निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर पाँच प्रश्न दिए गए हैं। गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ें तथा प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्पों में से सही विकल्प चुनें।
विश्व का एकमात्र हिन्दू राष्ट्र नेपाल, हिमालय के उँचे शिखरों के बीच स्थित ऐसा प्रतीत होता है मानो नागराज हिमालय ने बड़े लाड से इसे अपनी गोद में बैठा रखा हो। नेपाल अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण अब तक बहुत ही सुरक्षित रहा है। उत्तर में दुर्गम हिमालय की अजेय चोटियाँ, पूरब, पश्चिम और दक्षिण में भारत, उसकी संस्कृति का स्रोत, अनन्य मित्र- इस भौगोलिक विशेषता ने नेपाल की संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखा है।
नेपाल की राजधानी काठमांडू शाही लिबास में लिपटी हुई अनिन्द्य सुन्दरी की तरह पर्यटकों को लुभाती है, इसके आर्कषण में बँधा हुआ हर पर्यटक उसके बाहुपाश में समाने को लालायित हो उठता है। 1950 तक जो नेपाल सदियों से विदेशियों के लिए बन्द था, आज वहीं करोड़ों रूपये पर्यटन व्यवसाय से पैदा कर रहा है। काठमांडू हिमालय के उँचे पहाड़ों के बीच एक खूबसूरत वादी है।
होटल, मकान, दुकान, सड़कें सभी सजधज के नजर आते हैं। बाजार में व्यापार उद्योग में भारतीय अच्छी संख्या में हैं। दुकानों में विदेशी वस्तुओं की भरमार है जिसमें चीन निर्मित सामानों का आधिक्य है। इन विदेशी वस्तुओं के ग्राहक या तो केवल सम्पन्न नेपाली हैं या फिर विदेशी पर्यटक हैं।
आज भी नेपाल हर भारतीय के विदेश भ्रमण के सपने को साकार करता हुआ अपनी संस्कृति और प्राकृतिक सौन्दर्य से लुभाता रहता है। भारत से नेपाल जाने के लिए किसी प्रकार का प्रतिबन्ध न होने के कारण बहुतायत भारतीय पर्यटन या व्यवसाय के लिए नेपाल जाते रहते हैं।
नेपाल में पुराने महल और मन्दिरों का समुचित रखरखाव एवं अपनी संस्कृति के प्रति लगाव का एक बहुत ही स्वस्थ परिणाम यह भी रहा कि भारतीय संस्कृति अथवा धर्म की विभिन्न धाराओं का सफल प्रयोग और समन्वय यहाँ सम्भव हो सका है। सम्पूर्ण नेपाल में मन्दिर, स्तूप और मठ हैं। राजधानी के आस-पास भी बहुत से मन्दिर हैं। बागमती नदी के तट पर स्थापित पशुपतिनाथ का मन्दिर 13वीं शताब्दी में बना था। यह तीर्थस्थल सुदूर दक्षिण भारत और विदेशी हिन्दुओं को युगों से आकर्षित करता रहा है। इसका ऊपरी कलश ठोस सोने का है। आँगन में नन्दी की विशाल मूर्ति प्रतिष्ठित है। अनेकों कृत्रिम व्यवधान भारत और नेपाल की सांस्कृतिक एकता को जोड़ने में बाधक रहे हैं फिर भी नेपाल और भारत का हजारों वर्षों का सम्बन्ध सदैव रहा है और रहेगा। यहाँ हिन्दू धर्मावलम्बियों की संख्या 86 प्रतिशत से भी ज्यादा है।
नेपाल प्रकृति और वनसंपदा की दृष्टि से भी अत्यंत समृद्ध है। यहाँ का राजकीय चितवन राष्ट्रीय उद्यान विश्व के सबसे प्राचीन संरक्षित वनों में से एक है। 1963 में इसे गैंडों का संरक्षित वन घोषित कर दिया गया। आज इसमें पशुओं की 43 प्रजातियाँ, पक्षियों की 450 प्रजातियाँ और सरीसृपों की 45 प्रजातियाँ संरक्षित हैं। विश्व के कुल गैंडों में से एक चौथाई केवल इस वन में संरक्षित हैं।
आज नेपाल विकासशील देशों की कतार में खड़ा है। इसकी भौगोलिक स्थिति इतनी महत्वपूर्ण है कि भारत, अमेरिका, रूस, फ्रान्स, ब्रिटेन, चीन आदि सभी इसे करोड़ों रूपये की आर्थिक सहायता देते रहते हैं। नेपाल मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर है। यह देश कालीन, कपड़े, चमड़े के बने सामान, जूट निर्मित सामान तथा आनाज के निर्यात से विदेशी मुद्रा अर्जित करता है।