Search Previous Year Questions

Find real questions from previous competitive exam papers with answers and solutions.

Leave the keyword blank to browse saved questions for your selected exam, newest papers first. Add a keyword, year or topic to narrow the results.

Browse complete papers
Showing 10 question(s)
Clear

Question 371

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension

निम्न में से 'आदमी अनाज का कीड़ा है' लोकोक्ति का सही अर्थ कौन-सा है ?

  1. AOption (a)

    आदमी अनाज से जीता है

  2. BOption (b)

    आदमी से सृष्टि का प्रारंभ है

  3. COption (c)

    आदमी को आदमी ही बुरा रास्ता बताता है

  4. DOption (d)

    असंभव-सी बात कहना

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (a)A.

आदमी अनाज से जीता है

Why this answer is correct

'आदमी अनाज का कीड़ा है' का सही उत्तर है: आदमी अनाज से जीता है

मुख्य बिंदु

  • 'आदमी अनाज का कीड़ा है' लोकोक्ति का सही अर्थ 'आदमी अनाज से जीता है' होगा।

  • 'आदमी अनाज का कीड़ा है' के संबंधित भाव — भोजन की जीवन के लिए अनिवार्यता।

  • परिभाषा - लोकोक्ति किसी विशेष स्थान पर प्रसिद्ध हो जाने वाले कथन को कहते हैं। इसे 'कहावत' भी कहा जाता है। यह पूर्ण वाक्य होती है और इसका प्रयोग किसी स्थिति को स्पष्ट करने के लिए किया जाता है।

अन्य विकल्प-

विकल्पविवरण
आदमी से सृष्टि का प्रारंभ हैयह लोकोक्ति के अर्थ से असंगत है।
आदमी को आदमी ही बुरा रास्ता बताता हैयह विकल्प इस लोकोक्ति के लिए तर्कहीन है।
असंभव-सी बात कहनायह 'आकाश के तारे तोड़ना' मुहावरे का अर्थ है।

अतिरिक्त जानकारी

कुछ महत्वपूर्ण लोकोक्तियाँ और उनके अर्थ -

लोकोक्तिअर्थ
अधजल गगरी छलकत जायकम ज्ञान वाले का अधिक दिखावा करना।
आ बैल मुझे मारस्वयं मुसीबत मोल लेना।
कहाँ राजा भोज, कहाँ गंगू तेलीदो व्यक्तियों की स्थिति में बहुत अंतर होना।
काला अक्षर भैंस बराबरबिल्कुल अनपढ़ होना।

Question 372

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension

निम्नलिखित वाक्य के रिक्त स्थान में क्रिया-विशेषण शब्द का प्रयोग करें -

'प्रणव पढ़ता है।'

  1. AOption (a)

    अचानक

  2. BOption (b)

    धीरे-धीरे

  3. COption (c)

    एक-एक

  4. DOption (d)

    हरेक

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (b)B.

धीरे-धीरे

Why this answer is correct

इसका सही उत्तर 'धीरे-धीरे' है।

Key Points

क्रिया-विशेषण के अनुसार,

  • दिए गए वाक्य 'प्रणव धीरे-धीरे पढ़ता है' में 'धीरे-धीरे' शब्द क्रिया 'पढ़ना' की विशेषता बता रहा है।
  • जो शब्द क्रिया की विशेषता (गुण, विधि, समय, स्थान आदि) बताते हैं, उन्हें क्रिया-विशेषण कहते हैं।
  • यहाँ 'धीरे-धीरे' एक रीतिवाचक क्रिया-विशेषण है, क्योंकि यह क्रिया के होने के ढंग या रीति का बोध करा रहा है।
  • इसलिए, सही विकल्प 'धीरे-धीरे' है।

Additional Information अन्य विकल्प:

अचानक -

  • यह भी एक रीतिवाचक क्रिया-विशेषण है, लेकिन यह क्रिया के एकाएक होने का बोध कराता है, जो सामान्यतः पढ़ने की क्रिया के लिए 'धीरे-धीरे' की तुलना में कम उपयुक्त है।

एक-एक -

  • यह शब्द अक्सर संख्या या क्रम के संदर्भ में प्रयोग किया जाता है, जैसे 'एक-एक करके आओ'।

हरेक -

  • यह एक विशेषण है जो प्रत्येक व्यक्ति या वस्तु की ओर संकेत करता है, यह क्रिया की विशेषता बताने के लिए यहाँ व्याकरणिक रूप से सही नहीं है।

Question 373

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension

निम्नलिखित वाक्यों में से अतिरिक्त वाक्य का चयन करें -

  1. AOption (a)

    पेड़, नदियाँ, पर्वत ये केवल भौगोलिक तत्व नहीं, हमारे सांस्कृतिक जीवन का हिस्सा हैं।

  2. BOption (b)

    पहले पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं होती थीं, वे जीवन-दर्शन सिखाती थीं।

  3. COption (c)

    लेकिन आज मानव ने प्रकृति को उपभोग की वस्तु मान लिया है।

  4. DOption (d)

    वनों की अंधाधुंध कटाई, नदियों का प्रदूषण, और जलवायु परिवर्तन इसी सोच के परिणाम हैं।

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (b)B.

पहले पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं होती थीं, वे जीवन-दर्शन सिखाती थीं।

Why this answer is correct

दिए गए विकल्पों में से अतिरिक्त (असंगत) वाक्य का सही उत्तर है- पहले पुस्तकें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं होती थीं, वे जीवन-दर्शन सिखाती थीं।

मुख्य बिंदु

  • सही उत्तर विकल्प (2) है क्योंकि अन्य सभी वाक्य (1, 3 और 4) प्रकृति (Nature), पर्यावरण और मानव-प्रकृति संबंध के विषय पर आधारित हैं, जबकि विकल्प (2) का विषय पुस्तकों और शिक्षा से संबंधित है।
  • व्याकरणिक और तार्किक दृष्टि से, किसी अनुच्छेद में संदर्भ की सुसंगतता (Contextual Consistency) का होना अनिवार्य है। जब कोई वाक्य मुख्य विषय-वस्तु (Theme) से भटक जाता है, तो उसे असंगत या अतिरिक्त वाक्य माना जाता है।
  • उदाहरण 1: 'हिमालय एक पर्वत है। गंगा वहाँ से निकलती है। कंप्यूटर एक मशीन है।' (यहाँ तीसरा वाक्य असंगत है)।
  • उदाहरण 2: 'हमें जल बचाना चाहिए। वर्षा का जल संचय करना उत्तम है। मिठाई बहुत स्वादिष्ट है।' (यहाँ तीसरा वाक्य अतिरिक्त है)।

अन्य विकल्प -

विकल्पविषय/अर्थस्थिति
विकल्प (1)प्रकृति का सांस्कृतिक महत्वसुसंगत
विकल्प (3)प्रकृति का मानवीय उपभोगसुसंगत
विकल्प (4)पर्यावरणीय दुष्प्रभावसुसंगत

महत्वपूर्ण बिंदु 

 वाक्य विश्लेषण के मुख्य आधार-

  1. विषयगत एकता (Thematic Unity): सभी वाक्यों का एक ही केंद्रीय भाव होना।
  2. तार्किक क्रम (Logical Sequence): विचारों का एक-दूसरे से जुड़ाव।
  3. संदर्भगत सुसंगतता (Contextual Coherence): मुख्य विचार से भटकाव का अभाव।

अतिरिक्त जानकारी

श्रेणीपरिभाषाउदाहरण
असंगत वाक्यवह वाक्य जो दिए गए अनुच्छेद के मूल विचार के अनुकूल नहीं होता।शेर जंगल का राजा है। वह मांसाहारी है। गाय दूध देती है।

Question 374

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension

‘सिर पर धारण करने योग्य’ वाक्यांश के लिए एक शब्द होगा –

  1. AOption (a)

    शिरोधार्य

  2. BOption (b)

    गिरधारी

  3. COption (c)

    सिरधारी

  4. DOption (d)

    शिरोधारण

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (a)A.

शिरोधार्य

Why this answer is correct

‘सिर पर धारण करने योग्य’ का सही उत्तर है: शिरोधार्य

Key Points

  • 'सिर पर धारण करने योग्य' वाक्यांश के लिए सही शब्द 'शिरोधार्य' होगा।

  • शिरोधार्य के संबंधित शब्द — माननीय, वंदनीय, आदरणीय।

  • परिभाषा - अनेक शब्दों के स्थान पर जिस एक शब्द का प्रयोग किया जाता है, उसे वाक्यांश के लिए एक शब्द या अनेक शब्दों के लिए एक शब्द कहा जाता है। इससे भाषा अधिक प्रभावशाली और संक्षिप्त हो जाती है।

अन्य विकल्प-

शब्दसंबंधित अर्थ
गिरधारीगिरि (पर्वत) को धारण करने वाला।
शिरोधारणसिर पर धारण करने की क्रिया।
सिरधारीयह शब्द व्याकरणिक दृष्टि से असंगत है।

Additional Information

कुछ महत्वपूर्ण संबंधित शब्द -

वाक्यांशएक शब्द
जो सब कुछ जानता होसर्वज्ञ।
जो आँखों के सामने होप्रत्यक्ष।
जिसका कोई अंत न होअनंत।
उपकार को मानने वालाकृतज्ञ।

Question 375

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension

सिक्का जमाना- मुहावरे का सही अर्थ क्या है?

  1. AOption (a)

    प्रभाव डालना

  2. BOption (b)

    जुआ खेलना

  3. COption (c)

    गलत संगति में पड़ जाना

  4. DOption (d)

    परेशान करना

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (a)A.

प्रभाव डालना

Why this answer is correct

'सिक्का जमाना' मुहावरे का सही अर्थ है- प्रभाव डालना

मुख्य बिंदु (Key Points)

  • 'सिक्का जमाना' मुहावरे का अर्थ ��िसी व्यक्ति या स्थान पर अपना दबदबा, प्रभाव या वर्चस्व स्थापित करना होता है।
  • मुहावरा भाषा में वह वाक्यांश है जो अपने साधारण अर्थ को छोड़कर किसी विशेष अर्थ को व्यक्त करता है।
  • वाक्य प्रयोग: भारतीय सेना ने सर्जिकल स्ट्राइक के माध्यम से दुनिया भर में अपना सिक्का जमा दिया।
  • एक अन्य उदाहरण: लोहा मानना - श्रेष्ठता स्वीकार करना।

अन्य विकल्प -

विकल्पअर्थ/व्याख्याप्रकार
जुआ खेलनादाँव पर कुछ लगानासाधारण क्रिया
परेशान करनातंग या कष्ट पहुँचानाभाव
गलत संगतिबुरी आदतों में पड़नाअवस्था

महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points) 

 मुहावरों के प्रयोग के लाभ-

  1. भाषा में चमत्कार और प्रवाह उत्पन्न करना।
  2. कम शब्दों में गहरी बात कहना।
  3. अभिव्यक्ति को अधिक प्रभावशाली बनाना।

अतिरिक्त जानकारी (Additional Information)

मुहावरापरिभाषा/अर्थउदाहरण
अँगूठा दिखानासमय पर धोखा दे देना।सहायता माँगने पर उसने अँगूठा दिखा दिया।
आँखों का ताराअत्यधिक प्रिय होना।बच्चा अपनी माँ की आँखों का तारा होता है।

Question 376

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension

दिए गए गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।

हमारे देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था है। इस व्यवस्था में न कोई छोटा होता है न बड़ा, न कोई अमीर न कोई गरीब। देश का संविधान सबके लिए समान है। आज़ादी मिलने के बाद इस लोकतंत्रात्मक पद्धति के आधार पर हम सभी क्षेत्रों में आगे बढ़े हैं। नारी जागृति आई है, शिक्षा, स्वास्थ्य. राजनीति-सभी क्षेत्रों में विकास हुआ है। हमारा देश विशाल आबादी वाला एक विशाल देश है। इसे चलाने वाला तंत्र भी उतना ही विशाल और समर्थ चाहिए और जैसा कि नाम से स्पष्ट है लोकतंत्र में हम ही तंत्र हैं। जब हर नागरिक इतना शिक्षित हो जाए कि अपने देश, समाज, परिवार, हर व्यक्ति के प्रति निष्ठा से अपना दायित्व निभाता रहे तब लोकतंत्र की सफलता सामने आएगी। ज़रूरी है कि हमारी सोच सकारात्मक हो। हम सोचें कि इतनी उदारता, इतनी ग्रहणशीलता और किसी तंत्र में नहीं है जितनी लोकतंत्र में है, मानवता का इतना संतुलित सर्वांगीण विकास किसी और तंत्र में हो भी नहीं सकता।

‘लोकतंत्र’ से अभिप्राय है –

  1. AOption (a)

    जनतंत्र

  2. BOption (b)

    राजतंत्र

  3. COption (c)

    शासनतंत्र

  4. DOption (d)

    संविधि

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (a)A.

जनतंत्र

Why this answer is correct

इस प्रश्न का सही उत्तर 'जनतंत्र' है , निचे दिए उत्तर के फॉर्मेट मे html code में उत्तर दे।

इसका सही उत्तर 'जनतंत्र' है।

Key Points

गद्यांश के अनुसार:

  • लोकतंत्र का शाब्दिक अर्थ है - जनता का शासन। इसे ही 'जनतंत्र' या 'प्रजातन्त्र' भी कहा जाता है।
  • गद्यांश में उल्लेख है कि 'लोकतंत्र में हम ही तंत्र हैं', जिसका तात्पर्य है कि शासन की सर्वोच्च शक्ति जनता में निहित होती है।
  • इस व्यवस्था में न कोई छोटा होता है न बड़ा, न कोई अमीर न कोई गरीब; देश का संविधान सबके लिए समान होता है।
  • अतः, लोकतंत्र से अभिप्राय जनतंत्र है।

Additional Information अन्य विकल्पों का विश्लेषण:

राजतंत्र -

  • यह वह शासन व्यवस्था है जिसमें शासन की बागडोर किसी राजा या रानी (वंशानुगत शासक) के हाथ में होती है।

शासनतंत्र -

  • यह एक सामान्य शब्द है जो किसी भी प्रकार की प्रशासनिक व्यवस्था या शासन करने की पद्धति को सूचित करता है।

संविधि -

  • इसका अर्थ कानून या विधान होता है, जो किसी विधायी निकाय द्वारा औपचारिक रूप से पारित किया गया हो।

Question 377

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension

दिए गए गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।

हमारे देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था है। इस व्यवस्था में न कोई छोटा होता है न बड़ा, न कोई अमीर न कोई गरीब। देश का संविधान सबके लिए समान है। आज़ादी मिलने के बाद इस लोकतंत्रात्मक पद्धति के आधार पर हम सभी क्षेत्रों में आगे बढ़े हैं। नारी जागृति आई है, शिक्षा, स्वास्थ्य. राजनीति-सभी क्षेत्रों में विकास हुआ है। हमारा देश विशाल आबादी वाला एक विशाल देश है। इसे चलाने वाला तंत्र भी उतना ही विशाल और समर्थ चाहिए और जैसा कि नाम से स्पष्ट है लोकतंत्र में हम ही तंत्र हैं। जब हर नागरिक इतना शिक्षित हो जाए कि अपने देश, समाज, परिवार, हर व्यक्ति के प्रति निष्ठा से अपना दायित्व निभाता रहे तब लोकतंत्र की सफलता सामने आएगी। ज़रूरी है कि हमारी सोच सकारात्मक हो। हम सोचें कि इतनी उदारता, इतनी ग्रहणशीलता और किसी तंत्र में नहीं है जितनी लोकतंत्र में है, मानवता का इतना संतुलित सर्वांगीण विकास किसी और तंत्र में हो भी नहीं सकता।

उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार लोकतंत्र कब सफल हो सकता है?

  1. AOption (a)

    जब हर नागरिक इतना शिक्षित हो जाए कि अपना जीवकोपार्जन स्वयं कर सके ।

  2. BOption (b)

    जब हर नागरिक इतना शिक्षित हो जाए कि अपने देश, समाज, परिवार, हर व्यक्ति के प्रति निष्ठा से अपना दायित्व निभाता रहे।

  3. COption (c)

    जब शासन देश, समाज, परिवार, हर व्यक्ति के प्रति निष्ठा से अपना दायित्व न निभाता रहे।

  4. DOption (d)

    जब देश की नारी हर क्षेत्र में जागृत हो।

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (b)B.

जब हर नागरिक इतना शिक्षित हो जाए कि अपने देश, समाज, परिवार, हर व्यक्ति के प्रति निष्ठा से अपना दायित्व निभाता रहे।

Why this answer is correct

इस प्रश्न का सही उत्तर option (2) है , निचे दिए उत्तर के फॉ र्मेट मे html code में उत्तर दे

इसका सही उत्तर 'जब हर नागरिक इतना शिक्षित हो जाए कि अपने देश, समाज, परिवार, हर व्यक्ति के प्रति निष्ठा से अपना दायित्व निभाता रहे।' है।

Key Points

गद्यांश के अनुसार ,

  • गद्यांश में स्पष्ट उल्लेख है कि लोकतंत्र की सफलता सीधे तौर पर नागरिकों की शिक्षा और उनके कर्तव्य बोध से जुड़ी हुई है।
  • लेखक के अनुसार, जब देश का प्रत्येक नागरिक इतना शिक्षित हो जाएगा कि वह अपने देश, समाज और परिवार के प्रति अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने लगेगा, तभी वास्तव में लोकतंत्र सफल होगा।
  • अतः, लोकतंत्र की सफलता का मुख्य आधार नागरिकों का अपने उत्तरदायित्वों के प्रति जागरूक और शिक्षित होना है।

Additional Information अन्य विकल्पों का विश्लेषण:

जीवकोपार्जन स्वयं कर सके -

  • यह व्यक्तिगत आर्थिक आत्मनिर्भरता को दर्शाता है, लेकिन गद्यांश के अनुसार लोकतंत्र की व्यापक सफलता के लिए केवल इतना पर्याप्त नहीं है।

शासन दायित्व न निभाता रहे -

  • यह एक नकारात्मक विकल्प है। यदि शासन अपना दायित्व नहीं निभाएगा, तो लोकतंत्र विफल हो जाएगा, सफल नहीं।

नारी हर क्षेत्र में जागृत हो -

  • गद्यांश में नारी जागृति को विकास का एक हिस्सा बताया गया है, लेकिन लोकतंत्र की सफलता के लिए इसे एकमात्र शर्त नहीं माना गया है; इसमें सभी नागरिकों की भागीदारी और शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है।

Question 378

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension

दिए गए गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।

हमारे देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था है। इस व्यवस्था में न कोई छोटा होता है न बड़ा, न कोई अमीर न कोई गरीब। देश का संविधान सबके लिए समान है। आज़ादी मिलने के बाद इस लोकतंत्रात्मक पद्धति के आधार पर हम सभी क्षेत्रों में आगे बढ़े हैं। नारी जागृति आई है, शिक्षा, स्वास्थ्य. राजनीति-सभी क्षेत्रों में विकास हुआ है। हमारा देश विशाल आबादी वाला एक विशाल देश है। इसे चलाने वाला तंत्र भी उतना ही विशाल और समर्थ चाहिए और जैसा कि नाम से स्पष्ट है लोकतंत्र में हम ही तंत्र हैं। जब हर नागरिक इतना शिक्षित हो जाए कि अपने देश, समाज, परिवार, हर व्यक्ति के प्रति निष्ठा से अपना दायित्व निभाता रहे तब लोकतंत्र की सफलता सामने आएगी। ज़रूरी है कि हमारी सोच सकारात्मक हो। हम सोचें कि इतनी उदारता, इतनी ग्रहणशीलता और किसी तंत्र में नहीं है जितनी लोकतंत्र में है, मानवता का इतना संतुलित सर्वांगीण विकास किसी और तंत्र में हो भी नहीं सकता।

निम्नलिखित में से कौन सी विशेषता लोकतंत्र की नहीं है?

  1. AOption (a)

    उदारता

  2. BOption (b)

    ग्रहणशीलता

  3. COption (c)

    असहिष्णुता

  4. DOption (d)

    मानवता का संतुलित सर्वांगीण विकास

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (c)C.

असहिष्णुता

Why this answer is correct

इस प्रश्न का सही उत्तर 'असहिष्णुता' है , निचे दिए उत्तर के फॉर्मेट मे html code में उत्तर दे

इसका सही उत्तर 'असहिष्णुता' है।

Key Points

गद्यांश के अनुसार,

  • गद्यांश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि लोकतंत्र में उदारता और ग्रहणशीलता जैसे महत्वपूर्ण गुण समाहित होते हैं।
  • लेखक के अनुसार, लोकतंत्र ही वह तंत्र है जो मानवता का संतुलित सर्वांगीण विकास सुनिश्चित कर सकता है।
  • असहिष्णुता (दूसरों के विचारों के प्रति असम्मान) लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के विपरीत है और गद्यांश में इसे लोकतंत्र की विशेषता नहीं बताया गया है।
  • इसलिए, सही उत्तर असहिष्णुता है।

Additional Information अन्य विकल्पों का विश्लेषण:

उदारता -

  • गद्यांश के अनुसार, लोकतंत्र में जितनी उदारता पाई जाती है, उतनी किसी अन्य शासन तंत्र में नहीं होती।

ग्रहणशीलता -

  • लोकतंत्र नए विचारों और सुधारों के प्रति ग्रहणशील होता है, जो इसे एक गतिशील व्यवस्था बनाता है।

मानवता का संतुलित सर्वांगीण विकास -

  • गद्यांश के अनुसार, लोकतंत्र के माध्यम से ही मनुष्य का शिक्षा, स्वास्थ्य और राजनीति जैसे सभी क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास संभव है।

Question 379

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension

दिए गए गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।

हमारे देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था है। इस व्यवस्था में न कोई छोटा होता है न बड़ा, न कोई अमीर न कोई गरीब। देश का संविधान सबके लिए समान है। आज़ादी मिलने के बाद इस लोकतंत्रात्मक पद्धति के आधार पर हम सभी क्षेत्रों में आगे बढ़े हैं। नारी जागृति आई है, शिक्षा, स्वास्थ्य. राजनीति-सभी क्षेत्रों में विकास हुआ है। हमारा देश विशाल आबादी वाला एक विशाल देश है। इसे चलाने वाला तंत्र भी उतना ही विशाल और समर्थ चाहिए और जैसा कि नाम से स्पष्ट है लोकतंत्र में हम ही तंत्र हैं। जब हर नागरिक इतना शिक्षित हो जाए कि अपने देश, समाज, परिवार, हर व्यक्ति के प्रति निष्ठा से अपना दायित्व निभाता रहे तब लोकतंत्र की सफलता सामने आएगी। ज़रूरी है कि हमारी सोच सकारात्मक हो। हम सोचें कि इतनी उदारता, इतनी ग्रहणशीलता और किसी तंत्र में नहीं है जितनी लोकतंत्र में है, मानवता का इतना संतुलित सर्वांगीण विकास किसी और तंत्र में हो भी नहीं सकता।

‘हमारे देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था है।‘वाक्य के रेखांकित शब्द में कौन सा कारक है ?

  1. AOption (a)

    अपादान कारक

  2. BOption (b)

    अधिकरण कारक

  3. COption (c)

    करण कारक

  4. DOption (d)

    सम्प्रदान कारक

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (b)B.

अधिकरण कारक

Why this answer is correct

इस प्रश्न का सही उत्तर अधिकरण कारक है , निचे दिए उत्तर के फॉर्मेट मे html code में उत्तर दे

इसका सही उत्तर 'अधिकरण कारक' है।

Key Points

  • वाक्य 'हमारे देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था है' में 'में' विभक्ति चिह्न (परसर्ग) का प्रयोग किया गया है।
  • अधिकरण कारक: संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से क्रिया के आधार, स्थान या समय का बोध होता है, उसे अधिकरण कारक कहते हैं।
  • इसके मुख्य विभक्ति चिह्न 'में' और 'पर' होते हैं।
  • यहाँ 'देश' वह स्थान या आधार है जहाँ व्यवस्था के होने का पता चलता है, इसलिए इसमें अधिकरण कारक है।

Additional Information अन्य विकल्पों का विश्लेषण:

अपादान कारक:

  • संज्ञा के जिस रूप से किसी वस्तु के अलग होने का भाव प्रकट हो, उसे अपादान कारक कहते हैं।
  • इसका चिह्न 'से' (पृथकता के अर्थ में) होता है। जैसे: वृक्ष से पत्ता गिरा।

करण कारक:

  • जिस साधन से क्रिया संपन्न होती है, उसे करण कारक कहते हैं।
  • इसका चिह्न 'से' या 'के द्वारा' होता है। जैसे: वह कुल्हाड़ी से पेड़ काटता है।

सम्प्रदान कारक:

  • जिसके लिए कुछ किया जाए या जिसे कुछ दिया जाए, उसे सम्प्रदान कारक कहते हैं।
  • इसका चिह्न 'को' या 'के लिए' होता है। जैसे: राजा ने ब्राह्मण को दान दिया।

Question 380

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension

दिए गए गद्यांश को पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।

हमारे देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था है। इस व्यवस्था में न कोई छोटा होता है न बड़ा, न कोई अमीर न कोई गरीब। देश का संविधान सबके लिए समान है। आज़ादी मिलने के बाद इस लोकतंत्रात्मक पद्धति के आधार पर हम सभी क्षेत्रों में आगे बढ़े हैं। नारी जागृति आई है, शिक्षा, स्वास्थ्य. राजनीति-सभी क्षेत्रों में विकास हुआ है। हमारा देश विशाल आबादी वाला एक विशाल देश है। इसे चलाने वाला तंत्र भी उतना ही विशाल और समर्थ चाहिए और जैसा कि नाम से स्पष्ट है लोकतंत्र में हम ही तंत्र हैं। जब हर नागरिक इतना शिक्षित हो जाए कि अपने देश, समाज, परिवार, हर व्यक्ति के प्रति निष्ठा से अपना दायित्व निभाता रहे तब लोकतंत्र की सफलता सामने आएगी। ज़रूरी है कि हमारी सोच सकारात्मक हो। हम सोचें कि इतनी उदारता, इतनी ग्रहणशीलता और किसी तंत्र में नहीं है जितनी लोकतंत्र में है, मानवता का इतना संतुलित सर्वांगीण विकास किसी और तंत्र में हो भी नहीं सकता।

निम्नलिखित में से कौन सा शब्द ‘तंत्र’ के अनेक अर्थों में से एक शब्द नहीं है -

  1. AOption (a)

    मूल

  2. BOption (b)

    सिद्धांत

  3. COption (c)

    प्रमाण

  4. DOption (d)

    सूत

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (a)A.

मूल

Why this answer is correct

इस प्रश्न का सही उत्तर 'मूल' है, नीचे दिए उत्तर के फॉर्मेट में html code में उत्तर दें।

इसका सही उत्तर 'मूल' है।

Key Points

  • अनेकार्थी शब्द वे शब्द होते हैं जिनके एक से अधिक अर्थ होते हैं।
  • 'तंत्र' शब्द के विभिन्न अर्थों में सिद्धांत, प्रमाण, सूत, शासन पद्धति, प्रबंध, और दवा आदि शामिल हैं।
  • गद्यांश में 'लोकतंत्र' शब्द का प्रयोग हुआ है, जहाँ 'तंत्र' का अर्थ शासन व्यवस्था से है।
  • दिए गए विकल्पों में से 'मूल' शब्द 'तंत्र' का अनेकार्थी नहीं है। 'मूल' का अर्थ जड़, मुख्य, आधार या पूंजी होता है।

Additional Information

अन्य विकल्पों का विश्लेषण:

  • सिद्धांत - यह 'तंत्र' का एक अर्थ है, जिसका तात्पर्य किसी शास्त्र या नियम के स्थापित मत से होता है।
  • प्रमाण - 'तंत्र' को किसी विषय के साक्ष्य या आधारभूत तर्क के रूप में भी जाना जाता है।
  • सूत - 'तंत्र' का एक अर्थ धागा या सूत भी होता है, विशेषकर बुनाई या तंत्र-शास्त्र के संदर्भ में।