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Question 221

KVS PRT 2022• Language Competency

निर्देशः दिए गए गद्यांश को पढ़िए और उसके बाद पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

'लोक साहित्य के अध्ययन द्वारा हमें सम्बंधित जाति, समाज तथा राष्ट्र की सांस्कृतिक परम्पराओं तथा उनसे सम्बंधित परिवेश को समझने में सहायता मिलती है अर्थात लोक-साहित्य युग-बोध का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है। संस्कृति के उत्थान-पतन का जैसा वास्तविक चित्र लोक साहित्य में उपलब्ध होता है, अन्यत्र दुर्लभ है। लोक साहित्य वस्तुतः संस्कृति के स्वरूप की स्थापना करने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है।उदाहरण के लिए कागज़ के नोट के प्रति लोक-मानस की क्षोभ-मिश्रित वेदना की यह अभिव्यक्ति समस्त परिवेश को सजीव रूप में प्रस्तुत करती दिखाई देती है, यथा- “ भाभी चल्यो छेद को पईसा, जाय तू नार में लटकाय लीजो” या “तू काहे को बनवाबेगी हमेल, रुपैया है गयो कागज कौ?” लोक साहित्यकार अपने व लोक के जीवन में जो कुछ देखता-भोगता है उसको तथा उससे उत्पन्न प्रतिक्रियाओं को सहज स्वाभाविक रूप में अभिव्यक्त कर देता है। इसी कारण लोक साहित्य में स्थानों, रीति-रिवाज. व्रत-त्यौहार उत्सव-परम्पराओं आदि की सहज अभिव्यक्ति होती है। यथा- ब्रज के लोक साहित्य में महल, अटा, अटारी,चौमहला भवनों आदि का उल्लेख मिलता है।भोजन के सन्दर्भ में तरह-तरह की मिठाइयों, अचारों, मुरब्बों आदि के नाम के अतिरिक्त कभी-कभी तो खाद्य-सामग्री की, भोज्य-पदार्थों की एक लम्बी तालिका ही उपलब्ध हो जाती है, वस्त्राभूषण के सन्दर्भ में अनेक प्रकार के वस्त्रों, गहनों, अंजन, बिंदी, टिकुली आदि के उल्लेख मिलते हैं। पारिवारिक जीवन के विविध पक्ष,आज्ञापालक सुत, सेवारत पत्नी, सास-ससुर की लाडली बहू, सास-बहू के झगड़े, नन्द-भौजाई की कहा-सुनी, देवरानी-जेठानी की नोक-झोंक आदि देखने को मिलती है।

लोक साहित्य में मनोरंजन के साधनों - चौसर, शतरंज से लेकर लोक-नाट्यों के आयोजन, चिड़ी-उड़ान, गेंद, चकई, पतंग, गिल्ली-डंडा, आँख-मिचौनी, सांझी, टेसू, झैझी आदि लोक जीवन के खेलों का वर्णन मिलता है| सांस्कृतिक-जीवन के अत्यंत महत्वपूर्ण पक्षों की अभिव्यक्ति- लोक-विश्वासों, रूढ़ियों, मान्यताओं, पौराणिक मान्यताओं और जादू-टोने सम्बन्धी विश्वासों की भी जानकारी मिलती है। लोक साहित्य वस्तुतः लोक जीवन का दर्पण है। यह कथन सर्वथा समीचीन प्रतीत होता है कि 'लोक-साहित्य लोकसंस्कृति की आत्मा है और लोक-संस्कृति उसकी काया।"

लोक साहित्य को लोक जीवन का दर्पण क्यों कहा गया है?

  1. AOption (a)

    क्योकिं लोक साहित्य संस्कृति के स्वरुप की स्थापना करने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है

  2. BOption (b)

    क्योकिं 'लोक-साहित्य लोक-संस्कृति की आत्मा है

  3. COption (c)

    क्योकिं लोक-साहित्यकार अपने जीवन में जो कुछ देखता-भोगता है उसको सहज स्वाभाविक रुप में अभिव्यक्त करता है।

  4. DOption (d)

    क्योकिं लोक साहित्य में उस समाज की, संस्कृति, उत्थान पतन, परम्पराओं, रहन-सह��, खान-पान, मनोरंजन के साधनों, सामाजिक विश्वासों आदि को ज्यों का त्यों अभिव्यक्त करता है।

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (d)D.

क्योकिं लोक साहित्य में उस समाज की, संस्कृति, उत्थान पतन, परम्पराओं, रहन-सह��, खान-पान, मनोरंजन के साधनों, सामाजिक विश्वासों आदि को ज्यों का त्यों अभिव्यक्त करता है।

Why this answer is correct

सही उत्तर है- क्योकिं लोक साहित्य में उस समाज की, संस्कृति, उत्थान पतन, परम्पराओं, रहन-सहन, खान-पान, मनोरंजन के साधनों, सामाजिक विश्वासों आदि को ज्यों का त्यों अभिव्यक्त करता है।

Key Pointsगद्यांश के अनुसार- 

  • लोक साहित्य के अध्ययन द्वारा हमें सम्बंधित जाति, समाज तथा राष्ट्र की सांस्कृतिक परम्पराओं तथा उनसे सम्बंधित परिवेश को समझने में सहायता मिलती है,
  • अर्थात लोक-साहित्य युग-बोध का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है।
  • संस्कृति के उत्थान-पतन का जैसा वास्तविक चित्र लोक साहित्य में उपलब्ध होता है, अन्यत्र दुर्लभ है।
  • लोक साहित्य वस्तुतः संस्कृति के स्वरूप की स्थापना करने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है।
  • सांस्कृतिक-जीवन के अत्यंत महत्वपूर्ण पक्षों की अभिव्यक्ति- लोक-विश्वासों, रूढ़ियों, मान्यताओं, पौराणिक मान्यताओं और जादू-टोने सम्बन्धी विश्वासों की भी जानकारी मिलती है।
  • लोक साहित्य वस्तुतः लोक जीवन का दर्पण है।
  • यह कथन सर्वथा समीचीन प्रतीत होता है कि 'लोक-साहित्य लोकसंस्कृति की आत्मा है और लोक-संस्कृति उसकी काया।

Question 222

KVS PRT 2022• Language Competency

निर्देशः दिए गए गद्यांश को पढ़िए और उसके बाद पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

'लोक साहित्य के अध्ययन द्वारा हमें सम्बंधित जाति, समाज तथा राष्ट्र की सांस्कृतिक परम्पराओं तथा उनसे सम्बंधित परिवेश को समझने में सहायता मिलती है अर्थात लोक-साहित्य युग-बोध का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है। संस्कृति के उत्थान-पतन का जैसा वास्तविक चित्र लोक साहित्य में उपलब्ध होता है, अन्यत्र दुर्लभ है। लोक साहित्य वस्तुतः संस्कृति के स्वरूप की स्थापना करने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है।उदाहरण के लिए कागज़ के नोट के प्रति लोक-मानस की क्षोभ-मिश्रित वेदना की यह अभिव्यक्ति समस्त परिवेश को सजीव रूप में प्रस्तुत करती दिखाई देती है, यथा- “ भाभी चल्यो छेद को पईसा, जाय तू नार में लटकाय लीजो” या “तू काहे को बनवाबेगी हमेल, रुपैया है गयो कागज कौ?” लोक साहित्यकार अपने व लोक के जीवन में जो कुछ देखता-भोगता है उसको तथा उससे उत्पन्न प्रतिक्रियाओं को सहज स्वाभाविक रूप में अभिव्यक्त कर देता है। इसी कारण लोक साहित्य में स्थानों, रीति-रिवाज. व्रत-त्यौहार उत्सव-परम्पराओं आदि की सहज अभिव्यक्ति होती है। यथा- ब्रज के लोक साहित्य में महल, अटा, अटारी,चौमहला भवनों आदि का उल्लेख मिलता है।भोजन के सन्दर्भ में तरह-तरह की मिठाइयों, अचारों, मुरब्बों आदि के नाम के अतिरिक्त कभी-कभी तो खाद्य-सामग्री की, भोज्य-पदार्थों की एक लम्बी तालिका ही उपलब्ध हो जाती है, वस्त्राभूषण के सन्दर्भ में अनेक प्रकार के वस्त्रों, गहनों, अंजन, बिंदी, टिकुली आदि के उल्लेख मिलते हैं। पारिवारिक जीवन के विविध पक्ष,आज्ञापालक सुत, सेवारत पत्नी, सास-ससुर की लाडली बहू, सास-बहू के झगड़े, नन्द-भौजाई की कहा-सुनी, देवरानी-जेठानी की नोक-झोंक आदि देखने को मिलती है।

लोक साहित्य में मनोरंजन के साधनों - चौसर, शतरंज से लेकर लोक-नाट्यों के आयोजन, चिड़ी-उड़ान, गेंद, चकई, पतंग, गिल्ली-डंडा, आँख-मिचौनी, सांझी, टेसू, झैझी आदि लोक जीवन के खेलों का वर्णन मिलता है| सांस्कृतिक-जीवन के अत्यंत महत्वपूर्ण पक्षों की अभिव्यक्ति- लोक-विश्वासों, रूढ़ियों, मान्यताओं, पौराणिक मान्यताओं और जादू-टोने सम्बन्धी विश्वासों की भी जानकारी मिलती है। ल���क साहित्य वस्तुतः लोक जीवन का दर्पण है। यह कथन सर्वथा समीचीन प्रतीत होता है कि 'लोक-साहित्य लोकसंस्कृति की आत्मा है और लोक-संस्कृति उसकी काया।"

गद्यांश के लिए सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक का चयन कीजिये।

  1. AOption (a)

    सांस्कृतिक परिवेश का अध्ययन

  2. BOption (b)

    लोक जीवन

  3. COption (c)

    लोक साहित्य और संस्कृति

  4. DOption (d)

    साहित्यिक युग-बोध

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (c)C.

लोक साहित्य और संस्कृति

Why this answer is correct

सही उत्तर है- लोक साहित्य और संस्कृति।

Key Pointsगद्यांश के अनुसार-

  • लोक साहित्य के अध्ययन द्वारा हमें सम्बंधित जाति, समाज तथा राष्ट्र की सांस्कृतिक परम्पराओं तथा उनसे सम्बंधित परिवेश को समझने में सहायता मिलती है
  • अर्थात लोक-साहित्य युग-बोध का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है।
  • इस गद्यांश में लोक साहित्य और संस्कृति की विशेषताओं के बारे में बताया गया है।
  • इसलिए इस गद्यांश के लिए सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक-
  • लोक साहित्य और संस्कृति होगा।

Question 223

KVS PRT 2022• Language Competency

निर्देशः दिए गए गद्यांश को पढ़िए और उसके बाद पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

'लोक साहित्य के अध्ययन द्वारा हमें सम्बंधित जाति, समाज तथा राष्ट्र की सांस्कृतिक परम्पराओं तथा उनसे सम्बंधित परिवेश को समझने में सहायता मिलती है अर्थात लोक-साहित्य युग-बोध का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है। संस्कृति के उत्थान-पतन का जैसा वास्तविक चित्र लोक साहित्य में उपलब्ध होता है, अन्यत्र दुर्लभ है। लोक साहित्य वस्तुतः संस्कृति के स्वरूप की स्थापना करने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है।उदाहरण के लिए कागज़ के नोट के प्रति लोक-मानस की क्षोभ-मिश्रित वेदना की यह अभिव्यक्ति समस्त परिवेश को सजीव रूप में प्रस्तुत करती दिखाई देती है, यथा- “ भाभी चल्यो छेद को पईसा, जाय तू नार में लटकाय लीजो” या “तू काहे को बनवाबेगी हमेल, रुपैया है गयो कागज कौ?” लोक साहित्यकार अपने व लोक के जीवन में जो कुछ देखता-भोगता है उसको तथा उससे उत्पन्न प्रतिक्रियाओं को सहज स्वाभाविक रूप में अभिव्यक्त कर देता है। इसी कारण लोक साहित्य में स्थानों, रीति-रिवाज. व्रत-त्यौहार उत्सव-परम्पराओं आदि की सहज अभिव्यक्ति होती है। यथा- ब्रज के लोक साहित्य में महल, अटा, अटारी,चौमहला भवनों आदि का उल्लेख मिलता है।भोजन के सन्दर्भ में तरह-तरह की मिठाइयों, अचारों, मुरब्बों आदि के नाम के अतिरिक्त कभी-कभी तो खाद्य-सामग्री की, भोज्य-पदार्थों की एक लम्बी तालिका ही उपलब्ध हो जाती है, वस्त्राभूषण के सन्दर्भ में अनेक प्रकार के वस्त्रों, गहनों, अंजन, बिंदी, टिकुली आदि के उल्लेख मिलते हैं। पारिवारिक जीवन के विविध पक्ष,आज्ञापालक सुत, सेवारत पत्नी, सास-ससुर की लाडली बहू, सास-बहू के झगड़े, नन्द-भौजाई की कहा-सुनी, देवरानी-जेठानी की नोक-झोंक आदि देखने को मिलती है।

लोक साहित्य में मनोरंजन के साधनों - चौसर, शतरंज स�� लेकर लोक-नाट्यों के आयोजन, चिड़ी-उड़ान, गेंद, चकई, पतंग, गिल्ली-डंडा, आँख-मिचौनी, सांझी, टेसू, झैझी आदि लोक जीवन के खेलों का वर्णन मिलता है| सांस्कृतिक-जीवन के अत्यंत महत्वपूर्ण पक्षों की अभिव्यक्ति- लोक-विश्वासों, रूढ़ियों, मान्यताओं, पौराणिक मान्यताओं और जादू-टोने सम्बन्धी विश्वासों की भी जानकारी मिलती है। लोक साहित्य वस्तुतः लोक जीवन का दर्पण है। यह कथन सर्वथा समीचीन प्रतीत होता है कि 'लोक-साहित्य लोकसंस्कृति की आत्मा है और लोक-संस्कृति उसकी काया।"

लोक साहित्य के अध्ययन से किस प्रकार की समझ को बढ़ाने में सहायता मिलती है? सर्वाधिक उचित उत्तर का चयन कीजिये

  1. AOption (a)

    पारिवेशिक वेदना की अभिव्यक्ति को समझने में

  2. BOption (b)

    भारतीय शास्त्रों के व्याकरण को समझने में

  3. COption (c)

    सम्बंधित जाति, समाज तथा राष्ट्र की सांस्कृतिक परम्पराओं तथा उनसे सम्बंधित परिवेश को समझने में

  4. DOption (d)

    मनोरंजन के साधनों और तत्कालीन साहित्य के समझने में

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (c)C.

सम्बंधित जाति, समाज तथा राष्ट्र की सांस्कृतिक परम्पराओं तथा उनसे सम्बंधित परिवेश को समझने में

Why this answer is correct

सही उत्तर है- सम्बंधित जाति, समाज तथा राष्ट्र की सांस्कृतिक परम्पराओं तथा उनसे सम्बंधित परिवेश को समझने में।

Key Points

  • गद्यांश के अनुसार- 
  • लोक साहित्य के अध्ययन द्वारा हमें सम्बंधित जाति, समाज तथा राष्ट्र की सांस्कृतिक परम्पराओं तथा उनसे सम्बंधित परिवेश को समझने में सहायता मिलती है,
  • अर्थात लोक-साहित्य युग-बोध का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है।
  • संस्कृति के उत्थान-पतन का जैसा वास्तविक चित्र लोक साहित्य में उपलब्ध होता है, अन्यत्र दुर्लभ है।
  • लोक साहित्य वस्तुतः संस्कृति के स्वरूप की स्थापना करने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है।

Question 224

KVS PRT 2022• Language Competency

निर्देशः दिए गए गद्यांश को पढ़िए और उसके बाद पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

'लोक साहित्य के अध्ययन द्वारा हमें सम्बंधित जाति, समाज तथा राष्ट्र की सांस्कृतिक परम्पराओं तथा उनसे सम्बंधित परिवेश को समझने में सहायता मिलती है अर्थात लोक-साहित्य युग-बोध का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है। संस्कृति के उत्थान-पतन का जैसा वास्तविक चित्र लोक साहित्य में उपलब्ध होता है, अन्यत्र दुर्लभ है। लोक साहित्य वस्तुतः संस्कृति के स्वरूप की स्थापना करने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है।उदाहरण के लिए कागज़ के नोट के प्रति लोक-मानस की क्षोभ-मिश्रित वेदना की यह अभिव्यक्ति समस्त परिवेश को सजीव रूप में प्रस्तुत करती दिखाई देती है, यथा- “ भाभी चल्यो छेद को पईसा, जाय तू नार में लटकाय लीजो” या “तू काहे को बनवाबेगी हमेल, रुपैया है गयो कागज कौ?” लोक साहित्यकार अपने व लोक के जीवन में जो कुछ देखता-भोगता है उसको तथा उससे उत्पन्न प्रतिक्रियाओं को सहज स्वाभाविक रूप में अभिव्यक्त कर देता है। इसी कारण लोक साहित्य में स्थानों, रीति-रिवाज. व्रत-त्यौहार उत्सव-परम्पराओं आदि की सहज अभिव्यक्ति होती है। यथा- ब्रज के लोक साहित्य में महल, अटा, अटारी,चौमहला भवनों आदि का उल्लेख मिलता है।भोजन के सन्दर्भ में तरह-तरह की मिठाइयों, अचारों, मुरब्बों आदि के नाम के अतिरिक्त कभी-कभी तो खाद्य-सामग्री की, भोज्य-पदार्थों की एक लम्बी तालिका ही उपलब्ध हो जाती है, वस्त्राभूषण के सन्दर्भ में अनेक प्रकार के वस्त्रों, गहनों, अंजन, बिंदी, टिकुली आदि के उल���लेख मिलते हैं। पारिवारिक जीवन के विविध पक्ष,आज्ञापालक सुत, सेवारत पत्नी, सास-ससुर की लाडली बहू, सास-बहू के झगड़े, नन्द-भौजाई की कहा-सुनी, देवरानी-जेठानी की नोक-झोंक आदि देखने को मिलती है।

लोक साहित्य में मनोरंजन के साधनों - चौसर, शतरंज से लेकर लोक-नाट्यों के आयोजन, चिड़ी-उड़ान, गेंद, चकई, पतंग, गिल्ली-डंडा, आँख-मिचौनी, सांझी, टेसू, झैझी आदि लोक जीवन के खेलों का वर्णन मिलता है| सांस्कृतिक-जीवन के अत्यंत महत्वपूर्ण पक्षों की अभिव्यक्ति- लोक-विश्वासों, रूढ़ियों, मान्यताओं, पौराणिक मान्यताओं और जादू-टोने सम्बन्धी विश्वासों की भी जानकारी मिलती है। लोक साहित्य वस्तुतः लोक जीवन का दर्पण है। यह कथन सर्वथा समीचीन प्रतीत होता है कि 'लोक-साहित्य लोकसंस्कृति की आत्मा है और लोक-संस्कृति उसकी काया।"

पंक्ति- 'तू काहे को बनवाबेगी हमेल, रुपैया है गयो कागज कौ?' में आये शब्द 'हमेल' का यहाँ क्या अर्थ है?

  1. AOption (a)

    सोने की पायल

  2. BOption (b)

    बड़ा महल

  3. COption (c)

    कीमती वस्त्र

  4. DOption (d)

    एक आभूषण

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (d)D.

एक आभूषण

Why this answer is correct

सही उत्तर है- एक आभूषण।

Key Pointsगद्यांश के अनुसार- 

  • संस्कृति के उत्थान-पतन का जैसा वास्तविक चित्र लोक साहित्य में उपलब्ध होता है, अन्यत्र दुर्लभ है।
  • तू काहे को बनवाबेगी हमेल, रुपैया है गयो कागज कौ?”
  • हमेल का अर्थ-
  • धातु आदि के गोल सिक्कों से बनी माला।
  • लोक साहित्यकार अपने व लोक के जीवन में जो कुछ देखता-भोगता है।
  • उसको तथा उससे उत्पन्न प्रतिक्रियाओं को सहज स्वाभाविक रूप में अभिव्यक्त कर देता है।

Question 225

KVS PRT 2022• Language Competency

निर्देशः दिए गए गद्यांश को पढ़िए और उसके बाद पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

'लोक साहित्य के अध्ययन द्वारा हमें सम्बंधित जाति, समाज तथा राष्ट्र की सांस्कृतिक परम्पराओं तथा उनसे सम्बंधित परिवेश को समझने में सहायता मिलती है अर्थात लोक-साहित्य युग-बोध का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है। संस्कृति के उत्थान-पतन का जैसा वास्तविक चित्र लोक साहित्य में उपलब्ध होता है, अन्यत्र दुर्लभ है। लोक साहित्य वस्तुतः संस्कृति के स्वरूप की स्थापना करने वाला अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है।उदाहरण के लिए कागज़ के नोट के प्रति लोक-मानस की क्षोभ-मिश्रित वेदना की यह अभिव्यक्ति समस्त परिवेश को सजीव रूप में प्रस्तुत करती दिखाई देती है, यथा- “ भाभी चल्यो छेद को पईसा, जाय तू नार में लटकाय लीजो” या “तू काहे को बनवाबेगी हमेल, रुपैया है गयो कागज कौ?” लोक साहित्यकार अपने व लोक के जीवन में जो कुछ देखता-भोगता है उसको तथा उससे उत्पन्न प्रतिक्रियाओं को सहज स्वाभाविक रूप में अभिव्यक्त कर देता है। इसी कारण लोक साहित्य में स्थानों, रीति-रिवाज. व्रत-त्यौहार उत्सव-परम्पराओं आदि की सहज अभिव्यक्ति होती है। यथा- ब्रज के लोक साहित्य में महल, अटा, अटारी,चौमहला भवनों आदि का उल्लेख मिलता है।भोजन के सन्दर्भ में तरह-तरह की मिठाइयों, अचारों, मुरब्बों आदि के नाम के अतिरिक्त कभी-कभी तो खाद्य-सामग्री की, भोज्य-पदार्थों की एक लम्बी तालिका ही उपलब्ध हो जाती है, वस्त्राभूषण के सन्दर्भ में अनेक प्रकार के वस्त्रों, गहनों, अंजन, बिंदी, टिकुली आदि के उल्लेख मिलते हैं। पारिवारिक जीवन के विविध पक्ष,आज्ञापालक सुत, सेवारत पत्नी, सास-ससुर की लाडली बहू, सास-बहू के झगड़े, नन्द-भौजाई की कहा-सुनी, देवरानी-जेठानी की नोक-झोंक आदि देखने को मिलती है।

लोक साहित्य में मनोरंजन के साधनों - चौसर, शतरंज से लेकर लोक-नाट्यों के आयोजन, चिड़ी-उड़ान, गेंद, चकई, पतंग, गिल्ली-डंडा, आँख-मिचौनी, सांझी, टेसू, झैझी आदि लोक जीवन के खेलों का वर्णन मिलता है| सांस्कृतिक-जीवन के अत्यंत महत्वपूर्ण पक्षों की अभिव्यक्ति- लोक-विश्वासों, रूढ़ियों, मान्यताओं, पौराणिक मान्यताओं और जादू-टोने सम्बन्धी विश्वासों की भी जानकारी मिलती है। लोक साहित्य वस्तुतः लोक जीवन का दर्पण है। यह कथन सर्वथा समीचीन प्रतीत होता है कि 'लोक-साहित्य लोकसंस्कृति की आत्मा है और लोक-संस्कृति उसकी काया।"

"भाभी चल्यो छेद को पईसा, जाय तू नार में लटकाय लीजो"- यह रचना किस प्रकार का साहित्य है?

  1. AOption (a)

    सांस्कृतिक साहित्य

  2. BOption (b)

    व्याकरणीय साहित्य

  3. COption (c)

    ऐतिहासिक साहित्य

  4. DOption (d)

    लोक साहित्य

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (d)D.

लोक साहित्य

Why this answer is correct

सही उत्तर है- अपने देश में अत्यधिक ठंडक होने के कारण।

Key Pointsगद्यांश के अनुसार-  

  • लोक साहित्य के अध्ययन द्वारा हमें सम्बंधित जाति, समाज तथा राष्ट्र की सांस्कृतिक परम्पराओं तथा उनसे सम्बंधित परिवेश को समझने में सहायता मिलती है।
  • अर्थात लोक-साहित्य युग-बोध का एक अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है।
  • यथा- “ भाभी चल्यो छेद को पईसा, जाय तू नार में लटकाय लीजो”
  • लोक साहित्यकार अपने व लोक के जीवन में जो कुछ देखता-भोगता है।
  • उसको तथा उससे उत्पन्न प्रतिक्रियाओं को सहज स्वाभाविक रूप में अभिव्यक्त कर देता है।

Question 226

KVS PRT 2022• Reasoning Ability

The following sentence has a word (in capital letters) in which the letters are jumbled up. Select the correct word from the options.

The SIEHDS sound is coming from the pipe leaking the water.

  1. AOption (a)

    HISSED

  2. BOption (b)

    HIDESS

  3. COption (c)

    DISHES

  4. DOption (d)

    SHEIDS

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (a)A.

HISSED

Why this answer is correct

The given sentence:  The SIEHDS sound is coming from the pipe leaking the water.

The jumbled word is 'SIEHDS'.

The correct word for the jumbled letters according to the sentence will be 'HISSED'.

Hence, the correct answer is 'Option 1'.

Question 227

KVS PRT 2022• Reasoning Ability

In the code language, ‘I like morning walk' is coded as ‘ne ak je hr’, 'I am good' is coded as ‘ne be jd’, 'good morning' is coded as ‘jd je’ and ‘good walk’ is coded as ‘hr jd’. How will ‘good morning walk’ be coded in that language?

  1. AOption (a)

    jd je ak

  2. BOption (b)

    be jd hr

  3. COption (c)

    ne je hr

  4. DOption (d)

    jd je hr

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (d)D.

jd je hr

Why this answer is correct

The logic followed here is:

‘I like morning walk' is coded as ‘ne ak je hr’

'I am good' is coded as ‘ne be jd’

'good morning' is coded as ‘jd je’

‘good walk’ is coded as ‘hr jd’

Here,

The code for 'Good' is 'jd'.

The code for 'Morning' is 'je'.

The code for 'Walk' is 'hr;.

So, 'Good Morning Walk' will be coded as 'jd je hr'.

Hence, the correct answer is 'Option 4'.

Question 228

KVS PRT 2022• Reasoning Ability

Which of the combinations of interchanges given in the options will make the following equation correct?

38 – 9 × 6 ÷ 12 + 4 = 35

  1. AOption (a)
    • and – ; 6 and 4
  2. BOption (b)
    • and × ; 6 and 4
  3. COption (c)

    ÷ and × ; 9 and 6

  4. DOption (d)

    ÷ and + ; 4 and 9

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (a)A.
  • and – ; 6 and 4

Why this answer is correct

Given Equation: 38 – 9 × 6 ÷ 12 + 4 = 35

BODMAS Table

Lets check each option one by one:

Option 1) + and – ; 6 and 4

Given: 38 – 9 × 6 ÷ 12 + 4 = 35

After interchanging the signs and digits we get:

38 + 9 × 4 ÷ 12 - 6 = 35

38 + 3 - 6 = 35

41 - 6 = 35

35 = 35.

Option 2) + and × ; 6 and 4

Given: 38 – 9 × 6 ÷ 12 + 4 = 35

After interchanging the signs and digits we get:

38 – 9 + 4 ÷ 12 × 6 = 35

38 – 9 + 2 = 35

40 - 9 = 35

31 ≠ 35.

Option 3) ÷ and × ; 9 and 6

Given: 38 – 9 × 6 ÷ 12 + 4 = 35

After interchanging the signs and digits we get:

38 – 9 ÷ 6 × 12 + 4 = 35

38 - 1.5 × 12 + 4 = 35

38 - 18 + 4 = 35

42 - 18 = 35

24 ≠ 35.

Option 4) ÷ and + ; 4 and 9

Given: 38 – 9 × 6 ÷ 12 + 4 = 35

After interchanging the signs and digits we get:

38 – 9 × 6 + 12 ÷ 4 = 35

38 – 9 × 6 + 3 = 35

38 - 54 + 3 = 35

41 - 54 = 35

-13 ≠ 35.

Hence, the correct answer is 'Option 1'.

Question 229

KVS PRT 2022• Reasoning Ability

In a code language, 'RIVER' is written as ‘FKUVA’ and ‘LAKE’ is written as ‘BGNP’. How will 'WATER' be written in that language?

  1. AOption (a)

    BGUXF

  2. BOption (b)

    AGUXB

  3. COption (c)

    BGUXA

  4. DOption (d)

    BGUXB

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (d)D.

BGUXB

Why this answer is correct

The position and positional value of English Alphabets are:

The Logic followed here is: Arranging the letter of a word in ascending order + (1, 2 , 3 , 4, 5) to respective letter.

'RIVER' is written as ‘FKUVA’ 

‘LAKE’ is written as ‘BGNP’

Similarly, 'WATER' will be written as:

So, 'WATER' will be written as 'BGUXB'

Hence, the correct answer is 'Option 4'.

Question 230

KVS PRT 2022• Reasoning Ability

What approximate value will replace the question mark (?) in the following equation?

65.321 – (1.98 ÷ 1.99) × 16 – 2.97 × 12 – 11 ÷ (10.003/9.890) = ?

  1. AOption (a)

    2

  2. BOption (b)

    6

  3. COption (c)

    4

  4. DOption (d)

    5

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Correct answer

Answer: (a)A.

2

Why this answer is correct

BODMAS Rule:

Given: 65.321 – (1.98 ÷ 1.99) × 16 – 2.97 × 12 – 11 ÷ (10.003/9.890) = ?

Taking approximate values:

65 – (2 ÷ 2) × 16 – 3 × 12 – 11 ÷ (10/10) = ?

65 – 1 × 16 – 3 × 12 – 11 ÷ 1 = ?

65 – 1 × 16 – 3 × 12 – 11  = ?

65 - 16 - 36 - 11 = ? 

49 - 36 - 11 =?

13 - 11 = 2.

Hence, the correct answer is 'Option 1'.