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Question 181

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

'उगले तो अंधा, निगले तो कोढ़ी - इस कहावत के उचित अर्थ का चयन करें-

  1. AOption (a)

    हर स्थिति में नुकसान होने की सम्भावना

  2. BOption (b)

    किसी के साथ बहुत बुरा व्यवहार हो जाना

  3. COption (c)

    बहुत अधिक परिश्रम, अत्यंत कम उपलब्धि

  4. DOption (d)

    वातावरण और परिस्थिति के अनुसार रहना

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Correct answer

Answer: (a)A.

हर स्थिति में नुकसान होने की सम्भावना

Why this answer is correct

'उगले तो अंधा, निगले तो कोढ़ी' - इस कहावत के उचित अर्थ - हर स्थिति में नुकसान होने की सम्भावना

Key Points

  • 'उगले तो अंधा, निगले तो कोढ़ी' का अर्थ- हर स्थिति में नुकसान होने की सम्भावना।
  • वाक्य प्रयोग - गोपाल ने राज की बात सुन ली थी, लेकिन उसे किसी को बताने में संकोच हो रहा था।
  • बताने पर समस्या बढ़ सकती थी और न बताने पर उसकी जान को खतरा था। यह सही में "उगले तो अंधा, निगले तो कोढ़ी" वाली स्थिति थी।
  • लोकोक्ति - जब कोई पूरा कथन किसी प्रसंग विशेष में उद्धत किया जाता है, लोकोक्ति कहलाता है। इसी को कहावत कहते है।
  • जैसे - अपने मुँह मियाँ मिट्ठू = अपनी बड़ाई या प्रशंसा स्वयं करने वाला। वाक्य प्रयोग - रामू हमेशा "अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनता है"।​

Important Points

लोकोक्तिअर्थ
​जीभ भी जली और स्वाद भी न पायायदि किसी को बहुत थोड़ी-सी चीज खाने को दी जाये।
खोदा पहाड़ निकली चुहियाबहुत अधिक परिश्रम, अत्यंत कम उपलब्धि
जैसा देश वैसा भेषकिसी स्थान या परिस्थिति के अनुसार व्यवहार करना

Additional Information 

लोकोक्तिअर्थवाक्य प्रयोग
आम के आम गुठलियों के दामअधिक लाभसब प्रकार की पुस्तकें ‘साहित्य भवन’ से खरीदें और पास होने पर आधे दामों पर बेचें। "आम के आम गुठलियों के दाम" इसी को तो कहते हैं।
कभी घी घना, कभी मुट्ठी चनाजो मिल जाए उसी में संतुष्ट रहना।वह सच्चा साधु है, जो कुछ पाता है वही खाकर संतुष्ट हो जाता है- "कभी घी घना, कभी मुट्ठी चना"।
खग जाने खग ही की भाषासाथी की बात साथी समझ लेता है।मैं जब भी परेशान होता हूँ मेरा दोस्त विकास पता नहीं कैसे समझ लेता है। सच बात है कि "खग जाने खग ही की भाषा"।
​गया वक्त फिर हाथ नहीं आताजो समय बीत जाता है, वह वापस नहीं आता।अध्यापक ने बताया कि हमें अपना समय व्यर्थ नहीं खोना चाहिए, क्योंकि "गया वक्त फिर हाथ नहीं आता"।

Question 182

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

'अपनी पगड़ी अपने हाथ' कहावत का अभिप्राय क्या है?

  1. AOption (a)

    अपनी प्रतिष्ठा अपने हाथ

  2. BOption (b)

    अपना साज शृंगार स्वयं करना

  3. COption (c)

    अपनी तारीफ स्वयं करना

  4. DOption (d)

    अपने सामान की सुरक्षा स्वयं करना

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Correct answer

Answer: (a)A.

अपनी प्रतिष्ठा अपने हाथ

Why this answer is correct

'अपनी पगड़ी अपने हाथ' कहावत का अभिप्राय है - अपनी प्रतिष्ठा अपने हाथ

Key Points

  • 'अपनी पगड़ी अपने हाथ' का अर्थ- अपनी प्रतिष्ठा अपने हाथ।
  • वाक्य प्रयोग - तुम्हारी इच्छा है तो उनके बीच में दखल दे दो लेकिन याद रखना "अपनी पगड़ी अपने हाथ होती है"।
  • लोकोक्ति - जब कोई पूरा कथन किसी प्रसंग विशेष में उद्धत किया जाता है, लोकोक्ति कहलाता है। इसी को कहावत कहते है।
  • जैसे - 'आठ कनौजिया नौ चुल्हे' का अर्थ- अलगाव की स्थिति।
  • वाक्य प्रयोग - कश्मीर की वर्तमान स्थिति को देखकर वहां तो लोकोक्ति सही बैठती है जैसे - "आठ कनौजिये नौ चूल्हे"।​

अन्य विकल्प -

लोकोक्तिअर्थ
अपने पाँव में कुल्हाड़ी मारनाअपने अहित का काम स्वयं करना।
अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बननास्वयं अपनी तारीफ या प्रशंसा करना।

Additional Information 

लोकोक्तिअर्थवाक्य प्रयोग
​अस्सी की आमद, चौरासी खर्चआमदनी से अधिक खर्चराजू के तो "अस्सी की आमद, चौरासी खर्च हैं"। इसलिए उसके वेतन में घर का खर्च नहीं चलता।
​ईंट की लेनी, पत्थर की देनीबदला चुकानाअशोक "ईंट की लेनी, पत्थर की देनी वाले" स्वभाव का आदमी है।
एक तो करेला दूजे नीम चढ़ाकुटिल स्वभाव वाले मनुष्य बुरी संगत में पड़ कर और बिगड़ जाते है।कालू तो पहले से ही बिगड़ा हुआ था अब उसने आवारा लोगों का साथ और कर लिया है- "एक तो करेला दूजे नीम चढ़ा"।
खिसियानी बिल्ली खंभा नोचेकिसी बात पर लज्जित होकर क्रोध करना।दस लोगों के सामने जब मोहन की बात किसी ने नहीं सुनी, तो उसकी हालत उसी तरह हो गई, जैसे "खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे"।

Question 183

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

'पिताजी ने मिठाई लावेंगे।'

उपरोक्त वाक्य में त्रुटि पहचानकर वाक्य शुद्ध कीजिए।

  1. AOption (a)

    पिताजी ने मिठाई लाएँगे।

  2. BOption (b)

    पिताजी मिठाई लाएँगे।

  3. COption (c)

    पिताजी मिठाइयाँ लावेगे।

  4. DOption (d)

    पिताजी ने मिठाई लाए।

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Correct answer

Answer: (b)B.

पिताजी मिठाई लाएँगे।

Why this answer is correct

'पिताजी ने मिठाई लावेंगे।' वाक्य का शुद्ध रूप है- पिताजी मिठाई लाएँगे। अन्य सभी विकल्प असंगत है। 

Key Points 

  • दिए गये वाक्य में 'कारक व वर्तनी प्रयोग' की त्रुटि है।
  • यहाँ 'ने, लावेंगे​' सार्थक शब्द नही है और इससे सही अर्थ प्रकट नही हो रहा।
  • अत: सार्थक शब्द 'लाएँगे' होना चाहिए। ('व' वर्ण से संबन्धित त्रुटि)
  • त्रुटिरहित वाक्य - पिताजी मिठाई लाएँगे।

Important Points  कारक व वर्तनी संबंधी अशुद्धियाँ:-

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
माँ से कहानी सुनाई।माँ ने कहानी सुनाई।
आज बजट के ऊपर बहस होगी।आज बजट पर बहस होगी।
रमेश पुस्तक को पढ़ता है।रमेश पुस्तक पढ़ता है।
यह कथा अवर्णनिय है।यह कथा अवर्णनीय है।
महादेवी वर्मा बड़ी जीवंत कवयित्रि थीं।महादेवी वर्मा बड़ी जीवंत कवयित्री थीं।
उनके शाषनकाल में दंगे हुए।उनके शासनकाल में दंगे हुए।

Additional Information 

कारकविभक्ति
कर्ताने
कर्मको
करणसे, द्वारा
सम्प्रदानको, के लिये, हेतु
अपादानसे (अलग होने के अर्थ में)
सम्बन्धका, की, के, रा, री, रे
अधिकरणमें, पर
सम्बोधनहे! अरे! ऐ! ओ! हाय!

Question 184

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द तद्भव शब्द का उदाहरण नहीं है?

  1. AOption (a)

    नब्बे

  2. BOption (b)

    नापित

  3. COption (c)

    निगलना

  4. DOption (d)

    नारियल

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Correct answer

Answer: (b)B.

नापित

Why this answer is correct

तद्भव शब्द का उदाहरण नहीं है - 'नापित'

  • नापित का तद्भव रूप नाई है।
  • तद्भव शब्द - 'नव्वे, निगलना, नारियल'

तद्भव शब्द-

  • तद्भव शब्द मूल भाषा संस्कृत के वे शब्द जिनका हिंदी में रूप परिवर्तन हो गया है उन्हें तद्भव शब्द कहते हैं।
  • जैसे - सूरज, बारिश, नैन, धरती आदि।

Mistake Points 

  • नव्वे का तत्सम शब्द रूप नवति है।
  • निगलना शब्द का तत्सम रूप निर्गलन है।
  • नारियल शब्द का तत्सम रूप नारिकेल है।

Key Points 

तद्भवतत्सम
इमलीअम्लिका
कोयलकोकिल
गँवारग्रामीण
चौपायाचतुष्पद
तालाबतड़ाग
पतोहूपुत्रवधू
बहराबधिर
मक्खीमक्षिका

Additional Information तत्सम शब्द:-

  • जिन शब्दों को संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के ले लिया जाता है, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं।
  • जैसे - सूर्य, वर्षा, नयन, धरित्री आदि।

Question 185

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

दिए गए वाक्य में रिक्त स्थान के लिए चार विकल्प दिए गए हैं। इनमें से एक विकल्प में शब्द की वर्तनी शुद्ध है, उसका चयन कीजिए-

________ के बाद सूर्य अस्‍ताचलगामी होने लगता है।

  1. AOption (a)

    अपराह्न 

  2. BOption (b)

    आप्रान्ह्य

  3. COption (c)

    अप्रहान

  4. DOption (d)

    अप्रहाण

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Correct answer

Answer: (a)A.

अपराह्न 

Why this answer is correct

'अपराह्न' शब्‍द की वर्तनी शुध्‍द है। अन्‍य व‍िकल्‍प असंगत हैं। 

  • वाक्य - अपराह्न के बाद सूर्य अस्‍ताचलगामी होने लगता है।

Key Points

  • 'अपराह्न' का अर्थ तीसरा पहर।
  • 'अपराह्न' का विलोम 'पूर्वाह्न' है।
  • पूर्वाह्न का अर्थ- सबेरे से दोपहर तक का समय।
  • अन्‍य व‍िकल्‍पों में दिए गए शब्‍दों की वर्तनी अशुद्ध हैं।

Important Points 

अशुध्‍द शब्‍दशुध्‍द शब्‍द
महत्‍वमहत्त्व
उज्‍जवलउज्‍ज्‍वल
कवियित्रीक‍वयित्री
रसायणरसायन

Question 186

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द तत्सम नहीं है?

  1. AOption (a)

    ग्राहक

  2. BOption (b)

    गोधूम

  3. COption (c)

    गेंद

  4. DOption (d)

    अन्न

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Correct answer

Answer: (c)C.

गेंद

Why this answer is correct

सही उत्तर है -‘गेंद’।

  • ‘गेंद’ तत्सम शब्द नहीं है।
  • ‘गेंद’ तद्भव शब्द है जिसका का तत्सम रूप ‘कन्दुक’ होगा।

Key Pointsतत्सम शब्द :

  • यह आधुनिक भारतीय भाषाओं में प्रयुक्त ऐसे शब्द जिनको संस्कृत से बिना कोई रूप बदले ले लिया गया है। हिन्दी, बांग्ला, कोंकणी,

मराठी, गुजराती, पंजाबी, तेलुगू, कन्नड, मलयालम, सिंहल आदि में बहुत से शब्द संस्कृत से सीधे ले लिए गये हैं क्योंकि इनमें से कई

भाषाएँ संस्कृत से जन्मी हैं।

अन्य विकल्प :

  • ‘ग्राहक’ तत्सम शब्द है जिसका तद्भव रूप ‘गाहक’ होगा।
  • ‘गोधूम’ तत्सम शब्द है जिसका तद्भव रूप ‘गेहूँ’ होगा।
  • ‘अन्न’ तत्सम शब्द है जिसका तद्भव रूप ‘अनाज’ होगा।

Important Pointsकुछ महत्वपूर्ण तत्सम शब्द और तद्भव शब्द के उदाहरण :​-

तत्सम शब्दतद्भव शब्द
अक्षरअच्छर
लवणनोन
शाटिकासाड़ी
श्वाससाँस

Additional Informationतद्भव शब्द :

  • यह एक संस्कृत शब्द है जो मध्यकालीन भारत-आर्य भाषाओं के सन्दर्भ में उन शब्दों को कहते हैं
  • जो संस्कृत के मूल शब्द नहीं हैं बल्कि संस्कृत के किसी मूल शब्द से निकले हुए हैं।

Question 187

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

गौएँ अपने बच्चे को देखती जा रही थीं।'- वाक्य के किस भाग में अशुद्धि है? 

  1. AOption (a)

    को देखती

  2. BOption (b)

    देखती जा

  3. COption (c)

    गोएँ अपने बच्चे 

  4. DOption (d)

     जा रही थीं

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Correct answer

Answer: (c)C.

गोएँ अपने बच्चे 

Why this answer is correct

गौएँ अपने बच्चे को देखती जा रही थीं।'- वाक्य के भाग में अशुद्धि है - गोएँ अपने बच्चे 

Key Points

  • अशुद्ध वाक्य - गौएँ अपने बच्चे को देखती जा रही थीं।
  • दिए गये वाक्य में वर्तनी प्रयोग की त्रुटि है,
  • ​यहाँ 'गोएँ' सार्थक शब्द नहीं है और इससे सही अर्थ प्रकट नहीं हो रहा।
  • ​अत: सार्थक शब्द 'गायें' होना चाहिए।
  • शुद्ध वाक्य - गायें अपने बच्चे को देखती जा रही थीं।
  • वर्तनी - भाषा के किसी शब्द को लिखने में प्रयुक्त वर्णों के सही क्रम को वर्तनी कहते हैं।

Additional Information  

अशुद्धशुद्ध
अंतर्ध्यानअंतर्धान
विशिष्ठविशिष्ट
निलंवितनिलंबित
ज्योतिषिज्योतिषी
टिप्पड़ीटिप्पणी
उद्दतउद्यत
पुर्नजन्मपुनर्जन्म
त्यौहारत्योहार
मिष्ठानमिष्टान्न

Question 188

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

'गंगा नदी भारत देश में हजारों लोगों की जीवनदायिनी है।' निम्नलिखित में से कौन सा शब्द 'गंगा' का पर्यायवाची शब्द नहीं है। 

  1. AOption (a)

    हंसजा

  2. BOption (b)

    देवपगा

  3. COption (c)

    विष्णुपदी

  4. DOption (d)

    सुरसरिता

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Correct answer

Answer: (a)A.

हंसजा

Why this answer is correct

"हंसजा" शब्‍द गंगा का उचित पर्यायवाची नहीं है। अन्‍य व‍िकल्‍प असंगत हैं।

Key Points

  • गंगा के पर्यायवाची- देवनदी, भागीरथी, मंदाकिनी, देवपगा, सुरसरिता, विष्णुपदी, स्वर्गापगा, त्रिपथंगा आदि।
  • हंसजा का अर्थ- सूर्य की कन्या, यमुना।

Important Pointsकुछ महत्‍वपूर्ण पर्यायवाची शब्‍द-

शब्‍दपर्यायवाची
अतिथिमेहमान, अभ्यागत, आगन्तुक, पाहुना
अलंकारआभूषण, भूषण, विभूषण, गहना, जेवर
अश्वहय, तुरंग, वाजि, घोडा, घोटक
अरण्यजंगल, वन, कानन, अटवी, कान्तार
अंतरिक्षखगोल, नभमंडल, गगनमंडल, आकाशमंडल
अंबुजकमल, पंकज, नीरज, वारिज, जलज

Additional Information

शब्‍दपरिभाषाउदाहरण
पर्यायवाची या समानार्थीजिन शब्‍दों से समान अथवा आंशिक समान अर्थ का बोध होता है, उसे पर्यायवाची शब्‍द कहते है। 'पर्यायवाची' शब्‍द को 'समानार्थी' शब्‍द भी कहा जाता है।यमुना-अर्कजा, रविजा, सूर्यजा दूध- अमृत, क्षीर, गोरस

Question 189

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

निम्नलिखित विकल्पों में से कौन-सा वाक्य शुद्ध है? 

  1. AOption (a)

    तेरेको इतनी देर क्यों हुई ?

  2. BOption (b)

    तुम्हें इतनी देरी क्यों हुई?

  3. COption (c)

    तुमको इतनी देरी क्यों हुई?

  4. DOption (d)

    तुम्हें इतनी देर क्यों हुई ?

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Correct answer

Answer: (d)D.

तुम्हें इतनी देर क्यों हुई ?

Why this answer is correct

वाक्य शुद्ध है - तुम्हें इतनी देर क्यों हुई ?​

Key Points

  • शुद्ध वाक्य - तुम्हें इतनी देर क्यों हुई?
  • वाक्य में लिंग, वचन, पुरुष, काल, कारक आदि का क्रिया के साथ ठीक ठीक मेल हो, उसे शुद्ध वाक्य कहते है।

अन्य विकल्प -

  • तेरे को इतनी देर क्यों हुई? (सर्वनाम संबंधी अशुद्धि)
  • तुम्हें इतनी देरी क्यों हुई? (संज्ञा संबंधी अशुद्धि)
  • तुमको इतनी देरी क्यों हुई? (सर्वनाम संबंधी अशुद्धि)

Additional Information सर्वनाम संबंधी अशुद्धियाँ - 

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
तेरे को क्या चाहिए?तुझे क्या चाहिए?
तुम तो तुम्हारा काम करो।तुम तो अपना काम करो।
जो सोवेगा वह खोवेगा।जो सोवेगा सो खोवेगा।
आप जाकर ले लो।तुम जाकर ले लो।
वह मेरा दोस्त है वह मेरे साथ पढ़ता है।वह मेरा दोस्त है जो मेरे साथ पढ़ता है।

Question 190

DSSSB MTS 2026• Test of Hindi Language and Comprehension1

निम्नलिखित वाक्य में वर्तनी संबंधी त्रुटि की पहचान करें।

हाथी सूखी टहनीयाँ खा रहा है।

  1. AOption (a)

    खा

  2. BOption (b)

    सूखी 

  3. COption (c)

    टहनीयाँ 

  4. DOption (d)

    हाथी 

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Correct answer

Answer: (c)C.

टहनीयाँ 

Why this answer is correct

सही उत्तर है - टहनीयाँ 

Key Points

  • अशुद्ध वाक्य - हाथी सूखी टहनीयाँ खा रहा है।
  • दिए गये वाक्य में वर्तनी प्रयोग की त्रुटि है,
  • ​यहाँ 'टहनीयाँ' सार्थक शब्द नहीं है और इससे सही अर्थ प्रकट नहीं हो रहा।
  • ​अत: सार्थक शब्द 'इच्छाओं के अधीन' होना चाहिए।
  • शुद्ध वाक्य - हाथी सूखी टहनियाँ खा रहा है।
  • टहनियाँ: टहनी का बहुवचन रूप है, जिसका अर्थ है- कई टहनियाँ या पतली शाखाएँ।
  • वर्तनी - किसी शब्द में आये हुए अक्षरों को मात्राओं सहित कहने या लिखने की रीति को वर्तनी कहते हैं।

Additional Information

    वर्तनी संबंधी अशुद्धियाँ - 

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
मेले में विद्यार्थियों की कई टोलीयाँ थीं।मेले में विद्यार्थियों की कई टोलियाँ थीं।
गुलाम की एक माला खरीद लेना।गुलाब की माला खरीद लेना।
सहित्य और संस्कृती का गहरा संबंध हैं।साहित्य और संस्कृति का गहरा संबंध हैं।
यह आपकी अनाधिकार चेष्टा हैं।यह आपकी अनधिकार चेष्टा हैं।
उसे पैत्रिक संपत्ति में हिस्सा नहीं मिला।उसे पैतृक संपत्ति में हिस्सा नहीं मिला।