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Rajasthan Police SI Paper-I Official Paper (Held On: 15 Sept 2021) (Previous Year Paper)

100 questions · 120 minutes · with answers · free

Test (100 questions)

1

किस शब्द में उपसर्ग और प्रत्यय दोनों प्रयुक्त हुए हैं?

  1. ((a))

    विद्वता

  2. ((b))

    कुसुमित

  3. ((c))

    आर्थिक

  4. ((d))

    आधिपत्य

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Answer: ((d))

आधिपत्य

सही उत्तर  - ​आधिपत्य

Key Points

  • आधिपत्य' शब्द में 'अधि' उपसर्ग 'पति' मूल शब्द और 'य' प्रत्यय का प्रयोग हुआ है।
  • इस शब्द का अर्थ 'अधिपति होने की अवस्था या भाव' होता है।
  • उपसर्ग  वे शब्दांश हैं जो मूल शब्द के शुरुआत में जुड़कर नया शब्द बनाते हैं और अर्थ बदलते हैं।
  • वे शब्दांश हैं जो मूल शब्द के अंत में जुड़कर अर्थ में विशेषता या परिवर्तन लाते हैं।

अन्य विकल्प :

  • 'विद्वता' - शब्द में 'विद्' (मूल शब्द) के साथ 'ता' प्रत्यय है।
  • 'कुसुमित'- शब्द में 'कुसुम्' मूल शब्द है, और 'इत' प्रत्यय का प्रयोग हुआ है।
  • 'आर्थिक'- शब्द में मूल शब्द 'अर्थ' है, जिसके साथ 'इक' प्रत्यय जुड़ा है।

Additional Informationअन्य उपसर्ग :

उपसर्गमूल शब्दअर्थ
भरसकभरसक
निहत्थानिहत्था
कुढगकुढंग
अनुवादअनुवाद
अपमानअपमान
अभिमानअभिमान
उपनामउपनाम
2

किस शब्द में दो प्रत्ययों का प्रयोग हुआ है?

  1. ((a))

    मानवता

  2. ((b))

    विवशता

  3. ((c))

    सुन्दरता

  4. ((d))

    मित्रता

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Answer: ((a))

मानवता

सही उत्तर - ​मानवता

Key Points

  • मानव - शब्द  मनु' + 'अ' (तद्धित प्रत्यय) से बना है,और मानवता में तद्धित प्रत्यय 'ता' है।
  • प्रत्यय वे शब्दांश हैं जो किसी मूल शब्द के अंत में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन, विशेषता या विस्तार ला देते हैं।
  • ये स्वतंत्र शब्द नहीं होते, बल्कि अविकारी शब्दांश होते हैं।

अन्य विकल्प : 

  • विवशता - में 'ता' प्रत्यय है, जो विशेषण या संज्ञा शब्दों के अंत में जुड़कर भाववाचक संज्ञा बनाता है।
  • 'सुन्दरता -  शब्द में 'सुन्दर' मूल शब्द के अंत में 'ता' प्रत्यय का प्रयोग किया गया है। यह एक तद्धित प्रत्यय है।
  • 'मित्रता' - में 'मित्र' शब्द और ता' प्रत्यय का प्रयोग किया गया है। यहाँ 'मित्र' एक संज्ञा है।

Additional Informationप्रत्यय के अन्य उदाहरण :

मूल शब्दप्रत्ययनया शब्द
खेलनाखेलना
मोटापामोटापा
समाजइकसामाजिक
पिछड़ापनपिछड़ापन
गतिशीलतागतिशीलता
व्यक्तिगतव्यक्तिगत
महत्वपूर्णमहत्वपूर्ण
3

'ईय' प्रत्यय से रहित शब्द है

  1. ((a))

    राष्ट्रीय

  2. ((b))

    भवदीय

  3. ((c))

    माननीय

  4. ((d))

    भारतीय

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Answer: ((c))

माननीय

सही उत्तर - माननीय।  

Key Points

  • माननीय शब्द में मूल शब्द है मान तथा प्रत्यय है, नीय (अनीय)
  • माननीय एक सम्मान देने वाला ,सम्मान सूचक शब्द है।

अन्य विकल्प :

  • 'राष्ट्रीय' शब्द में 'ईय'  प्रत्यय है। इस शब्द का निर्माण राष्ट्र (मूल शब्द) + ईय (प्रत्यय) के योग से हुआ है। यह एक विशेषण शब्द है।
  • 'भवदीय' शब्द में 'ईय' प्रत्यय है, जो मूल शब्द 'भवत्' में जुड़कर बनता है। यह एक तद्धित प्रत्यय है।
  • भारतीय शब्द में 'ईय'  प्रत्यय है। यह 'भारत' मूल शब्द में 'ईय' प्रत्यय जोड़ने से बनता है। यह एक तद्धित प्रत्यय है।

Additional Information

  • **प्रत्यय वे शब्दांश हैं-**जो किसी मूल शब्द के अंत में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन, विशेषता या विस्तार ला देते हैं।
  • स्वतंत्र शब्द नहीं होते और इनका अपना कोई स्वतंत्र अर्थ नहीं होता।
  • प्रत्यय मूलतः दो प्रकार के होते हैं:
  • कृत् प्रत्यय और तद्धित प्रत्यय।
4

किस शब्द में 'दान' प्रत्यय प्रयुक्त नहीं हुआ है?

  1. ((a))

    इत्रदान

  2. ((b))

    रक्तदान

  3. ((c))

    खानदान

  4. ((d))

    कलमदान

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Answer: ((b))

रक्तदान

सही उत्तर - ​रक्तदान

Key Pointsरक्तदान में 'दान' प्रत्यय नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र शब्द है, जो "रक्त" (रक्त को) और "दान" (देने की क्रिया) के मेल से बना ह���।

यह तत्पुरुष समास (कर्म तत्पुरुष) का उदाहरण है, न कि प्रत्यय का।

अन्य विकल्प में:  दान प्रत्यय का प्रयोग हुआ है,  इत्र +दान, खान +दान ,कलम + दान

Additional Informationप्रत्यय के अन्य उदाहरण :

  • एरा: सपेरा, चचेरा, ममेरा
  • इया: खटिया, लुटिया, डिबिया
  • हार: खेलाहार, गीतहार, सुधाहार
  • गर: जादूगर, कारीगर, बाजीगर
  • दान: धनवान, गुणवान, बलवान
  • वान: धनवान, शक्तिवान, धनवान
  • ईय: भारतीय, राष्ट्रीय, मानवीय
  • इत: आनंदित, फलित, पुष्पित
  • ना: चलना, पढ़ना, लिखना (क्रियार्थक)
  • आनी: सेठानी, नौकरानी, देवरानी
5

किस शब्द में 'प्र' उपसर्ग प्रयुक्त नहीं हुआ है?

  1. ((a))

    प्रकृति

  2. ((b))

    प्रत्यूष

  3. ((c))

    प्रज्वलित

  4. ((d))

    प्रख्यात

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Answer: ((b))

प्रत्यूष

सही उत्तर - ​प्रत्यूष। 

Key Points

  • उपसर्ग वे शब्दांश (शब्द के छोटे अंश) होते हैं, जो किसी सार्थक मूल शब्द के शुरुआत (आगे) में जुड़कर,
  • उसके अर्थ में परिवर्तन, विशेषता या नयापन ला देते हैं।
  • ये स्वतंत्र नहीं होते, बल्कि दूसरे शब्दों के साथ मिलकर काम करते हैं।
  • प्रत्यूष में प्र उपसर्ग नही है प्रति उपसर्ग का प्रयोग हुआ है, 'प्रति' एक संस्कृत उपसर्ग है।
  • मूल शब्द: ऊष/उष  जिसका अर्थ है ,सुबह/भोर

'प्र' उपसर्ग से बने अन्य उदाहरण :​प्रकोप- (प्र + कोप)

प्रदेश- (प्र + देश)

प्रयोग- (प्र + योग)

प्रस्थान- (प्र + स्थान)

प्रणाम - (प्र + नाम)

प्रख्यात- (प्र + ख्यात)

6

किस विकल्प में सभी शब्द तत्सम हैं?

  1. ((a))

    छिद्र, सौ

  2. ((b))

    सच, ग्राम

  3. ((c))

    आधा, काम

  4. ((d))

    मस्तक, श्वास

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Answer: ((d))

मस्तक, श्वास

सही उत्तर -  ​मस्तक, श्वास

Key Points

  • तत्सम शब्द (तत् + सम) का अर्थ है 'उसके समान', यानी संस्कृत के समान।
  • संस्कृत भाषा के वे शब्द जो बिना किसी परिवर्तन के हिंदी में ज्यों के त्यों प्रयुक्त होते हैं
  • तत्सम शब्द कहलाते हैं।
  • उदाहरण: अग्नि, आम्र, सूर्य, चन्द्र, रात्रि, मुख, क्षेत्र, विद्या, आदि।

Additional Informationअन्य विकल्प : 

  • छिद्र' (तत्सम) छेद'(तद्भव)
  • **सौ'(**तद्भव )शत' (तत्सम )
  • **सच'(**तद्भव) **सत्य (**तत्सम)
  • ग्राम (तत्सम) गाँव (तद्भव)
  • आधा (तद्भव) अर्द्ध (तत्सम)
  • काम (तद्भव) कर्म (तत्सम)
7

निम्नलिखित में तद्भव शब्द है:

  1. ((a))

    माँ

  2. ((b))

    मुख्य

  3. ((c))

    मनुष्य

  4. ((d))

    वानर

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Answer: ((a))

माँ

सही उत्तर - माँ ।

Key Points

  • माँ का तत्सम शब्द मातृ या माता है। 'मातृ' संस्कृत का मूल शब्द है,
  • जिससे हिंदी का तद्भव शब्द 'माँ' विकसित हुआ है।
  • तद्भव शब्द वे शब्द हैं - जो संस्कृत भाषा से विकसित होकर, समय के साथ परिवर्तित होकर हिंदी में प्रयोग होते हैं. 'तद्भव' का अर्थ है।
  • उदाहरण: आँख (अक्षी), चाँद (चन्द्र), काम (कर्म), घर (गृह), हाथ (हस्त), रात (रात्रि)आदि।

Additional Informationअन्य तद्भव शब्द :

  • दूध-  (दुग्ध)
  • रात - (रात्रि)
  • आँख- (अक्षि)
  • आम -(आम्र)
  • कान -(कर्ण)
  • अचरज-(आश्चर्य)
  • आँसू -(अश्रु)
  • घर- (गृह)
8

कौन सा शब्द तद्भव नहीं है?

  1. ((a))

    भंडार

  2. ((b))

    कुक्कुर

  3. ((c))

    घर

  4. ((d))

    कंगन

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Answer: ((b))

कुक्कुर

सही उत्तर - कुक्कुर

Key Points

  • '​कुक्कुर' एक तत्सम शब्द है। इसका तद्भव रूप 'कुत्ता' होता है।​
  • तत्सम - जिन शब्दों को संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के ले लिया जाता है, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं। 
  • जैसे- अश्रु, कर्ण, भ्राता, सूर्य आदि।
  • तद्भव - जिन शब्दों में समय और परिस्थितियों के कारण कुछ परिवर्तन होने से जो शब्द बने हैं, उन्हें तद्भव कहते हैं। 
  • जैसे- आँसू, कान, भाई, सूरज आदि।​

अन्य विकल्प-​ 

तत्समतद्भव
भण्डागारभंडार
घरगृह
कंगनकंकण

 Additional Informationकुछ अन्य तत्सम और तद्भव शब्द -

तत्समतद्भव
महिषभैंस
अट्टालिकाअटारी
मृक्षणमक्खन
गोमयगोबर
श्यामलसाँवला
पर्यंकपलंग
हरिद्राहल्दी
कर्कटकेकड़ा
प्रत्यभिज्ञानपहचान
9

निम्नलिखित में देशज शब्द है:

  1. ((a))

    नुक्कड़

  2. ((b))

    लंगोट

  3. ((c))

    मखौल

  4. ((d))

    चमगादड़

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Answer: ((c))

मखौल

दिए गए विकल्पों में 'देशज शब्द' का सही उत्तर है- मखौल

Key Points

  • 'मखौल' शब्द की उत्पत्ति किसी संस्कृत शब्द से नहीं हुई है, बल्कि यह स्थानीय बोलचाल से हिंदी में आया है, जिसका अर्थ 'मजाक' या 'उपहास' होता है।
  • ऐसे शब्द जो स्थानीय क्षेत्रीय बोलियों से हिंदी में आए हैं या जिनकी उत्पत्ति का कोई स्पष्ट स्रोत (संस्कृत आदि) नहीं मिलता, उन्हें देशज शब्द कहते हैं।
  • देशज शब्द के अन्य उदाहरण: खिचड़ी, लोटा, डिबिया आदि।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
लंगोटसंस्कृत के लिंगपट्ट शब्द से विकसित हुआ है।तद्भव शब्द
चमगादड़संस्कृत के चर्मचटक शब्द से विकसित हुआ है।तद्भव शब्द
नुक्कड़गली का कोना या सिरा (यह तद्भव/आगत प्रभाव युक्त है)।तद्भव शब्द

Important Points 

 उत्पत्ति या स्रोत के आधार पर शब्द के भेद-

  1. तत्सम शब्द
  2. तद्भव शब्द
  3. देशज शब्द
  4. विदेशज (आगत) शब्द

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
तत्समजो शब्द संस्कृत से ज्यों के त्यों हिंदी में आए हैं।अग्नि = आग (तद्भव) दुग्ध = दूध (तद्भव)
तद्भवसंस्कृत के वे शब्द जो परिवर्तित होकर हिंदी में आए हैं।कर्पूर = कपूर हस्त = हाथ
विदेशजजो शब्द विदेशी भाषाओं (अंग्रेजी, अरबी, फारसी आदि) से लिए गए हैं।डॉक्टर (अंग्रेजी) किताब (अरबी)
10

किस विकल्प में सभी शब्द विदेशी मूल के हैं?

  1. ((a))

    मसाला, नमक

  2. ((b))

    आज, चेहरा

  3. ((c))

    कबूतर, आसरा

  4. ((d))

    लालच, कमरा

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Answer: ((a))

मसाला, नमक

दिए गए विकल्पों में विदेशी मूल के शब्दों के समूह का सही उदाहरण/उत्तर है- मसाला, नमक

Key Points

  • विकल्प 'मसाला' और 'नमक' दोनों ही शब्द विदेशज (विदेशी) मूल के हैं।
  • हिंदी में वे शब्द जो किसी विदेशी भाषा (जैसे- अरबी, फारसी, तुर्की, अंग्रेजी आदि) से आए हैं, उन्हें विदेशज शब्द कहा जाता है।
  • मसाला और नमक मूलतः फारसी/अरबी भाषा के शब्द हैं।
  • विदेशज शब्दों के अन्य उदाहरण: चश्मा, चाकू, कैंची, स्कूल।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
आज, चेहरा'आज' संस्कृत के 'अद्य' से बना है, जबकि 'चेहरा' फारसी शब्द है।तद्भव और विदेशज
कबूतर, आसरा'कबूतर' फारसी है और 'आसरा' संस्कृत के 'आश्रय' से बना है।विदेशज और तद्भव
लालच, कमरा'लालच' संस्कृत के 'लालसा' से बना है और 'कमरा' पुर्तगाली शब्द है।तद्भव और विदेशज

Important Points 

 स्रोत या उत्पत्ति के आधार पर शब्द के भेद-

  1. तत्सम (संस्कृत के समान)
  2. तद्भव (संस्कृत से परिवर्तित)
  3. देशज (स्थानीय बोलियों से उत्पन्न)
  4. विदेशज (विदेशी भाषाओं से आए)
  5. संकर (दो भिन्न भाषाओं के योग से बने)

Additional Information

भाषामहत्वपूर्ण शब्द
फारसीआदमी, आईना, उम्मीद, चश्मा, नमक, बीमार, मज़दूर, राह, सरकार, हफ़्ता, बाज़ार, गवाह, दरोगा।
अरबीअदालत, अक्ल, इस्तीफ़ा, औरत, किताब, कुर्सी, जिला, तहसील, फ़ैसला, वकील, सुबह, शराब, हुक्म।
तुर्कीउर्दू, कैंची, कुली, चाकू, तोप, बारूद, बेगम, बहादुर, चेचक, लाश, सराय, कालीन।
अंग्रेज़ीडॉक्टर, स्कूल, स्टेशन, पुलिस, टिकट, नर्स, पेंसिल, रजिस्टर, रेल, बजट, सिनेमा।
पुर्तगालीआलमारी, बाल्टी, साबुन, फीता, गमला, आलू, काजू, तौलिया, चाबी, पादरी।
फ्रांसीसीकाजू, कारतूस, कूपन, रेस्तरां, अंग्रेज़, बिगुल।
चीनीचाय, लीची, चीकू, तूफ़ान।
11

निम्नलिखित में तत्सम शब्द है:

  1. ((a))

    संजोग

  2. ((b))

    महीना

  3. ((c))

    पड़ोसी

  4. ((d))

    कुटुंब

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Answer: ((d))

कुटुंब

दिए गए विकल्पों में तत्सम शब्द का सही उत्तर है- कुटुंब

Key Points

  • 'कुटुंब' शब्द संस्कृत भाषा का मूल शब्द है जिसका प्रयोग हिंदी में ज्यों का त्यों किया जाता है, इसलिए यह तत्सम शब्द है। इसका तद्भव रूप 'कुटुम' होता है।
  • जो शब्द संस्कृत भाषा से हिंदी में ज्यों के त्यों (बिना किसी परिवर्तन के) लिए गए हैं, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं।
  • उदाहरण: अग्नि, वायु, सूर्य आदि।
  • जो शब्द संस्कृत से उत्पन्न होकर प्राकृत, अपभ्रंश से होते हुए हिंदी में बदलकर आए हैं, उन्हें तद्भव शब्द कहते हैं।
  • उदाहरण: आग, हवा, सूरज आदि।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
संजोगइसका तत्सम रूप संयोग होता है।तद्भव
महीनाइसका तत्सम रूप मास होता है।तद्भव
पड़ोसीइसका तत्सम रूप प्रतिवेशी होता है।तद्भव

Important Points 

 स्रोत या उत्पत्ति के आधार पर शब्दों के भेद-

  1. तत्सम (जैसे: दुग्ध)
  2. तद्भव (जैसे: दूध)
  3. देशज (जैसे: लोटा)
  4. विदेशज (जैसे: डॉक्टर)

Additional Information

तत्समतद्भव
कर्कशकड़वा
मृक्षणमक्खन
व्याघ्रबाघ
उद्वर्तनउबटन
पर्यंकपलंग
सपत्नीसौत
प्रतिवेशीपड़ोसी
महिषभैंसा
वर्धकिनबढ़ई
12

किस वाक्य में व्यक्तिवाचक संज्ञा, जातिवाचक्र संज्ञा के रूप में प्रयुक्त हुई है?

  1. ((a))

    हमें बुराइयों से दूर रहना चाहिए।

  2. ((b))

    भाषा की भिन्नताओं के बावजूद देशवासी अभिन्न हैं।

  3. ((c))

    लौह पुरुष के दृढ़ संकल्प ने देश को एक सूत्र में बाँधा।

  4. ((d))

    देश को नटवरलालों ने तरह-तरह से ठगा है।

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Answer: ((d))

देश को नटवरलालों ने तरह-तरह से ठगा है।

दिए गए वाक्यों में व्यक्तिवाचक संज्ञा का जातिवाचक संज्ञा के रूप में प्रयोग का सही उत्तर है- देश को नटवरलालों ने तरह-तरह से ठगा है।

Key Points

  • वाक्य 'देश को नटवरलालों ने तरह-तरह से ठगा है' में 'नटवरलाल' एक प्रसिद्ध ठग का नाम है (व्यक्तिवाचक),
  • किंतु यहाँ इसका प्रयोग बहुवचन में 'ठगों के समूह' या एक 'विशेष वर्ग' को दर्शाने के लिए किया गया है, इसलिए यह जातिवाचक संज्ञा है।
  • नियम: जब कोई व्यक्तिवाचक संज्ञा अपने गुणों या दोषों के कारण उस जैसे अन्य व्यक्तियों का बोध कराने लगती है या बहुवचन में प्रयुक्त होती है, तो वह जातिवाचक संज्ञा बन जाती है।
  • उदाहरण: लड़का, शहर, नदी, पहाड़, पशु।
  • अन्य उदाहरण: 1. आज के युग में हरिश्चन्द्रों की कमी है। 2. हमें जयचन्दों से सावधान रहना चाहिए।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
बुराइयों'बुराई' (भाववाचक) का बहुवचन रूप जो पूरी श्रेणी को दर्शाता है।जातिवाचक संज्ञा
भिन्नताओं'भिन्नता' (भाववाचक) जब बहुवचन में प्रयुक्त होती है।जातिवाचक संज्ञा
लौह पुरुषयह पद 'सरदार वल्लभभाई पटेल' विशेष व्यक्ति के लिए रूढ़ हो गया है।व्यक्तिवाचक संज्ञा

Important Points 

 संज्ञा (Noun) के मुख्य भेद-

  1. व्यक्तिवाचक संज्ञा (Proper Noun)
  2. जातिवाचक संज्ञा (Common Noun)
  3. भाववाचक संज्ञा (Abstract Noun)

Additional Information

संज्ञा का भेदविवरणउदाहरण
व्यक्तिवाचक संज्ञाकिसी विशेष व्यक्ति, वस्तु या स्थान का बोध कराने वाले शब्द।राम, दिल्ली, हिमालय, गंगा।
भाववाचक संज्ञाकिसी गुण, दोष, दशा, स्वभाव या भाव का बोध कराने वाले शब्द।मिठास, बुढ़ापा, क्रोध, ईमानदारी।
13

अनिश्चयवाचक सर्वनाम से युक्त वाक्य है:

  1. ((a))

    यह मेरी पुस्तक है।

  2. ((b))

    वह कुछ खा रहा है।

  3. ((c))

    कौन जा रहा है?

  4. ((d))

    जो पढ़ेगा सो पास हो जाएगा।

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Answer: ((b))

वह कुछ खा रहा है।

दिए गए विकल्पों में अनिश्चयवाचक सर्वनाम से युक्त वाक्य का सही उत्तर है- वह कुछ खा रहा है।

Key Points

  • 'वह कुछ खा रहा है' वाक्य में 'कुछ' शब्द अनिश्चयवाचक सर्वनाम है क्योंकि इससे किसी निश्चित वस्तु का ज्ञान नहीं हो रहा है।
  • जिस सर्वनाम शब्द से किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध नहीं होता है, उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं।
  • उदाहरण: कोई, कुछ, किसी।
  • बाहर कोई खड़ा है।
  • दूध में कुछ गिर गया है।

अन्य विकल्प -

वाक्य/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
यह मेरी पुस्तक है।यहाँ यह शब्द किसी निश्चित वस्तु की ओर संकेत कर रहा है।निश्चयवाचक सर्वनाम
कौन जा रहा है?यहाँ कौन शब्द का प्रयोग प्रश्न पूछने के लिए किया गया है।प्रश्नवाचक सर्वनाम
जो पढ़ेगा सो पास हो जाएगा।यहाँ जो-सो दो वाक्यों के बीच संबंध स्थापित कर रहे हैं।संबंधवाचक सर्वनाम

Important Points 

 सर्वनाम के भेद-

  1. पुरुषवाचक सर्वनाम
  2. निश्चयवाचक सर्वनाम
  3. अनिश्चयवाचक सर्वनाम
  4. संबंधवाचक सर्वनाम
  5. प्रश्नवाचक सर्वनाम
  6. निजवाचक सर्वनाम

Additional Information

भेद का नामविवरणप्रमुख उदाहरण
पुरुषवाचकवक्ता, श्रोता या किसी अन्य के लिए प्रयुक्त।मैं, तुम, वह, हम, आप।
निश्चयवाचककिसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति का बोध कराने वाले।यह, वह, ये, वे।
संबंधवाचकदो उपवाक्यों के बीच संबंध जोड़ने वाले शब्द।जो-सो, जैसा-वैसा, जिसकी-उसकी।
प्रश्नवाचकप्रश्न पूछने के लिए प्रयुक्त होने वाले शब्द।कौन, क्या, कहाँ, कब।
निजवाचककर्ता स्वयं के लिए जिन शब्दों का प्रयोग करता है।आप, स्वयं, खुद, अपने आप।
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किस वाक्य में पुरुषवाचक स���्वनाम नहीं है?

  1. ((a))

    सामान कौन लाएगा?

  2. ((b))

    आप यहाँ बैठिए।

  3. ((c))

    उसमें धैर्य की कमी है।

  4. ((d))

    हम स्कूल जा रहे हैं।

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Answer: ((a))

सामान कौन लाएगा?

किस वाक्य में पुरुषवाचक सर्वनाम नहीं है? का सही उत्तर है- सामान कौन लाएगा?

Key Points

  • 'सामान कौन लाएगा?' वाक्य में 'कौन' शब्द का प्रयोग हुआ है, जो कि एक प्रश्नवाचक सर्वनाम है। इसमें किसी व्यक्ति के पुरुषवाचक सर्वनाम का बोध नहीं हो रहा है।
  • पुरुषवाचक सर्वनाम: जो सर्वनाम शब्द वक्ता (बोलने वाले), श्रोता (सुनने वाले) या किसी अन्य व्यक्ति के लिए प्रयुक्त होते हैं, उन्हें पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं।
  • अन्य उदाहरण: मैं खाना खा रहा हूँ (उत्तम पुरुष), तुम कहाँ जा रहे हो? (मध्यम पुरुष)।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
आप यहाँ बैठिए।यहाँ 'आप' शब्द श्रोता (सुनने वाले) के लिए आदर स्वरूप प्रयुक्त हुआ है।मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम
उसमें धैर्य की कमी है।यहाँ 'उसमें' शब्द किसी तीसरे (अन्य) व्यक्ति के बारे में बता रहा है।अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम
हम स्कूल जा रहे हैं।यहाँ 'हम' शब्द वक्ता (स्वयं और समूह) के लिए प्रयुक्त हुआ है।उत्तम पुरुषवाचक सर्वनाम

Important Points 

 पुरुषवाचक सर्वनाम के भेद-

  1. उत्तम पुरुष (वक्ता: मैं, हम)
  2. मध्यम पुरुष (श्रोता: तू, तुम, आप)
  3. अन्य पुरुष (अन्य व्यक्ति: वह, वे, यह, ये)

Additional Information

भेद का नामविवरणप्रमुख उदाहरण
निश्चयवाचककिसी निश्चित वस्तु या व्यक्ति का बोध कराने वाले।यह, वह, ये, वे।
अनिश्चयवाचकजिससे किसी निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध न हो।कोई, कुछ, किसी।
संबंधवाचकजो दो उपवाक्यों के बीच संबंध जोड़ते हैं।जो-सो, जैसा-वैसा, जिसकी-उसकी।
प्रश्नवाचकजिनका प्रयोग प्रश्न पूछने के लिए किया जाता है।कौन, क्या, किसे, कहाँ।
निजवाचकजहाँ वक्ता अपने लिए 'स्वयं' या 'खुद' का प्रयोग करे।आप, स्वयं, खुद, अपने आप।
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विशेषण की उत्तमावस्था का प्रयोग किस वाक्य में किया गया है?

  1. ((a))

    यह बहुत सुंदर चित्र है।

  2. ((b))

    मेरा घर उसके घर से छोटा है।

  3. ((c))

    उसे सर्वाधिक अंक प्राप्त हुए।

  4. ((d))

    मोहन की अपेक्षा सोहन होशियार है ।

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Answer: ((c))

उसे सर्वाधिक अंक प्राप्त हुए।

विशेषण की उत्तमावस्था के प्रयोग का सही उत्तर है- उसे सर्वाधिक अंक प्राप्त हुए।

Key Points

  • विकल्प 'C' में 'सर्वाधिक' शब्द का प्रयोग किया गया है, जिसका अर्थ है 'सबमें अधिक'। यह विशेषण की उच्चतम स्थिति को दर्शाता है।
  • विशेषण की वह अवस्था जिसमें दो से अधिक व्यक्तियों या वस्तुओं की तुलना करके किसी एक को सबसे अच्छा या सबसे बुरा बताया जाता है, उसे उत्तमावस्था कहते हैं।
  • अन्य उदाहरण: राम कक्षा में सबसे चतुर है। / हिमालय उच्चतम पर्वत है।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
यह बहुत सुंदर चित्र है।यहाँ केवल एक वस्तु की सामान्य विशेषता बताई गई है, किसी से तुलना नहीं की गई है।मूलावस्था
मेरा घर उसके घर से छोटा है।यहाँ दो घरों के बीच तुलना की गई है।उत्तरावस्था
मोहन की अपेक्षा सोहन होशियार है।यहाँ दो व्यक्तियों (मोहन और सोहन) के बीच तुलना की गई है।उत्तरावस्था

Important Points 

 विशेषण की अवस्थाओं के भेद-

  1. मूलावस्था (Positive Degree)
  2. उत्तरावस्था (Comparative Degree)
  3. उत्तमावस्था (Superlative Degree)

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
मूलावस्थाइसमें किसी व्यक्ति या वस्तु की सामान्य विशेषता बताई जाती है। कोई तुलना नहीं होती।सुंदर उच्च
उत्तरावस्थाइसमें दो व्यक्तियों या वस्तुओं के बीच तुलना की जाती है। इसमें 'तर' प्रत्यय या 'से' का प्रयोग होता है।सुंदरतर = सुंदर से अधिक उच्चतर = उच्च से अधिक
उत्तमावस्थाइसमें सबकी तुलना में किसी एक को सबसे अच्छा या बुरा बताया जाता है। इसमें 'तम' प्रत्यय या 'सबसे' का प्रयोग होता है।सुंदरतम = सबसे सुंदर उच्चतम = सबसे उच्च
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सर्वनाम से निर्मित भाववाचक संज्ञा कौन सी है?

  1. ((a))

    कायरता

  2. ((b))

    ईर्ष्या

  3. ((c))

    अहंकार

  4. ((d))

    औचित्य

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Answer: ((c))

अहंकार

सर्वनाम से निर्मित भाववाचक संज्ञा का सही उदाहरण है- अहंकार

Key Points

  • 'अहं���ार' शब्द 'अहम्' सर्वनाम से बना है। 'अहम्' का अर्थ होता है 'मैं', जो कि एक संस्कृत मूल का सर्वनाम है। इसमें 'कार' प्रत्यय जुड़ने से 'अहंकार' भाववाचक संज्ञा का निर्माण हुआ है।
  • जब किसी सर्वनाम शब्द के साथ प्रत्यय लगाकर उसे भाव, अवस्था या गुण के रूप में व्यक्त किया जाता है, तो उसे सर्वनाम से निर्मित भाववाचक संज्ञा कहते हैं।
  • अन्य उदाहरण: अपना (सर्वनाम) से अपनापन या अपनत्व

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
कायरताकायर (विशेषण) + ता (प्रत्यय)विशेषण से निर्मित भाववाचक संज्ञा
ईर्ष्यायह एक मूल भाववाचक संज्ञा है।स्वतंत्र भाववाचक संज्ञा
औचित्यउचित (विशेषण) + य (प्रत्यय)विशेषण से निर्मित भाववाचक संज्ञा

Important Points 

 भाववाचक संज्ञा के निर्माण के भेद-

  1. जातिवाचक संज्ञा से (जैसे: बच्चा से बचपन)
  2. सर्वनाम से (जैसे: निज से निजता)
  3. विशेषण से (जैसे: सुंदर से सुंदरता)
  4. क्रिया से (जैसे: पढ़ना से पढ़ाई)
  5. अव्यय से (जैसे: दूर से दूरी)

Additional Information

निर्माणप्रत्यय के उदाहरणशब्द परिवर्तन (उदाहरण)
जातिवाचक संज्ञा सेता, त्व, पन, ईबच्चा → बचपन, मित्र → मित्रता, पुरुष → पुरुषत्व
सर्वनाम सेत्व, ता, स्व, पनअपना → अपनत्व, मम → ममता, निज → निजता
विशेषण सेता, ई, आस, पनमीठा → मिठास, सुंदर → सुंदरता, काला → कालिमा
क्रिया सेआई, आवट, आहट, आनचढ़ना → चढ़ाई, थकना → थकावट, हंसना → हंसी
अव्यय सेई, तादूर → दूरी, निकट → निकटता, शाबाश → शाबाशी
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प्रेरणार्थक क्रिया का प्रयोग किस वाक्य में किया गया है?

  1. ((a))

    तुम्हें देर तक नहीं सोना चाहिए।

  2. ((b))

    अध्यापक छात्र से कहानी लिखवाता है।

  3. ((c))

    हमें सदैव सत्य बोलना चाहिए।

  4. ((d))

    उसने मेरे लिए सामान खरीदा।

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Answer: ((b))

अध्यापक छात्र से कहानी लिखवाता है।

'प्रेरणार्थक क्रिया' का सही उत्तर है- अध्यापक छात्र से कहानी लिखवाता है।

Key Points

  • 'अध्यापक छात्र से कहानी लिखवाता है' वाक्य में 'लिखवाता है' एक प्रेरणार्थक क्रिया है क्योंकि यहाँ अध्यापक स्वयं कार्य न करके छात्र को कार्य करने की प्रेरणा दे रहा है।
  • जिस क्रिया से यह ज्ञात हो कि कर्ता स्वयं कार्य न करके कि���ी दूसरे को कार्य करने के लिए प्रेरित करता है, उसे प्रेरणार्थक क्रिया कहते हैं।
  • ​इसके दो रूप होते हैं: प्रथम प्रेरणार्थक और द्वितीय प्रेरणार्थक।
  • उदाहरण: राम ने श्याम से पत्र लिखवाया, माँ ने बच्चे को खाना खिलवाया

अन्य विकल्प -

वाक्यविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
तुम्हें देर तक नहीं सोना चाहिए।यहाँ सोना क्रिया का फल कर्ता पर पड़ रहा है।अकर्मक क्रिया
हमें सदैव सत्य बोलना चाहिए।यहाँ बोलना क्रिया के साथ कर्म (सत्य) की आवश्यकता है।सकर्मक क्रिया
उसने मेरे लिए सामान खरीदा।यहाँ खरीदा क्रिया का प्रभाव कर्म (सामान) पर है।सकर्मक क्रिया

Important Points 

 क्रिया के मुख्य भेद-

  1. अकर्मक क्रिया
  2. सकर्मक क्रिया
  3. प्रेरणार्थक क्रिया
  4. संयुक्त क्रिया
  5. नामधातु क्रिया

Additional Information

मूल क्रियाप्रथम प्रेरणार्थक (+आ)द्वितीय प्रेरणार्थक (+वाना)
पढ़नापढ़ानापढ़वाना
लिखनालिखानालिखवाना
हँसनाहँसानाहँसवाना
देनादिलानादिलवाना
करनाकरानाकरवाना
सोनासुलानासुलवाना
उठनाउठानाउठवाना
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किस वाक्य में क्रिया सकर्मक रूप में प्रयुक्त हुई है?

  1. ((a))

    माँ बच्चे को सुलाती है।

  2. ((b))

    चीता तेज़ दौड़ता है।

  3. ((c))

    वह बहुत समय से सो रहा है।

  4. ((d))

    शोरगुल से बच्चा जाग गया।

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Answer: ((a))

माँ बच्चे को सुलाती है।

'सकर्मक क्रिया' का सही उदाहरण/उत्तर है- माँ बच्चे को सुलाती है।

Key Points

  • 'माँ बच्चे को सुलाती है' वाक्य में 'सुलाती है' सकर्मक क्रिया है क्योंकि यहाँ क्रिया का प्रभाव कर्ता (माँ) पर न पड़कर कर्म (बच्चे) पर पड़ रहा है।
  • जिस क्रिया के साथ कर्म प्रयुक्त होता है या जिसके साथ कर्म की संभावना होती है, उसे सकर्मक क्रिया कहते हैं।
  • इसकी पहचान के लिए क्रिया के साथ 'क्या' या 'किसको' लगाकर प्रश्न किया जाता है। यहाँ 'किसको सुलाती है?' प्रश्न करने पर 'बच्चे को' उत्तर प्राप्त होता है।
  • अन्य उदाहरण: राम पुस्तक पढ़ता है। (क्या पढ़ता है? - पुस्तक) , सीता आम खाती है। (क्या खाती है? - आम)

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
चीता तेज़ दौड़ता है।'दौड़ना' क्रिया का प्रभाव सीधा कर्ता (चीता) पर पड़ रहा है, यहाँ कोई कर्म नहीं है।अकर्मक क्रिया
वह बहुत समय से सो रहा है।'सोना' एक स्वाभाविक क्रिया है जिसका फल कर्ता पर ही रहता है।अकर्मक क्रिया
शोरगुल से बच्चा जाग गया।'जागना' क्रिया में भी किसी बाहरी कर्म की आवश्यकता नहीं होती।अकर्मक क्रिया

Important Points 

 कर्म के आधार पर क्रिया के भेद-

  1. अकर्मक क्रिया
  2. सकर्मक क्रिया

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
अकर्मक क्रियाजिस क्रिया का फल सीधा कर्ता पर पड़ता है और जिसमें कर्म की आवश्यकता नहीं होती।पक्षी उड़ रहे हैं। = उड़ना बच्चा रोता है। = रोना
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क्रियाविशेषण रहित वाक्य है-

  1. ((a))

    वह अचानक चला गया।

  2. ((b))

    मेरी बात ध्यान से सुनो।

  3. ((c))

    नौकर मालिक से खुश रहता है।

  4. ((d))

    वह प्राय: यहाँ आया करते थे ।

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Answer: ((c))

नौकर मालिक से खुश रहता है।

दिए गए विकल्पों में क्रियाविशेषण रहित वाक्य का सही उत्तर है- नौकर मालिक से खुश रहता है।

Key Points

  • 'नौकर मालिक से खुश रहता है' वाक्य में कोई भी ऐसा शब्द नहीं है जो क्रिया की विशेषता बता रहा हो।
  • यहाँ 'खुश' शब्द नौकर की अवस्था या भाव (विशेषण) को दर्शा रहा है, न कि क्रिया के होने के ढंग, समय या स्थान को।
  • वह शब्द जो क्रिया की विशेषता (रीति, समय, स्थान, परिमाण) प्रकट करते हैं, उन्हें क्रियाविशेषण कहते हैं।
  • उदाहरण: राम तेज दौड़ता है। (दौड़ने की विशेषता 'तेज' है)
  • उदाहरण: वह कल जाएगा। (जाने का समय 'कल' है)

अन्य विकल्प -

वाक्यविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
वह अचानक चला गया।यहाँ 'अचानक' शब्द क्रिया के होने की रीति या ढंग बता रहा है।रीतिवाचक क्रियाविशेषण
मेरी बात ध्यान से सुनो।यहाँ 'ध्यान से' सुनने की क्रिया की विधि स्पष्ट कर रहा है।रीतिवाचक क्रियाविशेषण
वह प्राय: यहाँ आया करते थे।यहाँ 'प्राय:' समय को और 'यहाँ' स्थान को सूचित कर रहा है।कालवाचक एवं स्थानवाचक क्रियाविशेषण

Important Points 

 क्रियाविशेषण के भेद-

  1. रीतिवाचक क्रियाविशेषण
  2. कालवाचक क्रियाविशेषण
  3. स्थानवाचक क्रियाविशेषण
  4. परिमाणवाचक क्रियाविशेषण

Additional Information

भेद का नामक्या बताता है?पहचान के लिए प्रश्नउदाहरण
कालवाचकक्रिया का समयकब?आज, कल, अभी, सदा, प्रतिदिन।
स्थानवाचकक्रिया का स्थानकहाँ?यहाँ, वहाँ, ऊपर, नीचे, बाहर।
परिमाणवाचकक्रिया की मात्राकितना?कम, ज्यादा, थोड़ा, बहुत, पर्याप्त।
रीतिवाचकक्रिया का तरीकाकैसे?धीरे, तेज, ध्यानपूर्वक, अचानक।
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संबंधसूचक अव्यय का प्रयोग किस वाक्य में नहीं हुआ है?

  1. ((a))

    वह मेरे घर के पीछे रहता है।

  2. ((b))

    हमारे शहर के आसपास बहुत हरियाली है।

  3. ((c))

    माँ के बिना घर सूना-सूना लगता है।

  4. ((d))

    यह काम पहले करना चाहिए था।

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Answer: ((d))

यह काम पहले करना चाहिए था।

संबंधसूचक अव्यय का प्रयोग किस वाक्य में नहीं हुआ है, इसका सही उत्तर है- यह काम पहले करना चाहिए था।

Key Points

  • 'यह काम पहले करना चाहिए था' वाक्य में 'पहले' शब्द का प्रयोग कालवाचक क्रिया-विशेषण के रूप में हुआ है।
  • यहाँ यह क्रिया के होने के समय की विशेषता बता रहा है, न कि दो संज्ञाओं या सर्वनामों के बीच संबंध।
  • जो अव्यय शब्द किसी संज्ञा या सर्वनाम के साथ जुड़कर उनका संबंध वाक्य के अन्य शब्दों से बताते हैं, उन्हें संबंधबोधक (संबंधसूचक) अव्यय कहते हैं।
  • इनकी पहचान अक्सर 'के', 'से', 'की' जैसे परसर्गों से होती है। जैसे- के पीछे, के ऊपर, के सामने, के बिना, के लिए, आदि।
  • उदाहरण: राम के साथ लक्ष्मण भी वन गए। (यहाँ 'के साथ' राम और लक्ष्मण के संबंध को दर्शा रहा है।)
  • अन्य उदाहरण: विद्यालय के सामने बगीचा है।

अन्य विकल्प -

वाक्यविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
वह मेरे घर के पीछे रहता है।यहाँ 'घर' और 'रहने' के स्थान के बीच संबंध के पीछे द्वारा बताया गया है।स्थानवाचक संबंधबोधक
हमारे शहर के आसपास बहुत हरियाली है।यहाँ 'शहर' और 'हरियाली' की स्थिति का संबंध के आसपास से स्पष्ट हो रहा है।स्थानवा���क संबंधबोधक
माँ के बिना घर सूना-सूना लगता है।यहाँ 'माँ' और 'घर' की अवस्था का संबंध के बिना (व्यतिरेक) के माध्यम से दिखाया गया है।व्यतिरेकवाचक संबंधबोधक

Important Points 

 अव्यय के मुख्य भेद-

  1. क्रिया-विशेषण
  2. संबंधबोधक
  3. समुच्चयबोधक
  4. विस्मयादिबोधक
  5. निपात

Additional Information

अव्यय का नामकार्य / विवरणपहचान के लिए शब्दउदाहरण
क्रियाविशेषणक्रिया की विशेषता (समय, स्थान, रीति, परिमाण) बताना ।धीरे-धीरे, कल, यहाँ, बहुत।वह कल आएगा।
समुच्चयबोधकदो शब्दों या वाक्यों को जोड़ना ।और, किन्तु, परन्तु, इसलिए, या।राम और श्याम भाई हैं।
विस्मयादिबोधकहर्ष, शोक, घृणा या आश्चर्य के भाव प्रकट करना।वाह!, अरे!, हाय!, शाबाश!अरे! तुम कब आए?
निपातकिसी शब्द के बाद लगकर अर्थ में विशेष बल देना।ही, भी, तो, तक, मात्र, भर।तुम्हें चलना ही पड़ेगा।
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किस वाक्य में सार्वनामिक विशेषण प्रयुक्त हुआ है?

  1. ((a))

    वे कल जा रहे हैं।

  2. ((b))

    आप तो महान हैं।

  3. ((c))

    कोई आदमी आया था।

  4. ((d))

    वह पुस्तक पढ़ रहा है।

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Answer: ((c))

कोई आदमी आया था।

सार्वनामिक विशेषण प्रयुक्त होने वाले वाक्य का सही उत्तर है- कोई आदमी आया था।

Key Points

  • 'कोई आदमी आया था' वाक्य में 'कोई' शब्द 'आदमी' (संज्ञा) से पहले आकर उसकी विशेषता या अनिश्चितता की ओर संकेत कर रहा है।
  • जब कोई सर्वनाम शब्द संज्ञा से पहले आकर उसकी विशेषता बताता है या उसकी ओर संकेत करता है, तो उसे सार्वनामिक विशेषण कहते हैं।
  • अन्य उदाहरण: यह घर मेरा है, वह लड़का चालाक है।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
वे कल जा रहे हैं।यहाँ 'वे' शब्द व्यक्तियों के स्थान पर प्रयुक्त हुआ है।अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम
आप तो महान हैं।यहाँ 'आप' शब्द सुनने वाले (श्रोता) के लिए आदरसूचक शब्द है।मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम
वह पुस्तक पढ़ रहा है।यहाँ 'वह' शब्द कर्ता के रूप में प्रयुक्त है, जो पुस्तक पढ़ रहा है।अन्य पुरुषवाचक सर्वनाम

Important Points 

 विशेषण के मुख्य भेद-

  1. गुणवाचक विशेषण
  2. संख्यावाचक विशेषण
  3. परिमाणवाचक विशेषण
  4. सार्वनामिक विशेषण

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
पुरुषवाचक सर्वनाम​वे शब्द हैं जो बोलने वाले (उत्तम पुरुष), सुनने वाले (मध्यम पुरुष) या किसी अन्य व्यक्ति (अन्य पुरुष) के लिए प्रयोग किए जाते हैं, जैसे- मैं, हम (वक्ता द्वारा खुद के लिए), तुम और आप (सुनने वाले के लिए) और यह, वह, ये, वे (किसी और के बारे में बात करने के लिए) आदि।मैं बाज़ार जाऊंगा। तुम क्या कर रहे हो? वह स्कूल जाता है।
22

किस वाक्य में निपात का प्रयोग नहीं हुआ है?

  1. ((a))

    शहर भर में यह बात फैल गई।

  2. ((b))

    वह तो घर पर नहीं है।

  3. ((c))

    मैं भी आपके साथ चलूंगा।

  4. ((d))

    मैं घर जा रहा हूँ ताकि आराम कर सकूँ।

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Answer: ((d))

मैं घर जा रहा हूँ ताकि आराम कर सकूँ।

दिए गए वाक्यों में से 'निपात का प्रयोग नहीं हुआ है' का सही उत्तर है- मैं घर जा रहा हूँ ताकि आराम कर सकूँ।

Key Points

  • वाक्य "मैं घर जा रहा हूँ ताकि आराम कर सकूँ" में 'ताकि' शब्द का प्रयोग हुआ है, जो कि एक समुच्चयबोधक अव्यय (Conjunction) है, न कि निपात।
  • निपात उन सहायक पदों को कहते हैं जो किसी शब्द या पद के बाद लगकर उसके अर्थ में विशेष बल या जोर पैदा करते हैं।
  • इन्हें 'अव्यय' भी कहा जाता है, लेकिन ये शुद्ध अव्यय नहीं होते।
  • निपात के अन्य उदाहरण:
  • तुम्हें आज रुकना ही पड़ेगा।
  • मेरे पास मात्र दस रुपये हैं।

अन्य विकल्प -

वाक्यनिपात शब्दविवरण
शहर भर में यह बात फैल गई।भरसीमाबोधक निपात
वह तो घर पर नहीं है।तोबलदायक निपात
मैं भी आपके साथ चलूंगा।भीबलदायक निपात

Important Points 

 निपात के मुख्य भेद-

  1. स्वीकार्य निपात (हाँ, जी, जी हाँ)
  2. नकारात्मक निपात (नहीं, जी नहीं)
  3. निषेधात्मक निपात (मत)
  4. प्रश्नबोधक निपात (क्या)
  5. विस्मयादिबोधक निपात (क्या, काश)
  6. बलदायक/सीमाबोधक निपात (ही, भी, तो, तक, भर, केवल, मात्र)

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
समुच्चयबोधक अव्ययदो शब्दों, वाक्यांशों या वाक्यों को परस्पर जोड़ने वाले शब्द समुच्चयबोधक कहलाते हैं। ​प्रमुख समुच्चयबोधक शब्द हैं: और, तथा, एवं, या, अथवा, लेकिन, किंतु, परंतु, क्योंकि, ताकि, इसलिए, अन्यथा आदि।राम और श्याम पढ़ रहे हैं। जल्दी चलो ताकि समय पर पहुँच सकें।
निपातवाक्य में किसी शब्द पर विशेष बल देने के लिए प्रयोग किए जाने वाले अव्यय। जैसे- ही, भी, तो, तक, केवल, मात्र, सिर्फ।राम ने ही रावण को मारा। उसे तक यह बात पता नहीं।
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निम्नलिखित में ‘पवन’ का पर्यायवाची नहीं है:

  1. ((a))

    वात

  2. ((b))

    मारुति

  3. ((c))

    अनिल

  4. ((d))

    समीर

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Answer: ((b))

मारुति

दिए गए विकल्पों में 'पवन' का पर्यायवाची नहीं होने का सही उत्तर है- मारुति

Key Points

  • 'पवन' का अर्थ 'वायु' या 'हवा' होता है, जबकि 'मारुति' का अर्थ 'हनुमान' या 'पवनपुत्र' होता है।
  • जिन शब्दों के अर्थ में समानता होती है, उन्हें पर्यायवाची शब्द या समानार्थी शब्द कहते हैं।
  • पवन के अन्य मुख्य पर्यायवाची शब्द हैं: वायु, समीर, अनिल, वात, मरुत, बयार आदि।
  • मारुति के अन्य पर्यायवाची शब्द हैं: हनुमान, अंजनीपुत्र, पवनपुत्र, केसरीनंदन, बजरंगबली आदि।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
वातइसका अर्थ है बहती हुई हवा या वायु।पवन का पर्यायवाची
अनिलइसका अर्थ वायु होता है (ध्यान दें: अनल का अर्थ आग होता है)।पवन का पर्यायवाची
समीरइसका अर्थ मंद और शीतल हवा होता है।पवन का पर्यायवाची

Important Points 

 पर्यायवाची शब्द के भेद-

  1. पूर्ण पर्याय: जब एक शब्द के स्थान पर दूसरा शब्द रखा जाए और अर्थ में कोई अंतर न आए।
  2. पूर्णापूर्ण पर्याय: जो शब्द एक प्रसंग में पूर्ण पर्याय हों किंतु दूसरे प्रसंग में समान न रह सकें।
  3. अपूर्ण पर्याय: जिनमें सूक्ष्म अर्थ-भेद विद्यमान होता है।

Additional Information

शब्दप्रमुख पर्यायवाची
अमृतपीयूष, सुधा, सोम, अमिय, सुरभोग।
कमलजलज, पंकज, सरोज, राजीव, अरविन्द, पद्म।
गंगाभगीरथी, मंदाकिनी, सुरसरि, देवनदी, विष्णुपदी।
पृथ्वीभू, भूमि, धरा, अचल, वसुधा, वसुंधरा।
बादलमेघ, घन, जलधर, वारिद, नीरद, पयोधर।
रातरात्रि, निशा, रजनी, यामिनी, विभावरी, रैन।
सूर्यरवि, दिनकर, सूरज, भास्कर, मार्तण्ड, प्रभाकर।
हाथीगज, कुंजर, हस्ती, मतंग, द्विरद, नाग।
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किस विकल्प में सभी शब्द 'घर' के पर्यायवाची हैं?

  1. ((a))

    निकेत, निलय

  2. ((b))

    सदन, साकेत

  3. ((c))

    आलय, निकुंज

  4. ((d))

    गृह, भुवन

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Answer: ((a))

निकेत, निलय

'घर' के पर्यायवाची शब्दों वाले विकल्प का सही उत्तर है- निकेत, निलय

Key Points

  • 'निकेत' और 'निलय' दोनों ही शब्द 'घर' के अर्थ को प्रकट करते हैं, इसलिए यह सही उत्तर है।
  • समान अर्थ प्रकट करने वाले शब्दों को पर्यायवाची शब्द या समानार्थी शब्द कहा जाता है।
  • 'घर' के अन्य महत्वपूर्ण पर्यायवाची: गृह, सदन, आवास, आलय, निकेतन, गेह, शाला, ओक, धाम आदि।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
सदन, साकेतसदन का अर्थ घर है, जबकि साकेत का अर्थ अयोध्या या स्वर्ग होता है।अशुद्ध युग्म
आलय, निकुंजआलय का अर्थ घर है, किंतु निकुंज का अर्थ लताओं से घिरा स्थान (कुंज) है।अशुद्ध युग्म
गृह, भुवनगृह का अर्थ घर है, लेकिन भुवन का अर्थ स���सार या लोक होता है।अशुद्ध युग्म

Important Points 

 पर्यायवाची शब्द के भेद-

  1. पूर्ण पर्याय: जो शब्द एक-दूसरे के स्थान पर पूरी तरह फिट बैठते हैं।
  2. पूर्णापूर्ण पर्याय: जो शब्द एक संदर्भ में तो समान होते हैं पर दूसरे में नहीं।
  3. अपूर्ण पर्याय: जिनका अर्थ समान होते हुए भी सूक्ष्म अंतर रखता है।

Additional Information

शब्दप्रमुख पर्यायवाची
अतिथिमेहमान, पाहुना, अभ्यागत, आगंतुक।
ईश्वरप्रभु, परमेश्वर, जगदीश, विधाता, अगम, अनादि।
कपड़ावस्त्र, पट, वसन, अंबर, चीर।
गणेशलंबोदर, एकदंत, विनायक, गजानन, मोदकप्रिय।
घरगृह, सदन, आवास, निकेतन, भवन, निलय।
तलवारअसि, कृपाण, करवाल, खड्ग, चन्द्रहास।
नदीसरिता, तटिनी, तरंगिणी, निर्झरिणी, आपगा।
पुष्पफूल, कुसुम, सुमन, प्रसून, पुहुप।
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किस विकल्प में परस्पर पर्यायवाची शब्द नहीं है?

  1. ((a))

    समुद्र, उदधि

  2. ((b))

    चपला, बिजली

  3. ((c))

    चंद्रमा, शशांक

  4. ((d))

    भास्कर, निशाकर

Show Answer
Answer: ((d))

भास्कर, निशाकर

दिए गए विकल्पों में से 'पर्यायवाची शब्द नहीं है' का सही उत्तर है- भास्कर, निशाकर

Key Points

  • विकल्प 'D' में दिए गए शब्द 'भास्कर' और 'निशाकर' परस्पर पर्यायवाची नहीं हैं।
  • भास्कर शब्द 'सूर्य' का बोध कराता है, जबकि निशाकर शब्द 'चंद्रमा' का बोध कराता है।
  • भाषा में जिन शब्दों के अर्थ समान होते हैं, उन्हें पर्यायवाची शब्द या समानार्थी शब्द कहा जाता है।
  • सूर्य के अन्य पर्यायवाची: रवि, दिनकर, भानु, आदित्य।
  • चंद्रमा के अन्य पर्यायवाची: शशि, मयंक, सुधांशु, राकेश।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
समुद्र, उदधिये दोनों शब्द सागर के लिए प्रयुक्त होते हैं।समानार्थी (पर्यायवाची)
चपला, बिजलीये दोनों शब्द तड़ित या दामिनी के लिए प्रयुक्त होते हैं।समानार्थी (पर्यायवाची)
चंद्रमा, शशांकये दोनों शब्द चाँद या रजनीश के लिए प्रयुक्त होते हैं।समानार्थी (पर्यायवाची)

Important Points 

 पर्यायवाची शब्द के भेद-

  1. पूर्ण पर्यायवाची (जो शब्द एक-दूसरे के स्थान पर पूरी तरह फिट बैठें)
  2. पूर्णापूर्ण पर्यायवाची (जो एक प्रसंग में तो समान हों पर दूसरे में नहीं)
  3. अपूर्ण पर्यायवाची (जिनके अर्थ में सूक्ष्म अंतर हो)

Additional Information

शब्दप्रमुख पर्यायवाची
कोयलपिक, कोकिला, श्याम, मदनशलाका, कलघोष।
चाँदनीचंद्रिका, कौमुदी, ज्योत्स्ना, चन्द्रमरीचि, अमृतकणिका।
जंगलविपिन, कानन, आरण्य, कांतार, अटवी।
तालाबजलाशय, सर, तड़ाग, पुष्कर, सरोवर, हृद।
पक्षीखग, विहंग, पखेरू, द्विज, अंडज, शकुनि।
बाणशर, तीर, सायक, विशिख, शिलीमुख, इषु।
बिजलीचपला, चंचला, दामिनी, तड़ित, सौदामिनी।
यमराजधर्मराज, कीनाश, शमन, दण्डधर, जिजीविषु।
सरस्वतीभारती, शारदा, वीणापाणि, वागीशा, महाश्वेता।
26

विस्मयबोधक अव्ययों के संबंध में कौन सा तथ्य सही नहीं है?

  1. ((a))

    ये वक्ता के हर्ष, शोक आदि मनोभावों को व्यक्त करते हैं।

  2. ((b))

    इनके आगे विस्मयबोधक चिह्न लगाया जाता है।

  3. ((c))

    एक ही विस्मयबोधक शब्द से सभी मनोभावों को सूचित किया जा सकता है।

  4. ((d))

    ये वाक्य से स्वतंत्र होते हैं ।

Show Answer
Answer: ((c))

एक ही विस्मयबोधक शब्द से सभी मनोभावों को सूचित किया जा सकता है।

विस्मयबोधक अव्ययों के संबंध में गलत तथ्य का सही उत्तर है- एक ही विस्मयबोधक शब्द से सभी मनोभावों को सूचित किया जा सकता है।

Key Points

  • विस्मयबोधक अव्यय वे शब्द होते हैं जिनसे आश्चर्य, हर्ष, शोक, घृणा आदि के भाव प्रकट होते हैं।
  • यह तथ्य गलत है कि एक ही शब्द से सभी भाव व्यक्त हो सकते हैं, क्योंकि प्रत्येक भाव के लिए विशिष्ट शब्दों का प्रयोग किया जाता है।
  • जिन अव्ययों से हर्ष, शोक, विस्मय, तिरस्कार, सम्बोधन आदि का बोध होता है, उन्हें विस्मयबोधक अव्यय कहते हैं।
  • इनका वाक्य के अन्य पदों से कोई व्याकरणिक संबंध नहीं होता और इनके आगे विस्मयबोधक चिह्न (!) लगाया जाता है।
  • उदाहरण: वाह! कितना सुंदर दृश्य है। (हर्षबोधक)
  • उदाहरण: हाय! अब मैं क्या करूँ? (शोकबोधक)

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
हर्ष, शोक आदि मनोभावये वक्ता के हृदय के आंतरिक भावों को तीव्र रूप में व्यक्त करते हैं।भावबोधक विशेषता
विस्मयबोधक चिह्न (!)विस्मयबोधक शब्दों के ठीक बाद प्रयुक्त होने वाला चिह्न।विराम चिह्न विधान
वाक्य से स्वतंत्रइनका वाक्य की मुख्य क्रिया या कर्ता से प्रत्यक्ष संबंध नहीं होता।व्याकरणिक विशेषता

Important Points 

 विस्मयबोधक अव्यय के भेद-

  1. हर्षबोधक (आहा!, वाह-वाह! आदि)
  2. शोकबोधक (हाय!, उफ़!, हा-हा! आदि)
  3. विस्मयबोधक (ओह!, क्या!, अरे! आदि)
  4. तिरस्कार/घृणाबोधक (छि!, धिक्!, हट! आदि)
  5. स्वीकृतिबोधक (हाँ!, अच्छा!, जी हाँ! आदि)

Additional Informationअव्यय के मुख्य भेद-

  1. क्रिया-विशेषण
  2. संबंधबोधक
  3. समुच्चयबोधक
  4. विस्मयादिबोधक
  5. निपात
27

किस विकल्प में परस्पर विलोम शब्द नहीं हैं?

  1. ((a))

    निषिद्ध - विहित

  2. ((b))

    मसृण - रूक्ष

  3. ((c))

    श्रांत - क्लांत

  4. ((d))

    वैमनस्य - सौमनस्य

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Answer: ((c))

श्रांत - क्लांत

किस विकल्प में परस्पर विलोम शब्द नहीं हैं? का सही उत्तर है- श्रांत - क्लांत

Key Points

  • 'श्रांत' और 'क्लांत' परस्पर विलोम न होकर पर्यायवाची शब्द हैं।
  • 'श्रांत' का अर्थ 'थका हुआ' होता है और 'क्लांत' का अर्थ भी 'थका हुआ या थका-माँदा' होता है।
  • जो शब्द एक-दूसरे का विपरीत अर्थ प्रकट करते हैं, उन्हें विलोम शब्द कहते हैं।
  • विलोम शब्द हमेशा उसी व्याकरणिक कोटि का होना चाहिए जिसका वह शब्द है।
  • विलोम शब्द के अन्य उदाहरण: सार्थक - निरर्थक, अमृत - विष

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
निषिद्ध - विहित'निषिद्ध' का अर्थ है रोका हुआ और 'विहित' का अर्थ है विधि द्वारा स्वीकृतविलोम शब्द
मसृण - रूक्ष'मसृण' का अर्थ है चिकना या कोमल और 'रूक्ष' का अर्थ है खुरदरा या सूखाविलोम शब्द
वैमनस्य - सौमनस्य'वैमनस्य' का अर्थ है शत्रुता का भाव और 'सौमनस्य' का अर्थ है मित्रता या प्रसन्नताविलोम शब्द

Important Points 

 विलोम शब्द बनाने के भेद-

  1. उपसर्ग जोड़कर (जैसे: मान - अपमान)
  2. उपसर्ग बदलकर (जैसे: अनुकूल - प्रतिकूल)
  3. लिंग परिवर्तन द्वारा (जैसे: राजा - रानी)
  4. नञ् समास के पद बनाकर (जैसे: सार्थक - निरर्थक)

Additional Information

शब्दविलोम
प्रकाश��न्धकार
अभिज्ञअनभिज्ञ
विकर्षणआकर्षण
इहलोकपरलोक
उत्थानपतन
जंगमस्थावर
निर्मलमलिन
प्रसारणसंकुचन
मूकवाचाल
28

'इति-ईति' का सही अर्थ भेद है

  1. ((a))

    पूर्णता - इच्छा

  2. ((b))

    पीड़ा - समापन

  3. ((c))

    प्रारंभ - विश्वास

  4. ((d))

    समाप्ति - दुःख

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Answer: ((d))

समाप्ति - दुःख

'इति-ईति' शब्द युग्म का सही अर्थ भेद है- समाप्ति - दुःख

Key Points

  • दिए गए शब्द युग्म 'इति-ईति' में 'इति' का अर्थ 'समाप्ति' या 'अंत' होता है, जबकि 'ईति' का अर्थ 'दैवीय प्रकोप', 'विघ्न' या 'फसल को पहुँचाने वाला दुःख/कष्ट' होता है।
  • हिंदी व्याकरण में ऐसे शब्द जो सुनने और पढ़ने में समान प्रतीत होते हैं किन्तु उनके अर्थ भिन्न होते हैं, उन्हें श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द या 'शब्द-युग्म' कहा जाता है।
  • अन्य उदाहरण:
  • अंश - अंस: अंश का अर्थ 'भाग' और अंस का अर्थ 'कंधा' होता है।
  • अनल - अनिल: अनल का अर्थ 'आग' और अनिल का अर्थ 'हवा' होता है।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
प्रारंभ - विश्वास'प्रारंभ' के लिए अथ शब्द प्रयुक्त होता है और विश्वास के लिए प्रत्ययभिन्नार्थक शब्द
पीड़ा - समापनयदि क्रम 'ईति-इति' होता, तो अर्थ पीड़ा - समापन होता।क्रम विपर्यय
पूर्णता - इच्छापूर्णता का अर्थ संपन्नता और इच्छा का अर्थ इष या ईप्सा होता है।भिन्नार्थक शब्द

Important Points 

 श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्दों के भेद-

  1. मात्रा भेद वाले शब्द: जैसे- अवधि (समय) और अवधी (भाषा)।
  2. वर्ण भेद वाले शब्द: जैसे- चरण (पैर) और चारण (भाट)।
  3. व्यंजन द्वित्व वाले शब्द: जैसे- पता (ठिकाना) और पत्ता (पर्ण)।

Additional Information​प्रमुख श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द उदाहरण-

  • अवधि (समय सीमा) - अवधी (एक भाषा)
  • प्रणाम (नमस्कार) - प्रमाण (सबूत)
  • कुल (वंश/सब) - कूल (किनारा)
  • गृह (घर) - ग्रह (आकाशीय पिंड)
  • सुत (बेटा) - सूत (धागा/सारथी)
  • अम्बुज (कमल) - अम्बुधि (सागर)
  • नियत (निश्चित) - नीयत (इरादा)
  • तरणि (सूर्य) - तरणी (नाव)
  • अं��ना (स्त्री) - अंगना (घर का आँगन)
29

किन समश्रुत भिन्नार्थक शब्दों का अर्थ भेद सुसंगत नहीं है?

  1. ((a))

    आसन - आसन्न = समीपस्थ - बैठने की विधि

  2. ((b))

    पट - पटु = वस्त्र - निपुण

  3. ((c))

    पृष्ट - पृष्ठ = पूछा हुआ - पीठ

  4. ((d))

    गौड़ - गौण = ब्राह्मणों की एक जाति - जो प्रधान न हो

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Answer: ((a))

आसन - आसन्न = समीपस्थ - बैठने की विधि

दिए गए विकल्पों में 'आसन - आसन्न' का अर्थ भेद सुसंगत नहीं है, अतः इस प्रश्न का सही उत्तर है- आसन - आसन्न = समीपस्थ - बैठने की विधि

Key Points

  • 'आसन - आसन्न' का सही अर्थ भेद क्रमशः 'बैठने की विधि/वस्तु' और 'निकट/समीप' होता है, जबकि विकल्प में इसे उल्टा (समीपस्थ - बैठने की विधि) दिया गया है।
  • हिंदी व्याकरण में ऐसे शब्द जो सुनने या पढ़ने में लगभग समान लगते हैं, लेकिन उनके अर्थ भिन्न होते हैं, उन्हें समश्रुत भिन्नार्थक शब्द (युग्म शब्द) कहा जाता है।
  • उदाहरण: 'अनल' का अर्थ आग है, जबकि 'अनिल' का अर्थ हवा होता है।
  • उदाहरण: 'कुल' का अर्थ वंश/सब है, जबकि 'कूला' का अर्थ किनारा होता है।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
पट - पटुपट का अर्थ वस्त्र और पटु का अर्थ निपुण/कुशल होता है।समश्रुत भिन्नार्थक
पृष्ट - पृष्ठपृष्ट का अर्थ पूछा हुआ और पृष्ठ का अर्थ पीठ या पन्ना होता है।समश्रुत भिन्नार्थक
गौड़ - गौणगौड़ ब्राह्मणों की एक जाति है और गौण का अर्थ जो प्रधान न हो होता है।समश्रुत भिन्नार्थक

Important Points 

 अर्थ के आधार पर शब्द के भेद-

  1. एकार्थी शब्द
  2. अनेकार्थी शब्द
  3. पर्यायवाची शब्द
  4. विलोम शब्द
  5. समश्रुत भिन्नार्थक शब्द

Additional Information​प्रमुख श्रुतिसम भिन्नार्थक शब्द उदाहरण-

  • लक्ष (लाख) - लक्ष्य (निशाना)
  • प्रसाद (कृपा/भोग) - प्रासाद (महल)
  • अली (भौंरा) - आली (सखी)
  • दारु (लकड़ी) - दारू (शराब)
  • सकल (संपूर्ण) - शकल (टुकड़ा)
  • अँगना (आँगन) - अंगना (स्त्री)
  • अणु (कण) - अनु (पीछे/उपसर्ग)
  • कृति (रचना) - कृती (पुण्यात्मा)
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किस विकल्प में समश्रुत भिन्नार्थक शब्दों का अर्थ भेद सुसंगत है?

  1. ((a))

    कोर-कौर = ग्रास-किनारा

  2. ((b))

    निश्चल-निश्छल = सीधा-स्थिर

  3. ((c))

    सुधि-सुधी = विद्वान-चेतना

  4. ((d))

    परुष-पुरुष = कठोर-नर

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Answer: ((d))

परुष-पुरुष = कठोर-नर

दिए गए विकल्पों में समश्रुत भिन्नार्थक शब्दों का सुसंगत अर्थ भेद है- परुष-पुरुष = कठोर-नर

Key Points

  • विकल्प 'D' में दिए गए शब्दों का अर्थ पूर्णतः सही है। 'परुष' शब्द का अर्थ कठोर या रूखा होता है, जबकि 'पुरुष' शब्द का अर्थ नर, आदमी या व्यक्ति होता है।
  • हिंदी व्याकरण में ऐसे शब्द जो सुनने और पढ़ने में लगभग समान प्रतीत होते हैं, परंतु उनके अर्थ भिन्न होते हैं, उन्हें समश्रुत भिन्नार्थक शब्द या शब्द-युग्म कहा जाता है।
  • अन्य उदाहरण: अनल (आग) और अनिल (हवा)।
  • अन्य उदाहरण: अंश (कंधा) और अंशु (किरण)।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
कोर-कौरकोर का अर्थ किनारा और कौर का अर्थ ग्रास होता है।शब्द युग्म
निश्चल-निश्छलनिश्चल का अर्थ स्थिर और निश्छल का अर्थ कपट रहित (सीधा) होता है।शब्द युग्म
सुधि-सुधीसुधि का अर्थ चेतना/स्मरण और सुधी का अर्थ विद्वान होता है।शब्द युग्म

Important Points 

 समश्रुत भिन्नार्थक शब्दों के अन्य महत्वपूर्ण उदाहरण-

  1. अविराम (लगातार) - अभिराम (सुन्दर)
  2. तरणि (सूर्य) - तरणी (नाव)
  3. उपल (पत्थर) - उत्पल (कमल)
  4. पानी (जल) - पाणि (हाथ)
  5. बली (वीर, शक्तिशाली) - बलि (बलिदान, भेंट)
  6. मूल (जड़) - मूल्य (कीमत
  7. शंकर (शिव) - संकर (मिश्रित जाति)
  8. श्रम (मेहनत) - सम (बराबर)
31

‘भ्रांत’ का विलोम शब्द है-

  1. ((a))

    विभ्रांत

  2. ((b))

    निर्भ्रांत

  3. ((c))

    संभ्रांत

  4. ((d))

    उद्भ्रांत

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Answer: ((b))

निर्भ्रांत

'भ्रांत' शब्द के विलोम का सही विकल्प है- निर्भ्रांत

Key Points

  • 'भ्रांत' शब्द का अर्थ होता है- जो भ्रम में हो, संशययुक्त या पथभ्रष्ट।
  • इसका सही विलोम शब्द 'निर्भ्रांत' है, जिसका अर्थ होता है- जिसे कोई भ्रम न हो, संशय रहित या स्पष्ट।
  • यहाँ 'भ्रांत' शब्द में 'निस्' (निर्) उपसर्ग जोड़कर विपरीतार्थक शब्द बनाया गया है।
  • व्याकरण के अनुसार, विपरीत अर्थ प्रकट करने वाले शब्दों को विलोम शब्द कहते हैं।
  • अन्य उदाहरण: मल - निर्मल, भय - निर्भय

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थविलोम शब्द
विभ्रांतजो अत्यधिक भ्रमित या व्याकुल हो।शांत
संभ्रांतजो अच्छी तरह से प्रतिष्ठित या कुलीन हो।असंभ्रांत/सामान्य
उद्भ्रांतजिसका मन उद्विग्न या घबराया हुआ हो।निश्चल

Important Points 

 विलोम शब्द (Antonyms) निर्माण के मुख्य प्रकार-

  1. लिंग परिवर्तन द्वारा (जैसे: माता-पिता)
  2. उपसर्ग जोड़कर (जैसे: मान-अपमान, भ्रांत-निर्भ्रांत)
  3. उपसर्ग परिवर्तन द्वारा (जैसे: आयात-निर्यात)
  4. नञ् समास द्वारा (जैसे: सभ्य-असभ्य)

Additional Information

शब्दविलोम
अर्वाचीनप्राचीन
अल्पज्ञबहुज्ञ
इतिअथ
उन्मीलननिमीलन
उर्वरऊसर / बंजर
ऋजुवक्र
कृत्रिमप्राकृतिक
परोक्षप्रत्यक्ष
व्यष्टिसमष्टि
शोषकपोषक
संकीर्णविस्तीर्ण / उदार
क्षणिकशाश्वत
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'जिसको वश में करना कठिन हो' वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द कौन सा है?

  1. ((a))

    दुस्तर

  2. ((b))

    दुर्वह

  3. ((c))

    दुर्दांत

  4. ((d))

    दुरूह

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Answer: ((c))

दुर्दांत

'जिसको वश में करना कठिन हो' वाक्यांश का सही सार्थक शब्द है- दुर्दांत

Key Points

  • 'जिसको वश में करना कठिन हो' के लिए एक शब्द 'दुर्दांत' होता है। इसका प्रयोग प्रायः किसी अत्यंत उग्र, भयानक या अनियंत्रित व्यक्ति अथवा पशु के लिए किया जाता है।
  • हिंदी व्याकरण में जब अनेक शब्दों के स्थान पर एक सार्थक शब्द का प्रयोग किया जाता है, तो उसे वाक्यांश के लिए एक शब्द कहते हैं। इससे भाषा में संक्षिप्तता और प्रभावशीलता आती है।
  • उदाहरण: दुर्दांत अपराधी (ऐसा अपराधी जिसे नियंत्रित करना कठिन हो), दुर्दांत शत्रु

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पवाक्यांश/अर्थ
दुस्तरजिसे पार करना कठिन हो
दुर्वहजिसे ढोना या सहना कठिन हो
दुरूहजिसे समझना कठिन हो (क्लिष्ट)

Important Points 

 वाक्यांश के लिए एक शब्द के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण-

  1. जो जीता न जा सके - अजेय
  2. जिसके समान दूसरा न हो - अद्वितीय
  3. पर्वत के नीचे की तलहटी भूमि - उपत्यका
  4. जो कठिनाई से मिलता हो - दुर्लभ
  5. रास्ते में खाने के लिए भोजन - पाथेय
  6. उपकार को न मानने वाला - कृतघ्न
  7. जो सब कुछ जानता हो - सर्वज्ञ
  8. जो बिना वेतन के काम करे - अवैतनिक

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
'दु' उपसर्ग वाले शब्दजब शब्द के प्रारंभ में 'दु' (दुष्/दुर्) उपसर्ग जुड़ता है, तो उसका अर्थ प्रायः कठिन, बुरा या हीन हो जाता है।दुर्बोध = जिसे समझना कठिन हो दुष्कर = जिसे करना कठिन हो
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किस विकल्प में वाक्यांश के लिए प्रयुक्त शब्द सार्थक नहीं है?

  1. ((a))

    जो आप से आप उत्पन्न हुआ हो - सहजात 

  2. ((b))

    जिसकी विवेक बुद्धि स्थिर हो - स्थितप्रज्ञ 

  3. ((c))

    समय पर जिसकी बुद्धि ठीक कार्य करे - प्रत्युत्पन्नमति 

  4. ((d))

    जो रोका हुआ न हो - अनिरुद्ध

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Answer: ((a))

जो आप से आप उत्पन्न हुआ हो - सहजात 

वाक्यांश के लिए प्रयुक्त शब्द सार्थक नहीं है, इसका सही उत्तर है- जो आप से आप उत्पन्न हुआ हो - सहजात

Key Points

  • 'जो आप से आप उत्पन्न हुआ हो' वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द स्वयंभू होता है।
  • 'सहजात' शब्द का अर्थ होता है - साथ में उत्पन्न होने वाला या जो जन्म से ही साथ हो।
  • अनेक शब्दों के स्थान पर जिस एक शब्द का प्रयोग किया जाता है, उसे वाक्यांश के लिए एक शब्द या 'अनेक शब्दों के लिए एक शब्द' कहा जाता है।
  • अन्य उदाहरण:
  • जो कल्पना से परे हो - कल्पनातीत
  • जिसका कोई शत्रु न जन्मा हो - अजातशत्रु

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पवाक्यांश/अर्थ
स्थितप्रज्ञवह व्यक्ति जिसकी विवेक बुद्धि स्थिर हो चुकी हो।
प्रत्युत्पन्नमतिवह जिसकी बुद्धि ठीक समय पर उचित उत्तर या कार्य सोच ले।
अनिरुद्धवह जिसे रोका न गया हो या जो बेरोक-टोक हो।

Important Points 

 वाक्यांश के लिए एक शब्द के मुख्य आधार-

  1. गुण और स्वभाव के आधार पर
  2. समय और परिस्थिति के आधार पर
  3. स्थान और स्थिति के आधार पर

Additional Information​वाक्यांश के लिए एक शब्द के कुछ महत्वपूर्ण उदाहरण-

वाक्यांश (अनेक शब्द)एक ���ब्द
जो आँखों के सामने न होपरोक्ष
जो इंद्रियों द्वारा न जाना जा सकेअगोचर
जिसकी गर्दन सुंदर होसुग्रीव
जिसके हृदय में ममता न होनिर्मम
हाथी हाँकने का लोहे का हुकअंकुश
वह स्त्री जिसका पति परदेस से लौटा होआगतपतिका
जो कम खर्च करने वाला होमितव्ययी
जिसे भुलाया न जा सकेअविस्मरणीय
जो मोक्ष चाहता होमुमुक्षु
आधी रात का समयनिरीथ
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‘दीर्घसूत्री’ शब्द किस वाक्यांश के लिए सार्थक है?

  1. ((a))

    बहुत परिश्रम करने वाला

  2. ((b))

    बहुत सोच-विचार करने वाला

  3. ((c))

    हर एक काम में जरूरत से ज्यादा देर लगाने वाला

  4. ((d))

    जल्दी निर्णय लेने वाला

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Answer: ((c))

हर एक काम में जरूरत से ज्यादा देर लगाने वाला

दिए गए शब्द ‘दीर्घसूत्री’ का सही वाक्यांश उत्तर है- हर एक काम में जरूरत से ज्यादा देर लगाने वाला

Key Points

  • 'दीर्घसूत्री' शब्द का अर्थ उस व्यक्ति से है जो किसी भी छोटे या बड़े कार्य को करने में अत्यधिक समय लेता है या टालमटोल करता है।
  • हिंदी व्याकरण में जब अनेक शब्दों के स्थान पर एक ही शब्द का प्रयोग किया जाता है, तो उसे 'वाक्यांश के लिए एक शब्द' कहते हैं।
  • इससे भाषा संक्षिप्त और प्रभावशाली बनती है।
  • उदाहरण 1: जो बहुत बोलता हो - वाचाल
  • उदाहरण 2: जिसका कोई शत्रु न हो - अजातशत्रु

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
बहुत परिश्रम करने वालावह जो कठिन श्रम करता हो।परिश्रमी / कर्मठ
बहुत सोच-विचार करने वालावह जो किसी कार्य को करने से पूर्व गहन चिंतन करता हो।विचारशील
जल्दी निर्णय लेने वालावह जो बिना विलंब के तुरंत फैसला ले सके।त्वरित निर्णय लेने वाला

Important Points 

 वाक्यांश के लिए एक शब्द के मुख्य उदाहरण-

  1. जो सहा न जा सके - असह्य
  2. जिसे टाला न जा सके - अपरिहार्य
  3. उपकार को मानने वाला - कृतज्ञ
  4. उपकार को न मानने वाला - कृतघ्न
  5. अंडा से जन्म लेने वाला = अंडज
  6. आकाश को चूमने वाला = गगनचुंबी
  7. जिसके मस्तक पर चन्द्रमा हो - चन्द्रमौलि
  8. जो दूसरों के दोष खोजे - छिद्रान्वेषी
  9. जीवित रहने की इच्छा - जिजीवि
35

'मुक्ति पाने का इच्छुक' वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द है

  1. ((a))

    जिजीविषा

  2. ((b))

    मुमुक्षु

  3. ((c))

    तितिक्षा

  4. ((d))

    मुमूर्षु

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Answer: ((b))

मुमुक्षु

'मुक्ति पाने का इच्छुक' वाक्यांश का सही उत्तर है- मुमुक्षु

Key Points

  • 'मुमुक्षु' शब्द का अर्थ है वह व्यक्ति जो मोक्ष या मुक्ति प्राप्त करने की इच्छा रखता है।
  • हिंदी व्याकरण में कम शब्दों में अपनी बात कहना एक कला है, जिसे वाक्यांश के लिए एक शब्द कहा जाता है। यह भाषा को संक्षिप्त और प्रभावशाली बनाता है।
  • अन्य उदाहरण: जिज्ञासु (जानने का इच्छुक), पिपासु (पीने का इच्छुक)।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्प**वाक्यांश/**अर्थ
जिजीविषाजीने की प्रबल इच्छा
तितिक्षाकष्ट, दुःख या सर्दी-गर्मी सहने की शक्ति
मुमूर्षुजिसे मरने की इच्छा हो

Important Points 

 इच्छा और इच्छुक से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण शब्द-

  1. जिज्ञासा (जानने की इच्छा) - जिज्ञासु (जानने का इच्छुक)
  2. युयुत्सा (युद्ध की इच्छा) - युयुत्सु (युद्ध का इच्छुक)
  3. बुभुक्षा (खाने की इच्छा) - बुभुक्षु (खाने का इच्छुक)

Additional Informationवाक्यांश के लिए एक शब्द अन्य महत्वपूर्ण शब्द-

वाक्यांश (अनेक शब्द)एक शब्द
जिसके पास कुछ भी न होअकिंचन
जिसे यह न सूझे कि क्या करना चाहिएकिंकर्तव्यविमूढ़
जिसे भुलाया न जा सकेअविस्मरणीय
जो सब जगह व्याप्त होसर्वव्यापी
जो कम खर्च करता होमितव्ययी
जो प्रमाण से सिद्ध न हो सकेअप्रमेय
जिसे वाणी द्वारा व्यक्त न किया जा सकेअनिर्वाचनीय
जो बहुत ऊँची आकांक्षा रखता होमहत्त्वाकांक्षी
जिसे क्षमा न किया जा सकेअक्षम्य
वह भाई जो अन्य माता से उत्पन्न हुआ होअन्योदर
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कौन सा शब्द अशुद्ध है?

  1. ((a))

    शृंखला

  2. ((b))

    भर्त्सना

  3. ((c))

    पुनर्निर्माण

  4. ((d))

    आद्रता

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Answer: ((d))

आद्रता

दिए गए विकल्पों में अशुद्ध शब्द का सही उदाहरण/उत्तर है- आद्रता

Key Points

  • विकल्पों में दिया गया शब्द 'आद्रता' अशुद्ध है। इसका शुद्ध वर्तनी रूप 'आर्द्रता' होता है।
  • हिंदी व्याकरण के अनुसार, जब किसी शब्द में 'र' के विभिन्न रूपों (रेफ या पदेन) का प्रयोग सही स्थान पर नहीं होता, तो वर्तनी अशुद्ध हो जाती है।
  • वर्तनी शुद्ध - लिखने की वह रीति जिसमें व्याकरणिक नियमों का पालन करते हुए वर्णों का सही क्रम प्रयोग किया जाता है।
  • 'आर्द्रता' शब्द में 'द' के ऊपर रेफ (र्) और नीचे पदेन (्र) दोनों का प्रयोग होता है।
  • इसी नियम के अन्य उदाहरण: आर्द्र, पुनर्जन्म आदि।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
शृंखलाकड़ियों का एक क्रमबद्ध मेल।शुद्ध शब्द
भर्त्सनाकिसी की कठोर निंदा या तिरस्कार करना।शुद्ध शब्द
पुनर्निर्माणकिसी वस्तु का फिर से निर्माण करना।शुद्ध शब्द

Important Points 

 वर्तनी अशुद्धि के मुख्य कारण और भेद-

  1. स्वर संबंधी अशुद्धियाँ (जैसे: अगामी के स्थान पर आगामी)
  2. व्यंजन संबंधी अशुद्धियाँ (जैसे: छत्री के स्थान पर क्षत्रिय)
  3. 'र' के प्रयोग संबंधी अशुद्धियाँ (जैसे: आर्शीवाद के स्थान पर आशीर्वाद)
  4. अनुस्वार एवं अनुनासिक संबंधी अशुद्धियाँ

Additional Information

अशुद्ध शब्दशुद्ध शब्द
अतिथीअतिथि
कठनाईकठिनाई
पुज्यनीयपूजनीय
विधालयविद्यालय
भौगोलीकभौगोलिक
महत्वतामहत्ता
ग्रहणीयग्राह्य
क्रोधीतक्रोधित
विसेशविशेष
तृतियतृतीय
37

किस विकल्प में कोई भी शब्द शुद्ध नहीं है?

  1. ((a))

    आनुषंगिक, पदौन्नति

  2. ((b))

    अध्यात्मिक, रात्री

  3. ((c))

    हितेषी, सर्वोपरि

  4. ((d))

    अतिथि, उर्जावान

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Answer: ((b))

अध्यात्मिक, रात्री

'दिए गए विकल्पों में जिस विकल्प में कोई भी शब्द शुद्ध नहीं है' का सही उत्तर है- अध्यात्मिक, रात्री

Key Points

  • दिए गए विकल्प 'B' में दोनों शब्द अशुद्ध हैं। इनका शुद्ध रूप क्रमशः 'आध्यात्मिक' और 'रात्रि' है।
  • 'आध्यात्मिक' में 'अध्यात्म' शब्द के साथ 'इक' प्रत्यय जुड़ा है। नियम के अनुसार, जब किसी शब्द में 'इक' प्रत्यय जुड़ता है, तो शब्द के प्रथम स्वर में वृद्धि हो जाती है (अ का आ हो जाता है)।
  • 'रात्रि' एक तत्सम शब्द है, जिसमें अंतिम स्वर 'इ' (ह्रस्व) होता है, न कि 'ई' (दीर्घ)।
  • अन्य उदाहरण: समाज + इक = सामाजिक, प्रमाण + इक = प्रामाणिक

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
आनुषंगिक, पदौन्नति'आनुषंगिक' शुद्ध है। 'पदौन्नति' अशुद्ध है, इसका शुद्ध रूप पदोन्नति (पद + उन्नति) है।संधि/वर्तनी अशुद्धि
हितेषी, सर्वोपरि'सर्वोपरि' शुद्ध है। 'हितेषी' अशुद्ध है, इसका शुद्ध रूप हितैषी (हित + एषी) है।वृद्धि संधि अशुद्धि
अतिथि, उर्जावान'अतिथि' शुद्ध है। 'उर्जावान' अशुद्ध है, इसका शुद्ध रूप ऊर्जावान (ऊर्जा + वान) है।मात्रा संबंधी अशुद्धि

Important Points 

 वर्तनी अशुद्धि के मुख्य प्रकार-

  1. स्वर संबंधी अशुद्धि (जैसे: अधिन के स्थान पर अधीन)
  2. व्यंजन संबंधी अशुद्धि (जैसे: छतरी के स्थान पर छत्री)
  3. प्रत्यय संबंधी अशुद्धि (जैसे: एक्य के स्थान पर ऐक्य)
  4. संधि संबंधी अशुद्धि (जैसे: उपरोक्त के स्थान पर उपर्युक्त)

Additional Information

अशुद्ध शब्दशुद्ध शब्द
कालीदासकालिदास
अभिमनअभिमान
दर्पण्णदर्पण
प्रफुल्लीतप्रफुल्लित
नारीयलनारियल
कौतुहलकौतूहल
क्षत्रीयक्षत्रिय
ज्योतिषीीज्योतिषी
अरोग्यआरोग्य
बिधार्थीविद्यार्थी
चांद्रमाचंद्रमा
सौन्दर्यतासौंदर्य
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निम्नलिखित शब्दों की शुद्धता पर विचार कीजिए:

अ. आद्योपांत

ब. पश्चात्ताप

स. सहधर्मणी

द. उच्छवास

किस विकल्प में उक्त में से सभी शब्द शुद्ध हैं?

  1. ((a))

    अ और ब

  2. ((b))

    ब और स

  3. ((c))

    स और द

  4. ((d))

    अ और द

Show Answer
Answer: ((a))

अ और ब

दिए गए शब्दों में से शुद्ध वर्तनी वाले शब्दों के समूह का सही उत्तर है- अ और ब

Key Points

  • विकल्प 'अ' आद्योपांत और 'ब' पश्चात्ताप व्याकरण की दृष्टि से पूर्णतः शुद्ध शब्द हैं।
  • लिखने की रीति को वर्तनी या अक्षरी कहते हैं। शब्दों में ध्वनियों के सही क्रम को शुद्ध वर्तनी कहा जाता है।
  • आद्योपांत शब्द 'आदि + उपांत' के योग से बना है, जिसका अर्थ है- 'आरंभ से अंत तक'। इसमें गुण स्वर संधि का प्रयोग हुआ है।
  • पश्चात्ताप शब्द 'पश्चात् + ताप' के मेल से बना है, जिसमें व्यंजन संधि का नियम लागू होता है (त् + त = त्त)।
  • शुद्ध वर्तनी के अन्य उदाहरण: उज्ज्वल, आशीर्वाद, कवयित्री आदि।

अन्य विकल्प -

अशुद्ध शब्दशुद्ध रूप/विग्रहअशुद्धि का कारण
सहधर्मणीसहधर्मिणीइ/ई संबंधी अशुद्धि
उच्छवासउच्छ्वास (उत् + श्वास)व्यंजन (हलंत) संबंधी अशुद्धि

Important Points 

 वर्तनी अशुद्धि के मुख्य प्रकार-

  1. स्वर संबंधी अशुद्धियाँ (जैसे- मात्राओं का गलत प्रयोग)
  2. व्यंजन संबंधी अशुद्धियाँ (जैसे- ड/ड़, न/ण का भ्रम)
  3. संधि और समास संबंधी अशुद्धियाँ
  4. उपसर्ग और प्रत्यय संबंधी अशुद्धियाँ

Additional Information

अशुद्ध शब्दशुद्ध शब्द
अनुग्रहितअनुगृहित
अस्थाईअस्थायी
उद्देशयउद्देश्य
कर्त्तव्यकर्तव्य
दवाईयाँदवाइयाँ
राष्ट्रीयराष्ट्रीय
श्रंगारश्रृंगार
अत्याधिकअत्यधिक
स्वर्गियस्वर्गीय
पुरूस्कारपुरस्कार
विद्वताविद्वत्ता
39

किस विकल्प में सभी शब्द शुद्ध हैं?

  1. ((a))

    अभ्यारण्य, निरवलंब

  2. ((b))

    पर्यवसान, विपन्नवस्था

  3. ((c))

    तदुपरांत, प्रत्यावर्तन

  4. ((d))

    दुरावस्था, पुनरावलोकन

Show Answer
Answer: ((c))

तदुपरांत, प्रत्यावर्तन

शुद्ध वर्तनी वाले शब्दों का सही उदाहरण/उत्तर है- तदुपरांत, प्रत्यावर्तन

Key Points

  • विकल्प 'C' में दिए गए दोनों शब्द 'तदुपरांत' और 'प्रत्यावर्तन' व्याकरणिक रूप से शुद्ध हैं।
  • लिखने की रीति को वर्तनी या अक्षरी कहते हैं। शब्दों में ध्वनियों के सही क्रम को शुद्ध वर्तनी कहा जाता है।
  • तदुपरांत शब्द तत् + उपरांत (व्यंजन संधि) के मेल से बना है, जिसका अर्थ है 'उसके बाद'।
  • वहीं प्रत्यावर्तन शब्द प्रति + आवर्तन (यण स्वर संधि) के मेल से बना है, जिसका अर्थ है 'लौटना'।
  • शुद्ध वर्तनी के अन्य उदाहरण: आशीर्वाद, उज्ज्वल

अन्य विकल्प -

अशुद्ध शब्दशुद्ध रूप/विग्रहत्रुटि का कारण
अभ्यारण्यअभयारण्य (अभय + अरण्य)स्वर संबंधी अशुद्धि
विपन्नवस्थाविपन्नावस्था (विपन्न + अवस्था)दीर्घ संधि संबंधी अशुद्धि
दुरावस्थादुरवस्था (दुस्/दुर् + अवस्था)उपसर्ग/संधि संबंधी अशुद्धि
पुनरावलोकनपुनरवलोकन (पुनः + अवलोकन)विसर्ग संधि संबंधी अशुद्धि

Important Points 

 वर्तनी अशुद्धि के मुख्य भेद-

  1. स्वर संबंधी अशुद्धि
  2. व्यंजन संबंधी अशुद्धि
  3. संधि संबंधी अशुद्धि
  4. समास संबंधी अशुद्धि
  5. प्रत्यय संबंधी अशुद्धि

Additional Information

अशुद्ध शब्दशुद्ध शब्द
आकांक्षााआकांक्षा
कुसलकुशल
चमत्कारीकचमत्कारिक
दुरभाग्यदुर्भाग्य
निपुणताानिपुणता
परीवारपरिवार
बौद्धीकबौद्धिक
मनुविज्ञानमनोविज्ञान
युनिवर्सिटीयूनिवर्सिटी
रोचकताारोचकता
शुध्दशुद्ध
40

निम्नलिखित में शुद्ध शब्द है:

  1. ((a))

    अट्टहास

  2. ((b))

    धनाड्य

  3. ((c))

    इकठ्ठा

  4. ((d))

    मुटभेड़

Show Answer
Answer: ((a))

अट्टहास

दिए गए विकल्पों में शुद्ध शब्द का सही उदाहरण/उत्तर है- अट्टहास

Key Points

  • 'अट्टहास' शब्द पूर्णतः शुद्ध है, जिसका अर्थ होता है - जोर की हँसी या ठहाका
  • हिंदी व्याकरण में शब्दों के वर्णों को सही क्रम में लिखना वर्तनी कहलाता है।
  • उच्चारण के दोष या अज्ञानता के कारण अक्सर वर्तनी में अशुद्धियाँ हो जाती हैं।
  • अन्य शुद्ध उदाहरण: कवयित्री, उज्ज्वल

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पशुद्ध रूप व अर्थ
धनाड्यइसका शुद्ध रूप धनाढ्य होता है, जिसका अर्थ 'बहुत धनी' है।
इकठ्ठाइसका शुद्ध रूप इकट्ठा होता है, जिसका अर्थ 'एक स्थान पर एकत्र' है।
मुटभेड़इसका शुद्ध रूप मुठभेड़ होता है, जिसका अर्थ 'आमना-सामना' है।

Important Points 

 वर्तनी अशुद्धि के मुख्य कारण-

  1. स्वर संबंधी अशुद्धियाँ (जैसे: अहार - आहार)
  2. व्यंजन संबंधी अशुद्धियाँ (जैसे: छत्री - क्षत्री)
  3. संधि और समास के नियमों का पालन न करना
  4. क्षेत्रीय बोलियों का प्रभाव

Additional Information

अशुद्ध शब्दशुद्ध शब्द
आधीनअधीन
परिछापरीक्षा
इक्षाइच्छा
प्रथकपृथक
रचियतारचयिता
साहितिकसाहित्यिक
निशुल्कनिःशुल्क
आंतरीकआंतरिक
बिमारबीमार
41

कौन सा शब्द अशुद्ध है?

  1. ((a))

    उत्तरोतर

  2. ((b))

    बेहतर

  3. ((c))

    विवाहेतर

  4. ((d))

    इतरेतर

Show Answer
Answer: ((a))

उत्तरोतर

दिए गए विकल्पों में अशुद्ध शब्द का सही उत्तर है- उत्तरोतर

Key Points

  • विकल्प 'उत्तरोतर' वर्तनी की दृष्टि से अशुद्ध है। इसका शुद्ध रूप उत्तरोत्तर होता है।
  • हिंदी व्याकरण में शब्दों के वर्णों को सही क्रम में लिखना वर्तनी (Spelling) कहलाता है। उच्चारण के दोष या अज्ञानता के कारण अक्सर वर्तनी में अशुद्धियाँ हो जाती हैं।
  • यह शब्द उत्तर + उत्तर के मेल से बना है। इसमें गुण स्वर संधि का नियम लागू होता है, जहाँ 'अ' + 'उ' मिलकर 'ओ' हो जाते हैं।
  • चूँकि मूल शब्द 'उत्तर' है (जिसमें आधा 'त्' और पूरा 'त' का संयोग है), इसलिए संधि के बाद भी 'त्तर' का प्रयोग अनिवार्य है।
  • इसी प्रकार के अन्य उदाहरण: प्रश्नोत्तर (प्रश्न + उत्तर), परोपकार (पर + उपकार)।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
बेहतरइसका अर्थ है बहुत अच्छा या तुलनात्मक रूप से अधिक अच्छा।विशेषण (शुद्ध शब्द)
विवाहेतरविवाह + इतर (विवाह की सीमा से बाहर का)।गुण स्वर संधि
इतरेतरइतर + इतर (एक-दूसरे से अलग या परस्पर)।गुण स्वर संधि

Important Points

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
गुण स्वर संधिजब या के बाद या आए तो दोनों मिलकर 'ए', या आए तो 'ओ' और आए तो 'अर' हो जाता है।महोदय = महा + उदय सुरेश = सुर + ईश

Additional Information

अशुद्ध शब्दशुद्ध शब्द
आर्शीवादआशीर्वाद
स्त्रोतस्रोत
अवकासअवकाश
उज्जवलउज्ज्वल
दुरवस्थादुर्वस्था
अनुग्रहीतअनुगृहित
अयोध्याअयोध्या
क्रिप्याकृपया
विद्वान्नविद्वान
सन्यासीसंन्यासी
42

किस वाक्य में संप्रदान कारक का परसर्ग (विभक्ति चिह्न) प्रयुक्त हुआ है?

  1. ((a))

    माँ ने बच्चे को बुलाया।

  2. ((b))

    मालिक ने सेवक को धन दिया ।

  3. ((c))

    मोहन ने सोहन को पीटा।

  4. ((d))

    न्यायालय ने अपराधी को दंडित किया ।

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Answer: ((b))

मालिक ने सेवक को धन दिया ।

उपर्युक्त वाक्य में संप्रदान कारक का सही उदाहरण है- मालिक ने सेवक को धन दिया।

Key Points

  • 'मालिक ने सेवक को धन दिया' वाक्य में 'सेवक को' में संप्रदान कारक है, क्योंकि यहाँ सेवक को कुछ दान/देने का भाव प्रकट हो रहा है।
  • जहाँ संज्ञा या सर्वनाम के लिए कुछ किया जाए या जिसे कुछ दिया जाए, उसे संप्रदान कारक कहते हैं। इसके विभक्ति चिह्न 'के लिए' और 'को' (देने के अर्थ में) होते हैं।
  • उदाहरण: 1. राजा ने गरीबों को कंबल दिए। 2. वह पढ़ने के लिए स्कूल जाता है।

अन्य विकल्प -

शब्द/वाक्यविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
माँ ने बच्चे को बुलाया।बुलाने की क्रिया का प्रभाव बच्चे पर पड़ रहा है।कर्म कारक
मोहन ने सोहन को पीटा।पीटने की क्रिया का फल सोहन पर पड़ रहा है।कर्म कारक
न्यायालय ने अपराधी को दंडित किया।दंडित करने की क्रिया का आधार अपराधी है।कर्म कारक

Important Points 

 कारक (Karak) के भेद-

  1. कर्ता कारक (चिह्न - ने)
  2. कर्म कारक (चिह्न - को)
  3. करण कारक (चिह्न - से, के द्वारा)
  4. संप्रदान कारक (चिह्न - को, के लिए)
  5. अपादान कारक (चिह्न - से - अलग होने के अर्थ में)
  6. संबंध कारक (चिह्न - का, के, की, रा, रे, री)
  7. अधिकरण कारक (चिह्न - में, पर)
  8. संबोधन कारक (चिह्न - हे! अरे!)

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
संप्रदान बनाम कर्मजब 'को' का प्रयोग क्रिया के फल के लिए हो तो कर्म कारक होता है, लेकिन जब 'को' का प्रयोग देने या उपकार के लिए हो तो संप्रदान कारक होता है।कर्म = राम ने रावण को मारा। संप्रदान = मोहन ने भूखे को अन्न दिया।
43

निम्नलिखित में से किस वाक्य में 'से' परसर्ग अपादान कारक के लिए प्रयुक्त नहीं हुआ है?

  1. ((a))

    नदियाँ पहाड़ों से निकलती हैं।

  2. ((b))

    आकाश से पानी बरसा।

  3. ((c))

    वह विद्यालय से आ रहा है।

  4. ((d))

    लड़के ने हाथ से फल तोड़ा।

Show Answer
Answer: ((d))

लड़के ने हाथ से फल तोड़ा।

दिए गए वाक्यों में 'से' परसर्ग का अपादान कारक के लिए प्रयुक्त नहीं होने वाला वाक्य का सही उत्तर है- लड़के ने हाथ से फल तोड़ा।

Key Points

  • 'लड़के ने हाथ से फल तोड़ा' वाक्य में 'हाथ से' क्रिया को करने का साधन है, इसलिए यहाँ करण कारक है न कि अपादान कारक।
  • जिस साधन या माध्यम से क्रिया की जाती है, उसे करण कारक कहते हैं। इसका चिह्न 'से' या 'के द्वारा' है।
  • अन्य उदाहरण: राम ने कलम से लिखा। वह बस द्वारा घर गया।

अन्य विकल्प -

विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
नदियाँ पहाड़ों से निकलती हैं।नदियों का पहाड़ों से अलग होकर निकलना।अपादान कारक
आकाश से पानी बरसा।पानी का आकाश से अलग होना।अपादान कारक
वह विद्यालय से आ रहा है।व्यक्ति का विद्यालय से अलग होना।अपादान कारक

Important Points 

 कारक (Karak) के भेद-

  1. कर्ता कारक (ने)
  2. कर्म कारक (को)
  3. करण कारक (से, के द्वारा)
  4. सम्प्रदान कारक (को, के लिए)
  5. अपादान कारक (से - अलग होना)
  6. सम्बन्ध कारक (का, की, के)
  7. अधिकरण कारक (में, पर)
  8. सम्बोधन कारक (हे, अरे)

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
अपादान कारकसंज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से किसी वस्तु के अलग होने, डरने या तुलना करने का भाव प्रकट हो, उसे अपादान कारक कहते हैं। इसका विभक्ति चिह्न 'से' (अलग होने के अर्थ में) होता है।पेड़ से पत्ता गिरा। हिमालय से गंगा निकलती है।
44

किस विकल्प में सभी शब्द स्त्रीलिंग हैं?

  1. ((a))

    चमक, आहट

  2. ((b))

    बात, खेत

  3. ((c))

    चालचलन, मिठास

  4. ((d))

    भूख, नाच

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Answer: ((a))

चमक, आहट

दिए गए विकल्पों में स्त्रीलिंग शब्दों के जोड़े का सही उदाहरण/उत्तर है- चमक, आहट

Key Points

  • 'चमक' और 'आहट' दोनों ही शब्द स्त्रीलिंग हैं क्योंकि इनके साथ क्रिया या विशेषण का प्रयोग स्त्रीलिंग रूप में होता है।
  • जैसे - 'बिजली की चमक' (स्त्रीलिंग) और 'पैरों की आहट' (स्त्रीलिंग)।
  • हिंदी व्याकरण के अनुसार, भाववाचक संज्ञाएँ जिनके अंत में 'ट', 'वट', 'हट' आदि प्रत्यय आते हैं, वे प्रायः स्त्रीलिंग होती हैं।
  • इस नियम के अन्य उदाहरण: सजावट, बनावट, घबराहट, मुस्कराहट आदि।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
बात, खेत'बात' अच्छी होती है (स्त्रीलिंग), जबकि 'खेत' हरा-भरा होता है (पुल्लिंग)।मिश्रित (स्त्री./पु.)
चालचलन, मिठास'चालचलन' अच्छा होता है (पुल्लिंग), जबकि 'मिठास' अधिक होती है (स्त्रीलिंग)।मिश्रित (पु./स्त्री.)
भूख, नाच'भूख' लगी है (स्त्रीलिंग), जबकि 'नाच' अच्छा होता है (पुल्लिंग)।मिश्रित (स्त्री./पु.)

Important Points 

 हिंदी में लिंग के भेद-

  1. पुल्लिंग (Masculine)
  2. स्त्रीलिंग (Feminine)

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
पुल्लिंगजिन शब्दों से पुरुष जाति का बोध होता है, उन्हें पुल्लिंग कहते हैं।लड़का = खेल रहा है। पेड़ = बड़ा है।
स्त्रीलिंगजिन शब्दों से स्त्री जाति का बोध होता है, उन्हें स्त्रीलिंग कहते हैं।लड़की = पढ़ रही है। नदी = बह रही है।
45

निम्नलिखित में अशुद्ध शब्द है:

  1. ((a))

    अंत्याक्षरी

  2. ((b))

    आल्हाद

  3. ((c))

    किंवदंती

  4. ((d))

    ज्योत्स्ना

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Answer: ((b))

आल्हाद

दिए गए विकल्पों में अशुद्ध शब्द का सही उत्तर है- आल्हाद

Key Points

  • उपर्युक्त विकल्पों में 'आल्हाद' एक अशुद्ध शब्द है, इसका शुद्ध रूप 'आह्लाद' होता है।
  • हिंदी व्याकरण में शब्दों को उनके मानक रूप में लिखना वर्तनी (Spelling) कहलाता है।
  • 'आह्लाद' शब्द में 'ह' स्वर रहित (आधा) होता है और उसके बाद 'ल' का प्रयोग किया जाता है।
  • आह्लाद शब्द के अन्य उदाहरण: प्रह्लाद, ब्रह्मा (जहाँ 'ह' आधा प्रयोग होता है)।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
अंत्याक्षरीकिसी कविता या गीत के अंतिम अक्षर से शुरू होने वाला खेल।शुद्ध शब्द
किंवदंतीलोक में प्रचलित सुनी-सुनाई बात या जनश्रुति।शुद्ध शब्द
ज्योत्स्नाचंद्रमा का प्रकाश या चाँदनी (इसमें 'त' और 'स' दोनों आधे होते हैं)।शुद्ध शब्द

Important Points

वर्तनी अशुद्धि के मुख्य भेद-

  1. स्वर संबंधी अशुद्धियाँ (जैसे- अगामी के स्थान पर आगामी)
  2. व्यंजन संबंधी अशुद्धियाँ (जैसे- छमा के स्थान पर क्षमा)
  3. विसर्ग, अनुस्वार और चंद्रबिंदु संबंधी अशुद्धियाँ

Additional Information

अशुद्ध शब्दशुद्ध शब्द
अतिश्योक्तिअतिशयोक्ति
उपरोक्तउपर्युक्त
कवियत्रीकवयित्री
कालीदासकालिदास
तदोपरान्ततदुपरान्त
निरोगनीरोग
प्रदर्शिनीप्रदर्शनी
पूज्यनीयपूजनीय
रचयितारचयिता
श्रंखलाशृंखला
46

निम्नलिखित में बहुवचन के लिए प्रयुक्त होने वाला शब्द कौन सा है?

  1. ((a))

    प्रेम

  2. ((b))

    लोग

  3. ((c))

    घी

  4. ((d))

    पानी

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Answer: ((b))

लोग

बहुवचन के लिए प्रयुक्त होने वाले शब्द का सही उत्तर है- लोग

Key Points

  • 'लोग' शब्द का प्रयोग हिन्दी व्याकरण में सदैव बहुवचन के रूप में किया जाता है क्योंकि यह एक समूह या अनेक व्यक्तियों का बोध कराता है।
  • हिन्दी में कुछ शब्द ऐसे होते हैं जिनका प्रयोग सदैव बहुवचन में ही होता है, इन्हें 'नित्य बहुवचन' शब्द भी कहा जाता है।
  • इसके अन्य उदाहरण हैं: प्राण, दर्शन, आँसू, होश, बाल, हस्ताक्षर, समाचार, दाम, अक्षत, भाग्य आदि।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
प्रेमभाववाचक संज्ञाएँ प्रायः एकवचन में प्रयुक्त होती हैं।एकवचन
घीद्रव्यवाचक संज्ञाएँ (पदार्थ) सदैव एकवचन में रहती हैं।एकवचन
पानीतरल पदार्थ होने के कारण यह शब्द सदैव एकवचन में प्रयुक्त होता है।एकवचन

Important Points 

 वचन के भेद-

  1. एकवचन: शब्द के जिस रूप से एक वस्तु या व्यक्ति का बोध हो।
  • जैसे- लड़का, गाय, सिपाही, बच्चा, कपड़ा, माता, माला, पुस्तक, स्त्री, टोपी बंदर, मोर आदि।
  1. बहुवचन: शब्द के जिस रूप से एक से अधिक वस्तुओं या व्यक्तियों का बोध हो।
  • जैसे- लड़के, गायें, कपड़े, टोपियाँ, मालाएँ, माताएँ, पुस्तकें, वधुएँ, गुरुजन, रोटियाँ, स्त्रियाँ, लताएँ, बेटे आदि।

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
नित्य बहुवचन​जिनका प्रयोग हमेशा बहुवचन रूप में ही किया जाता है, भले ही वे एकवचन जैसा अर्थ दे रहे हों।
नित्य एकवचनजिनका प्रयोग हमेशा एकवचन रूप में ही किया जाता है, इनका कभी बहुवचन नहीं बनाया जा सकता।पानी, दूध, घी, दही वर्षा, आकाश, जनता, सत्य, प्रेम, क्रोध, क्षमा।
47

एकवचन में प्रयुक्त होने वाला शब्द है

  1. ((a))

    हस्ताक्षर

  2. ((b))

    दर्शन

  3. ((c))

    प्राण

  4. ((d))

    भीड़

Show Answer
Answer: ((d))

भीड़

दिए गए विकल्पों में एकवचन में प्रयुक्त होने वाले शब्द का सही उदाहरण/उत्तर है- भीड़

Key Points

  • 'भीड़' शब्द एक समूहवाचक संज्ञा है और यह सदैव एकवचन में प्रयुक्त होता है।
  • व्याकरण के अनुसार, कुछ शब्द ऐसे होते हैं जो किसी समूह का बोध कराते हैं, उन्हें समूहवाचक संज्ञा कहा जाता है और इनका प्रयोग प्रायः एकवचन में ही किया जाता है।
  • अन्य उदाहरण: जनता, पुलिस, सेना, सभा

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
हस्ताक्षरउसके हस्ताक्षर बहुत सुंदर हैं।नित्य बहुवचन
दर्शनआज भगवान के दर्शन हो गए।नित्य बहुवचन
प्राणउसके प्राण निकल गए।नित्य बहुवचन

Important Points 

 वचन के भेद-

  1. एकवचन
  2. बहुवचन

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
एकवचनशब्द के जिस रूप से एक ही वस्तु या व्यक्ति का बोध हो, उसे एकवचन कहते हैं।लड़का = खेल रहा है किताब = मेज पर है
बहुवचनशब्द के जिस रूप से एक से अधिक वस्तुओं या व्यक्तियों का बोध हो, उसे बहुवचन कहते हैं।लड़के = खेल रहे हैं किताबें = पुरानी हैं
48

किस वाक्य में मध्यम पुरुष का प्रयोग हुआ है?

  1. ((a))

    अपने से बड़ों का आदर करना चाहिए।

  2. ((b))

    ऐसे समय में आप साथ न दोगे तो और कौन देगा ?

  3. ((c))

    यह कार्य मैं आप ही कर लूंगा।

  4. ((d))

    आप भला तो जग भला।

Show Answer
Answer: ((b))

ऐसे समय में आप साथ न दोगे तो और कौन देगा ?

दिए गए वाक्यों में मध्यम पुरुष वाचक सर्वनाम का सही उदाहरण है- ऐसे समय में आप साथ न दोगे तो और कौन देगा?

Key Points

  • उपर्युक्त वाक्य में 'आप' शब्द का प्रयोग श्रोता (सुनने वाले) के लिए किया गया है, इसलिए यहाँ मध्यम पुरुष है।
  • जिस सर्वनाम का प्रयोग वक्ता (बोलने वाला) श्रोता या सुनने वाले के लिए करता है, उसे मध्यम पुरुष वाचक सर्वनाम कहते हैं।
  • पहचान के लिए - तुम, तू, आप, तुम्हारा, तुझे।
  • अन्य उदाहरण: तुम कहाँ जा रहे हो?, आप कल दफ्तर नहीं आए थे।

अन्य विकल्प -

वाक्य/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
अपने से बड़ों का आदर करना चाहिए।यहाँ 'अपने' शब्द का प्रयोग स्वयं/निज ���े संदर्भ में है।निजवाचक सर्वनाम
यह कार्य मैं आप ही कर लूंगा।यहाँ 'आप' का प्रयोग स्वयं (खुद) के लिए किया गया है।निजवाचक सर्वनाम
आप भला तो जग भला।यहाँ 'आप' का अर्थ स्वयं के अच्छे होने से है।निजवाचक सर्वनाम

Important Points 

 सर्वनाम के भेद-

  1. पुरुषवाचक सर्वनाम
  2. निजवाचक सर्वनाम
  3. निश्चयवाचक सर्वनाम
  4. अनिश्चयवाचक सर्वनाम
  5. संबंधवाचक सर्वनाम
  6. प्रश्नवाचक सर्वनाम

Additional Information

पुरुषवाचक प्रकारपरिभाषापहचानउदाहरण
उत्तम पुरुषवक्ता या लेखक जिन सर्वनामों का प्रयोग अपने लिए करता है।मैं, हम, मुझे, हमारा, मुझको।मैं = मैं लिख रहा हूँ। हम = हम पढ़ रहे हैं।
अन्य पुरुषवक्ता या श्रोता किसी अन्य व्यक्ति के संबंध में बात करें।वह, वे, यह, ये, उसे, उनका।वह = वह कल आएगा। वे = वे खेल रहे हैं।
49

अपूर्ण वर्तमान काल का उदाहरण है-

  1. ((a))

    प्रातःकाल ठंडी हवा चलती है।

  2. ((b))

    मैंने यह पुस्तक पढ़ी है।

  3. ((c))

    रेलगाड़ी तेजी से आ रही है।

  4. ((d))

    वह आता तो हम खेलने जाते।

Show Answer
Answer: ((c))

रेलगाड़ी तेजी से आ रही है।

दिए गए वाक्यों में 'अपूर्ण वर्तमान काल' का सही उदाहरण है- रेलगाड़ी तेजी से आ रही है।

Key Points

  • 'रेलगाड़ी तेजी से आ रही है' वाक्य में 'आ रही है' पद से यह स्पष्ट हो रहा है कि क्रिया अभी वर्तमान समय में निरंतर जारी है और अभी पूर्ण नहीं हुई है।
  • क्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि कार्य वर्तमान काल में शुरू हो चुका है और अभी जारी (अपूर्ण) है, उसे अपूर्ण वर्तमान काल कहते हैं।
  • इसकी पहचान मुख्य क्रिया के साथ रहा है, रही है, रहे हैं आदि शब्दों से होती है।
  • अन्य उदाहरण: १. पक्षी आकाश में उड़ रहे हैं। २. वर्षा हो रही है

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
प्रातःकाल ठंडी हवा चलती है।क्रिया वर्तमान में सामान्य रूप से होती है।सामान्य वर्तमान काल
मैंने यह पुस्तक पढ़ी है।कार्य वर्तमान में अभी पूर्ण हुआ है।पूर्ण वर्तमान काल
वह आता तो हम खेलने जाते।एक क्रिया का होना दूसरी क्रिया पर निर्भर है।हेतुहेतुमद भूतकाल

Important Points 

 वर्तमान काल के मुख्य भेद-

  1. सामान्य वर्तमान काल
  2. अपूर्ण वर्तमान काल (तात्कालिक वर्तमान)
  3. पूर्ण वर्तमान काल
  4. संदिग्ध वर्तमान काल
  5. संभाव्य वर्तमान काल

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
सामान्य वर्तमानक्रिया के जिस रूप से कार्य के सामान्य रूप में वर्तमान काल में होने का बोध हो।बच्चा रोता है। राम पढ़ता है।
संदिग्ध वर्तमानजिस क्रिया के वर्तमान समय में होने में संदेह का बोध हो।राम पढ़ता होगा। गाड़ी आती होगी।
50

कौन सा शब्द पुल्लिंग है?

  1. ((a))

    रोटी

  2. ((b))

    टोपी

  3. ((c))

    मोती

  4. ((d))

    नदी

Show Answer
Answer: ((c))

मोती

दिए गए विकल्पों में से पुल्लिंग शब्द का सही उदाहरण/उत्तर है- मोती

Key Points

  • 'मोती' शब्द पुल्लिंग है क्योंकि यह इकारान्त होने के बावजूद अपवाद स्वरूप पुल्लिंग श्रेणी में आता है।
  • हिंदी व्याकरण के अनुसार, सामान्यतः जिन शब्दों के अंत में 'ई' (इकारान्त) आता है वे स्त्रीलिंग होते हैं, परंतु मोती, दही, घी, पानी जैसे शब्द इसके अपवाद हैं।
  • अन्य उदाहरण: समुद्र से कीमती मोती निकला। (यहाँ 'कीमती' और 'निकला' पुल्लिंग को दर्शाते हैं)।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
रोटीरोटी पकाई जाती है।स्त्रीलिंग
टोपीनीली टोपी पहनी है।स्त्रीलिंग
नदीनदी बहती है।स्त्रीलिंग

Important Points 

 लिंग के भेद-

  1. पुल्लिंग (Masculine)
  2. स्त्रीलिंग (Feminine)

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
पुल्लिंगजिन शब्दों से पुरुष जाति का बोध होता है, उन्हें पुल्लिंग कहते हैं।आम = मीठा आम पेड़ = विशाल पेड़
स्त्रीलिंगजिन शब्दों से स्त्री जाति का बोध होता है, उन्हें स्त्रीलिंग कहते हैं।किताब = अच्छी किताब लता = हरी लता
51

'अगर वर्षा हुई तो वह नहीं आएगा।' इस वाक्य में कौन सी 'वृत्ति' है?

  1. ((a))

    संकेतार्थ

  2. ((b))

    निश्चयार्थ

  3. ((c))

    संभावनार्थ

  4. ((d))

    इच्छार्थ

Show Answer
Answer: ((a))

संकेतार्थ

'अगर वर्षा हुई तो वह नहीं आएगा' वाक्य में वृत्ति का सही उदाहरण है- संकेतार्थ

Key Points

  • दिए गए वाक्य 'अगर वर्षा हुई तो वह नहीं आएगा' में एक क्रिया का होना दूसरी क्रिया पर निर्भर कर रहा है, इसलिए यहाँ संकेतार्थ वृत्ति है।
  • जहाँ एक क्रिया के होने या न होने पर दूसरी क्रिया का होना या न होना निर्भर करता है अर्थात् क्रिया के द्वारा शर्त या संकेत का बोध हो, उसे संकेतार्थ वृत्ति कहते हैं।
  • संकेतार्थ वृत्ति के अन्य उदाहरण:
  1. यदि तुम परिश्रम करते, तो सफल हो जाते।
  2. यदि समय पर वर्षा होती, तो फसल अच्छी होती।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
निश्चयार्थजहाँ क्रिया के करने या होने की निश्चित सूचना मिले। (जैसे- वह पढ़ रहा है।)वृत्ति
संभावनार्थजहाँ क्रिया के होने की संभावना या अनुमान प्रकट हो। (जैसे- शायद आज धूप निकले।)वृत्ति
इच्छार्थजहाँ वक्ता की इच्छा, आशीर्वाद या शुभकामना प्रकट हो। (जैसे- भगवान तुम्हारा भला करे।)वृत्ति

Important Points 

 वृत्ति (Mood) के मुख्य भेद-

  1. निश्चयार्थ (Indicative Mood)
  2. आज्ञार्थ (Imperative Mood)
  3. इच्छार्थ (Optative Mood)
  4. संभावनार्थ (Potential Mood)
  5. संकेतार्थ (Conditional Mood)
  6. प्रश्नार्थ (Interrogative Mood)

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
वृत्ति (Mood)क्रिया के जिस रूप से वक्ता की मानसिक वृत्ति या प्रयोजन का बोध होता है, उसे वृत्ति कहते हैं।आज्ञार्थ = तुम बाहर जाओ। निश्चयार्थ = पक्षी उड़ रहे हैं।
52

‘छात्र पढ़ रहे हैं।’ यह वाक्य किस ‘पक्ष’ से संबंधित है?

  1. ((a))

    नित्यताबोधक

  2. ((b))

    सातत्यबोधक

  3. ((c))

    आवृत्तिमूलक

  4. ((d))

    पूर्णकालिक

Show Answer
Answer: ((b))

सातत्यबोधक

‘छात्र पढ़ रहे हैं’ वाक्य का सही उत्तर है- सातत्यबोधक

Key Points

  • 'छात्र पढ़ रहे हैं' वाक्य में क्रिया के सातत्यबोधक पक्ष का प्रयोग हुआ है क्योंकि इसमें कार्य की निरंतरता (Continuity) का बोध हो रहा है।
  • जब क्रिया के रूप से यह पता चले कि कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है बल्कि वर्तमान में लगातार चल रहा है, तो उसे सातत्यबोधक पक्ष कहते हैं।
  • उदाहरण:
  • राम लिख रहा है।
  • हवा चल रही है।

अन्य विकल्प -

विकल्पपरिभाषाउदाहरण
नित्यताबोधकजो क्रिया सदैव/नित्य बनी रहती है या शाश्वत सत्य का बोध कराती है।सूर्य पूर्व से निकलता है।
आवृत्तिमूलकजहाँ क्रिया की पुनरावृत्ति या स्वभाव का बोध होता है।वह प्रतिदिन विद्यालय जाता है।
पूर्णकालिक/पूर्ण पक्षजहाँ क्रिया के पूरी तरह समाप्त होने का बोध हो।वह खाना खा चुका है।

Important Points 

 क्रिया के 'पक्ष' (Aspect) के मुख्य भेद-

  1. नित्यताबोधक पक्ष (Universal/Permanent Truth)
  2. सातत्यबोधक पक्ष (Continuous Aspect)
  3. आवृत्तिमूलक पक्ष (Frequentative Aspect)
  4. पूर्ण पक्ष (Perfective Aspect)
  5. स्थित्यात्मक पक्ष (Static Aspect)
  6. आरंभबोधक पक्ष (Inceptive Aspect)

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
आरंभबोधक पक्षजिस क्रिया रूप से कार्य के आरंभ होने की सूचना मिलती है।अब वह पढ़ने लगा। बच्चा रोने लगा।
प्रगतिबोधक पक्षजिससे कार्य में निरंतर वृद्धि या प्रगति का पता चलता है।महंगाई बढ़ती जा रही है। बच्चा बड़ा हो रहा है।
53

‘कर्मवाच्य’ से संबंधित वाक्य है

  1. ((a))

    वह पुस्तक पढ़ रहा है।

  2. ((b))

    सैनिक दिनरात सीमाओं की रक्षा करते हैं।

  3. ((c))

    बच्चा सो चुका है।

  4. ((d))

    आपका कार्य कर दिया है।

Show Answer
Answer: ((d))

आपका कार्य कर दिया है।

‘कर्मवाच्य’ से संबंधित वाक्य का सही उत्तर है- आपका कार्य कर दिया है।

Key Points

  • दिए गए वाक्यों में 'आपका कार्य कर दिया है' कर्मवाच्य का उदाहरण है क्योंकि इसमें क्रिया का मुख्य विषय 'कर्ता' न होकर 'कर्म' (कार्य) है।
  • जब वाक्य में क्रिया के लिंग, वचन और पुरुष कर्म के अनुसार होते हैं, तो उसे कर्मवाच्य कहते हैं। इसमें क्रिया हमेशा सकर्मक होती है।
  • अन्य उदाहरण: 1. लेख लिखा गया। 2. पतंग उड़ रही है।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
वह पुस्तक पढ़ रहा है।यहाँ क्रिया 'पढ़ना' का सीधा संबंध कर्ता 'वह' से है।कर्तृवाच्य
सैनिक दिनरात सीमाओं की रक्षा करते हैं।यहाँ क्रिया का मुख्य बिंदु कर्ता 'सैनिक' है।कर्तृवाच्य
बच्चा सो चुका है।यहाँ सोने की क्रिया का प्रभाव सीधे कर्ता 'बच्चा' पर है।कर्तृवाच्य

Important Points 

 वाच्य के भेद-

  1. कर्तृवाच्य (Active Voice)
  2. कर्मवाच्य (Passive Voice)
  3. भाववाच्य (Impersonal Voice)

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
कर्तृवाच्यजिस वाक्य में कर्ता की प्रधानता होती है और क्रिया कर्ता के अनुसार होती है।राम आम खाता है। सीता गाना गाती है।
भाववाच्यजिस वाक्य में कर्ता या कर्म के बदले भाव (क्रिया) की प्रधानता होती है।मुझसे चला नहीं जाता। राम से पढ़ा नहीं जाता।
54

किस वाक्य में 'भाववाच्य' का प्रयोग हुआ है?

  1. ((a))

    पुलिस से अपराधी नहीं पकड़े गए।

  2. ((b))

    लड़के से कविता नहीं लिखी गई।

  3. ((c))

    बुढ़ापे में ठीक से चला नहीं जाता।

  4. ((d))

    उससे पुस्तक नहीं पढ़ी गई।

Show Answer
Answer: ((c))

बुढ़ापे में ठीक से चला नहीं जाता।

'भाववाच्य' का सही उदाहरण है- बुढ़ापे में ठीक से चला नहीं जाता।

Key Points

  • 'बुढ़ापे में ठीक से चला नहीं जाता' वाक्य में क्रिया का मुख्य विषय कर्ता या कर्म न होकर भाव है, इसलिए यहाँ भाववाच्य है।
  • जिस वाक्य में क्रिया का संबंध कर्ता और कर्म से न होकर भाव से होता है, उसे भाववाच्य कहते हैं।
  • इसमें क्रिया सदैव अकर्मक, पुल्लिंग, एकवचन तथा अन्य पुरुष में होती है।
  • भाववाच्य के अन्य उदाहरण:
  • मुझसे अब पढ़ा नहीं जाता।
  • धूप में चला नहीं जाता।

अन्य विकल्प -

विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
पुलिस से अपराधी नहीं पकड़े गए।यहाँ क्रिया 'पकड़े गए' कर्म 'अपराधी' के अनुसार है।कर्मवाच्य
लड़के से कविता नहीं लिखी गई।यहाँ क्रिया 'लिखी गई' कर्म 'कविता' के अनुसार है।कर्मवाच्य
उससे पुस्तक नहीं पढ़ी गई।यहाँ क्रिया 'पढ़ी गई' कर्म 'पुस्तक' के अनुसार है।कर्मवाच्य

Important Points

 वाच्य के भेद-

वाच्यपरिभाषाउदाहरण
कर्तृवाच्यजहाँ वाक्य में कर्ता (काम करने वाला) प्रधान होता है।राम पुस्तक पढ़ता है।
कर्मवाच्यजहाँ कर्म (जिस पर कार्य होता है) प्रधान होता है।पुस्तक राम द्वारा पढ़ी जाती है।
भाववाच्यजहाँ क्रिया का भाव प्रधान होता है, कर्ता या कर्म नहीं।मुझसे चला नहीं जाता।

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
भाववाच्यजब वाक्य में क्रिया का प्रयोग कर्ता या कर्म के लिंग, वचन के अनुसार न होकर क्रिया के अर्थ (भाव) की प्रधानता हो। यह प्रायः नकारात्मक वाक्यों में असमर्थता दिखाने के लिए होता है।चलो, अब सोया जाए। मरीज से बैठा नहीं जाता।
55

'वह चला होगा।' यह वाक्य किस काल से संबंधित है?

  1. ((a))

    सामान्य भूत

  2. ((b))

    संभाव्य भविष्यत्

  3. ((c))

    संदिग्ध वर्तमान

  4. ((d))

    संदिग्ध भूत

Show Answer
Answer: ((d))

संदिग्ध भूत

'वह चला होगा।' वाक्य का सही उत्तर है- संदिग्ध भूत

Key Points

  • 'वह चला होगा' वाक्य में क्रिया भूतकाल की है, परंतु उसके पूरा होने में संदेह व्यक्त किया गया है, इसलिए यह संदिग्ध भूतकाल है।
  • क्रिया के जिस रूप से बीते हुए समय में कार्य के होने या किए जाने में संदेह प्रकट हो, उसे संदिग्ध भूतकाल कहते हैं।
  • इसमें क्रिया के साथ 'होगा, होगी, होंगे' का प्रयोग होता है।
  • उदाहरण: 1. राम ने खाना खाया होगा। 2. उसने पत्र लिखा होगा

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
वह गयाक्रिया बीते हुए समय में सामान्य रूप से हुई।सामान्य भूत
शायद वह जाएआने वाले समय में कार्य होने की संभावना है।संभाव्य भविष्यत्
वह जाता होगावर्तमान समय में क्रिया के होने में संदेह है।संदिग्ध वर्तमान

Important Points 

 काल के मुख्य भेद-

  1. वर्तमान काल (Present Tense)
  2. भूतकाल (Past Tense)
  3. भविष्यत् काल (Future Tense)

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
आसन्न भूतकालक्रिया के जिस रूप से यह पता चले कि कार्य अभी-अभी या निकट भूत में समाप्त हुआ है।मैने खाना खाया है = आसन्न भूत वह आया है = आसन्न भूत
पूर्ण भूतकालक्रिया के जिस रूप से यह ज्ञात हो कि कार्य समाप्त हुए बहुत समय बीत चुका है।उसने पत्र लिखा था = पूर्ण भूत वे गए थे = पूर्ण भूत
56

निम्नलिखित में 'सरल वाक्य' कौन सा है?

  1. ((a))

    उसके पास जो कुछ था, सब नष्ट हो गया।

  2. ((b))

    जो गरजते हैं, वे बरसते नहीं।

  3. ((c))

    उसने खाना खाया और सो गया।

  4. ((d))

    गंगा हिमालय से निकलती है।

Show Answer
Answer: ((d))

गंगा हिमालय से निकलती है।

दिए गए विकल्पों में 'सरल वाक्य' का सही उदाहरण है- गंगा हिमालय से निकलती है।

Key Points

  • 'गंगा हिमालय से निकलती है' एक सरल वाक्य है क्योंकि इसमें एक ही उद्देश्य (गंगा) और एक ही विधेय (हिमालय से निकलती है) है।
  • जिस वाक्य में केवल एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय (या एक ही मुख्य क्रिया) होती है, उसे सरल वाक्य कहते हैं।
  • अन्य उदाहरण: 1. मोहन पुस्तक पढ़ता है। 2. बारिश हो रही है।

अन्य विकल्प -

विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
उसके पास जो कुछ था, सब नष्ट हो गया।यहाँ 'जो' और 'सब' के माध्यम से एक मुख्य उपवाक्य और एक आश्रित उपवाक्य जुड़े हुए हैं।मिश्र वाक्य
जो गरजते हैं, वे बरसते नहीं।इसमें 'जो' और 'वे' के प्रयोग से परस्पर निर्भरता दिखाई गई है।मिश्र वाक्य
उसने खाना खाया और सो गया।दो स्वतंत्र वाक��यों को 'और' समुच्चयबोधक अव्यय से जोड़ा गया है।संयुक्त वाक्य

Important Points 

 रचना के आधार पर वाक्य के भेद-

  1. सरल वाक्य (Simple Sentence)
  2. संयुक्त वाक्य (Compound Sentence)
  3. मिश्र वाक्य (Complex Sentence)

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
संयुक्त वाक्यजहाँ दो या दो से अधिक सरल वाक्य योजक चिह्नों (और, एवं, तथा, या, अथवा, परन्तु) से जुड़े हों।वह सुबह गया = और शाम को लौट आया। प्रिय बोलो = पर असत्य नहीं।
मिश्र वाक्यजिस वाक्य में एक मुख्य उपवाक्य हो और अन्य उपवाक्य उस पर आश्रित हों।जैसे ही सूर्यास्त हुआ = वैसे ही अंधेरा छा गया। यदि परिश्रम करोगे = तो सफल हो जाओगे।
57

'संयुक्त वाक्य' का उदाहरण है

  1. ((a))

    जहाँ खेत थे, वहाँ शहर बस गया।

  2. ((b))

    बस छूट जाने के कारण मैं गाँव नहीं गया।

  3. ((c))

    मैं अस्वस्थ था, इसलिए मन लगाकर नहीं पढ़ सका।

  4. ((d))

    वह धन के अभिमान में अकड़कर चलता है।

Show Answer
Answer: ((c))

मैं अस्वस्थ था, इसलिए मन लगाकर नहीं पढ़ सका।

'संयुक्त वाक्य' का सही उदाहरण है- मैं अस्वस्थ था, इसलिए मन लगाकर नहीं पढ़ सका।

Key Points

  • दिए गए विकल्पों में "मैं अस्वस्थ था, इसलिए मन लगाकर नहीं पढ़ सका" एक संयुक्त वाक्य है क्योंकि इसमें दो स्वतंत्र उपवाक्य 'इसलिए' योजक शब्द द्वारा जुड़े हुए हैं।
  • जिस वाक्य में दो या दो से अधिक स्वतंत्र उपवाक्य किसी समुच्चयबोधक (योजक) अव्यय जैसे- और, एवं, तथा, या, अथवा, इसलिए,
  • अतः, फिर भी, किन्तु, परन्तु, लेकिन आदि से जुड़े हों, उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं।
  • उदाहरण:
  • वह सुबह गया और शाम को लौट आया।
  • आप चाय पियेंगे अथवा कॉफी?

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
जहाँ खेत थे, वहाँ शहर बस गया।इसमें एक मुख्य उपवाक्य है और दूसरा जहाँ... वहाँ पर आश्रित है।मिश्र वाक्य
बस छूट जाने के कारण मैं गाँव नहीं गया।इसमें केवल एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय है।सरल वाक्य
वह धन के अभिमान में अकड़कर चलता है।यह एक साधारण कथन है जिसमें कोई योजक नहीं है।���रल वाक्य

Important Points 

 रचना के आधार पर वाक्य के भेद-

  1. सरल वाक्य
  2. संयुक्त वाक्य
  3. मिश्र वाक्य

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
सरल वाक्यजिस वाक्य में एक ही मुख्य क्रिया हो और एक ही उद्देश्य हो।राम पुस्तक पढ़ता है।
मिश्र वाक्यजिस वाक्य में एक मुख्य उपवाक्य हो और अन्य उपवाक्य उस पर आश्रित हों। इसमें कि, जो, क्योंकि, जितना, उतना, जैसा, वैसा, यदि, तो आदि का प्रयोग होता है।शिक्षक ने कहा कि कल छुट्टी रहेगी। जो मेहनत करेगा, वह सफल होगा।
58

'क्रियाविशेषण उपवाक्य' का उदाहरण है

  1. ((a))

    जो लोग साहसी होते हैं, वे सफल होते हैं।

  2. ((b))

    यदि तुम चलते तो, मैं भी अवश्य चलता।

  3. ((c))

    वह धनवान है, परंतु बहुत दुखी है।

  4. ((d))

    वह ईमानदार है, इसलिए सबका विश्वस्त है।

Show Answer
Answer: ((b))

यदि तुम चलते तो, मैं भी अवश्य चलता।

'क्रियाविशेषण उपवाक्य' का सही उदाहरण है- यदि तुम चलते तो, मैं भी अवश्य चलता।

Key Points

  • 'यदि तुम चलते तो, मैं भी अवश्य चलता' वाक्य में 'यदि तुम चलते' क्रियाविशेषण उपवाक्य है, क्योंकि यह मुख्य क्रिया के होने की शर्त या संकेत का बोध करा रहा है।
  • जो उपवाक्य मुख्य उपवाक्य की क्रिया की विशेषता (समय, स्थान, रीति, कार्य-कारण आदि) बताते हैं, उन्हें क्रियाविशेषण उपवाक्य कहते हैं।
  • ये प्रायः यदि, जहाँ, जब, चूँकि, जैसे आदि शब्दों से प्रारंभ होते हैं।
  • उदाहरण: (1) जब वर्षा हो रही थी, तब मैं घर में था। (2) जहाँ तुम रहते हो, वहाँ मैं भी रहता हूँ।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
जो लोग साहसी होते हैं, वे सफल होते हैं।यहाँ जो लोग साहसी होते हैं आश्रित उपवाक्य है जो संज्ञा की विशेषता बता रहा है।विशेषण उपवाक्य
वह धनवान है, परंतु बहुत दुखी है।दो स्वतंत्र वाक्यों को परंतु समुच्चयबोधक द्वारा जोड़ा गया है।संयुक्त वाक्य
वह ईमानदार है, इसलिए सबका विश्वस्त है।दो सरल वाक्यों को इसलिए परिणामवाचक अव्यय से जोड़ा गया है।संयुक्त वाक्य

Important Points 

 म���श्र वाक्य के 'आश्रित उपवाक्य' के भेद-

  1. संज्ञा उपवाक्य: जो उपवाक्य प्रधान उपवाक्य की किसी संज्ञा के स्थान पर आता है (प्रायः 'कि' से जुड़ा होता है)।
  2. विशेषण उपवाक्य: जो उपवाक्य प्रधान उपवाक्य की संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है।
  3. क्रियाविशेषण उपवाक्य: जो उपवाक्य प्रधान उपवाक्य की क्रिया की विशेषता बताता है।

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
कालवाचक क्रियाविशेषण उपवाक्ययह मुख्य उपवाक्य की क्रिया के समय का बोध कराता है।जब वह आया = तब मैं सो रहा था।
स्थानवाचक क्रियाविशेषण उपवाक्ययह मुख्य उपवाक्य की क्रिया के स्थान का बोध कराता है।जहाँ आग होती है = वहाँ धुआँ होता है।
59

निम्नलिखित में 'संज्ञा उपवाक्य' कौन सा है?

  1. ((a))

    पड़ोसी ने कहा कि मुझे दवाई की जरूरत नहीं।

  2. ((b))

    साधारण होते हुए भी वह बहुत व्यवहारकुशल है।

  3. ((c))

    जैसा तुमने कहा, उसने वैसा ही किया।

  4. ((d))

    साँझ होते ही पक्षी घोंसलों में लौट आते हैं।

Show Answer
Answer: ((a))

पड़ोसी ने कहा कि मुझे दवाई की जरूरत नहीं।

दिए गए विकल्पों में 'संज्ञा उपवाक्य' का सही उदाहरण है- पड़ोसी ने कहा कि मुझे दवाई की जरूरत नहीं।

Key Points

  • दिए गए वाक्य "पड़ोसी ने कहा कि मुझे दवाई की जरूरत नहीं" में 'मुझे दवाई की जरूरत नहीं' एक आश्रित उपवाक्य है जो मुख्य उपवाक्य की क्रिया 'कहा' के कर्म के रूप में कार्य कर रहा है।
  • जो आश्रित उपवाक्य मुख्य उपवाक्य की किसी संज्ञा या सर्वनाम के स्थान पर आता है या क्रिया के कर्म के रूप में प्रयुक्त होता है, उसे संज्ञा उपवाक्य कहते हैं।
  • इसकी पहचान यह है कि यह प्रायः 'कि' अव्यय से शुरू होता है।
  • उदाहरण: 1. राम ने कहा कि वह कल स्कूल नहीं जाएगा। 2. मुझे विश्वास है कि आप सफल होंगे।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
जैसा तुमने कहा, उसने वैसा ही किया।जैसा...वैसा योजक शब्द कार्य के ढंग या रीति को दर्शा रहे हैं।क्रिया-विशेषण उपवाक्य
साधारण होते हुए भी वह बहुत व्यवहारकुशल है।इसमें केवल एक ही मुख्य क्रिया (है) का प्रयोग हुआ है।सरल वाक्य
साँझ होते ही पक्षी घोंसलों में लौट आते हैं।इसमें एक ही उद्देश्य और एक ही विधेय है।सरल वाक्य

Important Points 

 मिश्र वाक्य के उपवाक्य के भेद-

  1. संज्ञा उपवाक्य
  2. विशेषण उपवाक्य
  3. क्रिया-विशेषण उपवाक्य

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
विशेषण उपवाक्यजो आश्रित उपवाक्य मुख्य उपवाक्य की किसी संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है। यह प्रायः जो, जिसे, जिसका आदि से शुरू होता है।वह लड़का जो खड़ा है, मेरा भाई है। जिसे आपने बुलाया था, वह आ गया।
क्रिया-विशेषण उपवाक्यजो आश्रित उपवाक्य मुख्य उपवाक्य की क्रिया की विशेषता (समय, स्थान, रीति, कारण आदि) बताता है।जब बारिश होगी = तब फसल अच्छी होगी। जहाँ तुम रहते हो = वहीं मैं रहता हूँ।
60

'बीमार व्यक्ति खाना धीरे-धीरे खाता है।' इस वाक्य का 'उद्देश्य' है-

  1. ((a))

    बीमार व्यक्ति

  2. ((b))

    खाना

  3. ((c))

    धीरे-धीरे

  4. ((d))

    खाता है

Show Answer
Answer: ((a))

बीमार व्यक्ति

'बीमार व्यक्ति खाना धीरे-धीरे खाता है।' इस वाक्य का 'उद्देश्य' है- बीमार व्यक्ति

Key Points

  • दिए गए वाक्य 'बीमार व्यक्ति खाना धीरे-धीरे खाता है।' में बीमार व्यक्ति उद्देश्य है क्योंकि वाक्य में उसी के बारे में बात की जा रही है।
  • वाक्य का वह भाग जिसके बारे में कुछ कहा जाता है, उसे उद्देश्य (Subject) कहते हैं। इसके अंतर्गत कर्ता और कर्ता का विस्तार (विशेषण आदि) आते हैं।
  • उदाहरण 1: 'सफेद घोड़ा' तेज दौड़ता है। (उद्देश्य: सफेद घोड़ा)
  • उदाहरण 2: 'मेहनती विद्यार्थी' सफल होते हैं। (उद्देश्य: मेहनती विद्यार्थी)

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
खानावह संज्ञा पद जिस पर क्रिया का फल पड़ रहा है, उसे कर्म कहते हैं।विधेय का अंग (कर्म)
धीरे-धीरेयह क्रिया की रीति या ढंग को बताता है, इसे रीतिवाचक अव्यय कहते हैं।क्रिया-विशेषण
खाता हैजिस शब्द से किसी कार्य का होना या करना पाया जाए, वह क्रिया कहलाती है।क्रिया (विधेय)

Important Points 

 वाक्य के भेद (अंग)-

  1. उद्देश्य (Subject)
  2. विधेय (Predicate)

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
विधेयउद्देश्य के बारे में जो कुछ कहा जाता है, उसे विधेय कहते हैं। इसमें क्रिया और कर्म आते हैं।राम सोता है। = यहाँ 'सोता है' विधेय है।
61

निम्नलिखित में 'संदेहार्थक' वाक्य कौन सा है?

  1. ((a))

    वह नहीं आया इसलिए हम नहीं गए।

  2. ((b))

    जो काम तुम्हें दिया गया है, उसे देखो।

  3. ((c))

    आज शाम को शायद वर्षा हो।

  4. ((d))

    वह जहाँ रहे, सुख से रहे।

Show Answer
Answer: ((c))

आज शाम को शायद वर्षा हो।

'संदेहार्थक' वाक्य का सही उदाहरण है- आज शाम को शायद वर्षा हो।

Key Points

  • 'आज शाम को शायद वर्षा हो' वाक्य में शायद शब्द का प्रयोग किया गया है, जो कार्य के होने में अनिश्चितता को दर्शाता है, इसलिए यह संदेहार्थक वाक्य है।
  • जिन वाक्यों में किसी कार्य के होने में संदेह या संभावना का बोध होता है, उन्हें संदेहवाचक (संदेहार्थक) वाक्य कहते हैं।
  • उदाहरण: 1. शायद आज पिताजी आएँ। 2. अब तक वह सो गया होगा।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
वह नहीं आया इसलिए हम नहीं गए।इसमें दो वाक्यों को इसलिए योजक शब्द से जोड़ा गया है।संयुक्त वाक्य / विधानवाचक
जो काम तुम्हें दिया गया है, उसे देखो।इसमें किसी कार्य को करने की आज्ञा या निर्देश दिया गया है।आज्ञावाचक वाक्य
वह जहाँ रहे, सुख से रहे।इसमें वक्ता द्वारा किसी के लिए आशीर्वाद या मंगलकामना की गई है।इच्छावाचक वाक्य

Important Points 

 अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद-

  1. विधानवाचक वाक्य
  2. निषेधवाचक वाक्य
  3. प्रश्नवाचक वाक्य
  4. विस्मयादिवाचक वाक्य
  5. आज्ञावाचक वाक्य
  6. इच्छावाचक वाक्य
  7. संदेहवाचक वाक्य
  8. संकेतवाचक वाक्य

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
इच्छावाचक वाक्यजिन वाक्यों से इच्छा, आशीष या शुभकामना का बोध हो।भगवान तुम्हारा भला करे। नववर्ष मंगलमय हो।
आज्ञावाचक वाक्यजिन वाक्यों से आज्ञा, उपदेश या अनुमति का बोध हो।वहाँ जाकर बैठो। कृपया शांति बनाए रखें।
62

निम्नलिखित में अशुद्ध वाक्य है:

  1. ((a))

    यह कैसे संभव हो सकता है?

  2. ((b))

    शायद वह उत्तीर्ण हो जाए।

  3. ((c))

    किसी और से सलाह लीजिए।

  4. ((d))

    संप्रमाण उत्तर दीजिए।

Show Answer
Answer: ((a))

यह कैसे संभव हो सकता है?

दिए गए विकल्पों में अशुद्ध वाक्य का सही उत्तर है- यह कैसे संभव हो सकता है?

Key Points

  • 'यह कैसे संभव हो सकता है?' वाक्य अशुद्ध है क्योंकि इसमें पुनरुक्ति दोष है।
  • वाक्य में 'संभव' और 'सकता' दोनों शब्द एक ही अर्थ (संभावना) को प्रकट करते हैं, इसलिए इनका साथ में प्रयोग करना अशुद्ध माना जाता है।
  • इसका शुद्ध रूप होगा: "यह कैसे संभव है?" अथवा "यह कैसे हो सकता है?"
  • अन्य उदाहरण: 'शायद वह आज अवश्य आएगा' अशुद्ध है क्योंकि 'शायद' और 'अवश्य' का एक साथ प्रयोग गलत है।
  • इसका शुद्ध रूप 'वह आज अवश्य आएगा' होगा।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
शायद वह उत्तीर्ण हो जाए।यह एक संभावना को व्यक्त करने वाला शुद्ध वाक्य है।शुद्ध वाक्य (संभावनावाचक)
किसी और से सलाह लीजिए।इसमें 'और' का प्रयोग अन्य व्यक्ति के संदर्भ में सही रूप में हुआ है।शुद्ध वाक्य (विधिवाचक)
संप्रमाण उत्तर दीजिए।'संप्रमाण' का अर्थ है प्रमाण के साथ, यहाँ प्रयोग बिल्कुल व्याकरणिक है।शुद्ध वाक्य (आज्ञावाचक)

Important Points 

 वाक्य अशुद्धि के मुख्य भेद-

  1. पुनरुक्ति दोष (अनावश्यक शब्दों का प्रयोग)
  2. पदक्रम संबंधी अशुद्धि (शब्दों का गलत क्रम)
  3. लिंग-वचन संबंधी अशुद्धि
  4. कारक संबंधी अशुद्धि
  5. विराम-चिह्न संबंधी अशुद्धि

Additional Information

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
वह पुनः फिर से आएगा।वह पुनः आएगा।
शायद आज वर्षा जरूर होगी।शायद आज वर्षा होगी।
दास्ताँ की गुलामी बहुत बुरी है।दास्ताँ बुरी है।
वह विदुषी महिला है।वह विदुषी है।
वह बिल्कुल मुफ्त में सेवा करता है।वह मुफ्त सेवा करता है।
63

कौन सा वाक्य शुद्ध है?

  1. ((a))

    वह घर को जा रहा है।

  2. ((b))

    उसे रस्सी बांधकर ले गए।

  3. ((c))

    संसद में कानून व्यवस्था पर बहस हुई।

  4. ((d))

    यह दवा रोग को समूल से नष्ट करती है।

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Answer: ((c))

संसद में कानून व्यवस्था पर बहस हुई।

दिए गए वाक्यों में शुद्ध वाक्य का सही उत्तर है- संसद में कानून व्यवस्था पर बहस हुई।

Key Points

  • विकल्प (C) 'संसद में कानून व्यवस्था पर बहस हुई।' पूर्णतः शुद्ध वाक्य है क्योंकि इसमें पदक्रम, शब्द-चयन और व्याकरणिक नियम सही हैं।
  • किसी भी वाक्य को शुद्ध होने के लिए उसमें पदक्रम, कारक, लिंग, वचन और अनावश्यक शब्दों के अभाव का ध्यान रखना आवश्यक होता है।
  • अन्य उदाहरण: 'आज बजट पर चर्चा होगी।', 'विद्यार्थी कक्षा में पढ़ रहे हैं।'

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
वह घर को जा रहा है।यहाँ 'घर' कर्म के साथ 'को' विभक्ति का प्रयोग अनावश्यक है। शुद्ध: 'वह घर जा रहा है।'कारक संबंधी अशुद्धि
उसे रस्सी बांधकर ले गए।यहाँ करण कारक की विभक्ति 'से' लुप्त है। शुद्ध: 'उसे रस्सी से बांधकर ले गए।'कारक संबंधी अशुद्धि
यह दवा रोग को समूल से नष्ट करती है।'समूल' का अर्थ ही 'जड़ सहित' है, अतः 'से' का प्रयोग पुनरुक्ति है। शुद्ध: 'यह दवा रोग को समूल नष्ट करती है।'पुनरुक्ति/शब्द प्रयोग संबंधी अशुद्धि

Important Points 

 वाक्य अशुद्धि के मुख्य भेद-

  1. संज्ञा संबंधी अशुद्धि (जैसे: राजा अपनी प्रजा को पालते हैं)
  2. सर्वनाम संबंधी अशुद्धि (जैसे: मैंने मेरे को सुधारा)
  3. कारक संबंधी अशुद्धि (जैसे: वह कुर्सी में बैठा है)
  4. लिंग और वचन संबंधी अशुद्धि (जैसे: दो बहनें जा रही है)
  5. पुनरुक्ति दोष (जैसे: ठंडी बर्फ़ लाओ)

Additional Informationकारक संबंधी अशुद्धि-

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
मैंने राम को पूछा।मैंने राम से पूछा।
वह घर में नहीं है।वह घर पर नहीं है।
गुरुजी के ऊपर श्रद्धा रखो।गुरुजी में श्रद्धा रखो।
वह बाजार को गया है।वह बाजार गया है।
अपनी कलम से लिखो।अपनी कलम द्वारा लिखो।
64

निम्नलिखित में शुद्ध वाक्य है:

  1. ((a))

    दोनों भाई परस्पर आपस में लड़ पड़े।

  2. ((b))

    मैंने यह घड़ी मात्र सौ रुपए में खरीदी ।

  3. ((c))

    वहाँ बहुत से लोग बेहाल दशा में पड़े थे।

  4. ((d))

    वह क्रोध में भरकर बोला।

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Answer: ((b))

मैंने यह घड़ी मात्र सौ रुपए में खरीदी ।

दिए गए विकल्पों में शुद्ध वाक्य का सही उत्तर है- मैंने यह घड़ी मात्र सौ रुपए में खरीदी।

Key Points

  • वाक्य 'मैंने यह घड़ी मात्र सौ रुपए में खरीदी' पूर्णतः शुद्ध है क्योंकि इसमें पदक्रम, अन्विति और शब्द-चयन व्याकरण के नियमों के अनुसार है।
  • किसी भी वाक्य को शुद्ध होने के लिए उसमें पुनरुक्ति दोष नहीं होना चाहिए और क्रिया का रूप कर्ता या कर्म के लिंग-वचन के अनुरूप होना चाहिए।
  • अन्य उदाहरण:
  • शुद्ध: वह केवल पाँच रुपये चाहता है। (अशुद्ध: वह मात्र केवल पाँच रुपये चाहता है।)
  • शुद्ध: यह काम आप पर निर्भर है। (अशुद्ध: यह काम आप पर निर्भर करता है।)

अन्य विकल्प -

विकल्पशुद्ध रूप/कारणअशुद्धि का प्रकार
दोनों भाई परस्पर आपस में लड़ पड़े।दोनों भाई आपस में लड़ पड़े। ('परस्पर' और 'आपस में' का अर्थ एक ही है)पुनरुक्ति दोष
वहाँ बहुत से लोग बेहाल दशा में पड़े थे।वहाँ बहुत से लोग बेहाल पड़े थे। ('बेहाल' शब्द में 'दशा' का भाव निहित है)अनावश्यक शब्द प्रयोग
वह क्रोध में भरकर बोला।वह क्रोध में बोला। (या 'क्रोधित होकर' बोला)मुहावरेदार/शब्द प्रयोग की अशुद्धि

Important Points 

 वाक्य अशुद्धि के मुख्य भेद-

  1. संज्ञा संबंधी अशुद्धि
  2. सर्वनाम संबंधी अशुद्धि
  3. विशेषण संबंधी अशुद्धि
  4. क्रिया एवं क्रिया-विशेषण संबंधी अशुद्धि
  5. पदक्रम और पुनरुक्ति संबंधी अशुद्धि

Additional Informationपदक्रम और पुनरुक्ति संबंधी अशुद्धि-

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
एक फूलों की माला लाओ।फूलों की एक माला लाओ।
बच्चे को काटकर फल खिलाओ।फल काटकर बच्चे को खिलाओ।
शहीदों का देश सदा ऋणी रहेगा।देश शहीदों का सदा ऋणी रहेगा।
कई बैंक के कर्मचारी हड़ताल पर हैं।बैंक के कई कर्मचारी हड़ताल पर हैं।
केवल मात्र दो रुपये दीजिए।मात्र दो रुपये दीजिए।
तुम वापस लौट जाओ।तुम लौट जाओ।
आज प्रातः काल के समय वर्षा हुई।आज प्रातः काल वर्षा हुई।
वह सकुशलता पूर्वक पहुँच गया।वह सकुशल पहुँच गया।
65

'यदि परिश्रम किया होता, तो सफलता अवश्य मिलती।' 'वाक्य प्रकार' की दृष्टि से उक्त वाक्य है-

  1. ((a))

    इच्छार्थक

  2. ((b))

    विधानार्थक

  3. ((c))

    आज्ञार्थक

  4. ((d))

    संकेतार्थक

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Answer: ((d))

संकेतार्थक

'यदि परिश्रम किया होता, तो सफलता अवश्य मिलती।' वाक्य प्रकार की दृष्टि से सही उत्तर है- संकेतार्थक

Key Points

  • दिए गए वाक्य में एक क्रिया (सफलता मिलना) दूसरी क्रिया (पर परिश्रम करना) पर निर्भर है, इसलिए यह संकेतार्थक वाक्य है।
  • जिन वाक्यों में एक क्रिया का होना दूसरी क्रिया पर निर्भर होता है या जहाँ शर्त (condition) का बोध होता है, उन्हें संकेतवाचक/संकेतार्थक वाक्य कहते हैं।
  • उदाहरण: 1. यदि वर्षा होगी, तो फसल अच्छी होगी। 2. अगर तुम आते, तो मैं भी चलता।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
इच्छार्थकजिस वाक्य से वक्ता की इच्छा, आशीर्वाद या शुभकामना प्रकट हो। जैसे- "आपका कल्याण हो।"इच्छावाचक वाक्य
विधानार्थकजिस वाक्य में किसी क्रिया के होने या करने की सामान्य सूचना मिलती है। जैसे- "राम पढ़ रहा है।"विधानवाचक वाक्य
आज्ञार्थकजिस वाक्य द्वारा आज्ञा, निर्देश, प्रार्थना या उपदेश दिया जाता है। जैसे- "तुम वहाँ जाओ।"आज्ञावाचक वाक्य

Important Points 

 अर्थ के आधार पर वाक्य के भेद-

  1. विधानवाचक वाक्य
  2. निषेधवाचक वाक्य
  3. प्रश्नवाचक वाक्य
  4. विस्मयादिबोधक वाक्य
  5. आज्ञावाचक वाक्य
  6. इच्छावाचक वाक्य
  7. संदेहवाचक वाक्य
  8. संकेतवाचक वाक्य

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
संदेहवाचकजिन वाक्यों में कार्य के होने में संदेह या संभावना का बोध हो।शायद आज बारिश हो। उसने खाना खा लिया होगा।
विस्मयादिबोधकजिन वाक्यों में आश्चर्य, हर्ष, शोक, घृणा आदि के भाव व्यक्त हों।वाह! कितना सुंदर दृश्य है। अरे! तुम कब आए?
66

निम्नलिखित में कौन सा वाक्य शुद्ध है?

  1. ((a))

    दरअसल वह आया ही नहीं।

  2. ((b))

    प्राय: बच्चे ऐसी शरारतें अकसर करते हैं।

  3. ((c))

    यह मूर्ति संगमरमर पत्थर से निर्मित है।

  4. ((d))

    वह सबके सामने खुलेआम गाली देता रहा।

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Answer: ((a))

दरअसल वह आया ही नहीं।

दिए गए वाक्यों में व्याकरणिक दृष्टि से शुद्ध वाक्य का सही उत्तर है- दरअसल वह आया ही नहीं।

Key Points

  • वाक्य 'दरअसल वह आया ही नहीं।' पूर्णतः शुद्ध है क्योंकि इसमें किसी भी प्रकार का पदक्रम, पुनरुक्ति या अनावश्यक शब्द दोष नहीं है।
  • हिंदी व्याकरण में वाक्य शुद्धि के लिए पुनरुक्ति दोष से बचना अनिवार्य है। जब एक ही अर्थ प्रकट करने वाले दो शब्दों का प्रयोग एक साथ किया जाता है, तो वाक्य अशुद्ध हो जाता है।
  • अन्य उदाहरण: १. वह वापस लौट आया। (अशुद्ध) - वह लौट आया। (शुद्ध)। २. कृपया पत्र लिखने की कृपा करें। (अशुद्ध) - पत्र लिखने की कृपा करें। (शुद्ध)।

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
प्राय: बच्चे ऐसी शरारतें अकसर करते हैं।यहाँ प्राय: और अकसर दोनों का अर्थ एक ही है, अतः एक शब्द अनावश्यक है।पुनरुक्ति दोष
यह मूर्ति संगमरमर पत्थर से निर्मित है।संगमरमर स्वयं एक पत्थर है, इसके साथ पुनः पत्थर शब्द का प्रयोग अशुद्ध है।अनावश्यक शब्द दोष
वह सबके सामने खुलेआम गाली देता रहा।सबके सामने और खुलेआम का भाव समान है, अतः वाक्य अशुद्ध है।पुनरुक्ति दोष

Important Points 

 वाक्य शुद्धि के मुख्य भेद-

  1. संज्ञा संबंधी अशुद्धियाँ
  2. सर्वनाम संबंधी अशुद्धियाँ
  3. विशेषण और क्रिया संबंधी अशुद्धियाँ
  4. अनावश्यक शब्द प्रयोग/पुनरुक्ति दोष

Additional Informationपुनरुक्ति दोष के उदाहरण -

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
वह सांध्यकाल के समय आया।वह सांध्यकाल में आया।
विंध्याचल पर्वत बहुत ऊँचा है।विंध्याचल बहुत ऊँचा है।
वह अपनी स्वेच्छा से गया है।वह स्वेच्छा से गया है।
शायद वह जरूर आएगा।शायद वह आएगा।
पधारने की कृपा करें।आने की कृपा करें।
67

निम्नलिखित में अशुद्ध वाक्य है:

  1. ((a))

    हम सबकी स्थितियाँ एक जैसी हैं।

  2. ((b))

    वह प्रतिदिन मुझसे मिलने आता था।

  3. ((c))

    सर्वत्र मानकीकरण करना होना चाहिए।

  4. ((d))

    उन्होंने मेरी बातें ध्यानपूर्वक सुनीं।

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Answer: ((c))

सर्वत्र मानकीकरण करना होना चाहिए।

दिए गए वाक्यों में अशुद्ध वाक्य का सही उत्तर है- सर्वत्र मानकीकरण करना होना चाहिए।

Key Points

  • वाक्य 'सर्वत्र मानकीकरण करना होना चाहिए' अशुद्ध है क्योंकि इसमें पुनरुक्ति दोष है।
  • यहाँ 'मानकीकरण' शब्द में 'करण' का अर्थ ही 'करना' होता है,
  • इसलिए इसके साथ पुनः 'करना' क्रिया का प्रयोग करना व्याकरणिक दृष्टि से गलत है।
  • शुद्ध वाक्य होगा- "सर्वत्र मानकीकरण होना चाहिए।"
  • अन्य उदाहरण:
  • अशुद्ध: वह सप्रमाण सहित अपनी बात कहेगा।
  • शुद्ध: वह सप्रमाण अपनी बात कहेगा। (या 'प्रमाण सहित')

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
हम सबकी स्थितियाँ एक जैसी हैं।इस वाक्य में 'स्थितियाँ' (बहुवचन) के अनुसार 'हैं' का प्रयोग सही है।शुद्ध वाक्य
वह प्रतिदिन मुझसे मिलने आता था।काल और क्रिया का कर्ता के साथ संबंध उचित है।शुद्ध वाक्य
उन्होंने मेरी बातें ध्यानपूर्वक सुनीं।'बातें' कर्म के अनुसार 'सुनीं' क्रिया का प्रयोग सटीक है।शुद्ध वाक्य

Important Points 

 वाक्य अशुद्धि शोधन के मुख्य भेद-

  1. संज्ञा संबंधी अशुद्धि
  2. सर्वनाम संबंधी अशुद्धि
  3. विशेषण संबंधी अशुद्धि
  4. क्रिया संबंधी अशुद्धि
  5. पुनरुक्ति या अनावश्यक शब्द संबंधी अशुद्धि

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
पुनरुक्ति दोषजब वाक्य में एक ही अर्थ को प्रकट करने वाले दो शब्दों का प्रयोग एक साथ किया जाता है, तो उसे पुनरुक्ति दोष कहते हैं��अशुद्ध वाक्य - वहाँ ठंडी बर्फ गिर रही थी। शुद्ध वाक्य - वहाँ बर्फ गिर रही थी। अशुद्ध वाक्य - ​​कृपया कल पुनः वापस लौटें। शुद्ध वाक्य - ​कृपया कल पुनः आएँ। अशुद्ध वाक्य - ​​वह केवल मात्र पढ़ रहा है। शुद्ध वाक्य - ​वह केवल पढ़ रहा है।
68

किस वांक्य में विराम चिह्नों का प्रयोग सही है?

  1. ((a))

    तुम कहाँ गए थे, कैसे आए और क्या चाहते हो ?

  2. ((b))

    नहीं मैं, यह नहीं कर सकता।

  3. ((c))

    रोको, मत जाने, दो।

  4. ((d))

    जो, दंगा कर रहे थे गिरफ्तार, कर लिए गए।

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Answer: ((a))

तुम कहाँ गए थे, कैसे आए और क्या चाहते हो ?

वाक्यों में विराम चिह्नों के सही प्रयोग का सही उदाहरण/उत्तर है- तुम कहाँ गए थे, कैसे आए और क्या चाहते हो ?

Key Points

  • दिए गए विकल्पों में 'तुम कहाँ गए थे, कैसे आए और क्या चाहते हो ?' वाक्य पूर्णतः शुद्ध है
  • क्योंकि यहाँ दो उपवाक्यों को अलग करने के लिए अल्प विराम (,) का और अंत में प्रश्नवाचक चिह्न (?) का उचित प्रयोग किया गया है।
  • नियम के अनुसार, जब एक ही वाक्य में कई प्रश्नवाचक उपवाक्य हों, तो प्रत्येक के बाद अल्प विराम लगाया जाता है और अंत में प्रश्नवाचक चिह्न का प्रयोग किया जाता है।
  • अन्य उदाहरण:
  • वह क्या करता है**, कहाँ** रहता है और क्या चाहता है?
  • आप कौन हैं**,** कहाँ से आए हैं?

अन्य विकल्प -

गलत विकल्पविग्रह/शुद्ध रूपत्रुटि का कारण
नहीं मैं, यह नहीं कर सकता।नहीं, मैं यह नहीं कर सकता।'हाँ' या 'नहीं' के बाद अल्प विराम लगता है।
रोको, मत जाने, दो।रोको, मत जाने दो। (या) र��को मत, जाने दो।निरर्थक स्थान पर अल्प विराम का प्रयोग।
जो, दंगा कर रहे थे गिरफ्तार, कर लिए गए।जो दंगा कर रहे थे**,** गिरफ्तार कर लिए गए।उपवाक्य की समाप्ति पर विराम चिह्न का गलत स्थान।

Important Points 

 विराम चिह्नों के मुख्य भेद-

  1. पूर्ण विराम (।)
  2. अल्प विराम (,)
  3. अर्द्ध विराम (;)
  4. प्रश्नवाचक चिह्न (?)
  5. विस्मयादिबोधक चिह्न (!)
  6. योजक चिह्न (-)

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
अल्प विरामवाक्य के भीतर जहाँ बहुत कम समय के लिए रुकना पड़ता है, वहाँ इसका प्रयोग होता है।राम, लक्ष्मण और सीता वन गए।
पूर्ण विराम​वाक्य की समाप्ति को दर्शाने वाला मुख्य विराम चिह्न है, जो एक कथन या विचार के अंत का प्रतीक है।​सूरज पूरब से निकलता है**।**
69

किस वाक्य में सही विराम चिह्न प्रयुक्त नहीं हुए हैं?

  1. ((a))

    गाँधी जी ने कहा, "सत्य ही ईश्वर है।"

  2. ((b))

    छि: ! कैसी दुर्गंध आ रही है?

  3. ((c))

    सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की 'जूही की कली' एक प्रसिद्ध रचना है।

  4. ((d))

    दिशाएँ चार होती हैं - पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण।

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Answer: ((b))

छि: ! कैसी दुर्गंध आ रही है?

सही उत्तर है- छि: ! कैसी दुर्गंध आ रही है?

Key Points

  • दिए गए विकल्पों में 'छि: ! कैसी दुर्गंध आ रही है?' वाक्य में विराम चिह्न का प्रयोग गलत है क्योंकि यह एक विस्मयादिबोधक वाक्य है, प्रश्नवाचक नहीं।
  • नियम के अनुसार, जब वाक्य में घृणा, आश्चर्य, शोक या हर्ष जैसे भाव प्रकट होते हैं, तो वहाँ विस्मयादिबोधक चिह्न (!) का प्रयोग किया जाता है, न कि प्रश्नवाचक चिह्न का।
  • शुद्ध रूप: छि:! कैसी दुर्गंध आ रही है!
  • अन्य उदाहरण:
  • वाह! कितना सुंदर दृश्य है।
  • अरे! तुम कब आए? (यहाँ 'अरे' के बाद विस्मय चिह्न और अंत में प्रश्नवाचक सही है यदि प्रश्न पूछा जा रहा हो)।

अन्य विकल्प -

विकल्पविराम चिह्न का प्रयोग/तर्कस्थिति
गाँधी जी ने कहा, "सत्य ही ईश्वर है।"किसी के कथन को ज्यों का त्यों लिखने के लिए दोहरे उद्धरण चिह्न (" ") का प्रयोग सही है।शुद्ध
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'...उपनाम, रचना या शीर्षक के लिए इकहरे उद्धरण चिह्न (' ') का प्रयोग उचित है।शुद्ध
दिशाएँ चार होती हैं - पूर्व...विवरण देने या सूची बताने से पहले निर्देशक चिह्न (-) का प्रयोग सही है।शुद्ध

Important Points 

 विराम चिह्न के मुख्य भेद-

  1. पूर्ण विराम (।)
  2. अल्प विराम (,)
  3. अर्द्ध विराम (;)
  4. प्रश्नवाचक चिह्न (?)
  5. विस्मयादिबोधक चिह्न (!)
  6. उद्धरण चिह्न (' ' या " ")
  7. योजक चिह्न (-)

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
उद्धरण चिह्न (" ")जब किसी के कथन को ज्यों का त्यों उद्धृत करना हो, तो दोहरे उद्धरण चिह्न का प्रयोग करते हैं।सुभाषचंद्र बोस ने कहा, "तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूँगा।"दोहरा ​**‘कामायनी’** एक महाकाव्य है। - इकहरा
​निर्देशक चिह्न (-)जिसका प्रयोग किसी बात को स्पष्ट करने, उदाहरण देने, संवादों में, या किसी शीर्षक/विवरण के बाद विस्तार देने के लिए किया जाता है। यह योजक चिह्न (-) से थोड़ा लंबा होता है और इसे 'रेखा चिह्न' भी कहते हैं।​फलों के नाम**—**आम, केला, सेब।
70

कौन सा वाक्य अशुद्ध है?

  1. ((a))

    मैं, तुम, और वह खेलेंगे।

  2. ((b))

    आप मुझपर भरोसा कर सकते हैं।

  3. ((c))

    वे आत्मसम्मान की रक्षा करना चाहते हैं।

  4. ((d))

    आप और मैंने मिलकर उसकी सहायता की।

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Answer: ((a))

मैं, तुम, और वह खेलेंगे।

वाक्य शुद्धि की दृष्टि से अशुद्ध वाक्य का सही उत्तर है- मैं, तुम, और वह खेलेंगे।

Key Points

  • ऊपर दिया गया वाक्य अशुद्ध है क्योंकि इसमें सर्वनामों का पदक्रम (Sequence) सही नहीं है।
  • हिंदी व्याकरण के अनुसार जब उत्तम, मध्यम और अन्य पुरुष एक साथ आते हैं, तो उनका एक निश्चित क्रम होता है।
  • नियम के अनुसार, यदि वाक्य में विभिन्न पुरुष के सर्वनाम एक साथ आएँ, तो वे सामान्यतः 2-3-1 (मध्यम पुरुष, अन्य पुरुष, उत्तम पुरुष) के क्रम में रखे जाते हैं और क्रिया 'उत्तम पुरुष' बहुवचन के अनुसार होती है।
  • अतः शुद्ध वाक्य होगा- "तुम, वह और मैं खेलेंगे।"
  • अन्य उदाहरण: "तुम और मैं फिल्म देखने चलेंगे।" (2-1 का क्रम)

अन्य विकल्प -

विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
आप मुझपर भरोसा कर सकते हैं।यह वाक्य व्याकरणिक रूप से पूर्णतः शुद्ध है। यहाँ कारक चिन्ह 'पर' का सही प्रयोग है।शुद्ध वाक्य
वे आत्मसम्मान की रक्षा करना चाहते हैं।यहाँ संज्ञा 'आत्मसम्मान' और क्रिया 'चाहते हैं' का उचित समन्वय है।शुद्ध वाक्य
आप और मैंने मिलकर उसकी सहायता की।यहाँ 'ने' विभक्ति के कारण क्रिया 'सहायता' (स्त्रीलिंग) के अनुसार 'की' हुई है।शुद्ध वाक्य

Important Points 

 वाक्य अशुद्धियों के प्रमुख भेद-

  1. पदक्रम संबंधी अशुद्धि (जैसे सर्वनामों का गलत क्रम)
  2. अन्विति संबंधी अशुद्धि (कर्ता और क्रिया का मेल न होना)
  3. कारक संबंधी अशुद्धि (गलत विभक्ति का प्रयोग)
  4. पुनरुक्ति संबंधी अशुद्धि (एक ही अर्थ वाले शब्दों का बार-बार प्रयोग)

Additional Information

संदर्भपदक्रम नियमक्रमउदाहरण
सामान्य/सकारात्मक231मध्यम (2) + अन्य (3) + उत्तम (1)तुम, वह और मैं साथ पढ़ेंगे।
भूल/दोष स्वीकारना123उत्तम (1) + मध्यम (2) + अन्य (3)मैं, तुम और वह दोषी हैं।
केवल दो पुरुष (नॉर्मल)23 / 21 / 31(प्राथमिकता के आधार पर)तुम और मैं (2+1) कल चलेंगे।
71

‘सोने में सुगंध होना’ मुहावरे का उपयुक्त भावार्थ है-

  1. ((a))

    किसी बहुत बढ़िया चीज में और अधिक विशेषता होना।

  2. ((b))

    असंभव लगने वाले काम का सहजता से हो जाना।

  3. ((c))

    सोने की गुणवत्ता बढ़ जाना।

  4. ((d))

    मनोवांछित सफलता अर्जित करना।

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Answer: ((a))

किसी बहुत बढ़िया चीज में और अधिक विशेषता होना।

‘सोने में सुगंध होना’ मुहावरे का सही उदाहरण/उत्तर है- किसी बहुत बढ़िया चीज में और अधिक विशेषता होना।

Key Points

  • 'सोने में सुगंध होना' का अर्थ है - किसी अच्छी वस्तु में और अधिक गुण या विशेषता का जुड़ जाना।
  • सोना स्वयं में बहुमूल्य धातु है और यदि उसमें खुशबू भी आ जाए तो वह और भी उत्तम हो जाता है।
  • हिंदी व्याकरण में मुहावरा ऐसा वाक्यांश होता है जो अपने सामान्य अर्थ को छोड़कर किसी विशेष या लाक्षणिक अर्थ को प्रकट करता है।
  • उदाहरण- 1. राम विद्वान तो ���ा ही, अब वह विनम्र भी हो गया है, यह तो सोने में सुगंध वाली बात है।
    1. सरिता की गाय बहुत दूध देती है और उसका स्वभाव भी सीधा है, यह तो सोने में सुगंध है।

अन्य विकल्प -

विकल्प/मुहावराअर्थभेद/प्रकार
असंभव कार्य करनाअसंभव लगने वाले काम का सहजता से हो जाना (जैसे- हथेली पर सरसों उगाना)।मुहावरा
मनोवांछित सफलताअपनी इच्छा के अनुसार फल प्राप्त करना (जैसे- मुँह माँगी मुराद मिलना)।मुहावरा

Important Points 

 मुहावरों के मुख्य लक्षण-

  1. मुहावरा पूर्ण वाक्य न होकर एक वाक्यांश होता है।
  2. इसका प्रयोग स्वतंत्र रूप से न होकर वाक्य के अंतर्गत होता है।
  3. मुहावरे का अर्थ प्रसंग के अनुसार बदल जाता है।

Additional Information

मुहावराअर्थवाक्य प्रयोग
अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारनाअपना नुकसान स्वयं करना।अच्छी भली नौकरी छोड़कर उसने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली है।
कलेजा ठंडा होनामन को शांति मिलना या संतोष होना।जब अपराधी को सजा मिली, तब जाकर पीड़ित परिवार का कलेजा ठंडा हुआ।
घाट-घाट का पानी पीनाबहुत अनुभवी होना।हमारे मैनेजर ने घाट-घाट का पानी पिया है, उन्हें धोखा देना आसान नहीं है।
तलवे चाटनाचापलूसी करना।स्वाभिमानी व्यक्ति कभी किसी के तलवे नहीं चाटता।
लोहा लेनाडटकर मुकाबला करना।भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने अंग्रेजी शासन से डटकर लोहा लिया।
72

'अधिकार या अवसर पाकर मनमाना अंधेर करना', भावार्थ व्यक्त करने वाला मुहावरा है-

  1. ((a))

    आँखों में धूल झोंकना

  2. ((b))

    हवाई किले बनाना

  3. ((c))

    हाथ कंगन को आरसी क्या

  4. ((d))

    चाम के दाम चलाना

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Answer: ((d))

चाम के दाम चलाना

'अधिकार या अवसर पाकर मनमाना अंधेर करना' का सही उत्तर है- चाम के दाम चलाना

Key Points

  • 'चाम के दाम चलाना' मुहावरे का अर्थ है अधिकार का अनुचित लाभ उठाकर मनमाना कार्य करना या शासन में अंधेर मचाना।
  • जब कोई व्यक्ति किसी उच्च पद या शक्तिशाली स्थिति में आकर न्याय-अन्याय का विचार किए बिना अपनी मनमानी करता है, तब इस मुहावरे का प्रयोग किया जाता है।
  • उदाहरण 1: चुनाव जीतते ही भ्रष्ट नेता ने चाम के दाम चलाना शुरू कर दिया।
  • उदाहरण 2: कार्यालय का नया प्रबंधक छोटी-छोटी बातों पर जुर्माना लगाकर चाम के दाम चला रहा है।

अन्य विकल्प -

विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
आँखों में धूल झोंकनाकिसी को स्पष्ट रूप से धोखा देनामुहावरा
हवाई किले बनानाअसंभव या केवल काल्पनिक योजनाएँ बनानामुहावरा
हाथ कंगन को आरसी क्याप्रत्यक्ष बात के लिए किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होतीलोकोक्ति

Important Points 

 मुहावरे और लोकोक्तियों के भेद-

  1. मुहावरा: यह एक वाक्यांश होता है जो अपने सामान्य अर्थ को छोड़कर विशेष अर्थ प्रकट करता है।
  2. लोकोक्ति: यह लोक-अनुभव पर आधारित एक पूर्ण वाक्य होता है, जिसे 'कहावत' भी कहते हैं।

Additional Information

मुहावराअर्थवाक्य प्रयोग
अंधेर नगरी होनाजहाँ कोई नियम या व्यवस्था न हो (अन्याय की जगह)।उस कार्यालय में कोई समय पर नहीं आता और काम भी अटका रहता है, वहाँ तो पूरी अंधेर नगरी है।
कलई खुलनाभेद या असलियत का पता चल जाना।जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो अपराधी की सारी कलई खुल गई।
गाँठ बाँधनाकिसी बात को स्थायी रूप से याद रखना।पिता जी की यह बात मैंने गाँठ बाँध ली है कि ईमानदारी ही सबसे बड़ा धन है।
चिकना घड़ा होनाजिस पर किसी बात का कोई असर न हो (बेशरम होना)।उसे कितना भी समझा लो, वह अपनी आदतें नहीं बदलेगा; वह तो बिल्कुल चिकना घड़ा है।
तिल का ताड़ बनानाछोटी सी बात को बढ़ा-चढ़ाकर कहना।आपस में थोड़ी सी बहस हुई थी, पर पड़ोसियों ने तिल का ताड़ बना दिया।
पहाड़ से टक्कर लेनाअपने से बहुत अधिक शक्तिशाली व्यक्ति से मुकाबला करना।एक साधारण कर्मचारी का अपनी बड़ी कंपनी के मालिक से झगड़ना पहाड़ से टक्कर लेने जैसा है।
73

'अब तक पिता की कमाई पर ऐश करते रहे, जब खुद कमाना पड़ेगा तो ____________I’

उक्त वाक्य के रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए किस मुहावरे का प्रयोग उचित रहेगा?

  1. ((a))

    हाथ पर हाथ रखकर बैठना

  2. ((b))

    दाने-दाने को मोहताज होना

  3. ((c))

    आटे-दाल का भाव पता चलना

  4. ((d))

    हाथ धोकर पीछे पड़ जाना

Show Answer
Answer: ((c))

आटे-दाल का भाव पता चलना

दिए गए वाक्य के रिक्त स्थान की पूर्ति के लिए उपयुक्त मुहावरे का सही उदाहरण/उत्तर है- आटे-दाल का भाव पता चलना

Key Points

  • 'आटे-दाल का भाव पता चलना' मुहावरे का अर्थ है - सांसारिक कठिनाइयों का ज्ञान होना या जीवन की वास्तविकता का अनुभव होना।
  • प्रस्तुत वाक्य में यह दर्शाया गया है कि जब तक व्यक्ति दूसरों पर आश्रित रहता है, उसे जीवन के संघर्षों का पता नहीं चलता,
  • लेकिन जब वह स्वयं उत्तरदायित्व संभालता है, तब उसे कठिनाइयों का बोध होता है।
  • उदाहरण 1: शादी के बाद जब घर का खर्च खुद उठाना पड़ा, तब रोहन को आटे-दाल का भाव पता चला
  • उदाहरण 2: पिता के रिटायर होने के बाद बेटे को आटे-दाल का भाव पता चल गया

अन्य विकल्प -

मुहावरा/विकल्पविग्रह/अर्थ
हाथ पर हाथ रखकर बैठनाबिना कुछ काम किए खाली बैठना या निकम्मा होना।
दाने-दाने को मोहताज होनाअत्यंत गरीब होना या खाने के लाले पड़ना।
हाथ धोकर पीछे पड़ जानाजी-जान से किसी को परेशान करना या पीछे लगना।

Important Points 

 मुहावरों के प्रमुख लक्षण-

  1. मुहावरा अपने सामान्य अर्थ को छोड़कर एक विशेष अर्थ प्रकट करता है।
  2. मुहावरा पूर्ण वाक्य न होकर एक वाक्यांश होता है।
  3. मुहावरे का प्रयोग वाक्य के बीच में प्रसंगानुसार होता है।

Additional Information

मुहावराअर्थवाक्य प्रयोग
आँखों में धूल झोंकनाधोखा देना।ठग पुलिस की आँखों में धूल झोंककर रफूचक्कर हो गया।
उड़ती चिड़िया पहचाननारहस्य की बात दूर से जान लेना।हमारे दादाजी इतने अनुभवी हैं कि वे उड़ती चिड़िया पहचान लेते हैं।
गागर में सागर भरनाथोड़े शब्दों में बहुत बड़ी बात कह देना।कवि बिहारी ने अपने दोहों में गागर में सागर भर दिया है।
गुदड़ी का लालनिर्धन परिवार में जन्मा गुणी व्यक्ति।झुग्गी-झोपड़ी में रहकर IAS बनने वाला वह लड़का सचमुच गुदड़ी का लाल है।
टोपी उछालनाअपमानित करना या मजाक उड़ाना।भरी सभा में किसी बुजुर्ग की टोपी उछालना अच्छी बात नहीं है।
पहाड़ टूट पड़नाअचानक भारी विपत्ति आ जाना।पिता की असमय मृत्यु से पूरे परिवार पर पहाड़ टूट पड़ा।
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विराम चिह्नों के प्रयोग से संबंधित कौन सा विवरण सही नहीं है ?

  1. ((a))

    किसी के महत्वपूर्ण वचन उद्धृत करने के लिए अवतरण चिह्न का प्रयोग किया जाता है।

  2. ((b))

    किसी संज्ञा को संक्षेप में लिखने के लिए लाघव/संक्षेपक चिह्न का प्रयोग किया जाता है।

  3. ((c))

    द्वंद्व समास के पदों के मध्य प्रायः योजक चिह्न लगाया जाता है।

  4. ((d))

    लिखने में जब कोई शब्द छूट जाता है, तब उसके स्थान पर कोष्ठक चिह्न का प्रयोग किया जाता है।

Show Answer
Answer: ((d))

लिखने में जब कोई शब्द छूट जाता है, तब उसके स्थान पर कोष्ठक चिह्न का प्रयोग किया जाता है।

विराम चिह्नों के प्रयोग से संबंधित विवरण का सही उत्तर है- लिखने में जब कोई शब्द छूट जाता है, तब उसके स्थान पर कोष्ठक चिह्न का प्रयोग किया जाता है।

Key Points

  • विकल्प 'D' में दिया गया कथन गलत है क्योंकि लिखने में जब कोई शब्द छूट जाता है, तब उसके स्थान पर हंसपद (^) या त्रुटिबोधक चिह्न का प्रयोग किया जाता है, न कि कोष्ठक चिह्न का।
  • हंसपद चिह्न (^) का प्रयोग तब किया जाता है जब लिखते समय वाक्य में कोई शब्द या अंश छूट जाता है। इस चिह्न को लगाकर छूटा हुआ शब्द ऊपर लिख दिया जाता है।
  • उदाहरण:
  1. राम ^ गया। (यहाँ 'घर' शब्द छूट गया है, तो हंसपद लगाकर ऊपर घर लिखा जाएगा)
  2. स्वतंत्रता हमारा ^ अधिकार है। (यहाँ 'जन्मसिद्ध' शब्द छूट गया है)

अन्य विकल्प -

शब्द/विकल्पविग्रह/अर्थभेद/प्रकार
अवतरण चिह्न (" ")किसी के कथन को ज्यों का त्यों उद्धृत करने के लिए इसका प्रयोग किया जाता है। उदा: नेताजी ने कहा, तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा।विराम चिह्न
लाघव चिह्न (०)किसी बड़े या प्रसिद्ध शब्द को संक्षेप में लिखने के लिए इसका प्रयोग होता है। उदा: कृ०प०उ० - कृपया पृष्ठ उलटिए, उ०प्र० - उत्तर प्रदेशविराम चिह्न
योजक चिह्न (-)सामासिक पदों या द्वंद्व समास के युग्मों के मध्य लगाया जाता है। ​उदा: माता-पिता, सुख-दुःख, लाभ-हानि, सुबह-शाम।विराम चिह्न

Important Points 

 विराम चिह्न के मुख्य भेद-

  1. पूर्ण विराम (।)
  2. अल्प विराम (,)
  3. अर्ध विराम (;)
  4. प्रश्नवाचक चिह्न (?)
  5. विस्मयादिबोधक चिह्न (!)
  6. कोष्ठक चिह्न ( ), [ ]
  7. निर्देशक चिह्न (—)

Additional Information

प्रकार/भेदपरिभाषाउदाहरण
कोष्ठक चिह्नवाक्य के बीच में आए शब्दों का अर्थ स्पष्ट करने के लिए या नाटकों में पात्र के भाव बताने के लिए।लता जी (स्वर कोकिला) महान गायिका थीं। मेघनाद (गरजते हुए) - लक्ष्मण बाहर आओ!
75

‘न रहेगा बाँस, न बजेगी बाँसुरी’ लोकोक्ति का भावार्थ है-

  1. ((a))

    किसी को उसी की चाल से हराना

  2. ((b))

    आश्रयदाता पर ही रोब जमाना

  3. ((c))

    समस्या को जड़ से मिटाना

  4. ((d))

    विपक्षी से बढ़कर कौशल दिखाना

Show Answer
Answer: ((c))

समस्या को जड़ से मिटाना

'न रहेगा बाँस, न बजेगी बाँसुरी' लोकोक्ति का सही भावार्थ है- समस्या को जड़ से मिटाना

Key Points

  • 'न रहेगा बाँस, न बजेगी बाँसुरी' का अर्थ है कि जब मूल कारण ही नष्ट हो जाएगा, तो उससे होने वाली समस्या या कार्य भी स्वतः समाप्त हो जाएगा।
  • हिंदी व्याकरण में लोकोक्ति (कहावत) लोक के अनुभव पर आधारित वह उक्ति है जो किसी विशेष सत्य को संक्षिप्त और प्रभावशाली ढंग से व्यक्त करती है।
  • उदाहरण: जब रोहन और सोहन एक खिलौने के लिए झगड़ रहे थे, तो माँ ने वह खिलौना ही अलमारी में बंद कर दिया; इसे कहते हैं - न रहेगा बाँस, न बजेगी बाँसुरी।
  • अन्य उदाहरण: यदि किसी संक्रामक बीमारी को फैलने से रोकना है, तो उसके स्रोत को ही नष्ट करना होगा - न रहेगा बाँस, न बजेगी बाँसुरी।

अन्य विकल्प -

विकल्पविग्रह/अर्थउपयुक्त मुहावरा/लोकोक्ति
किसी को उसी की चाल से हरानाशत्रु या विपक्षी को उसी की युक्ति द्वारा परास्त करना।नहले पर दहला
आश्रयदाता पर ही रोब जमानाजिस व्यक्ति के सहारे जीवित हों, उसी का अपमान या नुकसान करना।जिस थाली में खाना, उसी में छेद करना
विपक्षी से बढ़कर कौशल दिखानासामने वाले से अधिक चतुर या सामर्थ्यवान सिद्ध होना।शेर को सवा शेर मिलना

Important Points 

 लोकोक्तियों की मुख्य विशेषताएँ-

  1. लोकोक्ति अपने आप में एक पूर्ण वाक्य होती है।
  2. इसका प्रयोग स्वतंत्र रूप से किया जा सकता है।
  3. यह जन-साधारण के दीर्घकालीन अनुभवों का सार होती है।
  4. लोकोक्ति का अर्थ सीधा और सरल होता है, जो किसी प्रसंग की पुष्टि हेतु प्रयुक्त होता है।

Additional Information

लोकोक्तिअर्थवाक्य प्रयोग
कोयले की दलाली में हाथ कालेबुरे काम का साथ देने पर बदनामी ही मिलती है।तुम जानते थे कि वह घोटालेबाज है, फिर भी उसके साथ रहे; अब पुलिस तुमसे पूछताछ कर रही है, आखिर कोयले की दलाली में हाथ काले तो होते ही हैं।
चमड़ी जाय पर दमड़ी न जायबहुत अधिक कंजूस होना।उसके पास लाखों की संपत्ति है, पर बीमारी में भी वह दवा पर पैसा खर्च नहीं करता; इसे कहते हैं— चमड़ी जाय पर दमड़ी न जाय।
छछूंदर के सिर पर चमेली का तेलअयोग्य व्यक्ति को कोई कीमती या अच्छी वस्तु मिल जाना।दसवीं फेल व्यक्ति को कंपनी का मैनेजर बना दिया गया, यह तो वही बात हुई— छछूंदर के सिर पर चमेली का तेल।
जस दूल्हा तस बनी बराताजैसा मुखिया, वैसे ही उसके साथी।भ्रष्ट नेता के सभी चमचे भी उतने ही बेईमान हैं; सच है— जस दूल्हा तस बनी बराता।
बगल में छोरा शहर में ढिंढोरावस्तु पास में होना और उसे दूर-दूर तक खोजना।मैंने पूरे घर में चश्मा ढूँढा और वह मेरी आँखों पर ही लगा था; इसे कहते हैं— बगल में छोरा शहर में ढिंढोरा।
हाथी के दाँत खाने के और दिखाने के औरकहना कुछ और करना कुछ (कथनी और करनी में अंतर)।वह मंच पर सादगी की बातें करता है और खुद आलीशान जीवन जीता है; सच तो यह है कि उसके हाथी के दाँत खाने के और दिखाने के और हैं।
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'घर के योग्य व्यक्ति की उपेक्षा कर अन्य को सम्मान देना' भावार्थ से संबंधित लोकोक्ति है

  1. ((a))

    धोबी का कुत्ता, घर का न घाट का

  2. ((b))

    घर का जोगी जोगणा, आन गाँव का सिद्ध

  3. ((c))

    बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद

  4. ((d))

    घर की मुर्गी दाल बराबर

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Answer: ((b))

घर का जोगी जोगणा, आन गाँव का सिद्ध

'घर के योग्य व्यक्ति की उपेक्षा कर अन्य को सम्मान देना' भावार्थ का सही उत्तर है- घर का जोगी जोगणा, आन गाँव का सिद्ध

Key Points

  • 'घर का जोगी जोगणा, आन गाँव का सिद्ध' लोकोक्ति का अर्थ है कि अपने स्थान या घर पर गुणी व्यक्ति का सम्मान नहीं होता, जबकि बाहर उसे बहुत माना जाता है।
  • वाक्य प्रयोग - रामपुर गाँव के पंडित जी को कोई नहीं पूछता, लेकिन पड़ोस के शहर में उनके बहुत भक्त हैं। सच ही कहा है— "घर का जोगी जोगना, आन गाँव का सिद्ध।"
  • लोकोक्ति (लोक + उक्ति) का अर्थ है लोक में प्रचलित कहावत। जब कोई पूरा कथन किसी प्रसंग विशेष में उद्धृत किया जाता है, तो उसे लोकोक्ति कहते हैं। यह अपने आप में पूर्ण वाक्य होती है।
  • अन्य उदाहरण: 'काला अक्षर भैंस बराबर' (अनपढ़ होना), 'आम के आम गुठलियों के दाम' (दोहरा लाभ)।

अन्य विकल्प -

लोकोक्ति/विकल्पविग्रह/अर्थ
धोबी का कुत्ता, घर का न घाट काजिसका कहीं भी ठिकाना न हो।
बंदर क्या जाने अदरक का स्वादमूर्ख व्यक्ति गुणों की परख नहीं कर सकता।
घर की मुर्गी दाल बराबरअपने पास की मूल्यवान वस्तु का महत्व न समझना

Important Pointsलोकोक्ति और मुहावरे के भेद-

  1. लोकोक्ति एक पूर्ण वाक्य होती है, जबकि मुहावरा वाक्यांश होता है।
  2. लोकोक्ति का प्रयोग स्वतंत्र रूप से किया जा सकता है।
  3. मुहावरे के अंत में प्राय: 'ना' (क्रिया) आता है, जैसे - आँखों का तारा होना।

Additional Information

लोकोक्तिअर्थवाक्य प्रयोग
दूध का दूध और पानी का पानीनिष्पक्ष और सही न्याय करना।जब मामला अदालत में पहुँचा, तो जज साहब ने गवाहों के आधार पर दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया।
बंदर क्या जाने अदरक का स्वादमूर्ख व्यक्ति गुणवान वस्तु या व्यक्ति की कद्र नहीं कर सकता।उसे शास्त्रीय संगीत सुनाना बेकार है, वह तो बस शोर पसंद करता है; सच है— बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद।
हाथ कंगन को आरसी क्याप्रत्यक्ष बात के लिए किसी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती।मेरी कार्यक्षमता देखनी है तो कल का परिणाम देख लेना, आखिर हाथ कंगन को आरसी क्या।
आम के आम गुठलियों के दामदोहरा लाभ प्राप्त होना।मैंने पुरानी किताबें पढ़कर ज्ञान भी प्राप्त किया और अब उन्हें अच्छे दामों में बेच भी दिया; इसे कहते हैं— आम के आम गुठलियों के दाम।
खोदा पहाड़ निकली चुहियाबहुत अधिक कठिन परिश्रम करने पर बहुत कम लाभ मिलना।दिन-भर व्यापार की भाग-दौड़ करने के बाद शाम को मात्र दस रुपये का मुनाफा हुआ, यह तो खोदा पहाड़ निकली चुहिया जैसा हाल है।
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किस लोकोक्ति का भावार्थ सही नहीं है?

  1. ((a))

    गुड़ खाए, गुलगुलों से परहेज - बनावटी परहेज

  2. ((b))

    ओस चाटे प्यास नहीं बुझती - कृपण व्यक्ति सबकुछ होते हुए भी भूखा ही रहता है

  3. ((c))

    कौओं के कोसे ढोर नहीं मरते - बुरे आदमी की बद्दुआ से कुछ नहीं होता

  4. ((d))

    हाथी का बोझ हाथी ही उठाता है - बड़ा काम बड़े ही कर सकते है

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Answer: ((b))

ओस चाटे प्यास नहीं बुझती - कृपण व्यक्ति सबकुछ होते हुए भी भूखा ही रहता है

दिए गए विकल्पों में लोकोक्ति और उसके भावार्थ का सही उदाहरण/उत्तर है- ओस चाटे प्यास नहीं बुझती - कृपण व्यक्ति सबकुछ होते हुए भी भूखा ही रहता है

Key Points

  • 'ओस चाटे प्यास नहीं बुझती' लोकोक्ति का सही भावार्थ है- बड़ी आवश्यकता की पूर्ति कम वस्तुओं से नहीं होती। विकल्प में दिया गया अर्थ 'कृपण व्यक्ति...' गलत है।
  • ​वाक्य प्रयोग: व्यापार शुरू करने के लिए तुम्हें बड़ा निवेश करना होगा, सिर्फ थोड़ी सी रकम से बात नहीं बनेगी क्योंकि ओस चाटे प्यास नहीं बुझती।
  • लोकोक्ति का अर्थ है 'लोक में प्रचलित उक्ति'। जब कोई पूरा कथन किसी प्रसंग विशेष में उद्धृत किया जाता है, तो उसे लोकोक्ति कहते हैं। इसमें अनुभव का सार छिपा होता है।
  • इसी प्रकार का एक और उदाहरण है: ऊँट के मुँह में जीरा - बहुत अधिक आवश्यकता होने पर बहुत कम वस्तु मिलना।

अन्य विकल्प -

**लोकोक्ति/**विकल्पविग्रह/अर्थ
गुड़ खाए, गुलगुलों से परहेजकिसी वस्तु का प्रत्यक्ष सेवन करना किंतु उससे बनी दूसरी वस्तु से दिखावटी परहेज करना।
कौओं के कोसे ढोर नहीं मरतेबुरे आदमी की बद्दुआ या कोसने से किसी भले का नुकसान नही�� होता
हाथी का बोझ हाथी ही उठाता हैबड़ा या कठिन कार्य केवल सामर्थ्यवान व्यक्ति ही संपन्न कर सकता है।

Important Points

लोकोक्तियों के मुख्य आधार-

  1. लोक जीवन का व्यापक अनुभव।
  2. कथन की संक्षिप्तता और पूर्णता।
  3. सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों का संदेश।

Additional Information

लोकोक्तिअर्थवाक्य प्रयोग
अशर्फियाँ लुटें और कोयलों पर मुहरमूल्यवान वस्तुओं की चिंता न करना और तुच्छ चीजों की सुरक्षा करना।उसने कीमती गहने खुले छोड़ दिए और पुराने बर्तनों पर ताला लगा रहा है, इसे कहते हैं— अशर्फियाँ लुटें और कोयलों पर मुहर।
कहाँ राजा भोज, कहाँ गंगू तेलीदो व्यक्तियों की स्थिति या स्तर में बहुत बड़ा अंतर होना।एक साधारण सिपाही की तुलना सेनापति से करना व्यर्थ है; आखिर कहाँ राजा भोज, कहाँ गंगू तेली।
चूहे के चाम से नगाड़े नहीं मढ़े जातेसीमित साधनों से बड़े काम पूरे नहीं किए जा सकते।आप थोड़े से बजट में इतना बड़ा महल नहीं बना सकते; सच है— चूहे के चाम से नगाड़े नहीं मढ़े जाते।
जंगल में मोर नाचा, किसने देखा?बिना दर्शकों या कद्रदानों के गुणों का प्रदर्शन व्यर्थ होता है।उस गाँव में अपनी विद्वत्ता दिखाना बेकार है जहाँ कोई पढ़ा-लिखा न हो; जंगल में मोर नाचा, किसने देखा?
ठंडा लोहा गरम लोहे को काटता हैशांत स्वभाव का व्यक्ति क्रोधी व्यक्ति पर विजय प्राप्त कर लेता है।अधिकारी के गुस्से का जवाब उसने शालीनता से दिया और काम करवा लिया; आखिर ठंडा लोहा गरम लोहे को काटता है।
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किस विकल्प में मुहावरे का भावार्थ सही नहीं है?

  1. ((a))

    छाती पर साँप लोटना - घोर ईर्ष्या होना 

  2. ((b))

    अपना-सा मुँह लेकर रह जाना - लज्जित होकर रह जाना

  3. ((c))

    उड़ती चिड़िया पहचानना  - अत्यंत कठिन कार्य करना

  4. ((d))

    कान पर जूँ न रेंगना  - तनिक भी असर न पड़ना

Show Answer
Answer: ((c))

उड़ती चिड़िया पहचानना  - अत्यंत कठिन कार्य करना

दिए गए विकल्पों में मुहावरे और उसके अर्थ का सही युग्म नहीं होने वाला विकल्प है- उड़ती चिड़िया पहचानना - अत्यंत कठिन कार्य करना

Key Points

  • 'उड़ती चिड़िया पहचानना' मुहावरे का सही भावार्थ 'किसी के मन की बात या रहस्य को दूर से ही जान लेना' अथवा 'अत्यंत अनुभवी होना' होता है।
  • 'अत्यंत कठिन कार्य करना' के लिए 'आसमान के तारे तोड़ना' या 'लोहे के चने चबाना' जैसे मुहावरों का प्रयोग किया जाता है।
  • मुहावरा - ऐसा वाक्यांश जो अपने साधारण अर्थ को छोड़कर विशेष अर्थ व्यक्त करता है।
  • उदाहरण:
  1. वह इतना अनुभवी वकील है कि सामने वाले के झूठ को उड़ती चिड़िया पहचानकर पकड़ लेता है।
  2. उससे कुछ भी छिपाना मुश्किल है, वह तो उड़ती चिड़िया पहचानने की कला जानता है।

अन्य विकल्प -

मुहावराभावार्थवाक्य प्रयोग
छाती पर साँप लोटनाघोर ईर्ष्या होनापड़ोसी की नई गाड़ी देखकर उसकी छाती पर साँप लोटने लगा।
अपना-सा मुँह लेकर रह जानालज्जित होकर रह जानाजब उसकी चोरी पकड़ी गई, तो वह अपना-सा मुँह लेकर रह गया।
कान पर जूँ न रेंगनातनिक भी असर न पड़नाउसे कितना भी समझाओ, उसके कान पर जूँ तक नहीं रेंगती।

Important Points 

 मुहावरे की विशेषताएँ-

  1. मुहावरा एक वाक्यांश होता है, यह पूर्ण वाक्य नहीं होता।
  2. मुहावरा अपने सामान्य अर्थ को छोड़कर विशेष अर्थ (लाक्षणिक अर्थ) प्रकट करता है।
  3. मुहावरे का प्रयोग स्वतंत्र रूप से न होकर वाक्य के अंतर्गत होता है।
  4. मुहावरे के मूल शब्दों को पर्यायवाची शब्दों से बदला नहीं जा सकता (जैसे 'कमर कसना' को 'कटि कसना' नहीं कह सकते)।

Additional Information

मुहावराअर्थवाक्य प्रयोग
आस्तीन का साँपसाथ रहने वाला विश्वासघाती मित्र।मैं जिसे अपना सबसे अच्छा दोस्त समझता था, वह तो आस्तीन का साँप निकला।
ईंट से ईंट बजानापूरी तरह से नष्ट कर देना या विनाश करना।भारतीय सेना ने दुश्मन के इरादों की ईंट से ईंट बजा दी।
घी के दिए जलानाबहुत अधिक खुशियाँ मनाना।बेटे की सरकारी नौकरी लगने पर पूरे परिवार ने घी के दिए जलाए।
दाँतों तले उँगली दबानाबहुत अधिक हैरान या चकित होना।छोटे बच्चे की अद्भुत चित्रकारी देखकर सभी ने दाँतों तले उँगली दबा ली।
लोहे के चने चबानाबहुत कठिनाई का सामना करना या कठिन कार्य करना।अपना खुद का व्यापार खड़ा करना लोहे के चने चबाने जैसा है।
79

'Cognizable offence' का सही पारिभाषिक है-

  1. ((a))

    संज्ञेय अपराध

  2. ((b))

    क्षमायोग्य अपराध

  3. ((c))

    अक्षम्य अपराध

  4. ((d))

    जघन्य अपराध

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Answer: ((a))

संज्ञेय अपराध

'Cognizable offence' का सही पारिभाषिक है- संज्ञेय अपराध

Key Points

  • संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence) कानूनी प्रक्रिया का वह आधार है
  • जहाँ अपराध की गंभीरता इतनी अधिक होती है कि समाज की सुरक्षा के लिए पुलिस को तत्काल कार्रवाई की शक्ति दी जाती है।

अन्य विकल्प - 

  • क्षमायोग्य अपराध : अंग्रेज़ी पारिभाषिक शब्द 'Pardonable' या 'Compoundable offence' (शमनीय अपराध) का प्रयोग किया जाता है।
  • अक्षम्य अपराध : इसके लिए 'Inexcusable' या 'Non-pardonable' शब्द का प्रयोग होता है।
  • जघन्य अपराध : इसके लिए 'Heinous crime' शब्द का प्रयोग किया जाता है, जो अपराध की क्रूरता को दर्शाता है।

Additional Information

अंग्रेज़ी शब्दहिंदी पारिभाषिक
Autonomousस्वायत्त / स्वशासी
Contingencyआकस्मिकता
De factoवस्तुतः / वास्तविक
Ex-officioपदेन
Gazetteराजपत्र
Honorariumमानदेय
Interimअंतरिम
Liaisonसंपर्क / तालमेल
Protocolनयाचार / मर्यादा
Vested Powerनिहित शक्ति
80

किस विकल्प में हिन्दी पारिभाषिक रूप सही नहीं है?

  1. ((a))

    Good faith = सद्भाव

  2. ((b))

    Punitive : = दंडात्मक

  3. ((c))

    Bad conduct = दुर्व्यवहार

  4. ((d))

    Attachment = कुर्की

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Answer: ((c))

Bad conduct = दुर्व्यवहार

हिन्दी पारिभाषिक रूप सही नहीं है- Bad conduct = दुर्व्यवहार

Key Points

  • 'Bad conduct' का सही पारिभाषिक अर्थ 'दुराचरण' होता है।
  • 'दुर्व्यवहार' के लिए सही अंग्रेज़ी पारिभाषिक शब्द 'Misbehavior' या 'Ill-treatment' है।

अन्य विकल्प -

  • Good faith : यह सही है। इसका अर्थ होता है 'सद्भाव' या 'नेक नीयती'।
  • Punitive : यह सही है। इसका अर्थ होता है 'दंडात्मक'। जैसे: 'Punitive action' (दंडात्मक कार्रवाई)।
  • Attachment : यह सही है। कानूनी संदर्भ में जब किसी की संपत्ति को अदालत के आदेश से जब्त किया जाता है, तो उसे 'कुर्की' या 'संलग्नन' कहा जाता है।

Additional Information

अंग्रेज़ी शब्दहिंदी पारिभाषिक
Arrearsबकाया
Breachभंग / उल्लंघन
Dulyयथाविधि / विधिवत
Exemptionछूट / मुक्ति
Foremanपौरम / मुख्य कारीगर
Incentiveप्रोत्साहन / प्रेरणा
Minute of Dissentविमति-टिप्पणी
Overhead chargesउपरि व्यय
81

किस विकल्प में हिन्दी पारिभाषिक रूप सही है?

  1. ((a))

    Minutes = कार्य योजना

  2. ((b))

    Sub judice = न्यायाधीन

  3. ((c))

    Vigilance = सतर्क

  4. ((d))

    Moral obligation = नैतिक समर्थन 

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Answer: ((b))

Sub judice = न्यायाधीन

हिन्दी पारिभाषिक रूप सही है- Sub judice = न्यायाधीन

Key Points

  • Sub judice - न्यायाधीन

अन्य विकल्प -

अंग्रेज़ी शब्दसही हिंदी पारिभाषिक
Minutesकार्यवृत्त
Action Planकार्य योजना
Vigilanceसतर्कता
Vigilantसतर्क
Moral Obligationनैतिक बाध्यता
Moral supportनैतिक समर्थन

Additional Information

अंग्रेज़ी शब्दहिंदी पारिभाषिक
Adjournmentस्थगन
Allegationअभिकथन / आरोप
Compulsoryअनिवार्य
De jureविधि सम्मत
Discrepancyविसंगति
Enactmentअधिनियमन
Fideसद्भाव / निष्ठा
Impeachmentमहाभियोग
Mandatoryआज्ञापक / अनिवार्य
Ordinanceअध्यादेश
82

'Supersede' का हिंदी पारिभाषिक है-

  1. ((a))

    अतिक्रमण करना

  2. ((b))

    अधिग्रहण करना

  3. ((c))

    अधिगमन करना

  4. ((d))

    अधिक्रमण करना

Show Answer
Answer: ((d))

अधिक्रमण करना

'Supersede' का हिंदी पारिभाषिक है- अधिक्रमण करना

Key Points

  • 'Supersede' - अधिक्रमण करना

अन्य विकल्प -

  • अतिक्रमण करना: यह 'Encroachment' या 'Trespass' का हिंदी अनुवाद है।
  • अधिग्रहण करना : यह 'Acquisition' का हिंदी अनुवाद है।
  • अधिगमन करना : यह 'Accession' का हिंदी अनुवाद है।

Additional Information

अंग्रेज़ी शब्दहिंदी पारिभाषिक
Abeyanceआस्थगन / दुविधा
Ad-valoremमूल्यानुसार
Covenantप्रसंविदा / अनुबंध
Demiseपट्टा / हस्तांतरण
Exchequerराजकोष / सरकारी खजाना
Fringe benefitsपरिलब्धियाँ / अतिरिक्त लाभ
Lienग्रहणाधिकार
Officiatingस्थानापन्न
Quorumगणपूर्ति
83

'बुरी संगत का फल बुरा ही होता है' - इस आशय के लिए उपयुक्त लोकोक्ति है

  1. ((a))

    चोर की दाढ़ी में तिनका

  2. ((b))

    कोयले की दलाली में हाथ काले

  3. ((c))

    चोर चोरी स�� जाए हेराफेरी से न जाए

  4. ((d))

    खून सिर चढ़कर बोलता है

Show Answer
Answer: ((b))

कोयले की दलाली में हाथ काले

'बुरी संगत का फल बुरा ही होता है' इस आशय के लिए उपयुक्त लोकोक्ति का सही उत्तर है- कोयले की दलाली में हाथ काले

Key Points

  • 'कोयले की दलाली में हाथ काले' लोकोक्ति का अर्थ है कि बुरी संगत या बुरे काम का परिणाम सदैव बुरा ही होता है।
  • वाक्य प्रयोग - बुरे दोस्तों की संगत में रहकर तुम भी बदनामी मोल ले रहे हो। इसे ही कहते हैं कि कोयले की दलाली में हाथ काले होते हैं।
  • जिस प्रकार कोयले का व्यापार करने पर हाथ काले होना निश्चित है, उसी प्रकार दुष्टों की संगति में रहने पर बदनामी या नुकसान होना तय है।
  • लोकोक्ति (Proverb) लोक में प्रचलित वह उक्ति है जो जीवन के अनुभव और सत्य पर आधारित होती है। यह एक पूर्ण वाक्य होती है।
  • उदाहरण 1: 'जैसी करनी वैसी भरनी' (कर्म के अनुसार फल मिलना)।
  • उदाहरण 2: 'नीम हकीम खतरा-ए-जान' (अल्प ज्ञान हानिकारक होता है)।

अन्य विकल्प -

लोकोक्ति/विकल्पविग्रह/अर्थ
चोर की दाढ़ी में तिनकाजो व्यक्ति दोषी होता है, वह सदैव भयभीत और सशंकित रहता है।
चोर चोरी से जाए हेराफेरी से न जाएकिसी व्यक्ति की बुरी आदत का पूरी तरह से समाप्त न होना।
खून सिर चढ़कर बोलता हैकिया गया पाप या अपराध छिपाने से नहीं छिपता, वह स्वयं प्रकट हो जाता है।

Important Points 

 लोकोक्ति की विशेषताएँ-

  1. यह अपने आप में एक स्वतंत्र और पूर्ण वाक्य होती है।
  2. इसका प्रयोग किसी स्थिति को स्पष्ट करने या उदाहरण देने के लिए किया जाता है।
  3. इसका अर्थ सीधा और लोक-प्रचलित अनुभव से जुड़ा होता है।

Additional Information

लोकोक्तिअर्थवाक्य प्रयोग
अपनी गली में कुत्ता भी शेर होता हैअपने घर या क्षेत्र में हर कोई शक्तिशाली महसूस करता है।बाहर तो वह चुप रहता है, पर मोहल्ले में सबको डराता है; आखिर अपनी गली में कुत्ता भी शेर होता है।
उल्टे बाँस बरेली कोजहाँ जिस वस्तु की आवश्यकता न हो, उसे वहाँ पहुँचाना (विपरीत कार्य)।तुम शहर के नामी डॉक्टर को इलाज सिखा रहे हो, यह तो उल्टे बाँस बरेली को भेजने जैसा है।
एक तो करेला, दूजे नीम चढ़ाएक दोष के साथ दूसरा दोष भी जुड़ जाना।वह पहले ही क्रोधी था, अब बुरी संगत में पड़कर और बिगड़ गया; यह तो एक तो करेला, दूजे नीम चढ़ा वाली बात हुई।
मान न मान मैं तेरा मेहमानजबरदस्ती किसी के गले पड़ना।मैंने उसे आमंत्रित भी नहीं किया था, फिर भी वह सुझाव देने चला आया; इसे कहते हैं— मान न मान मैं तेरा मेहमान।
साँच को आँच नहींसच्चे व्यक्ति को किसी का डर नहीं होता।यदि आपने चोरी नहीं की है, तो जाँच से क्यों घबराते हैं? आखिर साँच को आँच नहीं होती।
84

निम्नलिखित में असंगत हिन्दी पारिभाषिक है:

  1. ((a))

    Perjury = शपथपूर्वक

  2. ((b))

    Wilful = जानबूझकर

  3. ((c))

    Personnel = कार्मिक

  4. ((d))

    Deponent = अभिसाक्षी

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Answer: ((a))

Perjury = शपथपूर्वक

असंगत हिन्दी पारिभाषिक है: Perjury = शपथपूर्वक

Key Points

  • 'Perjury' का सही हिंदी पारिभाषिक अर्थ 'झूठी गवाही' या 'शपथ-भंग' होता है।
  • जब कोई व्यक्ति अदालत में शपथ लेने के बाद जानबूझकर झूठ बोलता है, तो उसे 'Perjury' कहा जाता है।
  • 'शपथपूर्वक' के लिए अंग्रेज़ी शब्द 'On oath' या 'Sworn' का प्रयोग किया जाता है।

Additional Information

अंग्रेज़ी शब्दहिंदी पारिभाषिक
Anomaliesविसंगतियाँ
Condoneमाफ़ करना / उपेक्षा करना
Custodyअभिरक्षा
Demotionपदावनति
Disbursementसंवितरण / भुगतान
Grace periodअनुग्रह अवधि
Jurisdictionअधिकार क्षेत्र / क्षेत्राधिकार
Null and Voidअकृत और शून्य
Omissionचूक / लोप
Precedentनज़ीर / पूर्व-उदाहरण
85

कौन सा शब्द 'Award' का हिंदी समकक्ष नहीं है?

  1. ((a))

    पंचाट

  2. ((b))

    अधिनिर्णय

  3. ((c))

    ग्रहण करना

  4. ((d))

    पुरस्कार

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Answer: ((c))

ग्रहण करना

'Award' का हिंदी समकक्ष नहीं है- ग्रहण करना

Key Points

  • ग्रहण करना : यह 'Accept' या 'Receive' का हिंदी पारिभाषिक शब्द है।
  • 'Award' का अर्थ कुछ प्रदान करना या निर्णय देना होता है,
  • जबकि 'ग्रहण करना' उसे स्वीकार करने की क्रिया है।

अन्य विकल्प -

  • पंचाट : जब किसी विवाद का निपटारा 'Arbitrator' (मध्यस्थ) द्वारा किया जाता है,
  • तो उसके निर्णय को 'Award' (पंचाट) कहा जाता है।
  • अधिनिर्णय : किसी न्यायालय या न्यायाधिकरण (Tribunal) द्वारा दिए गए औपचारिक निर्णय को भी 'Award' (अधिनिर्णय) कहा जाता है।
  • विशेषकर औद्योगिक विवादों (Industrial Disputes) में इसका प्रयोग अधिक होता है।
  • पुरस्कार : यह 'Award' का सबसे सामान्य अर्थ है, जो किसी उपलब्धि या सेवा के लिए सम्मान के रूप में दिया जाता है।
  • जैसे: 'National Award' (राष्ट्रीय पुरस्कार)।

Additional Information

अंग्रेज़ी शब्दहिंदी पारिभाषिक
Abscondingफरार होना
Admissibleस्वीकार्य / ग्राह्य
Bona fideसद्भावी / वास्तविक
Cognizableसंज्ञेय
Disbursementसंवितरण
Enclosureसंलग्नक
Injunctionव्यादेश / स्थगन आदेश
Locus standiसुनवाई का अधिकार
Prima facieप्रथम दृष्टया
Resolutionसंकल्प / प्रस्ताव
86

'Temperamental' का सही पारिभाषिक है

  1. ((a))

    स्थितप्रज्ञ

  2. ((b))

    तुनकमिज़ाज

  3. ((c))

    भुलक्कड़

  4. ((d))

    खुशमिज़ाज

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Answer: ((b))

तुनकमिज़ाज

'Temperamental' का सही पारिभाषिक है - तुनकमिज़ाज

Key Points

  • 'Temperamental' (टेम्परामेंटल) का अर्थ है-  तुनकमिजाज़, अनिश्चित स्वभाव वाला, या भावुक।

अन्य विकल्प -

शब्दअंग्रेज़ी अर्थ
स्थितप्रज्ञStoic / Equanimous
भुलक्कड़Forgetful
खुशमिज़ाजJovial / Cheerful

Additional Information

अंग्रेज़ी शब्दहिंदी पारिभाषिक
Backlogपिछला बकाया
Circularपरिपत्र
Compensatoryक्षतिपूरक
Demurrageविलंब शुल्क
Emolumentsलब्धियाँ
Fact-findingतथ्यान्वेषी
Lapseव्यपगत होना
Officiatingस्थानापन्न
Quasi-judicialअर्ध-न्यायिक
87

'Record' का सही पारिभाषिक नहीं है

  1. ((a))

    अभिलेख

  2. ((b))

    कीर्तिमान

  3. ((c))

    दर्ज करना

  4. ((d))

    सूचित करना

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Answer: ((d))

सूचित करना

'Record' का सही पारिभाषिक नहीं है - सूचित करना

Key Points

  • सूचित करना : यह 'Inform' या 'Notify' का हिंदी पारिभाषिक है।
  • रिकॉर्ड का अर्थ जानकारी को सहेजना है, जबकि सूचित करने का अर्थ जानकारी को दूसरों तक पहुँचाना है।

अन्य विकल्प -

  • अभिलेख : संज्ञा के रूप में, भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रखे गए
  • आधिकारिक दस्तावेज़ों को 'Record' कहा जाता है। उदाहरण: 'Office Records' (कार्यालय अभिलेख)।
  • कीर्तिमान : खेलकूद या किसी असाधारण उपलब्धि के क्षेत्र में स्थापित सर्वोच्च स्तर को 'Record' कहा जाता है।
  • उदाहरण: 'World Record' (विश्व कीर्तिमान)।
  • दर्ज करना : क्रिया के रूप में, किसी जानकारी या तथ्य को रजिस्टर या फाइल में लिखने की प्रक्रिया को 'Record' करना कहते हैं।
  • उदाहरण: 'To record the statement' (बयान दर्ज करना)।

Additional Information

अंग्रेज़ी शब्दहिंदी पारिभाषिक
Amendedसंशोधित
Censureपरिनिंदा
Discretionaryविवेकाधीन
Encumbranceभार / विल्लंगम
Forfeitureजब्ती / रा���सात
Nominalनाममात्र
Reimbursementप्रतिपूर्ति
Statutoryसांविधिक
88

निम्नलिखित में 'Return' का हिंदी पारिभाषिक नहीं है:

  1. ((a))

    पुनरीक्षण

  2. ((b))

    निर्वाचित करना

  3. ((c))

    प्रतिफल

  4. ((d))

    विवरणी

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Answer: ((a))

पुनरीक्षण

'Return' का हिंदी पारिभाषिक नहीं है: पुनरीक्षण

Key Points

  • 'पुनरीक्षण' अंग्रेज़ी शब्द 'Review' या 'Revision' का हिंदी अनुवाद है।
  • इसका अर्थ होता है किसी निर्णय, दस्तावेज़ या स्थिति को पुनः जाँचना।

अन्य विकल्प -

  • निर्वाचित करना : चुनाव के संदर्भ में 'Return' का अर्थ निर्वाचन होता है।
  • जब कोई उम्मीदवार जीतता है, तो उसे 'Returned Candidate' (निर्वाचित अभ्यर्थी) कहा जाता है।
  • प्रतिफल : वाणिज्य और बैंकिंग क्षेत्र में निवेश पर मिलने वाले लाभ को 'Return' (प्रतिफल) कहते हैं।
  • विवरणी : आधिकारिक जानकारी या डेटा के फॉर्म को 'Return' कहा जाता है। जैसे**: 'Income Tax Return'** (आयकर विवरणी)।

Additional Information 

अंग्रेज़ी शब्दहिंदी पारिभाषिक
Abstractसार / संक्षेप
Affidavitशपथ-पत्र / हलफनामा
Auditलेखापरीक्षा
Bureaucracyनौकरशाही / दफ्तरशाही
Discrepancyविसंगति / अंतर
Gazetteराजपत्र
Memorandumज्ञापन / स्मृति-पत्र
Notificationअधिसूचना
Protocolनयाचार / शिष्टाचार
Vigilanceसतर्कता
89

किस शब्द की संधि सही नहीं है?

  1. ((a))

    सत् + मति = सन्मति

  2. ((b))

    षट् + वदन = षडवदन

  3. ((c))

    तृष्ष + ना = तृष्णा

  4. ((d))

    स्व + छंद = स्वच्छंद

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Answer: ((b))

षट् + वदन = षडवदन

संधि सही नहीं है- षट् + वदन = षडवदन

Key Points

  • "षट् + वदन = षडवदन" संधि अशुद्ध है।
  • नियम के अनुसार, व्यंजन संधि के तहत 'ट्' (ट वर्ग का पहला वर्ण) अपने ही वर्ग के तीसरे वर्ण 'ड्' में बदलता है,
  • इसलिए षट् + वदन = षड्वदन (ड में हलंत के बिना, व के साथ) सही रूप है। 'षडवदन' गलत है क्योंकि 'व' में स्वर नहीं जुड़ा है। 
  • 'षड्वदन' का अर्थ है "छह मुख (चेहरे) वाला"।

अन्य विकल्प -

संधि विच्छेदसंधि शब्दनियम का प्रकार
सत् + मतिसन्मतिव्यंजन संधि (त् का न् में परिवर्तन - पंचम वर्ण नियम)
तृष् + नातृष्णाव्यंजन संधि (ष् के बाद होने पर का हो जाता है)
स्व + छंदस्वच्छंदव्यंजन संधि (ह्रस्व स्वर के बाद 'छ' आने पर 'च्' का आगम)

Important Pointsव्यंजन संधि नियम -

  • जब किसी वर्ग के पहले वर्ण (क्, च्, ट्, त्, प्) का मिलन किसी वर्ग के तीसरे या
  • चौथे वर्ण से या (य्, र्, ल्, व्, ह) से या किसी स्वर से हो जाये तो क् को ग् ,
  • च् को ज् , ट् को ड् , त् को द् , और प् को ब् में बदल दिया जाता है।
  • अगर व्यंजन से स्वर मिलता है तो जो स्वर की मात्रा होगी वो हलन्त वर्ण में लग जाएगी।
  • लेकिन अगर व्यंजन का मिलन होता है तो वे हलन्त ही रहेंगे।

उदाहरण :

  • वाक् +ईश = वागीश, दिक् + गज = दिग्गज।।
  • षट् + आनन = षडानन, षट् + यन्त्र = षड्यन्त्र, षट् + दर्शन = षड्दर्शन।
  • सत् + आशय = सदाशय, तत् + अनन्तर = तदनन्तर।

Additional Information

संधि- - संधि के भेद हैं - 1. स्वर, 2. व्यंजन और 3. विसर्ग। - दो या दो से अधिक वर्णों (स्वर या व्यंजन) के मिलने से उत्पन्न विकार (परिवर्तन) को संधि कहते हैं। - जैसे - नर + इंद्र = नरेंद्र (​अ + इ = ए)।
संधिपरिभाषाउदाहरण
स्वरदो स्वरों के मेल से उत्पन्न होने वाले विकार को स्वर संधि कहते हैं। इसके इसके पाँच भेद हैं- दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण, अयादि।सूर्य + उदय = सूर्योदय, ​अ + उ = ओ (गुण संधि)
व्यंजनव्यंजन के बाद किसी स्वर या व्यंजन के आने से उस व्यंजन में जो परिवर्तन होता है, वह व्यंजन संधि कहलाता है।जगत् + ईश = जगदीश (त् + ई = दी)।
विसर्गविसर्ग के साथ स्वर अथवा व्यंजन के मिलने से जो विकार उत्पन्न होता है, उसे विसर्ग संधि कहते हैं।​​मनः + हर = मनोहर
90

'अभीष्ट' का सही संधि विच्छेद है:

  1. ((a))

    अभि + इष्ट

  2. ((b))

    अभि + ईष्ट

  3. ((c))

    अभी + इष्ट

  4. ((d))

    अभी + ईष्ट

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Answer: ((a))

अभि + इष्ट

'अभीष्ट' का सही संधि विच्छेद है: अभि + इष्ट

Key Points

  • 'अभीष्ट' का सही संधि विच्छेद अभि + इष्ट है। इसमें दीर्घ स्वर संधि है,
  • जहाँ छोटी 'इ' और छोटी 'इ' मिलकर बड़ी 'ई' (ी) बन जाते हैं।
  • जब दो शब्दों की संधि करते समय (अ, आ) के साथ (अ, आ) हो तो ‘आ‘ बनता है,
  • जब (इ, ई) के साथ (इ, ई) हो तो ‘ई‘ बनता है,
  • जब (उ, ऊ) के साथ (उ, ऊ) हो तो ‘ऊ‘ बनता है, तो उसे दीर्घ संधि कहते है।
  • उदाहरण-
  • देव + अर्चन = देवार्चन (अ + अ = आ)
  • गिरी + ईश = गिरीश (ई + ई = ई),
  • वधू + ऊर्जा = वधूर्जा (ऊ + ऊ = ऊ)

Additional Information स्वर संधि- 

  • दो स्वरों के मेल से उत्पन्न होने वाले विकार को स्वर संधि कहते हैं।
  • जैसे - दया + आनंद = दयानंद (आ + आ = )।

स्वर संधि के भेद-

  1. दीर्घ संधि
  2. गुण संधि
  3. वृद्धि संधि
  4. यण संधि
  5. अयादि संधि
91

संधि विच्छेद की दृष्टि से कौन सा विकल्प सही नहीं है?

  1. ((a))

    मतैक्य = मत + ऐक्य

  2. ((b))

    ऊहापोह = ऊह + अपोह

  3. ((c))

    अन्वीक्षण = अनु + ईक्षण

  4. ((d))

    विवादास्पद = विवाद + अस्पद

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Answer: ((d))

विवादास्पद = विवाद + अस्पद

संधि विच्छेद की दृष्टि से विकल्प सही नहीं है- विवादास्पद = विवाद + अस्पद

Key Points

  • 'वादास्पद' शब्द का सही संधि-विच्छेद - विवाद + आस्पद है। यह दीर्घ स्वर संधि का उदाहरण है,
  • जहाँ प्रथम शब्द के अंत 'द्' (अ) और द्वितीय शब्द के प्रारंभ 'आ' मिलकर 'आ' का निर्माण करते हैं।
  • जब दो शब्दों की संधि करते समय (अ, आ) के साथ (अ, आ) हो तो ‘आ' बनता है,
  • जब (इ, ई) के साथ (इ, ई) हो तो ‘ई' बनता है,
  • जब (उ, ऊ) के साथ (उ, ऊ) हो तो ‘ऊ‘ बनता है, तो उसे दीर्घ संधि कहते है।
  • उदाहरण
  • सीमा + अंत = सीमान्त ('आ' + 'अ' = 'आ')
  • मुनि + इंद्र = मुनींद्र  ('इ' + 'इ' = 'ई')
  • सु + उक्ति = सूक्ति ('उ' + 'उ' = 'ऊ')

अन्य विकल्प -

शब्दसंधि विच्छेदसंधि का नामनियम
मतैक्यमत + ऐक्यवृद्धि संधिअ + ऐ = ऐ
ऊहापोहऊह + अपोहदीर्घ संधिअ + अ = आ
अन्वीक्षणअनु + ईक्षणयण संधिउ + ई = वी

Important Pointsस्वर संधि- 

  • दो स्वरों के मेल से उत्पन्न होने वाले विकार को स्वर संधि कहते हैं। 
  • जैसे - महा + ओजस्वी = महौजस्वी (आ + ओ = औ)।

स्वर संधि के भेद-

  1. दीर्घ संधि
  2. गुण संधि
  3. वृद्धि संधि
  4. यण संधि
  5. अयादि संधि

Additional Information 

संधिपरिभाषाउदाहरण
वृद्धिजब संधि करते समय जब अ , आ  के साथ  ए , ऐ  हो तो 'ऐ' बनता है और जब अ , आ  के साथ ओ , औ हो तो 'औ' बनता है। उसे वृद्धि संधि कहते हैं।महा + ऐश्वर्य = महैश्वर्य (आ + ऐ = ऐ) वन + औषधि = वनौषधि (अ + औ = औ)
यणजब संधि करते समय (इ, ई) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो 'य्' बन जाता है, जब (उ, ऊ) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो 'व्' बन जाता है, जब (ऋ) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो 'र्' बनता है, तो उसे यण संधि कहते है।व्यवधान = वि + अवधान (इ + अ = )
पित्राज्ञा = पितृ + आज्ञा (ऋ + आ = रा)
स्वागत = सु + आगत (उ + आ = वा)
92

निम्नलिखित में गलत संधि विच्छेद है:

  1. ((a))

    निषेध = नि + सेध

  2. ((b))

    पद्धति = पद् + हति

  3. ((c))

    जगदीश = जगत + ईश

  4. ((d))

    प्रतिष्ठा = प्रति + स्था

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Answer: ((c))

जगदीश = जगत + ईश

गलत संधि विच्छेद है: जगदीश = जगत + ईश

Key Points

  • 'जगदीश' का सही संधि विच्छेद - जगत् + ईश है।
  • चूँकि 'जगदीश' शब्द में 'त्' के बाद स्वर 'ई' आने पर 'त्' अपने ही वर्ग के तीसरे वर्ण 'द्' में परिवर्तित हो जाता है,
  • इसलिए 'जगत' (बिना हलंत) की जगह हलंत युक्त 'जगत्' का प्रयोग शुद्ध माना जाता है।
  • जब त् का मिलन ग, घ, द, ध, ब, भ, य, र, व से या किसी स्वर से हो तो द् बन जाता है।
  • ​उदहारण :
  • भगवत् + भक्ति = भगवद्भक्ति
  • तत् + रूप = तद्रूपत
  • सत् + भावना = सद्भावना

अन्य विकल्प -

संधि विच्छेदनियम/प्रक्रियापरिणाम
नि + सेधव्यंजन संधि: इ/उ के बाद 'स' आने पर वह 'ष' में बदल जाता है।निषेध
पद् + हतिव्यंजन संधि: 'द्' के बाद 'ह' आने पर 'ह' का 'ध' हो जाता है।पद्धति
प्रति + स्थाव्यंजन संधि: 'इ' स्वर के बाद 'स्था' आने पर 'स' का 'ष' और 'थ' का 'ठ' हो जाता है।प्रतिष्ठा

Additional Information 

संधि- - संधि के भेद हैं - 1. स्वर, 2. व्यंजन और 3. विसर्ग। - दो या दो से अधिक वर्णों (स्वर या व्यंजन) के मिलने से उत्पन्न विकार (परिवर्तन) को संधि कहते हैं। - जैसे - रवि + इंद्र = रवींद्र (इ + इ = ई)।
संधिपरिभाषाउदाहरण
स्वरदो स्वरों के मेल से उत्पन्न होने वाले विकार को स्वर संधि कहते हैं। इसके इसके पाँच भेद हैं- दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण, अयादि।हिम + आलय = हिमालय (अ + आ = ) दीर्घ सन्धि
व्यंजनव्यंजन के बाद किसी स्वर या व्यंजन के आने से उस व्यंजन में जो परिवर्तन होता है, वह व्यंजन संधि कहलाता है।​उत् + ज्वल = उज्ज्वल (त् का ज् में परिवर्तन)
विसर्गविसर्ग के साथ स्वर अथवा व्यंजन के मिलने से जो विकार उत्पन्न होता है, उसे विसर्ग संधि कहते हैं।नमः + कार = नमस्कार (विसर्ग का 'स्' होना)
93

किस शब्द का संधि विच्छेद सही है?

  1. ((a))

    सदाचार = सदा + आचार

  2. ((b))

    पित्राज्ञा = पित्र + आज्ञा

  3. ((c))

    स्वल्प = स्व + अल्प

  4. ((d))

    चिदाभास = चित् + आभास

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Answer: ((d))

चिदाभास = चित् + आभास

संधि विच्छेद सही है- चिदाभास = चित् + आभास

Key Points

  • '​चिदाभास' का सही संधि विच्छेद - चित् + आभास है।
  • यहाँ 'त्' के बाद स्वर 'आ' आने के कारण 'त्' अपने वर्ग के तीसरे वर्ण 'द' में बदल गया।
  • ​जब किसी वर्ग के पहले वर्ण (क्, च्, ट्, त्, प्) का मिलन किसी वर्ग के तीसरे या चौथे वर्ण से या (य्, र्, ल्, व्, ह) से या
  • किसी स्वर से हो जाये तो क् को ग् , च् को ज् , ट् को ड् , त् को द् , और प् को ब् में बदल दिया जाता है।
  • ​उदाहरण -
  • सत् + आशय = सदाशय
  • तत् + अनन्तर = तदनन्तर
  • उत् + घाटन = उद्घाटन

अन्य विकल्प -

दिया गया विच्छेदशुद्ध संधि विच्छेदशब्दसंधि का नियम
सदा + आचारसत् + आचारसदाचारव्यंजन संधि (त् का द होना)
पित्र + आज्ञापितृ + आज्ञापित्राज्ञायण स्वर संधि (ऋ + आ = रा)
स्व + अल्पसु + अल्पस्वल्प =यण स्वर संधि (उ + अ = )

Additional Informationव्यंजन संधि-

  • जब संधि करते समय व्यंजन के साथ स्वर या कोई व्यंजन के मिलने से जो रूप में परिवर्तन होता है, उसे ही व्यंजन संधि कहते हैं।
  • उदहारण-
  • वाक् + मय = वाङ्मय
  • उत् + शिष्ट = उच्छिष्ट
  • दिक + अंबर = दिगंबर

यण संधि:-

  • जब संधि करते समय (इ, ई) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘य्' बन जाता है,
  • जब (उ, ऊ) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘व्' बन जाता है,
  • जब (ऋ) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘र्' बनता है, तो उसे यण संधि कहते है।
  • उदाहरण-
  • इति + आदि = इत्यादि (इ + आ = या )
  • अनु + इत = अन्वित (उ + इ = वि)
  • पितृ + आनंद = पित्रानंद (ऋ + आ = रा)
94

किस शब्द की संधि सही है?

  1. ((a))

    गुरु + उपदेश = गुरुपदेश

  2. ((b))

    उपरि + उक्त = उपरोक्त

  3. ((c))

    मही + इंद्र = महींद्र

  4. ((d))

    मातृ + इच्छा = मातृच्छा

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Answer: ((c))

मही + इंद्र = महींद्र

संधि सही है- मही + इंद्र = महींद्र

Key Points

  • मही + इंद्र = महींद्र (या महीन्द्र) संधि बिल्कुल सही है। यह दीर्घ स्वर संधि का उदाहरण है,
  • जहाँ प्रथम शब्द के अंत का 'ई' और दूसरे शब्द के प्रारंभ का 'इ' मिलकर दीर्घ 'ई' बनाते हैं।
  • जब दो शब्दों की संधि करते समय (अ, आ) के साथ (अ, आ) हो तो ‘आ‘ बनता है,
  • जब (इ, ई) के साथ (इ, ई) हो तो ‘ई‘ बनता है,
  • जब (उ, ऊ) के साथ (उ, ऊ) हो तो ‘ऊ‘ बनता है, तो उसे दीर्घ संधि कहते है।
  • उदाहरण
  • हिमालय = हिम + आलय (अ + आ = आ)
  • कपीन्द्र = कपि + इन्द्र (इ + इ = ई)
  • भानूदय = भानु + उदय (उ + उ = ऊ)

अन्य विकल्प -

शुद्ध संधि विच्छेदशुद्ध शब्दसंधि का नियम
गुरु + उपदेशगुरूपदेशउ + उ = ऊ (दीर्घ संधि)
उपरि + उक्तउपर्युक्तइ + उ = यु (यण संधि)
मातृ + इच्छामात्रिच्छाऋ + इ = रि (यण संधि)

Additional Informationयण संधि:-

  • जब संधि करते समय (इ, ई) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘य' बन जाता है,
  • जब (उ, ऊ) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘व' बन जाता है,
  • जब (ऋ) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘र्' बनता है, तो उसे यण संधि कहते है।

उदाहरण-

  • प्रति + एक = प्रत्येक (इ + ए = ये)
  • सु + आगत = स्वागत (उ + आ = वा)
  • पितृ + आज्ञा =पित्राज्ञा (ऋ + आ = रा)
95

किस विकल्प के सभी शब्द संप्रदान तत्पुरुष समास के उदाहरण हैं?

  1. ((a))

    रसोईघर, देशभक्ति

  2. ((b))

    गुरुभाई, आशातीत

  3. ((c))

    राहखर्च, देश निकाला

  4. ((d))

    पदच्युत, रोकड़बही

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Answer: ((a))

रसोईघर, देशभक्ति

सभी शब्द संप्रदान तत्पुरुष समास के उदाहरण हैं- रसोईघर, देशभक्ति

Key Points

  • 'रसोईघर' और 'देशभक्ति' दोनों संप्रदान तत्पुरुष समास के ही उदाहरण हैं।
  • इस समास में 'के लिए' कारक चिह्न का लोप होता है। 
  • रसोईघर: रसोई के लिए घर
  • देशभक्ति: देश के लिए भक्ति

अन्य विकल्प -

शब्दसमास विग्रहसमास का भेद
गुरुभाईगुरु के संबंध से भाईसंबंध तत्पुरुष
आशातीतआशा से अतीत (परे)अपादान तत्पुरुष
राहखर्चराह के लिए खर्चसंप्रदान तत्पुरुष
देश निकालादेश से निकालाअपादान तत्पुरुष
पदच्युतपद से च्युत (अलग)अपादान तत्पुरुष
रोकड़बहीरोकड़ (नकद) के लिए बहीसंप्रदान तत्पुरुष

Important Points

तत्पुरुष समास के छ: भेद होते हैं - - कर्म तत्पुरुष (विभक्ति चिह्न: 'को') - मतदाता (मत को देने वाला) - गृहगत (गृह को गया हुआ) - करण तत्पुरुष (विभक्ति चिह्न: 'से, के द्वारा') - पददलित (पद से दलित) - स्वरचित (स्व द्वारा रचित) - सम्प्रदान तत्पुरुष (विभक्ति चिह्न 'के लिए') - ​ गुरुदक्षिणा (गुरु के लिए दक्षिणा) - सत्याग्रह (सत्य के लिए आग्रह) - अपादान तत्पुरुष (विभक्ति चिह्न 'से' अलग होने का भाव) - धर्मविमुख (धर्म से विमुख) - गुणरहित (गुणों से रहित) - संबंध तत्पुरुष (विभक्ति चिह्न 'का, के, की') - देवमूर्ति (देव की मूर्ति) - पवनपुत्र (पवन का पुत्र) - ​अधिकरण तत्पुरुष (विभक्ति चिह्न 'में, पर') - पुरुषोत्तम (पुरुषों में उत्तम) - आपबीती (आप (स्वयं) पर बीती)

Additional Information

  

 

तत्पुरुष समास -

  • समास का वह रूप जिसमें द्वितीय पद या उत्तर पद प्रधान हो उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।
  • इस समास में आने वाले कारक चिन्हों को, से, के लिए, से, का/के/की, में, पर आदि का लोप होता है।

उदाहरण -

  • धनहीन = धन से हीन
  • राष्ट्रप्रेम = राष्ट्र के लिए प्रेम
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किस शब्द में द्वंद्व समास नहीं है?

  1. ((a))

    बोलचाल

  2. ((b))

    तैंतालीस

  3. ((c))

    भलामानस

  4. ((d))

    लेनदेन

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Answer: ((c))

भलामानस

द्वंद्व समास नहीं है- भलामानस

Key Points

  • 'भलामानस' में कर्मधारय समास है। इसका विग्रह है- 'भला है जो मानस (मनुष्य)'। यहाँ 'भला' विशेषण है और 'मानस' विशेष्य है।
  • जहाँ पहला पद विशेषण और दूसरा पद विशेष्य होता है
  • अथवा इसके पूर्वपद और उत्तर पद में उपमान और उपमेय का संबंध होता है, कर्मधारय समास कहलाता है।
  • विग्रह करते समय दोनों पदों के बीच में ‘के सामान’, ‘है जो’, ‘रुपी’ में से किसी एक शब्द का प्रयोग होता है।
  • उदाहरण -
  • कापुरुष = कायर है जो पुरुष
  • मृगनयनी = मृग के समान नयनों वाली
  • विद्याधन = विद्या रूपी धन

अन्य विकल्प-

  • बोलचाल: इसमें द्वंद्व समास है। इसका विग्रह है— 'बोलना और चलना' (या बोलना, चाल-ढाल आदि)।
  • तैंतालीस: इसमें भी द्वंद्व समास है। संख्यावाची शब्दों में (जैसे 43) द्वंद्व समास होता है। इसका विग्रह है— 'तीन और चालीस'।
  • लेनदेन: इसमें द्वंद्व समास है। इसका विग्रह है— 'लेना और देना'।

Important Pointsसमास के भेद-

  1. तत्पुरुष समास
  2. कर्मधारय समास
  3. द्विगु समास
  4. द्वन्द्व समास
  5. बहुव्रीहि समास
  6. अव्ययीभाव समास​

Additional Information 

समासपरिभाषाउदाहरण
द्वंद्वजिस समास में समस्तपद के दोनों पद प्रधान हों या दोनों पद सामान हों एवं दोंनों पदों को मिलाते समय ‘और’, ‘अथवा’, ‘या’, ‘एवं’ आदि योजक लुप्त हो जाएँ, वह समास द्वन्द्व समास कहलाता है।हानि-लाभ = हानि और लाभ
सच-झूठ = सच या झूठ
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'चंद्रमौलि' शब्द में कौन सा समास है?

  1. ((a))

    तत्पुरुष

  2. ((b))

    अव्ययीभाव

  3. ((c))

    द्वंद्व

  4. ((d))

    बहुव्रीहि

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Answer: ((d))

बहुव्रीहि

'चंद्रमौलि' शब्द में समास है- बहुव्रीहि

Key Points

  • 'चंद्रमौलि' - 'वह जिनके मोली पर चंद्र है' (शिव) पद में 'बहुव्रीहि' समास है।
  • जिस समास में प्रथम पद एवं द्वितीय पद दोनों की प्रधानता न हो बल्कि कोई तीसरा पद की प्रधानता हो, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।
  • उदाहरण - चक्रपाणि = चक्र है पाणि (हाथ) में जिसके (विष्णु)। लंबोदर = लंबा है उदर (पेट) जिसका (गणेश)

Important Points समास के भेद-

  1. तत्पुरुष समास
  2. कर्मधारय समास
  3. द्विगु समास
  4. द्वन्द्व समास
  5. बहुव्रीहि समास
  6. अव्ययीभाव समास

Additional Information 

समासपरिभाषाउदाहरण
तत्पुरुषजिस समास में उत्तरपद यानी अंतिम पद प्रधान होता है और पूर्वपद यानी पहला पद गौण होता है, उसे तत्पुरुष समास कहते हैं। इस समास में आने वाले कारक चिन्हों को, से, के लिए, से, का/के/की, में, पर आदि का लोप होता है।देशभक्ति =  देश के लिए भक्ति पदच्युत = पद से च्युत (अलग होना)
अव्ययीभावजहाँ प्रथम पद या पूर्व पद प्रधान हो तथा समस्त पद क्रिया विशेषण अव्यय हो, उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं। अव्ययीभाव समास के पहले पद में अनु, आ, प्रति, यथा, भर, हर आदि आते है।निडर = डर के बिना रातोंरात = रात ही रात में
द्वंद्वजिस समास में समस्तपद के दोनों पद प्रधान हों या दोनों पद सामान हों एवं दोंनों पदों को मिलाते समय ‘और’, ‘अथवा’, ‘या’, ‘एवं’ आदि योजक लुप्त हो जाएँ, वह समास द्वंद्व समास कहलाता है।धर्मार्ध = धर्म या अधर्म दाल-रोटी = दाल और रोटी
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एकाधिक उपसर्गों से निर्मित शब्द है:

  1. ((a))

    व्यवहार

  2. ((b))

    आलोचना

  3. ((c))

    परियोजना

  4. ((d))

    अधिनायक

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Answer: ((a))

व्यवहार

एकाधिक उपसर्गों से निर्मित शब्द है: व्यवहार

Key Points

  • 'व्यवहार' एकाधिक उपसर्गों से निर्मित शब्द है,
  • वि + अव + हार = व्यवहार।
  • जिसमें दो उपसर्ग 'वि' और 'अव' तथा मूल शब्द 'हार' का प्रयोग हुआ है।
  • 'व्यवहार' का अर्थ - ​किसी व्यक्ति, जीव या वस्तु का आचरण, बर्ताव या प्रतिक्रिया।
  • उपसर्ग - वे शब्दांश जो किसी शब्द के पहले/पूर्व जुड़कर अर्थ को परिवर्तित कर देते हैं, उपसर्ग कहलाते हैं।

अन्य विकल्प -

शब्दविच्छेद (उपसर्ग + मूल शब्द)उपसर्गों की संख्या
आलोचनाआ + लोचना1
परियोजनापरि + योजना1
अधिनायकअधि + नायक1

Important Pointsएकाधिक उपसर्ग वाले अन्य उदाहरण:

  • व्याकरण = वि + आ + करण
  • समालोचन = सम् + आ + लोचन
  • दुर्व्यवहार = दुर् + वि + अव + हार

Additional Informationकुछ महत्वपूर्ण उपसर्ग शब्द:-​

  • वि (विशेष/भिन्न) - विज्ञान, विदेश, वियोग, विभाग, विकास।
  • अव (नीचे/हीन): अवगुण, अवनति, अवतार, अवसर।
  • अभि (पास/सामने) - अभिमान, अभिभाषण, अभिनव।
  • उप (निकट/सहायक)- उपकार, उपवन, उपदेश, उपनगर।
  • दुस्/दुर् (कठिन/बुरा) - दुर्जन, दुर्बल, दुस्साहस, दुर्लभ।
  • नि (अभाव/विशेष) - निर्बल, निर्दोष, नियम, निडर।
  • प्रति (हर/उल्टा) - प्रतिदिन, प्रतिकूल, प्रतिनिधि, प्रत्यक्ष।
  • सु (अच्छा/सरल): सुपुत्र, सुगम, सुयश, सुशिक्षित, सुविचार।
99

निम्नलिखित में कौन सा शब्द उपसर्ग रहित है?

  1. ((a))

    आस्था

  2. ((b))

    आहत

  3. ((c))

    आस्तिक

  4. ((d))

    आपदा

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Answer: ((c))

आस्तिक

उपसर्ग रहित है- आस्तिक

Key Points

  • (अस्ति + इक = आस्तिक)
  • ​'आस्तिक' शब्द उपसर्ग रहित है।
  • 'आस्तिक' का अर्थ ईश्वर में विश्वास रखने वाला होता है,
  • और यह 'अस्ति' (है) मूल शब्द में 'इक' प्रत्यय लगने से बनता है**।**

अन्य विकल्प -​

शब्दविच्छेद (उपसर्ग + मूल शब्द)अर्थ
आस्थाआ + स्थागहरी श्रद्धा या विश्वास
आहतआ + हतजिसे चोट पहुँचाई गई हो (घायल)
आपदाआ + पद (आपद्)अचानक आई विपत्ति या संकट

Important Points

  • उपसर्ग - वे शब्दांश जो किसी शब्द के पहले/पूर्व जुड़कर अर्थ को परिवर्तित कर देते हैं, उपसर्ग कहलाते हैं।
  • प्रत्यय - जो शब्दांश, शब्दों के अंत में जुड़कर अर्थ में परिवर्तन लाये, प्रत्यय शब्द कहलाते है।

Additional Information

कुछ महत्वपूर्ण उपसर्ग शब्द:-​​​​

  • अधि (श्रेष्ठ' या प्रधान) - अधिकार, अधिपति, अधिनायक, अधिराज ।
  • प्रति (प्रत्येक) - प्रतिदिन, प्रतिकूल, प्रतिरोध, प्रत्यारोपण, प्रतिस्पर्धा।
  • अव (नीचे, बुरा) - अवनति, अवतार, अवसान, अवशेष, अवरोध।
  • अनु (पीछे) - अनुचर, अनुकरण, अनुकूल, अनुनाद, अनुभव।
  • निर् (बिना) - निराकार, निरादर, नीरोग, नीरस, निरीह, निरक्षर।
  • उप (सहायक) - उपभोग, उपवन, उपमन्त्री, उपयोग, उपनाम।
  • सम् (अच्छी तरह) - सन्तोष, संगठन,संलग्न, संकल्प, संशय, संरक्षा।

कुछ महत्वपूर्ण प्रत्यय शब्द -

  • आ - ​भूखा, प्यासा, सूखा, मेला, झूला।
  • इक - सामाजिक, ऐतिहासिक, वैज्ञानिक।
  • ता - प्रसन्नता, सफलता, उत्कृष्टता, कुशलता।
  • तन - अद्यतन, पुरातन, सनातन, ​नूतन।
  • अक - गायक, लेखक, नायक, धावक।
  • उक - भिक्षुक, भावुक, कामुक, नाजुक।
  • अन - चिंतन, मनन, भवन, मरण, करण।
  • अक्कड़ - पियक्कड़, भुलक्कड़, घुमक्कड़।
  • आई - पढ़ाई, लिखाई, बुनाई, सिलाई।
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'यावज्जीवन' सामासिक पद में कौन सा समास है?

  1. ((a))

    तत्पुरुष

  2. ((b))

    अव्ययीभाव

  3. ((c))

    कर्मधारय

  4. ((d))

    द्वंद्व

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Answer: ((b))

अव्ययीभाव

'यावज्जीवन' सामासिक पद में समास है- अव्ययीभाव

Key Points

  • 'यावज्जीवन' सामासिक पद में अव्ययीभाव समास है।
  • इसका समास विग्रह: जीवन भर या जीवन पर्यंत
    • जिस समास में प्रथम पद अव्यय होता है और जिसका अर्थ प्रधान होता है उसे अव्ययीभाव समास कहते हैं।
  • इसमें अव्यय पद का प्रारूप लिंग, वचन, कारक, में नहीं बदलता है वो हमेशा एक जैसा रहता है।
  • अव्ययीभाव समास के पहले पद में अनु, आ, प्रति, यथा, भर, हर आदि आते है।
  • उदाहरण -​ 
  • आजन्म = जन्म से लेकर
  • यथामति = मति के अनुसार

Important Points समास के क���ल भेद-

  1. तत्पुरुष समास
  2. अव्ययीभाव समास
  3. द्विगु समास
  4. द्वन्द्व समास
  5. कर्मधारय समास
  6. बहुव्रीहि समास

Additional Information

तत्पुरुष समास:- - वह समास जिसमें उत्तरपद प्रधान होता है, अर्थात प्रथम पद गौण होता है एवं उत्तर पद की प्रधानता होती है व समास करते वक़्त बीच की विभक्ति का लोप हो जाता है। - इस समास में आने वाले कारक चिन्हों को, से, के लिए, से, का/के/की, में, पर आदि का लोप होता है। उदाहरण -​ - भयाकुल = भय से आकुल - रसोईघर = रसोई के लिए घर कर्मधारय समास:- - वह समास जिसका पहला पद विशेषण एवं दूसरा पद विशेष्य होता है अथवा पूर्वपद एवं उत्तरपद में उपमान - उपमेय का सम्बन्ध माना जाता है कर्मधारय समास कहलाता है। - समास विग्रह करते समय दोनों पदों के बीच में ‘के सामान’, ‘है जो’, ‘रुपी’ में से किसी एक शब्द का प्रयोग होता है। उदाहरण - - लालमणि = लाल है जो मणि - लौहपुरुष = लौह के समान पुरुष - गुरुदेव = गुरु रूपी देव द्वंद्व समास:- - जिस समास में समस्तपद के दोनों पद प्रधान हों या दोनों पद सामान हों एवं दोंनों पदों को मिलाते समय ‘और’, ‘अथवा’, ‘या’, ‘एवं’ आदि योजक लुप्त हो जाएँ, वह समास द्वंद्व समास कहलाता है। उदाहरण -​​ - ​माता-पिता = माता और पिता - पाप-पुण्य = पाप या पुण्य

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