'तबेले की बला बन्दर के सिर' लोकोक्ति का सही अर्थ है- अपराध करे कोई, पकड़ा जाए कोई और
- वाक्य प्रयोग - चोरी तो की थी सुरेंद्र ने और झूठी शिकायत के आधार पर अध्यापक ने सजा दी महेश को। क्या कहें, यह तो वही बात हुई कि "तबेले की बला बंदर के सिर पड़ गई"।
Key Points
- लोकोक्ति शब्द दो शब्दों के मेल से बना है - लोक + उक्ति।
- लोक में चिरकाल से प्रचलित कथन लोकोक्ति कहलाता है। लोकोक्ति का संबंध किसी घटित घटना से होता है।
- लोकोक्तियों एवं मुहावरों के प्रयोग से भाषा प्रभावोत्पादक बनती है। यह पूर्ण रुप से स्वतंत्र वाक्य होता हैं।
- लोकोक्ति को ‘कहावत’ नाम से भी जाना जाता है।
Additional Information
कुछ महत्वपूर्ण लोकोक्ति, अर्थ और उनके वाक्य प्रयोग:- - अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत - अवसर - वाक्य प्रयोग- चूकने के बाद पछताने का कोई लाभ नहीं जब बीमारी शुरू हुई थी, तब तो तुम जागे नहीं। अब जब रोगी मौत के करीब आ पहुँचा है तो डॉक्टर को बुलाने चले हो। रहने दो, "अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत"। - बिल्ली के भागों छींका टूटा- जैसा चाहा, वैसा हो गया - वाक्य प्रयोग - अगर ट्रेन लेट न होती तो हमें कैसे मिलती। ये तो "बिल्ली के भागों छींका टूट गया"। - ऊँची दुकान फीके पकवान - केवल बाहरी दिखावा - वाक्य प्रयोग - उस कंपनी का नाम ही नाम है, गुण तो कुछ भी नहीं है। बस ‘ऊँची दुकान फीके पकवान’ है। |
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Additional Information कुछ अन्य महत्वपूर्ण लोकोक्ति, अर्थ और उनके वाक्य प्रयोग:-
- अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेत- समय निकल जाने के पश्चात् पछताना व्यर्थ होता है
वाक्य प्रयोग- सारे साल तुम मस्ती मारते रहे, अध्यापकों और अभिभावक की एक न सुनी। अब बैठकर रो रहे हो। ठीक ही कहा गया है - "अब पछताए होत क्या जब चिड़ियाँ चुग गई खेत"।
- कंगाली में आटा गीला- परेशानी पर परेशानी आना
वाक्य प्रयोग- पिता जी की बीमारी की वजह से घर में वैसे ही आर्थिक तंगी चल रही है, ऊपर से बच्चों की पढ़ाई का खर्च भी बढ़ गया। इसे कहते हैं- "कंगाली में आटा गीला"।
- खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे- किसी बात पर लज्जित होकर क्रोध करना
वाक्य प्रयोग- दस लोगों के सामने जब मोहन की बात किसी ने नहीं सुनी, तो उसकी हालत उसी तरह हो गई, जैसे "खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे"।
- घर का भेदी लंका ढाए- आपस की फूट से हानि होती है।
वाक्य प्रयोग- तस्करी के सोने पर तीनों दोस्तों में झगड़ा हो गया। एक ने पुलिस को खबर दे दी और पुलिस सारे सोने समेत तीनों को पकड़ कर ले गई। सच है, "घर का भेदी लंका ढाए"।
- चमड़ी जाय, पर दमड़ी न जाय- अत्यधिक कंजूसी करना
वाक्य प्रयोग- जेबकतरे ने सौ रुपए उड़ा लिए तो कुछ नहीं, पर मुन्ना ने मुझे पाँच रुपए उधार नहीं दिए। ये तो वही बात हुई कि "चमड़ी जाय पर दमड़ी न जाय"।