'कश्मीरी सेब' कहानी के कहानीकार है- प्रेमचंद

Key Pointsप्रेमचंद का जन्म 31 जुलाई, 1880 को बनारस के पास लमही नामक गाँव में एक किसान परिवार में हुआ था।
इनका नाम रखा गया धनपतराय श्रीवास्तव। पिता का नाम मुंशी अजायबलाल और माता का नाम आनंदी देवी था
इन्होंने 1907 से कहानियाँ लिखना भी शुरू कर दिया था।
इनकी प्रमुख कहानियां :
ईदगाह,जुलूस, दो बैलों की कथा, रामलीला,बड़े भाई साहब,नशा,लाग-डाँट,आत्माराम, प्रेरणा,सवा सेर गेहूँ,गुल्ली-डंडा,लॉटरी,शतरंज के खिलाड़ी

Additional Information प्रेमचन्द की प्रमुख रचनाएँ :
उपन्यास : सेवासदन, प्रेमाश्रम, रंगभूमि, प्रतिज्ञा, गबन, कर्मभूमि, गोदान, मंगलसूत्र (अपूर्ण)।
कहानी-संग्रह : सप्तसरोज, नवनिधि, समरयात्रा, मानसरोवर (आठ खंडों में प्रकाशित)।
चर्चित कहानियाँ : दो बैलों की कथा, ईदगाह, ठाकुर का कुआँ, पूस की रात, कफ़न, बूढ़ी काकी,
पंच परमेश्वर, दो बैलों की कथा, बड़े घर की बेटी, नमक का दारोग़ा, कर्मों का फल, बलिदान, शतरंज के खिलाड़ी।
नाटक : संग्राम, कर्बला, बलिदान।
बाल-साहित्य : रामकथा, कुत्ते की कहानी, मनमोदक।
कथेतर साहित्य: प्रेमचंद: विविध प्रसंग, प्रेमचंद के विचार (तीन खंडों में प्रकाशित) साहित्य का उद्देश्य, चिट्ठी-पत्री (दो खंडों में पत्रों का संग्रह)।