'संज्ञा उपवाक्य' है- कर्मचारियों की माँग है कि उन्हें पूरा वेतन दिया जाए।
Key Points
- यहाँ "कि उन्हें पूरा वेतन दिया जाए" मुख्य क्रिया 'माँग है' के पूरक के रूप में आया है।
- जो गौण उपवाक्य प्रधान उपवाक्य का उद्देश्य (कर्ता), कर्म या पूरक बनकर संज्ञा अथवा सर्वनाम के स्थान पर प्रयुक्त हो, वह संज्ञा उपवाक्य कहलाता है।
- जैसे - "उसने कहा कि मैं कल आऊँगा।" इस वाक्य में कि "मैं कल आऊँगा"। संज्ञा उपवाक्य है।
अन्य विकल्प -
- "जिसे आप ढूँढ़ रहे हैं, वह आया ही नहीं।" — यह विशेषण उपवाक्य है (यहाँ 'जिसे' सर्वनाम संज्ञा की विशेषता बता रहा है)।
- "यह वही आदमी है, जो कल आया था।" — यह भी विशेषण उपवाक्य है (यहाँ 'जो कल आया था' उस आदमी की विशेषता बता रहा है)।
- "जितना पानी जमा था, उतना बह गया।" — यह क्रिया-विशेषण उपवाक्य है (यह परिमाणवाचक विशेषता बता रहा है)।
Important Points उपवाक्य -
- ऐसा पदसमूह, जिसका अपना अर्थ हो, जो एक वाक्य का भाग हो और जिसमें उदेश्य और विधेय हों, उपवाक्य कहलाता हैं।
- उपवाक्यों के आरम्भ में अधिकतर कि, जिससे, ताकि, जो, जितना, ज्यों-त्यों, चूँकि, क्योंकि, यदि, यद्यपि, जब, जहाँ इत्यादि होते हैं।
- उपवाक्य दो तरह के होते हैं - प्रधान उपवाक्य, आश्रित उपवाक्य।
- आश्रित उपवाक्य तीन प्रकार के होते हैं -
- विशेषण उपवाक्य, क्रियाविशेषण उपवाक्य और संज्ञा उपवाक्य।
Additional Information विशेषण उपवाक्य -
- जो गौण उपवाक्य प्रधान उपवाक्य की संज्ञा, सर्वनाम या संज्ञा पदबंध की विशेषता बताए, वह विशेषण उपवाक्य कहलाता है।
- इसमें ‘जो’, ‘जैसा’, ‘जितना’ इत्यादि शब्दों का प्रयोग होता हैं।
- जैसे - जो लड़का खड़ा है, वह मेरा भाई है। इस वाक्य में "जो लड़का खड़ा है" विशेषण-उपवाक्य है।
क्रिया-विशेषण उपवाक्य -
- जो गौण या आश्रित उपवाक्य मुख्य उपवाक्य की क्रिया की काल या स्थान आदि से सम्बद्ध विशेषता बताएँ, उन्हें क्रिया-विशेषण उपवाक्य कहते हैं।
- इसमें प्रायः जब, जहाँ, जिधर, ज्यों, यद्यपि इत्यादि शब्दों का प्रयोग होता हैं। इसके द्वारा समय, स्थान, कारण, उद्देश्य, फल, अवस्था, समानता, मात्रा इत्यादि का बोध होता हैं।
- जैसे- जब वर्षा होगी, तब किसान हल चलाएंगे। इस वाक्य में ‘जब वर्षा होगी’ क्रियाविशेषण-उपवाक्य हैं।