निम्नलिखित में से किस पात्र का संबंध 'चंद्रगुप्त' नाटक से नहीं है?
- AOption (a)
एलिस
- BOption (b)
जयमाला
- COption (c)
अलका
- DOption (d)
लीला
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Correct answer
जयमाला
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जयमाला का संबंध चंद्रगुप्त नाटक से नहीं है।
Key Points
चंद्रगुप्त नाटक –
- रचनाकार - जयशंकर प्रसाद
- रचनाकाल - 1931 ई.
- अन्य - इसका कथानक प्रसिद्ध ऐतिहासिक घटनाओं अलक्षेंद्र का आक्रमण, नंद वंश का नाश, सेल्यूकस का पराभव, चंद्रगुप्त की प्रतिष्ठा के आधार पर निर्मित है।
- `चंद्रगुप्त नाटक में कुल 4 अंक और 44 दृश्य है।
- चंद्रगुप्त नाटक के पात्र –
- नारी पात्र - अलका, सुवासिनी, कल्याणी, मालविका, कार्नेलिया ,एलिस, नीला, लीला।
- पुरुष पात्र - चंद्रगुप्त, चाणक्य, राक्षस ,पर्वतेश्वर ,सिहरण, आम्भिक, वररूचि, शकटार,सिकंदर, फिलिप्स, देवल, नागदा, गांधार नरेश,मौर्य सेनापति
Important Points
जयशंकर प्रसाद के नाटक-
- सज्जन (1910 ई.)
- कल्याणी परिणय (1912 ई.)
- करुणालय (1912 ई.)
- प्रायश्चित (1913 ई.)
- राजश्री (1915 ई.)
- विशाख (1921 ई.)
- अजातशत्रु (1922 ई.)
- जन्मेजय का नाग यज्ञ (1926 ई.)
- कामना (1927 ई.)
- स्कंदगुप्त (1928 ई.)
- एक घूंट (1930 ई.)
- चंद्रगुप्त (1931 ई.)
- ध्रुवस्वामिनी (1933 ई.)
Additional Information
जयशंकर प्रसाद –
- जन्म - 1889 ई.
- जन्म स्थान - काशी सुघनी साहू परिवार उत्तर प्रदेश में।
- उपनाम - झारखंडी, खंडेराव, कलाधर
- गुरु - रसमयसिद्ध और दीनबंधु
- अन्य - ब्रज भाषा में कलाधर नाम से रचना करते थे।
- इन्हें 'छायावाद का ब्रह्मा' कहा जाता था
- मुकुटधर पांडे के अनुसार यह छायावाद के प्रवर्तक है।
- छायावादी शैली का प्रथम काव्य संग्रह 'झरना' (1918 ई.)
- कालक्रमानुसार प्रथम काव्य संग्रह 'चित्राधार' (1917 ई.)
- खड़ी बोली रचनाओं का प्रथम काव्य संग्रह 'कानन कुसुम' (1918 ई.)