"क्या तुम इतना भी नहीं जानते कि नारी परीक्षा नहीं चाहती, प्रेम चाहती है। परीक्षा गुणों को अवगुण, सुन्दर को असुंदर बनाने वाली चीज है; प्रेम अवगुणों को गुण बनाता है. असुंदर को सुन्दर।"
उपर्युक्त संवाद गोदान के किन पात्रों के मध्य हुआ है?
- AOption (a)
मालती और मेहता
- BOption (b)
धनिया और होरी
- COption (c)
झुनिया और गोबर
- DOption (d)
गोविन्दी और खन्ना
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Correct answer
मालती और मेहता
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उपर्युक्त संवाद गोदान के मालती और मेहता पात्रों के मध्य हुआ है।
- गोदान, प्रेमचन्द का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण उपन्यास माना जाता है।
- मालती- आधुनिक नारी व डॉक्टर।
- मेहता- दर्शन शास्त्र के प्रफेसर।
Key Pointsगोदान-
- रचनाकार- मुंशी प्रेमचंद
- विधा- उपन्यास
- प्रकाशन वर्ष- 1936 ई.
- मुख्य पात्र- होरी, धनिया आदि।
- विषय-
- इसमें भारतीय ग्राम समाज एवं परिवेश का सजीव चित्रण है।
Important Pointsमुंशी प्रेमचंद-
- जन्म- 1880-1936 ई.
- हिन्दी और उर्दू के सर्वाधिक लोकप्रिय उपन्यासकार, कहानीकार एवं विचारक थे।
- अन्य उपन्यास-
- सेवासदन- 1918 ई.
- प्रेमाश्रम-1922 ई.
- रंगभूमि- 1925 ई.
- निर्मला- 1925 ई.
- गबन- 1928 ई.
- कर्मभूमि- 1932 ई.
Additional Informationगोदान के अन्य पात्र-
- होरी- नायक।
- धनिया- नायिका ।
- गोबर- होरी का पुत्र
- झूनिया- गोबर की पत्नी।
- रायासाहब- जमींदार।
- भोला- झुनिया के पिता।
- सोना और रूपा - होरी के पुत्री।
- खन्ना- मिल मालिक।
- गोविंदी- खन्ना के पत्नी।
- अन्य पात्र - झिंगुरी सिंह, पटेश्वरीलाल, नोहरी, पुनिया, मिर्जा खुसेद।।