किसी के घर कर में न घर कर बैठना इस दारे फानी में।
ठिकाना बेठिकाना और मकाँ वर ला - मकाँ रखना ।।
उपर्युक्त पंक्तियाँ किस निबंध से ली गई हैं?
- ((a))
कविता क्या है
- ((b))
मेरे राम का मुकुट भीग रहा है
- ((c))
मजदूरी और प्रेम
- ((d))
संस्कृति और सौंदर्य
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मजदूरी और प्रेम
सही उत्तर है- मजदूरी और प्रेम

Key Points
- दी गई पंक्तियों का अर्थ है कि इस क्षणभंगुर संसार में किसी एक जगह घर बनाकर मत बैठो, बल्कि अपना ठिकाना और निवास ईश्वर के पास रखो (अर्थात मोह-माया से ऊपर उठकर रहो)

Important Pointsमजदूरी और प्रेम-
- रचनाकार-अध्यापक पूर्ण सिंह
- निबंध में निम्न वर्ग के लोगों के जीवन तथ्यों को उजागर किया गया है।
- निबंध के उपशीर्षक हैं-
- हल चलाने वाले का जीवन
- गड़रिये का जीवन
- मजदूर की मजदूरी
- मजूरी और कला आदि।

Additional Informationसरदार पूर्ण सिंह-
- जन्म-1881-1931 ई.
- द्विवेदी युगीन मुख्य निबंधकार है।
- निबंध-
- आचरण की सभ्यता
- सच्ची वीरता
- पवित्रता
- कन्यादान
- अमेरिका का मस्त कवि वाल्ट व्हिटमैन आदि।
