'यथोचित' किस समास का उदाहरण है?
- AOption (a)
द्वंद्व समास
- BOption (b)
अव्ययीभाव समास
- COption (c)
तत्पुरुष समास
- DOption (d)
द्विगु समास
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Correct answer
अव्ययीभाव समास
Why this answer is correct
सही विकल्प अव्ययीभाव समास।
Key Points
- यथोचित' अव्ययीभाव समास का उदाहरण है।
- “यथोचित” में अव्ययीभाव समास है
- अव्ययीभाव समास का संधि-विग्रह “यथा+उचित” होगा तथा समास-विग्रह “उचित के अनुसार” होगा।
- अव्ययीभाव समास - जब समास में सम्मिलित पूर्वपद अव्यय हो तथा उसके योग से पूर्ण समस्तपद अव्यय बन जाए तो अव्ययीभाव समास समास होता है |
- जैसे- यथास्था - स्थान के अनुसार
- यथामति - मति के अनुसार
Additional Information
| समास - समास उस प्रक्रिया को कहते हैं, जिसमें दो शब्द मिलाकर उनके बीच के संबंधसूचक आदि का लोप करके नया शब्द बनाया जाता है। समास से तात्पर्य 'संक्षिप्तीकरण' से है। समास के माध्यम से कम शब्दों में अधिक अर्थ प्रकट किया जाता है। जैसे - राजा का पुत्र – राजपुत्र, समास के छःप्रकार हैं - | ||
|---|---|---|
| समास | परिभाषा | उदाहरण |
| तत्पुरुष | जिस समास में उत्तरपद प्रधान हो तथा समास करने के उपरांत विभक्ति (कारक चिन्ह) का लोप हो। | धर्म का ग्रन्थ = धर्मग्रन्थ, तुलसीदास द्वारा कृत = तुलसीदासकृत। |
| बहुव्रीहि | जिस समास में दोनों पद प्रधान नहीं होते हैं और दोनों पद मिलकर किसी अन्य विशेष अर्थ की ओर संकेत कर रहे होते हैं। | जो महान वीर है = महावीर अर्थात हनुमान, तीन आँखों वाला = त्रिलोचन अर्थात शिव। |
| कर्मधारय | जिस समास के दोनों शब्दों के बीच विशेषण-विशेष्य अथवा उपमान-उपमेय का सम्बन्ध हो, पहचान: विग्रह करने पर दोनों पद के मध्य में 'है जो', 'के समान' आदि आते हैं। | कमल के समान नयन = कमलनयन, महान है जो देव = महादेव। |
| द्विगु | जिस समास में पूर्वपद (पहला पद) संख्यावाचक विशेषण हो। | दो पहरों का समूह = दोपहर, तीनों लोकों का समाहार = त्रिलोक। |
| अव्ययीभाव | जिस समास में पहला पद प्रधान हो और समस्त शब्द अव्यय का काम करे। | प्रति + दिन = प��रतिदिन, एक + एक = एकाएक |