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Question 71

HP TET 2021• Hindi

'सुन्दर' विशेषण का रुप स्त्रीलिंग में होगा 

  1. AOption (a)

    सुन्दरी

  2. BOption (b)

    सुन्दरा

  3. COption (c)

    सुन्दर

  4. DOption (d)

    इनमें से कोई नहीं

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Correct answer

Answer: (a)A.

सुन्दरी

Why this answer is correct

'सुंदर' शब्द का स्त्रीलिंग रूप 'सुन्दरी' होता है। अतः विकल्प 1 सही उत्तर है।

  • सुंदर शब्द का अर्थ दिखने में खूबसूरत ( पुरुष)।
  • सुन्दरी शब्द का अर्थ दिखने में खूबसूरत  (महिला)।

Key Points

  • अन्य विकल्प सभी अशुद्ध है, जिनका कोई अर्थ नही होता है।
  • ​हिन्दी भाषा में लिंग के दो भेद माने जाते हैं – पुल्लिंग तथा स्त्रीलिंग।
लिंगपरिभाषाउदाहरण
पुल्लिंगजिन शब्दों से पुरुष जाति का बोध होता है उन्हें पुल्लिंग शब्द कहते हैं ।जैसे - पिता, भाई, लड़का, पेड़, सिंह शिव, हनुमान, बैल आदि ।
स्त्रीलिंगजिन शब्दों से स्त्री जाति का बोध होता है उन्हें स्त्रीलिंग शब्द कहते हैं ।जैसे - माता, बहन, यमुना, गंगा, कुरसी, छड़ी, नारी बुआ, लड़की, लक्ष्मी, गाय आदि ।

Question 72

HP TET 2021• Hindi

"पवित्रता" से विशेषण बनेगाः

  1. AOption (a)

    पवित्र

  2. BOption (b)

    पवित्रात्मा

  3. COption (c)

    दोनों 

  4. DOption (d)

    कोई नहीं

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Correct answer

Answer: (a)A.

पवित्र

Why this answer is correct

'पवित्रता' से 'पवित्र' विशेषण बनता है। 

पवित्रता यह एक भाववाचक संज्ञा है, इससे पवित्र यह विशेषण बना है।

पवित्र यह एक गुणवाचक विशेषण है 

Key Points

गुणवाचक विशेषणवे शब्द जो संज्ञा या सर्वनाम के गुण, धर्म, स्वाभाव आदि का बोध कराये। जैसे - बलशाली, पुराना, नया, तीक्ष्ण, कमजोर, मोटा, दुर्बल, पठारी आदि।

Additional Information 

विशेषण जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम शब्दों की विशेषता बताते हैं। उन्हें विशेषण कहा जाता है। विशेषण  के मुख्यतः आठ भेद हैं –
विशेषणपरिभाषाउदाहरण
गुणवाचक 
विशेषण
वे शब्द जो संज्ञा या सर्वनाम के गुण, धर्म, स्वाभाव आदि का बोध कराये।बलशाली, पुराण, नया, तीक्ष्ण, कमजोर, मोटा, दुर्बल, पठारी आदि।
संख्यावाचक 
विशेषण
ऐसे शब्द जो संज्ञा या सर्वनाम की संख्या का बोध कराते हैं।दो, तीनों, चार गुना, प्रत्येक आदि।
परिमाणवाचक 
विशेषण
ऐसे शब्द जो संज्ञा या सर्वनाम की मात्रा का बोध कराते हैं।चार किलो, एक मीटर, दो लीटर, थोड़ा, बहुत आदि।
सार्वनामिक 
विशेषण
वे सर्वनाम शब्द जो संज्ञा से पहले आयें और विशेषण की तरह उस संज्ञा शब्द की विशेषता बताएं।यह लड़की वही है जिसने मेरा पेन लिया था।
व्यक्तिवाचक 
विशेषण
ऐसे शब्द जो संज्ञा के भेद व्यक्तिवाचक संज्ञा से बने होते हैं एवं विशेषण शब्दों की रचना करते हैं।मुझे भारतीय खाना बहुत पसंद है।
प्रश्नवाचक 
विशेषण
ऐसे शब्द जिनका संज्ञा या सर्वनाम में जानने के लिए प्रयोग होता है।यह व्यक्ति कौन है ?
तुलनाबोधक 
विशेषण
जब वस्तुओं के गुण - दोष की तुलना आपस में की जाये।वह राधा से भी ज्यादा सुरीला गाती है।
सम्बन्धवाचक 
विशेषण
विशेषण शब्दों का प्रयोग करके किसी एक वस्तु या व्यक्ति का सम्बन्ध दूसरी वस्तु या व्यक्ति के साथ दर्शाया जाये।घर की बाहरी दीवार ख़राब हो रही है।

Question 73

HP TET 2021• Hindi

भविष्यत काल से किस समय का बोध होता है?

  1. AOption (a)

    बीते हुए समय

  2. BOption (b)

    चल रहे समय

  3. COption (c)

    आने वाले समय

  4. DOption (d)

    इनमें से कोई नहीं

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Correct answer

Answer: (c)C.

आने वाले समय

Why this answer is correct

भविष्यत् काल से 'आने वाले समय' का बोध होता है। 

भविष्य काल का प्रयोग आने वाले समय की घटनाओं से जुड़ा होता है।

अन्य विकल्प:

  • बीते हुए समय के बारे में 'भूतकाल' का प्रयोग किया जाता है।
  • चल रहे समय के बारे में 'वर्तमान काल' का प्रयोग किया जाता है।

Important Points

काल - क्रिया के जिस रुप से कार्य व्यापार के समय तथा उसकी पूर्णता पूर्णता का बोध होता है, उसे काम कहते हैं। काल के तीन भेद माने गए हैं।
वर्तमान कालवर्तमान काल में क्रिया व्यापार की निरंतरता रहती है। इसके चार भेद माने गए हैं - सर्वमान्य वर्तमान, तात्कालिक, वर्तमान संदिग्ध वर्तमान और संभाव्य वर्तमान।उदाहरण -सीता पढ़ती है।
भूत कालभूतकाल में क्रिया व्यापार की समाप्ति का बोध होता है। इसके पांच भेद हैं - सामान्य भूत, आसन भूत, अपूर्ण भूत, संदिग्ध भूत हेतुहेतुमद् भूत।उदाहरण - सीता ने पढ़ाई की।
भविष्य कालभविष्य में होने वाली क्रिया का बोध भविष्य काल से होता है। इसके तीन भेद हैं-सामान्य भविष्य, संभाव्य भविष्य और हेतुहेतु मद् भविष्य।उदाहरण - सीता पढ़ेगी।

Additional Information

भूतकाल के उपभेदवर्तमान काल के उपभेदभविष्य काल के उपभेद
सामान्य भूतकाल :- जिस क्रिया के भूतकाल में क्रिया के सामान्य रूप से बीते समय में पूरा होने का संकेत मिले।सामान्य वर्तमान काल :- क्रिया के जिस रूप से कार्य की पूर्णता और अपूर्णता का पता न चले।सामान्य भविष्य काल :- क्रिया के जिस रूप से क्रिया के सामान्य रूप का भविष्य में होने का पता चले।
आसन्न भूतकाल :-  क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि क्रिया अभी कुछ समय पहले ही पूर्ण हुई हैअपूर्ण वर्तमान काल:-  क्रिया के जिस रूप से कार्य के लगातार होने का पता चलता है।संभाव्य भविष्य काल :- क्रिया के जिस रूप से आगे कार्य होने या करने की संभावना का पता चले।
पूर्ण भूतकाल :- क्रिया के जिस रूप से यह पता चलता है की कार्य निश्चित किये गये समय से पहले ही पूरा हो चूका था।पूर्ण वर्तमान काल :- क्रिया के जिस रूप से कार्य के अभी पूरे होने का पता चलता है।हेतुहेतुमद्भविष्य भविष्य का ल:- क्रिया के जिस रूप से एक कार्य का पूरा होना दूसरी आने वाले समय की क्रिया पर निर्भर हो।
अपूर्ण भूतकाल :- क्रिया के जिस रूप से यह पता चलता है कि कार्य भूतकाल में पूरा नहीं हुआ था अपितु नियमित रूप से जारी रहा।संदिग्ध वर्तमान काल:- क्रिया के जिस रूप से वर्तमान काल क्रिया के होने या करने पर शक हो।
संदिग्ध भूतकाल :- क्रिया के जिस रूप से अतीत में हुए या करे हुए कार्य पर संदेह प्रकट किया जाये।तात्कालिक वर्तमान काल :- क्रिया के जिस रूप से यह पता चलता हो कि कार्य वर्तमान में हो रहा है।
समयकालीन भूतकाल :- जिन वाक्यों के अंत में रहा था , रही थी , रहे थे आदि आते हैं और समय का निश्चित बोध होता है।संभाव्य वर्तमान काल :- संभाव्य का अर्थ होता है संभावित या जिसके होने की संभावना हो।

Question 74

HP TET 2021• Hindi

इदिंरा जी एक बार पटना आई थी- में 'जी' कौन-सा निपात है?

  1. AOption (a)

    स्वीराकारार्थक

  2. BOption (b)

    बलदायक

  3. COption (c)

    सीमाबोधक

  4. DOption (d)

    आदर बोधक

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Correct answer

Answer: (d)D.

आदर बोधक

Why this answer is correct

इसका सही उत्तर विकल्प 4  है। अन्य विकल्प सही उत्तर नहीं हैं।

Key Points

  • 'जी', आदरबोधक निपात है।

अन्य विकल्प:

Additional Information

निपात - किसी भी बात पर अधिक भार देने के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है निपात कहलाता है। जैसे- आज तुम्हे जाना ही पड़ेगा- वाक्य में 'ही' निपात शब्द है। निपात शब्द - भी , तो , तक , केवल , ही , मात्र आदि। निपात के नौ प्रकार हैं-
(1) स्वीकृतिबोधक निपात – हाँ, जी, जी हाँ (2) नकारात्मक निपात – जी नहीं, नहीं (3) निषेधात्मक निपात – मत (4) प्रश्नबोधक निपात – क्या (5) विस्मयादिबोधक निपात – क्या, काश (6) तुलनाबोधक निपात – सा (7) अवधारणाबोधक निपात – ठीक, करीब, लगभग, तकरीबन (8) आदरबोधक निपात – जी (9) बल प्रदायकबोधक निपात –तो, ही, भी, तक, भर, सिर्फ, केवल

Question 75

HP TET 2021• Hindi

"अपढ़" का शाब्दिक अर्थ हैः

  1. AOption (a)

    जो पढ़ने योग्य न हो

  2. BOption (b)

    जो पढ़ा न गया हो

  3. COption (c)

    जिसका पढ़ना मना हो

  4. DOption (d)

    जो पढ़ा लिखा न हो।

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Correct answer

Answer: (b)B.

जो पढ़ा न गया हो

Why this answer is correct

"अपढ़" का शाब्दिक अर्थ हैः 'जो पढ़ा न गया हो'

Key Points अन्य विकल्प 

  • जो पढ़ने योग्य न हो - अपठनीय
  • जिसका पढ़ना मना हो -
  • जो पढ़ा लिखा न हो। - अनपढ़

Additional Information

वाक्यांशभाषा को सुंदर, आकर्षक और प्रभावशाली बनाने के लिए अनेक शब्दों के स्थान पर एक शब्द का प्रयोग किया जाता है तो वह वाक्यांश के लिए एक शब्द कहलाता है।

Question 76

HP TET 2021• Hindi

"ओजस्वी" का विलोमार्थी क्या होगा?

  1. AOption (a)

    यशस्वी

  2. BOption (b)

    तेजस्वी

  3. COption (c)

    निस्तेज

  4. DOption (d)

    निरभिमानी

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Correct answer

Answer: (c)C.

निस्तेज

Why this answer is correct

‘ओजस्वी’ शब्द का उचित विलोम शब्द ‘निस्तेज’ होगा।

  • ‘ओजस्वी’ का अर्थ शक्तिशाली।
  • ‘निस्तेज’ का अर्थ तेजहीन।

अन्य विकल्प:

शब्दविलोम
यशस्वीअयशस्वी
तेजस्वीनिस्तेज
निरभिमानीअभिमानी

Additional Information

शब्दपरिभाषाउदाहरण
विलोम/विपरीतार्थक शब्दविपरीत (उल्टा) अर्थ बताने वाले शब्दों को विलोम शब्द कहते हैं। विलोम शब्दों को विपर्यायवाची, प्रतिलोमार्थक और विपरीतार्थक शब्द भी कहते हैं।नीचे-ऊपर धरती-आकाश

Question 77

HP TET 2021• Hindi

"ताजमहल क्या सुन्दर है!" यह कैसा वाक्य है?

  1. AOption (a)

    इच्छार्थक

  2. BOption (b)

    विधानार्थक

  3. COption (c)

    विस्मयार्थक

  4. DOption (d)

    इनमें से कोई नहीं

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Correct answer

Answer: (c)C.

विस्मयार्थक

Why this answer is correct

ताजमहल क्या सुन्दर है! यह एक विस्मयार्थक वाक्य का उदाहरण है। 

 वे वाक्य, जिनसे किसी प्रकार का विस्मय, हर्ष, दुःख, आश्चर्य आदि का बोध होता है, विस्म वाक्य विस्मयार्थक कहलाते हैं।

Additional Information

विशेष

वाक्य के भेदपरिभाषाउदाहरण
विधानवाचकवे वाक्य जिनसे किसी बात या कार्य के होने का बोध होता है, विधिवाचक वाक्य कहलाते हैं।राजा बाज़ार गया।
निषेधवाचकजिनसे किसी बात या कार्य के न होने अथवा इनकार किए जाने का बोध होता है, निषेधवाचक वाक्य कहलाते हैं।कल नेहा घर नहीं गयी थी।
आज्ञावाचकवे वाक्य, जिनसे किसी प्रकार की आज्ञा का बोध होता है, आज्ञावाचक वाक्य कहलाते हैं।श्याम पानी लाओ!
विस्मयवाचकवे वाक्य, जिनसे किसी प्रकार का विस्मय, हर्ष, दुःख, आश्चर्य आदि का बोध होता है, विस्मयवाचक वाक्य कहलाते हैं।अरे! वह उत्तीर्ण हो गया।
संकेतवाचकवे वाक्य, जिनसे किसी प्रकार के संकेत या इशारे का बोध होता है, संकेतवाचक वाक्य कहलाते हैं।जो परिश्रम करेगा वह सफल होगा।
संदेहवाचकवे वाक्य, जिनसे किसी प्रकार के सन्देह या भ्रम का बोध होता है, सन्देहवाचक वाक्य कहलाते हैं।वह अब जा चुका होगा।
प्रश्नवाचकवे वाक्य, जिनसे किसी प्रश्न के पूछे जाने का बोध होता है, प्रश्नवाचक वाक्य कहलाते हैं।तुम किस कक्षा में पढ़ते हो?
इच्छावाचकइच्छावाचक वाक्य अर्थात वह वाक्य जिसमें किसी बात या कार्य की कामना की गयी हो।ईश्वर आपकी यात्रा सफल करे।

Question 78

HP TET 2021• Hindi

न तीन में न तेरह में ः

  1. AOption (a)

    बहुत उपयोगी होना

  2. BOption (b)

    नष्ट कर देना

  3. COption (c)

    बुद्धिहीन होना

  4. DOption (d)

    किसी काम का न होना।

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Correct answer

Answer: (d)D.

किसी काम का न होना।

Why this answer is correct

'न तीन में न तेरह में' इस मुहावरे का अर्थ है - किसी काम का न होना 

'न तीन में न तेरह में​’ मुहावरे का सही अर्थ है – किसी काम का न होना। अन्य विकल्प असंगत हैं। अतः सही विकल्प 4 ‘किसी काम का न होना।’ है।

स्पष्टीकरण:-

मुहावरेअर्थवाक्य प्रयोग
न तीन में न तेरह मेंकिसी काम का न होनाचार भाइयों में सबसे कमजोर महेश ही है इसलिए किसी भी जरूरी बात में कोई उससे राय नहीं लेता वह तो तीन में है न तेरह में।

अन्य विकल्प:-

मुहावरेअर्थवाक्य प्रयोग
पीस डालनानष्ट कर देना‌‌‌जो मुझसे टक्कर लेगा उसे मैं पीस डालूँगा।
अक्ल का अँधा होनाबुद्धिहीन होनावह अक्ल का अंधा नहीं, जैसा कि आप समझते हैं।

Additional Information

मुहावरा परिभाषाउदहारणवाक्य प्रयोग
मुहावरा का शाब्दिक अर्थ‘ अभ्यास’ है। मुहावरा शब्द अरबी भाषा का शब्द है। हिन्दी में ऐसे वाक्यांशों को मुहावरा कहा जाता है, जो अपने साधारण अर्थ को छोड़कर विशेष अर्थ  को व्यक्त करते हैं।अंक में भरना स्नेह से लिपटा  लेनामाँ ने स्नेह से अपने पुत्र को अंक में भर लिया।

Question 79

HP TET 2021• Hindi

काठ का उल्लूः

  1. AOption (a)

    निर्जीव

  2. BOption (b)

    अडिग

  3. COption (c)

    मूर्ख

  4. DOption (d)

    अत्यधिक सरल

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Correct answer

Answer: (c)C.

मूर्ख

Why this answer is correct

उपर्युक्त मुहावरा 'काठ का उल्लू' का अर्थ है- ‘मूर्ख’ है। शेष मुहावरे के अर्थ गलत हैं। अतः सही विकल्प ‘मूर्ख’ है। 

Key Points

मुहावरेअर्थवाक्य प्रयोग
काठ का उल्लूमूर्खमहेश तो पूरा काठ का उल्लू है उसे कुछ नही आता।

अन्य विकल्प

मुहावरेअर्थवाक्य प्रयोग
जड़ हो जानानिर्जीवकोमा में इंसान का शरीर निर्जीव, निष्प्राण या निष्क्रिय हो जाता है।

Additional Information

परिभाषाउदाहरण
मुहावराऐसे वाक्यांश जो अपने सामान्य अर्थ के स्थान पर विशेष अर्थ प्रकट करते हैं, मुहावरा कहलाते हैं।दाँत काटी रोटी, टोपी उछालना आदि।

Question 80

HP TET 2021• Hindi

ब्रम्ह राक्षसः

  1. AOption (a)

    नागार्जुन

  2. BOption (b)

    अज्ञेय

  3. COption (c)

    नवीन

  4. DOption (d)

    मुक्तिबोध

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Correct answer

Answer: (d)D.

मुक्तिबोध

Why this answer is correct

ब्रह्मराक्षस कविता के रचनाकार 'मुक्तिबोध' है, अतः सही विकल्प 4 होगा।

Key Points 

  • गजानन माधव मुक्तिबोध, सबसे प्रमुख हिंदी कवि, निबंधकार, साहित्यिक और राजनीतिक आलोचक तथा 20वीं शताब्दी के उपन्यास लेखकों में से एक थे। वे नया खून और वसुधा जैसी पत्रिकाओं के सहायक-संपादक भी थें। वे अपनी लंबी कविताएं: ब्रह्म-राक्षस, चाँद का मुह टेढ़ा है, अँधेरे में और भूरी-भूरी ख़ाक धूल के लिए प्रसिद्ध हैं।
  • नागार्जुन को राजनैतिक कवि के रूप में जाना जाता है। उन्हें प्रगतिवाद का शलाका पुरुष कहा जाता है।
  • नागार्जुन की अन्य प्रमुख रचनाएँ हैं - सतरंगे पंखों वाली, प्यासी पथराई आंखे, तुमने कहा था, हज़ार हज़ार बाहों वाली आदि।
  • सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन "अज्ञेय"  को कवि, शैलीकार, कथा-साहित्य को एक महत्त्वपूर्ण मोड़ देने वाले कथाकार, ललित-निबन्धकार, सम्पादक और अध्यापक के रूप में जाना जाता है। अज्ञेय प्रयोगवाद एवं नयी कविता को साहित्य जगत में प्रतिष्ठित करने वाले कवि हैं। इनकी प्रमुख रचनाएँ हैं – ‘एक बूँद सहसा उछली’ तथा ‘अरे यायावर याद रहेगा’ (यात्रा वृत्तान्त), ‘साँप’, ‘कलगी बाजरे की’ (कविता), ‘हरी घास पर क्षण भर’ (काव्य संग्रह), इत्यादि।