निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उस पर आधारित प्रश्नों के सटीक उत्तर दीजिए
दूसरों को उपदेश देना बहुत ही सरल है, मगर उन उपदेशों को व्यवहार में लाना कठिन है। बहुत से लोग ऐसे हैं जो मंच पर खड़े होकर लोगों को सदाचार, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा पर लंबे-लंबे उपदेश देते हैं, पर स्वयं कभी उन पर आचरण नहीं करते। यदि उपदेशकर्ता की कथनी और करनी में अंतर न हो अर्थात् वह जो कुछ कहे, उस पर अमल करके दिखाए तब उसकी बात का प्रभाव भाषण से कहीं अधिक पड़ेगा। ऐसी स्थिति में लोग उपदेशक का अनुसरण करने में प्रसन्नता का अनुभव करेंगे। यदि वह केवल उपदेश देने का ही लक्ष्य रखता है, और उस उपदेश को अपने आचरण में नहीं लाता, तब उसका उपदेश कोई प्रभाव नहीं डालता।
निम्नलिखित में क्या करना आसान नहीं है ?
- AOption (a)
उपदेश पर अमल न करना
- BOption (b)
उपदेश न देना
- COption (c)
उपदेश पर अमल करना
- DOption (d)
उपदेश देना
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Correct answer
उपदेश पर अमल करना
Why this answer is correct
उपदेश पर अमल करना सबसे आसान नहीं है।
Key Pointsविश्लेषण-
- गद्यांश में कहा गया है: "दूसरों को उपदेश देना बहुत ही सरल है, मगर उन उपदेशों को व्यवहार में लाना कठिन है।"
- यह स्पष्ट करता है कि उपदेश देना आसान है, लेकिन उस पर अमल करना (व्यवहार में लाना) कठिन है।
Additional Information
- विकल्प 1: उपदेश पर अमल न करना - यह आसान है, क्योंकि कई लोग उपदेश देते हैं लेकिन उस पर अमल नहीं करते।
- विकल्प 2: उपदेश न देना - यह भी आसान हो सकता है, लेकिन गद्यांश का केंद्र उपदेश देने और उसके अमल पर है।
- विकल्प 3: उपदेश पर अमल करना - गद्यांश में इसे कठिन माना गया है, क्योंकि यह अनुशासन और प्रयास की मांग करता है।
- विकल्प 4: उपदेश देना - गद्यांश में इसे सरल बताया गया है।