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Question 171

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension 1

निर्देश : निम्नलिखित मुहावरों / लोकोक्तियों का अर्थ उनके दिए गए विकल्पों में से चुनें-

टस से मस न होना-

  1. AOption (a)

    कठोर हृदय होना

  2. BOption (b)

    अनुनय - विनय से न पसीजना

  3. COption (c)

    जगह न बदलना

  4. DOption (d)

    धैर्यपूर्वक सहन करना

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Correct answer

Answer: (b)B.

अनुनय - विनय से न पसीजना

Why this answer is correct

सही उत्तर अनुनय - विनय से न पसीजना है।

Key Points

  • ‘टस से मस न होना’ मुहावरे का अर्थ होता है- “अनुनय - विनय से न पसीजना” अन्य विकल्प असंगत हैं।
  • वाक्य प्रयोग - शिक्षक के लाख समझाने पर भी प्रधानाचार्य टस से मस न हुए और विद्यालय से निकाल दिए।

Additional Information

मुहावरा परिभाषाउदाहरण
मुहावरा का शाब्दिक अर्थ ‘अभ्यास’ है। मुहावरा शब्द अरबी भाषा का शब्द है। हिन्दी में ऐसे वाक्यांशों को मुहावरा कहा जाता है, जो अपने साधारण अर्थ को छोडकर विशेष अर्थ को व्यक्त करते हैं।अंक भरना- स्नेह से लिपटा लेना वाक्य- माँ ने स्नेह से अपने पुत्र को अंक में भर लिया।

Question 172

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension 1

__________लड़का घर जा रहा है। रिक्त स्थान के लिए उचित निश्चित संख्यावाचक विशेषण है-

  1. AOption (a)

    कोई

  2. BOption (b)

    मोटा

  3. COption (c)

    समझदार

  4. DOption (d)

    एक

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Correct answer

Answer: (d)D.

एक

Why this answer is correct

रिक्त स्थान के लिए उचित निश्चित संख्यावाचक विशेषण है- एक

Key Points

  • वाक्य - एक लड़का घर जा रहा है। ('एक' शब्द से संख्या का बोध हो रहा है, अत: यह संख्यावाचक विशेषण होगा।)
  • संज्ञा और सर्वनाम शब्दों से प्राणी, व्यक्ति, वस्तु की संख्या की विशेषता का पता चले, उसे संख्यावाचक विशेषण कहते हैं।
  • उदाहरण - ‘पाँच’ विद्यार्थी दौड़ते हैं।

अन्य विकल्प -

  • गुणवाचक विशेषण - 'समझदार, मोटा'
  • परिमाणवाचक क्रिया विशेषण - 'कोई'​
  • जिन अविकारी शब्दों से क्रिया के परिमाण और उसकी संख्या का पता चलता है, उसे परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण कहते हैं।
  • जैसे - बहुत, अधिक, पूर्णतया, कुछ, केवल, इतना, उतना, कितना, जरा, खूब, बिलकुल, ज्यादा, अल्प, बड़ा, भारी, लगभग, क्रमशः आदि।

Important Pointsविशेषण के भेद -

  1. गुणवाचक विशेषण
  2. परिणामवाचक विशेषण
  3. संख्यावाचक विशेषण
  4. सार्वनामिक विशेषण

क्रिया विशेषण के भेद -

  1. कालवाचक क्रियाविशेषण
  2. रीतिवाचक क्रियाविशेषण
  3. स्थानवाचक क्रियाविशेषण
  4. परिमाणवाचक क्रियाविशेषण

Additional Information

विशेषणपरिभाषाउदाहरण
गुणवाचकजो शब्द संज्ञा या सर्वनाम के गुण, दोष, दशा, अवस्था, रंग, आकार आदि का बोध कराते हैं, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते हैं। जैसे - अगला, पिछला, लंबा, चौड़ा, गोल. चौकोर, दुबला, पतला, मोटा, लाल, पीला, उचित, अनुचित, पाप, लखनवी आदि।मंजू का घर पुराना है।
परिणामवाचकजो विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की मात्रा या नाप-तौल के परिणाम की विशेषता बताएं उसे परिणामवाचक विशेषण कहते हैं। जैसे- ‘सेर’ भर दूध, ‘तोला’ भर सोना, ‘थोड़ा’ पानी, ‘कुछ’ पानी, ‘सब’ धन, ‘और’ घी लाओ, ‘दो’ लीटर दूध, ‘बहुत’ चीनी इत्यादि।मुझे थोड़ा पानी चाहिए।
​सार्वनामिकवे सर्वनाम शब्द संज्ञा के पहले आकर विशेषण का काम करते हैं, उन्हें सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।​वह आदमी हँसता है।

Question 173

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension 1

निर्देश : निम्नलिखित मुहावरों / लोकोक्तियों का अर्थ उनके दिए गए विकल्पों में से चुनें-

लाल - पीला होना -

  1. AOption (a)

    मुद्राएँ बनाना

  2. BOption (b)

    क्रोध करना 

  3. COption (c)

    तेवर बदलना

  4. DOption (d)

    रंग बदलना

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Correct answer

Answer: (b)B.

क्रोध करना 

Why this answer is correct

दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर 'क्रोध करना’ है। अन्य विकल्प इसके गलत उत्तर हैं। 

Key Points

  • मुहावरा- लाल - पीला होना
  • अर्थ - क्रोध करना
  • वाक्य - मेरो सहेली को देखकर दादी माँ हमेशा लाल - पीली हो जाती हैं।
  • अन्य विकल्प अनुचित हैं।

Additional Information

  • मुहावरा का शाब्दिक अर्थ ‘अभ्यास’ है।
  • मुहावरा शब्द अरबी भाषा का शब्द है।
  • हिन्दी में ऐसे वाक्यांशों को मुहावरा कहा जाता है, जो अपने साधारण अर्थ को छोड़कर विशेष अर्थ को व्यक्त करते हैं।

Question 174

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension 1

‘टाईप करने की कला’ वाक्यांश के लिए इनमें से उपयुक्त शब्द कौन-सा है?

  1. AOption (a)

    टकसाल

  2. BOption (b)

    टंकित

  3. COption (c)

    टिकाऊ

  4. DOption (d)

    टंकण

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Correct answer

Answer: (d)D.

टंकण

Why this answer is correct

‘टाईप करने की कला’ वाक्यांश के लिए इनमें से उपयुक्त शब्द है - टंकण

  • अन्य विकल्प असंगत है।

Key Points 

  • टाईप करने की कला - टंकण

अन्य विकल्प-

वाक्यांशशब्द
वह स्थान जहाँ सिक्के बनाए या डाले जाते हैंटकसाल
जो टंकण-यंत्र से लिखा या मुद्रित किया गया होटंकित
अधिक देर तक रहने वाला या चलने वालाटिकाऊ

Additional Information कुछ महत्वपूर्ण वाक्यांश के लिए एक शब्द:-

वाक्यांशशब्द
जो किसी भी गुट में नहीं होतटस्थ
भूत, वर्तमान और भविष्य को जानने वालात्रिकालज्ञ
जंगल में फैलने वाली आगदावाग्नि
जिसे ईश्वर पर विश्वास नहीं होनास्तिक
जो कठिनाई से समझ में आता हैदूर्बोध
जिसकी गहराई का पता न मिल सकेअथाह

Question 175

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension 1

निर्देश - नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए: 

विद्यालोलुप चीनी संन्यासी नालन्दा की भव्यता और पवित्रता देखकर लट्टू हो गया। ऊँचे-ऊँचे विहार और मठ चारों ओर खड़े थे। बीच-बीच में सभागृह और विद्यालय बने हुए थे। वे सब समाधियों, मंदिरों और स्तूपों से घिरे हुए थे। उनके चारों तरफ बौद्ध शिक्षकों और प्रचारकों के रहने के लिए चौमंजिला इमारतें बनी हुई थीं। उनके सिवा ऊँची-ऊँची मीनारों और विशाल भवनों में नाना प्रकार के बहुमूल्य रत्न जड़े हुए थे। रंग-बिरंगे दरवाजों, कड़ियों, छतों और खम्भों की सजावट को देखकर लोग हतप्रभ रह जाते थे। विद्या मंदिरों के शिखर आकाश से बातें करते थे। 

विशालता, नियमबद्धता, और सुप्रबंध के विचार से नालंदा का विश्वविद्यालय वर्तमान काशी की अपेक्षा ऑक्सफोर्ड से अधिक मिलता-जुलता था। विश्वविद्यालय के विहारों में कोई दस हजार भिक्षु विद्यार्थी और डेढ़ हजार अध्यापक रहते थे। केवल दर्शन और धर्मशास्त्र के सौ अध्यापक थे। इससे संबंध रखने वाला पुस्तकालय नौमंजिला था, जिसकी ऊँचाई करीब तीन सौ फीट थी। इसे महाराज बालादित्य ने बनवाया था। इसमें बौद्ध धर्म संबंधी सभी ग्रंथ थे। प्राचीनकाल में इतना बड़ा पुस्तकालय शायद ही कहीं रहा हो।

नालन्दा विश्वविद्यालय में पुस्तकालय का निर्माण करवाया था-

  1. AOption (a)

    बालादित्य ने

  2. BOption (b)

    गुप्त शासकों ने

  3. COption (c)

    विक्रमादित्य ने

  4. DOption (d)

    बौद्ध भिक्षुओं ने

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Correct answer

Answer: (a)A.

बालादित्य ने

Why this answer is correct

सही उत्तर 'बालादित्य ने' है। 

Key Points

 गद्यांश में आया हुआ उल्लेख: 

  • इसे महाराज बालादित्य ने बनवाया था।

Additional Information अन्य विकल्पों का विश्लेषण: 

  • गुप्त शासकों ने - वह साम्राज्य जिसका वास्तविक संस्थापक चन्द्रगुप्त प्रथम था-गुप्त साम्राज्य। यही से गुप्त शासक की परम्परा शुरू होती है।
  • विक्रमादित्य ने -सम्राट विक्रमादित्य अखंड भारत के चक्रवर्ती राजा तथा राजा गन्धर्व सेन के छोटे पुत्र थे। जो पूरे विश्व में अपने अभूतपूर्व पराक्रम, बल, शौर्य, बुद्धि, न्यायप्रियता, और उदारता के लिए प्रसिद्ध थे।
  • बौद्ध भिक्षुओं ने - बौद्ध सन्यासियों या गुरूओं को भिक्षु (संस्कृत) या भिक्खु (पालि) कहते  हैं।

Question 176

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension 1

निर्देश - नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए: 

विद्यालोलुप चीनी संन्यासी नालन्दा की भव्यता और पवित्रता देखकर लट्टू हो गया। ऊँचे-ऊँचे विहार और मठ चारों ओर खड़े थे। बीच-बीच में सभागृह और विद्यालय बने हुए थे। वे सब समाधियों, मंदिरों और स्तूपों से घिरे हुए थे। उनके चारों तरफ बौद्ध शिक्षकों और प्रचारकों के रहने के लिए चौमंजिला इमारतें बनी हुई थीं। उनके सिवा ऊँची-ऊँची मीनारों और विशाल भवनों में नाना प्रकार के बहुमूल्य रत्न जड़े हुए थे। रंग-बिरंगे दरवाजों, कड़ियों, छतों और खम्भों की सजावट को देखकर लोग हतप्रभ रह जाते थे। विद्या मंदिरों के शिखर आकाश से बातें करते थे। 

विशालता, नियमबद्धता, और सुप्रबंध के विचार से नालंदा का विश्वविद्यालय वर्तमान काशी की अपेक्षा ऑक्सफोर्ड से अधिक मिलता-जुलता था। विश्वविद्यालय के विहारों में कोई दस हजार भिक्षु विद्यार्थी और डेढ़ हजार अध्यापक रहते थे। केवल दर्शन और धर्मशास्त्र के सौ अध्यापक थे। इससे संबंध रखने वाला पुस्तकालय नौमंजिला था, जिसकी ऊँचाई करीब तीन सौ फीट थी। इसे महाराज बालादित्य ने बनवाया था। इसमें बौद्ध धर्म संबंधी सभी ग्रंथ थे। प्राचीनकाल में इतना बड़ा पुस्तकालय शायद ही कहीं रहा हो।

नालन्दा विश्वविद्यालय में चौमंजिला इमारतें किसके लिए बनी थीं?

  1. AOption (a)

    बौद्ध भिक्षुओं के लिए

  2. BOption (b)

    भिक्षु विद्यार्थियों के लिए

  3. COption (c)

    बौद्ध शिक्षकों और प्रचारकों के लिए

  4. DOption (d)

    शासकों के लिए

View answer & explanation

Correct answer

Answer: (c)C.

बौद्ध शिक्षकों और प्रचारकों के लिए

Why this answer is correct

सही उत्तर 'बौद्ध शिक्षकों और प्रचारकों के लिए' है। 

Key Points गद्यांश में आया हुआ उल्लेख: 

उनके चारों तरफ बौद्ध शिक्षकों और प्रचारकों के रहने के लिए चौमंजिला इमारतें बनी हुई थीं। 

Additional Informationअन्य विकल्पों का विश्लेषण:

  • बौद्ध भिक्षुओं के लिए - बौद्ध सन्यासियों या गुरूओं को भिक्षु (संस्कृत) या भिक्खु (पालि) कहते हैं।
  • शासकों के लिए - जो शासन करता है, वह शासक होता है। जैसे - हिटलर निरंकुश सत्ता चलाने वाला शासक था।
  • भिक्षु विद्यार्थियों के लिए - जो भिक्षा माँगकर विद्यार्जन काल में जीवन निर्वाह करते है, जिसे माधुकरी कहा जाता था।

Question 177

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension 1

निर्देश - नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए: 

विद्यालोलुप चीनी संन्यासी नालन्दा की भव्यता और पव��त्रता देखकर लट्टू हो गया। ऊँचे-ऊँचे विहार और मठ चारों ओर खड़े थे। बीच-बीच में सभागृह और विद्यालय बने हुए थे। वे सब समाधियों, मंदिरों और स्तूपों से घिरे हुए थे। उनके चारों तरफ बौद्ध शिक्षकों और प्रचारकों के रहने के लिए चौमंजिला इमारतें बनी हुई थीं। उनके सिवा ऊँची-ऊँची मीनारों और विशाल भवनों में नाना प्रकार के बहुमूल्य रत्न जड़े हुए थे। रंग-बिरंगे दरवाजों, कड़ियों, छतों और खम्भों की सजावट को देखकर लोग हतप्रभ रह जाते थे। विद्या मंदिरों के शिखर आकाश से बातें करते थे। 

विशालता, नियमबद्धता, और सुप्रबंध के विचार से नालंदा का विश्वविद्यालय वर्तमान काशी की अपेक्षा ऑक्सफोर्ड से अधिक मिलता-जुलता था। विश्वविद्यालय के विहारों में कोई दस हजार भिक्षु विद्यार्थी और डेढ़ हजार अध्यापक रहते थे। केवल दर्शन और धर्मशास्त्र के सौ अध्यापक थे। इससे संबंध रखने वाला पुस्तकालय नौमंजिला था, जिसकी ऊँचाई करीब तीन सौ फीट थी। इसे महाराज बालादित्य ने बनवाया था। इसमें बौद्ध धर्म संबंधी सभी ग्रंथ थे। प्राचीनकाल में इतना बड़ा पुस्तकालय शायद ही कहीं रहा हो।

नालन्दा विश्वविद्यालय किससे मिलता-जुलता था?

  1. AOption (a)

    काशी विश्वविद्यालय से

  2. BOption (b)

    ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से

  3. COption (c)

    तक्षशिला विश्वविद्यालय से

  4. DOption (d)

    विक्रमशिला विश्वविद्यालय से

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Correct answer

Answer: (b)B.

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से

Why this answer is correct

सही उत्तर 'ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से' है। 

  • ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय इंग्लैंड का सबसे पुराना विश्वविद्यालय माना जाता है।

Key Pointsगद्यांश में आया हुआ उल्लेख: 

  • विशालता, नियमबद्धता, और सुप्रबंध के विचार से नालंदा का विश्वविद्यालय वर्तमान काशी की अपेक्षा ऑक्सफोर्ड से अधिक मिलता-जुलता था।

Additional Informationअन्य विकल्पों का विश्लेषण:

  • काशी विश्वविद्यालय से - बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय को काशी विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाता है, इसकी स्थापना मदनमोहन मालवीय जी ने की थी।
  • तक्षशिला विश्वविद्यालय से - भारत का प्राचीन शिक्षा केंद्र, वर्तमान में पाकिस्तान में अवस्थित है, इसकी स्थापना भरत के पुत्र तक्ष ने की थी। कौटिल्य ने यही शिक्षा ग्रहण की थी।
  • विक्रमशिला विश्वविद्यालय से - भारत का प्राचीन शिक्षा केंद्र, वर्तमान में बिहार के भागलपुर में अवस्थित है, इसकी स्थापना राजा धर्मपाल ने की थी।

Question 178

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension 1

निर्देश - नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए: 

विद्यालोलुप चीनी संन्यासी नालन्दा की भव्यता और पवित्रता देखकर लट्टू हो गया। ऊँचे-ऊँचे विहार और मठ चारों ओर खड़े थे। बीच-बीच में सभागृह और विद्यालय बने हुए थे। वे सब समाधियों, मंदिरों और स्तूपों से घिरे हुए थे। उनके चारों तरफ बौद्ध शिक्षकों और प्रचारकों के रहने के लिए चौमंजिला इमारतें बनी हुई थीं। उनके सिवा ऊँची-ऊँची मीनारों और विशाल भवनों में नाना प्रकार के बहुमूल्य रत्न जड़े हुए थे। रंग-बिरंगे दरवाजों, कड़ियों, छतों और खम्भों की सजावट को देखकर लोग हतप्रभ रह जाते थे। विद्या मंदिरों के शिखर आकाश से बातें करते थे। 

विशालता, नियमबद्धता, और सुप्रबंध के विचार से नालंदा का विश्वविद्यालय वर्तमान काशी की अपेक्षा ऑक्सफोर्ड से अधिक मिलता-जुलता था। विश्वविद्यालय के विहारों में कोई दस हजार भिक्षु विद्यार्थी और डेढ़ हजार अध्यापक रहते थे। केवल दर्शन और धर्मशास्त्र के सौ अध्यापक थे। इससे संबंध रखने वाला पुस्तकालय नौमंजिला था, जिसकी ऊँचाई करीब तीन सौ फीट थी। इसे महाराज बालादित्य ने बनवाया था। इसमें बौद्ध धर्म संबंधी सभी ग्रंथ थे। प्राचीनकाल में इतना बड़ा पुस्तकालय शायद ही कहीं रहा हो।

'चौमंजिला' में समास है-

  1. AOption (a)

    कर्मधारय

  2. BOption (b)

    द्विगु

  3. COption (c)

    बहुव्रीहि

  4. DOption (d)

    तत्पुरुष

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Correct answer

Answer: (b)B.

द्विगु

Why this answer is correct

सही उत्तर 'द्विगु' होगा

चौमंजिला का समास विग्रह - चार मंजिल का समाहार।

Key Points 

पदों की प्रधानता के आधार पर समास का वर्गीकरण निम्न प्रकार है -  

  1. पूर्वपद प्रधान- अव्ययीभाव समास
  2. उत्तरपद प्रधान- तत्पुरुष समास, कर्मधारय समास, द्विगु  समास
  3. दोनों पद प्रधान- द्वंद्व समास
  4. दोनों पद अप्रधान- बहुव्रीहि समास

Confusion Points

संधि और समास- अर्थ की दृष्टि से दोनों शब्द सामान हैं यद्यपि दोनों में कुछ अंतर है जैसे- 

  1. संधि वर्णों का मेल है और समास शब्दों का मेल है।
  2. संधि में वर्णों के मेल से वर्ण परिवर्तन अथवा विकार उत्पन्न होता है जबकि समास में ऐसा नहीं होता।
  3. संधि के द्वारा बने शब्दों को पुनः मूल अवस्था में लाने को संधि-विच्छेद कहते हैं जबकि समास के पदों को अलग करने की प्रक्रिया समास-विग्रह कहलाती है।

Additional Information 

समास - समास उस प्रक्रिया को कहते हैं, जिसमें दो शब्द मिलाकर उनके बीच के संबंधसूचक आदि का लोप करके नया शब्द बनाया जाता है। समास से तात्पर्य 'संक्षिप्तीकरण' से है। समास के माध्यम से कम शब्दों में अधिक अर्थ प्रकट किया जाता है। जैसे - राजा का पुत्र – राजपुत्र, समास के छःप्रकार हैं -
समास का नामपरिभाषाउदाहरण
तत्पुरुष समासजिस समास में उत्तरपद प्रधान हो तथा समास करने के उपरांत विभक्ति (कारक चिन्ह) का लोप हो।धर्म का ग्रन्थ = धर्मग्रन्थ, तुलसीदास द्वारा कृत = तुलसीदासकृत।
बहुव्रीहि समासजिस समास में दोनों पद प्रधान नहीं होते हैं और दोनों पद मिलकर किसी अन्य विशेष अर्थ की ओर संकेत कर रहे होते हैं।जो महान वीर है = महावीर अर्थात हनुमान, तीन आँखों वाला = त्रिलोचन अर्थात शिव।
कर्मधारय समासजिस समास के दोनों शब्दों के बीच विशेषण-विशेष्य अथवा उपमान-उपमेय का सम्बन्ध हो, पहचान: विग्रह करने पर दोनों पद के मध्य में 'है जो', 'के समान' आदि आते हैं।कमल के समान नयन = कमलनयन, महान है जो देव = महादेव।
द्विगु समासजिस समास में पूर्वपद (पहला पद) संख्यावाचक विशेषण हो।दो पहरों का समूह = दोपहर, तीनों लोकों का समाहार = त्रिलोक।
अव्ययीभाव समासजिस समास में पहला पद प्रधान हो और समस्त शब्द अव्यय का काम करे।प्रति + दिन = प्रतिदिन, एक + एक = एकाएक
द्वंद्व समासद्वन्द्व समास में समस्तपद के दोनों पद प्रधान हों या दोनों पद सामान हों एवं दोंनों पदों को मिलाते समय "और, अथवा, या, एवं" आदि योजक लुप्त हो जाएँ, वह समास द्वंद्व समास कहलाता है।माता- पिता = माता और पिता, हाँ- न = हाँ या न

Question 179

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension 1

निर्देश - नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए: 

विद्यालोलुप चीनी संन्यासी नालन्दा की भव्यता और पवित्रता देखकर लट्टू हो गया। ऊँचे-ऊँचे विहार और मठ चारों ओर खड़े थे। बीच-बीच में सभागृह और विद्यालय बने हुए थे। वे सब समाधियों, मंदिरों और स्तूपों से घिरे हुए थे। उनके चारों तरफ बौद्ध शिक्षकों और प्रचारकों के रहने के लिए चौमंजिला इमारतें बनी हुई थीं। उनके सिवा ऊँची-ऊँची मीनारों और विशाल भवनों में नाना प्रकार के बहुमूल्य रत्न जड़े हुए थे। रंग-बिरंगे दरवाजों, कड़ियों, छतों और खम्भों की सजावट को देखकर लोग हतप्रभ रह जाते थे। विद्या मंदिरों के शिखर आकाश से बातें करते थे। 

विशालता, नियमबद्धता, और सुप्रबंध के विचार से नालंदा का विश्वविद्यालय वर्तमान काशी की अपेक्षा ऑक्सफोर्ड से अधिक मिलता-जुलता था। विश्वविद्यालय के विहारों में कोई दस हजार भिक्षु विद्यार्थी और डेढ़ हजार अध्यापक रहते थे। केवल दर्शन और धर्मशास्त्र के सौ अध्यापक थे। इससे संबंध रखने वाला पुस्तकालय नौमंजिला था, जिसकी ऊँचाई करीब तीन सौ फीट थी। इसे महाराज बालादित्य ने बनवाया था। इसमें बौद्ध धर्म संबंधी सभी ग्रंथ थे। प्राचीनकाल में इतना बड़ा पुस्तकालय शायद ही कहीं रहा हो।

'लट्टू होना' मुहावरे का क्या अर्थ है-

  1. AOption (a)

    पागल होना

  2. BOption (b)

    आश्चर्यचकित होना

  3. COption (c)

    कायल होना

  4. DOption (d)

    घायल होना

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Correct answer

Answer: (c)C.

कायल होना

Why this answer is correct

सही उत्तर 'कायल होना' है।

Key Points

  • लट्टू होना - कायल होना
  • वाक्य प्रयोग - मेरा मित्र फिल्म की कहानी से तो प्रभावित हुआ ही वह उस अभिनेत्री पर भी लट्टू हो गया है।

Additional Information

  • दंग रह जाना - आश्चर्यचकित होना
  • वाक्य प्रयोग - पढ़ाई में कमजोर कविता को परीक्षा में प्रथम स्थान मिलने पर सभी विद्यार्थी दंग रह गए।

Important Points

मुहावरा परिभाषाउदाहरण
ऐसे वाक्यांश, जो सामान्य अर्थ का बोध न कराकर किसी विलक्षण अर्थ की प्रतीति कराये, मुहावरा कहलाता है।अंक भरना- स्नेह से लिपटा लेना वाक्य- माँ ने स्नेह से अपने पुत्र को अंक में भर लिया।

Question 180

DSSSB Assistant Superintendent 2026• Test of Hindi Language and Comprehension 1

निर्देश - नीचे दिए गए गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए: 

विद्यालोलुप चीनी संन्यासी नालन्दा की भव्यता और पवित्रता देखकर लट्टू हो गया। ऊँचे-ऊँचे विहार और मठ चारों ओर खड़े थे। बीच-बीच में सभागृह और विद्यालय बने हुए थे। वे सब समाधियों, मंदिरों और स्तूपों से घिरे हुए थे। उनके चारों तरफ बौद्ध शिक्षकों और प्रचारकों के रहने के लिए चौमंजिला इमारतें बनी हुई थीं। उनके सिवा ऊँची-ऊँची मीनारों और विशाल भवनों में नाना प्रकार के बहुमूल्य रत्न जड़े हुए थे। रंग-बिरंगे दरवाजों, कड़ियों, छतों और खम्भों की सजावट को देखकर लोग हतप्रभ रह जाते थे। विद्या मंदिरों के शिखर आकाश से बातें करते थे। 

विशालता, नियमबद्धता, और सुप्रबंध के विचार से नालंदा का विश्वविद्यालय वर्तमान काशी की अपेक्षा ऑक्सफोर्ड से अधिक मिलता-जुलता था। विश्वविद्यालय के विहारों में कोई दस हजार भिक्षु विद्यार्थी और डेढ़ हजार अध्यापक रहते थे। केवल दर्शन और धर्मशास्त्र के सौ अध्यापक थे। इससे संबंध रखने वाला पुस्तकालय नौमंजिला था, जिसकी ऊँचाई करीब तीन सौ फीट थी। इसे महाराज बालादित्य ने बनवाया था। इसमें बौद्ध धर्म संबंधी सभी ग्रंथ थे। प्राचीनकाल में इतना बड़ा पुस्तकालय शायद ही कहीं रहा हो।

'विद्यालोलुप' का शाब्दिक अर्थ होगा-

  1. AOption (a)

    लालची

  2. BOption (b)

    प्रतिभाशाली

  3. COption (c)

    विद्वान

  4. DOption (d)

    जिज्ञासु

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Correct answer

Answer: (d)D.

जिज्ञासु

Why this answer is correct

'विद्यालोलुप' का शाब्दिक अर्थ होगा - जिज्ञासु।

Key Pointsजिज्ञासु का अर्थ - जिज्ञासा करनेवाला, उत्सुक।

जैसे - जिज्ञासु होना विद्यार्थी का प्रथम लक्षण होना चाहिए।

Additional Information

  • प्रतिभाशाली का अर्थ - जिसमें प्रतिभा हो।
  • प्रतिभाशाली बच्चे सरकारी नौकरी पा लेते है।
  • विद्वान् का अर्थ - शिक्षित व्यक्ति।
  • रामयत्न शुक्लजी संस्कृत के मूर्धन्य विद्वान् थे।
  • लालची का अर्थ - लोभी।
  • धन के मोह में वह लालची बन गया।