"नया लेखक उनसे डरता है, पुराना घबराता है, पंडित सिर हिलाता है। वे पुराने की गुलामी पसंद नहीं करते और नवीन की गुलामी तो उनके लिए एकदम असह्यय है। "उपरोक्त कथन किस लेखक ने किस लेखक के बारे में कहा है ?
- AOption (a)
आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के लिए
- BOption (b)
आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ने भारतेंदु हरिश्नंद्र के लिए
- COption (c)
आचार्य नंददुलारे वाजपेयी ने आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी के लिए
- DOption (d)
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने आचार्य रामचंद्र शुक्ल के लिए
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Correct answer
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने आचार्य रामचंद्र शुक्ल के लिए
Why this answer is correct
- उपरोक्त कथन आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने आचार्य रामचंद्र शुक्ल के लिए कहा है।
Hint
- उपरोक्त कथन "आलोचना की संस्कृति और आचार्य रामचंद्र शुक्ल" पुस्तक में है।
- शुक्ल जी ने जिन ग्रंथों के आधार पर वीरगाथाकाल नाम दिया है,द्विवेदी जी उन ग्रंथों को प्रामाणिक नहीं मानते।
- हजारी प्रसाद द्विवेदी ने निम्न पुस्तकें लिखी हैं-
- हिंदी साहित्य की भूमिका
- हिंदी साहित्य:उद्भव एवम् विकास
- हिंदी साहित्य का आदिकाल
Additional Information
डॉ. गणपति चन्द्रगुप्त ने द्विवेदी जी के योगदन पर लिखा है कि "वस्तुत:वे पहले व्यक्ति हैं जिन्होनें आचार्य शुक्ल की अनेक धारणाओं और स्थापनाओं को चुनौंती देते हुए उन्हें सबल प्रमाणों के आधारपर खण्डित किया।"