किस शब्द का संधि-विच्छेद सही नहीं है?
- AOption (a)
सच्छास्त्र = सत् + शास्त्र
- BOption (b)
आद्योपांत = आदि + उपांत
- COption (c)
परिणत = परि + नत
- DOption (d)
अनुष्ठान = अनु + स्थान
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Correct answer
आद्योपांत = आदि + उपांत
Why this answer is correct
दिए गए विकल्पों में 'संधि-विच्छेद' का सही उदाहरण/उत्तर है- आद्योपांत = आदि + उपांत
Key Points
- 'आदि + उपांत' का संधि रूप 'आद्युपान्त' होता है, न कि 'आद्योपांत'।
- यहाँ यण संधि का नियम लागू होता है। जब इ/ई के बाद कोई भिन्न स्वर आता है, तो इ/ई का 'य्' हो जाता है।
- आदि (इ) + उपांत (उ) = आद्युपान्त (इ + उ = यु)।
- यदि शब्द 'आद्योपांत' है, तो इसका सही विच्छेद 'आद्य + उपांत' (अ + उ = ओ, गुण संधि) होगा।
- यण संधि के अन्य उदाहरण: इति + आदि = इत्यादि, अभि + उदय = अभ्युदय।
अन्य विकल्प -
| शब्द/विकल्प | विग्रह/अर्थ | भेद/प्रकार |
|---|---|---|
| सच्छास्त्र | सत् + शास्त्र (त् के बाद श होने पर त् का च और श का छ हो जाता है) | व्यंजन संधि |
| परिणत | परि + नत (ऋ, र, ष के बाद 'न' आने पर वह 'ण' में बदल जाता है) | व्यंजन संधि |
| अनुष्ठान | अनु + स्थान (इ/उ के बाद 'स' या 'स्थ' होने पर वह 'ष' या 'ष्ठ' हो जाता है) | व्यंजन संधि |
Important Points
संधि के भेद-
- स्वर संधि: दो स्वरों के मेल से होने वाला विकार। (जैसे- दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण, अयादि)
- व्यंजन संधि: व्यंजन के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से होने वाला विकार।
- विसर्ग संधि: विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से होने वाला विकार।
Additional Information
| प्रकार/भेद | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| यण स्वर संधि | यदि इ, ई, उ, ऊ, ऋ के बाद कोई असमान स्वर आए तो इ/ई का 'य', उ/ऊ का 'व' और ऋ का 'र' हो जाता है। | प्रति + एक = प्रत्येक सु + आगत = स्वागत |
| व्यंजन संधि (न-ण नियम) | यदि ऋ, र्, ष् से परे 'न' व्यंजन आता है तो वह 'ण' में बदल जाता है, चाहे बीच में स्वर, क-वर्ग या प-वर्ग ही क्यों न हो। | प्र + नाम = प्रणाम भर + अन = भरण |