" परबत समुद, अगम बिच, बीहड़ घन बनढाँख।
किमि कै भेंटों कंत तुम्ह?, ना मोहि पाँव न पाँख।"
यह कवितांश जायसी कृत 'पद्मावत' के 'नागमती वियोग खंड' में किस मास के वर्णन के अंत में आया है?
- AOption (a)
सावन
- BOption (b)
अगहन
- COption (c)
भादों
- DOption (d)
असाढ़
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Correct answer
सावन
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सही उत्तर है- सावन
Key Pointsपद्मावत-
- रचनाकार-जायसी
- प्रकाशन वर्ष-1540 ई.
- विधा-सूफी काव्य
- भाषा-अवधी
- छंद-दोहा-चौपाई
- विषय-
- इसमें 57 खंड हैं।
- उत्प्रेक्षा अलंकार की प्रधानता है।
- इसमें रत्नसेन,पद्मावती और नागमती की प्रेम कहानी वर्णित है।
- इसमें सभी पात्र प्रतीक रूप में प्रस्तुत हुए है।
Important Pointsजायसी-
- जन्म-1446-1542 ई.
- भक्तिकाल की सूफी काव्यधारा के मुख्य कवि है।
- रचनाएँ-
- अखरावट
- आखिरी कलाम
- कहरनामा
- चित्ररेखा
- कान्हावत आदि।