'कपिल आम खाता है।' वाक्य में 'सकर्मक' क्रिया है।
Key Pointsसकर्मक क्रिया- वे क्रियाएँ जिनका प्रभाव वाक्य में प्रयुक्त कर्ता पर न पड़कर कर्म पर पड़ता है या जब किसी वाक्य में कर्ता, क्रिया और कर्म तीनों उपस्थित हों, तो वहां सकर्मक क्रिया होती है।
उदाहरण-
- महेश पत्र लिखता है।
- राधा खाना बनाती है।
- रमेश सामान लाता है।
अकर्मक क्रिया- वे क्रियाएँ जिनका प्रभाव वाक्य में प्रयुक्त कर्ता पर पड़ता है अन्यथा जब किसी वाक्य में कर्ता हो और क्रिया भी हो लेकिन कर्म ना हो तो वहां पर अकर्मक क्रिया होती है।
उदाहरण-
- रमेश दौड़ रहा है।
- मैं एक अध्यापक था।
- वह मेरा मित्र है।
पूर्वकालिक क्रिया- यदि किसी वाक्य में दो क्रियाएँ एक साथ आई हों तथा उनमें से एक क्रिया पहले संपन्न हुई हो तो, पहले संपन्न हुई क्रिया को पूर्वकालिक क्रिया कहते हैं। मूल धातु के साथ ‘कर’ प्रत्यय लगाने से पूर्वकालिक क्रिया बनती है।
उदाहरण-
- विकास पढ़कर सो गया।
- वह नहाकर चला गया।
- विजय ने खाना खाकर चाय पी।
नामधातु क्रिया- जब किसी क्रिया की रचना धातु से ना होकर संज्ञा, सर्वनाम या विशेषण से होती है तो, उस क्रिया को नामधातु क्रिया कहते हैं।
उदाहरण-
- अपना (सर्वनाम) + ना = अपनाना।
- चमक (संज्ञा) + ना = चमकना, चमकाना।
Additional Informationक्रिया- किसी वाक्य में प्रयुक्त वह शब्द जिसके द्वारा किसी काम का करना या होना पाया जाता है उसे क्रिया कहते हैं। क्रिया एक विकारी शब्द है, जिसका अर्थ काम होता है। क्रिया की उत्पत्ति धातु शब्दों से होती है। मूल धातु शब्द में ‘ना’ प्रत्यय लगाने से क्रिया बनती है।
- उदाहरण- आना, जाना, कूदना, नाचना आदि।
क्रिया का वर्गीकरण तीन आधार पर किया गया है- कर्म के आधार पर, प्रयोग एवं संरचना के आधार पर तथा काल के आधार पर।
कर्म के आधार पर क्रिया के दो भेद-
- सकर्मक क्रिया
- अकर्मक क्रिया
प्रयोग तथा संरचना के आधार पर क्रिया के भेद-
- सामान्य क्रिया
- सहायक क्रिया
- संयुक्त क्रिया
- प्रेरणार्थक क्रिया
- पूर्वकालिक क्रिया
- सजातीय क्रिया
- कृदंत क्रिया
- नामधातु क्रिया
Mistake Points
- 'कपिल आम खाता है।' वाक्य में 'सकर्मक' क्रिया है। 'अकर्मक क्रिया' नहीं क्योंकि, इस वाक्य में कपिल कर्ता है, खाता क्रिया है, और आम कर्म है।
- अतः इस वाक्य में कर्ता, क्रिया और कर्म तीनो उपस्थित हैं तो यहाँ सकर्मक क्रिया होगी।