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Question 81

HP TET 2021• Hindi

महाभारतः

  1. AOption (a)

    वेदव्यास

  2. BOption (b)

    तुलसीदास

  3. COption (c)

    वाल्मीकि 

  4. DOption (d)

    इनमें से कोई नहीं

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Correct answer

Answer: (a)A.

वेदव्यास

Why this answer is correct

महाभारत के रचयिता 'वेदव्यास' को माना जाता है, अतः विकल्प 1 सही उत्तर है।

वेदव्यास नाम का अर्थ यह महान ऋषि जो महाभारत महाकाव्य लिखा का नाम है होता है।

Key Points अन्य विकल्प:

  • तुलसीदास - नाम का मतलब एक प्रसिद्ध संत, तुलसी (तुलसी के पौधे (संस्कृत विद्वान और कवि के नौकर जो रामचरितमानस, स्थानीय अवधी भाषा में वाल्मीकि रामायण के एक संस्करण बनाया) होता है।
  • वाल्मीकि - संस्कृत रामायण के प्रसिद्ध रचयिता हैं जो आदिकवि के रूप में प्रसिद्ध हैं।

Question 82

HP TET 2021• Hindi

शब्द और अर्थ द्वारा वाक्य की शोभा को द्विगुणित करने वाले साधन को क्या कहते हैं?

  1. AOption (a)

    छन्द

  2. BOption (b)

    समास

  3. COption (c)

    कारक

  4. DOption (d)

    अलंकार

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Correct answer

Answer: (d)D.

अलंकार

Why this answer is correct

शब्द और अर्थ द्वारा वाक्य की शोभा को द्विगुणित करने वाले साधन को 'अलंकार' कहा जाता है 

अलंकारअलंकार का अर्थ है आभूषण। अतः काव्य में आभूषण अर्थात सौंदर्यवर्धक गुण अलंकार कहलाते हैं। मुख्य रूप से अलंकार के दो भेद माने गए हैं- शब्दालंकार और अर्थालंकार। जब शब्दों में चमत्कार उत्पन्न होता है तो शब्दालंकार कहलाता है। जब अर्थों में चमत्कार उत्पन्न होता है तो अर्थालंकार कहलाता है।जैसे - सिंधु से अथाह ( उपमा) - शब्दालंकार काली घटा का घमंड घटा (अनुप्रास) - अर्थालंकार

Additional Information

  • संज्ञा अथवा सर्वनाम को क्रिया से जोड़ने वाले चिह्न अथवा परसर्ग ही कारक कहलाते हैं।
  • समास उस प्रक्रिया को कहते हैं, जिसमें दो शब्द मिलाकर उनके बीच के संबंधसूचक आदि का लोप करके नया शब्द बनाया जाता है। समास से तात्पर्य 'संक्षिप्तीकरण' से है। समास के माध्यम से कम शब्दों में अधिक अर्थ प्रकट किया जाता है। जैसे - राजा का पुत्र – राजपुत्र,
  • छंद - विशिष्ट अर्थों या गीत में वर्णों की संख्या और स्थान से सम्बंधित नियमों को छ्न्द कहते हैं जिनसे काव्य में लय और रंजकता आती है।

Question 83

HP TET 2021• Hindi

हिन्दू रीति के अनुसार हमारे कुल कितने संस्कार हैं?

  1. AOption (a)

    4

  2. BOption (b)

    6

  3. COption (c)

    16

  4. DOption (d)

    इनमें से कोई नहीं

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Correct answer

Answer: (c)C.

16

Why this answer is correct

हिंदू धर्म में 16 संस्कार हैं।

Key Points

वे निम्नानुसार हैं- 

i. गर्भाधान (संकल्पना)

ii. पुंसवन (भ्रूण संरक्षण)

iii. सीमंतोंनयन (गर्भवती माँ की उत्कट इच्छा को पूर्ण करना)

iv. जटाकर्म (बाल जन्म),

v. नामकरण (बच्चे का नामकरण)

vi. निष्क्रमण (पहली बार बच्चे को बाहर ले जाना)

vii. अन्नप्राशन (ठोस भोजन देना)

viii. मुंडन (बालों का कटना)

x. कर्णवेध (कान छेदन)

x. उपनयन (पवित्र धागा समारोह)

xi. वेदारम्भ (वेदों का अध्ययन)

xii. समावर्तन (शिक्षा के पूरा होने के बाद घर वापस आना)

xiii. विवाह (शादी)

xiv. वानप्रस्थ (त्याग के लिए तैयारी)

xv. संन्यास (त्याग)

xvi. अंत्येष्टि (श्मशान)

Question 84

HP TET 2021• Hindi

रीतिकाल में वीररस के कवि हैः

  1. AOption (a)

    भूषण

  2. BOption (b)

    देव

  3. COption (c)

    घनानन्द

  4. DOption (d)

    नीरजा।

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Correct answer

Answer: (a)A.

भूषण

Why this answer is correct

'भूषण' ने वीर रस में कविता लिखी है,अन्य विकल्प असंगत है। अत: विकल् 'भूषण'  सही उत्तर होगा। 

Key Points

  • 'भूषण' वास्तव में इनका नाम नहीं बल्कि उपाधि है जो इन्हें चित्रकूट के नरेश सोलंकी हृदयराम के पुत्र रुद्र ने प्रदान की थी।
  • भूषण की कविता में ओज है।
  • वे वीर रस के कवि थे।
  • ओज वीर रस की कविता का स्थायी भाव है।

​

Additional Information

कविभाषा-शैली
पद्माकरब्रजभाषा
बिहारीशुद्ध साहित्यिक ब्रज
धनानन्दपरिष्कृत और साहित्यिक ब्रजभाषा

 

 

 

 

 

Important Points

  • वीर रस-    वीर रस, नौ रसों में से एक प्रमुख रस है। जब किसी रचना या वाक्य आदि से वीरता जैसे स्थायी भाव की उत्पत्ति होती है, तो उसे वीर रस कहा जाता है।

           युद्ध अथवा किसी कार्य को करने के लिए ह्रदय में जो उत्साह का भाव जागृत होता है उसमें वीर रस कहते हैं। 

  • भूषण द्वारा रचित वीर रस का उदाहरण-

 

साजि चतुरंग वीर रंग में तुरंग चढ़ि।

सरजा सिवाजी जंग जीतन चलत है।।

भूषन भनत नाद विहद नगारन के।

नदी नद मद गैबरन के रलत हैं।।

ऐल फैल खैल भैल खलक में गैल गैल,

गजन की ठेल-पेल सैल उसलत हैं।

तारा सों तरनि घूरि धरा में लIगत जिम,

धरा पर पारा पारावार ज्यों हलत हैं।

Question 85

HP TET 2021• Hindi

निम्न में से कौन सी पुस्तक महादेवी वर्मा द्वारा लिखित नहीं है?

  1. AOption (a)

    उर्वशी

  2. BOption (b)

    स्मृति की रेखाएँ

  3. COption (c)

    यामा

  4. DOption (d)

    पथ के साथी।

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Correct answer

Answer: (a)A.

उर्वशी

Why this answer is correct

उर्वशी महादेवी की कृति नही हैं।

  • उर्वशी के रचनाकार : रामधारी सिंह दिनकर हैं
  • ध्यान दें की दिनकर की भी एक काव्य कृति: उर्वशी हैं, जिनके लिए इनको ज्ञानपीठ भी मिला था।

Key Points

  • स्मृति की रेखाएं, यामा, पथ के साथी: महादेवी की रचनाएँ हैं।
  • इसमें उनके चार कविता संग्रह नीहार, नीरजा, रश्मि और सांध्यगीत संकलित किए गए हैं।
  • महादेवी वर्मा की अन्य कहानियाँ हैं - दीपशिखा, सप्तपर्णा, प्रथम आयाम और अग्निरेखा।

Additional Information

रचनाकाररचना
जयशंकर प्रसादकामायनी, आँसू, लहर, झरना, प्रेमपथिक, कुसुम
रामधारी सिंह दिनकररेणुका, हुंकार, कुरुक्षेत्र, उर्वशी
सुमित्रानंदन पंतवीणा, पल्लव, गुंजन, युगांत, युगवाणी, ग्राम्या, उत्तरा, लोकायतन

Question 86

HP TET 2021• Hindi

हिन्दी वर्णमाला में कुल कितने व्यंजनवर्ण हैं?

  1. AOption (a)

    10

  2. BOption (b)

    16

  3. COption (c)

    11

  4. DOption (d)

    33

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Correct answer

Answer: (d)D.

33

Why this answer is correct

हिंदी वर्णमाला मे कुल 33 व्यंजन होते है। अन्य विकल्प असंगत है। अत: विकल्प (4) '33' सही उत्तर होगा। 

Key Points

स्पष्टीकरण: 

हिंदी के लिए प्रयुक्त देवनागरी लिपि में कुल 52 वर्ण हैं, जिनमें 11 मूल स्वर वर्ण (जिनमें से 'ऋ' का उच्चारण अब स्वर जैसा नहीं होता), 33 मूल व्यंजन, 2 उत्क्षिप्त व्यंजन, 2 अयोगवाह और 4 संयुक्ताक्षर व्यंजन हैं।

Additional Information

कुल 52 वर्ण = (11 मूल स्वर ) + (33 मूल व्यंजन ) + (2 उत्क्षिप्त व्यंजन ) + (2 अयोगवाह ) + (4 संयुक्ताक्षर व्यंजन

Question 87

HP TET 2021• Hindi

"कृपया जाएँ।" यह कैसा वाक्य है?

  1. AOption (a)

    प्रश्नवाचक

  2. BOption (b)

    अनुरोधवाचक

  3. COption (c)

    आज्ञावाचक

  4. DOption (d)

    इनमें से कोई नहीं

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Correct answer

Answer: (c)C.

आज्ञावाचक

Why this answer is correct

इसका सही उत्तर विकल्प 3 'आज्ञावाचक' है। अन्य विकल्प सही उत्तर नहीं हैं।

Key Points

  • "कृपया जाएँ।" वाक्य आज्ञावाचक वाक्य है।

अन्य विकल्प:

Additional Information

वाक्यपरिभाषाउदाहरण
विधानवाचकऐसे वाक्य जिनसे किसी काम के होने या किसी के अस्तित्व का बोध हो। इन्हें विधिवाचक वाक्य भी कहते हैं।ममता ने खाना खा लिया। हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा है।
निषेधवाचकजिन वाक्यों में किसी काम के न होने का बोध होता है वे निषेधवाचक वाक्य कहलाते हैं।मैं नहीं जाऊंगा। मेरा कोई सामान मत लाना।
प्रश्नवाचकजिन वाक्यों में किसी से प्रश्न करने का बोध हो वे प्रश्न वाचक वाक्य कहलाते हैं।कल कहाँ थे तुम? अभी आए हो क्या?
आज्ञावाचकजिन वाक्यों में आज्ञा या प्रार्थना करने का बोध होता है वे आज्ञावाचक वाक्य कहलाते हैं।कृपया ध्यान दें। उधर रख दो।
इच्छावाचकजिन वाक्यों में किसी इच्छा अथवा शुभकामना आदि का बोध होता है वे वाक्य इच्छवाचक कहलाते हैं।नया साल मुबारक हो। तुम एक दिन बड़े आदमी बनोगे।
संकेतवाचकजिन वाक्यों में क्रिया एक दूसरे पर निर्भर हो या किसी संकेत का बोध होता है वे वाक्य संकेत वाचक होते हैं।मकान के उस तरफ रमेश है।
संदेहवाचकजिन वाक्यों में किसी प्रकार का संदेह उत्पन्न हो वे संदेहवाचक वाक्य कहलाते हैं।अब तक तो ट्रेन चली गयी होगी। क्या यही विकल्प सही है?
विस्मयादिवाचकजिन वाक्यों में आश्चर्य, शोक, घृणा, ख़ुशी, स्तब्धता होती है वे विस्मयादिबोधक वाक्य होते हैं।वाह! ये अद्भुत है।

Question 88

HP TET 2021• Hindi

'सरस्वती' पत्रिका का सम्पादन किसने किया?

  1. AOption (a)

    भारतेंदु 

  2. BOption (b)

    महावीर प्रसाद द्विवेदी

  3. COption (c)

    रामचन्द्र शुक्ल

  4. DOption (d)

    प्रताप नारायण मिश्र

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Correct answer

Answer: (b)B.

महावीर प्रसाद द्विवेदी

Why this answer is correct

  • सही उत्तर - सन् 1903 में  महावीर प्रसाद द्विवेदी 'सरस्वती' के संपादक बने।

Key Points

  • सरस्वती का संपादन महावीर प्रसाद द्विवेदी ने कियाI
  • 1903 से 1920 तक उन्होंने इसका संपादन कियाI
  • यह पत्रिका 1900 में इलाहाबाद से शुरू हुईI
  • इसका मूल्य 4 आना थाI

Important Points

  • इस पत्रिका ने खड़ी बोली को परिष्कृत करने और राष्ट्रीयता को बढ़ावा देने में योगदान दियाI
  • बाद में इसके संपादक पदमलाल पुन्नालाल बख्शी, देवीदत्त शुक्ल, श्रीनाथ सिंह आदि रहेI
  • यह 32 पृष्ठ की पत्रिका थीI

Additional Information

  • शुरुआती वर्षों में बाबू श्याम सुन्दर दास ने सरस्वती का संपादन कियाI
  • आचार्य रामचंद्र शुक्ल हिंदी साहित्येतिहासकारों में सर्वोच्च स्थान पर हैंI
  • भारतेंदु हरिश्चंद्र ने बालाबोधिनी, हरिश्चंद्र मैगज़ीन आदि पत्रिकाएँ निकालींI

Question 89

HP TET 2021• Hindi

खड़ी बोली का प्रथम महाकाव्य हैः

  1. AOption (a)

    कामायनी

  2. BOption (b)

    प्रिय प्रवास

  3. COption (c)

    साकेत

  4. DOption (d)

    नीरजा।

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Correct answer

Answer: (b)B.

प्रिय प्रवास

Why this answer is correct

हिन्दी खड़ीबोली का प्रथम महाकाव्य प्रियप्रवास  है,अन्य विकल्प असंगत है, अत: विकल्प  'प्रियप्रवास' सही उत्तर होगा।

Key Points

- प्रियप्रवास अयोध्यासिंह उपाध्याय "हरिऔध" की हिन्दी काव्य रचना है। - यदि 'प्रियप्रवास' खड़ी बोली का प्रथम महाकाव्य है तो 'हरिऔध' खड़ी बोली के प्रथम महाकवि। - ​इसका रचनाकाल सन् 1909 से सन् 1913 है। - कृष्णकाव्य की परंपरा में होते हुए भी, उससे भिन्न है। - प्रियप्रवास" विरहकाव्य है।

Additional Information

रचनारचनाकार
साकेतमैथिलीशरण गुप्त
नीरजामहादेवी र्वमा
कामायनीजयशंकर प्रसाद
सामधेनीरामधारी सिंह 'दिनकर'
हल्दीघाटीश्यामनारायण पाण्डेय

 

 

 

 

 

 

Important Points

 "हरिऔध" जी ने कहा है -

  • "मैंने श्री कृष्णचंद्र को इस ग्रंथ में एक महापुरुष की भाँति अंकित किया है, ब्रह्म करके नहीं। कृष्णचरित को इस प्रकार अंकित किया है जिससे आधुनिक लोग भी सहमत हो सकें।"

Question 90

HP TET 2021• Hindi

विश्वामित्र की तपस्या किसने भंग की?

  1. AOption (a)

    द्रौपदी 

  2. BOption (b)

    मेनका

  3. COption (c)

    उर्वशी

  4. DOption (d)

    इनमें से कोई नहीं

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Correct answer

Answer: (b)B.

मेनका

Why this answer is correct

विश्वामित्र की तपस्या भंग 'मेनका' नामक अप्सरा ने की थी, अतः विकल्प 2 सही उत्तर है 

  • मेनका अप्सरा को इंद्र ने वृषि विश्वमित्रको उनकी तपस्या भंग करने को भेजा था।
  • मेनका ने जब वृषि विश्वामित्र की तपस्या भंग की थी तब विश्वमित्रने मेनका को श्राफ दिया। कुछ दिन बाद मेनका ने विश्वामित्र की एक कन्या को जन्म दिया।

Key Points

अन्य विकल्प:

  • द्रौपदी - राजा द्रुपद, पांडवों की पत्नी की बेटी (पांच पांडवों की पत्नी।
  • उर्वशी - अप्सराओं में से अधिकांश सुंदर, गैर-ज़मीनी, एक अप्सरा या आकाशीय अप्सरा माना तीनों लोकों में सबसे सुंदर होना करने के लिए होता है।