Search Previous Year Questions

Find real questions from previous competitive exam papers with answers and solutions.

Leave the keyword blank to browse saved questions for your selected exam, newest papers first. Add a keyword, year or topic to narrow the results.

Browse complete papers
Showing 10 question(s)
Clear

Question 521

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

'अनाथ' शब्द का विलोम क्‍या होगा? 

  1. AOption (a)

    नाथ

  2. BOption (b)

    स्वामी

  3. COption (c)

    दास

  4. DOption (d)

    सनाथ

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (d)D.

सनाथ

Why this answer is correct

'अनाथ' शब्द का विलोम होगा- सनाथ

Key Points 

  • स्वामी शब्द का विलोम है- दास

Important Points

  • विलोम - जो शब्द किसी एक शब्द के विपरीत अर्थ को व्यक्त करते हैं, वे विलोम शब्द कहलाते हैं।

 कुछ महत्वपूर्ण विलोम शब्द:-

शब्दविलोम
शाश्व���क्षणिक
प्राचीनअर्वाचीन
निरालम्बअवलम्ब
उपकारअपकार
उन्नतअवनत
अतुकान्ततुकान्त
बहुमतअल्पमत
अन्तरंगबहिरंग
सध्दर्मअधर्म
अनाहूतआहुत

Question 522

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

"मालिक नौकर से काम करवाता है।” वाक्य से क्रिया के किस भेद का पता चलता है?

  1. AOption (a)

    नामधातु क्रिया

  2. BOption (b)

    प्रेरणार्थक क्रिया

  3. COption (c)

    संयुक्त क्रिया

  4. DOption (d)

    पूर्वकालिक क्रिया

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (b)B.

प्रेरणार्थक क्रिया

Why this answer is correct

"मालिक नौकर से काम करवाता है।” वाक्य में प्रेरणार्थक क्रिया है।

  • जिस क्रिया से ज्ञान हो कि कर्ता स्वयं कार्य को न करके किसी अन्य को कार्य करने की प्रेरणा देता है वह प्रेरणार्थक क्रिया कहलाती है।
  • जैसे - माता  पिता अपने बच्चो के कार्य करवाते है।

Hint

प्रेरणार्थक क्रिया के उदाहरण

  • वह सबसे चालान भरवाता है.
  • महेश बच्चों को रुलाता है.
  • गीता बच्चों को हिंदी पढ़ाती है.
  • सुरेश आज नौकर से गाड़ी धुलवाना।
  • आज तुम विजय से चाय बनवाना।

Key Pointsअन्य विकल्प 

क्रियापरिभाषा
पूर्वकालिक क्रियाजो क्रिया एक क्रिया को समाप्त कर तत्काल किसी दूसरी क्रिया को आरम्भ करता है तब पहली क्रिया पूर्णकालिक क्रिया कहलाती है, जैसे- कृष्णा नहाकर स्कूल जाएगा।
सयुंक्त क्रियाऐसी क्रिया जो किन्ही दो क्रियाओं के मिलने से बनती है वह सयुंक्त क्रिया कहलाती है। जैसे: खा लिया, चल दिया, पी लिया आदि।
नामधातु क्रियाऐसी धातु जो क्रिया को छोड़कर किन्ही अन्य शब्दों जैसे संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण आदि से बनती है वह नामधातु क्रिया कहते हैं। जैसे: अपनाना, गर्माना आदि।

Question 523

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

थैली _______पुस्तक है।

  1. AOption (a)

    के

  2. BOption (b)

    को

  3. COption (c)

    में

  4. DOption (d)

    के लिए

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (c)C.

में

Why this answer is correct

थैली में पुस्तक है।

  • संबंध- 'के'
  • सम्प्रदान- 'को, के लिए'

अधिकरण कारक:-

  • अधिकरण का अर्थ होता है - आश्रय।
  • संज्ञा का वह रूप जिससे क्रिया के आधार का बोध हो उसे अधिकरण कारक कहते हैं।
  • इसकी विभक्ति 'में' और 'पर' होती है। भीतर, अंदर, ऊपर, बीच आदि शब्दों का प्रयोग इस कारक में किया जाता है।

उदाहरण-

  • महल में दीपक जल रहा है।
  • भँवरा फूलों पर मँडरा रहा है।

Key Points हिन्दी में आठ कारक’ हैं -

कारकविभक्तियाँ
1. कर्ताने
2. कर्मको
3. करणसे, द्वारा
4. सम्प्रदानको, के लिये, हेतु
5. अपादानसे (अलग होने के अर्थ में)
6. सम्बन्धका, की, के, रा, री, रे
7. अधिकरणमें, पर
8. सम्बोधनहे! अरे! ऐ! ओ! हाय!

Important Points

संबंध कारक:- - संज्ञा या सर्वनाम का वह रूप जो हमें किन्हीं दो वस्तुओं के बीच संबंध का बोध कराता है, वह संबंध कारक कहलाता है। - सम्बन्ध कारक के विभक्ति चिन्ह का, के, की, ना, ने, नो, रा, रे, री आदि हैं। उदाहरण- - बच्चे का सिर दुःख रहा है। - राजा दशरथ के चार बेटे थे। - यह सुनील की किताब है। सम्प्रदान कारक:- - सम्प्रदान का अर्थ ‘देना’ होता है। - जब वाक्य में किसी को कुछ दिया जाए या किसी के लिए कुछ किया जाए तो वहां पर सम्प्रदान कारक होता है। - सम्प्रदान कारक के विभक्ति चिन्ह के लिए या को हैं। उदाहरण- - विकास तुषार को किताबें देता है। - नरेश मीना के लिए फल लाया है।

Question 524

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

'कवि' शब्द का स्रीलिंग रूप होगा:

  1. AOption (a)

    कवियित्री

  2. BOption (b)

    कवयित्री

  3. COption (c)

    कवियीत्रि

  4. DOption (d)

    कवित्री

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (b)B.

कवयित्री

Why this answer is correct

‘कवि’ का स्त्रीलिंग रूप 'कवयित्री' होगा। शेष विकल्प असंगत हैं। अतः सही विकल्प 'कवयित्री' है।

Key Points 

  • काव्य की रचना करनेवाला 'कवि' कहलाता है।
  • कविता रचने वाली स्त्री 'कवयित्री' या 'महिला कवि' कहलाती है।
  • लिंग शब्द का अर्थ होता है - चिन्ह या पहचान |
  • जिनके द्वारा किसी विकारी शब्द के स्त्री या पुरुष जाति के होने का बोध हो उन्हें लिंग कहते है |
  • लिंग 2 प्रकार के होते है |
  1. पुल्लिंग (अध्यापक , गोविन्द , कवि )
  2. स्त्रीलिंग (अध्यापिका , कवयित्री

Additional Information 

लिंग- संज्ञा के जिस रूप से व्यक्ति, वस्तु, की नर या मादा रूप में पहचान हो वह लिंग कहलाता है। जैसे- लड़का, लड़की आदि। लिंग दो प्रकार के होते हैं- स्त्रीलिंग और पुल्लिंग, परंतु संस्कृत में तीसरे प्रकार का भी लिंग होता है- नपुंसक लिंग।
लिंग के भेदपरिभाषाउदाहरण
स्त्रीलिंगजिन शब्दों से स्त्री जाति का बोध हो उसे स्त्रीलिंग कहते हैं।नदी, माता, लड़की
पुल्लिंगजिन शब्दों से पुरुष जाती का बोध हो उसे पुल्लिंग कहते हैं।पिता, राजा घोड़ा,

Question 525

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

निम्नलिखित वाक्य में रेखांकित खंड के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले सबसे उपयुक्त विकल्प का चयन कीजिए-

यह नियम व्यक्ति के लिए प्रत्येक लागू है।

  1. AOption (a)

    प्रत्येक व्यक्ति के लिए

  2. BOption (b)

    प्रत्येक व्यक्ति के सामने

  3. COption (c)

    प्रत्येक के लिए व्यक्ति

  4. DOption (d)

    व्यक्ति प्रत्येक के लिए

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (a)A.

प्रत्येक व्यक्ति के लिए

Why this answer is correct

सही उत्तर है - प्रत्येक व्यक्ति के लिए

Key Points

  • अशुद्ध वाक्य - यह नियम व्यक्ति के लिए प्रत्येक लागू है।
  • दिए गये वाक्य में पदक्रम प्रयोग की त्रुटि है,
  • ​यहाँ 'व्यक्ति के लिए प्रत्येक' सार्थक शब्द नहीं है और इससे सही अर्थ प्रकट नहीं हो रहा।
  • ​अत: सार्थक शब्द 'प्रत्येक व्यक्ति के लिए' होना चाहिए।
  • शुद्ध वाक्य - यह नियम व्यक्ति के लिए प्रत्येक लागू है।

Additional Information पदक्रम संबंधी अशुद्धियाँ - 

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
​हमें शुद्ध गाय का दूध चाहिए।हमें गाय का शुद्ध दूध चाहिए।
उनकी हिन्दी मातृभाषा नहीं थी।हिन्दी उनकी मातृभाषा नहीं थी।
बारिश हो रही है बाहर।बाहर बारिश हो रही है।
मैं तैयारी कर रहा हूँ परीक्षा की।मैं परीक्षा की तैयारी कर रहा हूँ।

Question 526

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों को उत्तर दीजिए:

मास्टर जी के आने का समय जितना निश्चित था, जाने का समय उतना ही अनिश्चित था। वे कभी डेढ़ घंटा और कभी दो घण्टे पढ़ाते रहते थे। पढ़ते-पढ़ते पाँच बजने को आ जाते तो मेरे लिए 'नाउन' और 'एडजेक्टिव' में फ़र्क करना मुश्किल हो जाता। मैं जम्हाइयाँ लेता और बार-बार ऊबकर घड़ी की तरफ देखता। मगर मास्टर जी उस समय 'पास्ट पाटीसिपल' और 'परफ़ेक्ट पाटीसिपल' जैसी चीजों के बारे में जाने क्या-क्या बता रहे होते। पढ़ाई हो चुकने के बाद वे दस मिनट हमें जीवन के सम्बन्ध में शिक्षा दिया करते थे। वे दस मिनट बिताना मुझे सबसे मुश्किल लगता था। वे पानी के छोटे-छोटे घूँट भरते और जोश में आकर सुन्दर और असुन्दर के विषय में जाने क्या कह रहे होते, और मैं अपनी कॉपी घुटनों पर रखे हुए उसमें लिखने लगता।

मास्टर जी कितनी देर तक पढ़ाते थे?

  1. AOption (a)

    आधे घंटे तक

  2. BOption (b)

    एक से दो घटे तक

  3. COption (c)

    एक दिन तक

  4. DOption (d)

    चार घंटे तक

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (b)B.

एक से दो घटे तक

Why this answer is correct

मास्टर जी 'एक से दो घटे तक' पढ़ाते थे।

Key Points 

गद्यांश के अनुसार:

  • मास्टर जी के पढ़ाने का समय एक निर्धारित पैटर्न का पालन नहीं करता।
  • ​उनके आने का समय भले ही निश्चित हो, लेकिन उनके जाने का समय अनिश्चित रहता है।|
  • यह अनिश्चितता इसलिए होती है क्योंकि मास्टर जी का पढ़ाने का समय विविधतापूर्ण होता है; कभी वे डेढ़ घंटे पढ़ाते हैं तो कभी दो घंटे तक।
  • यह समय स्पष्ट रूप से उनके द्वारा पढ़ाए जा रहे विषय वस्तु या छात्रों की समझने की क्षमता और उनके इंटरेक्शन पर निर्भर करता है।

Additional Information  विशेष शब्दों के पर्यायवाची :

  1. निश्चित:                             तय, पक्का, नियत, सुनिश्चित।
  2. अनिश्चित:                          अनिर्धारित, अस्थिर, अनिश्चयी, अन्यता।
  3. नाउन :                             संज्ञा, नामपद।
  4. एडजेक्टिव:                       विशेषण, गुणवाचक।
  5. पास्ट पार्टिसिपल:              भूतकृदन्त, पूर्ण कृदन्त।
  6. परफेक्ट पार्टिसिपल:          सम्पूर्णता कृदन्त, पूर्णकालिक कृदन्त।
  7. जीवन:                              जीवितावस्था, अस्तित्व, व्यक्तित्व।
  8. शिक्षा:                               ज्ञान, सिक्षण, विद्या, तालीम।
  9. सुंदर:                                खूबसूरत, आकर्षक, मनोहर।
  10. असुंदर:                             कुरूप, नकरात्मक, बदसूरत।

Question 527

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों को उत्तर दीजिए:

मास्टर जी के आने का समय जितना निश्चित था, जाने का समय उतना ही अनिश्चित था। वे कभी डेढ़ घंटा और कभी दो घण्टे पढ़ाते रहते थे। पढ़ते-पढ़ते पाँच बजने को आ जाते तो मेरे लिए 'नाउन' और 'एडजेक्टिव' में फ़र्क करना मुश्किल हो जाता। मैं जम्हाइयाँ लेता और बार-बार ऊबकर घड़ी की तरफ देखता। मगर मास्टर जी उस समय 'पास्ट पाटीसिपल' और 'परफ़ेक्ट पाटीसिपल' जैसी चीजों के बारे में जाने क्या-क्या बता रहे होते। पढ़ाई हो चुकने के बाद वे दस मिनट हमें जीवन के सम्बन्ध में शिक्षा दिया करते थे। वे दस मिनट बिताना मुझे सबसे मुश्किल लगता था। वे पानी के छोटे-छोटे घूँट भरते और जोश में आकर सुन्दर और असुन्दर के विषय में जाने क्या कह रहे होते, और मैं अपनी कॉपी घुटनों पर रखे हुए उसमें लिखने लगता।

पढ़ाई समाप्त होने के बाद मास्टर जी क्या शिक्षा देते थे?

  1. AOption (a)

    जीवन के सम्बन्ध में

  2. BOption (b)

    खेलने के सम्बन्ध में

  3. COption (c)

    व्यायाम के सम्बन्ध में

  4. DOption (d)

    स्वास्थ्य जीवन के सम्बन्ध में

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (a)A.

जीवन के सम्बन्ध में

Why this answer is correct

पढ़ाई समाप्त होने के बाद मास्टर जी " जीवन के सम्बन्ध में शिक्षा" देते थे।

Key Pointsगद्यांश अनुसार :

  1. जीवन संबंधी शिक्षा: मास्टर जी पढ़ाई समाप्त होने के बाद छात्रों को जीवन के संबंध में शिक्षा देते थे।
  2. दस मिनट का समय: वे इस शिक्षा के लिए प्रतिदिन दस मिनट का समय लेते थे।
  3. रुचि और प्रेरणा: इस दौरान मास्टर जी जीवन के संबंध में विभिन्न प्रेरणादायक विचार और शिक्षा साझा करते थे।
  4. चुनौतियां: छात्र के लिए, यह दस मिनट का समय सबसे अधिक मुश्किल लगता था, जिसमें उसे थकान और ऊब का अनुभव होता।
  5. वैकल्पिक विधाओं के महत्व पर चर्चा: वे जीवन में सुंदर और असुंदर, सही और गलत जैसे विषयों पर गहराई से चर्चा करते थे, जो कि उनकी शिक्षा का एक महत्वपूर्ण भाग था।
  6. शिक्षा का लक्ष्य: मास्टर जी का उद्देश्य छात्रों को ज्ञान की गहराई तक ले जाना और उन्हें जीवन में सामना कर रही चुनौतियों और सिद्धांतों के बारे में सिखाना था।

Additional Informationनिम्नलिखित तालिका में गद्यांश में पाए गए कुछ विशेष शब्दों के अर्थ दिए गए हैं:

 

शब्द                                            अर्थ

नाउन गा संज्ञा; व्याकरण में वह शब्द जो किसी व्यक्ति, स्थान, वस्तु, या विचार का नाम होता है।

एडजेक्टिव                                 विशेषण; वह शब्द जो किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है।

पास्ट पार्टिसिपल                        भूतकालीन कृदंत; एक वर्ब का रूप जो अक्सर परफेक्ट टेंस, पैसिव वॉइस, या एडजेक्टिव्स के रूप में प्रयोग होता है।

पर्फेक्ट पार्टिसिपल                     सम्पूर्ण कृदंत; हिंदी में यह शब्द विशेष रूप से नहीं होता है लेकिन इसे सम्पूर्ण काल में बने वर्ब के रूप के एक भाग के रूप में समझा जा सकता है।

जम्हाइयाँ                                  जब मुंह अनियंत्रित रूप से खुल जाए और गहरी साँस ली जाये, आमतौर पर थकान या नींद की स्थिति में।

ऊब                                           एक मन:स्थिति जब किसी कार्य में रूचि नहीं रह जाती, बोरियत।

जोश                                         उत्साह या तेजी; एक ऐसी स्थिति जिसमें व्यक्ति में ऊर्जा और सक्रियता अधिक होती है।

सुन्दर और असुन्दर जो चीज़ें आकर्षक होती हैं उन्हें सुन्दर कहा जाता है और जो अप्रिय लगती हैं उन्हें असुन्दर।

Question 528

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों को उत्तर दीजिए:

मास्टर जी के आने का समय जितना निश्चित था, जाने का समय उतना ही अनिश्चित था। वे कभी डेढ़ घंटा और कभी दो घण्टे पढ़ाते रहते थे। पढ़ते-पढ़ते पाँच बजने को आ जाते तो मेरे लिए 'नाउन' और 'एडजेक्टिव' में फ़र्क करना मुश्किल हो जाता। मैं जम्हाइयाँ लेता और बार-बार ऊबकर घड़ी की तरफ देखता। मगर मास्टर जी उस समय 'पास्ट पाटीसिपल' और 'परफ़ेक्ट पाटीसिपल' जैसी चीजों के बारे में जाने क्या-क्या बता रहे होते। पढ़ाई हो चुकने के बाद वे दस मिनट हमें जीवन के सम्बन्ध में शिक्षा दिया करते थे। वे दस मिनट बिताना मुझे सबसे मुश्किल लगता था। वे पानी के छोटे-छोटे घूँट भरते और जोश में आकर सुन्दर और असुन्दर के विषय में जाने क्या कह रहे होते, और मैं अपनी कॉपी घुटनों पर रखे हुए उसमें लिखने लगता।

'पानी के छोटे-छोटे घूँट भरते हुए' मास्टर जी क्या समझा रहे थे?

  1. AOption (a)

    नाउन और एडजेक्टिव के विषय में

  2. BOption (b)

    जीवन के विषय में

  3. COption (c)

    सुन्दर और असुन्दर के विषय में

  4. DOption (d)

    समय के विषय में

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (c)C.

सुन्दर और असुन्दर के विषय में

Why this answer is correct

इसका सही उत्तर " सुन्दर और असुन्दर के विषय में" है ।

Key Pointsगद्यांश अनुसार : 

  • यानी 'पानी के छोटे-छोटे घूँट भरते हुए' मास्टर जी 'सुन्दर और असुन्दर के विषय' में समझा रहे थे।
  • ​ मास्टर जी की शिक्षा का बहुत बड़ा हिस्सा जीवन की मौलिक अवधारणाओं पर आधारित था।
  • वे पढ़ाई समाप्ति के बाद के दस मिनट में, जीवन के महत्वपूर्ण पहलूओं को समझाने के लिए समर्पित करते थे।
  • 'सुन्दर' और 'असुन्दर' के विषय पर चर्चा करते समय, वे इन धारणाओं के पीछे के दीप्ति व अर्थ को उजागर करने का प्रयत्न करते थे।
  • यह सिखाते हुए कि कैसे आंतरिक सौंदर्य और मूल्य बाहरी सौंदर्य से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होते हैं।।

Additional Informationव्यक्तिगत ध्यान और समर्पण:

  • इस पल में, मास्टर जी द्वारा पानी पीने की क्रिया उनके विचारों को संगठित करने और विषय के सटीक प्रस्तुतिकरण के लिए समय लेने का प्रतीक है।
  • यह दिखाता है कि वे अपनी बात को सहज और प्रभावित करने वाले ढंग से कहने के लिए  व्यक्तिगत ध्यान और समर्पण दिखा रहे थे।

जीवन के गहरे संदेश: 

  • मास्टर जी ने सुंदर और असुंदर के बीच के भेदभाव को सिखाने का इरादा रखा, जोकि केवल बाहरी रूप पर आधारित नहीं होता,
  • बल्कि उसकी गहराई, सार और आंतरिक मूल्यों पर भी केंद्रित होता है।

प्रेरणादायक और जोशीला प्रस्तुतीकरण: 

  • पानी पीने के दौरान क्षणिक विराम के बाद, मास्टर जी चुनौतीपूर्ण विषयों पर भी जोश के साथ बात करते, जिससे छात्रों में उत्साह और प्रेरणा पैदा होती।

जीवन के प्रति उदार दृष्टिकोण: 

  • ये दस मिनट उनके द्वारा विद्यार्थियों को जीवन का एक उदार और समग्र दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित करने का समय था।
  • सुंदरता और कुरूपता के विषय में बातचीत, व्यक्ति की आंतरिक सुंदरता और मूल्यों पर जोर देती थी।

ज्ञान की गहराई:

  • मास्टर जी की इस शिक्षा ने विद्यार्थियों को शिक्षा की पारंपरिक सीमाओं से परे जाने और जीवन के विभिन्न पहलुओं की गहरी समझ विकसित करने की ओर उन्मुख किया।

Question 529

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों को उत्तर दीजिए:

मास्टर जी के आने का समय जितना निश्चित था, जाने का समय उतना ही अनिश्चित था। वे कभी डेढ़ घंटा और कभी दो घण्टे पढ़ाते रहते थे। पढ़ते-पढ़ते पाँच बजने को आ जाते तो मेरे लिए 'नाउन' और 'एडजेक्टिव' में फ़र्क करना मुश्किल हो जाता। मैं जम्हाइयाँ लेता और बार-बार ऊबकर घड़ी की तरफ देखता। मगर मास्टर जी उस समय 'पास्ट पाटीसिपल' और 'परफ़ेक्ट पाटीसिपल' जैसी चीजों के बारे में जाने क्या-क्या बता रहे होते। पढ़ाई हो चुकने के बाद वे दस मिनट हमें जीवन के सम्बन्ध में शिक्षा दिया करते थे। वे दस मिनट बिताना मुझे सबसे मुश्किल लगता था। वे पानी के छोटे-छोटे घूँट भरते और जोश में आकर सुन्दर और असुन्दर के विषय में जाने क्या कह रहे होते, और मैं अपनी कॉपी घुटनों पर रखे हुए उसमें लिखने लगता।

निम्न में से कौन-सा शब्द विदेशी शब्द नहीं है:

  1. AOption (a)

    नाउन

  2. BOption (b)

    एड्जेक्टिव

  3. COption (c)

    परफेक्ट

  4. DOption (d)

    समय

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (d)D.

समय

Why this answer is correct

"समय" वह उत्तर है जो इन चार विकल्पों में से विदेशी शब्द नहीं है। 

Key Pointsसमय:

  • यह शब्द पूरी तरह से हिन्दी (या भारतीय) मूल का है और इसका किसी विदेशी भाषा से कोई सीधा संबंध नहीं है।
  • समय" का अर्थ होता है काल या वक्त, जो एक अवधि या ऐसा क्षण होता है जिसमें कुछ घटित होता है।
  • यह बहुत ही मौलिक और मूलभूत अवधारणा है जो हमारे जीवन के हर पहलू में गहराई से निहित है।

Additional Information

नाउन:

  • यह एक अंग्रेजी शब्द है जिसका प्रयोग हिन्दी में भी किया जाता है।
  • इसका अर्थ होता है 'संज्ञा', जो व्यक्ति, स्थान, वस्तु या विचार को दर्शाता है। यह एक व्याकरणिक शब्द है जो हिन्दी में अंग्रेजी से आयात किया गया है।

एडजेक्टिव** :**

  • यह भी एक अंग्रेजी शब्द है, जिसका हिन्दी में अर्थ होता है 'विशेषण'। ​
  • यह व्याकरण के क्षेत्र से संबंधित है और इसका प्रयोग संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताने के लिए किया जाता है।

परफेक्ट :

  • इस शब्द का उपयोग भी अंग्रेजी भाषा से लिया गया है। मूल रूप से यह गुणवत्ता या अवस्था के आदर्श या उत्तमता को दर्शाता है।
  • ​​व्याकरण में 'परफेक्ट टेंस' का उपयोग क्रिया के संपूर्ण या पूर्ण रूप को व्यक्त करने के लिए होता है।

Question 530

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों को उत्तर दीजिए:

मास्टर जी के आने का समय जितना निश्चित था, जाने का समय उतना ही अनिश्चित था। वे कभी डेढ़ घंटा और कभी दो घण्टे पढ़ाते रहते थे। पढ़ते-पढ़ते पाँच बजने को आ जाते तो मेरे लिए 'नाउन' और 'एडजेक्टिव' में फ़र्क करना मुश्किल हो जाता। मैं जम्हाइयाँ लेता और बार-बार ऊबकर घड़ी की तरफ देखता। मगर मास्टर जी उस समय 'पास्ट पाटीसिपल' और 'परफ़ेक्ट पाटीसिपल' जैसी चीजों के बारे में जाने क्या-क्या बता रहे होते। पढ़ाई हो चुकने के बाद वे दस मिनट हमें जीवन के सम्बन्ध में शिक्षा दिया करते थे। वे दस मिनट बिताना मुझे सबसे मुश्किल लगता था। वे पानी के छोटे-छोटे घूँट भरते और जोश में आकर सुन्दर और असुन्दर के विषय में जाने क्या कह रहे होते, और मैं अपनी कॉपी घुटनों पर रखे हुए उसमें लिखने लगता।

'निश्चित' शब्द का विलोम शब्द है:

  1. AOption (a)

    अनिश्चित

  2. BOption (b)

    पक्का

  3. COption (c)

    बिलकुल

  4. DOption (d)

    संभव

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (a)A.

अनिश्चित

Why this answer is correct

'निश्चित' शब्द का विलोम "अनिश्चित" है।

Key Points निश्चित

  • अर्थ: जो स्पष्ट रूप से तय हो, जिसमें कोई संदेह या अनिश्चितता न हो।

अनिश्चित

  • अर्थ: जिसका कोई निश्चय न हो, जो सुनिश्चित न हो, संदेहास्पद।

Additional Informationअन्य विकल्पों के विलोम व अर्थ :

  1. अनिश्चित (विलोम: निश्चित)
  • अर्थ: जो सुनिश्चित न हो, अस्थायी।
  1. पक्का (विलोम: कच्चा)
  • अर्थ: दृढ़, स्थिर, या स्थायी।
  • कच्चा: अपरिपक्व, अस्थायी या दृढ़ नहीं।
  1. बिलकुल (विलोम: आंशिक रूप से/बिल्कुल नहीं)
  • अर्थ: पूरी तरह से, संपूर्णतया।
  • आंशिक रूप से: केवल कुछ हिस्सा, पूर्ण नहीं।
  1. संभव (विलोम: असंभव)
  • अर्थ: जो हो सकता है, संभाव्यता वाला।
  • असंभव: जो संभव न हो, होने की संभावना न हो।