Official Paper

Rajasthan Police SI Paper-I Official Paper (Held On: 14 Sept 2021) (Previous Year Paper)

100 questions · 120 minutes · with answers · free

Test (100 questions)

1

‘पुरुषवाचक सर्वनाम’ से संबंधित वाक्य है

  1. ((a))

    कल कोई आया था

  2. ((b))

    यह घर बहुत सुंदर है। 

  3. ((c))

    वे लोग कहाँ जा रहे थे?

  4. ((d))

    वह आवश्यक कार्य से अजमेर गया है।

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Answer: ((d))

वह आवश्यक कार्य से अजमेर गया है।

सही उत्तर - वह आवश्यक कार्य से अजमेर गया है।

Key Points

  • पुरुषवाचक सर्वनाम वे शब्द हैं जो बोलने वाले (उत्तम पुरुष), सुनने वाले (मध्यम पुरुष) या किसी अन्य व्यक्ति के लिए प्रयोग किए जाते हैं।
  • पुरुषवाचक सर्वनाम वे शब्द हैं जो बोलने वाले (उत्तम पुरुष), सुनने वाले (मध्यम पुरुष) या किसी अन्य व्यक्ति के लिए प्रयोग किए जाते हैं।
  • प्रमुख उदाहरण हैं: मैं, हम, तुम, आप, वह, वे।
  • इन्हें तीन मुख्य भेदों में वर्गीकृत किया गया है
  • उत्तम पुरुष (बोलने वाला): मैं, हम, मेरा, हमारा, मुझे, हमने।
  • मध्यम पुरुष (सुनने वाला): तू, तुम, तुमको, तुम्हारा, आप, आपने, तुझे।
  • अन्य पुरुष (जिसके बारे में बात हो): वह, वे, उसने, उन्हें, उसका, उनकी, यह।

अन्य विकल्प :

  • कल कोई आया था यहाँ अनिश्चय वाचक सर्वनाम का प्रयोग हुआ है
  • यह घर बहुत सुंदर है। यहाँ घर की विशेषता बताई जा रही है
  • वे लोग कहाँ जा रहे थे? यह वाक्य प्रश्नवाचक सर्वनाम का उदाहरण है।

Additional Informationअन्य विकल्प :

हिंदी व्याकरण के अनुसार, सर्वनाम के मुख्य रूप  6 भेद होते हैं 

  • पुरुषवाचक सर्वनाम: ये सर्वनाम व्यक्तिगत रूप से किसी व्यक्ति, जीव, जानवर, वस्तु, स्थान या विचार के संदर्भ में प्रयोग होते हैं।
  • जैसे - मैं, हम, तू, तुम, उनका, उनकी, आदि।
  • निजवाचक सर्वनाम: ये सर्वनाम स्वामित्व या सम्बन्ध दर्शाते हैं।
  • जैसे - मेरा, मेरी, हमारा,, हमारे, तेरा, तेरी, तेरे, आपका, , उसका, उसकी, उनके।
  • निश्चयवाचक सर्वनाम : ये सर्वनाम किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, या विचार की निर्दिष्टता या पहचान का बोध कराते हैं।
  • जैसे - यह, वह, ये, वे, ऐसा, वैसा, इतना, उतना।
  • अनिश्चयवाचक सर्वनाम: ये सर्वनाम किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान, या विचार की अनिश्चितता या अनिर्दिष्टता का बोध कराते हैं।
  • जैसे - कोई, कुछ, किसी, बहुत, सब, सभी, थोड़ा, थोड़ी, थोड़े, आदि।
  • प्रश्नवाचक सर्वनाम: ये सर्वनाम प्रश्न पूछने के लिए प्रयोग होते हैं।
  • जैसे - कौन, कैसा, कितना, कब, कहाँ, किसका, किसकी, किसके, किसे, किससे, आदि।
  • संबंध-सूचक सर्वनाम: ये सर्वनाम उस संज्ञा की जगह पर प्रयोग होते हैं जिससे हम उस संज्ञा के साथ संबंध दर्शाना चाहते हैं।
  • उदाहरण के लिए, "उसका", "उनकी" आदि संबंध-सूचक सर्वनाम हैं।
2

किस शब्द में ‘ला’ उपसर्ग नहीं है?

  1. ((a))

    लाचार

  2. ((b))

    लालसा

  3. ((c))

    लावारिस

  4. ((d))

    लापता

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Answer: ((b))

लालसा

सही उत्तर - लालसा

Key Points

  • लालसा’ शब्द में ‘ला’ उपसर्ग नहीं है, यह एक मूल शब्द है, जिसका अर्थ तीव्र इच्छा या कामना होता है।
  • उपसर्ग वे शब्दांश (अक्षर या अक्षरों का समूह) होते हैं जो किसी मूल शब्द के प्रारंभ (शुरुआत) में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन, विशेषता या नया अर्थ ला देते हैं।
  • इनका स्वतंत्र अस्तित्व नहीं होता, लेकिन ये शब्द के आगे लगकर उसके अर्थ को नकारात्मक या सकारात्मक बना सकते हैं।

‘ला’ उपसर्ग  से बने अन्य उदाहरण :

  • लापरवाह: ला + परवाह (जिसकी परवाह न हो)
  • लावारिस: ला + वारिस (जिसका कोई वारिस न हो)
  • लापता: ला + पता (जिसका पता न हो)
  • लाजवाब: ला + जवाब (जिसका जवाब न हो)
  • लाचार: ला + चार (जिसके पास कोई चारा/विकल्प न हो)

Additional Informationअन्य उपसर्ग से बने शब्द :

  • अनु (पीछे, समान): अनुशासन, अनुवाद, अनुभव, अनुकरण.
  • अति (बहुत, अधिक): अत्याचार, अतिरिक्त, अतिक्रमण, अतिपात.
  • अधि (ऊपर, श्रेष्ठ): अधिकार, अध्ययन, अधीक्षक, अधिपति.
  • परा (पीछे, बुरा): पराजय, पराभव, पराक्रम, पराम
  • सम् (साथ, पूर्ण): संगम, संवाद, संतोष, संयुक्त.
  • वि (अलग, विशेष): वियोग, विवरण, विमान, विदेश.
  • नि (नहीं, अंदर): निवारण, निपात, नियोग, निदान.
  • (तक, कमी): आकण्ठ, आगमन, आरोहण, आकार.
  • सु (अच्छा, सरल): सुगम, सुजन, सुलभ, सुरम्य.
3

किस विकल्प में ‘ल’ प्रत्यययुक्त शब्द है?

  1. ((a))

    कमल

  2. ((b))

    असल

  3. ((c))

    नवल

  4. ((d))

    सरल

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Answer: ((c))

नवल

सही उत्तर - नवल

Key Points

  • नवल शब्द में 'ल' प्रत्यय का प्रय���ग किया गया है, जो 'नव' (नया) मूल शब्द के अंत में जुड़कर बना है।
  • यह एक हिंदी शब्द है जिसका अर्थ नवीन, सुंदर या अनोखा होता है।
  • प्रत्यय वे अविकारी शब्दांश या अक्षर समूह हैं, जो किसी मूल शब्द के अंत में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन, विशेषता या नया अर्थ उत्पन्न कर देते हैं।
  • प्रत्यय का अपना कोई स्वतंत्र अस्तित्व या अर्थ नहीं होता है; ये 'प्रति' (साथ में पर बाद में) + 'अय' (चलने वाला) से मिलकर बने हैं।

उदाहरण:

  • आवट: लिख + आवट = लिखावट, सजावट
  • त्व: लघु + त्व = लघुत्व, महत्

Additional Informationअन्य प्रत्यययुक्त शब्द:

  • आन: उड़ + आन = उड़ान (क्रिया से संज्ञा)
  • आव: खिंच + आव = खिंचाव (क्रिया से भाववाचक संज्ञा)
  • ई: मज़दूर + ई = मज़दूरी (संज्ञा से भाववाचक संज्ञा)
  • अक: लिख + अक = लेखक (क्रिया से संज्ञा)
  • ना: पढ़ + ना = पढ़ना (क्रिया)
  • नी: कतर + नी = कतरनी (क्रिया से संज्ञा)
  • ता: मनुष्य + ता = मनुष्यता (विशेषण से भाववाचक संज्ञा)
  • त्व: पुरुष + त्व = पुरुषत्व (विशेषण से भाववाचक संज्ञा)
  • आऊ: कमा + आऊ = कमाऊ (क्रिया से विशेषण)
4

इनमें से किस विकल्प के सभी शब्दों में एक से अधिक उपसर्गों का प्रयोग हुआ है?

  1. ((a))

    असुरक्षित, अत्यंत

  2. ((b))

    अत्याचार, अध्यात्म

  3. ((c))

    निकृष्ट, अभ्यर्थी

  4. ((d))

    प्रत्याघात, अप्रत्यक्ष

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Answer: ((d))

प्रत्याघात, अप्रत्यक्ष

सही उत्तर -​ प्रत्याघात, अप्रत्यक्ष

Key Points

  • ​प्रत्याघात: प्रति + आ + घात (दो उपसर्ग: प्रति + आ, मूल शब्द: घात)।
  • अप्रत्यक्ष: अ + प्रति + अक्ष (दो उपसर्ग: अ + प्रति, मूल शब्द: अक्ष)।
  • उपसर्ग वे शब्दांश (अक्षर या अक्षरों का समूह) होते हैं -जो किसी मूल शब्द के शुरुआत में जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन, विशेषता या नयापन ला देते हैं।
  • इन्हें अकेले प्रयोग नहीं किया जा सकता, ये हमेशा दूसरे शब्दों के पहले लगते हैं।

Additional Informationअन्य विकल्प :

  • 'असुरक्षित' में (अ + सु + रक्षित) उपसर्ग है, जबकि 'अत्यंत' में अति उपसर्ग का प्रयोग हुआ है।
  • अत्याचार और अध्यात्म शब्दों में उपसर्ग इस प्रकार हैं:
  • अत्याचार: अति उपसर्ग है (अति + आचार)।
  • अध्यात्म: अधि उपसर्ग है (अधि + आत्म)।
  • निकृष्ट: इसमें नि - उपसर्ग है। (नि + कृष्ट = निकृष्ट)
  • अभ्यर्थी: इसमें अभि-उपसर्ग है। (अभि + अर्थी = अभ्यर्थी)
5

किस वाक्य में ‘संयुक्त क्रिया’ का प्रयोग नहीं हुआ है?

  1. ((a))

    लुटेरों ने पूरे क्षेत्र को लूट लिया।

  2. ((b))

    मैं नहाकर कार्यालय जाऊँगा ।

  3. ((c))

    वह सारा खाना खा गया।

  4. ((d))

    बादलों के कारण चाँद नहीं दिखाई दिया।

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Answer: ((b))

मैं नहाकर कार्यालय जाऊँगा ।

सही उत्तर - ​मैं नहाकर कार्यालय जाऊँगा।

Key Points

  • मैं नहाकर कार्यालय जाऊँगा। इस वाक्य में पूर्व कालिक क्रिया है।
  • जब दो या दो से अधिक क्रियाएँ मिलकर एक ही मुख्य क्रिया का बोध कराती हैं, तो उन्हें संयुक्त क्रिया कहते हैं।
  • इसमें पहली क्रिया मुख्य होती है और दूसरी रंजक क्रिया (सहायक) के रूप में अर्थ को पूर्ण करती है।

उदाहरण:

  • वह घर चला गया
  • मैंने खाना खा लिया।

Additional Informationअन्य विकल्प :

लुटेरों ने पूरे क्षेत्र को लूट लिया।‘संयुक्त क्रिया’
वह सारा खाना खा गया।‘संयुक्त क्रिया’
बादलों के कारण चाँद नहीं दिखाई दिया।‘संयुक्त क्रिया’
6

किस वाक्य में ‘निजवाचक सर्वनाम’ का प्रयोग नहीं हुआ है?

  1. ((a))

    वे अपने आप चले गए।

  2. ((b))

    वह अपने आपको बहुत होशियार समझता है।

  3. ((c))

    मैं आप लोगों का बहुत आभारी हूँ।

  4. ((d))

    किसान अपने आप में मस्त रहता है।

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Answer: ((c))

मैं आप लोगों का बहुत आभारी हूँ।

सही उत्तर - ​मैं आप लोगों का बहुत आभारी हूँ।

Key Points

  • "मैं आप लोगों का बहुत आभारी हूँ" वाक्य में पुरुषवाचक सर्वनाम का प्रयोग हुआ है,
  • जिसमें 'मैं' उत्तम पुरुष (वक्ता) है और 'आप लोगों' मध्यम पुरुष (श्रोता) को दर्शाता है।
  • 'आप' का प्रयोग सामने वाले व्यक्ति के लिए हुआ है, यह आदरसूचक मध्यम पुरुषवाचक सर्वनाम है, न कि निजवाचक।

Additional Informationअन्य विकल्प : 

  • निजवाचक सर्वनाम : उन सर्वनाम शब्दों को कहते हैं जिनका प्रयोग वक्ता या लेखक स्वयं (अपने आप) के लिए करता है
  • यह कर्ता के साथ अपनी निजता या अपनत्व का बोध कराते हैं, जैसे- स्वयं, खुद, आप, अपने आप, निजी, स्वतः।
  • वे अपने आप चले गए।
  • वह अपने आपको बहुत होशियार समझता है।
  • किसान अपने आप में मस्त रहता है।
7

‘विशेषण’ शब्द से रहित वाक्य कौन सा है?

  1. ((a))

    मैं पिछले वर्ष गाँव गया था।

  2. ((b))

    सभा में कम लोग आए थे।

  3. ((c))

    दुकान से कुछ फल खरीद लाओ।

  4. ((d))

    थोड़ा खाओ, खूब चबाओ ।

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Answer: ((d))

थोड़ा खाओ, खूब चबाओ ।

सही उत्तर - ​थोड़ा खाओ, खूब चबाओ ।

Key Points

  • "थोड़ा खाओ, खूब चबाओ" में परिमाणवाचक क्रिया-विशेषणका प्रयोग हुआ है।
  • यहाँ 'थोड़ा' (थोड़ी मात्रा में खाना) और 'खूब' (अधिक मात्रा में चबाना) क्रिया की विशेषता बता रहे हैं, न कि किसी संज्ञा की।
  • ये अविकारी शब्द क्रिया के होने की मात्रा/परिमाण दर्शाते हैं।

Additional Information **अन्य विकल्प :**संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता (गुण, दोष, रंग, आकार, संख्या, परिमाण) बताने वाले शब्दों को विशेषण कहते हैं। 

उदाहरण:

मैं पिछले वर्ष गाँव गया था। - गुणवाचक विशेषण 

सभा में कम लोग आए थे। - अनिशिचित परिमाणवाचक विशेषण (मात्रा/नाप-तौल)

दुकान से कुछ फल खरीद लाओ। - अनिशिचित संख्यावाचक विशेषण

8

निम्नलिखित में तत्सम शब्द कौन सा है?

  1. ((a))

    अनमोल

  2. ((b))

    अमरूद

  3. ((c))

    कवि

  4. ((d))

    चिड़िया

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Answer: ((c))

कवि

सही उत्तर  - ​कवि'कवि' एक तत्सम शब्द है।

Key Points

  • यह सीधे संस्कृत भाषा से बिना किसी परिवर्तन के हिंदी में आया है। तत्सम शब्दों का मूल स्रोत संस्कृत है।
  • 'कवि' का प्रयोग संस्कृत और हिंदी में एक समान होता है, इसलिए यह तत्सम की श्रेणी में आता है।

अन्य विकल्प :

  • अनमोल का तत्सम शब्द अमूल्य है।
  • अमरूद फारसी भाषा का शब्द है।
  • चिड़िया (तद्भव शब्द) का तत्सम शब्द चटिका। ​

Additional Informationप्रमुख तत्सम तद्भव शब्द के उदाहरण:

तत्सम शब्दतद्भव शब्द
हस्तहाथ
दुग्धदूध
क्षेत्रखेत
कर्पूरकपूर
अश्रुआँसू
अग्निआग
मक्षिकामक्खी
9

निम्नलिखित में विदेशी शब्द कौन सा है?

  1. ((a))

    बहादुर

  2. ((b))

    सूत्र

  3. ((c))

    जूता

  4. ((d))

    नकुल

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Answer: ((a))

बहादुर

सही उत्तर - ​बहादुर

Key Points

  • विदेशी शब्द (विदेशज) वे शब्द हैं जो अन्य भाषाओं (अंग्रेजी, अरबी, फारसी, तुर्की आदि) से हिंदी में आए हैं और प्रचलित हो गए हैं।

प्रमुख उदाहरण: 

  • अरबी: जिला,मुकद्दमा, इस्तीफा अदालत, औरत।
  • **अंग्रेजी:**कंप्यूटर,ट्रेन,पेन,पुलिस।
  • फारसी: अखबार, नमक, बीमार, कारीगर, आराम।
  • पुर्तगाली: गोभी ,गमला बाल्टी।
  • तुर्की: बेगम, बहादुर, तोप।

Additional Informationअन्य विकल्प :

  • सूत्र शब्द संस्कृत के उस शब्द से आया है जिसका अर्थ है। "धागा"
  • 'जूता' एक देशज**(देशी)** शब्द है।
  • नकुल' संस्कृत भाषा का एक तत्सम (संज्ञा/पुल्लिंग) शब्द है, जिसका मुख्य अर्थ 'नेवला' होता है।
10

इनमें से किस विकल्प के सभी शब्दों में उपसर्ग तथा प्रत्यय (दोनों) का प्रयोग हुआ है?

  1. ((a))

    अप्रत्याशित, करणीय

  2. ((b))

    परिपूर्णता, अधार्मिक

  3. ((c))

    अनुमानित, अत्याचार

  4. ((d))

    घुमक्कड़, मुस्कराहट

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Answer: ((b))

परिपूर्णता, अधार्मिक

सही उत्तर - ​परिपूर्णता, अधार्मिक

Key Points

  • परिपूर्णता: परि (उपसर्ग) + पूर्ण (मूल शब्द) + ता (प्रत्यय)।
  • अधार्मिक: अ (उपसर्ग) + धर्म (मूल शब्द) + इक (प्रत्यय)।
  • परिपूर्णता, अधार्मिक दोनों शब्द में उपसर्ग तथा प्रत्यय (दोनों) का प्रयोग हुआ है।

अन्य विकल्प:

  • अप्रत्याशित: अ + प्रति + आशा + इत (प्रत्यय: इत)।
  • करणीय: कृ + अनीयर् (प्रत्यय: अनीयर्/अनीय)।
  • अत्याचार' में 'अति' (उपसर्ग) + 'आचार' (मूल शब्द) है।
  • मुस्कराहट: मुस्कुराहट (मुस्कुरा/मुस्कान) + आहट (आहट - प्रत्यय)
  • अनुमानित' शब्द 'अनुमान' (मूल शब्द) + इत (प्रत्यय) से बना है।
  • घुमक्कड़: घूम + अक्कड़ (अक्कड़ - प्रत्यय) घूम मूल शब्द है।
11

किस विकल्प में सभी शब्द ‘पृथ्वी’ के पर्यायवाची हैं?

  1. ((a))

    धरती, अवनि, ऋक्ष

  2. ((b))

    मही, विश्वंभरा, धरणी

  3. ((c))

    अचला, धरा, याजसेनी

  4. ((d))

    क्षिति, वसुधा, मौलि

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Answer: ((b))

मही, विश्वंभरा, धरणी

सही उत्तर - ​मही, विश्वंभरा, धरणी

Key Points

  • पृथ्वी के प्रमुख पर्यायवाची शब्द: धरती, भूमि, धरा, वसुधा, वसुंधरा, धरित्री, जमीन, अचला, मही, अवनी, मेदिनी रत्नगर्भा।
  • पर्यायवाची (समानार्थी) शब्द वे शब्द हैं जिनका अर्थ एक समान होता है, अर्थात जो समान अर्थ प्रदान करते हैं।
  • ये शब्द भाषा को अधिक समृद्ध और प्रभावशाली बनाते हैं।
  • जैसे -  हवा के लिए पवन, वायु, समीर, अनिल, वात।

Additional Information पर्यायवाची के अन्य विकल्प :

  • ऋक्ष: नक्षत्र, तारा, तारक, नखत (तारे के अर्थ में); भालू, रीछ, भल्लूक (प्राणी के अर्थ में)।
  • याज्ञसेनी: यज्ञसेनी, द्रुपदसुता, पांचाली।
  • मौलि : मस्तक, सिर, मुकुट, चूड़ा, किरीट, शिखा, शिरोमणि, सर्वोच्च।
12

कौन सा शब्द तद्भव नहीं है?

  1. ((a))

    अनशन

  2. ((b))

    लालच

  3. ((c))

    मुखिया

  4. ((d))

    शक्कर

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Answer: ((a))

अनशन

सही उत्तर - ​अनशन

Key Points

  • अनशन का तद्भव अनसन
  • तद्भव (तद् + भव) उन शब्दों को कहते हैं जो मूल रूप से संस्कृत भाषा से उत्पन्न हुए हैं,
  • लेकिन समय, उच्चारण की सरलता और परिस्थितियों के कारण अपना रूप बदलकर हिंदी में प्रयोग होते हैं।
  • तद्भव का शाब्दिक अर्थ है 'उससे विकसित' या 'उससे उत्पन्न'

​अन्य विकल्प :

  • लालच  एक तद्भव शब्द है। यह संस्कृत के तत्सम शब्द 'लोभ' या 'लालसा' से विकसित होकर बना है।
  • 'मुखिया' एक तद्भव शब्द है, जो संस्कृत के तत्सम शब्द 'मुख्य'
  • शक्कर एक तद्भव शब्द है। इसका तत्सम रूप शर्करा

Additional Information अन्य तत्सम तद्भव शब्द:

तत्समतद्भव
क्षीरखीर
दधिदही
क्षेत्रखेत
गर्तगढ़ा
नासिकानाक
रात्रिरात
कृषककिसान
13

किस विकल्प में सभी शब्द तद्भव हैं?

  1. ((a))

    कान, मुख

  2. ((b))

    नया, दूध

  3. ((c))

    आज, दिवस

  4. ((d))

    साथी, अंगुली

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Answer: ((b))

नया, दूध

सही उत्तर -​ नया, दूध

Key Points

  • नया ( तद्भव ): इसका तत्सम रूप नव्य या नव है।
  • दूध (तद्भव): इसका तत्सम रूप दुग्ध है।
  • तत्सम: संस्कृत से ज्यों के त्यों आए शब्द (नव्य, दुग्ध)।
  • तद्भव: संस्कृत के वे शब्द जो हिंदी में थोड़ा बदलकर प्रयोग होते हैं (नया, दूध)

अन्य विकल्प :

  • कान का तत्सम शब्द कर्ण और मुख तत्सम मुँह तद्भव है।
  • **‘**आज’ का तत्सम रूप ‘अद्य’ है, जबकि ‘दिवस’ स्वयं एक तत्सम शब्द है, जिसका तद्भव रूप ‘दिन’ होता है।
  • अंगूठी (तद्भव) - अंगुष्ठिका (तत्सम)
  • अंगुली’ का तत्सम अंगुलि (संस्कृत) और इसका तद्भव रूप ऊँगली  है।
  • साथी" एक तद्भव शब्द है, जिसका तत्सम रूप सार्थी (या सार्थ) होता है।
14

इनमें यह रीतिवाचक क्रिया-विशेषण (Adverb of Manner) है, जो यह बताता है कि कोई क्रिया किस प्रकार या कितनी तेजी से हो रही है।से बनी भाववाचक संज्ञा है

  1. ((a))

    क्षमता

  2. ((b))

    ममता

  3. ((c))

    शीघ्रता

  4. ((d))

    विशालता

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Answer: ((c))

शीघ्रता

सही उत्तर - ​शीघ्रता

Key Points

  • यह रीतिवाचक क्रिया-विशेषण है, जो यह बताता है कि कोई क्रिया किस प्रकार या कितनी तेजी से हो रही है।
  • जो शब्द क्रिया की विशेषता बताते हैं, उन्हें क्रिया विशेषण कहते हैं।
  • ये शब्द क्रिया के होने का तरीका (कैसे), समय (कब), स्थान (कहाँ) या मात्रा (कितना) की जानकारी देते हैं।
  • यह एक अविकारी शब्द है।

उदाहरण : वह  धीरे-धीरे चलता है। 

Additional Informationक्रिया-विशेषण 4 प्रकार के होते हैं:

  • स्थानवाचक: यहाँ, वहाँ, अंदर, बाहर।
  • कालवाचक: अब, तब, कल, आज।
  • परिमाणवाचक: बहुत, थोड़ा, अधिक।
  • रीतिवाचक: धीरे, तेज, अचानक।
15

इनमें सर्वनाम से बनी भाववाचक संज्ञा है

  1. ((a))

    अपनापन

  2. ((b))

    छुटपन

  3. ((c))

    लड़कपन

  4. ((d))

    लिखावट

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Answer: ((a))

अपनापन

सही उत्तर - ​अपनापन

Key Points

  • सर्वनाम (मैं, आप, अपना, निज) में प्रत्यय (पन, ता, त्व, स्व, आपा) जोड़कर बनने वाले शब्द, जो किसी गुण, भाव, अवस्था या संबंध को दर्शाते हैं।
  • उन्हें सर्वनाम से बनी भाववाचक संज्ञा कहते हैं।

उदाहरण :

  • निज: निजता / निजत्व
  • अपना: अपनापन / अपनत्व

अन्य विकल्प :

  • छुटपन' शब्द मूल शब्द छोटा (या 'छुट') और प्रत्यय 'पन' के मेल से बना है। यह एक भाववाचक संज्ञा है।
  • लड़कपन, लड़का (जातिवाचक संज्ञा) शब्द में 'पन' प्रत्यय जोड़ने से बना शब्द है। यह एक भ��ववाचक संज्ञा है।
  • लिखावट शब्द 'लिख' (मूल शब्द) और 'आवट' (प्रत्यय) के मेल से बना है। यह एक क्रिया से बना  भाववाचक संज्ञाहै।

Additional Information

  • भाववाचक संज्ञा शब्द किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान के गुण, दोष, अवस्था, दशा या भाव का बोध कराते हैं,
  • जिन्हें केवल महसूस किया जा सकता है, देखा या छुआ नहीं जा सकता।

उदाहरण:

  • ईमानदारी, सच्चाई, सुंदरता, वीरता, बहादुरी, मिठास, खटास, निडरत।
  • प्रेम, क्रोध, घृणा, खुशी, दुःख, दया, ईर्ष्या, करुणा।
16

संज्ञा से निर्मित विशेषण है

  1. ((a))

    दैनिक

  2. ((b))

    आपसी

  3. ((c))

    टिकाऊ

  4. ((d))

    अगला

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Answer: ((a))

दैनिक

सही उत्तर - ​दैनिक

Key Points

  • संज्ञा से बने विशेषण मुख्य रूप से प्रत्यय जोड़कर बनाए जाते हैं। ये शब्द किसी व्यक्ति, वस्तु या स्थान की विशेषता बताते हैं।
  • 'दैनिक' शब्द स्वयं 'दिन' (संज्ञा) में 'इक' प्रत्यय लगाकर बनाया गया एक गुणवाचक विशेषण है।

अन्य विकल्प :

  • आपसी’ शब्द सर्वनाम (आप) से निर्मित विशेषण है।
  • 'टिकाऊ' शब्द 'टिकना' क्रिया से निर्मित विशेषण है
  • अगला' शब्द 'आगे' (अव्यय) से निर्मित विशेषण है।

Additional Informationसंज्ञा से निर्मित विशेषण:

चमकचमकीला
शहरशहरी
शक्तिशक्तिमान
श्रद्धाश्रद्धालु
समाजसामाजिक
इतिहासऐतिहासिक
प्यासप्यासा
दिनदैनिक
17

किस शब्द में अधिकरण तत्पुरुष समास नहीं है?

  1. ((a))

    घुड़सवार

  2. ((b))

    जलमग्न

  3. ((c))

    लोकप्रिय

  4. ((d))

    सेनानायक

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Answer: ((d))

सेनानायक

सही उत्तर - ​सेनानायक

Key Points

  • 'सेनानायक' शब्द में तत्पुरुष समास (षष्ठी तत्पुरुष या संबंध तत्पुरुष) है।
  • इसका समास-विग्रह 'सेना का नायक' होता है।

अन्य विकल्प : अधिकरण तत्पुरुष समास

समाससमास विग्रह
घुड़सवारघोड़े पर सवार
जलमग्नजल में मग्न
लोकप्रियलोक में प्रिय

Additional Information

समास के 6 प्रमुख भेद हैं:

  1. अव्ययीभाव समास (पहला पद प्रधान व अव्यय हो) 

उदाहरण:  यथासमय (समय के अनुसार), आमरण (मरण तक)। 

  1. तत्पुरुष समास (दूसरा पद प्रधान हो व कारक चिन्ह का लोप हो) 

उदाहरण:  देशभक्ति (देश के लिए भक्ति), लोकप्रिय (लोक में प्रिय) । 

  1. कर्मधारय समास (विशेषण-विशेष्य या उपमान-उपमेय का संबंध) 

उदाहरण: पीतांबर (पीला है जो अंबर), महान आत्मा (महात्मा)। 

  1. द्विगु समास (पहला पद संख्यावाचक हो) 

उदाहरण: सप्तऋषि (सात ऋषियों का समूह), । 

  1. द्वंद्व समास (दोनों पद प्रधान हों और 'और' का बोध हो) 

उदाहरण: माता-पिता (माता और पिता), दाल-रोटी (दाल और रोटी),। 

  1. बहुव्रीहि समास (कोई तीसरा पद प्रधान हो) 

उदाहरण: गिरिधर (गिरि को धारण करने वाले - कृष्ण) लंबोदर (लंबा है उदर जिनका - गणेश), ।

18

किस वाक्य में 'संबंधसूचक' अव्यय का प्रयोग नहीं हुआ है?

  1. ((a))

    मुझसे पहले वे चले गए।

  2. ((b))

    हथियारों सहित आतंकवादी पकड़े गए।

  3. ((c))

    बच्चे उस ओर गए हैं।

  4. ((d))

    अजमेर के निकट पुष्कर तीर्थ है ।

Show Answer
Answer: ((c))

बच्चे उस ओर गए हैं।

सही उत्तर - ​बच्चे उस ओर गए हैं।

Key Points

  • संबंधसूचक अव्यय- वे शब्द हैं जो संज्ञा या सर्वनाम के बाद आकर उसका संबंध वाक्य के अन्य शब्दों से बताते हैं,
  • जैसे- के पास, के ऊपर, के सामने, के बिना, की ओर आदि।

'संबंधसूचक' अव्यय के अन्य उदाहरण :

  • जंगल के पीछे एक नदी बहती है।
  • गाड़ी स्टेशन की ओर जा रही थी।
  • मेरे घर के सामने मंदिर है।
  • पानी के बिना जीवन संभव नहीं है।

Additional Information

  • अव्यय उन शब्दों को कहते हैं जिनमें लिंग, वचन, कारक या काल के कारण कोई विकार (बदलाव) नहीं होता है
  • और वे हर परिस्थिति में अपने मूल रूप में ही रहते हैं। इन्हें 'अविकारी' शब्द भी कहा जाता है।

प्रमुख उदाहरण:

  • जब, तब, अभी, उधर, वहां, इधर, कब, क्यों, वाह, आह, ठीक, अरे, और, तथा, एवं, किन्तु, परन्तु, बल्कि, इसलिए, आदि।
19

'रीतिवाचक क्रिया-विशेषण' से संबंधित वाक्य कौन सा है?

  1. ((a))

    यह पत्रिका प्रतिमाह छपती है।

  2. ((b))

    वह अचानक चला गया।

  3. ((c))

    तुम्हारी पुस्तकें यहाँ रखी हुई हैं।

  4. ((d))

    सभी बच्चे बाहर खेल रहे हैं ।

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Answer: ((b))

वह अचानक चला गया।

सही उत्तर - ​वह अचानक चला गया।

Key Points

  • रीतिवाचक क्रिया विशेषण वे अविकारी शब्द हैं जो क्रिया के होने के तरीके, विधि या ढंग का बोध कराते हैं।
  • (जैसे- धीरे-धीरे, तेज, अचानक) ये शब्द बताते हैं कि कोई कार्य 'कैसे' हो रहा है
  • उदाहरण:
  • घोड़ा तेज भागता है।

अन्य विकल्प :

  • यह पत्रिका प्रतिमाह छपती है। - काल वाचक क्रिया विशेषण
  • तुम्हारी पुस्तकें यहाँ रखी हुई हैं- स्थान वाचक क्रिया विशेषण
  • सभी बच्चे बाहर खेल रहे हैं - स्थान वाचक क्रिया विशेषण

Additional Information  क्रिया विशेषण के भेद:

  • कालवाचक क्रिया विशेषण
  • रीतिवाचक क्रिया विशेषण
  • स्थानवाचक क्रिया विशेषण
  • परिमाणवाचक क्रिया विशेषण
20

'अपने कुल का श्रेष्ठ या प्रतिष्ठित व्यक्ति' वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द है

  1. ((a))

    कुलांगार

  2. ((b))

    कुलकंटक

  3. ((c))

    कुलकेतु

  4. ((d))

    कुलीन

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Answer: ((c))

कुलकेतु

'अपने कुल का श्रेष्ठ या प्रतिष्ठित व्यक्ति' वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द है - कुलकेतु

Key Points

  • 'अपने कुल का श्रेष्ठ या प्रतिष्ठित व्यक्ति' उसके लिए इनमें से उपयुक्त शब्द है- कुलकेतु
  • वाक्यांश के लिएइन्द्रपुरी की वेश्यउपयुक्त शब्द - अनेक शब्दों के लिए एक शब्द को प्रयुक्त करना ही वाक्यांश के लिए एक शब्द कहलाता है।

अन्य विकल्प -

शब्दअर्थ
कुलीनउच्च कुल में उत्पन्न
कुलांगारकुल को कलंकित करने वाला
कुलकंटककुल के लिए बाधा/कष्ट पहुँचाने वाला

Additional Information 

  कुछ महत्वपूर्ण वाक्यांश के लिए एक शब्द -

वाक्यांशशब्द
जो पहले कभी न हुआ होअभूतपूर्व
जो सब कुछ जानता होसर्वज्ञ
जो कम बोलता होमितभाषी
जिसका कोई शत्रु न जन्मा होअजातशत्रु
जिसका पति जीवित होसधवा
जिसका मूल्य आँका न जा सकेअमूल्य
21

इनमें से किस विकल्प के सभी शब्द तद्भव हैं?

  1. ((a))

    धैर्य, गोबर

  2. ((b))

    जेठ, पाषाण

  3. ((c))

    कोख, पत्थर

  4. ((d))

    पुष्प, भक्त

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Answer: ((c))

कोख, पत्थर

तद्भव हैं - कोख, पत्थर

Key Points

  • 'कोख' का तत्सम रूप 'कुक्षि' होता है।
  • 'पत्थर' का तत्सम रूप 'प्रस्तर' होता है।
  • तत्सम - जिन शब्दों को संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के ले लिया जाता है, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं। 
  • जैसे- अग्नि, गृह, उष्ट्र, पुत्र आदि।
  • तद्भव - जिन शब्दों में समय और परिस्थितियों के कारण कुछ परिवर्तन होने से जो शब्द बने हैं, उन्हें तद्भव कहते हैं। 
  • जैसे- आग, घर, ऊँट, पोत आदि।

अन्य विकल्प

  • धैर्य, गोबर: यहाँ 'धैर्य' तत्सम है (तद्भव 'धीरज' होगा) और 'गोबर' तद्भव है (तत्सम 'गोमय' होगा)।
  • जेठ, पाषाण: यहाँ 'जेठ' तद्भव है (तत्सम 'ज्येष्ठ' होगा), जबकि 'पाषाण' तत्सम है।
  • पुष्प, भक्त: ये दोनों ही तत्सम शब्द हैं। 'पुष्प' का तद्भव 'फूल' और 'भक्त' का तद्भव 'भगत' होता है।

Additional Information कुछ महत्वपूर्ण ​तत्सम और तद्भव शब्द -

तत्समतद्भव
आश्चर्यअचरज
उलूकउल्लू
एकादशग्यारह
कदलीकेला
भ्रमरभौंरा
हरिद्राहल्दी
उज्ज्वलउजला
कच्छपकछुआ
गोस्वामीगुसाईं
22

निम्नलिखित में तत्सम शब्द कौन सा है?

  1. ((a))

    शतरंज

  2. ((b))

    पक्षी

  3. ((c))

    बहू

  4. ((d))

    रोटी

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Answer: ((b))

पक्षी

तत्सम शब्द है- पक्षी

Key Points

  • '​पक्षी' एक तत्सम शब्द है, जबकि इसका तद्भव शब्द 'पंछी' होगा।
  • तत्सम - जिन शब्दों को संस्कृत से बिना किसी परिवर्तन के ले लिया जाता है, उन्हें तत्सम शब्द कहते हैं। 
  • जैसे- ​पौष, ​भुजा, रात्रि आदि।
  • तद्भव - जिन शब्दों में समय और परिस्थितियों के कारण कुछ परिवर्तन होने से जो शब्द बने हैं, उन्हें तद्भव कहते हैं। 
  • जैसे- पूस, बाँह, रात आदि।​

अन्य विकल्प-

  • शतरंज: यह फारसी भाषा का शब्द है, न कि तत्सम।
  • बहू: यह तद्भव शब्द है। इसका तत्सम रूप 'वधू' होता है।
  • रोटी: यह एक देशज शब्द माना जाता है जो हिंदी की बोलियों से आया है।

Additional Information 

 कुछ महत्वपूर्ण ​तत्सम और तद्भव शब्द -

तत्समतद्भव
अंगुष्ठअंगूठा
कपाटकिवाड़
ग्रामीणगँवार
उज्ज्वलउजला
कोकिलकोयल
अम्लिकाइमली
प्रस्तरपत्थर
चंद्रिकाचाँदनी
तड़ागतालाब
23

निम्नलिखित में ‘देशज’ शब्द कौन सा है?

  1. ((a))

    गोदाम

  2. ((b))

    तेंदुआ

  3. ((c))

    यमुना

  4. ((d))

    बकरा

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Answer: ((b))

तेंदुआ

सही उत्तर है- तेंदुआ

Key Points

  • 'तेंदुआ' शब्द देशज भाषा से लिया गया है।
  • वे शब्द जिनकी उत्पत्ति का श्रोत ज्ञात न हो और लेकिन भाषा में उनका प्रचलन भरपूर हो, देशज शब्दों की श्रेणी में आते हैं। 
  • जैसे - लोटा, कटोरा, डोंगा, डिबिया, खिचड़ी, खिड़की, पगड़ी, चिड़िया, जूता, तेंदुआ, फुनगी, कलाई आदि।

अन्य विकल्प -

  • गोदाम: यह पुर्तगाली भाषा का शब्द है।
  • यमुना: यह तत्सम शब्द है (संस्कृत से आया है), जिसका तद्भव रूप 'जमुना' होता है।
  • बकरा: यह एक सामान्य तद्भव शब्द माना जाता है जो प्राकृत/अपभ्रंश के माध्यम से आया है।

Important Points विदेशज:- 

  • जो शब्द विदेशी भाषा के हैं, परंतु हिंदी में उन शब्दों का प्रचलन हो रहा है, ऐसे शब्द विदेशज शब्द कहे जाते हैं।
  • विदेशी शब्द अरबी, फारसी, तुर्की, अंग्रेजी इत्यादि भाषाओं से लिए गए है। जैसे - लगाम, वापिस, शराब, हिम्मत आदि।

Additional Information 

  

भाषाशब्द
अंग्रेजीइंजन, डॉक्टर, सिलेट, अस्पताल, टिकस, कप्तान, तारपीन, बोतल, मील, अपील, आर्डर, इंच, इंटर, इयरिंग, एजेंसी, कंपनी, क्रिकेट, गजट, जेल, चेयरमैन, ट्यूशन, डायरी, डिप्टी, ड्राइवर, पेंसिल, पेन, नंबर, नोटिस, नर्स, थर्मामीटर, पार्टी, प्लेट।
फ़ारसीअफ़सोस, आबरू, आवारा, आमदनी, आईना, उम्मीद, कमीना, कुश्ती, किनारा, खामोश, खरगोश, खुश, खुराक, गवाह, गिरफ्तार, गुलाब, चाबुक, चादर, चिराग, चश्मा, चेहरा, चाशनी, जहर, जिन्दगी, जोश, तमाशा, तीर, दीवार, दस्तूर, दुकान, नाव, पलंग, पैदावार, पलक, पैमाना, बहरा, बेहूदा, बीमार, मुर्दा, मलीदा, यार, रंग, राह, लश्कर, सरदार, सौदागर, हफ्ता, हजार।
​अरबीआदत, आदमी, दावत, इनाम, इस्तीफ़ा, उम्र, एहसान,  औलाद, किस्मत, किताब, ख्याल, ख़राब, खिदमत, गरीब,जहाज, जालिम, जिक्र, तमाम, तकाजा, तारीख, तमाशा, तादात, तरक्की, दिमाग, दफ्तर, दौलत, नतीजा, नकद, फ़कीर, फैसला, मुहावरा, मामूली, मुक़दमा, मुसाफिर, मशहूर, लिफाफा, लियाकत, लायक, वकील, हाकिम।
​पुर्तगालीआलपीन, आलमारी, बाल्टी, चाबी, फीता, तम्बाकू, आया, इस्पात, इस्तिरी, कमीज, कनस्टर, कमरा, काजू, गमला, गोदाम, गोभी, तौलिया, नीलाम, परत, पिस्तौल, मेज, लबादा, साया, पादरी, परात, इस्पात।
तुर्कीउर्दू, मुग़ल, आका, काबू, कालीन, कैंची, कुली, कुर्की, चेचक, चमचा, तोप, तमगा, तलाश, बेगम, बहादुर, लाश, लफंगा, सौगात, सुराग।
24

किस विकल्प में शब्द-युग्म का अर्थ-भेद सही नहीं है?

  1. ((a))

    अभय-उभय =  निर्भीक-दोनों

  2. ((b))

    इतर-इत्र = अन्य-सुगंधित द्रव

  3. ((c))

    कांति-क्लांति = थकावट-चमक

  4. ((d))

    कपिश-कपीश = मटमैला-हनुमान

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Answer: ((c))

कांति-क्लांति = थकावट-चमक

शब्द-युग्म का अर्थ-भेद सही नहीं है - कांति-क्लांति = थकावट-चमक

Key Points

  • कांति : इसका सही अर्थ- चमक या आभा होता है।
  • क्लांति : इसका सही अर्थ- थकावट या थकान होता है।
  • अर्थात, सही क्रम होना चाहिए था: चमक-थकावट
  • शब्द युग्म - ऐसे शब्द जिनका उच्चारण प्राय: समान होता है किन्तु उनके अर्थ भिन्न होते हैं, शब्द युग्म कहलाते हैं।

अन्य विकल्प-

  • अभय-उभय = निर्भीक-दोनों: अभय (जिसे डर न हो) और उभय (दोनों में से प्रत्येक)।
  • इतर-इत्र = अन्य-सुगंधित द्रव: इतर (दूसरा/अन्य) और इत्र (सेंट/सुगंधित पदार्थ)।
  • कपिश-कपीश = मटमैला-हनुमान: कपिश (भूरा/मटमैला रंग) और कपीश (वानरों का ईश्वर, अर्थात् हनुमान)।

Additional Informationकुछ महत्वपूर्ण शब्द युग्म और उनके अर्थ -

शब्द-युग्मअर्थ-भेद
अनल - अनिलआग - हवा
कुल - कूलवंश - किनारा
ग्रह - गृहनक्षत्र/पिण्ड - घर
तरणि - तरणीसूर्य - नाव
दशा - दिशाहालत - तरफ
प्रणाम - प्रमाणनमस्कार - सबूत
बली - बलिशक्तिशाली - बलिदान/बलिदान का पशु
शंकर - संकरभगवान शिव - मिश्रित (जाति)
25

किस विकल्प में शब्द-युग्म का अर्थ-भेद सही है?

  1. ((a))

    मेघ-मेध = बादल-अज्ञ

  2. ((b))

    रुख-रूख = पेड़-तरफ

  3. ((c))

    रेचक-रोचक = स्थावर-दिलचस्प

  4. ((d))

    अजर - अजिर = जो बूढ़ा न हो-आँगन

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Answer: ((d))

अजर - अजिर = जो बूढ़ा न हो-आँगन

शब्द-युग्म का अर्थ-भेद सही है- अजर - अजिर = जो बूढ़ा न हो - आँगन

Key Points

  • 'अजर' (जो बूढ़ा न हो) - 'अजिर' (आँगन)
  • शब्द युग्म - ऐसे शब्द जिनका उच्चारण प्राय: समान होता है किन्तु उनके अर्थ भिन्न होते हैं, शब्द युग्म कहलाते हैं।

अन्य विकल्प-

  • मेघ-मेध = बादल-अज्ञ: यहाँ मेघ का अर्थ 'बादल' सही है, लेकिन मेध का अर्थ 'यज्ञ' होता है, न कि 'अज्ञ' (मूर्ख)
  • रुख-रूख = पेड़-तरफ: यहाँ अर्थ उलट दिए गए हैं। रुख का अर्थ 'तरफ' (दिशा) होता है और रूख का अर्थ 'पेड़' होता है।
  • रेचक-रोचक = स्थावर-दिलचस्प: यहाँ रेचक का अर्थ होता है 'खाली करने वाला' या 'जुलाब', जबकि रोचक का अर्थ 'दिलचस्प' (रुचिपूर्ण) होता है।

Additional Information

शब्द-युग्मअर्थ-भेद
कपि - कपीबंदर - बंदरिया
अविराम - अभिरामलगातार - सुंदर
निर्झर - निर्जरझरना - देवता
श्रुति - स्मृतिवेद/कान - याददाश्त
विपन्न - विपणदुखी/संकटग्रस्त - बाज़ार
चक्रवाक - चक्रवातचकवा पक्षी - बवंडर/तूफान
सकल - शकलसंपूर्ण - सूरत
पाणि - पानीहाथ - जल
बहू - बहुवधू - बहुत/अधिक
आदि - आदीआरंभ - अभ्यस्त (आदत वाला)
26

किस वाक्यांश के लिए प्रयुक्त शब्द सार्थक नहीं है?

  1. ((a))

    पराया दोष ढूँढ़ने वाला - तथ्यान्वेषी

  2. ((b))

    जो अधर्म करने से डरे - धर्मभीरु

  3. ((c))

    आश्रयदाता को प्रसन्न करने के लिए कही जाने वाली झूठी-सच्ची बात - ठकुरसुहाती

  4. ((d))

    जिसने अनेक विद्वानों सें विभिन्न शास्त्रों का ज्ञान प्राप्त किया हो - बहुश्रुत

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Answer: ((a))

पराया दोष ढूँढ़ने वाला - तथ्यान्वेषी

वाक्यांश के लिए प्रयुक्त शब्द सार्थक नहीं है- पराया दोष ढूँढ़ने वाला - तथ्यान्वेषी

Key Points 

  • 'पराया दोष ढूँढ़ने वाला' वाक्यांश के लिए एक शब्द होगा - छिद्रान्वेषी
  • 'तथ्यों की खोज करने वाला' वाक्यांश के लिए एक शब्द होगा - तथ्यान्वेषी
  • वाक्यांश के लिए उपयुक्त शब्द - अनेक शब्दों के लिए एक शब्द को प्रयुक्त करना ही वाक्यांश के लिए एक शब्द कहलाता है।

अन्य विकल्प -

  • जो अधर्म करने से डरे - धर्मभीरु: 'धर्मभीरु' का अर्थ होता है जिसे धर्म (या अधर्म करने) के प्रति डर हो।
  • आश्रयदाता को प्रसन्न करने के लिए कही जाने वाली झूठी-सच्ची बात - ठकुरसुहाती: यह मुहावरेदार शब्दांश है जिसका अर्थ चापलूसी करना होता है।
  • जिसने अनेक विद्वानों से विभिन्न शास्त्रों का ज्ञान प्राप्त किया हो - बहुश्रुत: 'बहुश्रुत' का अर्थ है जिसने बहुत कुछ सुन रखा हो या जो अनेक शास्त्रों का ज्ञाता हो।

Additional Information

वाक्यांशशब्द
जिसका इलाज न हो सके।असाध्य
जिसका आकार न हो।निराकार
जो फल खाकर निर्वाह करे।फलाहारी
जिसका आकार दिखाई दे।साकार
जो कुछ जानने की इच्छा रखता हो।जिज्ञासु
जो वेतन के बिना काम करें।अवैतनिक
जिसके नीचे रेखा खींची गई हो।रेखांकित
27

किस विकल्प में सभी शब्द ‘संप्रदान तत्पुरुष’ समास के उदाहरण हैं?

  1. ((a))

    पूजाघर, यशप्राप्त

  2. ((b))

    घोड़ागाड़ी, दानपेटी

  3. ((c))

    सत्याग्रह, राहखर्च

  4. ((d))

    मुँहबोला, रसोईघर

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Answer: ((c))

सत्याग्रह, राहखर्च

सही उत्तर सत्याग्रह, राहखर्च है।

Key Points

शब्दसमास विग्रहसमास का प्रकार
सत्याग्रहसत्य के लिए आग्रहसंप्रदान तत्पुरुष
राहखर्चराह के लिए खर्चसंप्रदान तत्पुरुष

अन्य विकल्प -

  • पूजाघर: पूजा के लिए घर (संप्रदान तत्पुरुष)
  • यशप्राप्त: यश को प्राप्त (कर्म तत्पुरुष)
  • घोड़ागाड़ी: घोड़े की गाड़ी (संबंध तत्पुरुष)
  • दानपेटी: दान के लिए पेटी (संप्रदान तत्पुरुष)
  • मुँहबोला: मुँह से बोला (करण तत्पुरुष)
  • रसोईघर: रसोई के लिए घर (संप्रदान तत्पुरुष)

Important Points

तत्पुरुष समास के छ: भेद होते हैं - - कर्म तत्पुरुष (विभक्ति चिह्न: 'को') - मतदाता (मत को देने वाला) - गृहगत (गृह को गया हुआ) - करण तत्पुरुष (विभक्ति चिह्न: 'से, के द्वारा') - पददलित (पद से दलित) - स्वरचित (स्व द्वारा रचित) - सम्प्रदान तत्पुरुष (विभक्ति चिह्न 'के लिए') - देशभक्ति (देश के लिए भक्ति) - सत्याग्रह (सत्य के लिए आग्रह) - अपादान तत्पुरुष (विभक्ति चिह्न 'से' अलग होने का भाव) - धर्मविमुख (धर्म से विमुख) - गुणरहित (गुणों से रहित) - संबंध तत्पुरुष (विभक्ति चिह्न 'का, के, की') - देवमूर्ति (देव की मूर्ति) - पवनपुत्र (पवन का पुत्र) - ​अधिकरण तत्पुरुष (विभक्ति चिह्न 'में, पर') - पुरुषोत्तम (पुरुषों में उत्तम) - आपबीती (आप (स्वयं) पर बीती)

Additional Information 

 

 

 

तत्पुरुष समास -

  • समास का वह रूप जिसमें द्वितीय पद या उत्तर पद प्रधान हो उसे तत्पुरुष समास कहते हैं।
  • इस समास में आने वाले कारक चिन्हों को, से, के लिए, से, का/के/की, में, पर आदि का लोप होता है।

उदाहरण -

  • शरणागत = शरण को आया
  • ईश्वरदत्त = ईश्वर द्वारा दत्त/दिया
28

किस विकल्प में सभी शब्द परस्पर पर्यायवाची नहीं हैं?

  1. ((a))

    आत्मजा, दुहिता

  2. ((b))

    चक्षु, मयंक

  3. ((c))

    उपल, प्रस्तर

  4. ((d))

    अरविंद, पुंडरीक

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Answer: ((b))

चक्षु, मयंक

सभी शब्द परस्पर पर्यायवाची नहीं हैं - चक्षु, मयंक

Key Points

 

  • चक्षु: इसका अर्थ आँख (नेत्र/लोचन) होता है।
  • 'आँख' के सभी पर्यायवाची शब्द - लोचन, अक्षि, नैन, नयन, नेत्र, चक्षु, दृष्टि ।
  • मयंक: इसका अर्थ चंद्रमा (शशि/राकेश) होता है।
  • 'चंद्रमा' के सभी पर्यायवाची शब्द - चाँद, इंदु, चंदा, शशि, मयंक, महताब।
  • पर्यायवाची - ऐसे शब्द जिनके अर्थ समान हों, पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

अन्य विकल्प -

शब्दपर्यायवाची शब्द
पुत्रीलड़की, बालिका, किशोरी, बाला, कन्या, बेटी, सुता, आत्मजा, अंगजा, तनया, दुहिता, तनुजा, नंदना, नन्दिनी, कुमारी।
पत्थरपाषाण, प्रस्तर, पाहन, उपल, शिला, अश्म, चट्टान हैं
कमलपंकज, जलज, सरोज, नीरज, अरविंद, नलिन, उत्पल, राजीव, पद्म, अंबुज।

Additional Information  कुछ अन्य महत्वपूर्ण पर्यायवाची शब्द:-

शब्दपर्यायवाची शब्द
औरतस्त्री, जोरू, महिला, नारी, वनिता, घरवाली।
जलमेघपुष्प, अमृत, वारि, नीर, पानी, जीवन, पेय।
पेड़वृक्ष, तरु, द्रुम, पादप, विटप, अगम, गाछ ।
घोड़ाअश्व, हय, तुरंग, वाजी, घोटक, सैंधव, तुरंग।
देवतासुर, अमर, देव, निर्जर, विबुध, त्रिदश, आदित्य, गीर्वाण।
पुत्रबेटा, सुत, तनय, आत्मज, जनज, लड़का, तनुज।
पृथ्वीधरा, धरती, वसुधा, भूमि, वसुंधरा, भू, इला, धरा, धरणी।
29

निम्नलिखित में 'बादल' का पर्यायवाची नहीं है:

  1. ((a))

    अभ्र

  2. ((b))

    बलाहक

  3. ((c))

    कादंबरी

  4. ((d))

    जीमूत

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Answer: ((c))

कादंबरी

'बादल' का पर्यायवाची नहीं है: कादंबरी

Key Points

  • ​'अभ्र', 'बलाहक', और 'जीमूत' तीनों ही बादल के पर्यायवाची शब्द हैं।
  • 'बादल' के अन्य पर्यायवाची शब्द - ​मेघ, घन, जलद, जलधर, नीरद, वारिद, पयोद, अंबुद, पयोधर और वारिधर।
  • 'कादंबरी' शब्द का अर्थ मदिरा या शराब होता है।
  • 'मदिरा' के अन्य पर्यायवाची शब्द -  शराब, दारू, सुरा, मद्य, हाला, आसव, मधु, वारुणी, नशा, मादक पदार्थ।
  • पर्यायवाची - ऐसे शब्द जिनके अर्थ समान हों, पर्यायवाची शब्द कहलाते हैं।

Additional Information 

 

 कुछ अन्य महत्वपूर्ण पर्यायवाची शब्द:-

शब्दपर्यायवाची शब्द
आँखलोचन, अक्षि, नैन, नयन, नेत्र, चक्षु, दृष्टि।
इंदुचाँद, चंद्रमा, चंदा, शशि, मयंक, महताब।
उपवनबाग़, बगीचा, उद्यान, वाटिका, गुलशन।
कपड़ावस्त्र, चीर, वसन, पट, अम्बर, परिधान।
खगपक्षी, द्विज, विहग, नभचर, अण्डज, पखेरू।
गिरिपहाड़, मेरु, शैल, महीधर, धराधर, भूधर।
30

निम्नलिखित में विलोम युग्म कौन सा है?

  1. ((a))

    शेष - अवशेष

  2. ((b))

    अनुदान - अवदान

  3. ((c))

    उन्नति - अवनति

  4. ((d))

    विरोध - अवरोध

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Answer: ((c))

उन्नति - अवनति

विलोम युग्म है- उन्नति - अवनति

Key Points

  • 'स्थूल' शब्द का विलोम शब्द अवनति' होगा।
  • 'स्थूल' का अर्थ -  विकास या ऊपर उठना।
  • 'अवनति' का अर्थ - पतन या नीचे गिरना।
  • विलोम - जो शब्द किसी एक शब्द के विपरीत अर्थ को व्यक्त करते हैं, वे विलोम शब्द कहलाते हैं।

अन्य विकल्प-

  • शेष - अवशेष: ये दोनों पर्यायवाची (समानार्थी) जैसे शब्द हैं, विलोम नहीं। 'शेष' का सही विलोम 'अशेष' या 'निःशेष' होता है।
  • अनुदान - अवदान: ये भिन्न अर्थ वाले शब्द हैं। 'अनुदान' (विलोम - प्रतिदान) और 'अवदान' (अपकार) के अर्थ अलग-अलग हैं।
  • विरोध - अवरोध: ये समानार्थी की तरह प्रयोग होते हैं। 'विरोध' का सही विलोम 'समर्थन' होता है।

Additional Information     कुछ अन्य महत्वपूर्ण विलोम शब्द -

शब्दविलोम
अधुनातनपुरातन
कर्कशमधुर
इहलोकपरलोक
उन्मूलनरोपण
आमिषनिरामिश
तिमिरआलोक
नैसर्गिककृत्रिम
अनाहूतआहूत
प्राचीनअर्वाचीन
31

किस विकल्प में क्रिया 'द्विकर्मक' रूप में प्रयुक्त हुई है?

  1. ((a))

    अध्यापक ने विद्यार्थियों को पाठ पढ़ाया ।

  2. ((b))

    वह सुबह पढ़ाई करता है और शाम को खेलता है।

  3. ((c))

    मैं बाजार से सब्जी और फल खरीद लाया।

  4. ((d))

    मदारी के करतब देखकर दर्शक खूब हँसे ।

Show Answer
Answer: ((a))

अध्यापक ने विद्यार्थियों को पाठ पढ़ाया ।

'द्विकर्मक' रूप में प्रयुक्त हुई है- अध्यापक ने विद्यार्थियों को पाठ पढ़ाया ।

Key Points

  • अध्यापक ने विद्यार्थियों (गौण कर्म) को पाठ (मुख्य कर्म) पढ़ाया।
  • यहाँ 'पढ़ाया' क्रिया के साथ दो कर्म हैं: 'विद्यार्थियों को' और 'पाठ'
  • अतः यह द्विकर्मक क्रिया का उदाहरण है।
  • जिस सकर्मक क्रिया के व्यापार का फल दो कर्मों पर पड़ता है, वह द्विकर्मक क्रिया कहलाती है।
  • उदाहरण के लिए, राम ने रमेश को केला खिलाया" (यहाँ 'रमेश' और 'केला' दो कर्म हैं)।

अन्य विकल्प -

  • 'वह सुबह पढ़ाई करता है और शाम को खेलता है।'— यह संयुक्त वाक्य है जिसमें दो अलग-अलग क्रियाएँ हैं।
  • 'मैं बाजार से सब्जी और फल खरीद लाया।'—यहाँ 'सब्जी और फल' एक ही कर्म के अंश हैं, यह सकर्मक क्रिया है लेकिन द्विकर्मक नहीं।
  • 'मदारी के करतब देखकर दर्शक खूब हँसे।'—यह 'अकर्मक' क्रिया और देखकर (यह पूर्वकालिक क्रिया है) का उदाहरण है, क्योंकि हँसने की क्रिया का कोई कर्म नहीं है।

Additional Information

क्रियापरिभाषाउदाहरण
संयुक्तदो या दो से अधिक भिन्न भिन्न अर्थ वाली क्रियाओं के मेल से बनने वाली क्रिया को संयुक्त क्रिया कहते हैं।हवाई जहाज़ उड़ान भर गया।
पूर्वकालिककिसी क्रिया से पूर्व यदि कोई दूसरी क्रिया प्रयुक्त होती है तो वह पूर्वकालिक क्रिया कहलाती है। जब एक ही कर्ता द्वारा की गई दो क्रियाओं में से जो क्रिया पहले समाप्त होती है, उसमें 'कर' या 'करके' लगा होता है, जैसे 'पढ़कर', 'खाकर', 'नहाकर'. यह क्रिया दर्शाती है।चोर सामान चुराकर भाग गया।
सकर्मकजिन क्रियाओं के कार्य का फल कर्ता को छोड़कर कर्म पर पड़ता है उन्हे सकर्मक क्रिया कहते है।सकर्मक क्रिया कर्म के बिना अपना भाव पूर्ण रूप से प्रकट नहीं कर पाती। सकर्मक क्रियाएँ: खाना, खेलना, देना, काटना, देखना, पीना, सीखना, बेचना, पढ़ाना, खरीदना, बुलाना।​ बालिका निबंध लिख रही है।​
अकर्मकजिस क्रिया में कार्य का फल कर्ता पर ही पड़े, उसे अकर्मक क्रिया कहते हैं।अकर्मक क्रिया में कर्म नहीं पाया जाता है। ​अकर्मक क्रियाएँ: रोना, चलना, सोना, उठना, हँसना, दौड़ना, बैठना।कुत्ता भौंकता है।
32

कौन सा शब्द बहुवचन में प्रयुक्त नहीं होता है?

  1. ((a))

    दुनिया

  2. ((b))

    अनेक

  3. ((c))

    आप

  4. ((d))

    तेवर

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Answer: ((a))

दुनिया

बहुवचन में प्रयुक्त नहीं होता है- दुनिया

Key Points

  • दुनिया: यह शब्द हमेशा एकवचन में ही प्रयुक्त होता है।
  • हम 'दुनियाओं' नहीं कहते (जैसे: "दुनिया बहुत बड़ी है")।
  • इसी प्रकार 'जनता', 'आकाश', 'पानी', 'क्रोध' आदि भी सदैव एकवचन शब्द हैं।

अन्य विकल्प -

  • अनेक: यह 'एक' का बहुवचन रूप है और हमेशा बहुवचन में ही प्रयुक्त होता है। (कभी भी 'अनेकों' का प्रयोग नहीं करना चाहिए, वह अशुद्ध होता है)।
  • आप: यह एक आदरसूचक सर्वनाम है जो व्याकरणिक दृष्टि से बहुवचन के रूप में प्रयुक्त होता है (जैसे: "आप क्या कर रहे हैं?")।
  • तेवर: यह शब्द सदैव बहुवचन में प्रयुक्त होने वाला शब्द है (जैसे: "उनके तेवर बदल गए")। 'प्राण', 'दर्शन', 'हस्ताक्षर', 'होश' भी इसी श्रेणी में आते हैं।

Important Points

  • कुछ शब्द सदैव एकवचन के रूप में ही प्रयोग होते हैं,
  • जैसे - बारिश, पानी, दूध, घी, दही, आकाश, जनता, सत्य, प्रेम आदि।
  • कुछ शब्द सदैव बहुवचन के रूप में ही प्रयोग होते हैं, 
  • जैसे - आँसू, दर्शन, प्राण, अक्षत, बाल, लोग, हस्ताक्षर, होश, नेत्र, समाचार, दाम आदि।

Additional Information

वचन - संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया के जिस रूप से संख्या का बोध हो, उसे वचन कहते हैं।
वचन के दो प्रकार हैं - 1. एकवचन, 2. बहुवचन
वचनपरिभाषाउदाहरण
एकवचनशब्द के जिस रूप से किसी व्यक्ति, वस्तु आदि के एक होने का बोध हो, उसे एकवचन कहते हैंलड़का, कपड़ा, माता, पिता, माला, पुस्तक आदि।
बहुवचनशब्द के जिस रूप से एक से अधिक व्यक्तियों या वस्तुओं आदि का बोध हो, उसे बहुवचन कहते हैं।लड़के, गायें, कपड़े, टोपियाँ, मालाएँ, माताएँ, पुस्तकें आदि।
33

‘प्रवृत्ति’ शब्द का विलोम है-

  1. ((a))

    आवृत्ति

  2. ((b))

    निवृत्ति

  3. ((c))

    सुवृत्ति

  4. ((d))

    संवृत्ति

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Answer: ((b))

निवृत्ति

‘प्रवृत्ति’ शब्द का विलोम है- निवृत्ति

Key Points

  • ‘प्रवृत्ति’ शब्द का विलोम शब्द 'निवृत्ति' होगा।
  • ‘प्रवृत्ति’ का अर्थ- ​किसी कार्य में संलग्न होने का भाव, झुकाव या आदत।
  • 'निवृत्ति' का अर्थ- ​किसी कार्य से विरक्त होना, छुटकारा पाना या संसार से मुक्ति का भाव।
  • विलोम - जो शब्द किसी एक शब्द के विपरीत अर्थ को व्यक्त करते हैं, वे विलोम शब्द कहलाते हैं।

अन्य विकल्प-

  • आवृत्ति: इसका अर्थ होता है किसी चीज को बार-बार दोहराना।
  • सुवृत्ति: इसका अर्थ होता है 'अच्छी वृत्ति' या 'सदाचार'।
  • संवृत्ति: इसका अर्थ होता है अच्छी तरह से ढका हुआ या 'आवरण'।

Additional Information कुछ अन्य महत्वपूर्ण विलोम शब्द -

शब्दविलोम
सीमितअसीमित
निरपेक्षसापेक्ष
​उत्तरार्धपूर्वार्ध
​ऋजुतावक्रता
​एकरंगबहुरंग
अनैच्छिक​ऐच्छिक
​कठिनसरल
​खगोलभूगोल
गुलामआजाद
34

निम्नलिखित में किस विकल्प में आवृत्तिमूलक पक्ष है?

  1. ((a))

    अध्यापक पढ़ा रहे हैं।

  2. ((b))

    किताब अलमारी में है।

  3. ((c))

    माँ खाना बनाती है।

  4. ((d))

    उसने गीत सुना दिया ।

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Answer: ((c))

माँ खाना बनाती है।

आवृत्तिमूलक पक्ष है- माँ खाना बनाती है।

Key Points

  • माँ खाना बनाती है: इस वाक्य में 'बनाती है' क्रिया यह दर्शा रही है
  • कि यह कार्य एक स्वभाव या रोज की आदत (आवृत्ति) के रूप में होता है।
  • सामान्यतः 'ता है, ती है, ते हैं' वाले वाक्य इस पक्ष के अंतर्गत आते हैं।

अन्य विकल्प -

  • अध्यापक पढ़ा रहे हैं: यह सातत्यबोधक पक्ष है। इसमें क्रिया वर्तमान में लगातार चल रही है।
  • किताब अलमारी में है: यह एक सामान्य स्थिति का बोध करा रहा है।
  • उसने गीत सुना दिया: यह पूर्णताद्योतक पक्ष है। इसमें कार्य के पूरी तरह समाप्त होने का बोध हो रहा है।

Important Pointsपक्ष-

  • प्रत्येक कार्य-व्यापार किसी काल अवधि के बीच होता है जो प्रारंभ से अंत तक फैला होता है,
  • इस फैली हुई काल अवधि में कार्य-व्यापार को देखना पक्ष कहलाता है।

हिंदी में पक्ष के मुख्यतः चार प्रकार के माने गए हैं -

  • नित्यता बोधक अपूर्ण पक्ष – इसमें क्रिया सामान्य रूप से चलती रहती है और पूरी नहीं होती; जैसे – रवि डॉक्टर है, मोहन अधयापक था।
  • आवृति मूलक पक्ष – इसमें क्रिया सदैव बनी रहती है; जैसे – सूर्य पूर्व से निकलता है, सचिन पढ़ता है।
  • सातत्य बोधक पक्ष – इसमें उस समय का बोध होता है जब कार्य निरंतर चल रहा हो; जैसे – राकेश पढ़ रहा है, सीता गा रही है।
  • पूर्णकालिक पक्ष – इसमें कार्य व्यापार पूरा या समाप्त हो चूका होता है; जैसे – सचिन दौड़ चूका है, गीता ने यह पुस्तक पढ़ी है।
35

‘आप उधर बैठिए’ - वाक्य में वृत्ति है:

  1. ((a))

    निश्चयार्थ वृत्ति

  2. ((b))

    आज्ञार्थ वृत्ति

  3. ((c))

    संकेतार्थ वृत्ति

  4. ((d))

    संभावनार्थ वृत्ति

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Answer: ((b))

आज्ञार्थ वृत्ति

‘आप उधर बैठिए’ - वाक्य में वृत्ति है: आज्ञार्थ वृत्ति

Key Points

  • ‘आप उधर बैठिए’ - इस वाक्य में वक्ता द्वारा सामने वाले को बैठने का निर्देश या अनुरोध किया जा रहा है।
  • इसलिए, यह 'आज्ञार्थ वृत्ति' का उदाहरण है।

Additional Informationवृत्ति-

  • जब क्रिया रूप वक्ता या लेखक की मनोवृत्ति या प्रयोजन की ओर संकेत कर्ता है तो उसे वृत्ति कहते हैं।
  • वृत्ति को क्रियार्थ भी कहते हैं। इसकी क्रियाएँ प्रायः काल निरपेक्ष होती है।

क्रियार्थ का तात्पर्य है – क्रिया का अर्थ (प्रयोजन)! वृत्ति के छः मुख्य भेद माने जाते हैं।

  • आज्ञार्थ – इसमें क्रिया के द्वारा आज्ञा, प्रार्थना, उपदेश आदि प्रकट होते हैं; जैसे – सदैव सच बोलो, तुम अपने घर जाओ आदि।
  • इच्छार्थ – इसमें वक्ता की इच्छा, कामना, आशिर्वाद, वरदान, शाप आदि का पता चलता है; जैसे – ईश्वर सबका भला करे।
  • संभावनार्थ – इसमें कार्य होने में संदेह या संशय बना रहता है; जैसे – आज शायद पानी बरसे।
  • निश्चयार्थ – इसमें कथन सूचना प्रधान होता है और इसमें सत्य असत्य की जांच की जा सकती है; जैसे – मुझे कल मुंबई जाना पड़ेगा।
  • संकेतार्थ – इसमें कार्य सिद्धि के लिए वक्ता कुछ शर्तों का पूरा होना आवश्यक समझता है; जैसे – यदि तुम पढ़ते तो पास हो जाते।
  • प्रश्नार्थ – इसमें वक्ता के मन में जिज्ञासा या शंका होती है और वह उसका निर्णय पाने के लिए कोई प्रश्न कर देता है; जैसे – अब मैं क्या करूं? क्या तुम मेरा एक काम कर दोगे?
36

किस विकल्प में समश्रुत भिन्नार्थक शब्द युग्म का अर्थ भेद सुमेलित नहीं है?

  1. ((a))

    दशन-दर्शन = दाँत-अवलोकन

  2. ((b))

    प्रणय-परिणय = प्रेम-विवाह

  3. ((c))

    सूति-सूती = प्रसव-सूत का बना हुआ

  4. ((d))

    निर्झर-निर्जर = देवता-झरना

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Answer: ((d))

निर्झर-निर्जर = देवता-झरना

सही उत्तर है - निर्झर-निर्जर = देवता-झरना

Key Points

  • निर्झर : इसका अर्थ होता है-  झरना।
  • निर्जर : 'नि:' (बिना) + 'जर' (बुढ़ापा) = देवता।
  • अतः सही क्रम: निर्झर-निर्जर = झरना-देवता।
  • ऐसे शब्द जो पढ़ने और सुनने में लगभग एक-से लगते हैं, परंतु अर्थ की दृष्टि से भिन्न्न होते हैं, समभिन्नार्थक शब्द कहलाते हैं।

अन्य विकल्प -

  • दशन-दर्शन: दशन = दाँत; दर्शन = देखना या अवलोकन करना। (सही है)
  • प्रणय-परिणय: प्रणय = प्रेम; परिणय = विवाह। (सही है)
  • सूति-सूती: सूति = प्रसव या उत्पत्ति; सूती = कपास या सूत से बना हुआ। (सही है)

Additional Information कुछ महत्वपूर्ण शब्द युग्म और उनके अर्थ -

शब्द-युग्मअर्थ-भेद
अमल - अमलास्वच्छ - कर्मचारियों का समूह (अमला)
इति - ईतिसमाप्ति - विघ्न/बाधा
उपल - उत्पलओला - कमल
कीश - कीसबंदर - गीलापन
छाया - छाँहपरछाई - छाया का तद्भव रूप (छोह)
तति - तटीपंक्ति - किनारा
द्युति - द्युतचमक - जुआ
व्यजन - व्यंजनपंखा - पकवान/वर्ण
सर - सरबाण - तालाब
37

किस विकल्प में विलोम युग्म नहीं है?

  1. ((a))

    संलिप्त - निर्लिप्त

  2. ((b))

    सुबोध - दुर्बोध

  3. ((c))

    आसक्त - अनासक्त

  4. ((d))

    गृहीत - अनुगृहीत

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Answer: ((d))

गृहीत - अनुगृहीत

विलोम युग्म नहीं है - गृहीत - अनुगृहीत

Key Points

  • 'गृहीत' शब्द का विलोम शब्द 'त्यक्त' होगा। 
  • 'गृहीत' का अर्थ होता है - ग्रहण किया हुआ।
  • 'त्यक्त' का अर्थ होता है - त्यागा हुआ।
  • 'अनुगृहीत' का विलोम 'निर्गृहीत या अकृतज्ञ' होता है।
  • 'अनुगृहीत' का अर्थ होता है - 'उपकृत' या 'आभारी'।
  • निर्गृहीत या अकृतज्ञ' का अर्थ होता है - जो उपकार न माने।
  • विलोम - जो शब्द किसी एक शब्द के विपरीत अर्थ को व्यक्त करते हैं, वे विलोम शब्द कहलाते हैं।

अन्य विकल्प-

  • संलिप्त - निर्लिप्त: संलिप्त (जुड़ा हुआ/लिप्त) का विलोम निर्लिप्त (अलग/अलिप्त) बिल्कुल सही है।
  • सुबोध - दुर्बोध: सुबोध (आसानी से समझ में आने वाला) का विलोम दुर्बोध (कठिनाई से समझ में आने वाला) सही है।
  • आसक्त - अनासक्त: आसक्त (मोहित/लगा हुआ) का विलोम अनासक्त (विरक्त/अलग) बिल्कुल सही है।

Additional Informationकुछ अन्य महत्वपूर्ण विलोम शब्द -

शब्दविलोम शब्द
आयातनिर्यात
प्रकाशअंधकार
प्रतिलोमअनुलोम
उन्नतिअवनति
सजीवनिर्जीव
नवीनप्राचीन
दुर्गमसुगम
क्षणिकशाश्वत
कृतज्ञकृतघ्न
38

किस वाक्य में 'को' परसर्ग (विभक्ति चिह्न) कर्म कारक के लिए प्रयुक्त नहीं हुआ है?

  1. ((a))

    मोहन ने सोहन को उसकी पुस्तक लौटा दी।

  2. ((b))

    सरकार ने किसानों को अनुदान दिया।

  3. ((c))

    गुरुजी ने बालक को पाठ पढ़ाया।

  4. ((d))

    पुलिस ने अपराधी को पकड़ लिया।

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Answer: ((b))

सरकार ने किसानों को अनुदान दिया।

वाक्य में 'को' परसर्ग (विभक्ति चिह्न) कर्म कारक के लिए प्रयुक्त नहीं हुआ है - सरकार ने किसानों को अनुदान दिया।

Key Points

  • सरकार ने किसानों को अनुदान दिया: यहाँ 'किसानों को' का अर्थ 'किसानों के लिए' है।
  • जब कोई वस्तु किसी को 'दी' जाती है, तो जिसे दी जाती है, वह संप्रदान कारक होता है। इसलिए यहाँ 'को' संप्रदान के लिए है, कर्म के लिए नहीं।
  • सम्प्रदान का अर्थ ‘देना’ होता है।
  • जब वाक्य में किसी को कुछ दिया जाए या किसी के लिए कुछ किया जाए तो वहां पर सम्प्रदान कारक होता है।
  • सम्प्रदान कारक के विभक्ति चिन्ह के लिए या को हैं।
  • उदाहरण-
  • साहिल ब्राह्मण को दान देता है।
  • सूरज संध्या के लिए गाउन लाया।

अन्य विकल्प -

  • मोहन ने सोहन को उसकी पुस्तक लौटा दी: यहाँ 'सोहन' कर्म है (किसे लौटाया?), अतः यह कर्म कारक है।
  • गुरुजी ने बालक को पाठ पढ़ाया: यहाँ 'बालक' कर्म है (किसे पढ़ाया?), अतः यह कर्म कारक है।
  • पुलिस ने अपराधी को पकड़ लिया: यहाँ 'अपराधी' कर्म है (किसे पकड़ा?), अतः यह कर्म कारक है।

Important Points हिन्दी में ’आठ कारक’ होते हैं -

कारकविभक्तियाँ
कर्ताने
कर्मको
करणसे, द्वारा
सम्प्रदानको, के लिये, हेतु
अपादानसे (अलग होने के अर्थ में)
सम्बन्धका, की, के, रा, री, रे
अधिकरणमें, पर
सम्बोधनहे! अरे! ऐ! ओ! हाय!

Additional Information 

कर्म कारक:- - संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप पर क्रिया का प्रभाव या फल पड़े, उसे कर्म कारक कहते हैं। कर्म के साथ ’को’ विभक्ति आती है। उदाहरण - - पुलिस ने चोर को पकड़ा। - श्याम ने कुत्ते को रोटी खिलाई।
39

'उसने पेचकस के द्वारा ढक्कन खोला।'

उक्त वाक्य में प्रयुक्त 'के द्वारा' किस कारक का परसर्ग (विभक्ति चिह्न) है?

  1. ((a))

    कर्ता

  2. ((b))

    कर्म

  3. ((c))

    करण

  4. ((d))

    अपादान

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Answer: ((c))

करण

सही उत्तर है - करण

Key Points

  • यहाँ ढक्कन खोलने की क्रिया 'पेचकस' नामक साधन (उपकरण) से हो रही है। इसलिए, 'के द्वारा' यहाँ करण कारक को दर्शाता है।
  • वह साधन जिससे क्रिया होती है, वह करण कहलाता है। यानि, जिसकी सहायता से किसी काम को अंजाम दिया जाता, वह करण कारक कहलाता है।
  • करण कारक के दो विभक्ति चिन्ह होते है- से और के द्वारा।
  • उदाहरण -
  • अर्जुन ने जयद्रथ को बाण से मारा।
  • बालक गेंद से खेल रहे है।

Important Pointsहिन्दी में आठ कारक हैं -

कारकविभक्तियाँ
कर्ताने
कर्मक���
करणसे, द्वारा
सम्प्रदानको, के लिये, हेतु
अपादानसे (अलग होने के अर्थ में)
सम्बन्धका, की, के, रा, री, रे
अधिकरणमें, पर
सम्बोधनहे! अरे! ऐ! ओ! हाय!

Additional Information

 

कर्ता कारक:- - संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप से क्रिया के करने वाले का बोध हो, उसे कर्ता कारक कहते हैं। - कर्ता कारक का विभक्ति चिन्ह ‘ने’ होता है। उदाहरण - - रामू ने आम तोड़ा। - राजेश ने सन्तरा खाया। कर्म कारक:- - संज्ञा या सर्वनाम के जिस रूप पर क्रिया का प्रभाव या फल पड़े, उसे कर्म कारक कहते हैं। कर्म के साथ ’को’ विभक्ति आती है। उदाहरण - - गोपाल ने राधा को बुलाया। - रामू ने घोड़े को पानी पिलाया। अपादान कारक:- - अपादान का अर्थ है- अलग होना। - जिस संज्ञा अथवा सर्वनाम से किसी वस्तु का अलग होना ज्ञात हो, उसे अपादान कारक कहते हैं। - अपादान कारक का चिन्ह भी ’से’ (अलगाव) के भाव में है। उदाहरण- - पेड़ से पत्ता गिर गया। - गंगा हिमालय से निकलती है।
40

किस विकल्प में सभी शब्द शुद्ध हैं?

  1. ((a))

    पुरुस्कार, बहूद्देश्यीय

  2. ((b))

    अतिश्योक्ति, मंत्रिमंडल

  3. ((c))

    विरहणी, सुवासिनी

  4. ((d))

    चरमोत्कर्ष, हतोत्साह

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Answer: ((d))

चरमोत्कर्ष, हतोत्साह

सभी शब्द शुद्ध हैं - चरमोत्कर्ष, हतोत्साह

Key Points

  • चरमोत्कर्ष (चरम + उत्कर्ष) और हतोत्साह (हत + उत्साह) व्याकरण और वर्तनी की दृष्टि से पूरी तरह से शुद्ध शब्द हैं।
  • चरमोत्कर्ष का अर्थ- किसी कार्य की सर्वोच्च या उच्चतम अवस्था (पराकाष्ठा) होता है,
  • जबकि हतोत्साह का अर्थ- उत्साहहीन या निरुत्साहित (जिसका उत्साह नष्ट हो गया हो) होता है।
  • अन्य सभी विकल्प वर्तनी की दृष्टि से अशुद्ध है। ​
  • वर्तनी - किसी शब्द में आये हुए अक्षरों को मात्राओं सहित कहने या लिखने की रीति को वर्तनी कहते हैं।

अन्य विकल्प -

अशुद्ध शब्दशुद्ध शब्द
पुरुस्कारपुरस्कार
बहूद्देश्यीयबहुउद्देश्यीय
अतिश्योक्तिअतिशयोक्ति
मंत्रिमंडलमंत्रिमंडल
विरहणीविरहिणी

Additional Information कुछ अशुद्ध शब्द और शुद्ध शब्द -

अशुद्ध शब्दशुद्ध शब्द
अद्वितियअद्वितीय
उन्मीलीतउन्मीलित
दारिद्रतादरिद्रता
तरुछायातरुच्छाया
भ्रातागणभ्रातृगण
पुरष्कारपुरस्कार
अनुकुलअनुकूल
बोद्धिकबौद्धिक
41

किस विकल्प में सभी अशुद्ध शब्द हैं?

  1. ((a))

    सूजबूझ, अंधाधुंद

  2. ((b))

    साठगाँठ, आपाधापी

  3. ((c))

    ऐहसानमंद, खरीदार

  4. ((d))

    कशमकश, काबिलीयत

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Answer: ((a))

सूजबूझ, अंधाधुंद

सभी अशुद्ध शब्द हैं - सूजबूझ, अंधाधुंद

Key Points

  • सूजबूझ और अंधाधुंद दोनों वर्तनी की दृष्टि से अशुद्ध शब्द हैं।
  • अशुद्ध: सूजबूझ, शुद्ध: सूझ-बूझ (या सूझबूझ) - अर्थ: समझदारी
  • अशुद्ध: अंधाधुंद, शुद्ध: अंधाधुंध - अर्थ: बिना सोचे-समझे
  • अन्य सभी विकल्प वर्तनी की दृष्टि से शुद्ध है। ​
  • वर्तनी - किसी शब्द में आये हुए अक्षरों को मात्राओं सहित कहने या लिखने की रीति को वर्तनी कहते हैं।

Additional Informationकुछ अशुद्ध शब्द और शुद्ध शब्द -

अशुद्ध शब्दशुद्ध शब्द
अलोचनाआलोचना
दिपावलीदीपावली
रचियतारचयिता
तुफानतूफान
उरिणउऋण
श्रृंगारशृंगार
त्यौहारत्योहार
प्रसंशाप्रशंसा
42

'वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द' की दृष्टि से कौन सा विकल्प असंगत है?

  1. ((a))

    जिसका काम सिद्ध हो चुका हो - कृतार्थ

  2. ((b))

    किए हुए उपकार को न मानने वाला - कृतघ्न

  3. ((c))

    जो इस लोक से अलग हो - अलौकिक

  4. ((d))

    जो कम बोलता है - मिष्टभाषी

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Answer: ((d))

जो कम बोलता है - मिष्टभाषी

'वाक्यांश के लिए सार्थक शब्द' की दृष्टि से विकल्प असंगत है- जो कम बोलता है - मिष्टभाषी

Key Points

  • 'कम बोलने वाला' वाक्यांश के लिए एक शब्द होगा - मितभाषी
  • 'मीठा बोलने वाला' वाक्यांश के लिए एक शब्द होगा - मिष्टभाषी
  • वाक्यांश के लिए उपयुक्त शब्द - अनेक शब्दों के लिए एक शब्द को प्रयुक्त करना ही वाक्यांश के लिए एक शब्द कहलाता है।

Additional Information कुछ महत्वपूर्ण वाक्यांश के लिए एक शब्द -

वाक्यांशशब्द
बहुत अधिक बोलने वालावाचाल
जो इस लोक का हो​लौकिक
किए गए उपकार को मानने वालाकृतज्ञ
जिस पर विश्वास किया जा सकेविश्वसनीय
जिसका कोई शत्रु न जन्मा होअजातशत्रु
जो सब जगह व्याप्त होसर्वव्यापी
जिसे जीता न जा सकेअजेय
जो देखने योग्य होदर्शनीय
43

किस शब्द में ‘अक’ प्रत्यय का प्रयोग नहीं हुआ है?

  1. ((a))

    बालक

  2. ((b))

    शिक्षक

  3. ((c))

    पाठक

  4. ((d))

    निंदक

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Answer: ((a))

बालक

‘अक’ प्रत्यय का प्रयोग नहीं हुआ है- बालक

Key Points

  • ​'बालक' में 'अक' प्रत्यय नहीं है।
  • यह शब्द मूल रूप से 'बाल' (बच्चा) और 'क' (संस्कृत का 'कन्' प्रत्यय) से बना है, जिसमें 'क' प्रत्यय है न कि 'अक'।
  • प्रत्यय - जो शब्दांश, शब्दों के अंत में जुड़कर अर्थ में परिवर्तन लाये, प्रत्यय शब्द कहलाते है।

अन्य विकल्प -

  • शिक्षक: शिक्षक = शिक्ष (शिक्षण करना) + अक। इसमें 'अक' प्रत्यय का प्रयोग हुआ है।
  • पाठक: पाठक = पाठ (पढ़ना) + अक। इसमें 'अक' प्रत्यय का प्रयोग हुआ है।
  • निंदक: निंदक = निन्द (निंदा करना) + अक। इसमें 'अक' प्रत्यय का प्रयोग हुआ है।

Additional Information 

 

   कुछ महत्वपूर्ण प्रत्यय शब्द -

  • अक - गायक, लेखक, नायक, धावक।
  • ईय - भारतीय, राजकीय, तरकीय, जातीय।
  • आस - मिठास, खटास, भड़ास, बिंदास।
  • उक - भिक्षुक, भावुक, कामुक, नाजुक।
  • अन - चिंतन, मनन, भवन, मरण, करण।
  • अक्कड़ - पियक्कड़, भुलक्कड़, घुमक्कड़।
  • आई - पढ़ाई, लिखाई, बुनाई, सिलाई।
44

निम्नलिखित में 'संज्ञा उपवाक्य' है?

  1. ((a))

    जिसे आप ढूँढ़ रहे हैं, वह आया ही नहीं।

  2. ((b))

    कर्मचारियों की माँग है कि उन्हें पूरा वेतन दिया जाए।

  3. ((c))

    यह वही आदमी है, जो कल आया था।

  4. ((d))

    जितना पानी जमा था, उतना बह गया।

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Answer: ((b))

कर्मचारियों की माँग है कि उन्हें पूरा वेतन दिया जाए।

'संज्ञा उपवाक्य' है- कर्मचारियों की माँग है कि उन्हें पूरा वेतन दिया जाए।

Key Points

  • यहाँ "कि उन्हें पूरा वेतन दिया जाए" मुख्य क्रिया 'माँग है' के पूरक के रूप में आया है।
  • जो गौण उपवाक्य प्रधान उपवाक्य का उद्देश्य (कर्ता), कर्म या पूरक बनकर संज्ञा अथवा सर्वनाम के स्थान पर प्रयुक्त हो, वह संज्ञा उपवाक्य कहलाता है।
  • जैसे - "उसने कहा कि मैं कल आऊँगा।" इस वाक्य में कि "मैं कल आऊँगा"। संज्ञा उपवाक्य है।

अन्य विकल्प -

  • "जिसे आप ढूँढ़ रहे हैं, वह आया ही नहीं।" — यह विशेषण उपवाक्य है (यहाँ 'जिसे' सर्वनाम संज्ञा की विशेषता बता रहा है)।
  • "यह वही आदमी है, जो कल आया था।" — यह भी विशेषण उपवाक्य है (यहाँ 'जो कल आया था' उस आदमी की विशेषता बता रहा है)।
  • "जितना पानी जमा था, उतना बह गया।" — यह क्रिया-विशेषण उपवाक्य है (यह परिमाणवाचक विशेषता बता रहा है)।

Important Points उपवाक्य - 

  • ऐसा पदसमूह, जिसका अपना अर्थ हो, जो एक वाक्य का भाग हो और जिसमें उदेश्य और विधेय हों, उपवाक्य कहलाता हैं।
  • उपवाक्यों के आरम्भ में अधिकतर कि, जिससे, ताकि, जो, जितना, ज्यों-त्यों, चूँकि, क्योंकि, यदि, यद्यपि, जब, जहाँ इत्यादि होते हैं।
  • ​उपवाक्य दो तरह के होते हैं - प्रधान उपवाक्य, आश्रित उपवाक्य।
  • आश्रित उपवाक्य तीन प्रकार के होते हैं -
  • विशेषण उपवाक्य, क्रियाविशेषण उपवाक्य और संज्ञा उपवाक्य।

Additional Information विशेषण उपवाक्य -

  • जो गौण उपवाक्य प्रधान उपवाक्य की संज्ञा, सर्वनाम या संज्ञा पदबंध की विशेषता बताए, वह विशेषण उपवाक्य कहलाता है।
  • ​इसमें ‘जो’, ‘जैसा’, ‘जितना’ इत्यादि शब्दों का प्रयोग होता हैं।
  • जैसे - जो लड़का खड़ा है, वह मेरा भाई है। इस वाक्य में "जो लड़का खड़ा है" विशेषण-उपवाक्य है।

क्रिया-विशेषण उपवाक्य -

  • जो गौण या आश्रित उपवाक्य मुख्य उपवाक्य की क्रिया की काल या स्थान आदि से सम्बद्ध विशेषता बताएँ, उन्हें क्रिया-विशेषण उपवाक्य कहते हैं।
  • इसमें प्रायः जब, जहाँ, जिधर, ज्यों, यद्यपि इत्यादि शब्दों का प्रयोग होता हैं। इसके द्वारा समय, स्थान, कारण, उद्देश्य, फल, अवस्था, समानता, मात्रा इत्यादि का बोध होता हैं।
  • जैसे- जब वर्षा होगी, तब किसान हल चलाएंगे। इस वाक्य में ‘जब वर्षा होगी’ क्रियाविशेषण-उपवाक्य हैं।
45

किस वाक्य में ‘कर्मवाच्य’ का प्रयोग नहीं हुआ है?

  1. ((a))

    चोर पकड़ा गया।

  2. ((b))

    वह बहुत देर से पढ़ रहा है।

  3. ((c))

    खेतों की जुताई की जा चुकी है।

  4. ((d))

    विद्यार्थियों द्वारा श्रमदान किया गया।

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Answer: ((b))

वह बहुत देर से पढ़ रहा है।

‘कर्मवाच्य’ का प्रयोग नहीं हुआ है- वह बहुत देर से पढ़ रहा है।

Key Points

  • यह कर्तृवाच्य है। यहाँ 'वह' (कर्ता) प्रधान है और क्रिया उसी के अनुसार है।
  • इसमें कर्मवाच्य का प्रयोग नहीं हुआ है। यहाँ क्रिया 'वह' के अनुसार पुल्लिंग एकवचन है।

अन्य विकल्प -

  • ​चोर पकड़ा गया: यहाँ 'पकड़ा गया' क्रिया का संबंध 'चोर' (कर्म) से है। पकड़ने वाले (कर्ता) का उल्लेख नहीं है।
  • खेतों की जुताई की जा चुकी है: इसमें 'खेतों' (कर्म) की प्रधानता है।
  • विद्यार्थियों द्वारा श्रमदान किया गया: यहाँ 'द्वारा' का प्रयोग हुआ है और क्रिया 'श्रमदान' (कर्म) के अनुसार है।

Additional Information

वाच्य:- - क्रिया के जिस रूपान्तर से यह ज्ञात हो कि वाक्य में प्रयुक्त क्रिया का प्रधान विषय कर्ता, कर्म अथवा भाव है, उसे वाच्य कहते हैं। वाच्य के तीन भेद हैं- - कर्तृवाच्य - कर्मवाच्य - भाववाच्य
वाच्यपरिभाषाउदाहरण
​कर्तृवाच्यजिस वाक्य में कर्ता मुख्य हो और क्रिया कर्ता के लिंग, वचन एवं पुरूष के अनुसार हो, उसे कर्तृवाच्य कहते है।मोहन पुस्तक पढ़ता है।
कर्मवाच्यजिस वाक्य में कर्म मुख्य हो तथा इसकी सकर्मक क्रिया के लिंग, वचन व पुरूष कर्म के अनुसार हो, उसे कर्मवाच्य कहते हैं।​मेरे द्वारा खाना खाया गया।
भाववाच्यजब वाक्य में न तो कर्ता की प्रधानता होती है और न कर्म की, बल्कि क्रिया का भाव प्रधान होता है, उसे भाववाच्य कहते हैं।मुझसे बैठा नहीं जाता।
46

निम्नलिखित शब्दों पर विचार कीजिए :

अ. आयुद्ध

ब. अंतर्धान

स. वाहिनी

द. उलंघन

किस विकल्प में सभी शब्द शुद्ध हैं?

  1. ((a))

    अ, ब

  2. ((b))

    ब, स

  3. ((c))

    स, द

  4. ((d))

    अ, द

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Answer: ((b))

ब, स

सभी शब्द शुद्ध हैं- ब, स

Key Points

  • 'अंतर्धान' और 'वाहिनी' शब्द पूर्णतः शुद्ध हैं।
  • 'अंतर्धान' का अर्थ है - ओझल हो जाना।
  • 'वाहिनी' का अर्थ है - सेना की टुकड़ी।
  • वर्तनी - भाषा के किसी शब्द को को लिखने में प्रयुक्त वर्णों के सही क्रम को वर्तनी कहते हैं।

अन्य विकल्प -

क्रमअशुद्ध शब्दशुद्ध शब्दशुद्धि का कारण
आयुद्धआयुधइसमें 'ध' का प्रयोग होता है, 'द्ध' का नहीं। इसका अर्थ 'शस्त्र' होता है।
उलंघनउल्लंघनइसमें द्वित्व व्यंजन 'ल्ल' का प्रयोग होता है (उत् + लंघन = उल्लंघन)।

Additional Information

शुद्धअशुद्ध
अनभिज्ञअनभिग्य
​कालिदासकालीदास
दुसाशनदुशासन
ग्रहस्थीगृहस्थी
पुष्पावलीपुष्पावलि
वाल्मीकिवाल्मीकी
माननीयमान्यनीय
संगृहीतसंग्रहीत
47

निम्नलिखित में ‘संकेतार्थ वृत्ति’ का उदाहरण है:

  1. ((a))

    उसने अपना कार्य कर लिया है।

  2. ((b))

    ईश्वर सबका भला करे।

  3. ((c))

    यदि तुम पढ़ाई करते तो उत्तीर्ण हो जाते।

  4. ((d))

    क्या तुम मेरा काम कर दोगे?

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Answer: ((c))

यदि तुम पढ़ाई करते तो उत्तीर्ण हो जाते।

‘संकेतार्थ वृत्ति’ का उदाहरण है: यदि तुम पढ़ाई करते तो उत्तीर्ण हो जाते।

Key Points

  • ‘संकेतार्थ वृत्ति’ का उदाहरण: "यदि तुम पढ़ाई करते तो उत्तीर्ण हो जाते।"
  • यह वाक्य दर्शाता है कि उत्तीर्ण होने की क्रिया (परिणाम) पढ़ाई करने (संकेत/शर्त) पर निर्भर थी।
  • इसमें एक क्रिया का होना दूसरी पर निर्भर करता है।

अन्य विकल्प-

  • (उसने अपना कार्य कर लिया है): यह निश्चयार्थ वृत्ति है, क्योंकि यहाँ क्रिया के होने की निश्चित सूचना मिल रही है।
  • (ईश्वर सबका भला करे): यह आज्ञार्थ या विधि-सूचक वृत्ति है, जिसमें शुभकामना या प्रार्थना का भाव है।
  • (क्या तुम मेरा काम कर दोगे?): यह प्रश्नार्थक वृत्ति है, जहाँ प्रश्न पूछा जा रहा है।

Additional Information'वृत्ति' -

  • हिंदी व्याकरण में 'वृत्ति' का अर्थ है- क्रिया के स्वरूप में होने वाला वह परिवर्तन जो यह बताता है
  • कि बोलने वाला (वक्ता) किस मनोदशा या किस उद्देश्य से बात कह रहा है।
  • व्याकरण के आधार पर वृत्ति को मुख्य रूप से इन श्रेणियों में बाँटा जाता है:
  • निश्चयार्थ वृत्ति : जिससे क्रिया के होने या न होने की निश्चितता का बोध हो। यह सामान्य सूचना देती है।
  • उदाहरण: "राम स्कूल जाता है।" (यह एक निश्चित सत्य है)
  • संकेतार्थ वृत्ति : जिसमें एक क्रिया का होना दूसरी क्रिया पर निर्भर (शर्त) हो। इसमें प्रायः 'यदि-तो' या 'यद्यपि-तथापि' का प्रयोग होता है।
  • उदाहरण: "यदि तुम बुलाते, तो मैं अवश्य आता।"
  • आज्ञार्थ वृत्ति : जिससे आदेश, प्रार्थना, सलाह, या आशीर्वाद का बोध हो।
  • उदाहरण: "कृपया मेरी मदद करें।" (प्रार्थना) या "वहाँ जाओ।" (आदेश)
  • संदेहार्थ व���त्ति : जिससे क्रिया के होने में अनिश्चितता या संदेह प्रकट हो।
  • उदाहरण: "शायद वह आज घर आ जाए।"
  • इच्छार्थ वृत्ति : जिससे वक्ता की अपनी इच्छा या शुभकामना प्रकट हो।
  • उदाहरण: "ईश्वर तुम्हें लंबी आयु दे।"
48

किस विकल्प में मनोविकार और उसे व्यंजित करने वाला विस्मयादिबोधक शब्द असंगत है?

  1. ((a))

    हर्ष - वाह वा !

  2. ((b))

    शोक - हाय !

  3. ((c))

    तिरस्कार - ओहो !

  4. ((d))

    आश्चर्य - क्या !

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Answer: ((c))

तिरस्कार - ओहो !

सही उत्तर है - तिरस्कार - ओहो !

Key Points

  • (तिरस्कार - ओहो !): यह असंगत है।
  • तिरस्कार (घृणा या अपमान) प्रकट करने के लिए 'धिक्', 'छिः' या 'हट' जैसे शब्दों का प्रयोग होता है।
  • क्योंकि 'ओहो !' शब्द का प्रयोग आश्चर्य, दुःख या सहानुभूति के लिए किया जाता है, न कि तिरस्कार के लिए।

अन्य विकल्प -

  • (हर्ष - वाह वा !): यह संगत है। 'वाह वाह' का प्रयोग प्रसन्नता और प्रशंसा व्यक्त करने के लिए होता है।
  • (शोक - हाय !): यह संगत है। 'हाय' शब्द दुख और शोक प्रकट करने के लिए प्रयुक्त होता है।
  • (आश्चर्य - क्या !): यह संगत है। 'क्या' शब्द विस्मय या आश्चर्य के भाव में प्रयुक्त होता है।

Additional Informationविस्मयादिबोधक शब्द-

  • वे अव्यय शब्द हैं जो हर्ष, शोक, घृणा, आश्चर्य, या डर जैसे तीव्र मनोभावों को प्रकट करते हैं।
  • ये शब्द वाक्य के अर्थ को प्रभावित किए बिना भावनाओं को व्यक्त करते हैं,
  • जैसे: वाह! (ख़ुशी), अरे! (आश्चर्य), छी! (घृणा), हाय! (दुःख)। इनके बाद अक्सर '!' (विस्मयादिबोधक चिह्न) लगता है। 
  • आश्चर्य: अरे! आप कब आए?
  • घृणा: छी! यहाँ कितनी गंदगी है।
49

किस विकल्प में भाववाच्य है?

  1. ((a))

    यह पुस्तक पढ़ी गई थी।

  2. ((b))

    मोहन से बैठा नहीं गया।

  3. ((c))

    तीन लुटेरे पकड़े गए।

  4. ((d))

    अशोक ने खाना खाया

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Answer: ((b))

मोहन से बैठा नहीं गया।

सही उत्तर है - मोहन से बैठा नहीं गया।

Key Points

  • "मोहन से बैठा नहीं गया" में बैठने की क्रिया के प्रति 'असमर्थता' व्यक्त की गई है।
  • इसमें कर्ता के साथ 'से' का प्रयोग हुआ है और क्रिया 'बैठा नहीं गया' भाव को दर्शा रही है। अतः यह भाववाच्य है।

अन्य विकल्प -

वाक्यवाच्यकारण
यह पुस्तक पढ़ी गई थी।कर्मवाच्ययहाँ क्रिया 'पढ़ी गई' कर्म ('पुस्तक') के अनुसार है।
तीन लुटेरे पकड़े गए।कर्मवाच्ययहाँ 'लुटेरे' कर्म के रूप में हैं, जिन पर क्रिया का प्रभाव पड़ रहा है।
अशोक ने खाना खाया।कर्तृवाच्ययहाँ क्रिया सीधे कर्ता ('अशोक') के अनुसार है।

Additional Information

वाच्य:- - क्रिया के जिस रूपान्तर से यह ज्ञात हो कि वाक्य में प्रयुक्त क्रिया का प्रधान विषय कर्ता, कर्म अथवा भाव है, उसे वाच्य कहते हैं। वाच्य के तीन भेद हैं- - कर्तृवाच्य - कर्मवाच्य - भाववाच्य
वाच्यपरिभाषाउदाहरण
​कर्तृवाच्यजिस वाक्य में कर्ता मुख्य हो और क्रिया कर्ता के लिंग, वचन एवं पुरूष के अनुसार हो, उसे कर्तृवाच्य कहते है।वह खाना खाता है।
कर्मवाच्यजिस वाक्य में कर्म मुख्य हो तथा इसकी सकर्मक क्रिया के लिंग, वचन व पुरूष कर्म के अनुसार हो, उसे कर्मवाच्य कहते हैं।उसके द्वारा खाना खाया जाता है।
भाववाच्यजब वाक्य में न तो कर्ता की प्रधानता होती है और न कर्म की, बल्कि क्रिया का भाव प्रधान होता है, उसे भाववाच्य कहते हैं।​मुझसे सोया जाता है।
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इनमें से किस वाक्य में निपात का प्रयोग नहीं हुआ है?

  1. ((a))

    लक्ष्मण भी राम के साथ वन में गए।

  2. ((b))

    कमला दिसम्बर में घूमने जाएगी।

  3. ((c))

    तुम कब तक आओगे ?

  4. ((d))

    मैं तो इस बारे में कुछ नहीं जानता।

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Answer: ((b))

कमला दिसम्बर में घूमने जाएगी।

वाक्य में निपात का प्रयोग नहीं हुआ है - कमला दिसम्बर में घूमने जाएगी।

Key Points

  • ​"कमला दिसम्बर में घूमने जाएगी" एक साधारण वाक्य है
  • जिसमें किसी निपात (जैसे- ही, भी, तो, तक, भर, मात्र) का प्रयोग नहीं हुआ है।
  • निपात शब्द वाक्य में किसी विशेष शब्द पर बल देने या अर्थ को विशेष भाव देने के लिए अतिरिक्त अव्यय के रूप में प्रयोग किए जाते हैं।

अन्य विकल्प -

  • लक्ष्मण भी राम के साथ वन में गए। : इसमें 'भी' निपात का प्रयोग हुआ है (जो लक्ष्मण के साथ होने पर बल दे रहा है)।
  • तुम कब तक आओगे ? : इसमें 'तक' निपात का प्रयोग हुआ है (जो समय की सीमा पर बल दे रहा है)।
  • मैं तो इस बारे में कुछ नहीं जानता। : इसमें 'तो' निपात का प्रयोग हुआ है (जो 'मैं' पर बल दे रहा है)।

Additional Informationनिपात- 

  • जब किसी भी बात पर अधिक बल दिया जाता है
  • या उस बात पर अतिरिक्त जोर देने के लिए जिन शब्दों का प्रयोग किया जाता है, उसे निपात कहते है।
  • ये वाक्य के भाव को स्पष्ट और प्रभावशाली बनाते हैं, लेकिन इनका अपना कोई स्वतंत्र लिंग या वचन नहीं होता है।
  • जैसे- मत, क्यों, नहीं, काश, जल्दी, केवल, हां, यथा- तक, मत, क्या, हाँ, भी, केवल, जी, नहीं, न, काश।
  • ‘काश! मैं भी घूमने जाती।’
51

इनमें से 'कर्मवाच्य' किस वाक्य में हैं?

  1. ((a))

    राम बचपन में नानी से कहानियाँ सुनता था।

  2. ((b))

    गर्मियों में लोग नदी किनारे नहाने जाते हैं।

  3. ((c))

    पहले लोग सिनेमा हॉल में फिल्में देखने जाते थे।

  4. ((d))

    'रामायण' सीरियल का निर्माण रामानन्द सागर द्वारा किया गया था।

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Answer: ((d))

'रामायण' सीरियल का निर्माण रामानन्द सागर द्वारा किया गया था।

'कर्मवाच्य' वाक्य में हैं- 'रामायण' सीरियल का निर्माण रामानन्द सागर द्वारा किया गया था।

Key Points

  • इस वाक्य में 'निर्माण' (कर्म) मुख्य है और कर्ता (रामानन्द सागर) के साथ 'द्वारा' लगा है।
  • क्रिया ('किया गया था') भी कर्म के लिंग-वचन के अनुसार है। अतः यह कर्मवाच्य है।

अन्य विकल्प -

वाक्यवाच्यकारण
राम बचपन में नानी से कहानियाँ सुनता था।कर्तृवाच्यक्रिया सीधे कर्ता (राम) पर निर्भर है।
गर्मियों में लोग नदी किनारे नहाने जाते हैं।कर्तृवाच्यक्रिया सीधे कर्ता (लोग) पर निर्भर है।
पहले लोग सिनेमा हॉल में फिल्में देखने जाते थे।कर्तृवाच्यक्रिया सीधे कर्ता (लोग) पर निर्भर है।

Additional Information

वाच्य:- - क्रिया के जिस रूपान्तर से यह ज्ञात हो कि वाक्य में प्रयुक्त क्रिया का प्रधान विषय कर्ता, कर्म अथवा भाव है, उसे वाच्य कहते हैं। वाच्य के तीन भेद हैं- - कर्तृवाच्य - कर्मवाच्य - भाववाच्य
वाच्यपरिभाषाउदाहरण
​कर्तृवाच्यजिस वाक्य में कर्ता मुख्य हो और क्रिया कर्ता के लिंग, वचन एवं पुरूष के अनुसार हो, उसे कर्तृवाच्य कहते है।सीता पत्र लिखती है।
कर्मवाच्यजिस वाक्य में कर्म मुख्य हो तथा इसकी सकर्मक क्रिया के लिंग, वचन व पुरूष कर्म के अनुसार हो, उसे कर्मवाच्य कहते हैं।सीता के द्वारा पत्र लिखा जाता है।
भाववाच्यजब वाक्य में न तो कर्ता की प्रधानता होती है और न कर्म की, बल्कि क्रिया का भाव प्रधान होता है, उसे भाववाच्य कहते हैं।सीता से बैठा नहीं जाता।
52

किस विकल्प के सभी शब्द पुल्लिंग हैं?

  1. ((a))

    कौआ, खरगोश, मंडल

  2. ((b))

    हीरा, मोती, मणि

  3. ((c))

    नथ, मूँगा, पन्ना

  4. ((d))

    हार, पायल, पुखराज

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Answer: ((a))

कौआ, खरगोश, मंडल

सभी शब्द पुल्लिंग हैं- कौआ, खरगोश, मंडल

Key Points

  • इस विकल्प के तीनों शब्द व्याकरणिक दृष्टि से पुल्लिंग हैं।
  • कौआ: नित्य पुल्लिंग।
  • खरगोश: नित्य पुल्लिंग।
  • मंडल: पुल्लिंग शब्द।
  • निष्कर्ष: तीनों पुल्लिंग हैं।

अन्य विकल्प -

  • 'हीरा' और 'मोती' पुल्लिंग हैं, लेकिन 'मणि' शब्द स्त्रीलिंग होता है (जैसे- "बहुमूल्य मणि खो गई")।
  • 'मूँगा' और 'पन्ना' पुल्लिंग हैं, लेकिन 'नथ' शब्द स्त्रीलिंग होता है (जैसे- "सुंदर नथ पहनी है")।
  • 'पुखराज' पुल्लिंग है, लेकिन 'हार' और 'पायल' शब्द स्त्रीलिंग की तरह प्रयुक्त होते हैं (जैसे- "सुंदर पायल पहनी")।

Additional Informationलिंग दो प्रकार के होते हैं-

  • पुल्लिंग - शब्द के जिस रूप से पुरुष जाति का बोध होता है, उसे पुल्लिंग कहते हैं।
  • ​जैसे- बकरा, घोड़ा, लड़का, आदमी, शेर, बन्दर, बालक, शिशु, राजा, राजकुमार आदि।
  • स्त्रीलिंग - शब्द के जिस रूप से व्यक्ति या वस्तु की स्त्री जाति का बोध होता है, उसे स्त्रीलिंग कहते हैं।
  • जैसे - माता, लड़की, भेड़, गाय, बंदरिया, शेरनी, नारी, रानी, राजकुमारी, बहन आदि।
53

वर्तनी की दृष्टि से किस विकल्प के सभी शब्द अशुद्ध हैं?

  1. ((a))

    बाहुल्यता, इकट्ठा

  2. ((b))

    धोका, धंधा

  3. ((c))

    भूक, झूट

  4. ((d))

    ब्राम्हण, आशीर्वाद

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Answer: ((c))

भूक, झूट

सही उत्तर है - भूक, झूट

Key Points

  • यहाँ दोनों शब्द अशुद्ध हैं। सही शब्द 'भूख' (बड़े 'ऊ' की मात्रा) और 'झूठ' (बड़े 'ऊ' की मात्रा) होते हैं।
  • वर्तनी - भाषा के किसी शब्द को को लिखने में प्रयुक्त वर्णों के सही क्रम को वर्तनी कहते हैं।

अन्य विकल्प -

शब्दस्थितिशुद्ध रूप
बाहुल्यता, इकट्ठाअशुद्धबहुलता, इकट्ठा
धोका, धंधाअशुद्धधोखा, धंधा
ब्राम्हण, आशीर्वादअशुद्धब्राह्मण, आशीर्वाद

Additional Informationकुछ अशुद्ध शब्द और शुद्ध शब्द -

अशुद्धशुद्ध
आशिर्वादआशीर्वाद
उज्जवलउज्ज्वल
कवियत्रीकवयित्री
ईमारतइमारत
कृत्यकृत्यकृतकृत्य
गृहणीगृहिणी
ज्योत्सनाज्योत्स्ना
दृष्टव्यद्रष्टव्य
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किस विकल्प में वर्तनी की दृष्टि से सभी शब्द शुद्ध हैं?

  1. ((a))

    प्रतिद्वन्द्वी, महती

  2. ((b))

    रचइता, एक्य

  3. ((c))

    धुरंदर, बजार

  4. ((d))

    सतत्, सरोजनी

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Answer: ((a))

प्रतिद्वन्द्वी, महती

सही उत्तर है - प्रतिद्वन्द्वी, महती

Key Points

  • वर्तनी की दृष्टि से 'प्रतिद्वन्द्वी' और 'महती' दोनों शब्द पूर्णतः शुद्ध हैं।
  • 'प्रतिद्वंद्वी' का अर्थ है - बराबरी का विरोधी, मुकाबला करने वाला, प्रतिस्पर्धी या शत्रु।
  • 'महती' का अर्थ है - ​बड़ी, महान, विशाल, उत्कृष्ट या महत्वपूर्ण होता है।
  • वर्तनी - भाषा के किसी शब्द को को लिखने में प्रयुक्त वर्णों के सही क्रम को वर्तनी कहते हैं।

अन्य विकल्प -

शब्दस्थितिशुद्ध रूप / व्याख्या
रचइता, एक्यअशुद्ध'रचइता' गलत है, शुद्ध शब्द 'रचयिता' है। ('एक्य' शुद्ध है)।
धुरंदर, बजारअशुद्ध'धुरंदर' और 'बजार' दोनों गलत हैं। शुद्ध रूप 'धुरंधर' और 'बाज़ार' हैं।
सतत्, सरोजनीअशुद्ध'सतत्' में हलंत नहीं आता (सतत) और 'सरोजनी' का शुद्ध रूप 'सरोजिनी' है।

Additional Informationकुछ अशुद्ध शब्द और शुद्ध शब्द -

अशुद्धशुद्ध
प्रदर्शिनीप्रदर्शनी
सन्यासीसंन्यासी
पुज्यनीयपूजनीय
अनाधिकारअनधिकार
प्रकृतिकप्राकृतिक
शमशानश्मशान
विरहणीविरहिणी
तत्कालिकतात्कालिक
55

'बहता पानी, रमता जोगी' लोकोक्ति का भावार्थ है

  1. ((a))

    बहते पानी की तरह जोगी की भी निरंतर गतिशीलता बनी रहती है।

  2. ((b))

    घुमक्कड़ व्यक्ति कभी एक जगह नहीं रुकता।

  3. ((c))

    ठहरा हुआ पानी और एक स्थान पर रुका हुआ योगी अपनी सार्थकता खो देते हैं।

  4. ((d))

    बहता हुआ पानी और निरंतर विचरण करता हुआ योगी समाज को गतिशील रहने का संदेश देते हैं।

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Answer: ((b))

घुमक्कड़ व्यक्ति कभी एक जगह नहीं रुकता।

'बहता पानी, रमता जोगी' लोकोक्ति का भावार्थ है - घुमक्कड़ व्यक्ति कभी एक जगह नहीं रुकता।

Key Points

  • 'बहता पानी, रमता जोगी' का अर्थ - घुमक्कड़ व्यक्ति कभी एक जगह नहीं रुकता।
  • वाक्य प्रयोग- उस लेखक ने जीवन भर नई-नई जगहें देखीं और लिखा, इसी को तो कहते हैं- "बहता पानी, रमता जोगी"।
  • लोकोक्ति - जब कोई पूरा कथन किसी प्रसंग विशेष में उद्धत किया जाता है, लोकोक्ति कहलाता है। इसी को कहावत कहते है।
  • जैसे - 'छोटा मुँह बड़ी बात' का अर्थ - कम उम्र या अनुभव वाले मनुष्य का लम्बी-चौड़ी बातें करना। वाक्य प्रयोग - किशन तो हमेशा "छोटा मुँह बड़ी बात करता है"। ​

Additional Information

लोकोक्तिअर्थवाक्य प्रयोग
अपनी डफली अपना रागसबका अपने-अपने मन की करना (तालमेल न होना)इस टीम में कोई किसी की बात नहीं सुनता, सब 'अपनी डफली अपना राग' अलापते रहते हैं।
आम के आम, गुठलियों के दामदोहरी खुशी या दोहरा लाभ होनामैंने पुरानी किताबें बेच दीं, तो पैसे भी मिल गए और घर की सफाई भी हो गई; सच में 'आम के आम, गुठलियों के दाम' हो गए।
दूर के ढोल सुहावनेदूर की वस्तुएं या स्थितियाँ अच्छी लगती हैंशहर जाकर रहने का सपना तो अच्छा लगता है, पर वहाँ के संघर्षों का पता चलने पर समझ आता है कि 'दूर के ढोल सुहावने' होते हैं।
चोर की दाढ़ी में तिनकादोषी व्यक्ति हमेशा सशंकित रहता हैजब शिक्षक ने क्लास में पूछा कि किसने कांच तोड़ा, तो वह लड़का घबरा गया, 'चोर की दाढ़ी में तिनका' वाली बात सही है।
जहाँ न पहुँचे रवि, वहाँ पहुँचे कविकवि की कल्पना असीमित होती हैकवि अपनी कविताओं में दुनिया के उन पहलुओं को छू लेते हैं, जिन्हें आम आदमी सोच भी नहीं सकता; इसीलिए कहते हैं—'जहाँ न पहुँचे रवि, वहाँ पहुँचे कवि'।
56

किस विकल्प में पुल्लिंग-स्त्रीलिंग युग्म गलत है?

  1. ((a))

    कवि - कवयित्री

  2. ((b))

    बाघ - बाघिन

  3. ((c))

    नेता - नेत्री

  4. ((d))

    मेंढक - मेढ़ा

Show Answer
Answer: ((d))

मेंढक - मेढ़ा

पुल्लिंग-स्त्रीलिंग युग्म गलत है - मेंढक - मेढ़ा

Key Points

  • 'मेंढक' का स्त्रीलिंग 'मेंढकी' होता है। 'मेढ़ा' का अर्थ 'नर भेड़' होता है।
  • पुल्लिंग - शब्द के जिस रूप से पुरुष जाति का बोध होता है, उसे पुल्लिंग कहते हैं।
  • जैसे- बकरा, घोड़ा, लड़का, आदमी, शेर, बन्दर, बालक, शिशु, राजा, राजकुमार आदि।
  • स्त्रीलिंग - शब्द के जिस रूप से व्यक्ति या वस्तु की स्त्री जाति का बोध होता है, उसे स्त्रीलिंग कहते हैं।
  • जैसे - माता, लड़की, भेड़, गाय, बंदरिया, शेरनी, नारी, रानी, राजकुमारी, बहन आदि।

अन्य विकल्प -

  • (कवि - कवयित्री): यह बिल्कुल सही युग्म है।
  • (बाघ - बाघिन): यह सही युग्म है।
  • (नेता - नेत्री): यह भी सही युग्म है।

Important Points

पुल्लिंगस्त्रीलिंग
वरवधू
अध्यापकअध्यापिका
भगवानभगवती
ठाकुरठकुराइन
महोदयमहोदया
दातादात्री
लेखकलेखिका
देवरदेवरानी
सम्राटसम्राज्ञी

Additional Informationलिंग दो प्रकार के होते हैं-

  1. पुल्लिंग
  2. स्त्रीलिंग
57

किस विकल्प में सभी शब्द 'पुल्लिंग' हैं?

  1. ((a))

    मछली, दौड़, मार्ग

  2. ((b))

    गिलहरी, समूह, कुटुंब

  3. ((c))

    तितली, झुंड, समूह

  4. ((d))

    पक्षी, चीता, पानी

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Answer: ((d))

पक्षी, चीता, पानी

सभी शब्द 'पुल्लिंग' हैं- पक्षी, चीता, पानी

Key Points

  • इस विकल्प के तीनों शब्द व्याकरणिक दृष्टि से पुल्लिंग हैं।
  • पक्षी: यह पुल्लिंग शब्द है (जैसे- "पक्षी उड़ रहा है")।
  • चीता: यह एक नित्य पुल्लिंग शब्द है। इसका स्त्रीलिंग 'मादा चीता' होता है।
  • पानी: यह सदैव पुल्लिंग शब्द है (जैसे- "पानी बह रहा है")।

अन्य विकल्प -

  • (मछली, दौड़, मार्ग): 'मछली' और 'दौड़' दोनों स्त्रीलिंग हैं। (मार्ग पुल्लिंग हैं)।
  • (गिलहरी, समूह, कुटुंब): 'गिलहरी' स्त्रीलिंग शब्द है (समूह और कुटुंब पुल्लिंग हैं)।
  • (तितली, झुंड, समूह): 'तितली' स्त्रीलिंग शब्द है (झुंड और समूह पुल्लिंग हैं)।

Important Points

  • नित्य स्त्रीलिंग शब्द वे हैं जो हमेशा स्त्रीलिंग रूप में ही प्रयोग होते हैं,
  • जैसे- मक्खी, मछली, कोयल, मैना, गिलहरी, छिपकली, तितली, दीमक, भेड़, लोमड़ी, मकड़ी, चील।
  • नित्य पुल्लिंग शब्द वे संज्ञा शब्द हैं जो सदा पुल्लिंग के रूप में ही प्रयुक्त होते हैं, चाहे वे नर के लिए हों या मादा के लिए।
  • ऐसे शब्दों में जीव-जंतुओं के नाम (जैसे कौआ, भेड़िया, मच्छर, खरगोश), खगोलीय पिंड (सूर्य, चंद्रमा) और दिन/महीनों के नाम प्रमुख हैं।

Additional Information लिंग दो ���्रकार के होते हैं-

  • पुल्लिंग - शब्द के जिस रूप से पुरुष जाति का बोध होता है, उसे पुल्लिंग कहते हैं।
  • ​जैसे- बकरा, घोड़ा, लड़का, आदमी, शेर, बन्दर, बालक, शिशु, राजा, राजकुमार आदि।
  • स्त्रीलिंग - शब्द के जिस रूप से व्यक्ति या वस्तु की स्त्री जाति का बोध होता है, उसे स्त्रीलिंग कहते हैं।
  • जैसे - माता, लड़की, भेड़, गाय, बंदरिया, शेरनी, नारी, रानी, राजकुमारी, बहन आदि।
58

‘ढाक के वही तीन पात’ लोकोक्ति का भावार्थ है

  1. ((a))

    परिणाम कुछ नहीं, बात वहीं की वहीं।

  2. ((b))

    ढाक के पत्ते तीन-तीन के समूह में होते हैं।

  3. ((c))

    पतझड़ में भी ढाक के कुछ पत्ते बचे रहते हैं।

  4. ((d))

    ढाक के उपयोगी पत्तों से सुन्दर दोने बनते हैं।

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Answer: ((a))

परिणाम कुछ नहीं, बात वहीं की वहीं।

‘ढाक के वही तीन पात’ लोकोक्ति का भावार्थ है - परिणाम कुछ नहीं, बात वहीं की वहीं।

Key Points

  • ‘ढाक के वही तीन पात’ का अर्थ- परिणाम कुछ नहीं, बात वहीं की वहीं।
  • वाक्य प्रयोग - उसे बार-बार समझाया गया कि अपनी कार्यप्रणाली सुधारो, लेकिन उसकी आदतें नहीं बदलीं; वही "ढाक के तीन पात वाली स्थिति है"।
  • लोकोक्ति - जब कोई पूरा कथन किसी प्रसंग विशेष में उद्धत किया जाता है, लोकोक्ति कहलाता है। इसी को कहावत कहते है।
  • जैसे - अपने मुँह मियाँ मिट्ठू = अपनी बड़ाई या प्रशंसा स्वयं करने वाला। वाक्य प्रयोग - रामू हमेशा "अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनता है"।

Additional Information

 

लोकोक्तिअर्थवाक्य प्रयोग
काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़तीकपट का व्यवहार हमेशा नहीं चलतातुमने मुझे एक बार धोखा दे दिया, लेकिन याद रखना, "काठ की हांडी बार-बार नहीं चढ़ती।"
गए थे रोजा छुड़ाने, नमाज़ गले पड़ीउपकार करने के बदले खुद मुसीबत में पड़ जानामैं तो उसे मुसीबत से निकालने गया था, पर उल्टा फँस गया - "गए थे रोजा छुड़ाने, नमाज़ गले पड़ी।"
जितनी लंबी चादर, उतने पैर पसारने चाहिएअपनी आय के अनुसार ही खर्च करना चाहिएआजकल की महंगाई में हमें अपनी "चादर देखकर ही पैर पसारने चाहिए।"
मुँह में राम, बगल में छुरीऊपर से मित्रता, मन में शत्रुता"वह तुम्हारा सबसे अच्छा दोस्त होने का नाटक करता है, लेकिन सावधान रहना - उसका हाल "मुँह में राम, बगल में छुरी जैसा है।"
सौ सुनार की, एक लुहार कीएक शक्तिशाली वार, सौ छोटे वारों के बराबर होता हैवह रोज छोटी-मोटी बातें सुनाता रहता है, पर कल बॉस ने उसे एक ऐसी फटकार लगाई कि सब चुप हो गए; यह तो "सौ सुनार की, एक लुहार की वाली बात हुई।"
59

‘मुद्दई सुस्त गवाह चुस्त’ लोकोक्ति का भावार्थ है:

  1. ((a))

    सुस्त व्यक्ति का काम चुस्त-दुरुस्त व्यक्ति से ही चलता है।

  2. ((b))

    सुस्त व्यक्ति को चुस्त व्यक्ति से सचेत रहना चाहिए।

  3. ((c))

    सुस्त और चुस्त व्यक्ति का बेमेल संयोग होना।

  4. ((d))

    जिसका काम हो उसकी अपेक्षा दूसरों का अधिक चिंतित होना।

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Answer: ((d))

जिसका काम हो उसकी अपेक्षा दूसरों का अधिक चिंतित होना।

‘मुद्दई सुस्त गवाह चुस्त’ लोकोक्ति का भावार्थ है: जिसका काम हो उसकी अपेक्षा दूसरों का अधिक चिंतित होना।

Key Points

  • ‘मुद्दई सुस्त गवाह चुस्त’ का अर्थ : जिसका काम हो उसकी अपेक्षा दूसरों का अधिक चिंतित होना।
  • वाक्य प्रयोग - देखो, परीक्षा में तुम्हें बैठना है, पर तुम हो कि अभी तक किताब नहीं खोली,
  • और तुम्हारे दोस्त तुम्हारी चिंता में दिन-रात पढ़ रहे हैं- इसे ही कहते हैं, 'मुद्दई सुस्त गवाह चुस्त'।
  • लोकोक्ति - जब कोई पूरा कथन किसी प्रसंग विशेष में उद्धत किया जाता है, लोकोक्ति कहलाता है। इसी को कहावत कहते है।
  • जैसे - 'इतनी-सी जान, गज भर की जुबा' का अर्थ - बहुत बढ़-बढ़ कर बातें करना,
  • वाक्य प्रयोग - चार साल की बच्ची जब बड़ी-बड़ी बातें करने लगी तो दादाजी बोले- "इतनी सी जान, गज भर की जुबान"।​

Additional Information

लोकोक्तिअर्थवाक्य प्रयोग
आँख का अंधा, नाम नयनसुखगुण के विरुद्ध नाम होना"उसका व्यवहार तो बहुत खराब है, फिर भी नाम 'सज्जन' रखा है- सच में "आँख का अंधा, नाम नयनसुख।"
घर का भेदी, लंका ढाएआपसी फूट से सर्वनाश होता है"हमें बाहरी दुश्मनों से ज्यादा अपने घर के गद्दारों से सावधान रहना चाहिए, क्योंकि "घर का भेदी लंका ढाए।"
चोर की दाढ़ी में तिनकादोषी व्यक्ति हमेशा सशंकित रहता है"शिक्षक के आते ही वह हड़बड़ा गया, इसे देख सब समझ गए कि "चोर की दाढ़ी में तिनका है।"
जहाँ चाह, वहाँ राहदृढ़ इच्छाशक्ति हो तो रास्ता मिल ही जाता है"उसने बिना किसी कोचिंग के यूपीएससी पास किया; सच है, "जहाँ चाह, वहाँ राह।"
नीम हकीम खतरे जानअधूरा ज्ञान हानिकारक होता है"बिना डिग्री वाले डॉक्टर से इलाज करवाना ठीक नहीं, क्योंकि "नीम हकीम खतरे जान होता है।"
बाप न मारी मेढ़की, बेटा तीरंदाजअपनी हैसियत से बढ़कर बातें करना"पिता ने कभी स्कूल नहीं देखा और बेटा कहता है कि वह विदेशों में रिसर्च करेगा - "बाप न मारी मेढ़की, बेटा तीरंदाज।"
60

'पानी में आग लगाना' मुहावरे का भावार्थ है

  1. ((a))

    असंभव कार्य करने का प्रयास करना

  2. ((b))

    पागलपन के काम करना

  3. ((c))

    जहाँ झगड़ा होना असंभव हो, वहाँ झगड़ा करवा देना

  4. ((d))

    लीक से हटकर कोई काम करना

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Answer: ((c))

जहाँ झगड़ा होना असंभव हो, वहाँ झगड़ा करवा देना

'पानी में आग लगाना' मुहावरे का भावार्थ है - जहाँ झगड़ा होना असंभव हो, वहाँ झगड़ा करवा देना

Key Points

  • 'पानी में आग लगाना' का अर्थ - जहाँ झगड़ा होना असंभव हो, वहाँ झगड़ा करवा देना,
  • वाक्य प्रयोग - उन दोनों भाइयों में बहुत प्रेम था, लेकिन रमेश ने अपनी बातों से उनके बीच "पानी में आग लगा दी"
  • मुहावरा - ऐसे वाक्यांश, जो सामान्य अर्थ का बोध न कराकर किसी विलक्षण अर्थ को प्रकट करते है, उसे मुहावरा कहते है।
  • उदाहरण के लिए - "खटिया सेना" का अर्थ - बीमार होना। वाक्य प्रयोग - माला की माँ बुखार के कारण "खटिया सेती है"।

अन्य विकल्प -

स्थितिकारण
गलतअसंभव कार्य के लिए 'आसमान के तारे तोड़ना' जैसे मुहावरे उपयुक्त होते हैं।
गलतयह मुहावरा पागलपन के लिए नहीं, बल्कि विवाद पैदा करने के लिए है।
गलतलीक से हटकर काम करने के लिए 'अनोखी राह चुनना' जैसे शब्दों का प्रयोग होता है।

Additional Information

 

मुहावराअर्थवाक्य प्रयोग
आग में घी डालनाक्रोधी को और अधिक भड़कानाजब पहले से ही बहस हो रही थी, तो उसका व्यंग्य करना "आग में घी डालने जैसा था"।
दाँतों तले उँगली दबानाहैरान या आश्चर्यचकित होनाजादूगर की कला देखकर दर्शकों ने "दाँतों तले उँगली दबा ली।"
तिल का ताड़ बनानाछोटी सी बात को बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कहनाउसकी आदत है हर छोटी बात पर "तिल का ताड़ बनाने की।"
सिर पर कफन बाँधनामरने के लिए तैयार रहनादेश के सैनिक सीमाओं पर सिर पर "कफन बाँधकर डटे रहते हैं।"
हवा से बातें करनाबहुत तेज़ दौड़नाचेतक घोड़ा इतना तेज़ था कि वह मानो "हवा से बातें कर रहा हो।"
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किस विकल्प में संयुक्त वाक्य नहीं है?

  1. ((a))

    मैं घर पहुँचा और नौकर बाजार गया ।

  2. ((b))

    मैं जयपुर जाऊँगा अथवा मोहन मुझसे मिलने यहीं आ जायेगा ।

  3. ((c))

    मेरा भाई बीमार है, अतः मैं उससे मिलने जाऊँगा।

  4. ((d))

    जहाँ अभी समुद्र है, वहाँ किसी समय जंगल था।

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Answer: ((d))

जहाँ अभी समुद्र है, वहाँ किसी समय जंगल था।

संयुक्त वाक्य नहीं है- जहाँ अभी समुद्र है, वहाँ किसी समय जंगल था।

Key Points

  • यहाँ मुख्य उपवाक्य के साथ 'जहाँ...वहाँ' जैसे योजक शब्दों का प्रयोग हुआ है,
  • जो क्रिया-विशेषण उपवाक्य (स्थानवाचक) बना रहे हैं। यह एक मिश्र वाक्य है।
  • ऐसे वाक्य जिनमें सरल वाक्य के साथ-साथ कोई दूसरा उपवाक्य भी हो, वे वाक्य मिश्र वाक्य कहलाते हैं।
  • मिश्र वाक्य में प्रधान वाक्य को आश्रित उपवाक्य से जोड़ने के लिए जो आपस में कि, जो, क्योंकि, जितना, उतना,
  • जैसा, वैसा, जब, तब, जहाँ, वहाँ, जिधर, उधर, अगर/यदि, तो, यद्यपि, तथापि आदि का प्रयोग किया जाता है।
  • उदाहरण - यह वही आदमी है जिसे आप ढूँढ़ रहे थे।

Important Pointsरचना के आधार पर वाक्य भेद -

  • रचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते हैं।
  • सरल वाक्य
  • मिश्रित वाक्य
  • संयुक्त वाक्य

Additional Information 

वाक्यपरिभाषाउदाहरण
सरलऐसा वाक्य जिसमे एक ही क्रिया एवं एक ही कर्ता होता है या जिस वाक्य में एक ही उद्देश्य एवं एक ही विधेय होता है, वे वाक्य सरल वाक्य कहलाते हैं।​आलसी होने के कारण वह फेल हो गया।
संयुक्त​ऐसा वाक्य जिसमे दो या दो से अधिक उपवाक्य हो एवं सभी उपवाक्य प्रधान हों, ऐसे वाक्य को सयुंक्त वाक्य कहते हैं।  ​सयुंक्त वाक्य में दो या दो से अधिक सरल वाक्यों को और, एवं, तथा, या, अथवा, इसलिए, अतः, तो, नहीं तो, किन्तु, परन्तु, लेकिन, पर आदि का प्रयोग करके जोड़ा जाता है।उसने बहुत परिश्रम किया परंतु वह अनुत्तीर्ण हो गया।
62

'वह अपने मित्र के लिए पत्र लिखता होगा।' उक्त वाक्य किस काल से संबंधित है?

  1. ((a))

    संदिग्ध भूत

  2. ((b))

    संदिग्ध वर्तमान

  3. ((c))

    सामान्य भविष्यत्

  4. ((d))

    संभाव्य भविष्यत्

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Answer: ((b))

संदिग्ध वर्तमान

'वह अपने मित्र के लिए पत्र लिखता होगा।' उक्त वाक्य काल से संबंधित है- संदिग्ध वर्तमान

Key Points

  • "वह अपने मित्र के लिए पत्र लिखता होगा" वाक्य संदिग्ध वर्तमान काल से संबंधित है।
  • यहाँ 'लिखता' (वर्तमानकालिक कृदंत) के साथ 'होगा' का प्रयोग यह दर्शाता है कि वर्तमान में कार्य जारी रहने का अनुमान या संदेह किया जा रहा है।
  • क्रिया के जिस रूप से वर्तमान काल क्रिया के होने या करने पर शक हो, उसे संदिग्ध वर्तमान काल कहते है।
  • अथार्त जिन वाक्यों के अंत में ता होगा, ती होगी, ते होंगे आदि आते हैं, उसे संदिग्ध वर्तमान काल कहते हैं।
  • जैसे- पिताजी दफ्तर में काम कर रहे होंगे , दिल्ली में बहुत बरसात होती होगी।

Additional Informationसंदिग्ध भूतकाल:-

  • क्रिया के जिस रूप से अतीत में हुए या करे हुए कार्य पर संदेह प्रकट किया जाये, उसे संदिग्ध भूतकाल कहते हैं।
  • जिन वाक्यों के अंत में गा, गे, गी आदि आते हैं, वे संदिग्ध भूतकाल होते हैं।
  • जैसे-
  • राम ने पढ़ाई की होगी।
  • ट्रेन समय पर पहुँच गई होगी।

सामान्य भविष्य काल-

  • क्रिया के जिस रूप से क्रिया के सामान्य रूप का भविष्य में होने का पता चले उसे सामान्य भविष्य काल कहते हैं।
  • जिन शब्दों के अंत में ए गा, ए गी, ए गे आदि आते हैं उन्हें सामान्य भविष्य काल क हते हैं।
  • जैसे -
  • मैं कल स्कूल जाऊंगा।
  • वह अगली बार आएगा।

संभाव्य भविष्य काल-

  • क्रिया के जिस रूप से भविष्य में कार्य होने या करने की संभावना का पता चले उसे संभाव्य भविष्य काल कहते हैं।
  • इसमें क्रिया अनिश्चित होती है, "शायद," "हो सकता है," "संभवतः" जैसे शब्दों का प्रयोग अधिक होता है।
  • जैसे -
  • हो सकता है, वह कल आए।
  • शायद चोर पकड़ा जाए।
63

निम्नलिखित में पूर्णभूतकाल से संबंधित वाक्य है:

  1. ((a))

    वह अपने दोस्तों के साथ खेलने गया।

  2. ((b))

    वह घर जा रहा था।

  3. ((c))

    सावधानी से चलते तो दुर्घटना नहीं होती।

  4. ((d))

    मैं आवश्यक कार्य से जयपुर गया था।

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Answer: ((d))

मैं आवश्यक कार्य से जयपुर गया था।

पूर्णभूतकाल से संबंधित वाक्य है: मैं आवश्यक कार्य से जयपुर गया था।

Key Points

  • "गया था" यह दर्शाता है कि जयपुर जाने की क्रिया पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। यह पूर्ण भूतकाल का सटीक उदाहरण है।
  • क्रिया के जिस रूप से यह ज्ञात हो कि कार्य पहले ही पूरा हो चुका है, उसे पूर्ण भूतकाल कहते हैं।
  • इन वाक्यों के अंत में था, थी, थे, चूका था, चुकी थी, चुके थे आदि आते हैं।
  • जैसे-
  • बच्चे खेल चुके थे।
  • वर्षा हो चुकी थी।

अन्य विकल्प-

  • (वह अपने दोस्तों के साथ खेलने गया): यह सामान्य भूतकाल है।
  • यहाँ 'था' का प्रयोग नहीं है, जो क्रिया के हाल ही में या बिना पूर्णता के बोध के सामान्य समापन को दर्शाता है।
  • (वह घर जा रहा था): यह अपूर्ण भूतकाल (या तात्कालिक भूतकाल) है,
  • क्योंकि क्रिया भूतकाल में शुरू तो हुई थी, लेकिन पूरी नहीं हुई थी (जारी थी)।
  • (सावधानी से चलते तो दुर्घटना नहीं होती): यह हेतुहेतुमद् भूतकाल है।
  • इसमें एक क्रिया का होना दूसरी शर्त पर निर्भर होता है।

Important Pointsभूतकाल के प्रकार-

  • सामान्य भूतकाल
  • आसन्न भूतकाल
  • पूर्ण भूतकाल
  • अपूर्ण भूतकाल
  • संदिग्ध भूतकाल
  • हेतुहेतुमद् भूतकाल

Additional Information 

सामान्य भूतकाल:- - जब क्रिया के होने की समाप्ति सामान्य रूप से बीते हुए समय में होती है, किन्तु इससे यह बोध नहीं होता कि क्रिया समाप्त हुए थोड़ी देर हुई है या अधिक वहाँ सामान्य भूतकाल होता है। - जिन वाक्यों के अंत में आ, ई, ए, था, थी, थे आते हैं, वे सामान्य भूतकाल होता है। जैसे- - राम ने रावण को मारा। - वह कल दिल्ली गया। अपूर्ण भूतकाल:- - क्रिया के जिस रूप से कार्य के भूतकाल में शुरू होने का पता चले लेकिन खत्म होने का पता न चले उसे अपूर्ण भूतकाल कहते हैं। पहचान:- जिन वाक्यों के अंत में रहा था, रही थी, रहे थे आदि आते हैं वे अपूर्ण भूतकाल होते हैं। जैसे- - बारिश हो रही थी। - माताजी खाना बना रही थीं। हेतुहेतुमद् भूतकाल:- - ​‘हेतु’ का अर्थ है – कारण। जहाँ भूतकाल में किसी कार्य के न हो सकने का वर्णन कारण के साथ दो वाक्यों में दिया गया हो, वहाँ हेतुहेतुमद् भूतकाल होता है। जैसे-​ - यदि वह पढ़ता, तो पास हो जाता। - यदि वह समय पर चलता, तो गाड़ी मिल जाती।
64

'मुझे ये पुस्तकें मित्रों को देनी हैं।' उक्त वाक्य में 'उद्देश्य' है-

  1. ((a))

    मुझे

  2. ((b))

    ये पुस्तकें

  3. ((c))

    मित्रों को

  4. ((d))

    देनी हैं

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Answer: ((a))

मुझे

'मुझे ये पुस्तकें मित्रों को देनी हैं।' उक्त वाक्य में 'उद्देश्य' है- मुझे

Key Points

  • मुझे: यह कर्ता है, इसलिए यह उद्देश्य है।
  • ये पुस्तकें: यह कर्म है।
  • मित्रों को: यह संप्रदान कारक है।
  • देनी हैं: यह क्रिया है।
  • यहाँ 'ये पुस्तकें मित्रों को देनी हैं' पूरा भाग विधेय है।

Additional Information

  • वाक्य के मुख्य रूप से दो भाग (अंग) होते हैं: उद्देश्य और विधेय।
  • उद्देश्य- वाक्य में जिसके बारे में कुछ कहा जाए, उसे उद्देश्य कहते हैं।
  • जैसे- "किसान खेत जोत रहा है" में 'किसान'। (उद्देश्य)।
  • विधेय - उद्देश्य के बारे में जो कुछ कहा जाता है, उसे विधेय कहते हैं।
  • जैसे- "किसान खेत जोत रहा है" में 'खेत जोत रहा है'। (विधेय)।
65

इनमें से किस विकल्प में मिश्र वाक्य नहीं है?

  1. ((a))

    सामने वाले विशाल भवन के एक कक्ष में तीन छात्र व्याकरण की एक पुस्तक पढ़ रहे हैं।

  2. ((b))

    जब बरसात रुकी, तब हम लोग घर गये।

  3. ((c))

    सब चाहते हैं कि लोग स्वस्थ रहें।

  4. ((d))

    जिस शहर में वह गया था, वहाँ 'कोरोना' का कोई मरीज़ नहीं था।

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Answer: ((a))

सामने वाले विशाल भवन के एक कक्ष में तीन छात्र व्याकरण की एक पुस्तक पढ़ रहे हैं।

मिश्र वाक्य नहीं है- सामने वाले विशाल भवन के एक कक्ष में तीन छात्र व्याकरण की एक पुस्तक पढ़ रहे हैं।

Key Points

  • यह एक सरल वाक्य है। इसमें एक ही मुख्य क्रिया ('पढ़ रहे हैं') है और कोई आश्रित उपवाक्य नहीं है।
  • उद्देश्य (छात्र) और विधेय का विस्तार होने के बावजूद इसमें कोई योजक शब्द (जैसे- कि, जब, जो) नहीं है।
  • ऐसे वाक्य जिनमें सरल वाक्य के साथ-साथ कोई दूसरा उपवाक्य भी हो, वे वाक्य मिश्र वाक्य कहलाते हैं।
  • मिश्र वाक्य में प्रधान वाक्य को आश्रित उपवाक्य से जोड़ने के लिए जो आपस में कि, जो, क्योंकि, जितना, उतना,
  • जैसा, वैसा, जब, तब, जहाँ, वहाँ, जिधर, उधर, अगर/यदि, तो, यद्यपि, तथापि आदि का प्रयोग किया जाता है।
  • ​उदाहरण - जो छात्र मेहनत करते हैं, वे सफल होते हैं।

अन्य विकल्प -  (ये सभी मिश्र वाक्य हैं)

  • यह 'जब...तब' से जुड़ा है, जो कालवाचक मिश्र वाक्य है।
  • यह 'कि' योजक से जुड़ा है, जो संज्ञा उपवाक्य युक्त मिश्र वाक्य है।
  • यह 'जिस...वहाँ' से जुड़ा है, जो विशेषण/क्रिया-विशेषण उपवाक्य युक्त मिश्र वाक्य है।

Important Points रचना के आधार पर वाक्य भेद -

  • रचना के आधार पर वाक्य तीन प्रकार के होते हैं।
  • सरल वाक्य
  • मिश्रित वाक्य
  • संयुक्त वाक्य

Additional Information 

वाक्यपरिभाषाउदाहरण
सरलऐसा वाक्य जिसमे एक ही क्रिया एवं एक ही कर्ता होता है या जिस वाक्य में एक ही उद्देश्य एवं एक ही विधेय होता है, वे वाक्य सरल वाक्य कहलाते हैं।​​गांधीजी का नाम सबने सुना है।
संयुक्त​ऐसा वाक्य जिसमे दो या दो से अधिक उपवाक्य हो एवं सभी उपवाक्य प्रधान हों, ऐसे वाक्य को सयुंक्त वाक्य कहते हैं।  ​सयुंक्त वाक्य में दो या दो से अधिक सरल वाक्यों को और, एवं, तथा, या, अथवा, इसलिए, अतः, तो, नहीं तो, किन्तु, परन्तु, लेकिन, पर आदि का प्रयोग करके जोड़ा जाता है।उसने बहुत परिश्रम किया परंतु वह अनुत्तीर्ण हो गया।
66

किस विकल्प में शुद्ध वाक्य है?

  1. ((a))

    मुझसे यह काम संभव नहीं हो सकता।

  2. ((b))

    शब्द केवल संकेतमात्र है ।

  3. ((c))

    चाहे जैसे हो, तुम वहाँ जाओ।

  4. ((d))

    थोड़ी देर बाद वे वापस लौट आये।

Show Answer
Answer: ((c))

चाहे जैसे हो, तुम वहाँ जाओ।

शुद्ध वाक्य है- चाहे जैसे हो, तुम वहाँ जाओ।

Key Points

  • शुद्ध वाक्य - चाहे जैसे हो, तुम वहाँ जाओ।
  • वाक्य में लिंग, वचन, पुरुष, काल, कारक आदि का क्रिया के साथ ठीक-ठीक मेल हो, उसे शुद्ध वाक्य कहते है।

अन्य विकल्प -

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्यकारण
मुझसे यह काम संभव नहीं हो सकता।मुझसे यह काम नहीं हो सकतापुनरुक्ति दोष
शब्द केवल संकेत मात्र है।शब्द केवल संकेत है।पुनरुक्ति दोष
थोड़ी देर बाद वे वापस लौट आये।थोड़ी देर बाद वे लौट आये।पुनरुक्ति दोष

Additional Information

अशुद्ध वाक्य (पुनरुक्ति दोष)शुद्ध वाक्य
वह वापस लौट आया।वह लौट आया। (या 'वापस आ गया')
कृपया शीघ्र जल्दी आइये।कृपया शीघ्र आइये।
वह प्रातःकाल के समय टहलता है।वह प्रातःकाल टहलता है।
यह अत्यधिक भयंकर दुर्घटना थी।यह भयंकर दुर्घटना थी।
वह सपरिवार के साथ दिल्ली गया।वह सपरिवार दिल्ली गया।
उसने आपस में परस्पर लड़ाई की।उसने परस्पर लड़ाई की।
यह मेरे पास अतिरिक्त फालतू पेन है।यह मेरे पास फालतू पेन है।
67

किस विकल्प में अशुद्ध वाक्य है?

  1. ((a))

    उसने मुझे नाश्ता खिलाया।

  2. ((b))

    अब घर में मेरा जी नहीं लगता।

  3. ((c))

    मुझसे अनजाने में दूध गिर गया।

  4. ((d))

    प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है कि देश की एकता बनाए रखने में सहयोग करे।

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Answer: ((a))

उसने मुझे नाश्ता खिलाया।

अशुद्ध वाक्य है - उसने मुझे नाश्ता खिलाया।

Key Points 

  • अशुद्ध वाक्य: "उसने मुझे नाश्ता खिलाया।"
  • कारण: हिंदी में 'नाश्ता' (या भोजन) के साथ 'खिलाना' क्रिया का प्रयोग तब किया जाता है
  • जब कोई दूसरे को खिला रहा हो। परंतु 'नाश्ता करना' स्वयं के लिए एक स्वाभाविक क्रिया है।
  • यदि कोई किसी को नाश्ता कराता है, तो वह 'नाश्ता कराया' होता है, 'खिलाया' नहीं।
  • (यहाँ 'कराया' अधिक उपयुक्त और शुद्ध है)।
  • शुद्ध वाक्य: "उसने मुझे नाश्ता कराया।"

अन्य विकल्प -

  • "अब घर में मेरा जी नहीं लगता।" (यह मुहावरे के प्रयोग की दृष्टि से बिल्कुल सही है)।
  • "मुझसे अनजाने में दूध गिर गया।" (यह वाक्य भी शुद्ध है, इसमें कोई दोष नहीं है)।
  • "प्रत्येक नागरिक का कर्त्तव्य है कि देश की एकता बनाए रखने में सहयोग करे।" (यह वाक्य संरचना की दृष्टि से पूर्णतः शुद्ध है)।

Additional Informationक्रिया संबंधी अशुद्धियाँ - 

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
मैंने आज खाना खा लिया है।मैंने आज खाना खाया है।
​वह पढ़ना माँगता है।वह पढ़ना चाहता है।
यहाँ बैठे-बैठे मन ऊब आया है।यहाँ बैठे-बैठे मन ऊब गया है।
उसने मुझे गाली निकालीउसने मुझे गाली दी।
मैं आप सबको धन्यवाद करता हूँ।मैं आप सबको धन्यवाद देता हूँ।
68

इनमें से शुद्ध वाक्य कौन सा है?

  1. ((a))

    टिड्डियों की मंडली सारी फसल नष्ट कर गई।

  2. ((b))

    मैं आपके सुखी जीवन की अपेक्षा करता हूँ।

  3. ((c))

    वह पेट के लिए नाक घिसता फिरता है।

  4. ((d))

    जंगल से एक भेड़िया गाँव में आ गया।

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Answer: ((d))

जंगल से एक भेड़िया गाँव में आ गया।

शुद्ध वाक्य है- जंगल से एक भेड़िया गाँव में आ गया।

Key Points

  • शुद्ध वाक्य - जंगल से एक भेड़िया गाँव में आ गया।
  • वाक्य में लिंग, वचन, पुरुष, काल, कारक आदि का क्रिया के साथ ठीक-ठीक मेल हो, उसे शुद्ध वाक्य कहते है।

अन्य विकल्प -

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
टिड्डियों की मंडली सारी फसल नष्ट कर गई।टिड्डि��ों के दल ने सारी फसल नष्ट कर दी।
मैं आपके सुखी जीवन की अपेक्षा करता हूँ।मैं आपके सुखी जीवन की कामना करता हूँ।
वह पेट के लिए नाक घिसता फिरता है।​वह पेट की खातिर नाक रगड़ता फिरता है।

Additional Informationशब्द -अर्थ संबंधी अशुद्धियाँ-

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
कृपया मेरे घर की सौजन्य बढ़ाइये।कृपया मेरे घर की शोभा बढ़ाइये।
यह काम करना मेरी विपत्ति है।यह काम करना मेरी विवशता है।
वह एक कुशल (चालाक) चोर है।वह एक कुख्यात चोर है।
सभा में अनेक लोग उपस्थित थे।सभा में बहुत से लोग उपस्थित थे।
मुझे भारी प्यास लगी है।मुझे बहुत प्यास लगी है।
यह एक गूढ़ रहस्य है।यह एक गुप्त रहस्य है।
उसने साधुवाद (धन्यवाद) के योग्य काम किया।उसने प्रशंसा के योग्य काम किया।
69

सही विराम चिह्न युक्त वाक्य कौन सा है?

  1. ((a))

    गुरुवार 20 मार्च, से परीक्षाएँ प्रारंभ होंगी।

  2. ((b))

    वह नहीं जानता कि मैं क्या चाहता हूँ?

  3. ((c))

    सूर्यास्त हुआ, आकाश लाल हुआ, पक्षी घोंसलों में लौट आए, और धीर-धीरे अँधेरा फैलने लगा ।

  4. ((d))

    वह ऐसा क्यों कहता है कि हम वहाँ नहीं जाएँगे?

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Answer: ((d))

वह ऐसा क्यों कहता है कि हम वहाँ नहीं जाएँगे?

सही विराम चिह्न युक्त वाक्य है- वह ऐसा क्यों कहता है कि हम वहाँ नहीं जाएँगे?

Key Points

  • सही वाक्य​ - वह ऐसा क्यों कहता है कि हम वहाँ नहीं जाएँगे?
  • "वह ऐसा क्यों कहता है कि हम वहाँ नहीं जाएँगे?" यह एक प्रश्नवाचक वाक्य है,
  • जिसमें प्रश्नवाचक शब्द 'क्यों' का प्रयोग हुआ है,
  • इसलिए अंत में प्रश्नवाचक चिह्न (?) का प्रयोग व्याकरण की दृष्टि से पूर्णतः सही है।

अन्य विकल्प -

वाक्यत्रुटिसुधार के बाद वाक्य
गुरुवार 20 मार्च**,** से परीक्षाएँ प्रारंभ होंगी।यहाँ अल्पविराम (,) का प्रयोग अनावश्यक है।"गुरुवार 20 मार्च से परीक्षाएँ प्रारंभ होंगी।"
वह नहीं जानता कि मैं क्या चाहता हूँ**?**यह प्रश्नवाचक वाक्य नहीं है (यह एक आश्रित उपवाक्य है)।"वह नहीं जानता कि मैं क्या चाहता हूँ।" (पूर्ण विराम होना चाहिए)।
सूर्यास्त हुआ, आकाश लाल हुआ, पक्षी घोंसलों में लौट आए**,** और धीर-धीरे अँधेरा फैलने लगा ।जहाँ 'और' का प्रयोग हो, वहाँ उससे पहले अल्पविराम नहीं लगता।"सूर्यास्त हुआ, आकाश लाल हुआ, पक्षी घोंसलों में लौट आए और धीरे-धीरे अँधेरा फैलने लगा।"

Important Points 

अल्प विराम:- - वाक्य के बीच में विराम उत्पन्न करने वाले विराम चिह्न को अल्प विराम (,) कहते हैं। जैसे- - मेरे भाई दिल्ली से मिठाई, कपड़े, फल, किताबे, मोबाइल आदि चीज़े लेकर आया है। पूर्ण विराम चिह्न:- - जहाँ एक बात पूरी हो जाये या वाक्य समाप्त हो जाये वहाँ पूर्ण विराम (।) चिह्न लगाया जाता है। जैसे- - पढ़ रहा हूँ। प्रश्नवाचक चिह्न:- - जब किसी से कोई बात पूछी जाती है अथवा कोई प्रश्न पूछा जाता है, तब वाक्य के अंत में प्रश्नसूचक-चिह्न का प्रयोग किया जाता है। जैसे- - तुम कहाँ जा रहे हो?

Additional Informationविराम चिह्न के प्रकार -

विराम चिह्न का नामविराम चिह्न
पूर्ण विराम(।)
अर्द्ध विराम(;)
अल्प विराम(,)
उप विराम(:)
प्रश्नवाचक चिह्न(?)
योजक चिह्न(–)
कोष्ठक चिह्न()
अवतरण या उदहारणचिह्न( “…” )
विस्मयादिबोदक चिह्न[ ! ]
लाघव चिन्ह/ संक्षेपसूचक(०)
निर्देशक चिह्न[ — ]
विवरण चिह्न( :- )
विस्मरण चिह्न या त्रुटिपूरक चिह्न/हंसपद(^)
70

निम्नलिखित में क्रिया-विशेषण उपवाक्य है:

  1. ((a))

    गुरुजी ने कहा कि कल अवकाश रहेगा।

  2. ((b))

    जैसी तलाश थी वैसी नौकरी मिल गई।

  3. ((c))

    मैं जानता हूँ कि वह कल नहीं आएगा।

  4. ((d))

    वह पुस्तक कहाँ है जो मैं लाया था।

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Answer: ((b))

जैसी तलाश थी वैसी नौकरी मिल गई।

क्रिया-विशेषण उपवाक्य है: जैसी तलाश थी वैसी नौकरी मिल गई।

Key Points

  • 'जैसी तलाश थी' यह उपवाक्य नौकरी मिलने के 'ढंग' या 'प्रकार' (रीति) को दर्शा रहा है। अतः यह क्रिया-विशेषण उपवाक्य है।
  • जो गौण या आश्रित उपवाक्य मुख्य उपवाक्य की क्रिया की काल या स्थान आदि से सम्बद्ध विशेषता बताएँ, उन्हें क्रिया-विशेषण उपवाक्य कहते हैं।
  • इसमें प्रायः जब, जहाँ, जिधर, ज्यों, यद्यपि इत्यादि शब्दों का प्रयोग होता हैं।
  • इसके द्वारा समय, स्थान, कारण, उद्देश्य, फल, अवस्था, समानता, मात्रा इत्यादि का बोध होता हैं।
  • जैसे- जब वर्षा होगी, तब फसल अच्छी होगी। इस वाक्य में ‘जब वर्षा होगी’ क्रियाविशेषण-उपवाक्य हैं।

अन्य विकल्प-

  • "गुरुजी ने कहा कि कल अवकाश रहेगा।" — यह संज्ञा उपवाक्य है (यहाँ 'कि' योजक का प्रयोग हुआ है)।
  • "मैं जानता हूँ कि वह कल नहीं आएगा।" — यह भी संज्ञा उपवाक्य है।
  • "वह पुस्तक कहाँ है जो मैं लाया था।" — यह विशेषण उपवाक्य है (यहाँ 'जो' पुस्तक की विशेषता बता रहा है)।

Important Points 

  • उपवाक्य - ऐसा पदसमूह, जिसका अपना अर्थ हो, जो एक वाक्य का भाग हो और जिसमें उदेश्य और विधेय हों, उपवाक्य कहलाता हैं।
  • उपवाक्यों के आरम्भ में अधिकतर कि, जिससे, ताकि, जो, जितना, ज्यों-त्यों, चूँकि, क्योंकि, यदि, यद्यपि, जब, जहाँ इत्यादि होते हैं।
  • ​उपवाक्य दो तरह के होते हैं - प्रधान उपवाक्य, आश्रित उपवाक्य।
  • आश्रित उपवाक्य तीन प्रकार के होते हैं -
  • विशेषण उपवाक्य, क्रियाविशेषण उपवाक्य और संज्ञा उपवाक्य।

Additional Information संज्ञा उपवाक्य -

  • जो गौण उपवाक्य प्रधान उपवाक्य का उद्देश्य (कर्ता), कर्म या पूरक बनकर संज्ञा अथवा सर्वनाम के स्थान पर प्रयुक्त हो, वह संज्ञा उपवाक्य कहलाता है।
  • पहचान: यह प्रायः 'कि' योजक से शुरू होता है।
  • जैसे - "राम ने कहा कि मैं कल नहीं आऊँगा।" इस वाक्य में कि मैं कल नहीं आऊँगा।" संज्ञा उपवाक्य है।

विशेषण उपवाक्य - 

  • जो गौण उपवाक्य प्रधान उपवाक्य की संज्ञा, सर्वनाम या संज्ञा पदबंध की विशेषता बताए, वह विशेषण उपवाक्य कहलाता है।
  • ​​पहचान: यह जो, जिसे, जिसने, जिसको, जिसका आदि शब्दों से शुरू होता है।
  • जैसे - वह लड़का, जो कमरे में बैठा है, मेरा भाई है। इस वाक्य में "जो कमरे में बैठा है।" विशेषण-उपवाक्य है।
71

निम्नलिखित में किस विकल्प में अशुद्ध वाक्य है?

  1. ((a))

    सविता ने आज एक सोने का हार खरीदा।

  2. ((b))

    दादू वाणी की हस्तलिखित प्रति उपलब्ध है ।

  3. ((c))

    यहाँ सभी प्रकार की दवाइयाँ मिलती हैं।

  4. ((d))

    शिवाजी ने शत्रु-सेना को नाकों चने चबवाये।

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Answer: ((a))

सविता ने आज एक सोने का हार खरीदा।

अशुद्ध वाक्य है- सविता ने आज एक सोने का हार खरीदा।

Key Points

  • अशुद्ध वाक्य: "सविता ने आज एक सोने का हार खरीदा।"
  • त्रुटि: यहाँ पदक्रम संबंधी दोष है।
  • 'सोने का हार' में 'सोने' उस वस्तु की विशेषता (पदार्थ) बता रहा है।
  • नियम यह है कि विशेषण को संज्ञा के यथासंभव पास होना चाहिए।
  • शुद्ध वाक्य: "सविता ने आज सोने का एक हार खरीदा।"
  • (यहाँ 'एक' और 'सोने का' का सही स्थान महत्वपूर्ण है)।

Important Points पदक्रम-

  • किसी वाक्य में शब्दों या पदों के व्यवस्थित होने के तरीके को कहते हैं,
  • जिससे वाक्य का सही और स्पष्ट अर्थ निकलता है;
  • हिंदी में सामान्यतः कर्ता + कर्म + क्रिया (Subject + Object + Verb) का क्रम होता है, जैसे "राम सेब खाता है"।
  • पदक्रम बदलने से वाक्य का अर्थ पूरी तरह बदल सकता है, जैसे "राम ने सीता को देखा" और "सीता ने राम को देखा"।

Additional Information 

 

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
एक ठंडी गिलास पानी पिलाओ।ठंडे पानी का एक गिलास पिलाओ।
वह अनेक बार मिल चुका है मुझसे।वह मुझसे अनेक बार मिल चुका है।
उसने सबसे पहली बार यह फिल्म देखी।उसने यह फिल्म पहली बार देखी।
दही में नमक थोड़ा डालो।दही में थोड़ा नमक डालो।
वे सब गए कल वहाँ खेलने।वे सब कल वहाँ खेलने गए।
यह काम करना है मुझे।मुझे यह काम करना है।
यहाँ मिलती हैं गाय की शुद्ध दूध।यहाँ गाय का शुद्ध दूध मिलता है।
72

निम्नलिखित में किस विकल्प में शुद्ध वाक्य है?

  1. ((a))

    यहाँ सभी वर्गों के लोग उपस्थित थे।

  2. ((b))

    सब लोग अपनी राय दें ।

  3. ((c))

    हर एक ने टोपियाँ पहन रखी थीं।

  4. ((d))

    तुम तुम्हारा काम करो ।

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Answer: ((a))

यहाँ सभी वर्गों के लोग उपस्थित थे।

शुद्ध वाक्य है - यहाँ सभी वर्गों के लोग उपस्थित थे।

Key Points

  • शुद्ध वाक्य - यहाँ सभी वर्गों के लोग उपस्थित थे।
  • वाक्य में लिंग,वचन, पुरुष, काल, कारक आदि का क्रिया के साथ ठीक ठीक मेल हो, उसे शुद्ध वाक्य कहते है।

अन्य विकल्प -

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
सब लोग अपनी राय दें।सब लोग अपनी-अपनी राय दें।
हर एक ने टोपियाँ पहन रखी थीं।हर एक ने टोपी पहन रखी थी।
तुम तुम्हारा काम करो ।तुम अपना काम करो।

Additional Information 

 सर्वनाम व वचन संबंधी अशुद्धियाँ - 

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
मैं तुमको कैसे समझाऊँ।मैं तुम्हें कैसे समझाऊँ।
तेरे को क्या चाहिए?तुझे क्या चाहिए?
तुम तो तुम्हारा काम करो।तुम तो अपना काम करो।
भारत में अनेकों राज्य हैं।भारत में अनेक राज्य हैं।
वे आदमी बाजार गया था।वह आदमी बाजार गया था।
​उसका प्राण निकल गया।​उसके प्राण निकल गए।
73

व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध वाक्य है:

  1. ((a))

    लोग बड़ी मात्रा में जमा हो गए।

  2. ((b))

    पृथ्वी का रूप गोल है।

  3. ((c))

    हमें चरखा कातना चाहिए।

  4. ((d))

    अपने वचन पर दृढ़ रहो।

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Answer: ((d))

अपने वचन पर दृढ़ रहो।

व्याकरण की दृष्टि से शुद्ध वाक्य है: अपने वचन पर दृढ़ रहो।

Key Points

  • शुद्ध वाक्य - अपने वचन पर दृढ़ रहो।
  • वाक्य में लिंग,वचन, पुरुष, काल, कारक आदि का क्रिया के साथ ठीक ठीक मेल हो, उसे शुद्ध वाक्य कहते है।

अन्य विकल्प -

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
लोग बड़ी मात्रा में जमा हो गए।लोग बड़ी संख्या में जमा हो गए।
पृथ्वी का रूप गोल है।पृथ्वी का आकार गोल है।
हमें चरखा कातना चाहिए।हमें चरखा चलाना चाहिए

Additional Information शब्द-अर्थ संबंधी अशुद्धियाँ - 

अशुद्ध वाक्यशुद्ध वाक्य
मुझे सफल होने की निराशा है।मुझे सफल होने की आशा नहीं है।
राम और मोहन घोर मित्र हैं।राम और मोहन घनिष्ठ मित्र हैं।
वह मेरे शब्दों पर ध्यान नहीं देती।वह मेरी बातों पर ध्यान नहीं देती।
इस समस्या का औषध मेरे पास है।इस समस्या का समाधान मेरे पास है।
अँधेरे के पीछे ठीक से चल पाना कठिन था ।अँधेरे के कारण ठीक से चल पाना कठिन था ।
74

व्याकरण की दृष्टि से अशुद्ध वाक्य है:

  1. ((a))

    प्रेम का मूल्य मापा नहीं जा सकता।

  2. ((b))

    विद्यालय बंद होने की संभावना है ।

  3. ((c))

    चार आदमियों के बैठने की व्यवस्था करो।

  4. ((d))

    सैनिकों को कई कष्ट सहने पड़ते हैं।

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Answer: ((a))

प्रेम का मूल्य मापा नहीं जा सकता।

व्याकरण की दृष्टि से अशुद्ध वाक्य है: प्रेम का मूल्य मापा नहीं जा सकता।

Key Points

  • अशुद्ध वाक्य: "प्रेम का मूल्य मापा नहीं जा सकता।"
  • त्रुटि: 'मापना' (Measure) क्रिया का प्रयोग उन वस्तुओं के लिए किया जाता है
  • जिन्हें भौतिक रूप से स्केल या मीटर से नापा जा सके (जैसे- लंबाई, कपड़ा, जमीन)।
  • प्रेम एक अमूर्त भाव है, जिसे मापा नहीं, बल्कि 'आंका' (Assess) जाता है।
  • शुद्ध वाक्य: "प्रेम का मूल्य आंका नहीं जा सकता।"

Additional Informationशब्द-अर्थ संबंधी अशुद्धियाँ -

  • अशुद्ध वाक्य: वह बहुत कृपण दानी आदमी है।
  • शुद्ध वाक्य: वह बहुत दानशील आदमी है।
  • अशुद्ध वाक्य: उसने मुझे घोर धन्यवाद दिया।
  • शुद्ध वाक्य: उसने मुझे बहुत धन्यवाद दिया।
  • अशुद्ध वाक्य: उसने मुझे कठोर सहायता दी।
  • शुद्ध वाक्य: उसने मुझे बहुत सहायता दी।
  • अशुद्ध वाक्य: वह मेरी कटु प्रशंसा करता है।
  • शुद्ध वाक्य: वह मेरी बहुत प्रशंसा करता है।
  • अशुद्ध वाक्य: उसने भयंकर खुशी प्रकट की।
  • शुद्ध वाक्य: उसने बहुत खुशी प्रकट की।
  • अशुद्ध वाक्य: उसने मुझे अधिक आशीर्वाद दिया।
  • शुद्ध वाक्य: उसने मुझे बहुत आशीर्वाद दिया।
75

किस वाक्य में विराम चिह्नों का सही प्रयोरा नहीं हुआ है?

  1. ((a))

    हे प्रभो ! मुझे शक्ति दो ।

  2. ((b))

    वह घर आया या नहीं?

  3. ((c))

    राम-राम !-उसने यह क्या कर दिया?

  4. ((d))

    तुम समझते हो कि वह निरा बालक है, परंतु वह .......।

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Answer: ((c))

राम-राम !-उसने यह क्या कर दिया?

वाक्य में विराम चिह्नों का सही प्रयोरा नहीं हुआ है- राम-राम !-उसने यह क्या कर दिया?

Key Points

  • 'राम-राम' एक विस्मयादिबोधक शब्द है।
  • इसके बाद या तो विस्मयादिबोधक चिह्न (!) आना चाहिए या अल्पविराम (,) का प्रयोग होना चाहिए।
  • यहाँ '!-' (विस्मयादिबोधक चिह्न और योजक चिह्न) का एक साथ प्रयोग करना व्याकरण की दृष्टि से त्रुटिपूर्ण है।
  • सही रूप: "राम-राम! उसने यह क्या कर दिया**?**" या "राम-राम, उसने यह क्या कर दिया?"
  • वाक्य में हर्ष, विवाद, विस्मय, घृणा, आश्रर्य, करुणा, भय इत्यादि का बोध कराने के लिए विस्मयादिबोधक चिह्न का प्रयोग किया जाता है।
  • विस्मयादिबोधक चिह्न (!) का प्रयोग अव्यय शब्द से पहले किया जाता है। पहचान के लिए -  हाय !, आह !, छि !, अरे !, शाबाश !
  • जैसे- अरे! कितनी सुंदर सुबह है।

अन्य विकल्प -

वाक्यस्थितिकारण
हे प्रभो ! मुझे शक्ति दो ।सहीसंबोधन के बाद विस्मयादिबोधक चिह्न का प्रयोग उचित है।
वह घर आया या नहीं?सहीप्रश्नवाचक वाक्य के अंत में प्रश्नवाचक चिह्न सही है।
तुम समझते हो... परंतु वह .......।सहीयहाँ 'लोप चिह्न' (...) का प्रयोग वाक्य के अधूरेपन या विचार को स्पष्ट करने के लिए सही है।

Important Points

​योजक- - दो शब्दों में परस्पर संबंध स्पष्ट करने के लिए तथा उन्हें जोड़कर लिखने के लिए योजक-चिह्न (–) का प्रयोग किया जाता है। जैसे- - जीवन में सुख-दुःख तो चलता ही रहता है। प्रश्नवाचक- - जब किसी वाक्य में सवाल पूछे जाने का भाव उत्पन्न हो तो उस वाक्य के अंत में प्रश्नवाचक चिह्न (?) का प्रयोग किया जाता है। - प्रश्नवाचक वाक्य के अंत में ‘प्रश्नसूचक चिह्न’ (?) का प्रयोग किया जाता है। जैसे- - आप का नाम क्या है? लोप चिह्न- - लोप चिह्न (…) का प्रयोग किसी वाक्य, कथन या विवरण में कुछ अंश छोड़ देने या बीच के शब्दों को छुपाने के लिए किया जाता है, ताकि वाक्य संक्षिप्त बना रहे। यह आमतौर पर तीन बिन्दुओं (...) या डैशेस (---) के रूप में दर्शाया जाता है। जैसे- - काव्य में: "रहिमन पानी राखिये, ……… मानुस चून"।

Additional Information विराम चिह्न के प्रकार -

विराम चिह्न का नामविराम चिह्न
पूर्ण विराम(।)
अर्द्ध विराम(;)
अल्प विराम(,)
उप विराम(:)
प्रश्नवाचक चिह्न(?)
योजक चिह्न(–)
कोष्ठक चिह्न()
अवतरण या उदहारणचिह्न( “…” )
विस्मयादिबोदक चिह्न[ ! ]
लाघव चिन्ह/ संक्षेपसूचक(०)
निर्देशक चिह्न[ — ]
विवरण चिह्न( :- )
विस्मरण चिह्न या त्रुटिपूरक चिह्न/हंसपद(^)
76

किस विकल्प में सभी 'स्त्रीलिंग' शब्द हैं?

  1. ((a))

    उल्लू, सभा, आँख

  2. ((b))

    केंचुआ, फौज़, प्रजा

  3. ((c))

    चील, जोंक, कोयल

  4. ((d))

    भेड़िया, टोली, बाघ

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Answer: ((c))

चील, जोंक, कोयल

सभी 'स्त्रीलिंग' शब्द हैं- चील, जोंक, कोयल

Key Points

  • (चील, जोंक, कोयल): ये तीनों स्त्रीलिंग हैं। इनका पुल्लिंग बनाने के लिए 'नर' शब्द का प्रयोग किया जाता है (जैसे: नर चील, नर कोयल)।

अन्य विकल्प -

  • (उल्लू, सभा, आँख): 'उल्लू' पुल्लिंग शब्द है। (सभा और आँख स्त्रीलिंग हैं)।
  • (केंचुआ, फौज़, प्रजा): 'केंचुआ' पुल्लिंग शब्द है। (फौज और प्रजा स्त्रीलिंग हैं)।
  • (भेड़िया, टोली, बाघ): 'भेड़िया' और 'बाघ' पुल्लिंग शब्द हैं। (टोली स्त्रीलिंग है)।

Important Points

  • नित्य स्त्रीलिंग शब्द वे हैं जो हमेशा स्त्रीलिंग रूप में ही प्रयोग होते हैं,
  • जैसे- मक्खी, मछली, कोयल, मैना, गिलहरी, छिपकली, तितली, दीमक, भेड़, लोमड़ी, मकड़ी, चील।
  • नित्य पुल्लिंग शब्द वे संज्ञा शब्द हैं जो सदा पुल्लिंग के रूप में ही प्रयुक्त होते हैं, चाहे वे नर के लिए हों या मादा के लिए।
  • ऐसे शब्दों में जीव-जंतुओं के नाम (जैसे कौआ, भेड़िया, मच्छर, खरगोश), खगोलीय पिंड (सूर्य, चंद्रमा) और दिन/महीनों के नाम प्रमुख हैं।

Additional Informationलिंग दो प्रकार के होते हैं-

  • पुल्लिंग - शब्द के जिस रूप से पुरुष जाति का बोध होता है, उसे पुल्लिंग कहते हैं।
  • ​जैसे- बकरा, घोड़ा, लड़का, आदमी, शेर, बन्दर, बालक, शिशु, राजा, राजकुमार आदि।
  • स्त्रीलिंग - शब्द के जिस रूप से व्यक्ति या वस्तु की स्त्री जाति का बोध होता है, उसे स्त्रीलिंग कहते हैं।
  • जैसे - माता, लड़की, भेड़, गाय, बंदरिया, शेरनी, नारी, रानी, राजकुमारी, बहन आदि।
77

'घर-घर मिट्टी के चूल्हे हैं, लोकोक्ति का भावार्थ है

  1. ((a))

    मिट्टी के चूल्हे पर खाना अच्छा बनता है।

  2. ((b))

    हर घर में गैस के चूल्हे की सुविधा नहीं है।

  3. ((c))

    मिट्टी के चूल्हे से बहुत परेशानी या कठिनाई होती है।

  4. ((d))

    हर आदमी के साथ कुछ न कुछ कमी, बुराई या कठिनाई लगी रहती है।

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Answer: ((d))

हर आदमी के साथ कुछ न कुछ कमी, बुराई या कठिनाई लगी रहती है।

सही उत्तर है - हर आदमी के साथ कुछ न कुछ कमी, बुराई या कठिनाई लगी रहती है।

Key Points

  • 'घर-घर मिट्टी के चूल्हे हैं' लोकोक्ति का अर्थ है : हर आदमी के साथ कुछ न कुछ कमी, बुराई या कठिनाई लगी रहती है।
  • वाक्य प्रयोग - ​तुम दूसरों के सुखी जीवन को देखकर ईर्ष्या क्यों करते हो? याद रखो, "घर-घर मिट्टी के चूल्हे हैं", हर किसी के जीवन में अपनी कोई न कोई उलझन ज़रूर होती है।
  • लोकोक्ति - जब कोई पूरा कथन किसी प्रसंग विशेष में उद्धत किया जाता है तो लोकोक्ति कहलाता है। इसी को कहावत कहते है।
  • उदाहरण- कंगाली में आटा गीला - एक मुसीबत पर दूसरी मुसीबत आ पड़ना।
  • वाक्य प्रयोग - बेरोजगारी ने तो वैसे ही कमर तोड़ दी थी उस पर से टांग और टूट गई इसे कहते हैं - "कंगाली में आटा गीला"।

Additional Information कुछ महत्वपूर्ण लोकोक्ति, अर्थ और उनके वाक्य प्रयोग:- 

लोकोक्तिअर्थवाक्य प्रयोग
चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाएबहुत अधिक कंजूस होना"वह इतना कंजूस है कि बीमार होने पर भी डॉक्टर के पास नहीं जाता, सच में "चमड़ी जाए पर दमड़ी न जाए।"
दूध का जला छाछ भी फूँक-फूँक कर पीता हैएक बार धोखा खाने के बाद व्यक्ति बहुत सावधान हो जाता है"उसने व्यापार में बड़ा नुकसान उठाया है, अब वह कोई भी कागज़ बिना पढ़े हस्ताक्षर नहीं करता; "दूध का जला छाछ भी फूँक-फूँक कर पीता है।"
बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होयजैसा काम करोगे, वैसा ही फल मिलेगा"तुमने साल भर पढ़ाई नहीं की और अब अच्छे अंक की उम्मीद कर रहे हो, "बोया पेड़ बबूल का तो आम कहाँ से होय।"
मान न मान मैं तेरा मेहमानजबरदस्ती किसी के गले पड़ना"वह बिना बुलाए ही शादी में चला गया, इसे कहते हैं "मान न मान मैं तेरा मेहमान।"
हाथ कंगन को आरसी क्याप्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होतीसबके सामने उसने प्रतियोगिता जीत ली है, अब उसे अपनी काबिलियत साबित करने की क्या जरूरत? "हाथ कंगन को आरसी क्या।"
78

'टका-सा जवाब देना' का भावार्थ है:

  1. ((a))

    स्पष्ट नकारात्मक उत्तर देना

  2. ((b))

    स्पष्ट वक्ता होना

  3. ((c))

    सबसे बेरुखी से बात करना

  4. ((d))

    खरी-खरी सुनाना

Show Answer
Answer: ((a))

स्पष्ट नकारात्मक उत्तर देना

'टका-सा जवाब देना' का भावार्थ है: स्पष्ट नकारात्मक उत्तर देना

Key Points

  • 'टका-सा जवाब देना' एक प्रचलित मुहावरा है,
  • जिसका अर्थ है बिना किसी संकोच या घुमाव-फिराव के साफ मना कर देना या स्पष्ट रूप से नकारात्मक उत्तर देना।
  • प्रयोग: जब मैंने उससे मदद माँगी, तो उसने मुझे "टका-सा जवाब दे दिया।"
  • मुहावरा - ऐसे वाक्यांश, जो सामान्य अर्थ का बोध न कराकर किसी विलक्षण अर्थ को प्रकट करते है, उसे मुहावरा कहते है।
  • उदाहरण के लिए - टेढ़ी खीर- कठिन कार्य। वाक्य प्रयोग - परीक्षा में प्रथम श्रेणी के अंक प्राप्त करना **"टेढ़ी खीर है"।**​

अन्य विकल्प -

भावार्थस्थिति
स्पष्ट वक्ता होनागलत (यह एक चारित्रिक विशेषता है, मुहावरा नहीं)
सबसे बेरुखी से बात करनागलत (बेरुखी का अर्थ व्यवहार में उदासीनता है, जबकि 'टका-सा जवाब' में त्वरित इनकार का भाव है)
खरी-खरी सुनानागलत (इसका अर्थ होता है कठोर या कड़वी सच्चाई बताना, जो मना करने से भिन्न है)

Additional Information

मुहावराअर्थवाक्य प्रयोग
ईद का चाँद होनाबहुत दिनों बाद दिखाई देनाभाई, तुम तो आजकल "ईद का चाँद हो गए हो", कभी मिलते ही नहीं!
दाँत खट्टे करनाबुरी तरह पराजित करनाभारतीय सेना ने युद्ध में दुश्मन के "दाँत खट्टे कर दिए"।
नौ दो ग्यारह होनाभाग जानापुलिस को देखते ही चोर "नौ दो ग्यारह हो गया"।
हवा से बातें करनाबहुत तेज़ दौड़नामहाराणा प्रताप का घोड़ा चेतक "हवा से बातें करता था"।
अक्ल पर पत्थर पड़नाबुद्धि भ्रष्ट होनाआज तुम्हारी "अक्ल पर पत्थर पड़ गए थे" क्या जो तुमने ऐसा गलत फैसला लिया?
79

निम्नलिखित में गलत कथन है:

  1. ((a))

    सामान्य वाक्य के अंत में पूर्ण विराम का प्रयोग किया जाता है।

  2. ((b))

    मनोविकार सूचित करने में यदि प्रश्नवाचक शब्द आवे तो वाक्य के अंत में प्रश्नसूचक चिह्न लगाया जाता है।

  3. ((c))

    किसी रचनाकार के उपनाम और रचना के साथ इकहरा अवतरण चिह्न लगाया जाता है।

  4. ((d))

    यदि एक ही वाक्य में कई प्रश्नसूचक उपवाक्य हों तो पूरे वाक्य की समाप्ति पर ही प्रश्नसूचक विह्न लगाया जाता है।

Show Answer
Answer: ((b))

मनोविकार सूचित करने में यदि प्रश्नवाचक शब्द आवे तो वाक्य के अंत में प्रश्नसूचक चिह्न लगाया जाता है।

गलत कथन है: मनोविकार सूचित करने में यदि प्रश्नवाचक शब्द आवे तो वाक्य के अंत में प्रश्नसूचक चिह्न लगाया जाता है।

Key Points

  • मनोविकार सूचित करने में यदि प्रश्नवाचक शब्द आए तो वाक्य के अंत में प्रश्नसूचक चिह्न लगाया जाता है। यह कथन गलत है।
  • क्योंकि मनोविकार (आश्चर्य, दुख, खुशी आदि) व्यक्त करने के लिए विस्मयादिबोधक चिह्न (!) लगाया जाता है, प्रश्नसूचक चिह्न (?) नहीं।
  • विस्मयादिबोधक नियम: जब वाक्य में मनोविकार (हर्ष, शोक, घृणा, विस्मय) व्यक्त किया जाता है,
  • तो चाहे उसमें प्रश्नवाचक शब्द ('क्या', 'कौन') ही क्यों न आएं,
  • वाक्य के अंत में प्रश्नसूचक चिह्न (?) नहीं, बल्कि विस्मयादिबोधक चिह्न (!) लगाया जाता है।
  • उदाहरण:
  • "क्या गजब की सुंदरता है**!**" (यहाँ 'क्या' प्रश्न नहीं, विस्मय प्रकट कर रहा है)।

अन्य विकल्प -

कथन का प्रकारस्थिति
सामान्य वाक्य के अंत में पूर्ण विरामसही (जैसे- वह स्कूल जाता है**।**)
उपनाम/रचना के साथ इकहरा अवतरणसही (जैसे- 'निराला', 'कामायनी')
उपवाक्य के अंत में प्रश्नवाचक चिह्नसही (जैसे- आप कौन हैं, कहाँ से आए हैं और क्या चाहते हैं**?**)

Additional Informationविराम चिह्न के प्रकार -

विराम चिह्न का नामविराम चिह्न
पूर्ण विराम(।)
अर्द्ध विराम(;)
अल्प विराम(,)
उप विराम(:)
प्रश्नवाचक चिह्न(?)
योजक चिह्न(–)
कोष्ठक चिह्न()
अवतरण या उदहारणचिह्न( “…” )
विस्मयादिबोदक चिह्न[ ! ]
लाघव चिन्ह/ संक्षेपसूचक(०)
निर्देशक चिह्न[ — ]
विवरण चिह्न( :- )
विस्मरण चिह्न या त्रुटिपूरक चिह्न/हंसपद(^)
80

किस विकल्प में 'Endorsement' का 'समकक्ष हिन्दी पारिभाषिक शब्द' नहीं है?

  1. ((a))

    बेचान

  2. ((b))

    समर्थन

  3. ((c))

    पृष्ठांकन

  4. ((d))

    मूल्यांकन

Show Answer
Answer: ((d))

मूल्यांकन

सही उत्तर है - मूल्यांकन

Key Points

अंग्रेजी शब्दहिन्दी अर्थ
Endorsementपृष्ठांकन, बेचान, समर्थन
Evaluation / Appraisalमूल्यांकन, आकलन

Additional Information

अंग्रेजी शब्दसही हिंदी अर्थ
Accordसहमति
Adjournmentस्थगन
Affiliationसंबद्धता
Allocatedआवंटित
Cancellationनिरस्तीकरण
Circularपरिपत्र
Deputationप्रतिनियुक्ति
Domicileअधिवास / मूल निवास
Lapseव्यपगत / चूक
Voucherप्रमाणक
81

किस विकल्प में दिये गये अंग्रेजी पारिभाषिक शब्द का समकक्ष हिन्दी पारिभाषिक शब्द सही नहीं है?

  1. ((a))

    Acceleration - त्वरण

  2. ((b))

    Access - आधिक्य

  3. ((c))

    Diversion - विषयांतर

  4. ((d))

    Objective - वस्तुपरक

Show Answer
Answer: ((b))

Access - आधिक्य

सही उत्तर है - Access - आधिक्य

Key Points

  • Access - 'पहुँच', Excess - 'आधिक्य'

अन्य विकल्प -

अंग्रेजी शब्ददिया गया अर्थसही हिन्दी पारिभाषिक शब्दस्थिति
Accelerationत्वरणत्वरण (भौतिकी में)सही
Diversionविषयांतरविषयांतर (या मार्ग परिवर्तन)सही
Objectiveवस्तुपरकवस्तुपरक (या उद्देश्य)सही

Additional Information

अंग्रेजी शब्दसही हिन्दी अर्थ
Accessपहुँच
Accessionअधिग्रहण / प्राप्ति
Assessmentआकलन
Assignmentकार्य सौंपना / नियतन
Auditलेखा-परीक्षा
Accordसहमति
Acquisitionअर्जन
Allowanceभत्ता
Assetसंपत्ति
82

किस विकल्प में उल्लिखित अंग्रेजी पारिभाषिक शब्द का समकक्ष हिन्दी पारिभाषिक सही है?

  1. ((a))

    Obscene - अश्लील

  2. ((b))

    Plaintiff - प्रतिवादी

  3. ((c))

    Deportation - माल ढुलाई

  4. ((d))

    Discrepancy - भेदभाव

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Answer: ((a))

Obscene - अश्लील

सही उत्तर है - Obscene - अश्लील

Key Points

  • Obscene (अश्लील): कानून और साहित्य में, वह सामग्री जो नैतिकता के विरुद्ध या अत्यधिक कामुक हो, उसे 'अश्लील' कहा जाता है।

अन्य विकल्प -

अंग्रेजी शब्दसही हिन्दी पारिभाषिक शब्दस्थिति
Plaintiffवादीगलत (प्रतिवादी = Defendant)
Deportationदेश-निकालागलत (माल ढुलाई = Freight)
Discrepancyविसंगतिगलत (भेदभाव = Discrimination)

Additional Information

अंग्रेजी शब्दहिन्दी पारिभाषिक शब्द
Defendantप्रतिवादी
Deportationदेश-निकाला
Freightमाल ढुलाई
Affidavitशपथ-पत्र
Precedentपूर्वोदाहरण
Prosecutionअभियोजन
Persecutionउत्पीड़न
83

किस विकल्प में 'Plea' का समकक्ष हिन्दी पारिभाषिक शब्द सही नहीं है?

  1. ((a))

    तर्क

  2. ((b))

    अभिवचन

  3. ((c))

    सुसंगत कथन

  4. ((d))

    दलील

Show Answer
Answer: ((c))

सुसंगत कथन

सही उत्तर है- सुसंगत कथन

Key Points

  • अंग्रेजी शब्द 'Plea' के लिए हिंदी पारिभाषिक शब्दावली में अभिवचन, तर्क और दलील शब्दों का प्रयोग किया जाता है।
  • कानूनी और प्रशासनिक संदर्भ में 'Plea' का अर्थ किसी न्यायालय में अपने पक्ष में दिया गया औपचारिक कथन या तर्क होता है।
  • सुसंगत कथन का अंग्रेजी अनुवाद 'Relevant Statement' होता है, न कि 'Plea'।
  • अतः दिए गए विकल्पों में से 'सुसंगत कथन' ही 'Plea' का सही समकक्ष शब्द नहीं है।

अन्य विकल्प -

विकल्पअर्थअंग्रेजी शब्दावली
अभिवचनन्यायालय में दिया गया पक्षPlea / Pleading
तर्कप्रमा�� सहित बात रखनाPlea / Argument
दलीलअपने समर्थन में प्रस्तुत कथनPlea / Argument

Important Points 

 पारिभाषिक शब्दावली की विशेषताएं-

  1. निश्चितता: पारिभाषिक शब्द का एक विशिष्ट और निश्चित अर्थ होता है।
  2. अर्थ-संकोच: ये शब्द सामान्य अर्थ को छोड़कर किसी विशेष क्षेत्र के अर्थ को व्यक्त करते हैं।
  3. क्षेत्रीय उपयोग: ये शब्द प्रशासन, विधि, विज्ञान और वाणिज्य जैसे विशेष क्षेत्रों में प्रयुक्त होते हैं।

Additional Information

अंग्रेजी शब्दहिंदी अर्थक्षेत्र
Allegationकिसी पर लगाया गया बिना प्रमाण का आरोपविधि/प्रशासन
Evidenceन्यायालय में तथ्य सिद्ध करने हेतु साक्ष्यविधि
84

'बीजारोपण करना' का भावार्थ है:

  1. ((a))

    खेत जोतना

  2. ((b))

    गमले आदि में बीज बोना

  3. ((c))

    आरंभ करना

  4. ((d))

    पौधे लगाना

Show Answer
Answer: ((c))

आरंभ करना

'बीजारोपण करना' का भावार्थ है: आरंभ करना

Key Points

  • 'बीजारोपण करना' का अर्थ - आरंभ करना
  • वाक्य प्रयोग - गांधीजी ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में सत्य और अहिंसा का "बीजारोपण किया"।
  • मुहावरा- ऐसे वाक्यांश जो वाक्य की र��ना करने पर अपना विशेष अर्थ प्रकट करते हैं, मुहावरे कहलाते हैं।
  • उदाहरण - ​इतिश्री होना - समाप्त होना, वाक्य प्रयोग -आज इस पुराने विवाद की "इतिश्री हो गई", अब सब शांति से रहेंगे।

Additional Information  कुछ महत्वपूर्ण मुहावरा, अर्थ और उनके वाक्य प्रयोग:-

मुहावराअर्थवाक्य प्रयोग
अंगारे उगलनाक्रोध में कठोर शब्द कहनाजब बेटे ने पिता से बहस की, तो वे क्रोध में "अंगारे उगलने लगे"।
कलई खुलनाभेद खुल जाना या असलियत सामने आनापुलिस की पूछताछ के बाद अपराधी की सारी "कलई खुल गई"।
गागर में सागर भरनाथोड़े शब्दों में बहुत कुछ कह देनाबिहारी ने अपने दोहों में "गागर में सागर भर दिया है"।
घी के दिए जलानाबहुत खुशियाँ मनानाजब राम वनवास से लौटे, तो अयोध्यावासियों ने "घी के दिए जलाए।"
लोहे के चने चबानाबहुत कठिनाई का सामना करनाभारतीय सैनिकों के सामने दुश्मनों को "लोहे के चने चबाने पड़े।"
श्रीगणेश करनाकिसी कार्य का आरंभ करनाआज हमने अपनी नई दुकान का "श्रीगणेश किया है।"
85

किस विकल्प में अंग्रेजी पारिभाषिक शब्द का समकक्ष हिन्दी पारिभाषिक शब्द सही है?

  1. ((a))

    Errata - अशुद्धि

  2. ((b))

    Preference - प्राथमिकता

  3. ((c))

    Questionable - प्रश्नांकित

  4. ((d))

    Intimidation - अभित्रास

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Answer: ((d))

Intimidation - अभित्रास

सही उत्तर है- Intimidation - अभित्रास 

Key Points

  • Intimidation - अभित्रास

अन्य विकल्प -

  • Errata - शुद्धिपत्र
  • Inaccuracy - अशुद्धि
  • Preference - वरीयता
  • ​Priority - प्राथमिकता
  • Questionable - संदिग्ध
  • Questioned - प्रश्नांकित

Additional Informationअन्य कुछ उदाहरण- 

अंग्रेजी शब्दहिन्दी पारिभाषिक शब्द
Addendumपरिशिष्ट / अनुपत्र
Amalgamationसमेकन / विलयन
Arbitrationमध्यस्थता
Authenticप्रामाणिक
Censureनिंदा / परिनिंदा
Cognizanceसंज्ञान
Delegationप्रत्यायोजन
Ex-officioपदेन
Liaisonसंपर्क
Stipulationअनुबंध / शर्त
86

इनमें से किस विकल्प में ‘Exceptional’ शब्द का समकक्ष हिन्दी पारिभाषिक शब्द सही नहीं है?

  1. ((a))

    अपवादात्मक

  2. ((b))

    स्वीकारात्मक

  3. ((c))

    असाधारण

  4. ((d))

    विशिष्ट

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Answer: ((b))

स्वीकारात्मक

सही उत्तर है - स्वीकारात्मक

Key Points

  • Exceptional - स्वीकारात्मक

अन्य विकल्प -

  • असाधारण (Extraordinary)
  • अपवादात्मक (Exceptional/Exemptional)
  • विशिष्ट (Special/Specific)

Additional Informationअन्य कुछ उदाहरण-

अंग्रेजी शब्दसही हिंदी अर्थ
Abstractसार / संक्षेप
Actualवास्तविक
Affidavitशपथ-पत्र
Amendmentसंशोधन
Appraisalमूल्यांकन
Auditलेखा-परीक्षा
Discretionविवेकाधिकार
Executiveकार्यपालक
Gazetteराजपत्र
Statutoryसंविधिक / वैधानिक
87

'Promissory note' के लिए समकक्ष हिन्दी पारिभाषिक शब्द होगा-

  1. ((a))

    शपथपत्र

  2. ((b))

    वचनपत्र

  3. ((c))

    प्रतिज्ञापत्र

  4. ((d))

    वादापत्र

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Answer: ((b))

वचनपत्र

'Promissory note' के लिए समकक्ष हिन्दी पारिभाषिक शब्द होगा- वचनपत्र

Key Points

  • Promissory note - वचनपत्र

अन्य विकल्प -

  • शपथपत्र (Affidavit)
  • प्रतिज्ञापत्र (Declaration/Pledge)
  • वादापत्र (Plaint)

Additional Informationकुछ अन्य उदाहरण-

अंग्रेजी शब्दहिन्दी पारिभाषिक शब्द
Bill of Exchangeविनिमय-पत्र
Chequeचेक / बैंक-आदेश
Deedविलेख / विलेख-पत्र
Contractसंविदा / अनुबंध
Bondआबंध / बंधपत्र
Power of Attorneyमुख्तारनामा / पावर ऑफ अटॉर्नी
Willवसीयत
Invoiceबीजक / चालान
Receiptरसीद
Guaranteeगारंटी / प्रत्याभूति
88

इनमें से किस विकल्प में अंग्रेजी शब्द का समकक्ष हिन्दी पारिभाषिक शब्द सही नहीं है?

  1. ((a))

    Acquit - दोषमुक्त करना

  2. ((b))

    Equitable - न्यायोचित

  3. ((c))

    Eviction - निष्कासन

  4. ((d))

    Injunction - कार्यदिश

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Answer: ((d))

Injunction - कार्यदिश

सही उत्तर है - Injunction - कार्यदिश

Key Points

  • Injunction - निषेधाज्ञा, ​working direction - कार्यदिश

अन्य विकल्प -

अंग्रेजी शब्ददिया गया अर्थसही हिन्दी पारिभाषिक शब्दस्थिति
Acquitदोषमुक्त करनादोषमुक्त करनासही
Equitableन्यायोचितन्यायोचित / साम्यापूर्णसही
Evictionनिष्कासननिष्कासन / बेदखलीसही

Additional Informationअन्य कुछ उदाहरण-

अंग्रेजी शब्दहिन्दी पारिभाषिक शब्द
Affidavitशपथ-पत्र
Appellantअपीलार्थी
Bailजमानत
Cognizableसंज्ञेय
Discretionविवेकाधिकार
Enactmentअधिनियम
Jurisdictionक्षेत्राधिकार
Litigationमुकदमेबाजी / वाद
Statuteविधि / कानून
Summonsसमन / बुलावा
89

किस विकल्प में अंग्रेजी पारिभाषिक शब्द का समकक्ष हिन्दी पारिभाषिक शब्द गलत है?

  1. ((a))

    Aggregate - औसत

  2. ((b))

    Chargeable - प्रभार्य

  3. ((c))

    Delimitation - परिसीमन

  4. ((d))

    Demarcation - सीमांकन

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Answer: ((a))

Aggregate - औसत

सही उत्तर है - Aggregate - औसत

Key Points

  • Aggregate - ​सकल, ​Average - औसत

अन्य विकल्प -

अंग्रेजी शब्ददिया गया अर्थसही हिन्दी पारिभाषिक शब्दस्थिति
Chargeableप्रभार्यप्रभार्य (देय या वसूलने योग्य)सही
Delimitationपरिसीमनपरिसीमन (सीमा का निर्धारण)सही
Demarcationसीमांकनसीमांकन (सीमा रेखा खींचना)सही

Additional Informationअन्य कुछ उदाहरण-

अंग्रेजी शब्दहिन्दी पारिभाषिक शब्द
Abstractसार / संक्षेप
Affidavitशपथ-पत्र / हलफनामा
Bona fideसद्भावी / वास्तविक
Contingencyआकस्मिकता
De factoवस्तुतः / वास्तव में
Endorsementपृष्ठांकन
Gazetteराजपत्र
Impeachmentमहाभियोग
Quorumगणपूर्ति
Voucherप्रमाणक
90

निम्नलिखित में से किस विकल्प में सही संधिविच्छेद है?

  1. ((a))

    अन्वेषण = अनु + इषण

  2. ((b))

    अत्युत्तम = अति + उतम

  3. ((c))

    अन्वय = अनु + वय

  4. ((d))

    अम्बूर्मि = अम्बु + ऊर्मि

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Answer: ((d))

अम्बूर्मि = अम्बु + ऊर्मि

सही उत्तर है - अम्बूर्मि = अम्बु + ऊर्मि

Key Points

  • 'अम्बूर्मि' में दीर्घ स्वर संधि है। इसका संधि विच्छेद - अम्बु + ऊर्मि (उ + ऊ = ) होता है।
  • जब दो शब्दों की संधि करते समय (अ, आ) के साथ (अ, आ) हो तो ‘आ‘ बनता है,
  • जब (इ, ई) के साथ (इ, ई) हो तो ‘ई‘ बनता है,
  • जब (उ, ऊ) के साथ (उ, ऊ) हो तो ‘ऊ‘ बनता है, तो उसे दीर्घ संधि कहते है।
  • उदाहरण-
  • विद्या + आलय = विद्यालय (आ + आ = आ)
  • कवि + इंद्र = कवींद्र (इ + इ = ई)
  • भानु + उदय = भानूदय (उ + उ = ऊ)

अन्य विकल्प -

संधि-शब्दसही संधिविच्छेदसंधि का प्रकारस्थिति
अन्वेषणअनु + एषण (उ + ए = वे)यण संधिगलत (विकल्प में 'इषण' है)
अत्युत्तमअति + उत्तम (इ + उ = यु)यण संधिगलत (विकल्प में 'उतम' है)
अन्वयअनु + अय (उ + अ =  व)यण संधिगलत (विकल्प में 'वय' है)

Additional Informationयण संधि-

  • जब संधि करते समय (इ, ई) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘य्' बन जाता है,
  • जब (उ, ऊ) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘व्' बन जाता है,
  • जब (ऋ) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘र्' बनता है, तो उसे यण संधि कहते है।
  • उदाहरण-
  • अति + अधिक = अत्यधिक (इ + अ = य)
  • सु + आगत = स्वागत (उ + आ = वा)
  • पितृ + अनुमति = पित्रनुमति (ऋ + अ = र)
91

इनमें कौन सा संधि-शब्द सही नहीं है?

  1. ((a))

    वात + अयन = वातायन

  2. ((b))

    दक्षिण + अयन = दक्षिणायन

  3. ((c))

    उत्तर + अयन = उत्तरायन

  4. ((d))

    कृष्ण + अयन = कृष्णायन

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Answer: ((c))

उत्तर + अयन = उत्तरायन

सही उत्तर है - उत्तर + अयन = उत्तरायन

Key Points

  • उत्तर + अयन = उत्तरायण में दीर्घ स्वर संधि है।
  • यहाँ 'उत्तर' का अंतिम 'अ' और 'अयन' का प्रारंभिक 'अ' मिलकर 'आ' बन जाते हैं ।
  • साथ ही, संस्कृत के 'र' के प्रभाव के कारण 'अयन' का 'न', 'ण' में बदल जाता है (उत्तरायण)।

अन्य विकल्प -

संधि विच्छेदशुद्ध संधि शब्दसंधिस्थिति
वात + अयनवातायनदीर्घसही
दक्षिण + अयनदक्षिणायनदीर्घसही
कृष्ण + अयनकृष्णायनदीर्घसही

Additional Informationदीर्घ संधि:-

  • जब दो शब्दों की संधि करते समय (अ, आ) के साथ (अ, आ) हो तो ‘आ‘ बनता है,
  • जब (इ, ई) के साथ (इ, ई) हो तो ‘ई‘ बनता है,
  • जब (उ, ऊ) के साथ (उ, ऊ) हो तो ‘ऊ‘ बनता है, तो उसे दीर्घ संधि कहते है।

उदाहरण-

  • दया + आनंद = दयानंद (आ + आ = )
  • रजनी + ईश = रजनीश (ई + ई = )
  • लघु + उत्तर = लघूत्तर (उ + उ = )
92

इनमें कौन सा संधि-शब्द सही है?

  1. ((a))

    नदी + अर्पण = नद्यार्पण

  2. ((b))

    सत् + नारी = सन्नारी

  3. ((c))

    त्रि + अंबक = त्रयम्बक

  4. ((d))

    प्रति + ईक्षा = प्रतिक्षा

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Answer: ((b))

सत् + नारी = सन्नारी

संधि-शब्द सही है- सत् + नारी = सन्नारी

Key Points

  • सत् + नारी = सन्नारी (त्, न् में बदल गया) बिल्कुल सही है। यह एक व्यंजन संधि का उदाहरण है।
  • व्यंजन संधि का नियम : 
  • अगर किसी वर्ग के पहले वर्ण (क्, च्, ट्, त्, प्) का मिलन या म वर्ण ( ङ,ञ ज, ण, न, म) के साथ हो
  • तो क् का ङ्, च् का ज्, ट् का ण्, त् का न्, तथा प् का म् में परिवर्तन हो जाता है।
  • ​उदाहरण- 
  • ​उत् + मूलन = उन्मूलन, उत् + नति = उन्नति, वाक् + मय = वाङ्मय, षट् + मूर्ति : षण्मूर्ति।

अन्य विकल्प -

संधि विच्छेदअशुद्ध रूप (प्रश्न में)शुद्ध रूपकारण (नियम)
नदी + अर्पणनद्यार्पणनद्यर्पणयण संधि (ई + अ = )
त्रि + अंबकत्रयम्बकत्र्यम्बकयण संधि: इ + अ =  (य आधा होगा)
प्रति + ईक्षाप्रतिक्षाप्रतीक्षादीर्घ संधि (इ + ई = )

Important Points 

व्यंजन संधि-

  • जब संधि करते समय व्यंजन के साथ स्वर या कोई व्यंजन के मिलने से जो रूप में परिवर्तन होता है, उसे ही व्यंजन संधि कहते हैं।

उदहारण-

  • वाक् + मय = वाङ्मय
  • उत् + शिष्ट = उच्छिष्ट
  • दिक + अंबर = दिगंबर

Additional Informationयण संधि:-

  • जब संधि करते समय (इ, ई) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘य्' बन जाता है,
  • जब (उ, ऊ) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘व्' बन जाता है,
  • जब (ऋ) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘र्' बनता है, तो उसे यण संधि कहते है।
  • उदाहरण-
  • इति + आदि = इत्यादि (इ + आ = या )
  • अनु + इत = अन्वित (उ + इ = वि)
  • पितृ + आनंद = पित्रानंद (ऋ + आ = रा)

दीर्घ संधि:-

  • जब दो शब्दों की संधि करते समय (अ, आ) के साथ (अ, आ) हो तो ‘आ‘ बनता है,
  • जब (इ, ई) के साथ (इ, ई) हो तो ‘ई‘ बनता है,
  • जब (उ, ऊ) के साथ (उ, ऊ) हो तो ‘ऊ‘ बनता है, तो उसे दीर्घ संधि कहते है।
  • उदाहरण-
  • विद्या + आलय = विद्यालय (अ + आ = आ)
  • मुनि + ईश = मुनीश (इ + ई = ई)
  • वधू + ऊर्जा = वधूर्जा (उ + ऊ = ऊ)
93

इनमें से किस शब्द में 'इयल' प्रत्यय नहीं है?

  1. ((a))

    नारियल

  2. ((b))

    अड़ियल

  3. ((c))

    मरियल

  4. ((d))

    सड़ियल

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Answer: ((a))

नारियल

'इयल' प्रत्यय नहीं है- नारियल

Key Points

  • ​'नारियल' में 'इयल' प्रत्यय नहीं है।
  • 'इयल' प्रत्यय से बने शब्दों के उदाहरण 'मरियल' (मर+इयल) और 'अड़ियल' (अड़+इयल) हैं।
  • नारियल एक रूढ़ शब्द माना जा सकता है, जिसमें इयल प्रत्यय का योग नहीं है।
  • प्रत्यय - जो शब्दांश, शब्दों के अंत में जुड़कर अर्थ में परिवर्तन लाये, प्रत्यय शब्द कहलाते है।

अन्य विकल्प -

शब्दविच्छेद (मूल शब्द + प्रत्यय)शब्द का प्रकार
नारियलनारियल (मूल शब्द)संज्ञा (Noun) - प्रत्यय रहित
अड़ियलअड़ + इयलविशेषण (अड़ना क्रिया से बना)
मरियलमर + इयलविशेषण (मरना क्रिया से बना)
सड़ियलसड़ + इयलविशेषण (सड़ना क्रिया से बना)

Additional Information 

 कुछ महत्वपूर्ण प्रत्यय शब्द -​

  • इयल - दढ़ियल, हरियल, खपड़ियल, फुड़ियाल, सठियल।
  • कार - कलाकार, सलाहकार, चित्रकार, साहित्यकार।
  • ईला - रसीला, रंगीला, जहरीला, पथरीला, कंकरीला।
  • अक - पाठक, गायक, लेखक, नायक, धावक।
  • आस - मिठास, खटास, भड़ास, बिंदास।
  • ईय - भारतीय, राजकीय, तरकीय, जातीय।
  • उक - भिक्षुक, भावुक, कामुक, नाजुक।
  • अन - चिंतन, मनन, भवन, मरण, करण।
  • अक्कड़ - पियक्कड़, भुलक्कड़, घुमक्कड़।
  • आई - पढ़ाई, लिखाई, बुनाई, सिलाई।
94

किस शब्द में 'आवट' प्रत्यय नहीं है?

  1. ((a))

    मिलावट

  2. ((b))

    बनावट

  3. ((c))

    महावट

  4. ((d))

    सजावट

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Answer: ((c))

महावट

सही उत्तर है - महावट

Key Points

  • 'महावट' शब्द में 'आवट' प्रत्यय नहीं है।
  • इसमें 'महा' (बड़ा) उपसर्ग या मूल शब्द के साथ 'वट' का योग हो सकता है,
  • लेकिन 'आवट' प्रत्यय वाले अन्य शब्दों की तरह इसमें "आवट" का प्रत्यय-रूप नहीं है।​
  • प्रत्यय - जो शब्दांश, शब्दों के अंत में जुड़कर अर्थ में परिवर्तन लाये, प्रत्यय शब्द कहलाते है।

अन्य विकल्प -

शब्दविच्छेद (मूल शब्द + प्रत्यय)प्रकार
मिलावटमिल (क्रिया) + आवटप्रत्यय युक्त
बनावटबन (क्रिया) + आवटप्रत्यय युक्त
सजावटसज (क्रिया) + आवटप्रत्यय युक्त

Additional Information

<br>

 

 कुछ महत्वपूर्ण प्रत्यय शब्द -​​

  • आवट - लिखावट, रुकावट, थकावट, घिनावट, बुनावट।
  • अक - पाठक, गायक, लेखक, नायक, धावक।
  • आस - मिठास, खटास, भड़ास, बिंदास।
  • ईय - भारतीय, राजकीय, तरकीय, जातीय।
  • उक - भिक्षुक, भावुक, कामुक, नाजुक।
  • अन - चिंतन, मनन, भवन, मरण, करण।
  • आई - पढ़ाई, लिखाई, बुनाई, सिलाई।
95

'उच्छिष्ट' शब्द का संधि-विच्छेद है:

  1. ((a))

    उद + शिष्ट

  2. ((b))

    उत् + शिष्ट

  3. ((c))

    उत: + इष्ट

  4. ((d))

    उत + शिष्ट

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Answer: ((b))

उत् + शिष्ट

'उच्छिष्ट' शब्द का संधि-विच्छेद है : उत् + शिष्ट

Key Points

  • 'उच्छिष्ट' शब्द का सही संधि-विच्छेद - उत् + शिष्ट है। यह व्यंजन संधि का एक उदाहरण है,
  • जिसमें 'त्' के बाद 'श्' आने पर 'त्' का 'च्' और 'श्' का 'छ' हो जाता है (त् + श् = च्छ)।
  • व्यंजन संधि का नियम : 
  • जब त् का मिलन अगर श् से हो तो त् को च् और श् को छ् में बदल दिया जाता है।
  • जब त् या द् के साथ  या  का मिलन होता है तो त् या द् की जगह पर च् बन जाता है।
  • उदाहरण:
  • शरत् + चन्द्र : शरच्चन्द्र
  • उत् + छिन्न : उच्छिन्न
  • उत् + चारण : उच्चारण

Additional Information 

संधि- - संधि के भेद हैं - 1. स्वर, 2. व्यंजन और 3. विसर्ग। - दो या दो से अधिक वर्णों (स्वर या व्यंजन) के मिलने से उत्पन्न विकार (परिवर्तन) को संधि कहते हैं। - जैसे - रवि + इंद्र = रवींद्र (इ + इ = ई)।
संधिपरिभाषाउदाहरण
स्वरदो स्वरों के मेल से उत्पन्न होने वाले विकार को स्वर संधि कहते हैं। इसके इसके पाँच भेद हैं- दीर्घ, गुण, वृद्धि, यण, अयादि।देव + आलय = देवालय (​अ + आ = आ)
व्यंजनव्यंजन के बाद किसी स्वर या व्यंजन के आने से उस व्यंजन में जो परिवर्तन होता है, वह व्यंजन संधि कहलाता है।उत् + नयन = उन्नयन(त् + न = न् )।
विसर्गविसर्ग के साथ स्वर अथवा व्यंजन के मिलने से जो विकार उत्पन्न होता है, उसे विसर्ग संधि कहते हैं।मनः + बल = मनोबल
96

किस शब्द में केवल एक उपसर्ग जुड़ा हुआ है?

  1. ((a))

    सुप्रसिद्ध

  2. ((b))

    प्रतिनियुक्ति

  3. ((c))

    पर्यवेक्षक

  4. ((d))

    अभिभावक

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Answer: ((d))

अभिभावक

केवल एक उपसर्ग जुड़ा हुआ है- अभिभावक

Key Points

  • अभि + भावक = अभिभावक
  • 'अभि' उपसर्ग और 'भावक' मूल शब्द
  • 'अभिभावक' का अर्थ - अभिभूत करनेवाला।

अन्य विकल्प -

शब्दविच्छेदउपसर्गों की संख्या
सुप्रसिद्धसु + प्र + सिद्ध2 (सु, प्र)
प्रतिनियुक्तिप्रति + नि + युक्ति2 (प्रति, नि)
पर्यवेक्षकपरि + अवि + ईक्षक2 (परि, अव)

Important Points

  • उपसर्ग शब्द के शुरू में जुड़ता है।

Additional Information कुछ महत्वपूर्ण उपसर्ग शब्द:-​​​

  • सु (अच्छा) - सुपुत्र, सुगम, सुलभ, सुयश, सुवास, सुशिक्षित, सुविचार।
  • अभि (सामने, पास) - अभियान, अभिज्ञान, अभिशाप, अभिनय, अभिनन्दन।
  • नि (बिना) - निडर, निगम, निवास, निषेध, निबन्ध, निषिद्ध।
  • प्रति (प्रत्येक) - प्रतिदिन, प्रतिकूल, प्रतिरोध, प्रत्यारोपण, प्रतिस्पर्धा।
  • परि (चारों ओर) - परिक्रमा, परिवार, परिपूर्ण, परिश्रम, परीक्षा, पर्याप्त।
  • अव (नीचे, बुरा) - अवनति, अवतार, अवसान, अवशेष, अवरोध, अवकाश।
  • अनु (पीछे) - अनुचर, अनुकरण, अनुकूल, अनुनाद, अनुभव।
  • निर् (बिना) - निराकार, निरादर, नीरोग, नीरस, निरीह, निरक्षर।
  • उप (सहायक) - उपभोग, उपवन, उपमन्त्री, उपयोग, उपनाम, उपहार।
  • सम् (अच्छी तरह) - सन्तोष, संगठन,संलग्न, संकल्प, संशय, संरक्षा।
97

निम्नलिखित में उपसर्ग रहित शब्द है:

  1. ((a))

    परास्त

  2. ((b))

    अद्यतन

  3. ((c))

    व्याधि

  4. ((d))

    प्रत्येक

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Answer: ((b))

अद्यतन

उपसर्ग रहित शब्द है: अद्यतन

Key Points

  • 'अद्यतन' में अद्य+तन नहीं, बल्कि यह अद्य (आज) + तन (प्रत्यय) से बना है,
  • इसलिए यह एक उपसर्ग-रहित शब्द है। 'अद्यतन' का अर्थ "आज तक का" या "नवीनतम"​

अन्य विकल्प -

शब्दविश्लेषणस्थिति
परास्तपरा + अस्त (संधि युक्त मूल शब्द)उपसर्ग युक्त (परा)
व्याधिवि + आधिउपसर्ग युक्त ('वि')
प्रत्येकप्रति + एकउपसर्ग युक्त ('प्रति')

Important Points 

 

  • उपसर्ग शब्द के शुरू में जुड़ता है।

Additional Information 

 कुछ महत्वपूर्ण उपसर्ग शब्द:-​​

  • अध (आधा/अधूरा) - अधपका, अधखिला, अधमरा, अधजला, अधकच्चा।
  • परा (विपरीत) - पराभव, पराक्रम, परामर्श, परावर्तन, पराविद्या।
  • वि (भिन्न, विशेष) - विशेष, विकास, विज्ञान, विजय, विदेश, विभाग, ।
  • प्रति (प्रत्येक) - प्रतिदिन, प्रत्येक, प्रतिकूल, प्रतिहिंसा, प्रतिरूप।
  • अनु (पीछे) - अनुचर, अनुकरण, अनुकूल, अनुनाद, अनुभव।
  • उप (सहायक) - उपभोग, उपवन, उपमन्त्री, उपयोग, उपनाम, उपहार।
  • सम् (अच्छी तरह) - सन्तोष, संगठन,संलग्न, संकल्प, संशय, संरक्षा।
  • अनु (पीछे) - अनुचर, अनुकरण, अनुकूल, अनुनाद, अनुभव।
98

इनमें से किस विकल्प में गलत संधि है?

  1. ((a))

    मधु + आलय = मध्वालय

  2. ((b))

    अति + ऊष्म = अत्यूष्म

  3. ((c))

    गुरु + औदार्य = गुर्वोदार्य

  4. ((d))

    पितृ + आदेश = पित्रादेश

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Answer: ((c))

गुरु + औदार्य = गुर्वोदार्य

सही उत्तर है - गुरु + औदार्य = गुर्वोदार्य

Key Points

  • गुरु + औदार्य = गुर्वौदार्य (उ + औ = व् + ौ = वौयण संधि
  • सही शब्द 'गुर्वौदार्य' होना चाहिए, न कि 'गुर्वोदार्य'

अन्य विकल्प -

संधि विच्छेदसही संधिस्थिति
मधु + आलयमध्वालय (उ + आ = व् + ा = वा) ​यण संधिसही
अति + ऊष्मअत्यूष्म (इ + ऊ = य् + ू = यू) ​यण संधिसही
पितृ + आदेशपित्रादेश (ऋ + आ = र् + ा = रा) ​यण संधिसही

Additional Informationयण संधि:-

  • जब संधि करते समय (इ, ई) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘य' बन जाता है,
  • जब (उ, ऊ) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘व' बन जाता है,
  • जब (ऋ) के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ‘र्' बनता है, तो उसे यण संधि कहते है।

उदाहरण-

  • प्रति + एक = प्रत्येक (इ + ए = ये)
  • सु + आगत = स्वागत (उ + आ = वा)
  • पितृ + आज्ञा =पित्राज्ञा (ऋ + आ = रा)
99

इनमें से किस शब्द का सन्धि-विच्छेद सही नहीं है?

  1. ((a))

    वयोवृद्ध = वय: + वृद्ध

  2. ((b))

    अंततोगत्वा = अन्तत: + गत्वा

  3. ((c))

    पुनरुक्ति = पुन: + उक्ति

  4. ((d))

    निरीक्षण = नि: + इक्षण

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Answer: ((d))

निरीक्षण = नि: + इक्षण

सन्धि-विच्छेद सही नहीं है- निरीक्षण = नि: + इक्षण

Key Points

  • 'निरीक्षण' शब्द का संधि-विच्छेद 'नि: + इक्षण' गलत है।
  • इसका सही संधि-विच्छेद- नि: + ईक्षण (निः + क्षण = निरीक्षण) होता है,  यह विसर्ग संधि का उदाहरण है।
  • अगर संधि के समय विसर्ग से पहले या को छोड़कर कोई अन्य स्वर हो तथा बाद में कोई घोष वर्ण हो तो विसर्ग के स्थान आ जाता है।
  • उदाहरण :
  • निः + गुण : निर्गुण
  • दु: + उपयोग : दुरूपयोग

अन्य विकल्प-

  • वयोवृद्ध = वयः + वृद्ध (सही): यह विसर्ग संधि है। विसर्ग से पहले 'अ' और बाद में घोष वर्ण (व्) होने पर विसर्ग का 'ओ' हो जाता है।
  • अंततोगत्वा = अन्ततः + गत्वा (सही): यहाँ भी विसर्ग का 'ओ' हो गया है। यह भी विसर्ग संधि का उदाहरण है।
  • पुनरुक्ति = पुनः + उक्ति (सही): विसर्ग का 'र्' हुआ और उसमें 'उ' जुड़ने से 'रु' बना। यह बिल्कुल सही विच्छेद है।

Additional Informationविसर्ग संधि-

  • जब संधि करते समय  विसर्ग के बाद स्वर या व्यंजन वर्ण के आने से जो विकार उत्पन्न होता है, हम उसे विसर्ग संधि कहते हैं।
  • जैसे:
  • अंतः + ध्यान : अंतर्ध्यान
  • नि: + तार : निस्तार
  • मनः + भाव : मनोभाव
  • अंतर् + करण : अंतःकरण
100

इनमें से किस विकल्प के सभी शब्द कर्मधारय समास के हैं?

  1. ((a))

    पनभरा, छुटभैया

  2. ((b))

    शुभागमन, चरण-कमल

  3. ((c))

    गृहस्थ, देशभक्ति

  4. ((d))

    निशाचर, हुक्मनामा

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Answer: ((b))

शुभागमन, चरण-कमल

सभी शब्द कर्मधारय समास के हैं- शुभागमन, चरण-कमल

Key Points

शब्दसमास विग्रहव्याख्या
शुभागमनशुभ है जो आगमन'शुभ' (विशेषण) + 'आगमन' (विशेष्य)।
चरण-कमलकमल के समान चरण'कमल' (उपमान) और 'चरण' (उपमेय) के बीच तुलना।

अन्य विकल्प -

  • पनभरा, छुटभैया:
  • पनभरा: पानी को भरने वाला (तत्पुरुष समास - कर्म तत्पुरुष)।
  • छुटभैया: छोटा है जो भैया (यह कर्मधारय हो सकता है, लेकिन 'पनभरा' तत्पुरुष है)।
  • गृहस्थ, देशभक्ति:
  • गृहस्थ: गृह में स्थित (तत्पुरुष समास - अधिकरण तत्पुरुष)।
  • देशभक्ति: देश के लिए भक्ति (तत्पुरुष समास - संप्रदान तत्पुरुष)।
  • निशाचर, हुक्मनामा:
  • निशाचर: निशा में विचरण करने वाला (बहुव्रीहि समास - राक्षस के लिए प्रयुक्त)।
  • हुक्मनामा: हुक्म का नामा (तत्पुरुष समास - संबंध तत्पुरुष)।

Important Points 

समास के भेद-

  1. तत्पुरुष समास
  2. कर्मधारय समास
  3. द्विगु समास
  4. द्वंद्व समास
  5. बहुव्रीहि समास
  6. अव्ययीभाव समास​

Additional Information

 

समासपरिभाषाउदाहरण
कर्मधारयजिस समास के दोनों शब्दों के बीच विशेषण-विशेष्य अथवा उपमान-उपमेय का सम्बन्ध हो, उसे कर्मधारय समास कहलाता है। पहचान: विग्रह करने पर दोनों पद के मध्य में ‘रुपी’ , 'है जो', 'के समान' आदि आते हैं।चंद्रमुख = चंद्रमा के समान मुख महात्मा = महान है जो आत्मा नरसिंह = नर रूपी सिंह
तत्पुरुषतत्पुरुष समास वह होता है, जिसमें उत्तरपद प्रधान होता है, अर्थात प्रथम पद गौण होता है एवं उत्तर पद की प्रधानता होती है व समास करते वक़्त बीच की विभक्ति का लोप हो जाता है। इस समास में आने वाले कारक चिन्हों को, से, के लिए, से, का/के/की, में, पर आदि का लोप होता है।करुणापूर्ण = करुणा से पूर्ण हवनसामग्री = हवन के लिए सामग्री
बहुव्रीहिजिस समास में प्रथम पद एवं द्वितीय पद दोनों की प्रधानता न हो बल्कि कोई तीसरा पद की प्रधानता हो, उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं।चक्रधर = चक्र को धारण करने वाला अर्थात् विष्णु त्रिलोचन = तीन हैं लोचन जिसके अर्थात् शिव

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