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Question 191

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

वाक्य में रेखांकित तत्सम शब्द का तद्भव रूप शब्द कौन सा है?

बच्चों को तिक्त भोजन नहीं देना चाहिए।

  1. AOption (a)

    तैलीय

  2. BOption (b)

    तीखा

  3. COption (c)

    तीता

  4. DOption (d)

    ताजा

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Correct answer

Answer: (c)C.

तीता

Why this answer is correct

'तिक्त' का तद्भव रूप तीता शब्द होगा। 

​बच्चों को तिक्त भोजन नहीं देना चाहिए।

  • तिक्त शब्द में विकृत आने से तीता शब्द बना है।
  • तिक्त शब्द तत्सम है वहीं तीता शब्द तद्भव है।
  • तिक्त / तीता  का अर्थ - कड़ुआ

Key Pointsअन्य विकल्प -

  • ताजा फ़ारसी शब्द है।
  • तीक्ष्ण का तद्भव तीखा होता है।
  • समय के साथ दोनों के अर्थ में भी थोड़ा बहुत अंतर आया है जैसे :- 
  • तीक्ष्ण - नोक, तीव्र
  • तीखा - नोक और मिर्ची खाने के दाब महसूस होने वाला स्वाद
  • तैलीय का अर्थ है - तेलदार (देशज शब्द)

Important Pointsकुछ अन्य महत्त्वपूर्ण तत्सम व तद्भव शब्दों के उदाहरण -

तत्समतद्भव
निष्ठुनिठुर
अंजलिअँजुरी
कर्णकान
नवनौ
आभीरअहेर
सुभागसुहाग
मौक्तिकमोती
मित्रमीत
लोमशालोमड़ी
बलिवर्दबैल

Additional Information

  • ऐसे शब्द जो समय के साथ संस्कृत से विकृत हो कर हिंदी में प्रयोग किये जाते हैं उन्हें ही तद्भव शब्द कहते हैं।
  • तद्भव का अर्थ है तद् + भव अर्थात ‘ऐसा हो गया’। 
  • जैसे - आग, घोड़ा, कबूतर, लोहा।
  • ऐसे शब्द जो संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के लिए जाते हैं, उन्हें ही तत्सम शब्द कहते हैं।
  • तत्सम का अर्थ है तत् + सम अर्थात ‘ऐसा था’। 
  • जैसे - ज्येष्ठ, धोनु, हरि, पत्र, वणिक, अग्नि, सूर्य आदि।

Question 192

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

दिए गए विकल्पों में से 'कज्जल' के तद्भव शब्द को ज्ञात कीजिए?

  1. AOption (a)

    कज्जर

  2. BOption (b)

    कजल

  3. COption (c)

    कजरा

  4. DOption (d)

    काजल

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Correct answer

Answer: (d)D.

काजल

Why this answer is correct

दिए गए विकल्पों में से 'कज्जल' के तद्भव शब्द "काजल" है। 

काजल शब्द का तत्सम रूप कज्जल है।

अन्य विकल्प असंगत है। 

Key Points

तद्भव शब्द: 

ऐस��� शब्द जो संस्कृत भाषा से उत्पन्न होते हैं, लेकिन वो रूप बदलकर हिन्दी में आ गए हों, ऐसे शब्द तद्भव शब्द कहलाते हैं, जैसे-

दुग्ध —-> दूध

अग्नि —-> आग

कार्य —> काम

कर्पूर —> कपूर

हस्त —-> हाथ

Additional Information

शब्दपरिभाषाउदाहरण
तत्समतत्सम वैसे शब्द है जो संस्कृत के शब्द होते हुए भी अपने मूल रूप में हिंदी में प्रयोग किए जाते हैं।अग्नि, वायु, माता, पिता, अश्रु, प्रकाश, पत्र, सूर्य इत्यादि।
देशजदेशज वैसे शब्द होते हैं जो स्थानीय बोलियों से हिंदी में आए हैं। जैसे पेट, पगड़ी, गोड़ इत्यादि।कटोरा, खिड़की, खिचड़ी, लोटा, लड़का, गाड़ी, ठठेरा, डिबिया, चिड़िया, जूता, कौड़ी, पानी, पगड़ी, तेंदुआ, टहनी, सेठ, माथा, पेट, लात, मुक्का, थप्पड़, चांटा इत्यादि।
विदेशजविदेशज शब्द उन शब्दों को कहा जाता है जो मूल रूप से विदेशी भाषा के शब्द है लेकिन हिंदी में उन्हें प्रयोग किया जा रहा है।अजीब, अमीर, आवाज, आईना, चरखा, दुकान, इस्तीफा, कॉलेज, इंजन, साइकिल, रेडियो, बजट, बटन, कैमरा, पादरी, अचार, बम, अलमारी, अलकतरा, चाय इत्यादि।

Question 193

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

निम्नलिखित विलोमार्थी शब्द युग्मों में असंगत है :

  1. AOption (a)

    कुटिल - सहज

  2. BOption (b)

    ज्योति - तम

  3. COption (c)

    जीवित - मृत

  4. DOption (d)

    ताप - शीत

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Correct answer

Answer: (a)A.

कुटिल - सहज

Why this answer is correct

विलोमार्थी शब्द युग्मों में असंगत है : कुटिल - सहज

Key Points

  • '​कुटिल' शब्द का विलोम शब्द 'सरल' या 'ऋजु' होता है।
  • 'कुटिल'' का अर्थ -  टेढ़े आकार का, वक्र।
  • 'सरल' का अर्थ - जो सीधा चला गया हो, सीधा सादा।
  • 'अ​सहज' शब्द का विलोम शब्द '��हज' होता है।
  • 'अ​सहज' का अर्थ - जो सहज न हो, असामान्य ।
  • '​सहज' का अर्थ - जो किसी के साथ उत्पन्न हुआ हो।
  • विलोम - जो शब्द किसी एक शब्द के विपरीत अर्थ को व्यक्त करते हैं, वे विलोम शब्द कहलाते हैं।

अन्य विकल्प-

शब्दविलोम
ज्योतितम
जीवितमृत
तापशीत

Additional Information  कुछ अन्य महत्वपूर्ण विलोम शब्द -

शब्दविलोम
अनाहूतआहुत
उपचारअपचार
कुरूपसुरूप
जंगमस्थावर
तीक्ष्णकुंठित
दयालुनिर्दयी
प्रत्यक्षपरोक्ष
दुर्भाग्यसौभाग्य
स्वजीवीअनुजीवी

Question 194

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

दिए गए विकल्पों में से 'अर्ध' के तद्भव शब्द को ज्ञात कीजिए ?

  1. AOption (a)

    आध

  2. BOption (b)

    हॉफ

  3. COption (c)

    आधा

  4. DOption (d)

    अर्द्ध

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Correct answer

Answer: (c)C.

आधा

Why this answer is correct

दिए गए विकल्पों में से 'अर्ध' के तद्भव शब्द "आधा" होगा।  

'अर्ध' के तत्सम शब्द अर्द्ध होगा। 

अर्ध' के अंग्रेजी शब्द (विदेशी शब्द) हॉफ होगा।  

Key Points

तद्भव शब्द:

ऐसे शब्द जो संस्कृत भाषा से उत्पन्न होते हैं, लेकिन वो रूप बदलकर हिन्दी में आ गए हों, ऐसे शब्द तद्भव शब्द कहलाते हैं, जैसे-

दुग्ध —-> दूध

अग्नि —-> आग

कार्य —> काम

कर्पूर —> कपूर

हस्त —-> हाथ

Additional Information

शब्दपरिभाषाउदाहरण
तत्समतत्सम वैसे शब्द है जो संस्कृत के शब्द होते हुए भी अपने मूल रूप में हिंदी में प्रयोग किए जाते हैं।अग्नि, वायु, माता, पिता, अश्रु, प्रकाश, पत्र, सूर्य इत्यादि।
देशजदेशज वैसे शब्द होते हैं जो स्थानीय बोलियों से हिंदी में आए हैं। जैसे पेट, पगड़ी, गोड़ इत्यादि।कटोरा, खिड़की, खिचड़ी, लोटा, लड़का, गाड़ी, ठठेरा, डिबिया, चिड़िया, जूता, कौड़ी, पानी, पगड़ी, तेंदुआ, टहनी, सेठ, माथा, पेट, लात, मुक्का, थप्पड़, चांटा इत्यादि।
विदेशजविदेशज शब्द उन शब्दों को कहा जाता है जो मूल रूप से विदेशी भाषा के शब्द है लेकिन हिंदी में उन्हें प्रयोग किया जा रहा है।अजीब, अमीर, आवाज, आईना, चरखा, दुकान, इस्तीफा, कॉलेज, इंजन, साइकिल, रेडियो, बजट, बटन, कैमरा, पादरी, अचार, बम, अलमारी, अलकतरा, चाय इत्यादि।

Question 195

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

निम्नलिखित में से किस लोकोक्ति का अर्थ "किसी वस्तु का दूसरों के देखने में समाप्त हो जाना" है? 

  1. AOption (a)

    मियाँ की दौड़ मस्जिद तक।

  2. BOption (b)

    मियाँजी की दाढ़ी ताबीजों में गई।

  3. COption (c)

    भुस में आग लगाकर जमालों दूर खड़ी।

  4. DOption (d)

    बांह गहे की लाज।

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Correct answer

Answer: (b)B.

मियाँजी की दाढ़ी ताबीजों में गई।

Why this answer is correct

'मियाँजी की दाढ़ी ताबीजों में गई।' लोकोक्ति का अर्थ "किसी वस्तु का दूसरों के देखने में समाप्त हो जाना" है। अन्य सभी विकल्प असंगत है। 

Key Points 

लोकोक्तिअर्थवाक्य प्रयोग
मियाँजी की दाढ़ी ताबीजों में गई।किसी वस्तु का दूसरों के देखने में समाप्त हो जानाराम दूसरों की बातों में आकर, खुद को मुसीबत में डाल लेता है इसे कहते हैं- "मियाँजी की दाढ़ी ताबीजों में गई"।

Important Points कुछ महत्वपूर्ण लोकोक्ति, अर्थ और उनके वाक्य प्रयोग:- 

लोकोक्तिअर्थ
मुल्ला की दौड़ मस्जिद तकजहाँ तक किसी मनुष्य की पहुँच होती है, वह वहीं तक जाता है।
भुस में आग लगाकर जमालों दूर खड़ीकिसी के बारे में किसी दूसरे से चुगली कर देना और फिर तमाशा देखना।
बांह गहे की लाजशरणागत की रक्षा करना।

Additional Information 

लोकोक्तिउदाहरण
जब कोई पूरा कथन किसी प्रसंग विशेष में उद्धत किया जाता है तो लोकोक्ति कहलाता है। इसी को कहावत कहते है।​कंगाली में आटा गीला - एक मुसीबत पर दूसरी मुसीबत आ पड़ना। वाक्य प्रयोग - बेरोजगारी ने तो वैसे ही कमर तोड़ दी थी उस पर से टांग और टूट गई इसे कहते हैं - "कंगाली में आटा गीला"।

Question 196

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।

जीवन में सफल वही है जो उपयुक्त चुनाव करना जानता है। चुनाव करने में जरा सी भूल चूक हो गई तो हानि सुनिश्चित है। कुछ चुनाव हमारे वश में नहीं हैं जैसे माता-पिता का, जन्म-मृत्यु का, किन्तु कुछ हमारे वश में हैं जिन पर हमारी सफलता-असफलता निर्भर है- जैसे अच्छी-बुरी संगति का चुनाव, आलस्य और परिश्रम का चुनाव आदि। संगति का चुनाव इन सब चुनावों में सर्वाधिक महत्तवपूर्ण है क्योंकि इस चुनाव पर हमारा आचरण, कर्म, विचार, भाषा-स्तर, मनुष्यता और हमारी सफलता-असफलता निर्भर करती है। मनुष्य का चित्त बुराइयों और बुरे लोगों की ओर जल्दी आकृष्ट होता है। जिस तरह पानी सदा नीचे की ओर जाता है। उसी तरह मनुष्य का मन भी बुराइयों की ओर शीघ्र भागता है। ऊँचाई तक जाने में कष्ट उठाना पड़ता है। इस प्रकार अच्छाई की ओर जाने में परिश्रम करना पड़ता है। परन्तु हम विवेक से काम लेकर अच्छे और बुरे का चुनाव कर सकते हैं और इसी विवेक के आधार पर सफलता पा सकते हैं।

गद्यांश के आधार पर जीवन में सफल किसे कहा जा सकता है?

  1. AOption (a)

    जिसके पास अधिक धन हो

  2. BOption (b)

    जिसके पास सुख-सुविधाओं की कमी न हो

  3. COption (c)

    जो सही चयन करना जानता हो

  4. DOption (d)

    जिसका चाल-चलन ठीक हो

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Correct answer

Answer: (c)C.

जो सही चयन करना जानता हो

Why this answer is correct

गद्यांश के आधार पर जीवन में सफल कहा जा सकता है- जो सही चयन करना जानता हो

  • गद्यांश के अनुसार:-
  • ​जीवन में सफल वही है जो उपयुक्त चुनाव करना जानता है। चुनाव करने में जरा सी भूल चूक हो गई तो हानि सुनिश्चित है।

Key Points

  • चयन = चे + अन (ए + अ= अय) अयादि संधि
  • अर्थ: चुनकर अलग करने की क्रिया, चुनना।

Additional Informationधन:- 

  • अर्थ: दौलत, संपत्ति, सम्पदा, वित्त।

सुख:-

  • अर्थ: चैन, अमन, चैन, शांति, अमन, सुकून।
  • विलोम शब्द- 'दुःख'

Question 197

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।

जीवन में सफल वही है जो उपयुक्त चुनाव करना जानता है। चुनाव करने में जरा सी भूल चूक हो गई तो हानि सुनिश्चित है। कुछ चुनाव हमारे वश में नहीं हैं जैसे माता-पिता का, जन्म-मृत्यु का, किन्तु कुछ हमारे वश में हैं जिन पर हमारी सफलता-असफलता निर्भर है- जैसे अच्छी-बुरी संगति का चुनाव, आलस्य और परिश्रम का चुनाव आदि। संगति का चुनाव इन सब चुनावों में सर्वाधिक महत्तवपूर्ण है क्योंकि इस चुनाव पर हमारा आचरण, कर्म, विचार, भाषा-स्तर, मनुष्यता और हमारी सफलता-असफलता निर्भर करती है। मनुष्य का चित्त बुराइयों और बुरे लोगों की ओर जल्दी आकृष्ट होता है। जिस तरह पानी सदा नीचे की ओर जाता है। उसी तरह मनुष्य का मन भी बुराइयों की ओर शीघ्र भागता है। ऊँचाई तक जाने में कष्ट उठाना पड़ता है। इस प्रकार अच्छाई की ओर जाने में परिश्रम करना पड़ता है। परन्तु हम विवेक से काम लेकर अच्छे और बुरे का चुनाव कर सकते हैं और इसी विवेक के आधार पर सफलता पा सकते हैं।

इनमें से किसका चुनाव हमारे वश में है?

  1. AOption (a)

    माता

  2. BOption (b)

    पिता

  3. COption (c)

    भाई

  4. DOption (d)

    मित्र

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Correct answer

Answer: (d)D.

मित्र

Why this answer is correct

इनमें से मित्र चुनाव हमारे वश में है।

  • गद्यांश के अनुसार:-
  • कुछ चुनाव हमारे वश में नहीं हैं जैसे माता-पिता का, जन्म-मृत्यु का, किन्तु कुछ हमारे वश में हैं जिन पर हमारी सफलता-असफलता निर्भर है- जैसे अच्छी-बुरी संगति का चुनाव, आलस्य और परिश्रम का चुनाव आदि।

Key Points

  • मित्र- सखा, सहचर, स्नेही, स्वजन, सुहृदय, साथी, दोस्त।
  • विलोम शब्द- 'शत्रु'

Additional Informationमाता:- 

  • अर्थ: मैया, माई, अम्मा, अम्मी, जननी, मातु, महतारी, माता,  वालिदा, मम्मी, अम्बिका।

पिता:-

  • अर्थ: जनक, जनपिता, पिता, जन्मदाता, पितृ, पापा, अब्बा, बापू, बाबू।

भाई:-

  • अर्थ: तात, अनुज, अग्रज, भ्राता, भ्रातृ सहोदर, सगर्भ, बंधु, सोदर, सजात, भ्राता।

Question 198

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।

जीवन में सफल वही है जो उपयुक्त चुनाव करना जानता है। चुनाव करने में जरा सी भूल चूक हो गई तो हानि सुनिश्चित है। कुछ चुनाव हमारे वश में नहीं हैं जैसे माता-पिता का, जन्म-मृत्यु का, किन्तु कुछ हमारे वश में हैं जिन पर हमारी सफलता-असफलता निर्भर है- जैसे अच्छी-बुरी संगति का चुनाव, आलस्य और परिश्रम का चुनाव आदि। संगति का चुनाव इन सब चुनावों में सर्वाधिक महत्तवपूर्ण है क्योंकि इस चुनाव पर हमारा आचरण, कर्म, विचार, भाषा-स्तर, मनुष्यता और हमारी सफलता-असफलता निर्भर करती है। मनुष्य का चित्त बुराइयों और बुरे लोगों की ओर जल्दी आकृष्ट होता है। जिस तरह पानी सदा नीचे की ओर जाता है। उसी तरह मनुष्य का मन भी बुराइयों की ओर शीघ्र भागता है। ऊँचाई तक जाने में कष्ट उठाना पड़ता है। इस प्रकार अच्छाई की ओर जाने में परिश्रम करना पड़ता है। परन्तु हम विवेक से काम लेकर अच्छे और बुरे का चुनाव कर सकते हैं और इसी विवेक के आधार पर सफलता पा सकते हैं।

संगति के चुनाव को सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण क्यों माना गया है?

  1. AOption (a)

    संगति प्रतिष्ठा का सूचक है।

  2. BOption (b)

    संगति हमारे आचरण व व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव डालती है।

  3. COption (c)

    संगति हमारे व्यक्तित्व को प्रभावित नहीं करती है।

  4. DOption (d)

    संगति और हमारे आचरण में कोई संबंध नहीं है।

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Correct answer

Answer: (b)B.

संगति हमारे आचरण व व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव डालती है।

Why this answer is correct

संगति के चुनाव को सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण माना गया है- संगति हमारे आचरण व व्यक्तित्व पर गहरा प्रभाव डालती है।

  • गद्यांश के अनुसार:-
  • ​ संगति का चुनाव इन सब चुनावों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि इस चुनाव पर हमारा आचरण, कर्म, विचार, भाषा-स्तर, मनुष्यता और हमारी सफलता-असफलता निर्भर करती है।

Key Points

  • सम् + गति = संगति
  • 'सम्' (अच्छी तरह) उपसर्ग और 'गति'  मूलशब्द
  • अर्थ: मेल, संग, मिलाप, साथ, सम्बन्ध, मैत्री, दोस्ती।
  • विलोम शब्द- 'असंगति, विसंगति'
  • आ + चरण = आचरण
  • 'आ' (ओर, सीमा) उपसर्ग और 'चरण' (पाँव) मूलशब्द
  • अर्थ: व्यवहार, बर्ताव, चाल-चलन, चरित्र।
  • विलोम शब्द- 'अनाचरण'
  • व्यक्ति + त्व = व्यक्तित्व
  • 'व्यक्ति' मूलशब्द और 'त्व' प्रत्यय
  • अर्थ: व्यक्ति की विशेषता या गुण।

Additional Informationप्रतिष्ठा:- 

  • अर्थ: मान-मर्यादा, गौरव, इज्जत, आदर, सत्कार, खातिरदारी, प्रसिद्धि। 
  • विलोम शब्द**- 'अप्रतिष्ठा'**

प्रभावित:-

  • प्रभाव + इत = प्रभावित
  • 'प्रभाव' मूलशब्द और 'इत' प्रत्यय
  • अर्थ: जो किसी के प्रभाव या असर में हो।
  • विलोम शब्द- 'अप्रभावित'

Question 199

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।

जीवन में सफल वही है जो उपयुक्त चुनाव करना जानता है। चुनाव करने में जरा सी भूल चूक हो गई तो हानि सुनिश्चित है। कुछ चुनाव हमारे वश में नहीं हैं जैसे माता-पिता का, जन्म-मृत्यु का, किन्तु कुछ हमारे वश में हैं जिन पर हमारी सफलता-असफलता निर्भर है- जैसे अच्छी-बुरी संगति का चुनाव, आलस्य और परिश्रम का चुनाव आदि। संगति का चुनाव इन सब चुनावों में सर्वाधिक महत्तवपूर्ण है क्योंकि इस चुनाव पर हमारा आचरण, कर्म, विचार, भाषा-स्तर, मनुष्यता और हमारी सफलता-असफलता निर्भर करती है। मनुष्य का चित्त बुराइयों और बुरे लोगों की ओर जल्दी आकृष्ट होता है। जिस तरह पानी सदा नीचे की ओर जाता है। उसी तरह मनुष्य का मन भी बुराइयों की ओर शीघ्र भागता है। ऊँचाई तक जाने में कष्ट उठाना पड़ता है। इस प्रकार अच्छाई की ओर जाने में परिश्रम करना पड़ता है। परन्तु हम विवेक से काम लेकर अच्छे और बुरे का चुनाव कर सकते हैं और इसी विवेक के आधार पर सफलता पा सकते हैं।

गद्यांश के अनुसार अच्छे और बुरे का चुनाव कैसे कर सकते हैं -

  1. AOption (a)

    मित्रों की सलाह से

  2. BOption (b)

    अनुमान से

  3. COption (c)

    विवेक से

  4. DOption (d)

    विनम्रता से

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Correct answer

Answer: (c)C.

विवेक से

Why this answer is correct

गद्यांश के अनुसार अच्छे और बुरे का चुनाव कैसे कर सकते हैं - विवेक से

  • गद्यांश के अनुसार:-
  • विवेक से काम लेकर अच्छे और बुरे का चुनाव कर सकते हैं और इसी विवेक के आधार पर सफलता पा सकते हैं।​

Key Points

  • विवेक- बोध , ज्ञान, जानकारी, समझ, बुद्धि 
  • विलोम शब्द- 'अविवेक'

Additional Informationमित्र:- 

  • अर्थ: सखा, सहचर, स्नेही, स्वजन, सुहृदय, साथी, दोस्त
  • विलोम शब्द- 'शत्रु'

अनुमान:-

  • अनु + मान = अनुमान
  • 'अनु' (पीछे) उपसर्ग और 'मान' (परिमाण) मूलशब्द
  • अर्थ: अटकल, अंदाज़ा, प्रत्यक्ष से अप्रत्यक्ष का ज्ञान
  • विलोम शब्द- 'निश्चय'

विनम्रता:-

  • वि + नम्र + ता = विनम्रता
  • 'वि**'** (विशेष) उपसर्ग, 'नम्र' (झुका हुआ) और 'ता' प्रत्यय
  • अर्थ: विनम्र होने की अवस्था या भाव, शिष्टता, सुशीलता, शालीनता
  • विलोम शब्द- 'घमंड'

Question 200

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

दिए गए गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए तथा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए।

जीवन में सफल वही है जो उपयुक्त चुनाव करना जानता है। चुनाव करने में जरा सी भूल चूक हो गई तो हानि सुनिश्चित है। कुछ चुनाव हमारे वश में नहीं हैं जैसे माता-पिता का, जन्म-मृत्यु का, किन्तु कुछ हमारे वश में हैं जिन पर हमारी सफलता-असफलता निर्भर है- जैसे अच्छी-बुरी संगति का चुनाव, आलस्य और परिश्रम का चुनाव आदि। संगति का चुनाव इन सब चुनावों में सर्वाधिक महत्तवपूर्ण है क्योंकि इस चुनाव पर हमारा आचरण, कर्म, विचार, भाषा-स्तर, मनुष्यता और हमारी सफलता-असफलता निर्भर करती है। मनुष्य का चित्त बुराइयों और बुरे लोगों की ओर जल्दी आकृष्ट होता है। जिस तरह पानी सदा नीचे की ओर जाता है। उसी तरह मनुष्य का मन भी बुराइयों की ओर शीघ्र भागता है। ऊँचाई तक जाने में कष्ट उठाना पड़ता है। इस प्रकार अच्छाई की ओर जाने में परिश्रम करना पड़ता है। परन्तु हम विवेक से काम लेकर अच्छे और बुरे का चुनाव कर सकते हैं और इसी विवेक के आधार पर सफलता पा सकते हैं।

मनुष्य का मन भी बुराइयों की ओर शीघ्र भागता है। वाक्य में रेखांकित शब्द है ________

  1. AOption (a)

    निपात

  2. BOption (b)

    समुच्चयबोधक

  3. COption (c)

    क्रिया

  4. DOption (d)

    विशेषण

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Correct answer

Answer: (a)A.

निपात

Why this answer is correct

मनुष्य का मन भी बुराइयों की ओर शीघ्र भागता है। वाक्य में रेखांकित शब्द है- निपात

  • निपात ऐसे शब्द हैं जो किसी शब्द के साथ लगकर उसके अर्थ को बल प्रदान करते हैं, उसे निपात कहते हैं।
  • पहचान शब्द- तक, ही, भी, भर, तो, तक, सिर्फ, केवल, मात्र, मत, क्या, हाँ, भी, जी, नहीं, न, काश आदि।​

Key Pointsकुछ निपात के उदाहरण:- 

  • कल शिक्षक भी आएंगे।
  • राधा ने तो हद कर दी।
  • राधा ने मुझसे बात तक नहीं की।
  • राम को आज रात रुकना ही पड़ सकता है।
  • धन कमा लेने मात्र से जीवन सफल नहीं हो जाता।

Additional Information

समुच्चयबोधक:- - ऐसे शब्द जो दो या दो से अधिक शब्द, वाक्य या वाक्यांशों को जोड़ने का काम करते हैं, वे शब्द समुच्चयबोधक कहलाते हैं। - इन समुच्चयबोधक शब्दों को योजक भी कहा जाता है। - पहचान शब्द- और, व, एवं, तथा, या, अथवा, किन्तु, परन्तु, कि, क्योंकि, जो कि, ताकि, हालाँकि, लेकिन, अत:, इसलिए आदि। उदाहरण- - ऊषा बहुत तेज़ दौड़ी लेकिन प्रथम नहीं आ सकी। - बेशक उसने पैसा कमाया परन्तु रहा तो कंजूस ही। क्रिया:- - किसी वाक्य में प्रयुक्त वह शब्द जिसके द्वारा किसी काम का करना या होना पाया जाता है उसे क्रिया कहते हैं। - पहचान शब्द- चलना, दौड़ना, खेलना, खाना, सोना, पढ़ना, लिखना आदि। उदाहरण- - महेश पत्र लिखता है। - विक्रम पढ़ रहा है। विशेषण:- - जो शब्द संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, संख्या, परिमाण, रंग, आकार, दशा आदि) बतलाए, उसे विशेषण कहते हैं। - पहचान शब्द- सुंदर, कुरूप, लंबा, नाटा, अच्छा, बुरा, हलका, भारी, चतुर, मूर्ख, लाल, पीला, कुछ, थोड़ा, दो, चार, गोल, चौड़ा, दुबला, पतला आदि। उदाहरण- - कौआ काला होता है। - कोयल मीठा बोलती है।