Search Previous Year Questions

Find real questions from previous competitive exam papers with answers and solutions.

Showing 10 question(s)
Clear

Question 321

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

'यह पीने का पानी है' वाक्य के रेखांकित शब्द में कारक है :

  1. AOption (a)

    संबंध 

  2. BOption (b)

    करण 

  3. COption (c)

    संप्रदान 

  4. DOption (d)

    अपादान 

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (a)A.

संबंध 

Why this answer is correct

'यह पीने का पानी है' वाक्य के रेखांकित शब्द में कारक है : संबंध 

Key Points

  • वाक्य - यह पीने का पानी है। (वाक्य में 'का' विभक्ति चिन्ह का प्रयोग हुआ है।)
  • संज्ञा या सर्वनाम का वह रूप जो हमें किन्हीं दो वस्तुओं के बीच संबंध का बोध कराता है, वह संबंध कारक कहलाता है।
  • सम्बन्ध कारक के विभक्ति चिन्ह का, के, की, ना, ने, नो, रा, रे, री आदि हैं।
  • जैसे -
  • यह सुनील की किताब है।
  • यह नरेश का भाई है।

Important Points हिन्दी में आठ कारक’ हैं -

कारकविभक्तियाँ
कर्ताने
कर्मको
करणसे, द्वारा
सम्प्रदानको, के लिये, हेतु
अपादानसे (अलग होने के अर्थ में)
सम्बन्धका, की, के, रा, री, रे
अधिकरणमें, पर
सम्बोधनहे! अरे! ऐ! ओ! हाय!

Additional Information

करण कारक:- - वह साधन जिससे क्रिया होती है, वह करण कहलाता है। यानि, जिसकी सहायता से किसी काम को अंजाम दिया जाता, वह करण कारक कहलाता है। - करण कारक के दो विभक्ति चिन्ह होते है- से और के द्वारा। उदाहरण - - बच्चे मिट्टी से खेल रहे हैं। - रजत के द्वारा वह काम इतनी जल्दी हुआ। सम्प्रदान कारक:- - सम्प्रदान का अर्थ ‘देना’ होता है। - जब वाक्य में किसी को कुछ दिया जाए या किसी के लिए कुछ किया जाए तो वहां पर सम्प्रदान कारक होता है। - सम्प्रदान कारक के विभक्ति चिन्ह के लिए या को हैं। जैसे - - विकास तुषार को किताबें देता है। - नरेश मीना के लिए फल लाया है। अपादान कारक:- - जब संज्ञा या सर्वनाम के किसी रूप से किन्हीं दो वस्तुओं के अलग होने का बोध होता है, तब वहां अपादान कारक होता है। अपादान कारक का भी विभक्ति चिन्ह से होता है। उदाहरण - - दूल्हा घोड़े से गिर पड़ा। - चूहा बिल से बाहर निकला।

Question 322

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

निम्न में से किस शब्द की वर्तनी सही है ?

  1. AOption (a)

    भागिरथी

  2. BOption (b)

    प्रसंशा

  3. COption (c)

    परिस्थिती

  4. DOption (d)

    प्रदर्शनी

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (d)D.

प्रदर्शनी

Why this answer is correct

प्रदर्शनी शब्द की वर्तनी सही है।

अत: विकल्प 4 सही उत्तर है, अन्य सभी विकल्प असंगत है।

Key Points

  • प्रदर्शनी शुद्ध वर्तनी है।
  • प्रदर्शनी का अर्थ होता है:- नजारा आदि।
  • अन्य विकल्प:-
अशुद्धशुद्ध
भागिरथीभागीरथी
प्रसंशाप्रशंसा
परिस्थितीपरिस्थिति
  • **वर्तनी:- **​लिखने की रीति को वर्तनी कहते हैं।
  • वर्तनी’ शब्द का अर्थ उच्चारित होने वाले शब्द के लेखन  में प्रयोग होने वाले लिपि चिह्नों के व्यवस्थित रूप को वर्तनी कहा जाता है।
  • जैसे:- अशुद्ध:- तृकोण शुद्ध:- त्रिकोण आदि।

Additional Information वर्तनी के अन्य उदाहरण:-

अशुद्धशुद्ध
जाग्रतिजागृति
उज्वलउज्ज्वल
अनुदितअनूदित
कवियत्रीकवयित्री
अनभिग्यअनभिज्ञ
प्रतिछायाप्रतिच्छाया
आशिर्वादआशीर्वाद
इतिहासिकऐतिहासिक
गोरवगौरव
अलोकिकअलौकिक

Question 323

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

'कान में तेल डालना' मुहावरे का सही अर्थ है।

  1. AOption (a)

    परेशान करना

  2. BOption (b)

    बहुत बोलना

  3. COption (c)

    बदनाम करना

  4. DOption (d)

    कुछ न सुनना

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (d)D.

कुछ न सुनना

Why this answer is correct

'कान में तेल डालना' मुहावरे का सही अर्थ है- कुछ न सुनना

Key Points

  • 'कान में तेल डालना' का अर्थ - कुछ न सुनना,
  • वाक्य प्रयोग - संदीप से बात करने का कोई फ़ायदा नहीं है, वह तो "कान में तेल डालकर बैठा है"।
  • मुहावरा - ऐसे वाक्यांश, जो सामान्य अर्थ का बोध न कराकर किसी विलक्षण अर्थ को प्रकट करते है, उसे मुहावरा कहते है।
  • उदाहरण के लिए - पगड़ी रखना- इज्जत बचाना। वाक्य प्रयोग - हल्दी घाटी में झाला सरदार ने राजपूतों की "पगड़ी रख ली"।

अन्य विकल्प-

मुहावराअर्थ
तंग करना, हौसला पस्त करनापरेशान करना
तूती बोलनाअधिक प्रभाव होना।
कालिख पोतनाबदनाम करना

Additional Information 

मुहावराअर्थवाक्य प्रयोग
चिकना घड़ा होनाबेशर्म होनामोहित ऐसा "चिकना घड़ा है" कि उसके ऊपर कहने सुनने का कोई असर नहीं पड़ता।
कलेजा टुकड़े-टुकड़े होनाबहुत दुःखी होनाउसकी कटु बातें सुनकर आज मेरा "कलेजा टुकड़े-टुकड़े हो गया"।
तीस मारखाँ बननाअपने को बहुत शूरवीर समझनामुन्ना खुद को बहुत "तीस मारखाँ समझता है", जब देखो लड़ाई की बातें करता रहता है।
दिल बाग-बाग होनाअत्यधिक हर्ष होनावर्षों बाद बेटा घर आया तो माता-पिता का "दिल बाग-बाग हो गया"।

Question 324

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

गंगा का पर्यायवाची चुनिए -

  1. AOption (a)

    कल्याणी

  2. BOption (b)

    कुमारी

  3. COption (c)

    सरसी

  4. DOption (d)

    देवपगा

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (d)D.

देवपगा

Why this answer is correct

सही उत्तर है- देवपगा 

Key Points

  • गंगा का पर्यायवाची शब्द है -
  • मन्दाकिनी, भागीरथी, सुरसरिता, देवनदी, विष्णुपदी, विश्नुपगा, देवपगा, ध्रुवनंदा, देवनदी, जाह्नवी, सुरसरि, अमरतरंगिनी, नदीश्वरी, त्रिपथगा।

Important Points

  • कल्याणी के पर्यायवाची शब्द हैं-
  • कल्याण करने वाली, शुभ, मंगलदायिनी, भाग्यशालिनी, सौभाग्यवती और प्रज्ञा।
  • कुमारी शब्द के पर्यायवाची हैं-
  • कन्या, अविवाहिता, बालिका, युवती, राजकुमारी और लड़की।
  • सरसी का अर्थ एक छोटे तालाब या तलैया से है, इसलिए इसके पर्यायवाची शब्द सरोवर, ताल, पुष्कर, पोखरा, जलाशय

Additional Information 

शब्दपरिभाषाउदाहरण
पर्यायवाचीएक ही अर्थ में प्रयुक्त होने वाले शब्द जो बनावट में भले ही अलग हों, पर्यायवाची या समानार्थी शब्द कहलाते हैं।आग-अनल, पावक, दहन। हवा-समीर, अनिल, वायु।

Question 325

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

गणेश शब्द का पर्यायवाची शब्द नहीं है-

  1. AOption (a)

    गणपति

  2. BOption (b)

    राज

  3. COption (c)

    गजानन

  4. DOption (d)

    गजवदन

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (b)B.

राज

Why this answer is correct

'गणेश' शब्द का पर्यायवाची शब्द नहीं है- राज

Key Points

  • 'गणेश' शब्द का पर्यायवाची शब्द 'गणपति, गजानन, गजवदन' होगा।
  • 'गणेश' के अन्य पर्यायवाची शब्द - ​विनायक, लंबोदर, गौरीनंदन, महाकाय, एकदंत, मोदकदाता, पार्वतीनंदन, गणाधिप, विघ्नेश, विघ्नेश्वर, वक्रतुण्ड।
  • 'राज' शब्द के पर्यायवाची शब्द - शासन, सत्ता, राज्य, हुकूमत, और प्रभुत्व शामिल हैं।
  • पर्यायवाची शब्द - ऐसे शब्द जिनके अर्थ समान हों, पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

Additional Informationकुछ अन्य महत्वपूर्ण पर्यायवाची शब्द:-

शब्दपर्यायवाची शब्द
भ्रमर​मधुप, अलि, भौंरा, भृंग, मधुकर, द्विरेफ, मिलिंद।
देवदेवता, अमर, वसु, आदित्य, निर्जर, त्रिदश, गीर्वाण।
हवापवन, वायु, समीर, अनिल, वात, मरुत्, बयार, प्रकंपन।
साँपसर्प, नाग, विषधर, व्याल, भुजंग, उरग, अहि पन्नग।
गृहघर, निकेतन, भवन, आलय, निवास, आवास, निलय।
दानवदैत्य, राक्षस, निशाचर, दनुज, यातुधान, निशिचर।
घोड़ाअश्व, घोटक, तुरंग, तुरग, बाजि, वाजि, सैंधव, हय।

Question 326

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

नीचे दिए गये गद्यांश के बाद प्रश्न दिए गये हैं। इस गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और चार विकल्पों में से प्रत्येक प्रश्न का सर्वोत्तम उत्तर चुनें।

प्रकृति ने इतर प्राणियों को जिस रूप में बनाया है, विश्व में वे उसी रूप में विचरण करते हैं। फिर मनुष्य ने वस्तुओं को गरदन, बाहु, कमर तथा पैर में लटकाकर या मस्तक पर धारण कर अपने को सजाना क्यों शुरू किया? हम अनेक कारणों की कल्पना कर सकते हैं। यदि किसी साधारण शक्ति-संपन्न या बहादुर मनुष्य ने असामान्य रूप से विशाल भालू को मारने में सफलता प्राप्त की थी तो क्या उसके मन में यह विचार न आया होगा कि वह भालू के किसी दांत को धारदार चकमक से छेदकर अपने गले के ऊपर बांध ले, जिससे इस महान उपलब्धि का उसे स्मरण होता रहे और अपने मित्रों को यह दिखा सके कि वह कैसा महान व्यक्ति रहा है। धीरे-धीरे उसके कबीले के सभी शक्ति-संपन्न और बहादुर शिकारियों में भालू के दांत को धारण करने की प्रथा चल पड़ी होगी और उसे धारण न करना अपमानजनक तथा अल्पायु या दुर्बलता का प्रतीक माना गया होगा।

इनमें से कौन - सा 'विचरण' शब्द का पर्यायवाची नहीं है? 

  1. AOption (a)

    उपाय

  2. BOption (b)

    घूमना

  3. COption (c)

    चलना

  4. DOption (d)

    भ्रमण

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (a)A.

उपाय

Why this answer is correct

'विचरण' शब्द का पर्यायवाची नहीं है - उपाय। अन्य सभी विकल्प असंगत है।

Key Points 

  • 'विचरण' के सभी पर्यायवाची शब्द - घूमना, फिरना, चलना, टहलना, भ्रमण, पर्यटन, परिसरण, चहलकदमी।
  • 'उपाय' के सभी पर्यायवाची शब्द - जुगत, साधन, तदबीर, कोशिश, तरकीब, पद्धति, चेष्टा, युक्ति।

Additional Informationकुछ अन्य महत्वपूर्ण पर्यायवाची शब्द:-

शब्दपर्यायवाची शब्द
भुवनजगत, संसार, दुनिया, विश्व, ब्रह्माण्ड, जगत।
उत्कृष्टउत्तम, उन्नत, श्रेष्ठ, अच्छा, बढ़िया, उम्दा।
एषणाइच्छा, आकांक्षा, कामना, अभिलाषा, हसरत।
ओझलअदृश्य, अंतर्धान, तिरोहित, लुप्त, गायब, विलुप्त।
कीर्तियश, ख्याति, प्रतिष्ठा, शोहरत, प्रसिद्धि।
घूँघटमुखावरण, पर्दा, नकाब, अवगुंठन, बुर्का।
चतुरविज्ञ, निपुण, नागर, पटु, कुशल, दक्ष, प्रवीण।
अनुपमअपूर्व, अतुल, अनोखा, अद्वितीय, अदभुत।

Question 327

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

नीचे दिए गये गद्यांश के बाद प्रश्न दिए गये हैं। इस गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और चार विकल्पों में से प्रत्येक प्रश्न का सर्वोत्तम उत्तर चुनें।

प्रकृति ने इतर प्राणियों को जिस रूप में बनाया है, विश्व में वे उसी रूप में विचरण करते हैं। फिर मनुष्य ने वस्तुओं को गरदन, बाहु, कमर तथा पैर में लटकाकर या मस्तक पर धारण कर अपने को सजाना क्यों शुरू किया? हम अनेक कारणों की कल्पना कर सकते हैं। यदि किसी साधारण शक्ति-संपन्न या बहादुर मनुष्य ने असामान्य रूप से विशाल भालू को मारने में सफलता प्राप्त की थी तो क्या उसके मन में यह विचार न आया होगा कि वह भालू के किसी दांत को धारदार चकमक से छेदकर अपने गले के ऊपर बांध ले, जिससे इस महान उपलब्धि का उसे स्मरण होता रहे और अपने मित्रों को यह दिखा सके कि वह कैसा महान व्यक्ति रहा है। धीरे-धीरे उसके कबीले के सभी शक्ति-संपन्न और बहादुर शिकारियों में भालू के दांत को धारण करने की प्रथा चल पड़ी होगी और उसे धारण न करना अपमानजनक तथा अल्पायु या दुर्बलता का प्रतीक माना गया होगा।

विभिन्न प्राणी प्रकृति में कैसे विचरण करते हैं? 

  1. AOption (a)

    अपने अनुसार 

  2. BOption (b)

    जैसे उन्हें प्रकृति ने बनाया है  

  3. COption (c)

    विभिन्न चीज़े धारण करके 

  4. DOption (d)

    बदलाव के साथ 

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (b)B.

जैसे उन्हें प्रकृति ने बनाया है  

Why this answer is correct

विभिन्न प्राणी प्रकृति में विचरण करते हैं - जैसे उन्हें प्रकृति ने बनाया है। अन्य विकल्प असंगत है। 

Key Points 

  • गद्यांश के अनुसार- 
  • प्रकृति ने इतर प्राणियों को जिस रूप में बनाया है, विश्व में वे उसी रूप में विचरण करते हैं।
  • फिर मनुष्य ने वस्तुओं को गरदन, बाहु, कमर तथा पैर में लटकाकर या मस्तक पर धारण कर अपने को सजाना क्यों शुरू किया?

अन्य विकल्प-

शब्दअर्थ
प्रकृतिकुदरत, मनोवृति, फितरत, स्वभाव, आदत
धारणपकड़ना, सँभालना

Question 328

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

नीचे दिए गये गद्यांश के बाद प्रश्न दिए गये हैं। इस गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और चार विकल्पों में से प्रत्येक प्रश्न का सर्वोत्तम उत्तर चुनें।

प्रकृति ने इतर प्राणियों को जिस रूप में बनाया है, विश्व में वे उसी रूप में विचरण करते हैं। फिर मनुष्य ने वस्तुओं को गरदन, बाहु, कमर तथा पैर में लटकाकर या मस्तक पर धारण कर अपने को सजाना क्यों शुरू किया? हम अनेक कारणों की कल्पना कर सकते हैं। यदि किसी साधारण शक्ति-संपन्न या बहादुर मनुष्य ने असामान्य रूप से विशाल भालू को मारने में सफलता प्राप्त की थी तो क्या उसके मन में यह विचार न आया होगा कि वह भालू के किसी दांत को धारदार चकमक से छेदकर अपने गले के ऊपर बांध ले, जिससे इस महान उपलब्धि का उसे स्मरण होता रहे और अपने मित्रों को यह दिखा सके कि वह कैसा महान व्यक्ति रहा है। धीरे-धीरे उसके कबीले के सभी शक्ति-संपन्न और बहादुर शिकारियों में भालू के दांत को धारण करने की प्रथा चल पड़ी होगी और उसे धारण न करना अपमानजनक तथा अल्पायु या दुर्बलता का प्रतीक माना गया होगा।

किसी भी चीज़ को धारण न करना किस बात का प्रतीक माना जाता था? 

  1. AOption (a)

    दुर्बलता का 

  2. BOption (b)

    दूसरों के सम्मान का 

  3. COption (c)

    साहस का 

  4. DOption (d)

    समर्पण का 

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (a)A.

दुर्बलता का 

Why this answer is correct

किसी भी चीज़ को धारण न करना बात का प्रतीक माना जाता था - दुर्बलता का। अन्य विकल्प असंगत है। 

Key Points 

  • गद्यांश के अनुसार- 
  • धीरे-धीरे उसके कबीले के सभी शक्ति-संपन्न और बहादुर शिकारियों में भालू के दांत को धारण करने की प्रथा चल पड़ी होगी
  • और उसे धारण न ���रना अपमानजनक तथा अल्पवय या दुर्बलता का प्रतीक माना गया होगा।
  • 'दुर्बलता' का अर्थ- अशक्त होने की गुणवत्ता या अवस्था; कमज़ोरी।

अन्य विकल्प-

शब्दअर्थ
सम्मानमान, कद्र, इज्जत, प्रतिष्ठा, आबरू।
साहसहिम्मत, हौसला, जीवट, निर्भयता, बहादुरी।
समर्पणकिसी को आदरपूर्वक कुछ देना।

Question 329

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

नीचे दिए गये गद्यांश के बाद प्रश्न दिए गये हैं। इस गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और चार विकल्पों में से प्रत्येक प्रश्न का सर्वोत्तम उत्तर चुनें।

प्रकृति ने इतर प्राणियों को जिस रूप में बनाया है, विश्व में वे उसी रूप में विचरण करते हैं। फिर मनुष्य ने वस्तुओं को गरदन, बाहु, कमर तथा पैर में लटकाकर या मस्तक पर धारण ���र अपने को सजाना क्यों शुरू किया? हम अनेक कारणों की कल्पना कर सकते हैं। यदि किसी साधारण शक्ति-संपन्न या बहादुर मनुष्य ने असामान्य रूप से विशाल भालू को मारने में सफलता प्राप्त की थी तो क्या उसके मन में यह विचार न आया होगा कि वह भालू के किसी दांत को धारदार चकमक से छेदकर अपने गले के ऊपर बांध ले, जिससे इस महान उपलब्धि का उसे स्मरण होता रहे और अपने मित्रों को यह दिखा सके कि वह कैसा महान व्यक्ति रहा है। धीरे-धीरे उसके कबीले के सभी शक्ति-संपन्न और बहादुर शिकारियों में भालू के दांत को धारण करने की प्रथा चल पड़ी होगी और उसे धारण न करना अपमानजनक तथा अल्पायु या दुर्बलता का प्रतीक माना गया होगा।

इस अनुच्छेद का कोई उपयुक्त शीर्षक: 

  1. AOption (a)

    प्रकृति प्रदत्त 

  2. BOption (b)

    महान व्यक्ति 

  3. COption (c)

    बहादुर शिकारी 

  4. DOption (d)

    दिखावे की प्रथा 

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (d)D.

दिखावे की प्रथा 

Why this answer is correct

इस अनुच्छेद का कोई उपयुक्त शीर्षक : दिखावे की प्रथा। अन्य विकल्प असंगत है। 

Key Points 

  • गद्यांश के अनुसार- प्रथा की आड़ में मनुष्य ने असामान्य रूप ऐसे कार्य करता है जो असहनीय दुःख का कारण बन जाता है, 
  • अत: हमारे इस 'दिखावे की प्रथा' को छोड़ कर ​स्वच्छन्द रुप से जीवन  व्यतीत करना चाहिए।
  • 'प्रथा' का अर्थ- प्रचलन, चलन, रीति-रिवाज़, परम्परा, परिपाटी, रूढ़ि।

अन्य विकल्प-

शब्दअर्थ
प्रकृतिकुदरत, मनोवृति, फितरत, स्वभाव, आदत।
प्रदत्तजो दिया जा चुका हो, दिया या प्रदान किया हुआ।
महानबहुत बड़ा, विशाल, श्रेष्ठ, उच्चकोटि का।
बहादुरवीर, योद्धा, शूर, साहसी, सूरमा, निडर।
शिकारीव्याध, आखेटक, अहेरी, बहेलिया और लुब्धक।

Question 330

DSSSB Junior Assistant (LDC) 2025• Hindi Language 2

नीचे दिए गये गद्यांश के बाद प्रश्न दिए गये हैं। इस गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें और चार विकल्पों में से प्रत्येक प्रश्न का सर्वोत्तम उत्तर चुनें।

प्रकृति ने इतर प्राणियों को जिस रूप में बनाया है, विश्व में वे उसी रूप में विचरण करते हैं। फिर मनुष्य ने वस्तुओं को गरदन, बाहु, कमर तथा पैर में लटकाकर या मस्तक पर धारण कर अपने को सजाना क्यों शुरू किया? हम अनेक कारणों की कल्पना कर सकते हैं। यदि किसी साधारण शक्ति-संपन्न या बहादुर मनुष्य ने असामान्य रूप से विशाल भालू को मारने में सफलता प्राप्त की थी तो क्या उसके मन में यह विचार न आया होगा कि वह भालू के किसी दांत को धारदार चकमक से छेदकर अपने गले के ऊपर बांध ले, जिससे इस महान उपलब्धि का उसे स्मरण होता रहे और अपने मित्रों को यह दिखा सके कि वह कैसा महान व्यक्ति रहा है। धीरे-धीरे उसके कबीले के सभी शक्ति-संपन्न और बहादुर शिकारियों में भालू के दांत को धारण करने की प्रथा चल पड़ी होगी और उसे धारण न करना अपमानजनक तथा अल्पायु या दुर्बलता का प्रतीक माना गया होगा।

मनुष्य ने विभिन्न वस्तुओं को धारण करना क्‍यों शुरू किया? 

  1. AOption (a)

    उपयोग के लिए 

  2. BOption (b)

    अपने आप को सजाने के लिए 

  3. COption (c)

    अपने को खुश रखने के लिए 

  4. DOption (d)

    चीजों की अधिकता के लिए 

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (b)B.

अपने आप को सजाने के लिए 

Why this answer is correct

मनुष्य ने विभिन्न वस्तुओं को धारण करना अपने आप को सजाने के लिए शुरू किया। 

Key Points

  • गद्यांश के अनुसार- 
  • प्रकृति ने इतर प्राणियों को जिस रूप में बनाया है, विश्व में वे उसी रूप में विचरण करते हैं।
  • फिर मनुष्य ने वस्तुओं को गरदन, बाहु, कमर तथा पैर में लटकाकर या मस्तक पर धारण कर अपने को सजाना क्यों शुरू किया?
  • हम अनेक कारणों की कल्पना कर सकते हैं।

अन्य विकल्प-

शब्दअर्थ
विचरणघूमना, भ्रमण, फिरना, चलना
अधिकताबहुलता, विविधता, बहुरूपता, अनेकरूपता