नई-नई जगहें देखीं और लिखा, इसी को तो कहते हैं- "बहता पानी, रमता जोगी"।
  • लोकोक्ति - जब कोई पूरा कथन किसी प्रसंग विशेष में उद्धत किया जाता है, लोकोक्ति कहलाता है। इसी को कहावत कहते है।
  • जैसे - 'छोटा मुँह बड़ी बात' का अर्थ - कम उम्र या अनुभव वाले मनुष्य का लम्बी-चौड़ी बातें करना। वाक्य प्रयोग - किशन तो हमेशा "छोटा मुँह बड़ी बात करता है"। ​

Additional Information

लोकोक्तिअर्थवाक्य प्रयोग
अपनी डफली अपना रागसबका अपने-अपने मन की करना (तालमेल न होना)इस टीम में कोई किसी की बात नहीं सुनता, सब 'अपनी डफली अपना राग' अलापते रहते हैं।
आम के आम, गुठलियों के दामदोहरी खुशी या दोहरा लाभ होनामैंने पुरानी किताबें बेच दीं, तो पैसे भी मिल गए और घर की सफाई भी हो गई; सच में 'आम के आम, गुठलियों के दाम' हो गए।
दूर के ढोल सुहावनेदूर की वस्तुएं या स्थितियाँ अच्छी लगती हैंशहर जाकर रहने का सपना तो अच्छा लगता है, पर वहाँ के संघर्षों का पता चलने पर समझ आता है कि 'दूर के ढोल सुहावने' होते हैं।
चोर की दाढ़ी में तिनकादोषी व्यक्ति हमेशा सशंकित रहता हैजब शिक्षक ने क्लास में पूछा कि किसने कांच तोड़ा, तो वह लड़का घबरा गया, 'चोर की दाढ़ी में तिनका' वाली बात सही है।
जहाँ न पहुँचे रवि, वहाँ पहुँचे कविकवि की कल्पना असीमित होती हैकवि अपनी कविताओं में दुनिया के उन पहलुओं को छू लेते हैं, जिन्हें आम आदमी सोच भी नहीं सकता; इसीलिए कहते हैं—'जहाँ न पहुँचे रवि, वहाँ पहुँचे कवि'।

Question 156

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस विकल्प में पुल्लिंग-स्त्रीलिंग युग्म गलत है?

  1. AOption (a)

    कवि - कवयित्री

  2. BOption (b)

    बाघ - बाघिन

  3. COption (c)

    नेता - नेत्री

  4. DOption (d)

    मेंढक - मेढ़ा

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Correct answer

Answer: (d)D.

मेंढक - मेढ़ा

Why this answer is correct

पुल्लिंग-स्त्रीलिंग युग्म गलत है - मेंढक - मेढ़ा

Key Points

  • 'मेंढक' का स्त्रीलिंग 'मेंढकी' होता है। 'मेढ़ा' का अर्थ 'नर भेड़' होता है।
  • पुल्लिंग - शब्द के जिस रूप से पुरुष जाति का बोध होता है, उसे पुल्लिंग कहते हैं।
  • जैसे- बकरा, घोड़ा, लड़का, आदमी, शेर, बन्दर, बालक, शिशु, राजा, राजकुमार आदि।
  • स्त्रीलिंग - शब्द के जिस रूप से व्यक्ति या वस्तु की स्त्री जाति का बोध होता है, उसे स्त्रीलिंग कहते हैं।
  • जैसे - माता, लड़की, भेड़, गाय, बंदरिया, शेरनी, नारी, रानी, राजकुमारी, बहन आदि।

अन्य विकल्प -

  • (कवि - कवयित्री): यह बिल्कुल सही युग्म है।
  • (बाघ - बाघिन): यह सही युग्म है।
  • (नेता - नेत्री): यह भी सही युग्म है।

Important Points

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
वरवधू
अध्यापकअध्यापिका
भगवानभगवती
ठाकुरठकुराइन
महोदयमहोदया
दातादात्री
लेखकलेखिका
देवरदेवरानी
सम्राटसम्राज्ञी

Additional Informationलिंग दो प्रकार के होते हैं-

  1. पुल्लिंग
  2. स्त्रीलिंग

Question 157

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस विकल्प में सभी शब्द 'पुल्लिंग' हैं?

  1. AOption (a)

    मछली, दौड़, मार्ग

  2. BOption (b)

    गिलहरी, समूह, कुटुंब

  3. COption (c)

    तितली, झुंड, समूह

  4. DOption (d)

    पक्षी, चीता, पानी

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Correct answer

Answer: (d)D.

पक्षी, चीता, पानी

Why this answer is correct

सभी शब्द 'पुल्लिंग' हैं- पक्षी, चीता, पानी

Key Points

  • इस विकल्प के तीनों शब्द व्याकरणिक दृष्टि से पुल्लिंग हैं।
  • पक्षी: यह पुल्लिंग शब्द है (जैसे- "पक्षी उड़ रहा है")।
  • चीता: यह एक नित्य पुल्लिंग शब्द है। इसका स्त्रीलिंग 'मादा चीता' होता है।
  • पानी: यह सदैव पुल्लिंग शब्द है (जैसे- "पानी बह रहा है")।

अन्य विकल्प -

  • (मछली, दौड़, मार्ग): 'मछली' और 'दौड़' दोनों स्त्रीलिंग हैं। (मार्ग पुल्लिंग हैं)।
  • (गिलहरी, समूह, कुटुंब): 'गिलहरी' स्त्रीलिंग शब्द है (समूह और कुटुंब पुल्लिंग हैं)।
  • (तितली, झुंड, समूह): 'तितली' स्त्रीलिंग शब्द है (झुंड और समूह पुल्लिंग हैं)।

Important Points

  • नित्य स्त्रीलिंग शब्द वे हैं जो हमेशा स्त्रीलिंग रूप में ही प्रयोग होते हैं,
  • जैसे- मक्खी, मछली, कोयल, मैना, गिलहरी, छिपकली, तितली, दीमक, भेड़, लोमड़ी, मकड़ी, चील।
  • नित्य पुल्लिंग शब्द वे संज्ञा शब्द हैं जो सदा पुल्लिंग के रूप में ही प्रयुक्त होते हैं, चाहे वे नर के लिए हों या मादा के लिए।
  • ऐसे शब्दों में जीव-जंतुओं के नाम (जैसे कौआ, भेड़िया, मच्छर, खरगोश), खगोलीय पिंड (सूर्य, चंद्रमा) और दिन/महीनों के नाम प्रमुख हैं।

Additional Information लिंग दो ���्रकार के होते हैं-

  • पुल्लिंग - शब्द के जिस रूप से पुरुष जाति का बोध होता है, उसे पुल्लिंग कहते हैं।
  • ​जैसे- बकरा, घोड़ा, लड़का, आदमी, शेर, बन्दर, बालक, शिशु, राजा, राजकुमार आदि।
  • स्त्रीलिंग - शब्द के जिस रूप से व्यक्ति या वस्तु की स्त्री जाति का बोध होता है, उसे स्त्रीलिंग कहते हैं।
  • जैसे - माता, लड़की, भेड़, गाय, बंदरिया, शेरनी, नारी, रानी, राजकुमारी, बहन आदि।

Question 158

Rajasthan Police SI 2021• Test

‘ढाक के वही तीन पात’ लोकोक्ति का भावार्थ है

  1. AOption (a)

    परिणाम कुछ नहीं, बात वहीं की वहीं।

  2. BOption (b)

    ढाक के पत्ते तीन-तीन के समूह में होते हैं।

  3. COption (c)

    पतझड़ में भी ढाक के कुछ पत्ते बचे रहते हैं।

  4. DOption (d)

    ढाक के उपयोगी पत्तों से सुन्दर दोने बनते हैं।

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Correct answer

Answer: (a)A.

परिणाम कुछ नहीं, बात वहीं की वहीं।

Why this answer is correct

‘ढाक के वही तीन पात’ लोकोक्ति का भावार्थ है - परिणाम कुछ नहीं, बात वहीं की वहीं।

Key Points

  • ‘ढाक के वही तीन पात’ का अर्थ- परिणाम कुछ नहीं, बात वहीं की वहीं।
  • वाक्य प्रयोग - उसे बार-बार समझाया गया कि अपनी कार्यप्रणाली सुधारो, लेकिन उसकी आदतें नहीं बदलीं; वही "ढाक के तीन पात वाली स्थिति है"।
  • लोकोक्ति - जब कोई पूरा कथन किसी प्रसंग विशेष में उद्धत किया जाता है, लोकोक्ति कहलाता है। इसी को कहावत कहते है।
  • जैसे - अपने मुँह मियाँ मिट्ठू = अपनी बड़ाई या प्रशंसा स्वयं करने वाला। वाक्य प्रयोग - रामू हमेशा "अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनता है"।

Additional Information

 

लोकोक्तिअर्थवाक्य प्रयोग
काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़तीकपट का व्यवहार हमेशा नहीं चलतातुमने मुझे एक बार धोखा दे दिया, लेकिन याद रखना, "काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती।"
गए थे रोजा छुड़ाने, नमाज़ गले पड़ीउपकार करने के बदले खुद मुसीबत में पड़ जानामैं तो उसे मुसीबत से निकालने गया था, पर उल्टा फँस गया - "गए थे रोजा छुड़ाने, नमाज़ गले पड़ी।"
जितनी लंबी चादर, उतने पैर पसारने चाहिएअपनी आय के अनुसार ही खर्च करना चाहिएआजकल की महंगाई में हमें अपनी "चादर देखकर ही पैर पसारने चाहिए।"
मुँह में राम, बगल में छुरीऊपर से मित्रता, मन में शत्रुता"वह तुम्हारा सबसे अच्छा दोस्त होने का नाटक करता है, लेकिन सावधान रहना - उसका हाल "मुँह में राम, बगल में छुरी जैसा है।"
सौ सुनार की, एक लुहार कीएक शक्तिशाली वार, सौ छोटे वारों के बराबर होता हैवह रोज छोटी-मोटी बातें सुनाता रहता है, पर कल बॉस ने उसे एक ऐसी फटकार लगाई कि सब चुप हो गए; यह तो "सौ सुनार की, एक लुहार की वाली बात हुई।"

Question 159

Rajasthan Police SI 2021• Test

‘मुद्दई सुस्त गवाह चुस्त’ लोकोक्ति का भावार्थ है:

  1. AOption (a)

    सुस्त व्यक्ति का काम चुस्त-दुरुस्त व्यक्ति से ही चलता है।

  2. BOption (b)

    सुस्त व्यक्ति को चुस्त व्यक्ति से सचेत रहना चाहिए।

  3. COption (c)

    सुस्त और चुस्त व्यक्ति का बेमेल संयोग होना।

  4. DOption (d)

    जिसका काम हो उसकी अपेक्षा दूसरों का अधिक चिंतित होना।

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Correct answer

Answer: (d)D.

जिसका काम हो उसकी अपेक्षा दूसरों का अधिक चिंतित होना।

Why this answer is correct

‘मुद्दई सुस्त गवाह चुस्त’ लोकोक्ति का भावार्थ है: जिसका काम हो उसकी अपेक्षा दूसरों का अधिक चिंतित होना।

Key Points

  • ‘मुद्दई सुस्त गवाह चुस्त’ का अर्थ : जिसका काम हो उसकी अपेक्षा दूसरों का अधिक चिंतित होना।
  • वाक्य प्रयोग - देखो, परीक्षा में तुम्हें बैठना है, पर तुम हो कि अभी तक किताब नहीं खोली,
  • और तुम्हारे दोस्त तुम्हारी चिंता में दिन-रात पढ़ रहे हैं- इसे ही कहते हैं, 'मुद्दई सुस्त गवाह चुस्त'।
  • लोकोक्ति - जब कोई पूरा कथन किसी प्रसंग विशेष में उद्धत किया जाता है, लोकोक्ति कहलाता है। इसी को कहावत कहते है।
  • जैसे - 'इतनी-सी जान, गज भर की जुबा' का अर्थ - बहुत बढ़-बढ़ कर बातें करना,
  • वाक्य प्रयोग - चार साल की बच्ची जब बड़ी-बड़ी बातें करने लगी तो दादाजी बोले- "इतनी सी जान, गज भर की जुबान"।​

Additional Information

लोकोक्तिअर्थवाक्य प्रयोग
आँख का अंधा, नाम नयनसुखगुण के विरुद्ध नाम होना"उसका व्यवहार तो बहुत खराब है, फिर भी नाम 'सज्जन' रखा है- सच में "आँख का अंधा, नाम नयनसुख।"
घर का भेदी, लंका ढाएआपसी फूट से सर्वनाश होता है"हमें बाहरी दुश्मनों से ज्यादा अपने घर के गद्दारों से सावधान रहना चाहिए, क्योंकि "घर का भेदी लंका ढाए।"
चोर की दाढ़ी में तिनकादोषी व्यक्ति हमेशा सशंकित रहता है"शिक्षक के आते ही वह हड़बड़ा गया, इसे देख सब समझ गए कि "चोर की दाढ़ी में तिनका है।"
जहाँ चाह, वहाँ राहदृढ़ इच्छाशक्ति हो तो रास्ता मिल ही जाता है"उसने बिना किसी कोचिंग के यूपीएससी पास किया; सच है, "जहाँ चाह, वहाँ राह।"
नीम हकीम खतरे जानअधूरा ज्ञान हानिकारक होता है"बिना डिग्री वाले डॉक्टर से इलाज करवाना ठीक नहीं, क्योंकि "नीम हकीम खतरे जान होता है।"
बाप न मारी मेढ़की, बेटा तीरंदाजअपनी हैसियत से बढ़कर बातें करना"पिता ने कभी स्कूल नहीं देखा और बेटा कहता है कि वह विदेशों में रिसर्च करेगा - "बाप न मारी मेढ़की, बेटा तीरंदाज।"

Question 160

Rajasthan Police SI 2021• Test

'पानी में आग लगाना' मुहावरे का भावार्थ है

  1. AOption (a)

    असंभव कार्य करने का प्रयास करना

  2. BOption (b)

    पागलपन के काम करना

  3. COption (c)

    जहाँ झगड़ा होना असंभव हो, वहाँ झगड़ा करवा देना

  4. DOption (d)

    लीक से हटकर कोई काम करना

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Correct answer

Answer: (c)C.

जहाँ झगड़ा होना असंभव हो, वहाँ झगड़ा करवा देना

Why this answer is correct

'पानी में आग लगाना' मुहावरे का भावार्थ है - जहाँ झगड़ा होना असंभव हो, वहाँ झगड़ा करवा देना

Key Points

  • 'पानी में आग लगाना' का अर्थ - जहाँ झगड़ा होना असंभव हो, वहाँ झगड़ा करवा देना,
  • वाक्य प्रयोग - उन दोनों भाइयों में बहुत प्रेम था, लेकिन रमेश ने अपनी बातों से उनके बीच "पानी में आग लगा दी"।
  • मुहावरा - ऐसे वाक्यांश, जो सामान्य अर्थ का बोध न कराकर किसी विलक्षण अर्थ को प्रकट करते है, उसे मुहावरा कहते है।
  • उदाहरण के लिए - "खटिया सेना" का अर्थ - बीमार होना। वाक्य प्रयोग - माला की माँ बुखार के कारण "खटिया सेती है"।

अन्य विकल्प -

स्थितिकारण
गलतअसंभव कार्य के लिए 'आसमान के तारे तोड़ना' जैसे मुहावरे उपयुक्त होते हैं।
गलतयह मुहावरा पागलपन के लिए नहीं, बल्कि विवाद पैदा करने के लिए है।
गलतलीक से हटकर काम करने के लिए 'अनोखी राह चुनना' जैसे शब्दों का प्रयोग होता है।

Additional Information

 

मुहावराअर्थवाक्य प्रयोग
आग में घी डालनाक्रोधी को और अधिक भड़कानाजब पहले से ही बहस हो रही थी, तो उसका व्यंग्य करना "आग में घी डालने जैसा था"।
दाँतों तले उँगली दबानाहैरान या आश्चर्यचकित होनाजादूगर की कला देखकर दर्शकों ने "दाँतों तले उँगली दबा ली।"
तिल का ताड़ बनानाछोटी सी बात को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कहनाउसकी आदत है हर छोटी बात पर "तिल का ताड़ बनाने की।"
सिर पर कफन बाँधनामरने के लिए तैयार रहनादेश के सैनिक सीमाओं पर सिर पर "कफन बाँधकर डटे रहते हैं।"
हवा से बातें करनाबहुत तेज़ दौड़नाचेतक घोड़ा इतना तेज़ था कि वह मानो "हवा से बातें कर रहा हो।"