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Question 91

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस शब्द का संधि-विच्छेद सही नहीं है?

  1. AOption (a)

    सच्छास्त्र = सत् + शास्त्र

  2. BOption (b)

    आद्योपांत = आदि + उपांत

  3. COption (c)

    परिणत = परि + नत

  4. DOption (d)

    अनुष्ठान = अनु + स्थान

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Correct answer

Answer: (b)B.

आद्योपांत = आदि + उपांत

Why this answer is correct

दिए गए विकल्पों में 'संधि-विच्छेद' का सही उदाहरण/उत्तर है- आद्योपांत = आदि + उपांत

Key Points

  • 'आदि + उपांत' का संधि रूप 'आद्युपान्त' होता है, न कि 'आद्योपांत'।
  • यहाँ यण संधि का नियम लागू होता है। जब इ/ई के बाद कोई भिन्न स्वर आता है, तो इ/ई का 'य्' हो जाता है।
  • आदि (इ) + उपांत (उ) = आद्युपान्त (इ + उ = यु)।
  • यदि शब्द 'आद्योपांत' है, तो इसका सही विच्छेद 'आद्य + उपांत' (अ + उ = ओ, गुण संधि) होगा।
  • यण संधि के अन्य उदाहरण: इति + आदि = इत्यादि, अभि + उदय = अभ्युदय।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
सच्छास्त्रसत् + शास्त्र (त् के बाद श होने पर त् का च और श का छ हो जाता है)व्यंजन संधि
परिणतपरि + नत (ऋ, र, ष के बाद 'न' आने पर वह 'ण' में बदल जाता है)व्यंजन संधि
अनुष्ठानअनु + स्थान (इ/उ के बाद 'स' या 'स्थ' होने पर वह 'ष' या 'ष्ठ' हो जाता है)व्यंजन संधि

Important Points 

 संधि के भेद-

  1. स्वर संधि: दो स्वरों के मेल से होने वाला विकार। (जैसे- दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण, अयादि)
  2. व्यंजन संधि: व्यंजन के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से होने वाला विकार।
  3. विसर्ग संधि: विसर्ग के साथ स्वर या व्यंजन के मेल से होने वाला विकार।

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
यण स्वर संधियदि इ, ई, उ, ऊ, ऋ के बाद कोई असमान स्वर आए तो इ/ई का 'य', उ/ऊ का 'व' और ऋ का 'र' हो जाता है।प्रति + एक = प्रत्येक सु + आगत = स्वागत
व्यंजन संधि (न-ण नियम)यदि ऋ, र्, ष् से परे 'न' व्यंजन आता है तो वह 'ण' में बदल जाता है, चाहे बीच में स्वर, क-वर्ग या प-वर्ग ही क्यों न हो।प्र + नाम = प्रणाम भर + अन = भरण

Question 92

Rajasthan Police SI 2021• Test

इनमें से कौन सा संधि-शब्द सही नहीं है?

  1. AOption (a)

    रवि + इन्द्र = रविन्द्र

  2. BOption (b)

    तथा + एव = तथैव

  3. COption (c)

    निः + रोग = नीरोग

  4. DOption (d)

    मनः + ताप = मनस्ताप

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Correct answer

Answer: (a)A.

रवि + इन्द्र = रविन्द्र

Why this answer is correct

दिए गए विकल्पों में संधि-विच्छेद की दृष्टि से जो सही नहीं है, उसका सही उत्तर है- रवि + इन्द्र = रविन्द्र

Key Points

  • विकल्प 'रवि + इन्द्र = रविन्द्र' गलत है क्योंकि यहाँ दीर्घ स्वर संधि का नियम लागू होता है।
  • नियम के अनुसार, जब ह्रस्व या दीर्घ 'इ' के बाद ह्रस्व या दीर्घ 'इ' आए, तो दोनों मिलकर दीर्घ 'ई' हो जाते हैं। अतः सही शब्द 'रवीन्द्र' होना चाहिए।
  • अन्य उदाहरण: कवि + इन्द्र = कवीन्द्र, गिरि + ईश = गिरीश।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
तथैवतथा + एव (आ + ए = ऐ)वृद्धि स्वर संधि
नीरोगनिः + रोग (विसर्ग का लोप और स्वर दीर्घ)विसर्ग संधि
मनस्तापमनः + ताप (विसर्ग का 'स्' होना)विसर्ग संधि

Important Points

संधि के मुख्य भेद-

संधि का नाममेल (संयोग)मुख्य पहचान / विकारप्रमुख उदाहरण
स्वर संधिस्वर + स्वरदो स्वरों के मेल से मात्रा में परिवर्तन होता है। इसके 5 उपभेद हैं।हिमालय (हिम + आलय)
व्यंजन संधिव्यंजन + स्वर/व्यंजनव्यंजन में विकार उत्पन्न होता है (जैसे आधा अक्षर या वर्ण परिवर्तन)।सज्जन (सत् + जन)
विसर्ग संधिविसर्ग (:) + स्वर/व्यंजनविसर्ग 'ओ', 'र', 'श', 'ष', या 'स' में बदल जाता है।मनोहर (मनः + हर)

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
दीर्घ संधि​जब दो सवर्ण (समान) स्वर (ह्रस्व या दीर्घ) आपस में मिलकर दीर्घ (बड़े) स्वर बन जाते हैं, तो उसे दीर्घ संधि कहते हैं।विद्या + अर्थी = विद्यार्थी (आ + अ = आ) भानु + उदय = भानूदय (उ + उ = ऊ)
वृद्धि  संधि​जहाँ 'अ' या 'आ' के बाद 'ए' या 'ऐ' आने पर दोनों मिलकर 'ऐ' हो जाते हैं, और 'ओ' या 'औ' आने पर 'औ' हो जाते हैं।​मत + ऐक्य = मतैक्य (अ + ऐ = ऐ) वन + औषधि = वनौषधि (अ + ओ = औ)

Question 93

Rajasthan Police SI 2021• Test

इनमें से कौन सा संधि-शब्द गलत है?

  1. AOption (a)

    सत् + जन = सज्जन

  2. BOption (b)

    चित् + मय = चिन्मय

  3. COption (c)

    सत् + गति = सद्गति

  4. DOption (d)

    सत् + मार्ग = सद्मार्ग

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Correct answer

Answer: (d)D.

सत् + मार्ग = सद्मार्ग

Why this answer is correct

दिए गए विकल्पों में से गलत संधि-शब्द का सही उत्तर है- सत् + मार्ग = सद्मार्ग

Key Points

  • सत् + मार्ग का सही संधि-रूप 'सन्मार्ग' होगा, न कि 'सद्मार्ग'।  नियम: त् + म = न्
  • व्यंजन संधि के नियम के अनुसार, यदि किसी वर्ग के पहले वर्ण (क्, च्, ट्, त्, प्) के बाद कोई अनुनासिक वर्ण (न, म) आए, तो वह वर्ण अपने ही वर्ग के पाँचवें वर्ण (पंचम वर्ण) में बदल जाता है।
  • इस नियम के अन्य उदाहरण:
  • उत् + नति = उन्नति
  • जगत् + नाथ = जगन्नाथ

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
सज्जनसत् + जन (त् के बाद 'ज' होने पर 'त्' का 'ज्' हो जाता है)व्यंजन संधि
चिन्मयचित् + मय (त् के बाद 'म' होने पर 'त्' का 'न्' हो जाता है)व्यंजन संधि
सद्गतिसत् + गति (त् के बाद वर्ग का तीसरा वर्ण होने पर 'त्' का 'द्' हो जाता है)व्यंजन संधि

Important Points 

 संधि के मुख्य भेद-

  1. स्वर संधि
  2. व्यंजन संधि
  3. विसर्ग संधि

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
व्यंजन संधिव्यंजन का व्यंजन से अथवा किसी स्वर से मेल होने पर जो विकार (परिवर्तन) उत्पन्न होता है, उसे व्यंजन संधि कहते हैं।वागीश = वाक् + ईश उद्धार = उत् + हार

Question 94

Rajasthan Police SI 2021• Test

निम्नलिखित में से किस शब्द की संधि सही है?

  1. AOption (a)

    स्त्री + उचित = स्त्रीयोचित

  2. BOption (b)

    गति + अवरोध = गत्यावरोध

  3. COption (c)

    शीत + ऋतु = शीतर्तु

  4. DOption (d)

    राम + ईश = रमेश

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Correct answer

Answer: (c)C.

शीत + ऋतु = शीतर्तु

Why this answer is correct

उपरोक्त विकल्पों में से संधि की दृष्टि से सही शब्द का सही उदाहरण है- शीत + ऋतु = शीतर्तु

Key Points

  • 'शीत + ऋतु' के मेल से 'शीतर्तु' शब्द बनता है, जो पूर्णतः व्याकरणिक रूप से सही है।
  • यहाँ गुण स्वर संधि का नियम लागू होता है। नियमानुसार, यदि 'अ' या 'आ' के बाद 'ऋ' आए, तो दोनों के स्थान पर 'अर्' हो जाता है।
  • अन्य उदाहरण:
  • देव + ऋषि = देवर्षि (अ + ऋ = अर्)
  • महा + ऋषि = महर्षि (आ + ऋ = अर्)

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
स्त्री + उचितसही शब्द स्त्र्युचित है। यहाँ ई + उ = यु हुआ है।यण स्वर संधि
गति + अवरोधसही शब्द गत्यवरोध है। यहाँ इ + अ = य हुआ है।यण स्वर संधि
राम + ईशइसका संधि रूप रामेश होगा। रमेश का संधि विच्छेद रमा + ईश होता है।गुण स्वर संधि

Important Points 

 स्वर संधि के भेद-

  1. दीर्घ स्वर संधि
  2. गुण स्वर संधि
  3. वृद्धि स्वर संधि
  4. यण स्वर संधि
  5. अयादि स्वर संधि

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
गुण संधिजब अ, आ के बाद इ, ई आए तो 'ए'; उ, ऊ आए तो 'ओ' और ऋ आए तो 'अर्' हो जाता है।महा + उत्सव = महोत्सव नर + इंद्र = नरेंद्र
यण संधिजब इ, ई, उ, ऊ, ऋ के बाद कोई भिन्न स्वर आए, तो इ/ई का 'य', उ/ऊ का 'व' और ऋ का 'र' हो जाता है।इति + आदि = इत्यादि सु + आगत = स्वागत

Question 95

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस विकल���प में कर्मधारय समास नहीं है?

  1. AOption (a)

    नीलगाय

  2. BOption (b)

    देहलता

  3. COption (c)

    आपबीती

  4. DOption (d)

    लघुकथा

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Correct answer

Answer: (c)C.

आपबीती

Why this answer is correct

किस विकल्प में कर्मधारय समास नहीं है का सही उत्तर है- आपबीती

Key Points

  • 'आपबीती' शब्द में तत्पुरुष समास (अधिकरण तत्पुरुष) है, क्योंकि इसका विग्रह 'आप पर बीती' होता है। यहाँ 'पर' विभक्ति का प्रयोग हुआ है।
  • तत्पुरुष समास में उत्तर पद (दूसरा पद) प्रधान होता है और दोनों पदों के बीच कारक चिन्हों (को, से, के लिए, का, में, आदि) का लोप हो जाता है।
  • मुख्य रूप से कर्म, करण, संप्रदान, अपादान, संबंध और अधिकरण तत्पुरुष शामिल हैं।
  • अन्य उदाहरण: दानपेटी - दान के लिए पेटी, पददलित - पद से दलित

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
नीलगायनीली है जो गायकर्मधारय समास
देहलतादेह रूपी लताकर्मधारय समास
लघुकथालघु है जो कथाकर्मधारय समास

Important Points 

 समास के मुख्य भेद-

  1. अव्ययीभाव समास
  2. तत्पुरुष समास
  3. कर्मधारय समास
  4. द्विगु समास
  5. द्वंद्व समास
  6. बहुव्रीहि समास

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
कर्मधारय समासजिसका उत्तर पद प्रधान होता है और दोनों पदों के बीच विशेषण-विशेष्य (उपमेय-उपमान) का संबंध होता है। इसमें विग्रह करते समय ‘के समान’, ‘है जो’, या ‘रूपी’ शब्दों का प्रयोग किया जाता है।महादेव = महान है जो देव चरणकमल = कमल के समान चरण

Question 96

Rajasthan Police SI 2021• Test

इनमें से किस विकल्प में तत्पुरुष समास है?

  1. AOption (a)

    आमरण

  2. BOption (b)

    कामकाज

  3. COption (c)

    मंदबुद्धि 

  4. DOption (d)

    तुलसीकृत

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Correct answer

Answer: (d)D.

तुलसीकृत

Why this answer is correct

दिए गए विकल्पों में 'तत्पुरुष समास' का सही उदाहरण है- तुलसीकृत

Key Points

  • 'तुलसीकृत' शब्द का समास विग्रह 'तुलसी द्वारा कृत' होता है। इसमें 'द्वारा' कारक चिह्न का लोप हुआ है, अतः यह तत्पुरुष समास (करण तत्पुरुष) का उदाहरण है।
  • जिस समास में उत्तरपद (अंतिम पद) प्रधान होता है और पूर्वपद के साथ लगे कारक चिह्नों का लोप कर दिया जाता है, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।
  • इस समास में दो पदों के बीच की कारक विभक्ति (को, से, के लिए, का, की, में, पर) का लोप हो जाता है।
  • तत्पुरुष समास के अन्य उदाहरण: राजपुत्र (राजा का पुत्र), हस्तलिखित (हाथ से लिखित)।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
आमरणमरण तकअव्ययीभाव समास
कामकाजकाम और काजद्वंद्व समास
मंदबुद्धिमंद है जिसकी बुद्धि (अर्थात मूर्ख व्यक्ति)बहुव्रीहि समास

Important Points 

 समास के मुख्य भेद-

  1. अव्ययीभाव समास
  2. तत्पुरुष समास
  3. कर्मधारय समास
  4. द्विगु समास
  5. द्वंद्व समास
  6. बहुव्रीहि समास

Additional Information

समास का नाममुख्य विशेषताउदाहरणविग्रह
अव्ययीभाव समासप्रथम पद प्रधान और अव्यय/उपसर्ग होता है।यथाशक्तिशक्ति के अनुसार
कर्मधारय समासविशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय का संबंध होता है।चरणकमलकमल के समान चरण
द्विगु समासप्रथम पद संख्यावाचक (नंबर) होता है।चौराहाचार राहों का समूह
द्वंद्व समासदोनों पद प्रधान होते हैं, विग्रह करने पर 'और/या' लगता है।माता-पितामाता और पिता
बहुव्रीहि समासकोई पद प्रधान नहीं होता, दोनों मिलकर तीसरे अर्थ की ओर संकेत करते हैं।लम्बोदरलम्बा है उदर जिसका (गणेश)

Question 97

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस विकल्प में द्वंद्व समास नहीं है?

  1. AOption (a)

    परमपिता

  2. BOption (b)

    मातापिता

  3. COption (c)

    हानिलाभ

  4. DOption (d)

    चालचलन

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Correct answer

Answer: (a)A.

परमपिता

Why this answer is correct

'द्वंद्व समास' नहीं होने का सही उत्तर है- परमपिता

Key Points

  • 'परमपिता' शब्द में द्वंद्व समास नहीं है, बल्कि इसमें कर्मधारय समास है। इसका विग्रह 'परम है जो पिता' होता है।
  • द्वंद्व समास वह समास होता है जिसमें दोनों पद प्रधान होते हैं तथा विग्रह करने पर 'और', 'अथवा', 'या', 'एवं' आदि लगते हैं।
  • द्वंद्व समास के अन्य उदाहरण: सीता-राम (सीता और राम), सुख-दुख (सुख य��� दुख)।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
मातापितामाता और पिताद्वंद्व समास (इतरेतर)
हानिलाभहानि या लाभद्वंद्व समास (वैकल्पिक)
चालचलनचाल और चलन (आदि)द्वंद्व समास (समाहार)

Important Points 

 समास के मुख्य भेद-

  1. अव्ययीभाव समास
  2. तत्पुरुष समास
  3. कर्मधारय समास
  4. द्विगु समास
  5. द्वंद्व समास
  6. बहुव्रीहि समास

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
कर्मधारय समासजिस समास का उत्तरपद प्रधान हो और पूर्वपद व उत्तरपद में विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय का संबंध हो।नीलकमल = नीला है जो कमल महापुरुष = महान है जो पुरुष

Question 98

Rajasthan Police SI 2021• Test

निम्नलिखित में से कौन सा शब्द उपसर्ग रहित है?

  1. AOption (a)

    आसन

  2. BOption (b)

    आकार

  3. COption (c)

    आनंद

  4. DOption (d)

    आरोह

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Correct answer

Answer: (a)A.

आसन

Why this answer is correct

दिए गए विकल्पों में 'उपसर्ग रहित' शब्द का सही उत्तर है- आसन

Key Points

  • 'आसन' शब्द में किसी भी उपसर्ग का प्रयोग नहीं हुआ है, यह एक मूल शब्द है।
  • उपसर्ग वे शब्दांश होते हैं जो किसी शब्द के प्रारंभ (शुरुआत) में जुड़कर उसके अर्थ में विशेषता या परिवर्तन ला देते हैं।
  • 'आ' उपसर्ग के अन्य उदाहरण: आजीवन (आ + जीवन), आमरण (आ + मरण)।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
आकारआ + कार (विशेष आकृति)संस्कृत उपसर्ग युक्त शब्द
आनंदआ + नंद (खुशी/हर्ष)संस्कृत उपसर्ग युक्त शब्द
आरोहआ + रोह (ऊपर चढ़ना)संस्कृत उपसर्ग युक्त शब्द

Important Points 

 उपसर्ग के मुख्य भेद-

  1. संस्कृत के उपसर्ग (तत्सम उपसर्ग)
  2. हिंदी के उपसर्ग (तद्भव उपसर्ग)
  3. उर्दू/फारसी/अरबी के उपसर्ग (आगत उपसर्ग)
  4. अंग्रेजी के उपसर्ग

Additional Informationसंस्कृत के प्रमुख उपसर्ग और उदाहरण -

  • ​आ (तक, समेत): आहार, आजीवन, आक्रमण, आगमन, आदान।
  • परा (विपरीत, पीछे): पराजय, पराभव, परामर्श, पराक्रम।
  • अप (हीनता, बुरा): अपशब्द, अपमान, अपकार, अपयश।
  • सम् (अच्छी तरह, संयोग): संस्कार, सम्मुख, संतोष, संगम।
  • अनु (पीछे, समानता): अनुकरण, अनुचर, अनुशासन, अनुवाद।
  • अव (नीचे, हीन): अवनति, अवगुण, अवकाश, अवतरण।
  • निस्/निर् (रहित, बिना): निःशब्द, निश्छल, निर्बल, निर्दोष, निष्कर्ष।
  • दुस्/दुर् (बुरा, कठिन): दुस्साहस, दुष्ट, दुर्बल, दुर्जन, दुष्कर्म।

Question 99

Rajasthan Police SI 2021• Test

किस शब्द में उपसर्ग और प्रत्यय दोनों प्रयुक्त हुए हैं?

  1. AOption (a)

    आलंकारिक

  2. BOption (b)

    सुंदरता

  3. COption (c)

    अधिकारी

  4. DOption (d)

    अधुनातन

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Correct answer

Answer: (c)C.

अधिकारी

Why this answer is correct

उपसर्ग और प्रत्यय दोनों प्रयुक्त हुए हैं- अधिकारी

Key Points

  • अधि + कार +  ई
  • अधि (उपसर्ग), कार (मूल शब्द) और ई (प्रत्यय)।
  • 'अधिकारी' का अर्थ - वह व्यक्ति जो विश्वास, अधिकार या आदेश का पद धारण करता है।

अन्य विकल्प 

शब्दविश्लेषणनिष्कर्ष
आलंकारिकअलंकार (मूल शब्द) + इक (प्रत्यय)केवल प्रत्यय प्रयुक्त है।
सुंदरतासुंदर (मूल शब्द) + ता (प्रत्यय)केवल प्रत्यय प्रयुक्त है।
अधुनातनअधुना (मूल शब्द) + तन (प्रत्यय)केवल प्रत्यय प्रयुक्त है।

Important Points

  • उपसर्ग - वे शब्दांश जो किसी शब्द के पहले/पूर्व जुड़कर अर्थ को परिवर्तित कर देते हैं, उपसर्ग कहलाते हैं।
  • प्रत्यय - जो शब्दांश, शब्दों के अंत में जुड़कर अर्थ में परिवर्तन लाये, प्रत्यय शब्द कहलाते है।

Additional Information   कुछ महत्वपूर्ण उपसर्ग शब्द:-​​​​

  • अधि (श्रेष्ठ' या प्रधान) - अधिकार, अधिपति, अधिनायक, अधिराज, अध्यक्ष।
  • प्रति (प्रत्येक) - प्रतिदिन, प्रतिकूल, प्रतिरोध, प्रत्यारोपण, प्रतिस्पर्धा।
  • अव (नीचे, बुरा) - अवनति, अवतार, अवसान, अवशेष, अवरोध, अवकाश।
  • अनु (पीछे) - अनुचर, अनुकरण, अनुकूल, अनुनाद, अनुभव।
  • निर् (बिना) - निराकार, निरादर, नीरोग, नीरस, निरीह, निरक्षर।
  • उप (सहायक) - उपभोग, उपवन, उपमन्त्री, उपयोग, उपनाम, उपहार।
  • सम् (अच्छी तरह) - सन्तोष, संगठन,संलग्न, संकल्प, संशय, संरक्षा।

कुछ महत्वपूर्ण प्रत्यय शब्द -

  • ई -  सुखी, दुखी, देशी, विदेशी, गुलाबी, पहाड़ी।
  • इक - सामाजिक, ऐतिहासिक, वैज्ञानिक।
  • ता - प्रसन्नता, सफलता, उत्कृष्टता, कुशलता।
  • तन - अद्यतन, पुरातन, सनातन, ​नूतन।
  • अक - गायक, लेखक, नायक, धावक।
  • उक - भिक्षुक, भावुक, कामुक, नाजुक।
  • अन - चिंतन, मनन, भवन, मरण, करण।
  • अक्कड़ - पियक्कड़, भुलक्कड़, घुमक्कड़।
  • आई - पढ़ाई, लिखाई, बुनाई, सिलाई।

Question 100

Rajasthan Police SI 2021• Test

द्वंद्व समास का उदाहरण है:

  1. AOption (a)

    प्रत्यक्ष

  2. BOption (b)

    शीतोष्ण

  3. COption (c)

    मनचाहा

  4. DOption (d)

    गौशाला

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Correct answer

Answer: (b)B.

शीतोष्ण

Why this answer is correct

द्वंद्व समास का उदाहरण है: शीतोष्ण

Key Points

  • 'शीतोष्ण' का समास विग्रह है- "शीत और उष्ण" (अर्थात: ठंडा और गर्म)।
  • यहाँ 'शीत' और 'उष्ण' दोनों पद समान रूप से महत्वपूर्ण हैं, इसलिए यह द्वंद्व समास का उदाहरण है।
  • जिस समास में समस्तपद के दोनों पद प्रधान हों या दोनों पद सामान हों
  • एवं दोंनों पदों को मिलाते समय ‘और’, ‘अथवा’, ‘या’, ‘एवं’ आदि योजक लुप्त हो जाएँ, वह समास द्वन्द्व समास कहलाता है।
  • उदाहरण - दिन-रात = दिन और रात, लाभ-हानि = लाभ या हानि।

अन्य विकल्प -

  • प्रत्यक्ष: यह अव्ययीभाव समास का उदाहरण है (प्रति + अक्ष = आँखों के सामने)।
  • मनचाहा: यह तत्पुरुष समास है (मन से चाहा)।
  • गौशाला: यह भी तत्पुरुष समास है (गौ के लिए शाला)।

Important Pointsसमास के भेद-

  1. तत्पुरुष समास
  2. कर्मधारय समास
  3. द्विगु समास
  4. द्वन्द्व समास
  5. बहुव्रीहि समास
  6. अव्ययीभाव समास​

Additional Information 

समासपरिभाषाउदाहरण
तत्पुरुषसमास का वह रूप जिसमें द्वितीय पद या उत्तर पद प्रधान हो उसे तत्पुरुष समास कहते हैं। इस समास में आने वाले कारक चिन्हों को, से, के लिए, से, का/के/की, में, पर आदि का लोप होता है।कष्टसाध्य - कष्ट से साध्य 
हथकड़ी - हाथ के लिए कड़ी
अव्ययीभावजिस समास में प्रथम पद अव्यय होता है और जिसका अर्थ प्रधान होता है उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं। अव्ययीभाव समास के पहले पद में अनु, आ, प्रति, यथा, भर, हर आदि आते है।निडर - बिना डर के
घर-घर - प्रत्येक घर